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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना : ग्रामीण अंचलों में मत्स्य पालन से आजीविका एवं आत्मनिर्भरता के लिए नया अवसर…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : ग्रामीण अंचलों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से आजीविका के नए अवसर खुल रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी योजना के तहत अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कुल्हाड़ी के निवासी मदन राम ने अपने खेत की 30 डिसमिल भूमि का सदुपयोग करते हुए बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण कराया है। यह तालाब पूर्णतः वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है, जिसमें जल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बायोफ्लॉक शीट, ऑक्सीजन मशीन, सबमर्सिबल पंप और जनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ लगाई गई हैं।
मदन राम ने बताया कि बायोफ्लॉक तालाब निर्माण पर कुल 14 लाख रुपए की लागत आई, जिसमें से उन्हें 60 प्रतिशत अर्थात 8 लाख 40 हजार रुपए की सब्सिडी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से मछलियों का विकास तेज़ी से होता है और उत्पादन अधिक मिलता है। तालाब को पूरी तरह बायोफ्लॉक शीट से ढंक दिया गया है, जिससे जल की गुणवत्ता एवं तापमान नियंत्रित रहता है और मछलियों की वृद्धि में अनुकूल वातावरण मिलता है।

उन्होंने बताया कि योजना की जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने मत्स्य पालन विभाग से संपर्क किया, जहाँ से उन्हें सभी आवश्यक मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता मिली। पहले जहाँ खेती से सीमित आमदनी होती थी, वहीं अब मछली पालन से वे हर वर्ष लगभग दो लाख रुपए की शुद्ध आमदनी की है।
मदन राम ने बताया कि पहले मैंने एक बार मछली का बीज डाला था, अब तालाब में मछलियाँ खुद ही बीज तैयार कर रही हैं। इससे मछली पालन की लागत भी कम हो गई है और मुनाफा और बढ़ गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि खेती के मुकाबले मछली पालन में अधिक मुनाफा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना ने हमें आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर दिया है।

शासन की यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में कृषकों, युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए नई संभावनाएँ खोल रही है। बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में किसान सार्थक योगदान दे रहे हैं।

मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाने का इंजीनियर 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : मां महामाया सहकारी शक्कर कारखाना केरता में काम करने वाले एक इंजीनियर चमरू नायक को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने आज दोपहर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया हैं। बताया जा रहा हैं कि इंजीनियर द्वारा कारखाने के एक कर्मचारी प्रदीप कुमार को नौकरी में बरकरार रखने के एवज में कुल 1,00,000 लाख रुपयों की मांग की गई थी जिसकी आज पहली किश्त 50,000 लेने के दौरान एसीबी द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया हैं।

मिली जानकारी के अनुसार इंजीनियर चमरू नायक द्वारा इससे पहले भी एक लाख रूपए लेकर प्रदीप कुमार को नौकरी में रखा गया था, इस वर्ष ज्यादा कार्य न होने के कारण प्रदीप कुमार को नौकरी से निकालने का प्रयास किया जा रहा था और नौकरी में बरकरार रखने के एवज में इंजीनियर द्वारा ₹100000 मांगे जा रहे थे। प्रदीप कुमार पैसे देना नहीं चाहता था जिसके कारण उसने मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो अंबिकापुर में की। एसीबी की टीम द्वारा प्रदीप कुमार को योजनाबद्ध तरीके से केमिकल लगे हुए 50 हजार रुपए देकर भेजा गया था जैसे ही इंजीनियर चमरू नायक द्वारा पैसे लिए गए, एसीबी की टीम द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल एसीबी की टीम द्वारा इंजीनियर से पूछताछ की जा रही है।

अवैध उगाही और जहर सेवन मामले में एएसआई और कांस्टेबल निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : बिलासपुर में वाहन जांच और चालानी कार्रवाई के नाम पर भयादोहन कर व्यापारी से 24 हजार रुपए की वसूली और NTPC कर्मी द्वारा जहर सेवन मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रारंभिक जांच के बाद ASI सहेत्तर कुर्रे और कॉन्स्टेबल आशीष मिश्रा को निलंबित कर दिया है।  

दरअसल ASI और कॉन्स्टेबल सीपत थाने में पदस्थ थे उनके द्वारा NTPC कर्मी पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए 50 हजार रुपए की डिमांड कर धमकी दी गई थी। जिसके डर से उसने जहर पी लिया था। NTPC कर्मी की पत्नी द्वारा मामले की शिकायत SSP से की गई थी। वही एक अन्य मामले में एक व्यापारी से भी ASI द्वारा प्राइवेट कम्प्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के अकाउंट में दो किश्तों में 22 हजार और 2 हजार रुपए ट्रांसफर कराया गया था।

सुभाषनगर क्षेत्र में 14 घरों मे चोरी करने वाला आरोपी गिरफ़्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सुभाषनगर क्षेत्र में पिछले दिनों एक साथ 14 घरों में हुए चोरी के मामले में आरोपी को गांधीनगर पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी द्वारा एक ही दिन में एक साथ 14 घरों के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले का सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

दरअसल चोरों द्वारा 14 रूमों के ताले तोड़कर अलग अलग रूम से घडी, 2 पुराना मोबाइल फोन, ब्लूटूथ नैकबैंड, ब्लेजर, और जुता, LCD टीवी, वुफर, 10 हजार रुपये नगद, मोबाइल फोन, HP लैपटाप और 500 रुपये नगद, HP का लैपटाप और पंखा, व्हाइट ड्रेस 3 नग, 4500 रुपये नगद गैस सिलेण्डर टी शर्ट लोवर, 35 हजार रुपये नगद व 1 फोन चोरी किया गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा मामले में अपराध दर्ज कर मामले की जांच की जा रही थी और इस घटना के सीसीटीवी फूटेज की सहायता से पुलिस द्वारा आरोपी अक्षय पटेल आत्मज पंचम पटेल उम्र 21 वर्ष निवासी सिलसिला कुर्मीपारा थाना लुन्ड्रा को गिरफ्तार किया हैं। आरोपी से पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर मोटरसायकल से मौक़े पर जाकर चोरी की थी और सभी सामान को मोटरसायकल मे रखकर ले गए थे और गैस सिलेंडर को पास के झाड़ी मे फेक दिए थे।

पुलिस द्वारा आरोपी के निशानदेही पर घटनास्थल के पास के झाड़ी से 2 नग गैस सिलेंडर एवं आरोपी के घर से अन्य सामान पंखा, टीवी, स्मार्टवॉच, लैपटॉप एवं चार्जर , वुफर, डीटूएच, जूता, 2 नग मोबाइल, घरेलु कपड़ा एवं आरोपी के कब्जे से घटना मे प्रयुक्त मोटरसायकल, मौक़े से टुटा हुआ ताला, घटना मे प्रयुक्त छड़ कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये जप्त किया गया हैं। आरोपियों द्वारा चोरी के 2200 रुपये को खाने पिने मे खर्च कर दिए गए थे।

थाने में ब्लैकमेलिंग का खेल जोरों पर– कार्यवाही का डर दिखाकर पुलिसकर्मियों ने व्यापारी से वसूले 22 हजार, दूसरे ने खाया जहर,,,
ऑनलाइन सबूत के साथ व्यापारी ने एसएसपी से की शिकायत– जांच शुरू….

बिलासपुर (विशेष संवाददाता ): छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले की सीपत थाना पुलिस पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि थाना पुलिस ने एक एनटीपीसी कर्मचारी और एक व्यापारी से उनकी गाड़ी पकड़कर और कार्रवाई का डर दिखाकर अवैध वसूली की। पुलिस के लगातार दबाव और धमकी से परेशान होकर, एनटीपीसी कर्मचारी ने आत्महत्या का प्रयास किया और ज़हर खा लिया।


घटना का विवरण
उज्जवल नगर एनटीपीसी कॉलोनी निवासी धीर्मेंद्र मंज़ारे (35), जो एनटीपीसी के एचआर विभाग में कार्यरत हैं, रविवार को शराब की दुकान से लौट रहे थे। इसी दौरान सीपत थाने के पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ा और उनकी स्कूटी जमा कर दी। पुलिस ने धीर्मेंद्र मंज़ारे पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप लगाते हुए कथित तौर पर 50 हज़ार रुपये की मांग की और रुपये न देने पर कड़ी कार्रवाई की धमकी दी।
पुलिस के इस मानसिक दबाव में आकर धीर्मेंद्र मंज़ारे ने रास्ते में कोई ज़हरीला पदार्थ खा लिया। उनकी पत्नी रामेश्वरी ने उन्हें तत्काल एनटीपीसी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें अपोलो अस्पताल रेफर किया गया।


पीड़ित की स्थिति गंभीर, पुलिस पर लगे आरोप

फिलहाल, धीरेंद्र मंज़ारे का इलाज अपोलो अस्पताल में जारी है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उन्होंने पुलिस पर धन की अवैध मांग और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। इस पूरे मामले ने स्थानीय पुलिसिंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं और ज़िले में हड़कंप मच गया है।

पत्नी ने लगाया आरोप…

वहीं दूसरी ओर बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक स्थानीय व्यापारी ने थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों पर “कार्रवाई का डर दिखाकर ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली” का गंभीर आरोप लगाया है। व्यापारी ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को लिखित शिकायत दी है और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम सीपत निवासी अविनाश सिंह ठाकुर, जो नवाडीह चौक में किराना दुकान संचालित करते हैं, ने बताया कि 5 अक्टूबर 2025 (रविवार) को वे अपने साथी रवि कश्यप के साथ किसी व्यक्तिगत कार्य से सीपत थाने पहुंचे थे। वे अपनी बुलेट बाइक (क्रमांक CG 04 AX 3880) से थाना पहुंचे थे।
थाने पहुंचने पर, थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एक आरक्षक उनके पास आए और कथित रूप से धारा 185 (नशे में वाहन चलाने) की कार्रवाई की धमकी देते हुए 50 हजार रुपए की मांग की। व्यापारी ने बताया कि पुलिस कार्रवाई के डर से उन्होंने 22 हजार रुपए का भुगतान थाना परिसर में ही मौजूद थाने के प्राइवेट कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश्वर कश्यप के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।
इस भुगतान का बैंक ट्रांजैक्शन सबूत (ऑनलाइन रसीद) व्यापारी ने अपनी शिकायत के साथ एसएसपी को सौंपा है।


फिर भी नहीं मिली राहत
अविनाश ठाकुर के मुताबिक, रुपए देने के बाद थाना प्रभारी ने बताया कि उनके खिलाफ धारा 185 के तहत चालान किया गया है, जबकि उनके साथी रवि कश्यप के खिलाफ धारा 36(च) की कार्रवाई की गई।
लेकिन, मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। व्यापारी ने बताया कि उसी दिन रात करीब 10 बजे, सीपत के सुमित मेडिकल स्टोर के पास पुलिस ने उनकी बाइक को दोबारा जब्त कर लिया और थाने ले जाकर मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई बताई।
व्यापारी ने अपने आवेदन में यह भी लिखा है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाया और धन उगाही की। उनका आरोप है कि यह सब थाना प्रभारी गोपाल सतपथी और एएसआई सहेत्तर कुर्रे की मिलीभगत से किया गया।


व्यापारी की गुहार
अविनाश सिंह ठाकुर ने एसएसपी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार व ब्लैकमेलिंग के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मामले को उच्चाधिकारियों और मानवाधिकार आयोग तक ले जाएंगे।
एसएसपी बोले — “जांच जारी है, दोषी नहीं बचेंगे”
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने इस प्रकरण की पुष्टि करते हुए बताया —
“सीपत निवासी व्यापारी अविनाश ठाकुर से शिकायत प्राप्त हुई है। आवेदन के साथ ऑनलाइन भुगतान के ठोस सबूत संलग्न हैं। मामले की जांच प्रारंभ कर दी गई है, और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी departmental कार्रवाई की जाएगी।”


जनता में चर्चा
सीपत थाना क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर व्यापारी के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह आम लोगों में पुलिस पर से भरोसा डगमगा सकता है। लोग अब एसएसपी की कार्रवाई पर निगाहें गड़ाए बैठे हैं।

दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जाएगी खांसी-सर्दी का सिरप, सरकार ने पूरे प्रदेश में लगाया बैन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एडवाइजरी के बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राज्य में दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार की खांसी की सिरप या सर्दी-जुकाम की दवाएं देने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम शिशुओं को संभावित दुष्प्रभावों से बचाने के लिए उठाया गया है।
ये दवाएं सामान्यतः पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी अनुशंसित नहीं हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो गई। अब तक 11 बच्चों की जान जा चुकी है। जांच में सिरप में जहरीला केमिकल पाया गया जिसके बाद राज्य सरकार ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है। इसी तरह मध्य प्रदेश के बैतूल और राजस्थान में भी मौत की घटनाएं सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी की है।

सख्ती से पालन करने के निर्देश
प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) और सिविल सर्जनों को निर्देश जारी किए हैं। सभी शासकीय और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को केंद्र सरकार की इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

आयुक्तालय स्वास्थ्य सेवाएं ने उच्चस्तरीय वीडियो कांफ्रेंस आयोजित कर जिलास्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय परामर्श पर ही आधारित होना चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों में सामान्य खांसी-जुकाम अक्सर अपने आप ठीक हो जाता है, इसलिए दवा देना अनावश्यक है।

आम जनता को भी डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न देने के प्रति जागरुक किया जाएगा। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने भी राज्य में निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। निर्माण इकाइयों का निरीक्षण: राज्यभर में औषध निर्माण इकाइयों का जोखिम-आधारित निरीक्षण करने के लिए औषधि निरीक्षकों के दल गठित किए गए हैं।

निजी फार्मेसियों का निरीक्षण
सभी सहायक औषधि नियंत्रकों और औषधि निरीक्षकों को तत्काल औषधि विक्रय संस्थानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। निजी फार्मेसियों का आकस्मिक निरीक्षण भी शुरू कर दिया गया है ताकि दवाओं के अनुचित या असावधानीपूर्वक उपयोग को रोका जा सके।

सरकारी आपूर्ति शृंखला सुरक्षित

छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) ने स्पष्ट किया है कि जिन दो कंपनियों के विरुद्ध अन्य राज्यों में कार्रवाई हुई है, उनकी राज्य में सरकारी आपूर्ति कभी नहीं रही है और वे सीजीएमएससी के डेटाबेस में पंजीकृत नहीं हैं।

लचर कानून व्यवस्था में जनता सहित पत्रकार भी असुरक्षित, कानून व्यवस्था ठीक करने सरगुजा आईजी को आप ने सौंपा ज्ञापन…

प्रदेश में अपराधों का बढ़ता ग्राफ, नियंत्रित करने में सरकार नाकाम -आप

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : आम आदमी पार्टी के ने सरगुजा संभाग की बिगड़ी हुई कानूनी व्यवस्था पर कहा है कि पूरे संभाग में कानून व्यवस्था बद से बदतर हो गयी है। जहां 1 नवम्बर 2025 से प्रदेश की भाजपा सरकार पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने जा रही है लेकिन पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में कुछ खामियाँ हैं जैसे कि सत्ता के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार की संभावना, मानवाधिकारों का हनन और व्यवस्था में निरंकुशता। देखने वाली बात होगी क्या यह प्रणाली छत्तीसगढ़ में सफल हो पायेगी? उन्होंने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ अभी भी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। मामला सूरजपुर जिले से प्रकाशित होने न वाला सिंधु स्वाभिमान समाचार-पत्र के संपादक प्रशांत पाण्डेय और उनकी टीम का है जिन्होंने  सूरजपुर जिले की लटोरी तहसील के तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा पर गंभीर आरोपों वाली खबरें प्रकाशित की थीं। आरोप था कि तहसीलदार ने बिना कलेक्टर की अनुमति और पटवारी की रिपोर्ट के फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री की। इस पर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। मामला अभी भी जांचाधीन है। मामले में गंभीर विषय ये रहा कि संपादक को रास्ते से हटाने के लिए आरोपियों ने आपसी सांठगांठ कर सुपारी किलर के माध्यम से हत्या की तीन अलग-अलग योजनाएं बनाईं थी। पत्रकार ने गांधी नगर थाने में शिकायत के साथ पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों शिकायत के बाद भी अभी तक पुलिस द्वारा कोई FIR तक दर्ज नहीं किया गया है, क्या इसमें सम्बंधित थाना प्रभारी की आरोपियों से मिलीभगत है इसकी जांच होनी चाहिए।

साथ ही सुरजपुर जिले के रामानुजनगर थाने में पीड़ित द्वारा हत्या के खतरे की पुलिस को सूचना के बावजूद पुलिस के लापरवाह रवैए के वजह से एक परिवार के दो लोगों पिता त्रिवेणी 35 वर्षीय पुत्र राजा बाबू 19 वर्ष की बोलेरो वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।

कोरिया जिले में सोनहत में भी इसी तरह से 26 सितंबर की रात पिकअप की टक्कर से बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई थी पहले इसे दुर्घटना बताया गया था इस सम्बन्ध में मृत व्यक्तियों ने घटना के कुछ दिनों पहले थाने में शिकायत भी किया था लेकिन टी आई ने गंभीरता से कार्यवाही नहीं किया और आरोपियों के हौंसले बुलंद हुए और उन्होंने वाहन से कुचलकर दो लोगों की हत्या कर दी

प्रदेश संगठन मंत्री अलेक्जेंडर केरकेट्टा ने कहा कि अंबिकापुर में 2 अक्टूबर को पेट्रोल पंप में ड्यूटी पर तैनात 27 वर्षीय युवती की दिनदहाड़े चाकू से ताबड़तोड़ हमला हत्या कर दी जाती है। उसके बाद लगातार 2 और अलग अलग चाकूबाजी की घटनाओं सहित दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान कांग्रेस नेता दिलीप धर पर धारदार हथियारों से हमला, शहर में एक ही रात में 14 घरों के ताला तोड़कर चोरी की घटना हुई लेकिन पुलिस तंत्र इनको रोकने में नाकामयाब रही है, सरगुजा संभाग में में नशीली दवाइयां का व्यापार तो धड़ले से चल रहा है, लेकिन अभी तक इस मामलों में कोई बड़ी कार्रवाई प्रशासन द्वारा नहीं की गई।

लोकसभा सचिव लव कुमार ने कहा कि एनसीआरबी की नई रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ ऑनलाइन सट्टा जुआ मामले में नंबर वन बना हुआ है। प्रदेश में बुजुर्ग सुरक्षित नहीं है। राज्य में देश के मुकाबले क्राइम रेट बढ़ा है। राज्य में साइबर क्राइम और फ्रॉड लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महिलाओं से जुड़ी घटनाएं और यौन उत्पीड़न के मामले साल दर साल बढ़ते जा रहें हैं। सबसे चौकाने वाले आंकड़े यह रहे की 2023 में राज्य में भ्रष्टाचार का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ है। वहीं महिलाओं के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में 2023 में 1171 मामले दर्ज हुए हैं। राज्य में चाकू बाजी की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं जिसमें 1571 घटनाएं घटी जिसमें 958 हत्या के और 687 हत्या की कोशिश के केस दर्ज हुए हैं। राज्य में बच्चों के खिलाफ 5904 घटनाएं घटी। राज्य में 2023 में 5193 सड़क हादसे हुए इसमें 6020 लोगों की मौत हुई साथ ही फैक्ट्री हादसे या लापरवाही से 821 मौतें भी हुई हैं। राज्य में 2023 में 4962 बच्चे लापता हुए जिसमें 908 लड़कियां और 4054 लड़के  हैं। पर्यावरण संबंधित 2023 में 229 मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों से साफ दिखता है कि छत्तीसगढ़ में कानून व्यवस्था फेल रही है फिर चाहे कांग्रेस की सरकार हो या भाजपा की।

आम आदमी पार्टी मांग करती है कि प्रदेश के गृहमंत्री जी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उनसे प्रदेश की कानून व्यवस्था संभाल नहीं रही है और यदि कानून व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो आम आदमी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी ।
कार्यक्रम में आप नेता रामेश्वर विश्वकर्मा, जिला सचिव नूर हसन, राजेश गुप्ता शामिल रहे।

डिगमा में हुए पूर्व सरपंच बहू की हत्या मामले का खुलासा, हत्यारे ने इस वजह से की थी पत्नी की हत्या…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : डिगमा में हुए पूर्व सरपंच बहू की हत्या मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। हत्या की वजह बच्चों के साथ महिला द्वारा की गई मारपीट थी। पत्नी द्वारा बच्चों के साथ मारपीट की गई थी जिससे नाराज होकर पति द्वारा उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई थी।

मिली जानकारी के अनुसार मृतिका शीला सोन्हा के द्वारा किसी बात से नाराज होकर अपने छोटे बच्चे को पीटा गया था जिससे उसका पति उमाशंकर सोन्हा नाराज हो गया और अपनी पत्नी को बच्चे से मारपीट कर रही हैं कहते हुए गाली गलौज कर गला दबाकर पटक दिया जिससे शीला की मौत हो गई थी।

सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा घटना दिनांक 04/10/25 को ही आरोपी उमाशंकर को गिरफ्तार कर लिया गया था और आज पुलिस द्वारा इस मामले को खुलासा करते हुए आरोपी को न्यायालय पेश कर दिया है।

सरगुजा पुलिस विभाग में तबादले, 6 निरीक्षकों के प्रभार में हुए परिवर्तन, देखें आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल द्वारा कल देर शाम 6 निरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। जारी आदेश में अंबिकापुर कोतवाली प्रभारी मनीष सिंह परिहार को थाना लखनपुर भेजा गया है, वही थाना प्रभारी लखनपुर शशिकांत सिंह को कोतवाली अंबिकापुर का प्रभारी बनाया गया है। अजय कुमार खेस को थाना प्रभारी अजाक थाना अंबिकापुर, दुर्गेश्वरी चौबे को रक्षित केंद्र अंबिकापुर प्रभारी पुलिस कंट्रोल रूम अम्बिकापुर, सी. आर. चंद्रा को थाना प्रभारी सीतापुर और राजेश खलखो को थाना प्रभारी दरिमा बनाया गया हैं।

देखें आदेश :

किसानों को धान विक्रय के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य, डिजिटल क्रांति की दिशा में बड़ा कदम…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ सरकार किसानों के जीवन में तकनीक के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में अब राज्य में एग्रीस्टैक पोर्टल को तेजी से लागू किया जा रहा है। यह पोर्टल किसानों के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक संरचना है, जो खेती से जुड़ी सभी प्रमुख जानकारियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।

क्या है एग्रीस्टैक पोर्टल?
एग्रीस्टैक एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम है, जिसमें किसान की पहचान, जमीन का रिकॉर्ड, फसल की जानकारी और कृषि संबंधी गतिविधियों का पूरा विवरण एकीकृत रूप से दर्ज किया जाता है। इस डेटा का उपयोग किसान की सहमति से ही साझा किया जाता है, जिससे उसकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

धान विक्रय के लिए अनिवार्य पंजीयन
इस वर्ष राज्य में सहकारी समितियों के माध्यम से धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पारदर्शिता लाने और किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके खाते तक पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

किसानों को मिल रहे सीधे लाभ
एग्रीस्टैक पोर्टल के माध्यम से किसानों को अब योजनाओं, सब्सिडियों और सहायता राशि की जानकारी सीधे मिल रही है। इससे न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी, बल्कि लाभ वितरण की प्रक्रिया भी तेज और पारदर्शिता आएगी।

पंजीकरण की प्रक्रिया सरल और निशुल्क
किसानों के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद आसान है। किसान अपने आधार कार्ड और ऋण पुस्तिका के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या अपनी सहकारी सोसायटी में जाकर निशुल्क पंजीकरण करवा सकते हैं। पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है और किसान को तुरंत डिजिटल पहचान प्रदान की जाती है।

24 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं
राज्यभर में अब तक 24 लाख से अधिक किसानों ने एग्रीस्टैक पोर्टल से जुड़कर डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ उठाना शुरू कर दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी रबी सत्र तक राज्य के सभी पात्र किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़कर लाभ उठाना सुनिश्चित करें।

“डिजिटल खेती, समृद्ध किसान”
एग्रीस्टैक पोर्टल भविष्य में कृषि योजनाओं की रीढ़ साबित होगा। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि खेती को वैज्ञानिक, योजनाबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।

लटोरी तहसीलदार कारनामा पार्ट 4 : खबरों पर रोक लगाने रची हत्या की साजिश, लेकिन अफसोस रोक लगा पाना संभव नहीं, पढ़े एक और कारनामा…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर: गलती एक बार होती है दो बार होती है तीन बार होती है लेकिन अगर कोई इंसान एक ही गलती बार-बार करे तो उसे गलती नहीं बल्कि अपराध कहा जाता है।इसी तर्ज पर लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा को आदतन अपराधी कहा जा सकता है..?? जिनके द्वारा एक ही गलती को बार-बार दोहराया गया और लाभ लेने की नीयत से कई ऐसी जमीनों की रजिस्ट्री कर दी गई जिनकी रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के हो पाना संभव ही नहीं था। इससे पहले हमारे द्वारा तीन रजिस्ट्री की जानकारी के साथ खबरें प्रकाशित की गई थी आज हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे तहसीलदार द्वारा एक और रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के कर दी गई है।

दरअसल लटोरी तहसील अंतर्गत आने वाली जमीन खसरा नंबर 211/2 में से 0.09 हेक्टेयर भूमि सुमन प्रसाद सिंह द्वारा संतोष कुमार सिंह को बेचा गया है जबकि यह जमीन शासन से प्राप्त जमीन है और इस जमीन की रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के नहीं हो सकती है बावजूद इसके 27/05/2025 को इस जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई।

भुइयां पोर्टल पर स्पष्ट निर्देशित कैफियत शासन से प्राप्त भूमि

जैसा कि हम पहले भी कहते आए हैं लटोरी तहसीलदार अपने आप को कलेक्टर से भी ऊपर समझते हैं और अपने मुख्यमंत्री के करीबी होने का सदैव फायदा उठाने का काम उनके द्वारा किया जाता रहा है और इसी तर्ज पर वे बिना किसी डर के बेझिझक नियम विरुद्ध काम करते आ रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है उनकी गलती होने पर भी मुख्यमंत्री के रिश्तेदार होने के कारण उन पर कार्यवाही का दुस्साहस कोई नहीं कर पाएगा। जब तक बीजेपी का शासन है और जब तक उनके मामा सीएम है तब तक तो वे अपना राजपाट चला ही सकते हैं भले ही शासन बदलते ही और मुख्यमंत्री बदलते ही उन पर कार्यवाही हो जाए लेकिन जब तक मामा सीएम है तब तक तो वे सुरक्षित है।

सीएम नाम का फायदा उठाना और नियमों की अनदेखी करना आदत में शुमार

नियमों की अनदेखी कर वे अपने पद का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं, लेकिन सीएम के नाम का फायदा उठाकर हर मुसीबत से बच जाते हैं ना तो उन पर कोई कार्यवाही होती है और न ही निकट भविष्य में कोई कार्यवाही होती नजर आ रही हैं।

इस तरह की फर्जी रजिस्ट्री के और भी कागज मौजूद

तहसीलदार साहब द्वारा कैसे अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शासकीय मत से प्राप्त भूमियों की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कर दी गई है इसके और भी प्रमाण हमारे पास मौजूद है लेकिन हम इन सब का खुलासा धीरे-धीरे करना पसंद करेंगे क्योंकि इन सभी कागजों की जांच करने में थोड़ा समय लगता है। तहसीलदार साहब को एक-एक कर मिल रहे नोटिसों से हो रही परेशानी के लिए हमें खेद हैं। 

दंडाधिकारी बन हमारी दुःसाहस के लिए सुना चुके हैं मौत का फरमान

आपको बता दे की यह वही अधिकारी है जिनके द्वारा अपने चेहरे दलालों के साथ सांठ गांठ कर हमारे खबरों से परेशान होकर हिंद स्वराष्ट्र के सह संपादक और सिंधु स्वाभिमान के संपादक प्रशांत पाण्डेय की हत्या की साजिश रची गई थी।

पढ़े इससे पहले उनके कारनामों के खुलासे वाली खबरें :

क्या सरगुजा पुलिस कर रही संपादक के मौत का इंतजार…सारे सबूतों के बावजूद FIR दर्ज नहीं करना सरगुजा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठा रहा सवाल, कल सामाजिक संगठनो द्वारा IG कार्यालय का किया जाएगा घेराव…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आईजी सरगुजा से शिकायत के 10 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों के विरुद्ध सरगुजा पुलिस अपराध दर्ज नहीं कर पाई हैं…जांच के नाम पर SDOP  राहुल बंसल द्वारा मामले की लीपापोती का कार्य किया जा रहा हैं। एसडीओपी की यह कार्य प्रणाली कहीं ना कहीं हमारे मन में यह सवाल खड़ी कर रही है कि क्या कथित तौर पर तहसीलदार के मुख्यमंत्री के रिश्तेदार होने की वजह उन्हें अपने कलम चलाने से रोक रही है..? 2022 के IPS अधिकारी क्या अपना पुलिसिया प्रोफेशन स्टार्ट होने से पहले खत्म नहीं करना चाह रहे हैं या उनमें अब तक अपराधियों के विरुद्ध कार्यवाही का साहस नहीं आ पाया हैं..? मूलतः राजस्थान के निवासी एसडीओपी की हिंदी कमजोर हैं या फिर उन्हें सरगुजा की लोकल भाषा और टोन की जानकारी नहीं हैं जो साफ साफ सामने आए वीडियो और ऑडियो सबूत उनके पल्ले नहीं पड़ रहे हैं…?? आपको बता दे की एसडीओपी राहुल बंसल इससे पहले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, फॉरेस्ट डिपार्मेंट और प्राइवेट सेक्टर में भी काम कर चुके हैं, पुलिस विभाग पहला ऐसा विभाग है जहां वह पिछले 3 साल से कार्यरत है। संभवत वह इसे अपना फ्यूचर डिपार्टमेंट भी बनाना चाहते हो इसीलिए ऐसे किसी मामले में अपना कलम नहीं फंसाना चाह रहे हैं जिससे उनपर भविष्य में कोई गाज गिर जाए..?

थाने में भी सबूतों के साथ दिया गया आवेदन लेकिन थानेदार ने नहीं उठाई FIR दर्ज करने की जहमत….

इस मामले में पुलिस थाना गांधीनगर में भी एक आवेदन संलग्न दस्तावेजों और साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत की गई हैं लेकिन बावजूद इसके अब तक इस मामले में FIR दर्ज नहीं की गई हैं। आपको बता दे की आवेदन देने के दौरान हमें तीन स्टार द्वारा बताया गया कि किसी की हत्या की प्लानिंग करना कोई अपराध नहीं होता इस पर कोई धारा नहीं बनती हैं। ऐसे में हमें लगता है कि शायद अपराध दर्ज करवाने और पुलिस से सहायता प्राप्त करने के लिए हमें अपनी जिंदगी को कुर्बान करना होगा और मौत के बाद ही हमें न्याय मिल पाएगा।

दो लापरवाही चार मौतें सबक शून्य

पिछले 15–20 दिनों में सरगुजा संभाग में पुलिस की लापरवाही से 4 लोगों की जान जा चुकी हैं लेकिन इन हत्याओं से पुलिस द्वारा अब तक कोई सबक नहीं लिया गया है। भले ही पुलिस महानिरीक्षक द्वारा कार्यवाही करते हुए 2 निरीक्षकों को निलम्बित कर दिया हैं। आपको बता दें कि पुलिस वालों को लापरवाही की ऐसी सजा मिलती है जिसे पुलिसवालों की ही भाषा में कहे तो सजा नहीं मजा है…. जहां ना तो ड्यूटी करनी होती है ना कोई काम हर महीने सैलरी का हो जाता हैं इंतजाम….

लेकिन सवाल यह उठता है कि जिनकी जिंदगी चली गई जिनके परिवार तबाह हो गए उनका क्या…??? किसी के निलंबन मात्र से क्या वापस मिल जाती है जिंदगी…??

पूरे देश दुनिया को दिखा सबूत लेकिन एसडीओपी राहुल बंसल की नजरों में पड़ी है ऐसी पट्टी की नहीं दिख रहा उन्हें कोई सबूत

आपको बता दे की कुछ दिन पूर्व हरिओम गुप्ता और उसके पिता संजय गुप्ता सिंधु स्वाभिमान के संपादक प्रशांत पाण्डेय के विरुद्ध शिकायत दर्ज करवाने खड़गवां चौकी पहुंचे थे जहां उनके द्वारा एक पत्रकार को बुलाकर अपना पक्ष भी रखा गया था जिस पर उनके द्वारा अपना बयान देते हुए संपादक प्रशांत पाण्डेय पर कई आरोप लगाए थे लेकिन इस बात को भी माना था की उनके द्वारा तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के कहने पर प्रशांत पाण्डेय को फोन किया गया था और खबर लगाने से मना किया गया था।

आरोप–प्रत्यारोप के बीच खुल गई खुद की पोल… देखे कैसे पिता–पुत्र ने स्वीकारा कि फोन कर संपादक को खबर प्रकाशन से किया था मना

इससे पहले हमारे द्वारा एक वीडियो भी साझा किया गया था जिसमें संजय गुप्ता द्वारा स्वयं सुपारी देने की बात स्वीकारते हुए माफी मांगी थी इतनी पर्याप्त सबूत होने के बावजूद राहुल बंसल आंखों में पट्टी बांधकर जांच कर रहे हैं और उनका कहना है कि उनके द्वारा आरोपियों को नोटिस जारी किया जा रहा है ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब पर्याप्त सबूत हमारे पास उपलब्ध है तो उन्हें नोटिस जारी करने की क्या आवश्यकता पड़ गई..?? इससे पहले उनके द्वारा स्वयं बोला गया था की पर्याप्त सबूत होने के कारण इस मामले में जांच की आवश्यकता नहीं है केवल बयान लेकर अपराध दर्ज कर लिया जाएगा लेकिन बयान दर्ज होने के बावजूद आजकल आजकल करते-करते 10 दिन बीत गए हैं लेकिन ना तो उनके द्वारा अनावेदक पक्ष का बयान लिया जा रहा है नहीं अपराध पंजीबद्ध किया जा रहा है।

ग्राम सभा के दौरान सुपारी देने की बात स्वीकारते हुए माफी मांगने का वीडियो

हत्या की कोशिश और प्लानिंग कैसे बची जान सुने पूरे मामले को 👇

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हत्या के प्रयास की सीसीटीवी फुटेज

सबको न्याय दिलाने वाले पत्रकार खुद न्याय के लिए भटकने को मजबूर

दूसरों के हक की लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार अपने हक के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो गए हैं, पुलिस की कार्यप्रणाली से पत्रकारों के मन में निराशा है और पुलिस विभाग के प्रति मन में अविश्वास और असंतोष जाग रहा हैं।

समाजसेवी संगठन द्वारा कल किया जाएगा आईजी कार्यालय का घेराव

इससे पहले समाजसेवी संगठनो द्वारा ज्ञापन सौंप जल्द आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही और अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की गई थी, लेकिन बावजूद इसके अब तक इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज नहीं किया गया है जिसकी वजह से कल समाजसेवी संगठन और आम नागरिक सड़क पर उतरने को मजबूर हो गए हैं और कल उनके द्वारा आईजी कार्यालय का घेराव कर संपादक प्रशांत पाण्डेय और उनके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जाएगी।

कांग्रेस जिला सचिव और उनके परिवार पर चाकू–डंडे से हमला, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर से लगे सेमराबांध में कल दुर्गा विसर्जन के दौरान रात करीब 8 से 9 बजे के दरम्यान कांग्रेस के जिला सचिव दिलीप धर और उनके परिवार पर कुछ लोगों द्वारा लाठी डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। इस हादसे में दिलीप धर समेत उनके बड़े भाई और उनके बेटे को चोटें आई हैं, दिलीप धर और उनके बड़े भाई के सिर पर गंभीर चोट के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 2 रविंद्र नाथ टैगोर वार्ड के भगवानपुर में नवयुवक दुर्गा पूजा संघ द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया था और कल मूर्ति विसर्जन और शोभायात्रा रखी गई थी। इसी दौरान कल पूर्व सुनियोजित योजना के तहत अमर पाण्डेय निवासी डिगमा, विनीत बोस आ. समीर बोस निवासी डिगमा, विशाल घोष निवासी तुरापानी, विशाल मजुमदार निवासी भगवानपुर, पवन विश्वास निवासी डिगमा,  उज्जवल विश्वास निवासी डिगमा थाना गांधीनगर समेत 10–12 लड़के लाठी डंडे तलवार बैट से लैस होकर सरगुजा और सूरजपुर सीमा के बॉर्डर में सेमराबांध पहुंचे और मौका देखकर इन्होंने अचानक दिलीप धर और उनके बड़े भाई राजेश धर और दिलीप धर के बेटे दीपेश और भांजे आलोक पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले ने उन्हें संभलने का मौका भी नहीं दिया और इस हमले में दिलीप धर और उनके भाई के सिर सहित हाथ पैर में गंभीर चोटे आई हैं जिनका इलाज जारी हैं।

बताया जा रहा हैं कि ये सभी गंभीर रूप से घायल अवस्था में गांधीनगर थाने पहुंचे थे जहां से उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया था। वहीं दिलीप धर के बेटे दीपेश धर की शिकायत पर गांधीनगर थाना पुलिस द्वारा अमर पाण्डेय, विनीत बोस, विशाल घोष, विशाल मजुमदार, पवन विश्वास और उज्जवल विश्वास के विरुद्ध धारा 296, 351(3), 115(2), 191(2), 191(3), 190 BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर केस डायरी जयनगर थाने को भेज दिया हैं। वहीं परिजनों का आरोप है कि यह सभी आरोपी अपराधी प्रवृत्ति के लोग हैं और उनके विरुद्ध गांधीनगर थाने में कई अपराध पंजीबद्ध है।

रायपुर से शुरू हुई चाकू बाजी की घटना फैल रही पूरे प्रदेश में अब अंबिकापुर में दिनदहाड़े युवती की चाकू मार कर हुई हत्या…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पिछले एक-दो वर्षों से रायपुर संभाग और रायपुर में हो रही चाकूबाजी की घटनाओं पर पुलिस द्वार अंकुश ना लगा पाने का नतीजा अब पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। पुलिस की नाकामी का नतीजा यह है कि अब प्रदेश के छोटे-मोटे शहरों में भी चाकू बाजी की लगातार घटनाएं घट रही हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने का मामला आज अंबिकापुर शहर से निकल कर आया हैं, जहां दिनदहाड़े एक युवक द्वारा पेट्रोल पंप में कार्य करने वाली एक युवती की चाकू मार कर हत्या कर दी।

मिली जानकारी के अनुसार मृतिका युवती विद्यावती टोप्पो उर्फ भारती बलरामपुर जिले के निवासी थी और रिंग रोड स्थित श्री कृपा फ्यूल्स में काम करती थी उसकी दोस्ती बलरामपुर जिले के ही एक युवक जोगेंद्र पैंकरा से थी। जोगेंद्र पिछले दो-तीन दिनों से लगातार युवती से मिलने कृपा फ्यूल्स में आया करता था आज भी युवक मृतिका से मिलने आया था और इसी दौरान उसने युवती पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ हमले कर दिए इस हमले से युवती गंभीर रूप से घायल हो गई जिस उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत  घोषित कर दिया। यह घटना सुबह 11:30 की बताई जा रही है इस घटना के दौरान बीच बचाव करने आए पेट्रोल पंप के एक कर्मचारी को भी चाकू लग गया जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया हैं।

इस हादसे के बाद मृतका के साथ पेट्रोल पंप में कार्य करने वाले दूसरे कर्मचारियों का कहना है कि युवती और उसके हत्यारे के बीच पहले प्रेम संबंध था लेकिन युवक मृतिका पर किसी और युवक से बात करने का शक करता था जिसकी वजह से उनके बीच बातचीत बंद हो गई थी लेकिन युवक फिर भी मृतिका के पीछे पड़ा हुआ था और अब आज उसने इस घटना को अंजाम दे दिया।

किराना दुकान में में बेच रहा था गांजा, पुलिस ने किया गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के सख्त निर्देश पर थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा लगातार अवैध कारोबार, सूखा नशा एवं मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में दिनांक 29.09.2025 को चौकी लटोरी पुलिस को मुखबीर ने सूचना दिया कि ग्राम महेशपुर निवासी भईयालाल चौधरी अपने किराना दुकान में अवैध मादक पदार्थ गांजा की बिक्री कर रहा है। सूचना के फौरन बाद चौकी लटोरी पुलिस मौके पर पहुंची। जहां विधिवत् किराना दुकान में दबिश देकर 1 किलो 595 ग्राम गांजा भईयालाल चौधरी उर्फ लउवा पिता बुद्धुराम के कब्जे बरामद किया जिसकी कीमत करीब 60 हजार रूपये है। मामले में गांजा जप्त कर धारा 20बी एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में चौकी प्रभारी लटोरी अरुण गुप्ता, आरक्षक विकास मिश्रा, शोभनाथ कुशवाहा, सुनील एक्का, कुंदलाल राजवाड़े, मनोज सिरदार, दिलेश्वर सिंह, महिला आरक्षक मालती एक्का व सुनीता सोनपाकर सक्रिय रहे।

शराब पीकर ड्यूटी करने वाला आरक्षक निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने अनुशासनहीनता, उदासीनता व स्वेच्छाचारी आचरण को लेकर सख्त कार्रवाई करते हुए एक आरक्षक को निलंबित कर दिया है। दिनांक 29.09.2025 को पुलिस लाईन में पदस्थ आरक्षक विकास तिग्गा ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिला जिस पर रक्षित निरीक्षक सूरजपुर के द्वारा आरक्षक का डॉक्टरी मुलाहिजा जिला चिकित्सालय सूरजपुर से कराया। आरक्षक के मुलाहिजा रिपोर्ट में शराब का सेवन करना पाए जाने पर रक्षित निरीक्षक के द्वारा इस बावत् प्रतिवेदन डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर को भेजा जिस उन्होंने तत्काल प्रभाव से आरक्षक विकास तिग्गा को निलंबित कर रक्षित केन्द्र सूरजपुर सम्बद्ध कर दिया है।
डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर ने कड़ी चेतावनी दी है कि विभाग में किसी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। लापरवाही पर सख्त कार्यवाही होगी वहीं उत्कृष्ट कार्य पर पुरस्कृत किया जायेगा।

कुटुंब न्यायालय का रेलिंग और छज्जा गिरा, वकील और पक्षकार समेत कई घायल…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आज दोपहर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कुटुंब न्यायालय में अचानक न्यायालय भवन की ऊपरी मंजिल से रेलिंग और छज्जे का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। अचानक घटे इस घटना से आस पास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। हादसे की तेज आवाज सुनते ही आसपास के सभी कार्यालयों से लोग बाहर निकल आए। इस हादसे में न्यायालय परिसर में उपस्थित कुछ लोग घायल हो गए। घटना के बाद परिवार न्यायाधीश के वाहन सहित जमीन पर बड़े-बड़े ईंट-पत्थर के टुकड़े बिखर गए। 

मिली जानकारी के अनुसार घटना दोपहर लगभग 12:40 बजे हुई। हादसे के दौरान मौके पर खड़े एक पक्षकार श्याम कृष्ण दास के हाथ में गंभीर चोट आई और उनके हाथ की हड्डी टूट गई। वहीं एक अधिवक्ता प्रियेश सिंह भी मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए हैं। बताया जा रहा हैं कि हादसे के समय बड़ी संख्या में लोग पास खड़े थे, लेकिन वे सभी इस हादसे में बाल-बाल बच गए। आपको बता दें कि सोमवार होने के कारण आज न्यायालय में बहुत ज्यादा भीड़ थी। ऐसे में अचानक छत का हिस्सा गिरने से परिसर में भगदड़ की स्थिति बन गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
वहीं इस घटना के बाद स्थानीय अधिवक्ताओं ने प्रशासन से इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत न्यायालय भवन की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की हैं।

कौन है वह पुलिस वाले जिनके संरक्षण में पत्रकार प्रशांत पाण्डेय की हत्या की हो रही साजिश..?? सुनिए एक और कॉल रिकॉर्डिंग…कैसे चोर चोर बने मौसेरे भाई…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र की संपादक मृण्मयी पाण्डेय के पति और सिंधु स्वाभिमान समाचारपत्र के संपादक प्रशांत कुमार पाण्डेय की हत्या की साजिश में एक पुलिस वाले का नाम भी निकलकर सामने आ रहा हैं। हमें प्राप्त एक वॉयस कॉल रिकॉर्डिंग में सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के सिरसी ग्राम पंचायत के प्रेमचंद ठाकुर और लटोरी विकासखंड के ग्राम हरिपुर निवासी संजय गुप्ता के बेटे हरिओम गुप्ता के बीच बातचीत हो रही हैं जहां हरिओम गुप्ता द्वारा पैसे देकर मारपीट और हत्या की बात कही जा रही हैं और साथ ही साथ कुछ पुलिस वालों का भी नाम लिया जा रहा हैं। इस रिकॉर्डिंग में आप सुन सकते हैं कि कैसे हमारे द्वारा लगाई गई खबरों से ये सभी लोग परेशान नजर आ रहे हैं और आपस में एक होकर सबक सिखाने और गुंडों को पैसे देकर पिटवाने की बात कर रहे हैं। इस ऑडियो में हरिओम गुप्ता 13 हजार रुपयों में सुपारी लेकर हुई एक हत्या का भी जिक्र करते हुए सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में हरिओम और प्रेम द्वारा हमारी खबरों से सभी के परेशान होने की बात कहीं जा रही हैं वहीं उनके द्वारा एक पुलिस वाले का भी नाम लिया जा रहा हैं जिसके द्वारा इनको अभी शांत रहने और बाद में देखें जाने की सलाह दी गई हैं।

प्रेम ठाकुर और हरिओम गुप्ता के बीच हुई बातचीत

ऐसे में सवाल यह उठता हैं कि यदि ये सभी जमीन दलाल सही हैं और हमारे द्वारा बेवजह इनको परेशान किया जा रहा था तो ये कोर्ट या पुलिस के शरण में क्यों नहीं गए..?

क्या ये लोग स्वयं को जज समझते हैं जो इनके द्वारा सजाए मौत की सजा सुना दी गई..?

या फिर ऐसे ही इनके कई राज है जिनसे पर्दा उठना अभी बाकी हैं जिनके बाहर आने का डर इनको लगातार बना हुआ है और कहीं इस मामले में इन पर कोई कार्रवाई न हो जाए इसलिए हत्या की साजिश रच रहे हैं.??

आखिर वो पुलिस वाले कौन हैं जिनका इन्हें संरक्षण प्राप्त हैं..?

फर्जी आदेश के आधार पर सरकारी जमीन कराई अपने नाम, एसडीएम के आदेश पर एफआईआर दर्ज…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : शासकीय जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम कराकर फर्जीवाड़ा मामले में सूरजपुर एसडीएम ने एक्शन लेते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करा आगे की कार्यवाही कर रही हैं।

दरअसल रंदीप सिंह, निवासी ग्राम मदनपुर, तहसील लटोरी के द्वारा राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर के प्रकरण में पारित आदेश की फर्जी प्रति तैयार की गई थी और इस कूटरचित एवं फर्जी दस्तावेज के आधार पर आरोपी द्वारा ग्राम मदनपुर स्थित शासकीय भूमि को अपने नाम दर्ज कराकर लाभ उठाया जा रहा था और कुछ लाभ लेने के लिए एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था जिस पर न्याया. अ.वि.अ. (रा.) सूरजपुर के द्वारा राजस्व प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई थी। राजस्व मण्डल छत्तीसगढ़ बिलासपुर के पत्र प्राप्त होने पर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सूरजपुर के द्वारा इस मामले की जांच की गई, जिसमें दस्तावेज के जाली होने की पुष्टि हुई जिसपर न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सूरजपुर द्वारा लटोरी तहसीलदार को संबंधित के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कराने के आदेश दिए गए। जिसपर तहसीलदार लटोरी की शिकायत पर रंदिप सिंह आ.सुरजीत सिंह के विरूद्ध थाना जयनगर में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।

खबर प्रकाशन के बाद चौकी से छूटा पत्रकार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : हिंद स्वराष्ट्र के पत्रकार मुकेश गुप्ता को अन्ततः बसदई चौकी पुलिस द्वारा छोड़ दिया गया हैं। खबर प्रकाशन के बाद उन्हें पुलिस द्वारा समझाइश देकर छोड़ा गया हैं। कलेक्टर को देर रात फोन करने के मामले में उन्हें पुलिस द्वारा उठाया गया था।

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