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राशन दुकान से खाद्यान स्टॉक गबन मामले मे महिला गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शिव कुमार मिश्रा साकिन कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा अम्बिकापुर थाना अम्बिकापुर द्वारा दिनांक 07/10/25 को थाना कोतवाली आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी, सहायक खाद्य अधिकारी, अम्बिकापुर (ग्रामीण) के साथ मिलकर जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001071, 391001029 एवं 391001054 का सयुक्त रूप से जॉच किया गया, जाच में जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एव उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001071, 391001029 एवं 391001054 का सितम्बर 2022 एवं 31 मार्च 2024 की स्थिति में किये गये भौतिक सत्यापन के दौरान सभी दुकानों में चावल 1631.29 क्विंटल  राशि 6162267/- रूपये, शक्कर 10.43 क्विटल राशि 49160/- रूपये एवं चना 48.34 क्विंटल राशि 292692/- रूपये जिसमे सभी मदों के खाद्यान्न की कुल राशि 6494120.67/- रूपये की कमी पाई गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली मे अपराध क्रमांक 742/25 धारा 420, 409,120(बी), भा.द.वि. एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3,7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया था।
पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा था, जो पुलिस टीम द्वारा मामले की आरोपिया सुनीता पैकरा आत्मज गणेश पैकरा उम्र 29 वर्ष साकिन घुटरापारा नहर रोड अंबिकापुर को पकड़कर हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया, जो आरोपिया द्वारा घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, साथ ही प्रार्थी के द्वारा पेश दस्तावेज से स्पष्ट है कि आरोपीया जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एव उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001071, 391001029 एवं 391001054 का सितम्बर 2022 एवं 31 मार्च 2024 की स्थिति में तीनो दुकानो में उपाध्यक्ष रही है। आरोपीया के विरूद्ध धारा सदर का अपराध घटित करने का अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपिया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। प्रकरण मे आरोपीया से स्टाक रजिस्टर व सोसायटी से सबंधित दस्तावेज मांग किया गया परन्तु आरोपीया के द्वारा नहीं होना बताया गया व किसके पास है इसकी जानकारी नहीं दिया गया है, मामले मे अग्रिम जांच विवेचना किया जा रहा है, अन्य फरार आरोपियों  की तलाश की जा रही हैं।

बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता– दण्डकारण्य क्षेत्र के 200 से अधिक माओवादी कैडर ने किया आत्मसमर्पण…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और निरंतर सशक्त रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इन आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे, रिज़र्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री) विजय शर्मा उपस्थित रहे।
यह निर्णायक और ऐतिहासिक घटनाक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की उस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें शांति, संवाद और विकास को केंद्र में रखकर विश्वास और पुनर्वास का वातावरण निर्मित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है। यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर ठोस पहल की है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, संचार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है। यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की रचनात्मक भागीदारी का भी परिणाम है।

बुजुर्ग दंपत्ति के घर बम से हमला,, बुजुर्ग की मौत, पत्नी की हालत गंभीर, अगर दामाद ने दिया वारदात को अंजाम तो पुलिस की लापरवाही बनी मौत की वजह…

हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : कोरिया जिले से एक सनसनीखेज वारदात की खबर निकलकर सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग दंपति पर दो नकाबपोश युवकों ने बम से हमला कर दिया। इस हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई है वही बुजुर्ग की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई है। बुजुर्ग महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया हैं।

मिली जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के बड़े साल्ही गांव निवासी राय राम (60 वर्ष) बीती रात अपनी पत्नी पार्वती (59 वर्ष) के साथ घर में थे। रात करीब 11 बजे दो हमलावर मुंह में कपड़ा बांधकर उनके घर पहुंचे। दोनों युवकों ने राम सिंह के घर घुसकर उसे खाट से बांध दिया और उसके ऊपर तेल छिड़क दिया। जिसके बाद युवकों ने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर घर में बम फेंक दिया। बम के विस्फोट की चपेट में आकर वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई।  

विस्फोट इतना भयानक था कि बुजुर्ग दंपत्ति के घर का एक बड़ा हिस्सा जल गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर मौजूद हो गए और मामले की जानकारी बचरा पोड़ी थाने को दी गई। सूचना पर बचरा पोड़ी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।

इस घटना में बुजुर्ग के दामाद का हाथ होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। बताया जा रहा हैं कि कुछ दिन पूर्व बुजुर्ग के दामाद द्वारा बुजुर्ग के बेटे पर भी छर्रे वाले बंदूक से हमला किया गया था लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

यदि इस हमले में भी दामाद का हाथ निकल कर सामने आता हैं तो कहीं न कहीं बुजुर्ग के मौत के दोषी पुलिसवाले होंगे जिन्होंने समय रहते आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जिसका खामियाजा बुजुर्ग को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ा है, वही बुजुर्ग महिला भी जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ रही है।

अनुशासनहीनता और कार्यों में लापरवाही, ग्राम पंचायत सचिव निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर :  जनपद पंचायत उदयपुर के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायत कुमहेवा के सचिव शिवभजन सिंह को शासन के आदेशों की अवहेलना, लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत उदयपुर द्वारा दिनांक 29 सितम्बर 2025 को प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, सचिव शिवभजन सिंह की ड्यूटी धरती आबा योजना के तहत आयोजित शिविर में लगाई गई थी, परंतु वे बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, घरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत कर्मयोगी अभियान के तहत 15 सितम्बर 2025 को ग्राम पंचायत कुमहेवा के आदि कर्मयोगियों के प्रशिक्षण में भी उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, जिसमें उन्होंने लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का परिचय देते हुए उपस्थिति नहीं दी।
जनपद पंचायत से उन्हें मनरेगा से स्वीकृत सेग्रीगेशन शेड कार्य को पूर्ण करने हेतु बार-बार निर्देशित किया गया था, किंतु सिंह द्वारा कार्य में कोई रुचि नहीं ली गई और कार्य अधूरा रहा। इसके अलावा, सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समयसीमा में निराकरण न करने और जनपद स्तर पर अपील की सुनवाई हेतु उपस्थित न होने की भी शिकायतें प्राप्त हुईं।
जनपद पंचायत से जारी कारण बताओ सूचना पत्र का भी उन्होंने कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया। लगातार अनुपस्थित रहने, निर्देशों की अवहेलना करने और कार्य में उदासीनता बरतने के कारण उनका यह आचरण पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम-3 का उल्लंघन पाया गया है, जो कि दंडनीय है।
उक्त कारणों से शिवभजन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत उदयपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

3 करोड़ के निर्माण कार्यों का हुआ भूमिपूजन : शहर में सड़कों का निर्माण कार्य शुरू, जनता को मिलेगी राहत- मंजूषा भगत

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : आज स्वर्गीय रविशंकर त्रिपाठी चौक, रिंग रोड में नगर निगम जोन क्रमांक-3 में 3 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन महापौर मंजूषा भगत व नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टीन्नी तथा पीडब्ल्यूडी प्रभारी मनीष सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर लगभग 3 करोड़ के डामरीकरण, सीसी रोड, नाली निर्माण तथा पेवर ब्लॉक सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर कार्य प्रारम्भ किया गया। इस अवसर पर अंबिकापुर शहर की आम जनता को संबोधित करते हुए महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि लंबी बरसात के बाद अब जाकर निर्माण कार्यों को प्रारंभ करने का समय हमें मिला है, अब सड़कों का निर्माण शुरू होने से आम जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के जोन क्रमांक-3 जिसमें 10 वार्ड शामिल हैं में निर्माण कार्य का आज भूमिपूजन हुआ है ऐसे ही आने वाले दिनों में सभी पांच जोन में निर्माण कार्य प्रारंभ होंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में लगभग 15 करोड़ के कामों के साथ-साथ 11.59 करोड़ के महामाया कॉरिडोर के कामों का भी भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ किया जाना है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जनता ने जिस उम्मीद के साथ नगर निगम में भाजपा की सरकार बनाई है उसे पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर भाजपा वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर ने कहा कि बरसात के समय कांग्रेस के लोग बहुत हल्ला करते रहे कि नगर निगम में काम नहीं हो रहा, अब काम शुरू हो रहा है तो उन्हें भी आकर देखना चाहिए। इस अवसर पर नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टीन्नी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में आज से शुरू हुआ निर्माण कार्यों का सिलसिला लगातार चलने वाला है। विष्णु देव साय सरकार का संकल्प “हमने बनाया है हम ही संवारेंगे” जरूर पूरा होगा क्योंकि विकास कार्यों के लिए सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं है।   

अंबिकापुर शहर के करीब पहुंचा 25 हाथियों का दल, रोजी रोटी के लिए शहर आए युवक की हाथियों ने ले ली जान…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर शहर से लगे लालमाटी जंगल में 25 हाथियों का दल डेरा डाले हुए हैं। दरअसल में हाथी मैनपाट और सीतापुर क्षेत्र से भटकते हुए अंबिकापुर शहर के करीब पहुंच गए हैं। कल रात हाथियों का दल ऑक्सीजन पार्क से लगे बधियाचूआ क्षेत्र में आ गए थे जिससे लोगों में दशक का माहौल बन गया था और सभी ग्रामीण अपनी जान बचाने घर से बाहर सड़क पर इकट्ठे हो गए थे। वही आज इन हाथियों के दल ने रोजी-रोटी के लिए भोपाल से आए एक युवक की जान ले ली, बताया जा रहा है कि ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के पास यह हादसा हुआ जब अचानक युवक हाथियों के दल के सामने पहुंच गया और हाथियों ने कुचलकर उसकी जान ले ली। हादसे के बाद वन विभाग की टीम ने युवक के शव  को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। युवक के परिजनों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है परिजनों के पहुंचने के बाद युवक के शव का पीएम किया जाएगा।

हाथियों के दल में कई नर हाथी शामिल है जो की फसलों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रहे हैं। युवक को मौत के घाट उतारने से पहले हाथियों के दल ने दो मकानों को भी क्षतिग्रस्त किया है और कई एकड़ की फसलों को बर्बाद कर दिया है।

वरिष्ठ नागरिक संघ सूरजपुर द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया गया आयोजन..

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : 10 अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ नागरिक संघ ज़िला सूरजपुर द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के दूसरे चरण का आयोजन जनपद रामानुजनगर के ग्राम पंचायत, पतरापाली भवन में किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम परवतिया सिंह सरपंच एवं लालचंद अग्रवाल अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक संघ ज़िला सूरजपुर द्वारा पण्डित नागेन्द्र उपाध्याय के मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन, पूजन से हुआ। जिसके बाद नागरिकों (स्थानीय 5 ग्रामों से आए) का इलाज प्रारंभ किया गया। शिविर का लाभ उठाने आए मरीजों का ईलाज डाक्टर एस के त्रिपाठी और उनकी टीम द्वारा किया गया, इस शिविर में कुल 118 महिला पुरुषों और बच्चों का इलाज हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सरपंच परवतीया सिंह उप सरपंच मधु शीला सिंह, जनपद सदस्य अनीता सिंह, सचिव अजय सिंह , वरिष्ठ नागरिक कमला प्रसाद दुबे , शोभित देवांगन का सहयोग प्रशंसनीय रहा।
जनपद सीईओ संजय राय, डाक्टर एस के त्रिपाठी और उनके टीम को प्रशंसनीय सहयोगात्मक व्यवस्था हेतू, लाल चन्द अग्रवाल संयोजक, पवन मित्तल, रविशंकर मिश्र उपाध्यक्ष, एस के तिवारी प्रवक्ता, वरिष्ठ नागरिक संघ ज़िला सूरजपुर एवं विश्वनाथ पटेल अध्यक्ष , एन एस ठाकुर, लक्ष्मी नारायण दुबे वरिष्ठ नागरिक संघ तहसील रामानुजनगर द्वारा धन्यवाद साधुवाद दिया गया।

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना : ग्रामीण अंचलों में मत्स्य पालन से आजीविका एवं आत्मनिर्भरता के लिए नया अवसर…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : ग्रामीण अंचलों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से आजीविका के नए अवसर खुल रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी योजना के तहत अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुल्हाड़ी के निवासी मदन राम ने अपने खेत की 30 डिसमिल भूमि का सदुपयोग करते हुए बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण कराया है। यह तालाब पूर्णतः वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है, जिसमें जल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बायोफ्लॉक शीट, ऑक्सीजन मशीन, सबमर्सिबल पंप और जनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ लगाई गई हैं।
मदन राम ने बताया कि बायोफ्लॉक तालाब निर्माण पर कुल 14 लाख रुपए की लागत आई, जिसमें से उन्हें 60 प्रतिशत अर्थात 8 लाख 40 हजार रुपए की सब्सिडी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से मछलियों का विकास तेज़ी से होता है और उत्पादन अधिक मिलता है। तालाब को पूरी तरह बायोफ्लॉक शीट से ढंक दिया गया है, जिससे जल की गुणवत्ता एवं तापमान नियंत्रित रहता है और मछलियों की वृद्धि में अनुकूल वातावरण मिलता है।

उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया, जहाँ से उन्हें सभी आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता मिली। पहले जहाँ खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब मछली पालन से वे हर वर्ष लगभग दो लाख रुपए की शुद्ध आमदनी की है।
मदन राम ने बताया कि पहले मैंने एक बार मछली का बीज डाला था, अब तालाब में मछलियाँ खुद ही बीज तैयार कर रही हैं। इससे मछली पालन की लागत भी कम हो गई है और मुनाफा और बढ़ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि खेती के मुकाबले मछली पालन में अधिक मुनाफा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर दिया है।

शासन की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में कृषकों, युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए नई संभावनाएँ खोल रही है। बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में किसान सार्थक योगदान दे रहे हैं।

मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाने का इंजीनियर 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में काम करने वाले एक इंजीनियर चमरू नायक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने आज दोपहर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया हैं। बताया जा रहा हैं कि इंजीनियर द्वारा कारखाने के एक कर्मचारी प्रदीप कुमार को नौकरी में बरकरार रखने के एवज में कुल 1,00,000 लाख रुपयों की मांग की गई थी जिसकी आज पहली किश्त 50,000 लेने के दौरान एसीबी द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया हैं।

मिली जानकारी के अनुसार इंजीनियर चमरू नायक द्वारा इससे पहले भी एक लाख रूपए लेकर प्रदीप कुमार को नौकरी में रखा गया था, इस वर्ष ज्यादा कार्य न होने के कारण प्रदीप कुमार को नौकरी से निकालने का प्रयास किया जा रहा था और नौकरी में बरकरार रखने के एवज में इंजीनियर द्वारा ₹100000 मांगे जा रहे थे। प्रदीप कुमार पैसे देना नहीं चाहता था जिसके कारण उसने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में की। एसीबी की टीम द्वारा प्रदीप कुमार को योजनाबद्ध तरीके से केमिकल लगे हुए 50 हजार रुपए देकर भेजा गया था जैसे ही इंजीनियर चमरू नायक द्वारा पैसे लिए गए, एसीबी की टीम द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल एसीबी की टीम द्वारा इंजीनियर से पूछताछ की जा रही है।

अवैध उगाही और जहर सेवन मामले में एएसआई और कांस्टेबल निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : बिलासपुर में वाहन जांच और चालानी कार्रवाई के नाम पर भयादोहन कर व्यापारी से 24 हजार रुपए की वसूली और NTPC कर्मी द्वारा जहर सेवन मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रारंभिक जांच के बाद ASI सहेत्तर कुर्रे और कॉन्स्टेबल आशीष मिश्रा को निलंबित कर दिया है।  

दरअसल ASI और कॉन्स्टेबल सीपत थाने में पदस्थ थे उनके द्वारा NTPC कर्मी पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए 50 हजार रुपए की डिमांड कर धमकी दी गई थी। जिसके डर से उसने जहर पी लिया था। NTPC कर्मी की पत्नी द्वारा मामले की शिकायत SSP से की गई थी। वही एक अन्य मामले में एक व्यापारी से भी ASI द्वारा प्राइवेट कम्प्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के अकाउंट में दो किश्तों में 22 हजार और 2 हजार रुपए ट्रांसफर कराया गया था।

सुभाषनगर क्षेत्र में 14 घरों मे चोरी करने वाला आरोपी गिरफ़्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सुभाषनगर क्षेत्र में पिछले दिनों एक साथ 14 घरों में हुए चोरी के मामले में आरोपी को गांधीनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी द्वारा एक ही दिन में एक साथ 14 घरों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

दरअसल चोरों द्वारा 14 रूमों के ताले तोड़कर अलग अलग रूम से घडी, 2 पुराना मोबाइल फोन, ब्लूटूथ नैकबैंड, ब्लेजर, और जुता, LCD टीवी, वुफर, 10 हजार रुपये नगद, मोबाइल फोन, HP लैपटाप और 500 रुपये नगद, HP का लैपटाप और पंखा, व्हाइट ड्रेस 3 नग, 4500 रुपये नगद गैस सिलेण्डर टी शर्ट लोवर, 35 हजार रुपये नगद व 1 फोन चोरी किया गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा मामले में अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही थी और इस घटना के सीसीटीवी फूटेज की सहायता से पुलिस द्वारा आरोपी अक्षय पटेल आत्मज पंचम पटेल उम्र 21 वर्ष निवासी सिलसिला कुर्मीपारा थाना लुन्ड्रा को गिरफ्तार किया हैं। आरोपी से पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर मोटरसायकल से मौक़े पर जाकर चोरी की थी और सभी सामान को मोटरसायकल मे रखकर ले गए थे और गैस सिलेंडर को पास के झाड़ी मे फेक दिए थे।

पुलिस द्वारा आरोपी के निशानदेही पर घटनास्थल के पास के झाड़ी से 2 नग गैस सिलेंडर एवं आरोपी के घर से अन्य सामान पंखा, टीवी, स्मार्टवॉच, लैपटॉप एवं चार्जर , वुफर, डीटूएच, जूता, 2 नग मोबाइल, घरेलु कपड़ा एवं आरोपी के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त मोटरसायकल, मौक़े से टुटा हुआ ताला, घटना मे प्रयुक्त छड़ कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये जप्त किया गया हैं। आरोपियों द्वारा चोरी के 2200 रुपये को खाने पिने मे खर्च कर दिए गए थे।

थाने में ब्लैकमेलिंग का खेल जोरों पर– कार्यवाही का डर दिखाकर पुलिसकर्मियों ने व्यापारी से वसूले 22 हजार, दूसरे ने खाया जहर,,,
ऑनलाइन सबूत के साथ व्यापारी ने एसएसपी से की शिकायत– जांच शुरू….

बिलासपुर (विशेष संवाददाता ): छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले की सीपत थाना पुलिस पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि थाना पुलिस ने एक एनटीपीसी कर्मचारी और एक व्यापारी से उनकी गाड़ी पकड़कर और कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध वसूली की। पुलिस के लगातार दबाव और धमकी से परेशान होकर, एनटीपीसी कर्मचारी ने आत्महत्या का प्रयास किया और ज़हर खा लिया।


घटना का विवरण
उज्जवल नगर एनटीपीसी कॉलोनी निवासी धीर्मेंद्र मंज़ारे (35), जो एनटीपीसी के एचआर विभाग में कार्यरत हैं, रविवार को शराब की दुकान से लौट रहे थे। इसी दौरान सीपत थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ा और उनकी स्कूटी जमा कर दी। पुलिस ने धीर्मेंद्र मंज़ारे पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर 50 हज़ार रुपये की मांग की और रुपये न देने पर कड़ी कार्रवाई की धमकी दी।
पुलिस के इस मानसिक दबाव में आकर धीर्मेंद्र मंज़ारे ने रास्ते में कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया। उनकी पत्नी रामेश्वरी ने उन्हें तत्काल एनटीपीसी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें अपोलो अस्पताल रेफर किया गया।


पीड़ित की स्थिति गंभीर, पुलिस पर लगे आरोप

फिलहाल, धीरेंद्र मंज़ारे का इलाज अपोलो अस्पताल में जारी है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उन्होंने पुलिस पर धन की अवैध मांग और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरे मामले ने स्थानीय पुलिसिंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और ज़िले में हड़कंप मच गया है।

पत्नी ने लगाया आरोप…

वहीं दूसरी ओर बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक स्थानीय व्यापारी ने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों पर “कार्रवाई का डर दिखाकर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली” का गंभीर आरोप लगाया है। व्यापारी ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को लिखित शिकायत दी है और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम सीपत निवासी अविनाश सिंह ठाकुर, जो नवाडीह चौक में किराना दुकान संचालित करते हैं, ने बताया कि 5 अक्टूबर 2025 (रविवार) को वे अपने साथी रवि कश्यप के साथ किसी व्यक्तिगत कार्य से सीपत थाने पहुंचे थे। वे अपनी बुलेट बाइक (क्रमांक CG 04 AX 3880) से थाना पहुंचे थे।
थाने पहुंचने पर, थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एक आरक्षक उनके पास आए और कथित रूप से धारा 185 (नशे में वाहन चलाने) की कार्रवाई की धमकी देते हुए 50 हजार रुपए की मांग की। व्यापारी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के डर से उन्होंने 22 हजार रुपए का भुगतान थाना परिसर में ही मौजूद थाने के प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।
इस भुगतान का बैंक ट्रांजैक्शन सबूत (ऑनलाइन रसीद) व्यापारी ने अपनी शिकायत के साथ एसएसपी को सौंपा है।


फिर भी नहीं मिली राहत
अविनाश ठाकुर के मुताबिक, रुपए देने के बाद थाना प्रभारी ने बताया कि उनके खिलाफ धारा 185 के तहत चालान किया गया है, जबकि उनके साथी रवि कश्यप के खिलाफ धारा 36(च) की कार्रवाई की गई।
लेकिन, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। व्यापारी ने बताया कि उसी दिन रात करीब 10 बजे, सीपत के सुमित मेडिकल स्टोर के पास पुलिस ने उनकी बाइक को दोबारा जब्त कर लिया और थाने ले जाकर मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई बताई।
व्यापारी ने अपने आवेदन में यह भी लिखा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाया और धन उगाही की। उनका आरोप है कि यह सब थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एएसआई सहेत्तर कुर्रे की मिलीभगत से किया गया।


व्यापारी की गुहार
अविनाश सिंह ठाकुर ने एसएसपी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार व ब्लैकमेलिंग के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मामले को उच्चाधिकारियों और मानवाधिकार आयोग तक ले जाएंगे।
एसएसपी बोले — “जांच जारी है, दोषी नहीं बचेंगे”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस प्रकरण की पुष्टि करते हुए बताया —
“सीपत निवासी व्यापारी अविनाश ठाकुर से शिकायत प्राप्त हुई है। आवेदन के साथ ऑनलाइन भुगतान के ठोस सबूत संलग्न हैं। मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है, और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी departmental कार्रवाई की जाएगी।”


जनता में चर्चा
सीपत थाना क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर व्यापारी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह आम लोगों में पुलिस पर से भरोसा डगमगा सकता है। लोग अब एसएसपी की कार्रवाई पर निगाहें गड़ाए बैठे हैं।

दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी खांसी-सर्दी का सिरप, सरकार ने पूरे प्रदेश में लगाया बैन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राज्य में दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं देने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने के लिए उठाया गया है।
ये दवाएं सामान्यतः पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो गई। अब तक 11 बच्चों की जान जा चुकी है। जांच में सिरप में जहरीला केमिकल पाया गया जिसके बाद राज्य सरकार ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। इसी तरह मध्य प्रदेश के बैतूल और राजस्थान में भी मौत की घटनाएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की है।

सख्ती से पालन करने के निर्देश
प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) और सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को केंद्र सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आयुक्तालय स्वास्थ्य सेवाएं ने उच्चस्तरीय वीडियो कांफ्रेंस आयोजित कर जिलास्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर ही आधारित होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में सामान्य खांसी-जुकाम अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है, इसलिए दवा देना अनावश्यक है।

आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न देने के प्रति जागरुक किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी राज्य में निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। निर्माण इकाइयों का निरीक्षण: राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण करने के लिए औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

निजी फार्मेसियों का निरीक्षण
सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को तत्काल औषधि विक्रय संस्थानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है ताकि दवाओं के अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग को रोका जा सके।

सरकारी आपूर्ति शृंखला सुरक्षित

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) ने स्पष्ट किया है कि जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई हुई है, उनकी राज्य में सरकारी आपूर्ति कभी नहीं रही है और वे सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत नहीं हैं।

लचर कानून व्यवस्था में जनता सहित पत्रकार भी असुरक्षित, कानून व्यवस्था ठीक करने सरगुजा आईजी को आप ने सौंपा ज्ञापन…

प्रदेश में अपराधों का बढ़ता ग्राफ, नियंत्रित करने में सरकार नाकाम -आप

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : आम आदमी पार्टी के ने सरगुजा संभाग की बिगड़ी हुई कानूनी व्यवस्था पर कहा है कि पूरे संभाग में कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गयी है। जहां 1 नवम्बर 2025 से प्रदेश की भाजपा सरकार पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने जा रही है लेकिन पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में कुछ खामियाँ हैं जैसे कि सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार की संभावना, मानवाधिकारों का हनन और व्यवस्था में निरंकुशता। देखने वाली बात होगी क्या यह प्रणाली छत्तीसगढ़ में सफल हो पायेगी? उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अभी भी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। मामला सूरजपुर जिले से प्रकाशित होने न वाला सिंधु स्वाभिमान समाचार-पत्र के संपादक प्रशांत पाण्डेय और उनकी टीम का है जिन्होंने  सूरजपुर जिले की लटोरी तहसील के तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा पर गंभीर आरोपों वाली खबरें प्रकाशित की थीं। आरोप था कि तहसीलदार ने बिना कलेक्टर की अनुमति और पटवारी की रिपोर्ट के फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री की। इस पर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मामला अभी भी जांचाधीन है। मामले में गंभीर विषय ये रहा कि संपादक को रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने आपसी सांठगांठ कर सुपारी किलर के माध्यम से हत्या की तीन अलग-अलग योजनाएं बनाईं थी। पत्रकार ने गांधी नगर थाने में शिकायत के साथ पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों शिकायत के बाद भी अभी तक पुलिस द्वारा कोई FIR तक दर्ज नहीं किया गया है, क्या इसमें सम्बंधित थाना प्रभारी की आरोपियों से मिलीभगत है इसकी जांच होनी चाहिए।

साथ ही सुरजपुर जिले के रामानुजनगर थाने में पीड़ित द्वारा हत्या के खतरे की पुलिस को सूचना के बावजूद पुलिस के लापरवाह रवैए के वजह से एक परिवार के दो लोगों पिता त्रिवेणी 35 वर्षीय पुत्र राजा बाबू 19 वर्ष की बोलेरो वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।

कोरिया जिले में सोनहत में भी इसी तरह से 26 सितंबर की रात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई थी पहले इसे दुर्घटना बताया गया था इस सम्बन्ध में मृत व्यक्तियों ने घटना के कुछ दिनों पहले थाने में शिकायत भी किया था लेकिन टी आई ने गंभीरता से कार्यवाही नहीं किया और आरोपियों के हौंसले बुलंद हुए और उन्होंने वाहन से कुचलकर दो लोगों की हत्या कर दी

प्रदेश संगठन मंत्री अलेक्जेंडर केरकेट्टा ने कहा कि अंबिकापुर में 2 अक्टूबर को पेट्रोल पंप में ड्यूटी पर तैनात 27 वर्षीय युवती की दिनदहाड़े चाकू से ताबड़तोड़ हमला हत्या कर दी जाती है। उसके बाद लगातार 2 और अलग अलग चाकूबाजी की घटनाओं सहित दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान कांग्रेस नेता दिलीप धर पर धारदार हथियारों से हमला, शहर में एक ही रात में 14 घरों के ताला तोड़कर चोरी की घटना हुई लेकिन पुलिस तंत्र इनको रोकने में नाकामयाब रही है, सरगुजा संभाग में में नशीली दवाइयां का व्यापार तो धड़ले से चल रहा है, लेकिन अभी तक इस मामलों में कोई बड़ी कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं की गई।

लोकसभा सचिव लव कुमार ने कहा कि एनसीआरबी की नई रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ ऑनलाइन सट्टा जुआ मामले में नंबर वन बना हुआ है। प्रदेश में बुजुर्ग सुरक्षित नहीं है। राज्य में देश के मुकाबले क्राइम रेट बढ़ा है। राज्य में साइबर क्राइम और फ्रॉड लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महिलाओं से जुड़ी घटनाएं और यौन उत्पीड़न के मामले साल दर साल बढ़ते जा रहें हैं। सबसे चौकाने वाले आंकड़े यह रहे की 2023 में राज्य में भ्रष्टाचार का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। वहीं महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में 2023 में 1171 मामले दर्ज हुए हैं। राज्य में चाकू बाजी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं जिसमें 1571 घटनाएं घटी जिसमें 958 हत्या के और 687 हत्या की कोशिश के केस दर्ज हुए हैं। राज्य में बच्चों के खिलाफ 5904 घटनाएं घटी। राज्य में 2023 में 5193 सड़क हादसे हुए इसमें 6020 लोगों की मौत हुई साथ ही फैक्ट्री हादसे या लापरवाही से 821 मौतें भी हुई हैं। राज्य में 2023 में 4962 बच्चे लापता हुए जिसमें 908 लड़कियां और 4054 लड़के  हैं। पर्यावरण संबंधित 2023 में 229 मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों से साफ दिखता है कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था फेल रही है फिर चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की।

आम आदमी पार्टी मांग करती है कि प्रदेश के गृहमंत्री जी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनसे प्रदेश की कानून व्यवस्था संभाल नहीं रही है और यदि कानून व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी ।
कार्यक्रम में आप नेता रामेश्वर विश्वकर्मा, जिला सचिव नूर हसन, राजेश गुप्ता शामिल रहे।

डिगमा में हुए पूर्व सरपंच बहू की हत्या मामले का खुलासा, हत्यारे ने इस वजह से की थी पत्नी की हत्या…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : डिगमा में हुए पूर्व सरपंच बहू की हत्या मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। हत्या की वजह बच्चों के साथ महिला द्वारा की गई मारपीट थी। पत्नी द्वारा बच्चों के साथ मारपीट की गई थी जिससे नाराज होकर पति द्वारा उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार मृतिका शीला सोन्हा के द्वारा किसी बात से नाराज होकर अपने छोटे बच्चे को पीटा गया था जिससे उसका पति उमाशंकर सोन्हा नाराज हो गया और अपनी पत्नी को बच्चे से मारपीट कर रही हैं कहते हुए गाली गलौज कर गला दबाकर पटक दिया जिससे शीला की मौत हो गई थी।

सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा घटना दिनांक 04/10/25 को ही आरोपी उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया गया था और आज पुलिस द्वारा इस मामले को खुलासा करते हुए आरोपी को न्यायालय पेश कर दिया है।

सरगुजा पुलिस विभाग में तबादले, 6 निरीक्षकों के प्रभार में हुए परिवर्तन, देखें आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल द्वारा कल देर शाम 6 निरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। जारी आदेश में अंबिकापुर कोतवाली प्रभारी मनीष सिंह परिहार को थाना लखनपुर भेजा गया है, वही थाना प्रभारी लखनपुर शशिकांत सिंह को कोतवाली अंबिकापुर का प्रभारी बनाया गया है। अजय कुमार खेस को थाना प्रभारी अजाक थाना अंबिकापुर, दुर्गेश्वरी चौबे को रक्षित केंद्र अंबिकापुर प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम अम्बिकापुर, सी. आर. चंद्रा को थाना प्रभारी सीतापुर और राजेश खलखो को थाना प्रभारी दरिमा बनाया गया हैं।

देखें आदेश :

किसानों को धान विक्रय के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य, डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के जीवन में तकनीक के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब राज्य में एग्रीस्टैक पोर्टल को तेजी से लागू किया जा रहा है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक संरचना है, जो खेती से जुड़ी सभी प्रमुख जानकारियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।

क्या है एग्रीस्टैक पोर्टल?
एग्रीस्टैक एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम है, जिसमें किसान की पहचान, जमीन का रिकॉर्ड, फसल की जानकारी और कृषि संबंधी गतिविधियों का पूरा विवरण एकीकृत रूप से दर्ज किया जाता है। इस डेटा का उपयोग किसान की सहमति से ही साझा किया जाता है, जिससे उसकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

धान विक्रय के लिए अनिवार्य पंजीयन
इस वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पारदर्शिता लाने और किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते तक पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

किसानों को मिल रहे सीधे लाभ
एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों को अब योजनाओं, सब्सिडियों और सहायता राशि की जानकारी सीधे मिल रही है। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, बल्कि लाभ वितरण की प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शिता आएगी।

पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और निशुल्क
किसानों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद आसान है। किसान अपने आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अपनी सहकारी सोसायटी में जाकर निशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और किसान को तुरंत डिजिटल पहचान प्रदान की जाती है।

24 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं
राज्यभर में अब तक 24 लाख से अधिक किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़कर डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ उठाना शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी रबी सत्र तक राज्य के सभी पात्र किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर लाभ उठाना सुनिश्चित करें।

“डिजिटल खेती, समृद्ध किसान”
एग्रीस्टैक पोर्टल भविष्य में कृषि योजनाओं की रीढ़ साबित होगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि खेती को वैज्ञानिक, योजनाबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

लटोरी तहसीलदार कारनामा पार्ट 4 : खबरों पर रोक लगाने रची हत्या की साजिश, लेकिन अफसोस रोक लगा पाना संभव नहीं, पढ़े एक और कारनामा…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर: गलती एक बार होती है दो बार होती है तीन बार होती है लेकिन अगर कोई इंसान एक ही गलती बार-बार करे तो उसे गलती नहीं बल्कि अपराध कहा जाता है।इसी तर्ज पर लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा को आदतन अपराधी कहा जा सकता है..?? जिनके द्वारा एक ही गलती को बार-बार दोहराया गया और लाभ लेने की नीयत से कई ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री कर दी गई जिनकी रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के हो पाना संभव ही नहीं था। इससे पहले हमारे द्वारा तीन रजिस्ट्री की जानकारी के साथ खबरें प्रकाशित की गई थी आज हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे तहसीलदार द्वारा एक और रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के कर दी गई है।

दरअसल लटोरी तहसील अंतर्गत आने वाली जमीन खसरा नंबर 211/2 में से 0.09 हेक्टेयर भूमि सुमन प्रसाद सिंह द्वारा संतोष कुमार सिंह को बेचा गया है जबकि यह जमीन शासन से प्राप्त जमीन है और इस जमीन की रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के नहीं हो सकती है बावजूद इसके 27/05/2025 को इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।

भुइयां पोर्टल पर स्पष्ट निर्देशित कैफियत शासन से प्राप्त भूमि

जैसा कि हम पहले भी कहते आए हैं लटोरी तहसीलदार अपने आप को कलेक्टर से भी ऊपर समझते हैं और अपने मुख्यमंत्री के करीबी होने का सदैव फायदा उठाने का काम उनके द्वारा किया जाता रहा है और इसी तर्ज पर वे बिना किसी डर के बेझिझक नियम विरुद्ध काम करते आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है उनकी गलती होने पर भी मुख्यमंत्री के रिश्तेदार होने के कारण उन पर कार्यवाही का दुस्साहस कोई नहीं कर पाएगा। जब तक बीजेपी का शासन है और जब तक उनके मामा सीएम है तब तक तो वे अपना राजपाट चला ही सकते हैं भले ही शासन बदलते ही और मुख्यमंत्री बदलते ही उन पर कार्यवाही हो जाए लेकिन जब तक मामा सीएम है तब तक तो वे सुरक्षित है।

सीएम नाम का फायदा उठाना और नियमों की अनदेखी करना आदत में शुमार

नियमों की अनदेखी कर वे अपने पद का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं, लेकिन सीएम के नाम का फायदा उठाकर हर मुसीबत से बच जाते हैं ना तो उन पर कोई कार्यवाही होती है और न ही निकट भविष्य में कोई कार्यवाही होती नजर आ रही हैं।

इस तरह की फर्जी रजिस्ट्री के और भी कागज मौजूद

तहसीलदार साहब द्वारा कैसे अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय मत से प्राप्त भूमियों की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर दी गई है इसके और भी प्रमाण हमारे पास मौजूद है लेकिन हम इन सब का खुलासा धीरे-धीरे करना पसंद करेंगे क्योंकि इन सभी कागजों की जांच करने में थोड़ा समय लगता है। तहसीलदार साहब को एक-एक कर मिल रहे नोटिसों से हो रही परेशानी के लिए हमें खेद हैं। 

दंडाधिकारी बन हमारी दुःसाहस के लिए सुना चुके हैं मौत का फरमान

आपको बता दे की यह वही अधिकारी है जिनके द्वारा अपने चेहरे दलालों के साथ सांठ गांठ कर हमारे खबरों से परेशान होकर हिंद स्वराष्ट्र के सह संपादक और सिंधु स्वाभिमान के संपादक प्रशांत पाण्डेय की हत्या की साजिश रची गई थी।

पढ़े इससे पहले उनके कारनामों के खुलासे वाली खबरें :

क्या सरगुजा पुलिस कर रही संपादक के मौत का इंतजार…सारे सबूतों के बावजूद FIR दर्ज नहीं करना सरगुजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठा रहा सवाल, कल सामाजिक संगठनो द्वारा IG कार्यालय का किया जाएगा घेराव…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आईजी सरगुजा से शिकायत के 10 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों के विरुद्ध सरगुजा पुलिस अपराध दर्ज नहीं कर पाई हैं…जांच के नाम पर SDOP  राहुल बंसल द्वारा मामले की लीपापोती का कार्य किया जा रहा हैं। एसडीओपी की यह कार्य प्रणाली कहीं ना कहीं हमारे मन में यह सवाल खड़ी कर रही है कि क्या कथित तौर पर तहसीलदार के मुख्यमंत्री के रिश्तेदार होने की वजह उन्हें अपने कलम चलाने से रोक रही है..? 2022 के IPS अधिकारी क्या अपना पुलिसिया प्रोफेशन स्टार्ट होने से पहले खत्म नहीं करना चाह रहे हैं या उनमें अब तक अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही का साहस नहीं आ पाया हैं..? मूलतः राजस्थान के निवासी एसडीओपी की हिंदी कमजोर हैं या फिर उन्हें सरगुजा की लोकल भाषा और टोन की जानकारी नहीं हैं जो साफ साफ सामने आए वीडियो और ऑडियो सबूत उनके पल्ले नहीं पड़ रहे हैं…?? आपको बता दे की एसडीओपी राहुल बंसल इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, फॉरेस्ट डिपार्मेंट और प्राइवेट सेक्टर में भी काम कर चुके हैं, पुलिस विभाग पहला ऐसा विभाग है जहां वह पिछले 3 साल से कार्यरत है। संभवत वह इसे अपना फ्यूचर डिपार्टमेंट भी बनाना चाहते हो इसीलिए ऐसे किसी मामले में अपना कलम नहीं फंसाना चाह रहे हैं जिससे उनपर भविष्य में कोई गाज गिर जाए..?

थाने में भी सबूतों के साथ दिया गया आवेदन लेकिन थानेदार ने नहीं उठाई FIR दर्ज करने की जहमत….

इस मामले में पुलिस थाना गांधीनगर में भी एक आवेदन संलग्न दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत की गई हैं लेकिन बावजूद इसके अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई हैं। आपको बता दे की आवेदन देने के दौरान हमें तीन स्टार द्वारा बताया गया कि किसी की हत्या की प्लानिंग करना कोई अपराध नहीं होता इस पर कोई धारा नहीं बनती हैं। ऐसे में हमें लगता है कि शायद अपराध दर्ज करवाने और पुलिस से सहायता प्राप्त करने के लिए हमें अपनी जिंदगी को कुर्बान करना होगा और मौत के बाद ही हमें न्याय मिल पाएगा।

दो लापरवाही चार मौतें सबक शून्य

पिछले 15–20 दिनों में सरगुजा संभाग में पुलिस की लापरवाही से 4 लोगों की जान जा चुकी हैं लेकिन इन हत्याओं से पुलिस द्वारा अब तक कोई सबक नहीं लिया गया है। भले ही पुलिस महानिरीक्षक द्वारा कार्यवाही करते हुए 2 निरीक्षकों को निलम्बित कर दिया हैं। आपको बता दें कि पुलिस वालों को लापरवाही की ऐसी सजा मिलती है जिसे पुलिसवालों की ही भाषा में कहे तो सजा नहीं मजा है…. जहां ना तो ड्यूटी करनी होती है ना कोई काम हर महीने सैलरी का हो जाता हैं इंतजाम….

लेकिन सवाल यह उठता है कि जिनकी जिंदगी चली गई जिनके परिवार तबाह हो गए उनका क्या…??? किसी के निलंबन मात्र से क्या वापस मिल जाती है जिंदगी…??

पूरे देश दुनिया को दिखा सबूत लेकिन एसडीओपी राहुल बंसल की नजरों में पड़ी है ऐसी पट्टी की नहीं दिख रहा उन्हें कोई सबूत

आपको बता दे की कुछ दिन पूर्व हरिओम गुप्ता और उसके पिता संजय गुप्ता सिंधु स्वाभिमान के संपादक प्रशांत पाण्डेय के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाने खड़गवां चौकी पहुंचे थे जहां उनके द्वारा एक पत्रकार को बुलाकर अपना पक्ष भी रखा गया था जिस पर उनके द्वारा अपना बयान देते हुए संपादक प्रशांत पाण्डेय पर कई आरोप लगाए थे लेकिन इस बात को भी माना था की उनके द्वारा तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के कहने पर प्रशांत पाण्डेय को फोन किया गया था और खबर लगाने से मना किया गया था।

आरोप–प्रत्यारोप के बीच खुल गई खुद की पोल… देखे कैसे पिता–पुत्र ने स्वीकारा कि फोन कर संपादक को खबर प्रकाशन से किया था मना

इससे पहले हमारे द्वारा एक वीडियो भी साझा किया गया था जिसमें संजय गुप्ता द्वारा स्वयं सुपारी देने की बात स्वीकारते हुए माफी मांगी थी इतनी पर्याप्त सबूत होने के बावजूद राहुल बंसल आंखों में पट्टी बांधकर जांच कर रहे हैं और उनका कहना है कि उनके द्वारा आरोपियों को नोटिस जारी किया जा रहा है ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पर्याप्त सबूत हमारे पास उपलब्ध है तो उन्हें नोटिस जारी करने की क्या आवश्यकता पड़ गई..?? इससे पहले उनके द्वारा स्वयं बोला गया था की पर्याप्त सबूत होने के कारण इस मामले में जांच की आवश्यकता नहीं है केवल बयान लेकर अपराध दर्ज कर लिया जाएगा लेकिन बयान दर्ज होने के बावजूद आजकल आजकल करते-करते 10 दिन बीत गए हैं लेकिन ना तो उनके द्वारा अनावेदक पक्ष का बयान लिया जा रहा है नहीं अपराध पंजीबद्ध किया जा रहा है।

ग्राम सभा के दौरान सुपारी देने की बात स्वीकारते हुए माफी मांगने का वीडियो

हत्या की कोशिश और प्लानिंग कैसे बची जान सुने पूरे मामले को 👇

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हत्या के प्रयास की सीसीटीवी फुटेज

सबको न्याय दिलाने वाले पत्रकार खुद न्याय के लिए भटकने को मजबूर

दूसरों के हक की लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार अपने हक के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं, पुलिस की कार्यप्रणाली से पत्रकारों के मन में निराशा है और पुलिस विभाग के प्रति मन में अविश्वास और असंतोष जाग रहा हैं।

समाजसेवी संगठन द्वारा कल किया जाएगा आईजी कार्यालय का घेराव

इससे पहले समाजसेवी संगठनो द्वारा ज्ञापन सौंप जल्द आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही और अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की गई थी, लेकिन बावजूद इसके अब तक इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज नहीं किया गया है जिसकी वजह से कल समाजसेवी संगठन और आम नागरिक सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं और कल उनके द्वारा आईजी कार्यालय का घेराव कर संपादक प्रशांत पाण्डेय और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी।

कांग्रेस जिला सचिव और उनके परिवार पर चाकू–डंडे से हमला, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर से लगे सेमराबांध में कल दुर्गा विसर्जन के दौरान रात करीब 8 से 9 बजे के दरम्यान कांग्रेस के जिला सचिव दिलीप धर और उनके परिवार पर कुछ लोगों द्वारा लाठी डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। इस हादसे में दिलीप धर समेत उनके बड़े भाई और उनके बेटे को चोटें आई हैं, दिलीप धर और उनके बड़े भाई के सिर पर गंभीर चोट के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 2 रविंद्र नाथ टैगोर वार्ड के भगवानपुर में नवयुवक दुर्गा पूजा संघ द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था और कल मूर्ति विसर्जन और शोभायात्रा रखी गई थी। इसी दौरान कल पूर्व सुनियोजित योजना के तहत अमर पाण्डेय निवासी डिगमा, विनीत बोस आ. समीर बोस निवासी डिगमा, विशाल घोष निवासी तुरापानी, विशाल मजुमदार निवासी भगवानपुर, पवन विश्वास निवासी डिगमा,  उज्जवल विश्वास निवासी डिगमा थाना गांधीनगर समेत 10–12 लड़के लाठी डंडे तलवार बैट से लैस होकर सरगुजा और सूरजपुर सीमा के बॉर्डर में सेमराबांध पहुंचे और मौका देखकर इन्होंने अचानक दिलीप धर और उनके बड़े भाई राजेश धर और दिलीप धर के बेटे दीपेश और भांजे आलोक पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया और इस हमले में दिलीप धर और उनके भाई के सिर सहित हाथ पैर में गंभीर चोटे आई हैं जिनका इलाज जारी हैं।

बताया जा रहा हैं कि ये सभी गंभीर रूप से घायल अवस्था में गांधीनगर थाने पहुंचे थे जहां से उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया था। वहीं दिलीप धर के बेटे दीपेश धर की शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस द्वारा अमर पाण्डेय, विनीत बोस, विशाल घोष, विशाल मजुमदार, पवन विश्वास और उज्जवल विश्वास के विरुद्ध धारा 296, 351(3), 115(2), 191(2), 191(3), 190 BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर केस डायरी जयनगर थाने को भेज दिया हैं। वहीं परिजनों का आरोप है कि यह सभी आरोपी अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं और उनके विरुद्ध गांधीनगर थाने में कई अपराध पंजीबद्ध है।

रायपुर से शुरू हुई चाकू बाजी की घटना फैल रही पूरे प्रदेश में अब अंबिकापुर में दिनदहाड़े युवती की चाकू मार कर हुई हत्या…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पिछले एक-दो वर्षों से रायपुर संभाग और रायपुर में हो रही चाकूबाजी की घटनाओं पर पुलिस द्वार अंकुश ना लगा पाने का नतीजा अब पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। पुलिस की नाकामी का नतीजा यह है कि अब प्रदेश के छोटे-मोटे शहरों में भी चाकू बाजी की लगातार घटनाएं घट रही हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने का मामला आज अंबिकापुर शहर से निकल कर आया हैं, जहां दिनदहाड़े एक युवक द्वारा पेट्रोल पंप में कार्य करने वाली एक युवती की चाकू मार कर हत्या कर दी।

मिली जानकारी के अनुसार मृतिका युवती विद्यावती टोप्पो उर्फ भारती बलरामपुर जिले के निवासी थी और रिंग रोड स्थित श्री कृपा फ्यूल्स में काम करती थी उसकी दोस्ती बलरामपुर जिले के ही एक युवक जोगेंद्र पैंकरा से थी। जोगेंद्र पिछले दो-तीन दिनों से लगातार युवती से मिलने कृपा फ्यूल्स में आया करता था आज भी युवक मृतिका से मिलने आया था और इसी दौरान उसने युवती पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमले कर दिए इस हमले से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई जिस उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत  घोषित कर दिया। यह घटना सुबह 11:30 की बताई जा रही है इस घटना के दौरान बीच बचाव करने आए पेट्रोल पंप के एक कर्मचारी को भी चाकू लग गया जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया हैं।

इस हादसे के बाद मृतका के साथ पेट्रोल पंप में कार्य करने वाले दूसरे कर्मचारियों का कहना है कि युवती और उसके हत्यारे के बीच पहले प्रेम संबंध था लेकिन युवक मृतिका पर किसी और युवक से बात करने का शक करता था जिसकी वजह से उनके बीच बातचीत बंद हो गई थी लेकिन युवक फिर भी मृतिका के पीछे पड़ा हुआ था और अब आज उसने इस घटना को अंजाम दे दिया।

किराना दुकान में में बेच रहा था गांजा, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के सख्त निर्देश पर थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा लगातार अवैध कारोबार, सूखा नशा एवं मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में दिनांक 29.09.2025 को चौकी लटोरी पुलिस को मुखबीर ने सूचना दिया कि ग्राम महेशपुर निवासी भईयालाल चौधरी अपने किराना दुकान में अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री कर रहा है। सूचना के फौरन बाद चौकी लटोरी पुलिस मौके पर पहुंची। जहां विधिवत् किराना दुकान में दबिश देकर 1 किलो 595 ग्राम गांजा भईयालाल चौधरी उर्फ लउवा पिता बुद्धुराम के कब्जे बरामद किया जिसकी कीमत करीब 60 हजार रूपये है। मामले में गांजा जप्त कर धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी लटोरी अरुण गुप्ता, आरक्षक विकास मिश्रा, शोभनाथ कुशवाहा, सुनील एक्का, कुंदलाल राजवाड़े, मनोज सिरदार, दिलेश्वर सिंह, महिला आरक्षक मालती एक्का व सुनीता सोनपाकर सक्रिय रहे।

शराब पीकर ड्यूटी करने वाला आरक्षक निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने अनुशासनहीनता, उदासीनता व स्वेच्छाचारी आचरण को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। दिनांक 29.09.2025 को पुलिस लाईन में पदस्थ आरक्षक विकास तिग्गा ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिला जिस पर रक्षित निरीक्षक सूरजपुर के द्वारा आरक्षक का डॉक्टरी मुलाहिजा जिला चिकित्सालय सूरजपुर से कराया। आरक्षक के मुलाहिजा रिपोर्ट में शराब का सेवन करना पाए जाने पर रक्षित निरीक्षक के द्वारा इस बावत् प्रतिवेदन डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर को भेजा जिस उन्होंने तत्काल प्रभाव से आरक्षक विकास तिग्गा को निलंबित कर रक्षित केन्द्र सूरजपुर सम्बद्ध कर दिया है।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने कड़ी चेतावनी दी है कि विभाग में किसी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही पर सख्त कार्यवाही होगी वहीं उत्कृष्ट कार्य पर पुरस्कृत किया जायेगा।

कुटुंब न्यायालय का रेलिंग और छज्जा गिरा, वकील और पक्षकार समेत कई घायल…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आज दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कुटुंब न्यायालय में अचानक न्यायालय भवन की ऊपरी मंजिल से रेलिंग और छज्जे का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। अचानक घटे इस घटना से आस पास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। हादसे की तेज आवाज सुनते ही आसपास के सभी कार्यालयों से लोग बाहर निकल आए। इस हादसे में न्यायालय परिसर में उपस्थित कुछ लोग घायल हो गए। घटना के बाद परिवार न्यायाधीश के वाहन सहित जमीन पर बड़े-बड़े ईंट-पत्थर के टुकड़े बिखर गए। 

मिली जानकारी के अनुसार घटना दोपहर लगभग 12:40 बजे हुई। हादसे के दौरान मौके पर खड़े एक पक्षकार श्याम कृष्ण दास के हाथ में गंभीर चोट आई और उनके हाथ की हड्डी टूट गई। वहीं एक अधिवक्ता प्रियेश सिंह भी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए हैं। बताया जा रहा हैं कि हादसे के समय बड़ी संख्या में लोग पास खड़े थे, लेकिन वे सभी इस हादसे में बाल-बाल बच गए। आपको बता दें कि सोमवार होने के कारण आज न्यायालय में बहुत ज्यादा भीड़ थी। ऐसे में अचानक छत का हिस्सा गिरने से परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
वहीं इस घटना के बाद स्थानीय अधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत न्यायालय भवन की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की हैं।

कौन है वह पुलिस वाले जिनके संरक्षण में पत्रकार प्रशांत पाण्डेय की हत्या की हो रही साजिश..?? सुनिए एक और कॉल रिकॉर्डिंग…कैसे चोर चोर बने मौसेरे भाई…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र की संपादक मृण्मयी पाण्डेय के पति और सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र के संपादक प्रशांत कुमार पाण्डेय की हत्या की साजिश में एक पुलिस वाले का नाम भी निकलकर सामने आ रहा हैं। हमें प्राप्त एक वॉयस कॉल रिकॉर्डिंग में सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के सिरसी ग्राम पंचायत के प्रेमचंद ठाकुर और लटोरी विकासखंड के ग्राम हरिपुर निवासी संजय गुप्ता के बेटे हरिओम गुप्ता के बीच बातचीत हो रही हैं जहां हरिओम गुप्ता द्वारा पैसे देकर मारपीट और हत्या की बात कही जा रही हैं और साथ ही साथ कुछ पुलिस वालों का भी नाम लिया जा रहा हैं। इस रिकॉर्डिंग में आप सुन सकते हैं कि कैसे हमारे द्वारा लगाई गई खबरों से ये सभी लोग परेशान नजर आ रहे हैं और आपस में एक होकर सबक सिखाने और गुंडों को पैसे देकर पिटवाने की बात कर रहे हैं। इस ऑडियो में हरिओम गुप्ता 13 हजार रुपयों में सुपारी लेकर हुई एक हत्या का भी जिक्र करते हुए सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में हरिओम और प्रेम द्वारा हमारी खबरों से सभी के परेशान होने की बात कहीं जा रही हैं वहीं उनके द्वारा एक पुलिस वाले का भी नाम लिया जा रहा हैं जिसके द्वारा इनको अभी शांत रहने और बाद में देखें जाने की सलाह दी गई हैं।

प्रेम ठाकुर और हरिओम गुप्ता के बीच हुई बातचीत

ऐसे में सवाल यह उठता हैं कि यदि ये सभी जमीन दलाल सही हैं और हमारे द्वारा बेवजह इनको परेशान किया जा रहा था तो ये कोर्ट या पुलिस के शरण में क्यों नहीं गए..?

क्या ये लोग स्वयं को जज समझते हैं जो इनके द्वारा सजाए मौत की सजा सुना दी गई..?

या फिर ऐसे ही इनके कई राज है जिनसे पर्दा उठना अभी बाकी हैं जिनके बाहर आने का डर इनको लगातार बना हुआ है और कहीं इस मामले में इन पर कोई कार्रवाई न हो जाए इसलिए हत्या की साजिश रच रहे हैं.??

आखिर वो पुलिस वाले कौन हैं जिनका इन्हें संरक्षण प्राप्त हैं..?

फर्जी आदेश के आधार पर सरकारी जमीन कराई अपने नाम, एसडीएम के आदेश पर एफआईआर दर्ज…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : शासकीय जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराकर फर्जीवाड़ा मामले में सूरजपुर एसडीएम ने एक्शन लेते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करा आगे की कार्यवाही कर रही हैं।

दरअसल रंदीप सिंह, निवासी ग्राम मदनपुर, तहसील लटोरी के द्वारा राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर के प्रकरण में पारित आदेश की फर्जी प्रति तैयार की गई थी और इस कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपी द्वारा ग्राम मदनपुर स्थित शासकीय भूमि को अपने नाम दर्ज कराकर लाभ उठाया जा रहा था और कुछ लाभ लेने के लिए एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था जिस पर न्याया. अ.वि.अ. (रा.) सूरजपुर के द्वारा राजस्व प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई थी। राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर के पत्र प्राप्त होने पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सूरजपुर के द्वारा इस मामले की जांच की गई, जिसमें दस्तावेज के जाली होने की पुष्टि हुई जिसपर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सूरजपुर द्वारा लटोरी तहसीलदार को संबंधित के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कराने के आदेश दिए गए। जिसपर तहसीलदार लटोरी की शिकायत पर रंदिप सिंह आ.सुरजीत सिंह के विरूद्ध थाना जयनगर में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

खबर प्रकाशन के बाद चौकी से छूटा पत्रकार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : हिंद स्वराष्ट्र के पत्रकार मुकेश गुप्ता को अन्ततः बसदई चौकी पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया हैं। खबर प्रकाशन के बाद उन्हें पुलिस द्वारा समझाइश देकर छोड़ा गया हैं। कलेक्टर को देर रात फोन करने के मामले में उन्हें पुलिस द्वारा उठाया गया था।

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क्या कलेक्टर सूरजपुर को देर रात फोन करने की पत्रकार को मिलेगी सजा..?? कलेक्टर के तानाशाही रवैये ने खड़े किए कई सवाल…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ भैयाथान : देर रात कलेक्टर सूरजपुर को फोन करना एक पत्रकार की गले का फांस बन गया हैं। देर रात कॉल करने की वजह से उसे लगातार बसदई चौकी पुलिस द्वारा परेशान किया जा रहा था। पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर पत्रकार द्वारा सरगुजा संभाग आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक से आवेदन कर इस मामले से उसे बचाने की मांग की गई थी लेकिन बावजूद इस मामले में आज बसदई पुलिस द्वारा पत्रकार को घर से उठा लिया गया हैं।

क्या था मामला

दरअसल भैयाथान विकासखंड के ग्राम सिरसी के मुकेश गुप्ता जो कि हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र के ब्लॉक प्रतिनिधि हैं और एक पशु पालक भी हैं। उनकी एक बकरी बीमार थी जिसके इलाज के लिए मुकेश पशु विभाग अस्पताल पहुंचे थे जहां पशु विभाग के डॉक्टर अस्पताल में ताला लगाकर अस्पताल से नदारत थे। जिसके बाद उनके द्वारा किसी तरह से दूरभाष के माध्यम से डॉक्टर से संपर्क किया गया इस पर डॉक्टर द्वारा उन्हें शाम 4 से 5 के बीच में आने स्वयं या फिर मुकेश गुप्ता को अपने पशु को लेकर अस्पताल आने की बात कही गई लेकिन पशु चिकित्सक द्वारा लापरवाही करते हुए बकरी के इलाज के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए जिस पर मुकेश गुप्ता द्वारा डॉक्टर से संपर्क करने के कई प्रयास किए गए लेकिन उनके द्वारा फोन नहीं उठाया गया। चुकी एक पशुपालक के लिए किसी पशु की जान की कीमत बहुत अधिक होती है इसलिए उनके द्वारा इस संबंध में सूरजपुर कलेक्टर से बात की गई सूरजपुर कलेक्टर द्वारा रात के 11:30 बजे पशु विभाग से किसी कर्मचारी को भेजा गया लेकिन कर्मचारी द्वारा बकरी को इंजेक्शन लगाते ही बकरी की मौत हो गई। इस संबंध में जानकारी देने के लिए मुकेश गुप्ता द्वारा कलेक्टर सूरजपुर को कॉल किया गया जिस पर कलेक्टर भड़क गए और उनके द्वारा कहां गया कि ” बकरी मर गई तो मैं क्या करूं और तुम होते कौन हो तुम्हारी औकात कैसे हुई मुझे इतनी रात को कॉल करने की..??” जिस पर मुकेश गुप्ता द्वारा एक आम नागरिक होने की बात कही गई और फोन रख दिया। लेकिन मुकेश गुप्ता द्वारा रात्रि 12:00 बजे कलेक्टर को फोन करना कलेक्टर सूरजपुर को नागवार गुजरा और उनके द्वारा पुलिस को मुकेश गुप्ता को उठाने के आदेश दे दिए गए इसके बाद बसदई पुलिस द्वारा मुकेश गुप्ता के घर लगातार छापेमारी की गई और उनके अनुपस्थिति में मुकेश गुप्ता की पत्नी से अभद्रता की गई। इसी बीच पुलिस के लगातार छापेमारी के कारण गुप्ता द्वारा अंबिकापुर पहुंचकर संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा और पुलिस महानिरीक्षक दीपक झा से इस मामले की शिकायत की गई और मामले से उन्हें बचाने की मांग की गई, लेकिन डीएम के आदेश के आगे बसदई पुलिस कहां पीछे हटने वाली थी उनके द्वारा आज दिनांक 27 सितंबर 2025 को पत्रकार मुकेश गुप्ता को उनके घर से उठा लिया गया है।

                         उठ रहे कई सवाल

क्या किसी लोक सेवक को देर रात फोन करना कोई अपराध है?

क्या फोन कॉल करने मात्र से पत्रकार को चौकी में बैठा देना तानाशाही रवैया को नहीं दर्शाता ??

जब इस मामले में कलेक्टर द्वारा आवेदन नहीं दिया गया है सिर्फ मौखिक आदेश से क्या पुलिस को अधिकार मिल जाता है किसी को उठा लेने का??

क्या हिंद स्वराष्ट्र और हिंद स्वराष्ट्र की टीम को तोड़कर जिला प्रशासन कर रहा अपने बचाव का प्रयास??

आपको बता दे कि पिछले कुछ दिनों पूर्व हमारे द्वारा भैयाथान विकासखंड के ग्राम सिरसी के कई मामले उठाए गए थे और दोषियों पर कार्यवाही भी करवाया गया था, लेकिन इन सब के पीछे मुकेश गुप्ता का हाथ होने की आशंका लगातार अधिकारियों द्वारा जताई जा रही थी जिसके बाद उन पर इस तरह की कार्रवाई करना कहीं ना कहीं इसे उस मामले से जोड़ता है। ऐसे में अब सवाल यह भी उठ रहा हैं कि क्या अब अधिकारी भी आम नागरिकों की तरह खुन्नस खा कर बैठे रहते हैं।

पुलिस की गलतफहमी ने बिगाड़ा मामला

दिनांक 17 सितंबर 2025 की रात को मुकेश गुप्ता द्वारा अपनी पत्नी और अपने नंबर से कलेक्टर से बात की गई थी और अपना परिचय भी दिया गया था, लेकिन बसदई पुलिस द्वारा लापरवाही पूर्वक मुकेश कुमार गुप्ता के पड़ोसी विजय कुमार गुप्ता को इस मामले में उठा लिया गया, जिससे मुकेश गुप्ता और उनके पड़ोसी विजय कुमार गुप्ता के बीच विवाद की स्थिति बन गई और विजय कुमार गुप्ता द्वारा बसदई चौकी में मुकेश कुमार गुप्ता के विरुद्ध उनके नाम का इस्तेमाल कर कलेक्टर से बात करने का आवेदन दे दिया गया हैं। सूत्र बताते हैं कि इसी मामले में पुलिस द्वारा उन्हें चौकी में बैठाया गया हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना में लापरवाही दो ग्राम पंचायतों का सचिव निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में जारी लापरवाही की खबरों के बाद प्रशासन द्वारा अब लापरवाहों पर कार्यवाही करना शुरू कर दिया है ऐसे ही एक मामले में प्रशासन द्वारा 2 ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया हैं। दरअसल जनपद पंचायत सूरजपुर के ग्राम पंचायत बेलटिकरी एवं ग्राम पंचायत पीड़ा में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 तक कुल 210 आवासों का लक्ष्य था। जबकि स्वीकृत आवासों के विरूद्ध केवल 70 आवास पूर्ण की गई है जबकि 140 आवास पूर्णता हेतु लम्बित है। इससे यह स्पष्ट होत्ता है कि पंचायत सचिव सतोष विश्वकर्मा द्वारा ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत आवासों एवं अन्य निर्माण कार्यों का समय-समय पर निरीक्षण नहीं किया जा रहा है तथा आवास निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने में भी लापरवाही बरती जा रही है। जिससे शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की प्रगति प्रभावित हुई है। उक्त आचरण से यह सिद्ध होता है कि पंचायत सचिव विश्वकर्मा ने अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता एवं अनुशासनहीनता बरती है, जो कि छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के नियम 3(1) 3(2) एवं 3(3), तथा छत्तीसगढ़ पंचायत (सचिव की शक्तियां एवं कृत्य) नियम, 1999 के नियम 3. 4. 5 एवं 6 के प्रावधानों के प्रतिकूल है तथा कदाचरण की श्रेणी में आता है।
अतः सतोष विश्वकर्मा, पंचायत सचिव, ग्राम पंचायत बेलटिकरी एवं अतिरिक्त प्रभार ग्रान पंचायत पीढा, जनपद पंचायत सूरजपुर को उनके उपर्युक्त कृत्यों के लिए, छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1999 के नियम-4 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत सूरजपुर में निर्धारित किया जाता है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।

मासूम छात्र के पैर में था घाव, मेडिकल दुकान संचालक ने लगाया ऐसा इंजेक्शन कि हो गई मौत, प्रशासन ने मेडिकल दुकान को किया सील…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : बलरामपुर में मेडिकल दुकान संचालक द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद चौथी कक्षा के एक छात्र की तबियत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृत छात्र के परिजनों ने मेडिकल दुकान संचालक पर आरोप लगाया हैं कि इंजेक्शन देने के बाद उनके बेटे की हालत बिगड़ गई थी। दरअसल छात्र के पैर में घाव था, जिसका इलाज कराने परिजन स्थानीय मेडिकल दुकान में गए थे। इधर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने दुकान को सील कर दिया है।

बलरामपुर के वार्ड क्रमांक 8 निवासी 8 वर्षीय अनमोल एक्का पिता जितेंद्र एक्का चौथी कक्षा का छात्र था। वह बलरामपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ाई करता था। उसके घुटने में चोट लगी थी। बुधवार को परिजन उसे लेकर स्थानीय शंभू मेडिकल दुकान में पहुंचे। यहां मेडिकल दुकान संचालक ने घाव की साफ-सफाई कर इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाते ही छात्र की तबियत अचानक बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां छात्र की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाते समय रात करीब 12 बजे उसकी रास्ते में ही मौत हो गई। छात्र की मौत से परिजनों में मातम पसर गया है।

खबर प्रकाशन से बौखलाए तहसीलदार और जमीन दलालों ने दी संपादक की हत्या करने सुपारी, एक तथाकथित पत्रकार बना सुपारी किलर…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आज के समय में निष्पक्ष पत्रकारिता करना, घोटालेबाजों की पोल खोलना, सच को सामने लाना मौत को गले लगाने के समान बन कर रह गया हैं। कुछ एक भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारी अपने साथ कुछ ऐसे गुंडों को पाले हुए हैं जो उनके इशारे पर कुछ भी करने को तैयार हैं। नियम कानून सब कुछ उनके लिए बस कहने की बात हैं। ऐसे अधिकारी अपने आप को ही जज समझते हैं और फैसला भी स्वयं करना पसंद करते हैं। हम ऐसा इस लिए कह रहे हैं क्योंकि हमारे द्वारा लगातार किए जा रहे निष्पक्ष पत्रकारिता और घोटालों के खुलासे से भ्रष्टाचारियों में भय का माहौल है और वे अपनी साख बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने को आतुर हैं। आज हम आपको बताते हैं कि कैसे हमारे द्वारा की जा रही पत्रकारिता से कुछ लोग परेशान हैं और उन्होंने इसका समाधान हमारी मौत को मान लिया है। दरअसल हिंद स्वराष्ट्र और सिंधु स्वाभिमान समाचार पत्र के संचालक दंपत्ति मृण्मयी पाण्डेय और प्रशान्त पाण्डेय द्वारा प्रकाशित कुछ खबरों की वजह से उनकी जान पर बन आई है। कुछ भ्रष्टाचारी आपस में एक हो गए हैं और आपस में एक राय होकर उनके द्वारा सिंधु स्वाभिमान के संपादक प्रशांत पांडे की हत्या की साजिश रची जा रही है। बात केवल धमकी चमकी तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि उनके द्वारा संपादक की हत्या के लिए सुपारी लेने और देने का कार्य किया गया है।

कुछ खबरों का प्रकाशन बना दुश्मनी का वजह

हिंद स्वराष्ट्र और सिंधु स्वाभिमान के संपादकों द्वारा लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के विरुद्ध कुछ खबरें पूरे सबूत के साथ प्रकाशित की गई थी जिसमें तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा द्वारा लापरवाहीपूर्वक या यूं कहे मिलीभगत के साथ फर्जी तरीके से बिना कलेक्टर परमिशन के और पटवारी प्रतिवेदन के बगैर ही जमीन की रजिस्ट्री कर दी थी। जिसके बाद सूरजपुर जिले की SDM शिवानी जायसवाल द्वारा तहसीलदार को 3 कारण बताओं नोटिस जारी की गई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट आज भी लंबित हैं। इस मामले में लगातार धमकियां मिलने का सिलसिला जारी था। इस मामले का सीधा संबंध लटोरी तहसील के ग्राम हरिपुर निवासी संजय गुप्ता और हरिओम गुप्ता से था। ये दोनों पिता पुत्र जमीन दलाली का कार्य करते हैं और इनके द्वारा ही तहसीलदार से सांठगांठ कर फर्जी तरीके से जमीन रजिस्ट्री का कार्य करवाया गया था। इनके द्वारा तहसीलदार के नाम से लगातार हमें धमकियां दी जा रही थी और तहसीलदार से संबंध होने की बात कहते हुए हमें तहसीलदार से दूर रहने की बात कही गई थी।

वहीं कुछ दिन पूर्व हमारे द्वारा सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिरसी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में हुए आवास योजना में घोटाले की खबर का प्रकाशन किया गया था जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा मामले की जांच करवाई गई और जांच के आधार पर रोजगार सहायक नईम अंसारी को बर्खास्त कर दिया और कुछ अन्य के विरुद्ध भी कार्यवाही की। वहीं सिरसी पंचायत के ही एक अन्य मामले में देवानंद कुशवाहा नामक एक व्यक्ति की 2 एकड़ जमीन उसके भाई बैजनाथ कुशवाहा द्वारा अपने नाम करवा ली गई हैं। इस मामले में पीड़िता द्वारा तहसीलदार संजय राठौर पर 5 लाख रुपए की रिश्वत लेकर उसके पिता देवानंद की जमीन उसके चाचा बैजनाथ के नाम पर किए जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में तहसीलदार द्वारा बैक डेट में जाकर नामांतरण का कार्य किया गया था इस मामले की जांच अब तक लंबित है।
प्रशान्त पाण्डेय की हत्या की साजिश में लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा, संजय गुप्ता, हरिओम गुप्ता, प्रेमचंद ठाकुर, अविनाश ठाकुर और संदीप कुशवाहा, फिरोज अंसारी और उसके साले असलम का नाम निकलकर सामने आया हैं। फिरोज अंसारी बर्खास्त रोजगार सहायक नईम अंसारी का रिश्तेदार हैं वहीं संदीप कुशवाहा, बैजनाथ कुशवाहा का पुत्र हैं। इस साजिश में शामिल सिरसी निवासी प्रेमचंद ठाकुर का संबंध भी प्रधानमंत्री आवास योजना, जमीन फर्जीवाड़े और नशे के कारोबार से हैं और उसकी और उसके मामा के बेटे अविनाश ठाकुर उर्फ गोलू ठाकुर की दोस्ती हरिओम गुप्ता से हैं। इसी दौरान हिंद स्वराष्ट्र और सिंधु स्वाभिमान में लगातार जारी इनके विरुद्ध खबरों से इन भ्रष्टाचारियों की रातों की नींद हराम हो गई थी और उन्हें संपादक को रास्ते से हटाने के अलावा अपने बचाव का कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा था। जिसके मद्देनजर इन भ्रष्टाचारियों द्वारा आपस में सांठगांठ की गई और मिलीभगत कर हत्या की साजिश रची गई। इसी दौरान इनके द्वारा जूर निवासी फिरोज अंसारी और उसके साले असलम को डेढ़ लाख रुपयों में प्रशांत पाण्डेय की हत्या की सुपारी दे दी गई और इन सभी के द्वारा एक राय होकर हत्या के 3 नाकाम कोशिशें भी की गई।

पत्रकार की हत्या के लिए पत्रकारिता को ही बनाया ढाल

इस दौरान प्लानिंग के तहत इन सभी आरोपियों द्वारा मिलीभगत कर संपादक की हत्या के लिए पत्रकारिता को ही ढाल बनाया गया और इस साजिश में शामिल प्रेमचंद ठाकुर द्वारा एक मामले में खबर प्रशासन के लिए संपादक को सिरसी बुलाया गया और इसी दौरान हत्या के लिए इन आरोपियों द्वारा ट्रक का जुगाड़ किया गया और स्वयं हरिओम गुप्ता द्वारा दो बोलेरो और एक स्कॉर्पियो वाहन लेकर संपादक और उसके परिवार का पीछा किया गया लेकिन संपादक को उसके परिवार और छोटे बच्चे के साथ देखते हुए उन्होंने उस दिन हत्या की इस योजना को स्थगित कर दिया।

सुनिए हत्या की प्लानिंग आरोपियों की जुबानी:

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हत्या की दूसरी योजना के तहत बुलाया गया शूटर

ट्रक द्वारा कुचलने की योजना असफल होने के बाद इन आरोपियों द्वारा हत्या के लिए दूसरी योजना बनाई गई और योजना के तहत फिरोज अंसारी के साले असलम (शूटर) को बुलाया गया। सब कुछ सही रहता ये सब अपनी योजना में सफल हो पाते, इससे पहले ही संपादक अपने परिजनों के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन को चले गए जिससे संपादक उनकी रडार में नहीं आए और उनकी जान बच गई।

हत्या का तीसरा प्रयास
हत्या के दो असफल प्रयासों के बाद भी यह आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और उनके द्वारा संपादक और उसके परिवार को कार से कुचलने का प्रयास किया गया। दरअसल 20 सितंबर की रात 8.30 से 9.00 बजे की दरमियान संपादक और उनके परिवार को कुचलने का प्रयास किया गया लेकिन मौके पर अचानक से बहुत सारी गाड़ियों और भीड़ इकट्ठी हो जाने के कारण यह योजना भी विफल हो गई।

देखें कार द्वारा हमले का सीसीटीवी फुटेज :

कार द्वारा हमले का सीसीटीवी फुटेज



सच का हुआ खुलासा

दरअसल हत्या की प्लानिंग करने वाले और सुपारी देने वाले संजय गुप्ता और हरिओम गुप्ता द्वारा हरिपुर ग्राम में ग्रामसभा आयोजित की गई थी और इस ग्रामसभा के दौरान कई ऐसी बातें हुई जिससे इन सभी आरोपियों की एकता में दरार आ गई और इनके द्वारा ही पूरे मामले का खुलासा भरी पंचायत के सामने कर दिया गया।
बहरहाल मामले के खुलासे के बाद संजय गुप्ता द्वारा पंचायत के सामने संपादक और उनके परिजनों से धमकी दिए जाने से लेकर सुपाड़ी दिए जाने तक की बात को स्वीकारा गया और माफी भी मांगी गई लेकिन हरिओम गुप्ता द्वारा माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया गया और अपना निर्णय पंचायत के बाहर करने की बात कही।

देखें वीडियो :

संजय गुप्ता द्वारा ग्रामसभा में मांगी गई माफी



IG सरगुजा रेंज को सौंपा गया आवेदन

इस मामले के खुलासे के बाद संपादक और उसके परिजन काफी भयभीत हैं। इन आरोपियों द्वारा किसी भी वक्त कोई भी दुर्घटना घटित कर दिए जाने की आशंका लगातार बनी हुई है। सुरक्षा के मद्देनजर संपादक द्वारा तमाम सबूतों के साथ आईजी सरगुजा रेंज से मामले की शिकायत कर पुलिस सुरक्षा प्रदान करने और इस मामले में संलिप्त समस्त आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा द्वारा मामले की जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्यवाही किए जाने की बात कही गई हैं।

कब मिलेगा पत्रकारों को पत्रकार सुरक्षा का लाभ

राज्य में भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और अपराध काफी बढ़ गए हैं। अपराधियों के मन में कानून का कोई डर ही नहीं रह गया है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारों को समाज को भ्रष्टाचारियों का आईना दिखाना काफी महंगा पर रहा हैं। पत्रकार भी इन अपराधियों और अपराधी मानसिकता के लोगों से अछूते नहीं रह  गए है। आए दिन पत्रकारों को धमकी मिलना यह तो आम बात सी हो गई है लेकिन अब एक पत्रकार की हत्या के लिए सुपारी दे देना बहुत ही चिंतनीय विषय बन गया हैं।

लापरवाही पर निलंबन आदेश जारी कर पहले लूटी वाहवाही, अब अपने आदेश को वापस ले जेडी स्वास्थ्य करवा रहे अपनी किरकिरी….!!

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 3 माह की बच्ची को बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के रेफर मामले में निलंबित दोनों स्वास्थ्यकर्मियों के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया गया हैं।जांच में लापरवाही की पुष्टि के बाद दोनों स्वास्थ्य कर्मियों को निलंबित किया गया था, लेकिन संयुक्त संचालक स्वास्थ्य द्वारा अपने आदेश को वापस लेते हुए निलंबन आदेश को शून्य घोषित कर दिया है। जहां एक और इस मामले में निलंबन आदेश जारी कर और लापरवाही बर्दाश्त नहीं किए जाने की बात कहकर जेडी द्वारा खूब वाहवाही लूटी गई थी वहीं दूसरी और निलंबन आदेश को वापस लेकर वे अब अपनी काफी किरकिरी करवा रहे हैं।

उल्लेखनीय हैं कि ग्राम पिंडरा निवासी सनम अगरिया की 3 महीने की बेटी संजना अगरिया का जिला अस्पताल बलरामपुर में निमोनिया का इलाज चल रहा था। 9 सितंबर को बच्ची की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट देने और अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर करने के निर्देश दिए थे। लेकिन ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने आदेश की अनदेखी करते हुए बच्ची का ऑक्सीजन हटा दिया और उसे बिना ऑक्सीजन एम्बुलेंस से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। जिसके बाद रास्ते में बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया था। बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया था।

जिसके बाद  इस मामले की जांच सीएमएचओ डॉ बसंत सिंह द्वारा करवाई गई जिसमें यह पाया गया कि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारी सतीश अरक्सेल और स्टाफ नर्स नीता केशरी ने घोर लापरवाही बरती थी। रिपोर्ट मिलते ही जेड़ी हेल्थ डॉ. अनिल शुक्ला ने 12 सितंबर को दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था साथ ही उन्होंने अस्पताल प्रशासन को सख्त चेतावनी दी थी कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई होगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

स्वास्थ विभाग द्वारा निलंबन आदेश को जारी करने के बाद स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा पत्र लिखकर निलंबन निरस्त कर प्रकरण की जांच संभाग स्तरीय जांच टीम से कराने की मांग जेडी डॉ अनिल शुक्ला से की गई थी जिसके बाद संयुक्त संचालक डॉ. अनिल शुक्ला द्वारा निलंबन आदेश जारी करने के ठीक एक हफ्ते बाद 19 सितंबर को एक आदेश जारी कर पूर्व में जारी निलंबन आदेश को शून्य घोषित कर दिया साथ ही इस मामले की जांच संभाग स्तरीय टीम से कराने की बात लिख दी।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं किए जाने की बात कहते हुए निलंबन आदेश जारी करने वाले जेडी स्वास्थ्य डॉ अनिल शुक्ला के कड़े रुख को देखकर लोगों ने उनकी काफी प्रशंसा की थी और उनका आभार जताया था, लेकिन अब निलंबन आदेश निरस्त किए जाने के इस फैसले से लोगों में काफी आक्रोश हैं।

डॉक्टर शुक्ला के इस फैसले के बाद लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपने विभाग के लापरवाही को छुपाने के लिए निलंबन आदेश जारी किया गया था और अब जब मामला ठंडा पर गया हैं तो निलंबन आदेश को निरस्त कर पीड़ित परिवार के साथ छल किया जा रहा है।

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मोबाइल की लत ने ली एक और जान: बहन ने मोबाइल छीन कही पढ़ाई करने की बात, गुस्से में छात्रा ने जुएं मारने की दवा पीकर लगाया मौत को गले…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : इन दोनों मोबाइल की लत ने चारों ओर तबाही मचा रखी है जहां मोबाइल के कारण रोज कई दुर्घटनाएं घट रही हैं। इसका बुरा असर नाबालिक बच्चों पर भी बहुत बड़ा पड़ रहा है ऐसा ही एक मामला सरगुजा जिले के लखनपुर से निकल कर सामने आया है जहां रिल्स देखने की लत ने एक नाबालिक बच्ची की जान ले ली हैं।

दरअसल लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अंधला की 16 वर्षीय राधिका यादव कक्षा 10 वी की छात्रा थी। इन दिनों उसकी परीक्षा चल रही थी लेकिन वह पढ़ाई छोड़कर मोबाइल में रील देखा करती थी, जिसे देखकर उसकी बड़ी बहन ने उसे फटकार लगाई और मोबाइल छोड़कर पढ़ने की समझाइस दी। इस बात को लेकर दोनों बहनों में काफी विवाद हुआ और विवाद के बाद बड़ी बहन ने राधिका से मोबाइल लेकर उसे छुपा दिया। इस बात से नाराज होकर राधिका यादव ने जुए मारने की दवा पीकर आत्महत्या की कोशिश की कुछ देर बाद जब उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों से उससे पूछताछ की पूछताछ में उसने दवा पीने की बात कही। जिसके बाद आनन फानन में परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर पहुंचे जहां उसकी हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया,परिजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मोबाइल की लत से हुई इस मौत के बाद नाबालिक मृतका के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। वही यह घटना समाज को एक संदेश दे रही है की मोबाइल की लत ने समाज को विकृत कर दिया है अगर इस लत से जल्द छुटकारा नहीं पाया गया तो उसके और भयंकर रूप सामने आ सकते हैं।

1 अक्टूबर से नो हेलमेट नो पेट्रोल
दो पहिया वाहन विक्रेताओं को पर्याप्त मात्रा में हेलमेट रखने दिये गये निर्देश…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ‘‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल‘‘ पर कार्य करेगी। जिला परिवहन अधिकारी ने बताया कि आगामी 1 अक्टूबर 2025 से ‘‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल‘‘ नियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। बिना हेलमेट किसी भी पेट्रोल पंप से पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही नियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन अधिकारी ने जानकारी दी है कि जिले के सभी दो पहिया वाहन विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने शोरूम में पर्याप्त मात्रा में हेलमेट रखें, ताकि आम नागरिकों को इसकी उपलब्धता में कोई समस्या न हो। उन्होंने केवल आईएसआई प्रमाणित हेलमेट ही निर्धारित मूल्य पर बिक्री करने को कहा है।

गौधाम संचालन के लिए रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : पशुपालन विभाग के उप संचालक ने जानकारी दी है कि जिले में गौधाम संचालन के लिए इच्छुक संस्थाओं से रूचि की अभिव्यक्ति आमंत्रित की गई है। गौधाम में निराश्रित, घुमंतू, जब्त गौ वंशीय पशुओं को विस्थापित किया जाएगा। इस संबंध में गौधाम संचालन करने के लिए इच्छुक संस्था निर्धारित प्रपत्र में अपना आवेदन 01 अक्टूबर 2025 दोपहर 03 बजे तक कार्यालय उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं बलरामपुर में जमा कर सकते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आशीष कुमार कंचन मोबाइल नम्बर 70005-78137 से संपर्क किया जा सकता है।

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