हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : बिलासपुर रेलवे डिवीजन अंतर्गत लालखदान क्षेत्र में शाम करीब 4 बजे एक दिल दहला देने वाला ट्रेन हादसा हो गया। जहां हावड़ा रूट पर चल रही एक पैसेंजर मेमू ट्रेन का एक डिब्बा अचानक मालगाड़ी से आमने-सामने टकरा गया। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 5 यात्रियों की मौत हो गई है, जबकि दर्जनों यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में कुछ की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। हादसा बिलासपुर स्टेशन से महज कुछ किलोमीटर दूर लालखदान के पास हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेमू ट्रेन हावड़ा की ओर जा रही थी, तभी विपरीत दिशा से आ रही मालगाड़ी से उसकी भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद मेमू ट्रेन का आगे का डिब्बा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि मालगाड़ी के इंजन में भी गंभीर नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद यात्रियों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें और धुएं का गुबार पूरे इलाके में फैल गया। कई यात्री डिब्बों में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मियों ने किसी तरह बाहर निकाला।
रेलवे प्रशासन ने तुरंत हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन टीमों को रवाना कर दिया। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। बिलासपुर के सरकारी और निजी अस्पतालों में विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की देखभाल कर रही है। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि परिजन अपने यात्रियों की जानकारी प्राप्त कर सकें. इसके अलावा, एनडीआरएफ और स्थानीय रेस्क्यू टीम्स मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में जुटी हुई हैं। पटरी से उतरे डिब्बों को हटाने और क्षतिग्रस्त ट्रैक की मरम्मत के लिए क्रेन और मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। हादसे के कारण हावड़ा रूट पर ट्रेन परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। कई एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि कुछ को वैकल्पिक रूटों से डायवर्ट किया जा रहा है। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने और अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करने की अपील की है। प्रारंभिक जांच में सिग्नल फेलियर या मानवीय भूल को हादसे का कारण माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच के लिए एक उच्चस्तरीय कमिटी गठित की गई है। रेल मंत्री ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की है।
बड़ा ट्रेन हादसा : पैसेंजर मेमू ट्रेन और मालगाड़ी में टक्कर, 5 यात्रियों की मौत, दर्जनों घायल…
21 वर्षीय युवक बना हैवान, 5 साल की बच्ची से की हैवानियत, ग्रामीणों ने पकड़कर किया पुलिस के हवाले…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जंगली जानवरों से ज्यादा कुछ लोग बदत्तर होते हैं और ये इंसानरूपी दरिंदे अपनी दरिंदगी के सामने अपनी इंसानियत भूल कर किसी भी हद तक गुजर जाते हैं। ऐसे ही एक दरिंदे द्वारा अपनी इंसानियत को भूलते हुए कल शाम एक छोटी सी बच्ची से हैवानियत कर दी गई, जिसके बाद खून से लथपथ बच्ची दर्द से कराहती रही लेकिन दरिंदे को उसे पर दया नहीं आई और वह पास में बैठकर बच्ची को दर्द से कराहते देखता रहा।
दरअसल मामला सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र का हैं।जहां कल शाम एक युवक द्वारा पड़ोस की एक 5 साल की बच्ची को घर के बाहर खेलते देखकर उसे अपने साथ अपने घर ले जाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। बच्ची के साथ दुष्कर्म के वक्त बच्ची को दर्द होने की वजह से वह चिल्लाने लगी जिस पर युवक द्वारा उसका मुंह दबाकर उसके साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया, इस घटना के बाद बच्ची के प्राइवेट पार्ट से खून निकलने लगा और तेज दर्द के कारण बच्ची जोर-जोर से कराहने लगी लेकिन युवक को बच्ची पर दया नहीं आया और वह बच्ची के पास ही बैठा रहा। युवक के घर से बच्ची के कराहने की आवाज सुनकर आसपास के लोग उसके घर पहुंचे जहां का नजारा देखकर सब आश्चर्य में पड़ गए जिसके बाद मौके पर बच्ची के माता पिता पहुंचे और बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर रेफर कर दिया गया। बच्ची का इलाज मेडिकल कॉलेज अस्पताल में जारी हैं जहां बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई हैं। वहीं इस हादसे के बाद ग्रामीणों द्वारा आरोपी युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया हैं।
पुलिस द्वारा आरोपी युवक रोशन टोप्पो पिता राम किशुन टोप्पो 21 वर्ष मूल निवास जगन्नाथपुर, वर्तमान निवास शांतिनगर के विरुद्ध बीएनएस 65(2) और पाक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत अपराध दर्ज कर लिया हैं।
प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते के जाति प्रमाणपत्र का मामला गरमाया, हाईकोर्ट आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं, आंदोलन की चेतावनी…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर विशेष रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते का जाति प्रमाणपत्र कथित रूप से फर्जी व कुट–रचित बताते हुए क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक विवाद गहराता जा रहा है। आदिवासी समाज ने प्रमाणपत्र रद्द करने की मांग उठाई है और प्रशासन पर कार्रवाई के लिए दबाव बना दिया है।
जाति प्रमाणपत्र पर गंभीर आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोप है कि विधायक पोर्ते का जाति प्रमाणपत्र उनके पिता के दस्तावेजों के आधार पर नहीं, बल्कि बिना वैधानिक आधार के जारी किया गया है। आरोपपत्र में कहा गया है कि विधायक और उनके पति में से किसी के भी मूल जातीय दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, फिर भी उन्हें प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया।
आवेदन के बाद प्रशासनिक जांच में ‘दस्तावेजों की कमी’ सामने आई
इस मामले की जांच के लिए स्थानीय स्तर पर आवेदन दिया गया था। बताया गया कि जांच में किसी भी वैध दस्तावेज के आधार के बिना प्रमाणपत्र जारी होने की पुष्टि हुई।
अनुविभागीय अधिकारी अम्बिकापुर एवं अम्बिकापुर परियोजना कार्यालय द्वारा भी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न होने का उल्लेख किया गया।
मामला हाईकोर्ट में — आदेश के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
आदिवासी समाज ने इस मामले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। मामले पर 17 जून 2025 को बिलासपुर हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए जिला स्तरीय और उच्च स्तरीय छानबीन समिति को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
आरोप है कि चार महीने बीतने के बाद भी जाति प्रमाणपत्र निरस्त नहीं किया गया, जिसके बाद समाजिक प्रतिनिधियों में नाराज़गी बढ़ गई है।
जिला स्तरीय सत्यापन समिति की कार्यवाही
जिला स्तरीय जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति द्वारा 28 अगस्त, 15 सितंबर व 29 सितंबर 2025 को नोटिस जारी किए गए और विधायक को दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया।
समिति की सुनवाई में विधायक के अनुपस्थित रहने की बात सामने आई, जिसके चलते समाज ने इसे जांच प्रक्रिया से बचने की कोशिश बताया है।
‘फर्जी आदिवासी बनकर चुनाव लड़ने’ का आरोप
आदिवासी समुदाय का कहना है कि कथित रूप से गलत प्रमाणपत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट से विधायक बनना सच्चे आदिवासियों के अधिकारों का हनन है।
समाज ने इसे राजनीतिक धोखाधड़ी बताते हुए कहा कि इससे पूरे आदिवासी समाज की भावनाएँ आहत हुई हैं।
आदिवासी समाज का अल्टीमेटम
आदिवासी समाज ने प्रशासन को 7 दिनों का समय दिया है। समाज ने घोषणा की है कि यदि निर्धारित समय में जाति प्रमाणपत्र निरस्त नहीं होता है, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे।
समाज ने स्पष्ट किया कि आंदोलन के दौरान यदि कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जन–प्रतिक्रिया और राजनीतिक तापमान
इस मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर गहमागहमी बढ़ गई है। आदिवासी समुदाय के नेताओं एवं क्षेत्रीय संगठनों ने कहा है कि यह मामला केवल जाति प्रमाणपत्र का नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न है।
दूसरी ओर विधायक पक्ष की ओर से अभी तक इस प्रकरण पर औपचारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
क्या है अगला चरण?
अब सबकी नज़रें जिला प्रशासन और समिति की आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं।
यदि प्रमाणपत्र निरस्त होता है, तो मामले का असर विधानसभा सदस्यता तक पड़ सकता है।
अगर प्रमाणपत्र वैध माना गया, तो विरोधी पक्ष आगे कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में है।
सूरजपुर जिले में खाद्यान्न घोटाला, कहीं कुंवारे लोगों के बन गए राशन कार्ड तो कही मुर्दों को भी मिल रहा राशन…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : राज्य भर में राज्य शासन द्वारा राशन कार्डों की फिजिकल वेरिफिकेशन का कार्य पूरा कर लिया गया है, इसके लिए शासन द्वारा 30 जून तक का समय दिया गया था हालांकि इस समयावधि को 1 माह के लिए बढ़ा दिया गया था, लेकिन बावजूद इसके सूरजपुर में राशन कार्ड में जमकर घोटाला किया जा रहा है और राशन कार्डों के फिजिकल वेरिफिकेशन के कार्य में गड़बड़ी करते हुए राशन की अपरातफरी की जा रही है। आपको बता दे कि जिले में अविवाहित युवकों के भी राशन कार्ड बन गए हैं तो कुछ ऐसे भी मामले हैं जहां मुर्दों को भी राशन मिल रहा है। जिले में शासकीय कर्मचारियों के भी गरीबी रेखा के कार्ड बन गए हैं और उन्हें राशन मिल रहा है।
दरअसल मामला सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड का हैं जहां हिंद स्वराष्ट्र की टीम ने जांच पड़ताल में पाया कि विकासखंड में कई ऐसे राशन कार्ड बने हुए हैं जिनका बनना निगम संगत नहीं हैं, वहीं नियम विरुद्ध तरीके से इन राशन कार्डों से खाद्यान्न का उठाव भी किया जा रहा हैं। आश्चर्य की बात यह हैं कि एक ऐसा पंचायत भी हैं जहां राशन वितरण का कार्य पंचायत के पंच द्वारा किया जा रहा हैं, जो कि पंचायत का एक जिम्मेदार नागरिक हैं जिसे इस बात की पूरी जानकारी हैं कि किन राशन कार्डों के मुखिया की मृत्यु हो गई हैं, उन कार्डों में भी उसके द्वारा मृतकों के नाम से लगातार राशन का वितरण किया जा रहा हैं।
खाद्य अधिकारी के पास नहीं हैं फोन उठाने का समय
आज के समय में अगर कोई पत्रकार निष्पक्ष होकर स्वतंत्र पत्रकारिता करते हैं और भ्रष्टाचारियों की पोल खोलते हैं, तो उनकी पत्रकारिता से भ्रष्ट, कामचोर अधिकारियों को काफी तकलीफ होती है और वे उन्हें अपना दुश्मन समझ बैठते हैं। सूरजपुर जिले में कई ऐसे भ्रष्ट अधिकारी है जिनको काम करना बिल्कुल पसंद नहीं आता है और यदि आप उनके विभाग के किसी मामले को उजागर करते हैं तो वे मामले की जांच और कार्यवाही करने की बजाए पत्रकार से ही उलझ जाते हैं और दो चार अपने खास चमचों से अपनी वाहवाही करवा कर खुश हो जाते हैं। खैर बात करे सूरजपुर जिले के खाद्य अधिकारी संदीप कुमार भगत की तो वे इतने व्यस्त रहते हैं कि उनके पास किसी का फोन उठाने का भी समय नहीं रहता हैं और न ही कॉल बैक करना उनके स्वभाव में शामिल हैं। केवल कुछ चुनिंदा लोगों के कॉल उठाने वाले खाद्य अधिकारी आम जनता के लिए भी अधिकारी हैं या केवल चुनिंदा लोगों के लिए यह तो समझ से पड़े हैं।
जानकारी देने के बावजूद नहीं ले रहे मामले में कोई इंट्रेस्ट
16 अक्टूबर को हमारे द्वारा संदीप भगत को मामले की जानकारी दी गई थी लेकिन 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनके द्वारा मामले में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई और न ही यह जानने का प्रयत्न किया गया कि आखिर यह मामला कौन से ब्लॉक का हैं।
ACB की बड़ी कार्यवाही– PWD का सब इंजीनियर रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : अंबिकापुर ACB की टीम ने आज एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के सब इंजीनियर को 21,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है।
सूत्रों के अनुसार, यह रकम अंकित मिश्रा नामक व्यक्ति से मांगी गई थी। टीम ने जाल बिछाकर मनेंद्रगढ़ में सब इंजीनियर को रिश्वत लेते ही गिरफ्तार कर लिया हैं। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है।
रामनगर में सियाराम रजवाड़े ने फांसी लगाकर दी जान, पारिवारिक रंजिश बताई जा रही वजह…
हिंद स्वराष्ट्र बिश्रामपुर : सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर से सटे ग्राम रामनगर में बुधवार सुबह तड़के एक कॉलरीकर्मी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान सियाराम राजवाड़े के रूप में हुई है, जो एसईसीएल बलरामपुर खदान में प्यून के पद पर कार्यरत था। बताया जा रहा है कि सियाराम ने अपने घर के समीप दुर्गा पंडाल ग्राउंड रामनगर के स्टेज पर फांसी लगाकर जान दे दी।
घटना की जानकारी मिलते ही बिश्रामपुर थाना प्रभारी प्रकाश राठौर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों ने प्रारंभिक बयान में बताया कि सियाराम कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान था और घर में जमीन को लेकर पारिवारिक रंजिश चल रही थी, जो उसकी मौत का कारण हो सकती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।
इस दुखद घटना से गांव में शोक की लहर है। स्थानीय लोग मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
महाराज अग्रसेन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामला, क्रांति सेना अध्यक्ष अमित बघेल पर अपराध दर्ज…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा महाराजा अग्रसेन, भगवान झूलेलाल और राष्ट्रनायकों के प्रति दिए गए आपत्तिजनक बयान के विरोध में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार को अग्रवाल समाज द्वारा भारी संख्या में उपस्थित होकर थाने का घेराव कर अमित बघेल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। जिसके बाद पुलिस ने अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों की शिकायत पर क्रांति सेना अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ धारा 299 बीएनएस 2023 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जनपद पंचायत कार्यालय में अंधाधुंध चली गोली, दो गंभीर रूप से घायल…
हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : बिलासपुर जिले के मस्तूरी जनपद कार्यालय परिसर में मंगलवार की शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब तीन नकाबपोश हमलावरों ने उपाध्यक्ष नीतेश सिंह के ऑफिस में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तत्काल इलाज के लिए बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार घटना शाम करीब 5:30 बजे की है, जब तीन हमलावर एक वाहन से उतरकर सीधे जनपद उपाध्यक्ष के ऑफिस परिसर में पहुंचे। अंदर घुसते ही उन्होंने बिना कुछ बोले फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उनके द्वारा 10 से 12 राउंड गोलियां चलाई गईं, जिससे पूरे कार्यालय परिसर में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा हैं कि घटना के समय उपाध्यक्ष नीतेश सिंह भी अपने कक्ष में मौजूद थे, हालांकि उन्हें कोई चोट नहीं आई है। फायरिंग के बाद हमलावर वारदात स्थल से वाहन में सवार होकर तेजी से बिलासपुर की ओर भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही मस्तूरी थाने की पुलिस और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाने और सभी थाना क्षेत्रों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। तोरवा और मस्तूरी के प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर दी गई है तथा वाहनों की सघन जांच की जा रही है। पुलिस ने घटना स्थल से कई खोखे और खाली कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।
चौकी के सामने शराब के नशे में धुत्त ASI और आरक्षक की पिटाई, वीडियो सोशल मीडिया में वायरल…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के वाड्रफनगर से कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला वीडियो सामने आया है। यहां बलंगी चौकी क्षेत्र में पुलिस चौकी के ठीक सामने एक ASI नंदराम और आरक्षक सुरेंद्र की खुलेआम पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में बुरी तरह लड़खड़ाते हुए नज़र आ रहे हैं। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोग उन पर टूट पड़ते हैं और पुलिस चौकी के ठीक सामने उनकी जमकर पिटाई कर देते हैं। इस दौरान मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने पूरा घटनाक्रम अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष की मौजूदगी में घटी। स्थानीय दबंगों ने शराब के नशे में धुत्त पुलिसकर्मियों को पीटा। इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि इस पूरे मामले में कार्रवाई किस पर होगी — नशे में धुत पुलिसकर्मियों पर या फिर उन दबंगों पर जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लेकर पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन यह घटना छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। जब पुलिसकर्मी ही चौकी के सामने सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा?
सेवा सहकारी समिति के कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन,,,मांगें पूरी न होने पर 3 नवंबर से होगी अनिश्चितकालीन हड़ताल….
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : आदिम जाति सेवा सहकारी कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के आह्वान पर कल सूरजपुर जिले के सहकारी समिति कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर 3 नवंबर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कर्मचारियों ने कलेक्टर और उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर को ज्ञापन सौंपा हैं। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं हैं, तो इस वर्ष धान खरीदी कार्य का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। संघ का कहना हैं कि लंबे समय से शासन-प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं निकाला गया, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है।
संघ ने कलेक्टर और उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं सूरजपुर को अपनी चार सूत्रीय मांग का ज्ञापन सौंपा है जिसमें उनकी ये मांगे हैं :
1. धान खरीदी वर्ष 2024-25 की कंडिका 1.10 के अनुसार परिवहन का 50 प्रतिशत कार्य संपूर्ण रूप से सुखद समिति को दिया जाए अथवा प्रत्येक सप्ताह संपूर्ण परिवहन सुनिश्चित किया जाए।
2. कलेक्टर द्वारा नामित धान खरीदी अधिकारी प्रभारी को खरीदी से लेकर अंतिम मिलान तक की संपूर्ण जिम्मेदारी लिखित में दी जाए।
3. धान खरीदी नीति वर्ष 2025-26 में आउटसोर्सिंग कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति समाप्त कर विभागीय नियोजन कर नियमितीकरण किया जाए।
4. प्रदेश की 2058 सहकारी समितियों के कर्मचारियों को वेतनमान देने हेतु प्रत्येक समिति को प्रतिवर्ष 3-3 लाख रुपए प्रबंधकीय अनुदान राशि दी जाए, जैसा मध्यप्रदेश में प्रावधान है।
संघ ने कहा कि जब तक सरकार उनकी जायज मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
अपनी चोरी छिपाने लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा ने हिंद स्वराष्ट्र की संपादक को भेजा नोटिस…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत कहावत तो आपने सुना ही होगा जिसका सीधा अर्थ होता हैं कि किसी भी काम को समय बीत जाने के बाद करने से कोई फायदा नहीं होता। उसी तरह अब जब समय बीत चुका है इसके बाद लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के पछताने और नोटिस भेजने से उन्हें कोई फायदा नहीं होने वाला है। पत्रकारों को डराने, धमकाने, मारने सब का प्रयास कर विफल होने के बाद अब उनके द्वारा अपने बचाव के लिए वैधानिक नोटिस भेजने का जो हथकंडा अपनाया गया है उससे पत्रकार डरने वाले नहीं हैं। आपको बता दें कि साहब द्वारा हिंद स्वराष्ट्र की संपादक को नोटिस भेज कर उनके द्वारा प्रकाशित खबरों से उनके मान प्रतिष्ठा पर प्रभाव पड़ने और उनकी मानहानि होने की बात लिखते हुए 10 लाख रुपयों की मांग की गई हैं।
आश्चर्य की बात यह हैं कि वैधानिक नोटिस में भी तहसीलदार द्वारा अपनी किरकिरी करवाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा है। बता दें कि उनके द्वारा भेजे गए नोटिस में इस बात का जिक्र है कि वे मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो गए है और इसी शायद इस अवसाद में आकर उनके द्वारा नोटिस में ऐसी ऐसी बातें लिखी गई हैं जो उनके लिए ही समस्या खड़ी करने के लिए काफी है।
चलिए जानते हैं उनके द्वारा नोटिस में क्या लिखा गया है और हम उन्हें उनके उन सवालों का क्या जवाब देना चाहते हैं :
1. अपनी नोटिस के प्रथम बिंदु में उन्होंने लिखा है कि वह काफी निष्ठा और ईमानदारी से विधि के प्रावधानों नियमों प्रक्रिया के अधीन रहकर कार्य करते आ रहे हैं और आज तिथि तक ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया है जो कि उनकी पदीय कर्तव्यों व गरीमा के विपरीत हो। इतना ही नहीं इनके द्वारा किसी भी व्यक्ति या संस्था के दबाव में अपने पदीय कर्तव्यों व गरिमा के विपरीत जाकर कोई भी कार्य नहीं किया गया हैं और नहीं अपने पदीय कार्य में कोई अनियमितता या लापरवाही बरती गई हैं। उन्होंने लिखा है कि उनके विरुद्ध किसी सक्षम न्यायालय में या उचित फोरम में कहीं पर भी किसी पक्षकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई हैं।
उत्तर : तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा द्वारा हमें दिए गए बयान में स्वयं अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा गया था कि “शासन से प्राप्त पट्टा था चूंकि त्रुटिवश मुझसे साइन हो गया था उसमें चौहद्दी में” जब तहसीलदार साहब खुद अपनी गलती स्वीकार चुके हैं फिर नोटिस के प्रथम बिंदु को तो साफ तौर पर उनके द्वारा ही नकार दिया गया है। दूसरा मुख्य बिंदु यह है कि उनके द्वारा यह लिखना की उनके विरुद्ध किसी सक्षम न्यायालय या उचित फोरम में किसी पक्षकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है पूर्णतया झूठी है क्योंकि उनके विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में माननीय उच्च न्यायालय की ही अवमानना का केस चल रहा है। आपको बता दे कि लटोरी निवासी साधुराम रजक द्वारा तहसीलदार के विरुद्ध हाईकोर्ट में परिवाद दायर किया गया है क्योंकि तहसीलदार द्वारा हाई कोर्ट के स्टे आर्डर को ठेंगा दिखाते हुए साधुराम के घर को तोड़ दिया था। मिली जानकारी के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तहसीलदार साहब इस मामले में कोर्ट की समक्ष प्रस्तुत भी हो चुके हैं, तो ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब वे कोर्ट में प्रस्तुत भी हो चुके हैं फिर वे इस बात को कैसे भूल गए कि उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई हुई है या नहीं??
2. दूसरे बिंदु में उनके द्वारा हमारे समाचार पत्र के RNI (समाचार पत्र की पंजीयन संख्या) नंबर को लिखते हुए आगे लिखा हैं कि हमारे पास पत्रकारिता करने की कोई विधिक अधिकारिता नहीं है. परंतु हमारे द्वारा बिना किसी विधिक अधिकार या हैसियत के पत्रकारिता किया जा रहा है।
उत्तर : आज के आधुनिक युग में जब सारी जानकारियां मोबाइल से ही मिल जाती है, तो थोड़ी सी मेहनत अगर तहसीलदार साहब या उनके वकील कर लेते तो शायद उनके द्वारा इस तरह की बेबुनियाद और हास्यास्पद बातें नोटिस में नहीं लिखी जाती। जब आपको हमारा रजिस्ट्रेशन नंबर मालूम था तो गूगल में सर्च कर लेते आपको सारी जानकारी मिल जाती कि हमें पत्रकारिता करने का अधिकार है या नहीं। भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जब हमें यह सर्टिफिकेट दिया गया है तो पत्रकारिता का अधिकार भी तो होगा ही न। RNI नंबर के साथ यह लिखना कि हमें पत्रकारिता का अधिकार नहीं है उनके द्वारा स्वयं के गाल पर मारा गया एक तमाचा हैं।
3. तीसरे बिंदु में तहसीलदार द्वारा हमारे द्वारा प्रकाशित खबरों की कुछ पंक्तियों को लिखते हुए उन्हें असत्य, निराधार और झूठा बताया हैं।
उत्तर : हमारे द्वारा प्रकाशित सभी खबरों को पूरे सबूत के साथ लगाया गया था किसी भी खबर में ऐसा कोई भी बात नहीं लिखा गया था जिसका हमारे पास कोई साक्ष्य न हो। अब तक हमारे द्वारा पांच जमीन रजिस्ट्री के मामले सामने लाए गए हैं जिसमें बिना कलेक्टर परमिशन के ही शासकीय मद से प्राप्त जमीन की रजिस्ट्री हुई है और ये सारी रजिस्ट्रियां तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के दस्तख़त के आधार पर ही हुई हैं।
4. चौथे बिंदु में उन्होंने लिखा है कि हमारी खबरों से उनकी साफ सुथरी छवि पर प्रभाव पड़ा है और उनकी मान सम्मान धूमिल हुई है और उन्हें मानसिक और सामाजिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है और वह मानसिक अवसाद से ग्रस्त हो गए हैं। आगे उन्होंने यह भी लिखा है कि उनके विरुद्ध खबर प्रकाशित करने का हमारा उद्देश्य उनको भयभीत कर अनुचित राशि प्राप्त करना हैं।
उत्तर : माननीय तहसीलदार साहब को कौन समझाएं की हर कोई उनकी तरह भ्रष्ट नहीं होता और पत्रकार के लिए खबर प्रकाशन का कोई उद्देश्य नहीं होता, अगर कोई उद्देश्य होता है तो केवल भ्रष्टाचार की पोल खोल समाज को साफ सुथरा करना और भ्रष्टाचारियों को उनके किए की सजा दिलवाना होता है। यदि हमारे द्वारा माननीय न्यायपालिक मजिस्ट्रेट महोदय से धन उगाही की कोशिश की गई थी तो उनके द्वारा हम पर कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया?? जब हमारे द्वारा उनके और उनके सहयोगियों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करने के लिए माननीय पुलिस महानिरीक्षक को आवेदन दिया गया है तभी उन्हें यह बात क्यों याद आ रही है???
5. अंतिम बिंदु में उनके द्वारा हमें धूर्त और चालक किस्म के व्यक्ति बताया गया हैं और हमारे खबरों के प्रकाशन से हुए उनके मानहानि एवं मानसिक और शारीरिक क्षति के लिए 10-10 लाख की मानहानि एवं क्षतिपूर्ति के लिए सक्षम न्यायालय में वाद योजित करने के लिए यह नोटिस प्रेषित करने की बात लिखी हैं।
उत्तर : हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र की प्रधान संपादक एक महिला हैं और एक महिला को नोटिस प्रेषित कर धूर्त और चालाक लिखना कही न कही उनकी मानसिक दिवालियापन को ही दर्शा रहा हैं। हम भी यह मानने के लिए मजबूर हो जा रहे हैं कि सचमुच हमारे खबरों से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ा है और वे धीरे-धीरे मानसिक अपंगता की ओर अग्रसर हो जा रहे हैं।
नोटिस के अंत में उनके द्वारा हमें 30 दिन के भीतर 10-10 लाख रुपए उन्हें भुगतान कर पावती प्राप्त करने और लिखित में क्षमा याचना की बात लिखी हैं।
तहसीलदार द्वारा भेजे गए नोटिस ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं :
- क्या उन्हें अपने बचाव का यही एकमात्र उपाय नजर आ रहा है..??
- क्या वे नोटिस भेज कर पत्रकारों को डराने की कोशिश कर रहे हैं??
- अगर वह सही थे तो उनके द्वारा अपनी गलती माइक में अब दिए गए अपने बयान में क्यों स्वीकार की गई..??
- क्या अपने विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध हो जाने के डर से तहसीलदार ने पत्रकारों को नोटिस भेजा है..?
- पुलिस द्वारा अब तक उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध नहीं करने के कारण क्या इनके हौसले इतने बुलंद हो गए हैं जो पत्रकार पर दबाव डालने नोटिस का सहारा ले रहे हैं.??
हमारे द्वारा अब तक तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के विरुद्ध जितनी भी खबरें प्रकाशित की गई है सभी खबरों में पूरे साक्ष्य पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। अब सिर्फ हम ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की जनता ऐसे भ्रष्ट अधिकारी पर कब कार्यवाही होती है इसका इंतजार कर रहे हैं। सीएम कांटेक्ट के कारण अब तक हर जगह से बचते आ रहे तहसीलदार कब तक ऐसे बचते रहते हैं यह तो देखने की बात है, लेकिन जब बात पत्रकार और पत्रकारिता की अस्मत पर आए तो पीछे हटने की या डरने की तो कोई बात ही नहीं हो सकती है। ना हम डरे हैं ना हम डरेंगे बल्कि जल्द ही हम इनके कारनामों के कुछ और खुलासे कर उनके उच्च अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाएंगे ताकि देर– सबेर ही सही लेकिन इन पर कार्रवाई हो यह हम सुनिश्चित करेंगे।
मैनपाट में यात्रियों से भरी पिकअप पलटी, दर्जनों घायल… चिंतामणि महाराज ने अपनी गाड़ी से घायलों को भेजा अस्पताल…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जिले के मैनपाट कालीघाट में आज शाम गोवर्धन पूजा से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी पिकअप पलट गई। इस हादसे में 25 लोग घायल हो गए हैं, वहीं पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा अंबिकापुर–मैनपाट मार्ग में नवानगर के पास हुई। बताया जा रहा है कि वाहन में दुर्घटना के वक्त 40 लोग सवार थे। सभी सवार गोवर्धन पूजा उसने शामिल होकर वापस लौट रहे थे इसी दौरान घाट में पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे ये हादसा हो गया।
मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज भी गोवर्धन पूजा में शामिल होने के बाद लौट रहे थे इस दौरान उन्होंने देखा कि एक पिकअप पलट गया है और ग्रामीण घायल अवस्था में वहीं पड़े हुए हैं और एंबुलेंस को सूचना देने के बाद घटनास्थल पर नहीं पहुंची है तो उन्होंने इसे लेकर नाराजगी जताई और अपनी गाड़ी में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के निर्देश दिए। इसके बाद भाई लोग को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।
6 महीने पहले ही जिस घोटाले का हिंद स्वराष्ट्र ने किया था खुलासा,, आज वह घोटाला बन गया हैं सुर्खियां, दुबारा जांच टीम भी हो गई गठित लेकिन जांच पूरी होगी..? संशय बरकरार…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवापारा में दवा खरीदी के नाम पर लगभग 30 लाख रुपयों की हुई घोटालेबाजी की खबर आज हर अखबार और न्यूज चैनलों की सुर्खियां बनी हुई है। लेकिन आपको बता दे कि हिंद स्वराष्ट्र द्वारा इस मामले का खुलासा आज से लगभग 6 माह पूर्व ही कर दिया गया था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कुछ कामचोर आलाधिकारी जो केवल जांच टीम गठित की जा रही है और दोषियों को बक्सा नहीं जाएगा जैसी बड़ी-बड़ी बातें करते हैं उनके द्वारा अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। आपको बता दे की स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक अनिल शुक्ला द्वारा मीडिया को भी दिए बयान में इस बात का जिक्र किया गया है कि यह मामला 6 महीना पूर्व ही उनके संज्ञान में आया था। अब सवाल यह उठता है कि 6 माह बीत जाने के बावजूद अब तक उनके हाथ खाली क्यों है और इस मामले की जांच पूरी क्यों नहीं हो पाई है..?
हमारे द्वारा लगाई गई 25 अप्रैल 2025 की खबर 👇
यह कोई पहला मामला नहीं है जब जांच जारी है… दोषियों पर कार्रवाई होगी…जैसी बातों के तर्ज पर मामले को दबाने की कोशिश की गई है। आश्चर्य की बात यह है कि हर मामले में संयुक्त संचालक द्वारा एक जांच टीम गठित की जाती है लेकिन जांच टीम कभी भी जांच पूरी नहीं कर पाते हैं, उससे पहले ही जांच टीम को बदलना पड़ता है और दुबारा जांच टीम गठित की जाती हैं और इसी प्रक्रिया में एक लंबा समय बीत जाता है और धीरे-धीरे वह मामला गर्त पर चला जाता है।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच पूरी करवा पाएगा? दोषियों पर कार्रवाई होगी या नहीं..? इन सभी बातों को लेकर लोगों के मन में संशय बरकरार है। अब यह तो देखने का विषय होगा कि इस मामले की जांच संयुक्त संचालक कब तक करवा पाते हैं, करवा पाते हैं या नहीं और अगर जांच हो भी जाती है तो दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है….?
राशन दुकान से खाद्यान स्टॉक गबन मामले मे महिला गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शिव कुमार मिश्रा साकिन कार्यालय कलेक्टर खाद्य शाखा अम्बिकापुर थाना अम्बिकापुर द्वारा दिनांक 07/10/25 को थाना कोतवाली आकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी, सहायक खाद्य अधिकारी, अम्बिकापुर (ग्रामीण) के साथ मिलकर जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001071, 391001029 एवं 391001054 का सयुक्त रूप से जॉच किया गया, जाच में जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एव उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001071, 391001029 एवं 391001054 का सितम्बर 2022 एवं 31 मार्च 2024 की स्थिति में किये गये भौतिक सत्यापन के दौरान सभी दुकानों में चावल 1631.29 क्विंटल राशि 6162267/- रूपये, शक्कर 10.43 क्विटल राशि 49160/- रूपये एवं चना 48.34 क्विंटल राशि 292692/- रूपये जिसमे सभी मदों के खाद्यान्न की कुल राशि 6494120.67/- रूपये की कमी पाई गई। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली मे अपराध क्रमांक 742/25 धारा 420, 409,120(बी), भा.द.वि. एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3,7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया था।
पुलिस टीम द्वारा मामले के आरोपियों का पता तलाश किया जा रहा था, जो पुलिस टीम द्वारा मामले की आरोपिया सुनीता पैकरा आत्मज गणेश पैकरा उम्र 29 वर्ष साकिन घुटरापारा नहर रोड अंबिकापुर को पकड़कर हिरासत मे लेकर पूछताछ किया गया, जो आरोपिया द्वारा घटना कारित किया जाना स्वीकार किया गया, साथ ही प्रार्थी के द्वारा पेश दस्तावेज से स्पष्ट है कि आरोपीया जनकल्याण खाद्य सुरक्षा पोषण एव उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति, घुटरापारा के माध्यम से संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान कमांक 391001071, 391001029 एवं 391001054 का सितम्बर 2022 एवं 31 मार्च 2024 की स्थिति में तीनो दुकानो में उपाध्यक्ष रही है। आरोपीया के विरूद्ध धारा सदर का अपराध घटित करने का अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण मे आरोपिया को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाता है। प्रकरण मे आरोपीया से स्टाक रजिस्टर व सोसायटी से सबंधित दस्तावेज मांग किया गया परन्तु आरोपीया के द्वारा नहीं होना बताया गया व किसके पास है इसकी जानकारी नहीं दिया गया है, मामले मे अग्रिम जांच विवेचना किया जा रहा है, अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही हैं।
बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता– दण्डकारण्य क्षेत्र के 200 से अधिक माओवादी कैडर ने किया आत्मसमर्पण…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राज्य शासन की व्यापक नक्सल उन्मूलन नीति और निरंतर सशक्त रणनीतिक प्रयासों के परिणामस्वरूप दण्डकारण्य क्षेत्र के लगभग 200 माओवादी कैडर, जिनमें वरिष्ठतम हार्डकोर कैडर भी शामिल हैं, ने हिंसा का मार्ग त्यागकर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
इन आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों के औपचारिक पुनर्समावेशन समारोह का आयोजन शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025 को प्रातः 11:00 बजे, रिज़र्व पुलिस लाइन, जगदलपुर (जिला बस्तर) में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री (गृहमंत्री) विजय शर्मा उपस्थित रहे।
यह निर्णायक और ऐतिहासिक घटनाक्रम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन की उस नीति का प्रत्यक्ष परिणाम है, जिसमें शांति, संवाद और विकास को केंद्र में रखकर विश्वास और पुनर्वास का वातावरण निर्मित किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की वास्तविक शक्ति उसके लोगों की आत्मनिर्भरता, शिक्षा, आजीविका और सामाजिक सम्मान में निहित है। इन्हीं मूल्यों पर आधारित शासन की नीति ने अब दण्डकारण्य के भीतरी इलाकों तक नई उम्मीद और परिवर्तन का संदेश पहुँचाया है। यह अवसर बस्तर में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ का प्रतीक बनेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन ने न केवल सुरक्षा मोर्चे पर ठोस पहल की है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, संचार और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों के माध्यम से स्थायी शांति की आधारभूमि भी तैयार की है। यह सफलता पुलिस और सुरक्षा बलों की रणनीतिक मुहिम, स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा जागरूक समाज और जनप्रतिनिधियों की रचनात्मक भागीदारी का भी परिणाम है।
बुजुर्ग दंपत्ति के घर बम से हमला,, बुजुर्ग की मौत, पत्नी की हालत गंभीर, अगर दामाद ने दिया वारदात को अंजाम तो पुलिस की लापरवाही बनी मौत की वजह…
हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : कोरिया जिले से एक सनसनीखेज वारदात की खबर निकलकर सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग दंपति पर दो नकाबपोश युवकों ने बम से हमला कर दिया। इस हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई है वही बुजुर्ग की पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई है। बुजुर्ग महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार कोरिया जिले के बड़े साल्ही गांव निवासी राय राम (60 वर्ष) बीती रात अपनी पत्नी पार्वती (59 वर्ष) के साथ घर में थे। रात करीब 11 बजे दो हमलावर मुंह में कपड़ा बांधकर उनके घर पहुंचे। दोनों युवकों ने राम सिंह के घर घुसकर उसे खाट से बांध दिया और उसके ऊपर तेल छिड़क दिया। जिसके बाद युवकों ने घर का दरवाजा बाहर से बंद कर घर में बम फेंक दिया। बम के विस्फोट की चपेट में आकर वृद्ध की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं उसकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गई।
विस्फोट इतना भयानक था कि बुजुर्ग दंपत्ति के घर का एक बड़ा हिस्सा जल गया। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर मौजूद हो गए और मामले की जानकारी बचरा पोड़ी थाने को दी गई। सूचना पर बचरा पोड़ी थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
इस घटना में बुजुर्ग के दामाद का हाथ होने का अंदेशा लगाया जा रहा है। बताया जा रहा हैं कि कुछ दिन पूर्व बुजुर्ग के दामाद द्वारा बुजुर्ग के बेटे पर भी छर्रे वाले बंदूक से हमला किया गया था लेकिन शिकायत के बावजूद अब तक पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
यदि इस हमले में भी दामाद का हाथ निकल कर सामने आता हैं तो कहीं न कहीं बुजुर्ग के मौत के दोषी पुलिसवाले होंगे जिन्होंने समय रहते आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जिसका खामियाजा बुजुर्ग को अपनी जान गंवा कर चुकाना पड़ा है, वही बुजुर्ग महिला भी जिंदगी और मौत से लड़ाई लड़ रही है।
अनुशासनहीनता और कार्यों में लापरवाही, ग्राम पंचायत सचिव निलंबित…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जनपद पंचायत उदयपुर के अंतर्गत कार्यरत ग्राम पंचायत कुमहेवा के सचिव शिवभजन सिंह को शासन के आदेशों की अवहेलना, लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत उदयपुर द्वारा दिनांक 29 सितम्बर 2025 को प्राप्त प्रतिवेदन के अनुसार, सचिव शिवभजन सिंह की ड्यूटी धरती आबा योजना के तहत आयोजित शिविर में लगाई गई थी, परंतु वे बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, घरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत कर्मयोगी अभियान के तहत 15 सितम्बर 2025 को ग्राम पंचायत कुमहेवा के आदि कर्मयोगियों के प्रशिक्षण में भी उनकी ड्यूटी लगाई गई थी, जिसमें उन्होंने लापरवाही एवं अनुशासनहीनता का परिचय देते हुए उपस्थिति नहीं दी।
जनपद पंचायत से उन्हें मनरेगा से स्वीकृत सेग्रीगेशन शेड कार्य को पूर्ण करने हेतु बार-बार निर्देशित किया गया था, किंतु सिंह द्वारा कार्य में कोई रुचि नहीं ली गई और कार्य अधूरा रहा। इसके अलावा, सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समयसीमा में निराकरण न करने और जनपद स्तर पर अपील की सुनवाई हेतु उपस्थित न होने की भी शिकायतें प्राप्त हुईं।
जनपद पंचायत से जारी कारण बताओ सूचना पत्र का भी उन्होंने कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया। लगातार अनुपस्थित रहने, निर्देशों की अवहेलना करने और कार्य में उदासीनता बरतने के कारण उनका यह आचरण पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम-3 का उल्लंघन पाया गया है, जो कि दंडनीय है।
उक्त कारणों से शिवभजन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत उदयपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
3 करोड़ के निर्माण कार्यों का हुआ भूमिपूजन : शहर में सड़कों का निर्माण कार्य शुरू, जनता को मिलेगी राहत- मंजूषा भगत
हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : आज स्वर्गीय रविशंकर त्रिपाठी चौक, रिंग रोड में नगर निगम जोन क्रमांक-3 में 3 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन महापौर मंजूषा भगत व नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टीन्नी तथा पीडब्ल्यूडी प्रभारी मनीष सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर लगभग 3 करोड़ के डामरीकरण, सीसी रोड, नाली निर्माण तथा पेवर ब्लॉक सहित विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन कर कार्य प्रारम्भ किया गया। इस अवसर पर अंबिकापुर शहर की आम जनता को संबोधित करते हुए महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि लंबी बरसात के बाद अब जाकर निर्माण कार्यों को प्रारंभ करने का समय हमें मिला है, अब सड़कों का निर्माण शुरू होने से आम जनता को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम क्षेत्र के जोन क्रमांक-3 जिसमें 10 वार्ड शामिल हैं में निर्माण कार्य का आज भूमिपूजन हुआ है ऐसे ही आने वाले दिनों में सभी पांच जोन में निर्माण कार्य प्रारंभ होंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में लगभग 15 करोड़ के कामों के साथ-साथ 11.59 करोड़ के महामाया कॉरिडोर के कामों का भी भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ किया जाना है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जनता ने जिस उम्मीद के साथ नगर निगम में भाजपा की सरकार बनाई है उसे पूरा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इस अवसर पर भाजपा वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर ने कहा कि बरसात के समय कांग्रेस के लोग बहुत हल्ला करते रहे कि नगर निगम में काम नहीं हो रहा, अब काम शुरू हो रहा है तो उन्हें भी आकर देखना चाहिए। इस अवसर पर नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टीन्नी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में आज से शुरू हुआ निर्माण कार्यों का सिलसिला लगातार चलने वाला है। विष्णु देव साय सरकार का संकल्प “हमने बनाया है हम ही संवारेंगे” जरूर पूरा होगा क्योंकि विकास कार्यों के लिए सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं है।
अंबिकापुर शहर के करीब पहुंचा 25 हाथियों का दल, रोजी रोटी के लिए शहर आए युवक की हाथियों ने ले ली जान…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर शहर से लगे लालमाटी जंगल में 25 हाथियों का दल डेरा डाले हुए हैं। दरअसल में हाथी मैनपाट और सीतापुर क्षेत्र से भटकते हुए अंबिकापुर शहर के करीब पहुंच गए हैं। कल रात हाथियों का दल ऑक्सीजन पार्क से लगे बधियाचूआ क्षेत्र में आ गए थे जिससे लोगों में दशक का माहौल बन गया था और सभी ग्रामीण अपनी जान बचाने घर से बाहर सड़क पर इकट्ठे हो गए थे। वही आज इन हाथियों के दल ने रोजी-रोटी के लिए भोपाल से आए एक युवक की जान ले ली, बताया जा रहा है कि ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल के पास यह हादसा हुआ जब अचानक युवक हाथियों के दल के सामने पहुंच गया और हाथियों ने कुचलकर उसकी जान ले ली। हादसे के बाद वन विभाग की टीम ने युवक के शव को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। युवक के परिजनों को इस मामले की जानकारी दे दी गई है परिजनों के पहुंचने के बाद युवक के शव का पीएम किया जाएगा।
हाथियों के दल में कई नर हाथी शामिल है जो की फसलों को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा रहे हैं। युवक को मौत के घाट उतारने से पहले हाथियों के दल ने दो मकानों को भी क्षतिग्रस्त किया है और कई एकड़ की फसलों को बर्बाद कर दिया है।
वरिष्ठ नागरिक संघ सूरजपुर द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का किया गया आयोजन..
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : 10 अक्टूबर 2025 को वरिष्ठ नागरिक संघ ज़िला सूरजपुर द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण के दूसरे चरण का आयोजन जनपद रामानुजनगर के ग्राम पंचायत, पतरापाली भवन में किया गया।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम परवतिया सिंह सरपंच एवं लालचंद अग्रवाल अध्यक्ष वरिष्ठ नागरिक संघ ज़िला सूरजपुर द्वारा पण्डित नागेन्द्र उपाध्याय के मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन, पूजन से हुआ। जिसके बाद नागरिकों (स्थानीय 5 ग्रामों से आए) का इलाज प्रारंभ किया गया। शिविर का लाभ उठाने आए मरीजों का ईलाज डाक्टर एस के त्रिपाठी और उनकी टीम द्वारा किया गया, इस शिविर में कुल 118 महिला पुरुषों और बच्चों का इलाज हुआ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सरपंच परवतीया सिंह उप सरपंच मधु शीला सिंह, जनपद सदस्य अनीता सिंह, सचिव अजय सिंह , वरिष्ठ नागरिक कमला प्रसाद दुबे , शोभित देवांगन का सहयोग प्रशंसनीय रहा।
जनपद सीईओ संजय राय, डाक्टर एस के त्रिपाठी और उनके टीम को प्रशंसनीय सहयोगात्मक व्यवस्था हेतू, लाल चन्द अग्रवाल संयोजक, पवन मित्तल, रविशंकर मिश्र उपाध्यक्ष, एस के तिवारी प्रवक्ता, वरिष्ठ नागरिक संघ ज़िला सूरजपुर एवं विश्वनाथ पटेल अध्यक्ष , एन एस ठाकुर, लक्ष्मी नारायण दुबे वरिष्ठ नागरिक संघ तहसील रामानुजनगर द्वारा धन्यवाद साधुवाद दिया गया।