हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भूषण बघेल : भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की संभाग स्तरीय बैठक खोपा धाम में प्रदेश कार्य समिति सदस्य अशोक कुमार सोनवानी के नेतृत्व में आयोजित की गई बैठक में सरगुजा संभाग के प्रत्येक जिले से लगभग 15- 15 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि संभाग में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी 8.7 प्रतिशत है और 743 गांव में उनकी उल्लेखनीय बाहुलयता है। बावजूद इसके 14 विधानसभा और तीन लोकसभा क्षेत्र में एक भी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित सीट नहीं है। साथ ही आयोग निगम मंडल में समाज को प्रतिनिधित्व न मिलने से मोर्चा कार्यकर्ताओं ने असंतोष भी व्यक्त किया मुख्य वक्ता अशोक कुमार सोनवानी ने आर्थिक शैक्षणिक व राजनीतिक उन्नति पर विस्तृत मार्गदर्शन देते हुए कहा कि अजा मोर्चा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना होगा बैठक में प्रस्ताव पारित कर उन्हें सर्वसम्मति से अनुसूचित जाति वर्ग के नेतृत्वकर्ता के रूप में चुना गया तथा संगठन से उन्हें अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की गई बैठक को फोन के माध्यम से विधायक एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमनलाल कोसेवाड़ा ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सरगुजा संभाग के अनुसूचित जाति समाज के समग्र विकास के लिए वे सदैव प्रतिबद्ध हैं। बैठक में सुखदेव चौधरी गनपत पाटील और भोला रवि एवं भूषण बघेल ने अतिथियों का स्वागत किया। विभिन्न जिलों के प्रमुख पदाधिकारी ने भी अपने विचार रखें बैठक में रामदेव, पवन, देवेंद्र, सुनीता लहरे, जीव बंधन सोनवानी, धीरन, लालजीवन, मुन्ना रवि, दीपक, मोरे लाल शिवलाल, आनंद लहरे, दिलराज रवि, मनोज, भंवरलाल, शोबरन, जनकधारी, सुदर्शन चौधरी, सुनील सहित अजा मोर्चा के पदाधिकारी एवं कार्यक्रम में उपस्थित रहे इस दौरान कार्यक्रम का आभार भूषण बघेल ने किया।
भाजपा अजा मोर्चा की संभाग स्तरीय बैठक हुई संपन्न…
ब्रेकिंग न्यूज़: कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा मुठभेड़ में ढेर, सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर/सुकमा: छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा के घने जंगलों में चलाए गए एक बड़े एंटी-नक्सल ऑपरेशन में सुरक्षाबलों को ऐतिहासिक सफलता मिली है। देश के सबसे वांछित और कुख्यात माओवादी कमांडर माडवी हिड़मा को एक भीषण मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया है। इस कार्रवाई में हिड़मा की पत्नी राजे उर्फ राजक्का समेत कुल छह नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

कहाँ हुआ एनकाउंटर?
मुठभेड़ आज (मंगलवार) सुबह आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामाराजू जिले के मारेडुमिली क्षेत्र में हुई।
यह इलाका छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की सीमाओं से सटा हुआ है और माओवादियों का एक मजबूत ठिकाना माना जाता था।
आंध्र प्रदेश की ग्रेहाउंड्स कमांडो टीम और अन्य सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया।
कौन था हिड़मा?
- असली नाम: संतोष
- पद : सीपीआई (माओवादी) की सबसे घातक हमलावर यूनिट, पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन नंबर 1 का प्रमुख। वह केंद्रीय कमेटी का सबसे युवा सदस्य भी था।
- इनाम: उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये (कुछ स्रोतों के अनुसार 50 लाख) का इनाम घोषित था।
- अपराध: 43 वर्षीय हिड़मा 26 से अधिक बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था, जिनमें शामिल हैं:
- 2010 दंतेवाड़ा हमला (76 सीआरपीएफ जवान शहीद)
- 2013 झीरम घाटी नरसंहार (कई शीर्ष कांग्रेसी नेताओं सहित 27 लोग मारे गए)
- 2021 सुकमा-बीजापुर मुठभेड़ (22 सुरक्षाकर्मी शहीद)
सुरक्षाबलों की बड़ी जीत
सुरक्षा एजेंसियों ने हिड़मा की मौत को नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ और माओवादी आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका करार दिया है। हिड़मा बस्तर क्षेत्र में माओवादियों का चेहरा और सैन्य रणनीति का केंद्र था। उसकी मौत से नक्सली संगठन की कमर टूटनी तय मानी जा रही है।
ऑपरेशन जारी
अधिकारियों के मुताबिक, मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। इलाके में अभी भी व्यापक कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य नक्सली छिपा न हो।
क्या आप इस विषय पर और अधिक जानकारी चाहते हैं, जैसे कि हिड़मा के मारे जाने पर राजनेताओं की प्रतिक्रिया?
नशीले इंजेक्शन का बड़ा सप्लायर गिरफ्तार, आबकारी उड़नदस्ता की कार्रवाई में 200 इंजेक्शन बरामद…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भूषण बघेल : सरगुजा संभागीय आबकारी उड़नदस्ता की टीम ने नशे के विरुद्ध अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। चंद्रेली निवासी रामबरत रवि को नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। उसके कब्जे से कुल 200 नग मादक इंजेक्शन जप्त किए गए, जिसमें 100-100 नग दर्द निवारक एवं एलर्जीरोधी इंजेक्शन शामिल थे। रविवार को सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर में भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन छिपाकर अवैध रूप से बेच रहा है। सूचना पर टीम ने तत्काल दबिश दी। टीम को देखते ही आरोपी एक झोला लेकर भागने लगा, जिसे दौड़ाकर पकड़ा गया। झोले की तलाशी में अवैध मादक इंजेक्शन की भारी मात्रा बरामद हुई। आरोपी को मादक पदार्थ नियंत्रण कानून (एनडीपीएस) की धारा 22(सी) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय प्रतापपुर में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे जेल भेजने के आदेश जारी हुए।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में नशे के सौदागरों पर लगातार हो रही कार्रवाई से पूरे सरगुजा संभाग में दहशत फैल गई है। यह पिछले कुछ महीनों में नशीले इंजेक्शन कारोबारियों पर की गई 26वीं बड़ी कार्रवाई है।
कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक तेजराम केहरी, मुख्य आरक्षक कुमारु राम, रमेश दुबे, अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पांडे, रणविजय सिंह तथा महिला सैनिक अंजू एक्का , शामिल रहे।
बड़े झाड़ की जंगल का पट्टा बनाकर सरकारी जमीन की अफरातफरी, तहसीलदार संजय राठौर कारनामा पार्ट–1…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ भैयाथान : सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड के तत्कालीन तहसीलदार संजय राठौर द्वारा अपने चेहते जमीन दलालों के साथ मिलकर सरकारी जमीन की अफरातफरी का मामला सामने आया है। आपको बता दे कि भैयाथान क्षेत्र में कुख्यात जमीन तस्करों के साथ संजय राठौर की दोस्ती किसी से छिपी हुई नहीं हैं। भैयाथान क्षेत्र में जमीन की अफरातफरी का यह मामला भी कोई नया मामला नहीं है, तहसीलदार संजय राठौर के कार्यकाल में ऐसे कई कारनामे किए गए हैं जो सिविल सेवा आचरण का सीधे तौर पर उल्लंघन हैं। संजय राठौर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने का कार्य किया जाता रहा हैं।
तत्कालीन तहसीलदार के मिलीभगत से बड़े झाड़ की जंगल का पट्टा जारी कर दिया गया हैं और इस जमीन की खरीदी–बिक्री का कार्य किया गया। बता दें कि हम जिस जमीन की बात कर रहे हैं वह जमीन 1994– 95 के राजस्व अभिलेख रिकॉर्ड में बड़े झाड़ के जंगल के नाम पर दर्ज और सबसे खास बात यह है कि इस जमीन से संबंधित दस्तावेज संबंधित पटवारी रिकॉर्ड से गायब कर दिए गए हैं। इस जमीन के संबंध में पटवारी रिकॉर्ड में कोई भी रिकार्ड मौजूद नहीं है इस जमीन के मामले में रिकॉर्ड के लिए भू अभिलेख शाखा से ही जानकारी प्राप्त की जा सकती है। हमारे द्वारा जब इस जमीन के संबंध में जानकारी इकट्ठी की गई तो पता चला कि इस जमीन की बिक्री भी कई बार की जा चुकी है इस खसरा नंबर के चार हिस्से हो चुके हैं इस जमीन में तहसीलदार के अलावा पटवारी और राजस्व निरीक्षक(RI) भी बराबर के साझेदार हैं और उनके द्वारा भी इस जमीन घोटाले में अपने हाथ रंग लिए गए हैं।
जिन जमीन दलालों के द्वारा इस जमीन का पट्टा बनवाया गया हैं उस पर तहसीलदार संजय राठौर की विशेष मेहरबानी बनी हुई हैं और कई शासकीय जमीनों का फर्जी तरीके से उनके नाम नामांतरण किया गया हैं। इस जमीन में एक अन्य जमीन दलाल का नाम शामिल हैं जिसके द्वारा इस जमीन की खरीदी बिक्री का कार्य किया गया हैं उनके नाम पर भैयाथान क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में कई शासकीय जमीनों के फर्जीवाड़े किए गए हैं।
तहसीलदार लटोरी कारनामा 6 : शासकीय मद से प्राप्त जमीन की पहले करवा दी रजिस्ट्री अब चोरी छिपाने नामांतरण का खेल…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : तहसीलदार लटोरी सुरेंद्र साय पैंकरा अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं पहले तो उन्होंने नियम विरुद्ध तरीके से शासकीय मद से प्राप्त जमीन की रजिस्ट्री करवा दी, अब उन्होंने अपनी चोरी छुपाने नामांतरण का कार्य भी पूर्ण कर दिया है। आपको बता दे कि इससे पहले उन्होंने हमें वैधानिक नोटिस भेजा था और हमने उनसे सवाल पूछा था कि यदि वह गलत नहीं है तो उन्होंने नामांतरण की प्रक्रिया को पूर्ण क्यों नहीं किया तो उसके जवाब में अब तहसीलदार द्वारा नामांतरण की प्रक्रिया को पूर्ण कर दिया गया हैं लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि रजिस्ट्री कर वे पहले ही इतनी बड़ी गलती कर चुके हैं और अब पुनः उस जमीन का नामांतरण कर गलतियां सुधारने की वजह गलतियां दोहराने का काम कर रहे हैं।
दरअसल मामला लटोरी तहसील के ग्राम पंचायत लटोरी का हैं जहां शासन से प्राप्त भूमि खसरा नंबर 211/2 सुमन प्रसाद सिंह द्वारा संतोष कुमार सिंह को बिना कलेक्टर परमिशन के ही बेच दी गई। इस जमीन की रजिस्ट्री 28 मई 2025 को हुई थी और कुछ दिन पूर्व तक इस जमीन का नामांतरण नहीं किया गया था लेकिन अब इस जमीन के नामांतरण का कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है।


हालांकि नियमविरुद्ध तरीके से हुई इस रजिस्ट्री की शिकायत संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा से की गई हैं लेकिन अब तक तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे उन्हें सबूत से छेड़छाड़ करने का पर्याप्त समय मिल जा रहा है और वह इन सबूत के साथ छेड़छाड़ कर अपने बचने का रास्ता बना रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में बड़ी गड़बड़ी, अपूर्ण आवासों को बताया पूर्ण तो एक बेनामी इंसान को भी कर दिया भुगतान …
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/भैयाथान मुकेश गुप्ता : सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अनरोखा मे फिर एक बार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। आप को बता दे कि जनपद पंचायत भैयाथान के ग्राम पंचायत अनरोखा में आवास निर्माण कार्य मे भारी गड़बड़ी हुई है। अपूर्ण आवासों को भी पूर्ण बताया गया है। इन अपूर्ण आवासों में अधिकांश आवासों का निर्माण सरपंच और सचिव के मिलीभगत से सरकारी जमीन पर करवाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार अनरोखा पंचायत की सरपंच सोनकुंवर, ग्राम सचिव लक्ष्मी प्रसाद कनेडिया एवं रोजगार सहायक रेणु कुशवाहा के द्वारा हितग्राहियों को निजी लाभ प्रदान किया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि किसी हितग्राही को पहला किस्त प्राप्त होते ही और किसी हितग्राही को दूसरा किस्त मिलते ही उनका आवास पोर्टल पर पूर्ण बतला दिया गया हैं।
हिंद स्वराष्ट्र की टीम द्वारा जब ग्राम पंचायत में जाकर वास्तविक स्थिति को जानने का प्रयास किया गया तो 17 आवास ऐसे मिले जिन्हें 1 से 2 किस्त प्राप्त होने के बाद सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक नवीन जायसवाल द्वारा मिलीभगत कर इन आवासों को पूर्ण बतला दिया गया हैं। यह तो जांच का विषय है कि ऐसा करके हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया गया हैं या स्वयं को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है..??
जिन 17 आवासों की जांच हमारे द्वारा की गई उसकी जानकारी :
1. बजरंग को 95000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनका निर्माण कार्य पूर्ण बताया गया हैं।

2. बोधन को 40000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।
3. सहेश 95000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।

4. राम शरण 40000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।
5. रामाधार 95000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।
6. परमेश्वर 100000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।
7. समयलाल 95000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।
8. संतराम 95000 रुपयों का भुगतान किया गया हैं और इनके द्वारा शासकीय जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा हैं।
9. सुजाता तिवारी 40000 रुपयों का भुगतान किया गया है और इनके मकान को पूर्ण बताया गया है।
10. दीनू 40000 रुपयों का भुगतान किया गया है और इनके मकान को पूर्ण बताया गया है।
11. गणेश 40000 रुपयों का भुगतान किया गया है और इनके मकान को पूर्ण बताया गया है।
12.शांतिबाई 95000 का भुगतान किया गया हैं और इनके आवास को पूर्ण बताया गया हैं।
13. कयासों/प्यारी राम 95000 का भुगतान किया गया हैं और इनके आवास को पूर्ण बताया गया हैं।
14. मनी/जगजीत 95000 का भुगतान किया गया हैं और इनके आवास को पूर्ण बताया गया हैं।
15. कौशल्या 40000 का भुगतान किया गया हैं और इनके आवास को पूर्ण बताया गया हैं।
16. पूनमचंद को 120000 का भुगतान किया गया हैं इनके निवास को भी पूर्ण बताया गया हैं।

जिनके कार्य प्रगति पर (bilow foundation level) दिख रहे हैं लेकिन प्रदान की गई राशि में काफी भिन्नता हैं :
1 दसोदिया –40000rs 2. कयासों/ सोगार –95000rs 3. शिमला ठाकुर – 95000rs 4. नरेश कुमार– 40000rs
5. सुबासो– 40000rs 6. बैजनाथ– 40000rs

एक बेनामी इंसान को भी कर दिया गया 40000 का भुगतान ना नाम का पता ना बाप का पता… ना किया गया जिओटेक.?? हो गया 40000 का भुगतान

उल्लेखनीय की कुछ दिन पूर्व हमारे द्वारा ग्राम पंचायत सिरसी में आवास योजना ग्रामीण में हुए घोटाले की खबर प्रकाशित की गई थी, जिसके बाद प्रशासन द्वारा मामले की जांच करवाई गई थी और मामले में दोषी पाए गए रोजगार सहायक नईम अंसारी को बर्खास्त कर दिया था, वही सरपंच,सचिव और टेक्निकल असिस्टेंट नवीन जायसवाल को भी अंतिम चेतावनी दी थी। लेकिन नवीन जायसवाल के ऊपर इस अंतिम चेतावनी का कोई असर नहीं हुआ है और वह निरंतर घोटाले पर घोटाले किए जा रहा है।
15 नवंबर से धान खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिले में की गई नवीन धान खरीदी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में जिले के पंजीकृत किसानों से 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। धान खरीदी कार्य को सुचारू एवं पारदर्शी रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारी पूरी कर ली गई है।
वर्तमान में समिति प्रबंधक एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों की हड़ताल को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी 54 धान उपार्जन केन्द्रों हेतु नवीन धान खरीदी प्रभारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति पूर्ण कर ली गई है। आगामी 13 नवम्बर 2025 को सभी उपार्जन केन्द्रों में ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा, ताकि खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या व्यवस्थागत समस्या न हो।
जिले में 1 अतिसंवेदनशील एवं 23 संवेदनशील उपार्जन केन्द्र चिन्हांकित किए गए हैं। सुरक्षा एवं निगरानी के दृष्टिकोण से उड़न दस्ता दल तथा निगरानी दलों का गठन भी पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में मापक यंत्र, तौल कांटा, बारदाने, कंप्यूटर प्रणाली एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। इस वर्ष जिले को 39,02,190 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है।
कलेक्टर विलास भोसकर ने जिले किसानों से अपील की है कि वे अपने निर्धारित धान उपार्जन केन्द्रों में ही धान विक्रय करें तथा धान विक्रय हेतु अपने पंजीयन एवं टोकन की जानकारी पूर्व में सत्यापित कर लें। शासन द्वारा किसानों के हित में सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं, अतः किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित तिथियों पर सुव्यवस्थित ढंग से अपना धान विक्रय करें।
आरईएस विभाग का एसडीओ 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ़्तार…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के प्रेमनगर में आरईएस विभाग में पदस्थ एक एसडीओ को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसडीओ ने एक किसान से रिश्वत की डिमांड की थी। इसकी शिकायत किसान ने एसीबी अम्बिकापुर से की थी। मामले की पुष्टि के बाद योजना बनाकर एसीबी की टीम ने छापा मारकर एसडीओ को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ़्तार कर लिया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार प्रेमनगर विकासखंड के ग्राम नवापारा खुर्द निवासी दिगंबर सिंह ने मछली पालन के लिए तालाब बनवाने मत्स्य विभाग में आवेदन किया था। उसे तालाब निर्माण की स्वीकृति मिल गई थी। तालाब निर्माण कराने के बाद उसका बिल 1 लाख 82 हजार रुपए पास का काम आरईएस विभाग में पदस्थ एसडीओ ऋषिकांत तिवारी को करना था।मूल्यांकन के बदले एसडीओ ने किसान से 15 हजार रुपए के रिश्वत की मांग की गई थी। इसकी शिकायत किसान ने एसीबी अंबिकापुर की टीम से की थी। जिसकी पुष्टि के बाद एसीबी की टीम ने प्रार्थी दिगंबर से कहकर एसडीओ को आज शाम अपने घर बुलवाया। इधर एसीबी की टीम ने उसे केमिकल लगे 15 हजार रुपए उसे देने के लिए दिए थे। शाम करीब 7 बजे एसडीओ दिगंबर के घर पहुंचा, जैसे ही उसने पैसे लिए, वहां पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
नाबालिक प्रेमी ने की नाबालिक प्रेमिका की हत्या, 3 महीने बाद कंकाल बरामद…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले के अंबिकापुर में आज हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ हैं। जहां एक नाबालिक प्रेमी द्वारा शादी के दबाव से तंग आकर अपनी नाबालिक प्रेमिका की हत्या कर दी और हत्याकर उसकी लाश को नाले के नीचे दफना दिया। लड़की पिछले 3 महीने से लापता थी और परिजनों द्वारा उसके लापता होने की शिकायत गांधीनगर थाने में दर्ज कराई गई थी पुलिस द्वारा गुमशुदा की की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जारी थी इसी बीच लड़की का मोबाइल ऑन होने पर पुलिस द्वारा मामले की जांच की गई और नाबालिक प्रेमी को हिरासत में लेकर उससे कड़ाई से पूछताछ की गई पूछताछ में प्रेमी द्वारा हत्या की बात को स्वीकार कर ली गई और पुलिस द्वारा उसकी निशानदेही पर नाबालिक लड़की के कंकाल को बरामद कर लिया है।
दरअसल नाबालिग लड़की गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक किराये के मकान में अपनी एक सहेली के साथ रहती थी उसका प्रेम प्रसंग एक नाबालिग से था नाबालिग प्रेमिका अक्सर अपने प्रेमी पर शादी करने तथा साथ रहने का दबाव बनाती थी तीन माह पूर्व नाबालिग लड़की की सहेली अपने गांव गई हुई थी जिसपर नाबालिग अपने प्रेमी के साथ घुमने के लिए बतौली थाना क्षेत्र के ग्राम चिरगा की ओर गई थी। यहां प्रेमी ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके शव को नाले के पास बने खोह में दफनाकर उसपर बड़ा पत्थर रख दिया तथा उसका मोबाईल अपने साथ ले गया। परिजनों द्वारा लड़की के गुम होने की शिकायत गांधीनगर थाने में की गई घटना के तीन माह बाद जब नाबालिग का मोबाईल ऑन हुआ तो पुलिस द्वारा संदेह के आधार पर नाबालिग प्रेमी को पकड़कर उससे पूछताछ की गई तो हत्या का यह सनसनीखेज मामला उजागर हुआ। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर लड़की के कंकाल को बरामद कर लिया हैं।
द्वारा हत्या का प्रथम संक्षिप्त कर लिया गया है और मामले की अग्रिम कार्रवाई में लग गई है।
हिरासत में मौत पर बवाल : आखिर बलरामपुर पुलिस किस राज को छुपाने कर रही इतनी मशक्कत…??
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के दहेजवार चौक स्थित धनंजय ज्वेलर्स चोरी मामले में पुलिस हिरासत में लिए गए एक आरोपी उमेश सिंह की कथित तौर पर अस्पताल में मौत होने के बाद सोमवार को बलरामपुर में जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर पिटाई से मौत का गंभीर आरोप लगाया है, जबकि पुलिस इसे बीमारी से हुई मौत बता रही है।
क्या है मामला?
पुलिस ने धनंजय ज्वेलर्स चोरी मामले में 9 आरोपियों को पकड़ा था, जिनमें से 8 को रविवार को जेल भेज दिया गया। इसी मामले में हिरासत में लिए गए उमेश सिंह की रविवार सुबह 4.30 बजे अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि उमेश को सिकलसेल की बीमारी थी और गिरफ्तारी के बाद तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप और हंगामा
मृतक उमेश की मां और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उमेश को 7 नवंबर को घर से उठाया था और अंबिकापुर व बलरामपुर थाने में उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हुई। साथ ही जब पुलिस ने उमेश सिंह के बीमार होने और बलरामपुर अस्पताल में भर्ती होने की सूचना दी, तब परिजन उससे मिलने के लिए बलरामपुर आ रहे थे। तब परिजनों का आरोप है कि उन्हें रास्ते में पस्ता थाने में रोक लिया गया। उन्हें लगभग 2 घंटे तक पस्ता थाने में रोके रखा गया। इसके बाद बलरामपुर से एक महिला पुलिस अधिकारी पस्ता थाना पहुंचीं, जिसके बाद उन्हें बलरामपुर जाने दिया गया।
परिजनों को बलरामपुर जाने से रोका गया था, जिसके कारण वे समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाए और उनके पहुँचने से पहले ही उमेश का पोस्टमार्टम शुरू हो चुका था।
यह घटनाक्रम परिजनों के इस आरोप को बल देता है कि पुलिस मामले को छिपाने और कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश कर रही थी।
शव लेने से इनकार
परिजनों को रास्ते में रोका गया और उनके अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृतक का पोस्टमार्टम कर दिया गया जिससे परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया। परिजन दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग पर अड़े रहे और शव लेने से इनकार कर दिया।
सड़क पर प्रदर्शन
परिजनों ने थाने के सामने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। विवाद और प्रदर्शन के बीच, सोमवार दोपहर को पुलिस ने कथित तौर पर परिजनों की सहमति के बिना, जबरन एंबुलेंस से उमेश का शव उसके गांव भिजवा दिया। जब परिजनों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए थाने के सामने प्रदर्शन किया, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन पर लाठीचार्ज किया। खबर है कि इस दौरान मृतक के कुछ परिजनों को पुलिस ने अस्पताल परिसर में बंधक भी बना लिया था।
पुलिस द्वारा मृतक के शव को जबरन उसके गृह ग्राम में भेजने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह उठ रहा है कि जब मृतक के परिजन बलरामपुर में थे तो पुलिस ने शव को जबरन क्यों भेजा..? सबसे बड़ा सवाल जब परिजन थे ही नहीं तब शव को मृतक के गृह ग्राम में किसके पास भेजा गया था..?
पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन एएसपी विश्व दीपक त्रिपाठी ने मृतक को बीमार बताया है।
यह मामला अब क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर रहा है और पुलिस हिरासत में हुई मौत ने पुलिस विभाग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है। पुलिस की यह कार्य प्रणाली कई सवाल खड़े कर रही हैं। पुलिस का काम कानून की रखवाली करना है तो पुलिस कानून को अपने हाथ में लेकर क्यों काम कर रही है..?
पुलिस की अब तक के कार्यवाही जो सवालों के घेरे में है:
1. पुलिस द्वारा नौ आरोपियों की गिरफ्तारी करना और केवल आठ आरोपियों के गिरफ्तारी की प्रेस विज्ञप्ति जारी करना।
2. युवक की तबीयत खराब होने की जानकारी देना और बलरामपुर आते हुए परिजनों को पस्ता थाने में 2 घंटे बैठाना।
3. परिजनों की अनुपस्थिति में मृतक का पोस्टमार्टम करवाना।
4. दोबारा पोस्टमार्टम और दोषियों के विरुद्ध FIR की मांग कर रहे परिजनों पर लाठी चार्ज करना।
5. परिजनों के विरोध के बावजूद जबरन परिजनों की अनुपस्थिति में मृतक के शव को उसके गृह ग्राम भिजवाना।
एक के बाद एक पुलिस द्वारा की जा रही है नियम विरुद्ध कार्यवाही पुलिस पर ही सवालिया निशान लगा रही हैं। सूत्रों की माने तो पुलिस किसी बात को छुपाने की कोशिश कर रही है यह मामला सिर्फ एक जगह हुई चोरी की घटना का मामला नहीं था। सूत्र बताते हैं कि चोरों का यह समूह चोरों का बहुत बड़ा गिरोह हैं और इसमें कई बड़े ज्वेलर्स भी शामिल हैं और इस गिरोह का मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस द्वारा उस मास्टरमाइंड को ही बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
सिंधी और अग्रवाल समाज पर विवादित टिप्पणी मामले में अमित बघेल फरार आरोपी घोषित…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : रायपुर एसएसपी डॉक्टर लाल उमेद सिंह द्वारा आज सिंधी और अग्रवाल समाज के आराध्य देवताओं और महापुरुषों के खिलाफ विवादित टिप्पणी के आरोपी और छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को फरार आरोपी घोषित कर दिया है। SSP द्वारा अमित बघेल पर 5 हजार रुपए इनाम की घोषणा भी की गई है।
आपको बता दे की सिंधी और अग्रवाल समाज के आराध्य देवताओं और महापुरुषों के खिलाफ विवादित टिप्पणी को लेकर छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सहित देश भर में कई स्थानों पर अमित बघेल के खिलाफ FIR दर्ज की गई हैं। साथ ही विभिन्न समाजों द्वारा उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
देखें आदेश ;

50 हजार की रिश्वत लेते हुए नायब तहसीलदार गिरफ़्तार…
हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी की घटना कोई नई बात नहीं है, आए दिन राजस्व विभाग में कोई ना कोई अधिकारी कर्मचारी रिश्वत लेते हुए एसीबी के चंगुल में आ ही जाता है। ऐसा ही एक मामला आज बिलासपुर से निकलकर सामने आया है जहां पैतृक जमीन में नाम चढ़ाने के एवज में ₹50000 की रिश्वत लेते हुए एसीबी की टीम में एक नायाब तहसीलदार को गिरफ्तार किया है। नायब तहसीलदार का नाम देश कुमार कुर्रे हैं और यह मामला सीपत तहसील का हैं।
दरअसल बिलासपुर ग्राम बिटकुला निवासी प्रवीण पाटनवार ने 30 अक्टूबर को शिकायत की थी कि उसकी दिवंगत मां के नाम पर 21 एकड़ कृषि भूमि है। फौती दर्ज कर रिकॉर्ड में उसका और भाई-बहनों का नाम जोड़ना था। इसके लिए उन्होंने नायब तहसीलदार देश कुमार कुर्रे से संपर्क किया। इस दौरान कुर्रे ने काम के एवज में 1.50 लाख की मांग की थी। शिकायत सत्यापन के दौरान मोलभाव कर 1,20,000 रूपये लेने के लिये आरोपी सहमत हुआ। पीड़ित रूपये नहीं देना चाहता था, बल्कि आरोपी नायब तहसीलदार को रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था। उसने इसकी शिकायत बिलासपुर एसीबी से की। शिकायत की जांच करवाई गई, जिसके बाद एसीबी ने ट्रैप आयोजित कर आज 10 नवंबर को पीड़ित से पहली क़िस्त 50 हजार की रिश्वत लेते नायब तहसीलदार को पकड़ा गया।
आरोपी नायब तहसीलदार देश कुमार कुर्रे को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध धारा 7 पीसीएक्ट 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के प्रावधानों के तहत् अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
BIG BREAKING : ज्वेलरी शॉप में चोरी, पुलिस ने पकड़े 9 आरोपी एक का नहीं किया जिक्र, इलाज के दौरान उसकी मौत परिजनों ने लगाए पुलिस पर मारपीट के आरोप…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले के बलरामपुर मुख्यालय से लगे ग्राम दहेजवार में स्थित धनंजय ज्वेलर्स में बीते 30 अक्टूबर की रात 2 बाइक सवार 6 चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर अपने साथ लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर व नकद ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 5 चोर व 4 खरीदार समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की पुलिस हिरासत में रविवार की सुबह 4.30 बजे मौत हो गई हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी को सिकलसेल की बीमारी थी। जबकि परिजनों ने आरोप हैं कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है।
दरअसल बलरामपुर के ग्राम दहेजवार चौक में स्थित धनंजय ज्वेलर्स में 30 अक्टूबर की रात लाखों रुपए की चोरी हुई थी। इस चोरी की घटना में लाखों रुपए के गहने व साढ़े 3 लाख रुपए चोरी हुए थे। वहीं सीसीटीवी कैमरे में 6 आरोपी कैद हुए थे, जो 2 बाइक पर सवार होकर आए थे। इस मामले में बलरामपुर पुलिस ने सीतापुर के ग्राम नकना निवासी उमेश सिंह समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं उनकी निशानदेही पर अंबिकापुर के एक ज्वेलरी शॉप के संचालक को चोरी के गहने खरीदने के आरोप तथा चोरी के सहयोग के आरोप में 3 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से आरोपी उमेश सिंह को लेकर बलरामपुर पुलिस चोरी के गहने बरामद करने सीतापुर गई थी। वहां से लौटने के दौरान उसकी तबियत बिगड़ी तो उसे बलरामपुर अस्पताल में रविवार की सुबह 4 बजे भर्ती कराया गया, यहां आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
9 आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी लेकिन मृतक के नाम का नहीं किया गया जिक्र
आश्चर्य की बात यह हैं कि इस मामले की लीपापोती के उद्देश्य से पुलिस ने जारी अपने प्रेस विज्ञप्ति में मृतक उमेश सिंह के नाम का जिक्र नहीं किया। पुलिस इस मामले में अपने बचाव में उमेश सिंह की मौत को सिकलसेल की बीमारी से जोड़ रही हैं। और इस वजह से उसकी तबियत रास्ते में बिगड़ने और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत होने की बात कहती नजर आ रही हैं। नर्सरी के बाद यह है कि जब युवक की गिरफ्तारी की गई थी तो पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उसके नाम का जिक्र क्यों नहीं किया गया..?
यदि पुलिस द्वारा युवक की गिरफ्तारी नहीं की गई थी तो युवक पुलिस की कस्टडी में क्यों था..??
सिकलसेल की बीमारी की वजह से अगर युवक की तबीयत बिगड़ी थी तो इसकी जानकारी उसके परिजनों को क्यों नहीं दी गई..?
परिजनों ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप
युवक की मौत के बाद पुलिस द्वारा इस मामले की सूचना युवक के परिजनों को दी गई। सूचना पर परिजन बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल जाकर उन्हें उमेश की मृत्यु की जानकारी मिली। अचानक हुए इस मौत की घटना से परिजन काफी आक्रोशित है और मृतक उमेश सिंह की मां अगरमती सिंह, बहन व भाभी का कहना है कि उसे कोई बीमारी नहीं थी। पुलिसकर्मियों ने हाथ बांधकर उसकी काफी पिटाई की थी, मुंह से खून भी निकल रहा था। उन्हें उमेश से मिलने भी नहीं दिया गया था। फोन पर उन्हें सूचना दी गई कि वह काफी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है, यहां आकर उन्हें उसकी मौत की जानकारी हुई।
अचानक हुए युवक की इस मौत से परिजन काफी आक्रोशित हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं। इधर किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए बलरामपुर कोतवाली में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
ये 9 आरोपी हुए थे गिरफ्तार
धनंजय ज्वेलर्स में चोरी के मामले में पुलिस ने चोर व खरीददार समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सरगुजा जिले के सीतापुर थाना अंतर्गत ग्राम नकना निवासी शिवकुमार पिता लांजा राम 18 वर्ष, सूरज सिंह पिता हीरू सिंह 19 वर्ष, वेद सिंह पिता धर्मदेव सिंह 21 वर्ष, उमेश सिंह 19 वर्ष व ग्राम बिशुनपुर निवासी सूर्या गिरी पिता मिलन गिरी 19 वर्ष के अलावा खरीदार अंबिकापुर के महुआपारा गोधनपुर निवासी रोशन सोनी पिता चुन्नू सोनी 24 वर्ष, और चोरी के गहनों की बिक्री में सहयोगी सीतापुर के ग्राम बालमपुर निवासी अजीत पिता शंभूनाथ 25 वर्ष, जशपुर जिले के ग्राम सन्ना निवासी बादल दास पिता प्रमोद दास 22 वर्ष व सीतापुर के ग्राम बनेया निवासी राजेश अग्रवाल पिता रामअवतार अग्रवाल 40 वर्ष शामिल हैं। वहीं चोरी में शामिल एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में मृतक उमेश सिंह के नाम का जिक्र नहीं किया है।
डीजल चोरी की शक पर युवकों की बेदम पिटाई, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने किया 4 आरोपियों को गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : बलरामपुर जिले के राजपुर थाना अंतर्गत आने वाले बरियों पुलिस चौकी क्षेत्र के भिलाईखुर्द में संचालित क्रेशर प्लांट में डीजल चोरी करने के शक में क्रेशर प्लांट में काम करने वाले दो कर्मचारियों के साथ अमानवीय तरीके से मारपीट करने का वीडियो वायरल होने के बाद 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैं। उक्त घटना से आहत परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले कुल 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर अपराध कमांक 250/2025 धारा 127 (2), 296, 351 (2), 191(2), 191 (3) बीएनएस 3(2) वी. क,3-1, द, थ एसी/एसटी एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपी रविशंकर यादव पिता दलगर यादव, उम्र 22 वर्ष, नि. कल्याणपुर, लटोरी, जिला सूरजपुर। 2. आनंद बिसी पिता पाण्डव बिसी, उम्र 35 वर्ष, नि. भिलाईखुर्द, बरियों, जिला बलरामपुर मनोज यादव पिता रामलखन, उम्र 38 वर्ष, निवासी बादा, चौकी बरियों, जिला बलरामपुर अनिल कुमार पिता गोविन्द राम, निवासी ग्राम नवापारा, पड़ौली, धौरपुर,जिला सरगुजा भेजा सलाखों के पीछे। जानकारी के अनुसार प्रार्थी बिनोद सारथी पिता बलदेव सारथी,उम्र 25 वर्ष, निवासी बधिमा, चौकी बरियों एवं वरूण शर्मा पिता बाबूलाल शर्मा,उस 30 वर्ष, हाल मुकाम ग्राम भिलाईखुर्द के द्वारा दिनांक 07/11/2025 को चौकी उपस्थित होकर एक लिखित आवेदन पत्र पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि दिनांक 04/11/2025 को सुबह करीब 08ः00 बजे प्रार्थी विनोद सारथी एवं वरूण शर्मा गाड़ी चलाने के लिए लालू के क्रेशर ग्राम भिलाईखुर्द गया था, उसी समय करीब 10-11 बजे ग्राम भिलाईखुर्द के सिंघल क्रेशर का मुंशी संजय प्रधान व उसके साथी डॉक्टर, रविशंकर, जे.पी. यादव, मोनू दास, रामलाल, दीपक अग्रवाल व अन्य साथियों के साथ आए और प्रार्थी बिनोद सारथी एवं वरूण शर्मा दोनों के साथ मारपीट किए। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर बरियों चौकी में अपराध क्रमांक 250/2025 धारा 127(2), 296, 351 (2), 191(2), 191(3) बीएनएस 3 (2) वी. क, 3-1, द, घ एससी/एसटी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। विवेचना के दौरान चौकी प्रभारी द्वारा प्रार्थी व गवाहों का बयान लिया गया तथा घटनास्थल निरीक्षण किया गया, पुलिस ने विवेचना में पाया आरोपियों ने प्रार्थीगण के साथ मारपीट करना पाया गया है, जिससे प्रार्थीगण मानसिक रूप से आहत हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा सदर का अपराध घटित करना पाये जाने से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों का पालन करते हुए विधिवत आरोपियों को नोटिस दिया गया। जिस पर आरोपियों के उपस्थित नहीं होने तथा विवेचना में सहयोग नहीं करने पर उन्हें हिरासत में लेकर आरोपी रविशंकर यादव पिता दलगर राम यादव, उम्र 22 वर्ष, जाति बरगाह, निवासी ग्राम कल्याणपुर, चौकी लटौरी, थाना जयनगर, जिला सूरजपुर 02. आनंद बिसी पिता पाण्डव बिसी, उम्र 35 वर्ष, जाति कोलता, निवासी भिलाईखुर्द, चौकी बरियों, थाना राजपुर, जिला बलरामपुर रा.गंज 03. मनोज यादव पिता रामलखन यादव, उम्र 38 वर्ष, जाति अहीर, निवासी बादा, चौकी बरियों, थाना राजपुर 04. अनिल कुमार पिता गोविन्द राम, निवासी नवापारा, पड़ौली, थाना धौरपुर, सरगुजा से घटना के संबंध में पुछताछ किया गया पूछताछ पर आरोपियों के विरूद्ध धारा सदर का अपराध सबूत पाये जाने पर आरोपियों को दिनांक 08/11/2025 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
प्रकरण के अन्य सभी पहलुओं पर विवेचना जारी है। कार्यवाही में एसडीओपी इमानुएल लकड़ा, उपनिरीक्षक रविन्द्र प्रताप सिह चौकी प्रभारी बरियों, प्र.आर. प्रदीप यादव, विजय गुप्ता, आर. जगनाथ केराम, सुरेन्द्र रवि, ईश्वर मरावी, अजय टोप्पो का सराहनीय योगदान रहा।
अंबिकापुर के वर्तमान जिला न्यायालय से सटे शासकीय भूमि पर ही नवीन न्यायालय भवन का निर्माण हो- राजेश दुबे
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के महामंत्री एवं सरगुजा संभाग के प्रभारी अधिवक्ता राजेश दुबे ने दिनांक सात नवंबर को कलेक्टर सरगुजा, जिला न्यायाधीश अंबिकापुर को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि माननीय छग उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अंबिकापुर में नवीन न्यायालय भवन के निर्माण के लिए भूमि चयन के संबंध में सन 2020 में माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति जो अंबिकापुर न्यायालय के पाल्य अधिकारी थे उनके अंबिकापुर प्रवास पर उनके साथ तत्कालीन जिला न्यायाधीश महोदय, तत्कालीन कलेक्टर एवं जिला अधिवक्ता संघ सरगुजा के उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि वर्तमान न्यायालय भवन से सटे हुए आयु पूर्ण शासकीय भवन गुलाब कॉलोनी एवं आसपास के अतिक्रमित शासकीय भूमि का चयन किया गया था जिसका भूखंड क्रमांक 505/13 रकबा 2.59 एकड़ है पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करने पर रकबा लगभग चार एकड़ होगा। उक्त भूमि के चयन होने के बाद भूमि का नक्शा, स्टीमेट, प्राक्कलन मंजूरी हेतु छत्तीसगढ़ शासन के पास भेजा गया जहाँ से 46,025,2000 रू राशि स्वीकृत हो चुकी है।
राजेश दुबे ने आगे कहा कि हैरानी की बात तब हो गई जब कलेक्टर सरगुजा द्वारा पूर्व भूमि चयन एवं स्वीकृति के बावजूद अंबिकापुर शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सूरजपुर जिले के सरहदी ग्राम चठिरमा में केंद्र सरकार के पुनर्वास मद की भूमि जिसका भूखंड क्रमांक क्रमशः 344,345 है को शासकीय मद में घोषित कर नवीन न्यायालय भवन निर्माण हेतु भूमि के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई जबकि राजस्व पुस्तक परिपत्र एवं केंद्र सरकार के पुनर्वास नीति एवं नियम के अनुसार कलेक्टर को केंद्र सरकार की पुनर्वास की भूमि जो एक विशेष प्रयोजन की भूमि है उसके मद को परिवर्तित करने का कोई अधिकार नहीं है उक्त मद की भूमि को राज्य सरकार केंद्र सरकार से अनुमति लेने के बाद ही भूमि के मद में परिवर्तन कर सकता है । ग्राम चठीरमा में पुनर्वास भूमि आवंटन नहीं रोके जाने के स्थिति में विधानसभा एवं लोकसभा में इसकी गूंज सुनाई देगी जिसकी जवाबदेही कलेक्टर सरगुजा एवं राज्य सरकार की होगी। सरगुजा तत्कालीन कलेक्टर जी एस धनंजय के कार्यकाल में बड़े पैमाने पर पुनर्वास की भूमि विक्रय की अनुमति दी गई थी मेरे पहल करने पर विधानसभा में इसकी गूंज उठी थी परिणाम स्वरूप सभी अनुमति निरस्त किए गए थे और कलेक्टर साहब का तत्काल तबादला हो गया था।
राजेश दुबे ने कहा कि वर्तमान जिला न्यायालय के नजदीक ही समस्त राजस्व न्यायालय है, उपभोक्ता फोरम, परिवार न्यायालय है ऐसी स्थिति में अधिवक्ता एवं पक्षकारों को प्रकरणों में उपस्थिति सुविधाजनक होता है। ज्ञापन सौंपने में कांग्रेस विधि विभाग के जिलाध्यक्ष देवकांत त्रिवेदी,विनय पांडेय,इशरत सिद्दकी, के के मिस्त्री, प्यारेलाल यादव, मृत्युंजय जायसवाल, निखत कलीम, रेशमा परवीन सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू, छत्तीसगढ़ की 15 खदानों की होगी नीलामी..
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : कोयला मंत्रालय द्वारा कमर्शियल कोल माइनिंग के तहत कोयला खदानों के नीलामी की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। इसमें सात राज्यों के 41 खदानें शामिल है, यह 14वे दौर के नीलामी की प्रक्रिया है। इस दौर में छत्तीसगढ़ की 15 कोयला खदानें सूचीबद्ध है। छत्तीसगढ़ की कोल ब्लॉक जिनकी नीलामी होनी है, वे निम्नलिखित हैं –
- गोरही महलोई-बिजना
- गोरही महलोई-देवगांव
- गोरही महलोई-अमलीढोंडा
- गोरही महलोई -कसडोल
- रेवंती इस्ट
- तेरम
- विजयनगर नॉर्थ
- विजयनगर साउथ
- भटगांव 2
- भटगांव एक्सटेंशन (बोझा)
- बटाटी कोलगा वेस्ट
- कलगामार
- मडवानी
- करतला साउथ
- तौलीपाली
वाणिज्यिक खनन को बढ़ावा
देश में घरेलू कोयला उत्पादन को बढ़ावा देने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, कोयला मंत्रालय ने हाल ही में वाणिज्यिक कोयला खनन (Commercial Coal Mining) के तहत खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की है। नवीनतम दौर की नीलामी में देश के सात राज्यों की कुल 41 खदानों को सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें से छत्तीसगढ़ की 15 कोयला खदानें शामिल हैं।
नीलामी का उद्देश्य
भारत में कोयला उत्पादन बढ़ाना, कोयले के आयात पर निर्भरता कम करना और राजस्व सृजन करना।
राज्य की खदानें
नीलामी के लिए सूचीबद्ध 41 खदानों में से 15 छत्तीसगढ़ राज्य की हैं। आरक्षित भंडार: इन खदानों में 12,725 मिलियन टन से अधिक का विशाल कोयला भंडार अनुमानित है।
आर्थिक और राजस्व प्रभाव
कोयला मंत्रालय इस नीलामी को राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। वाणिज्यिक कोयला खनन के माध्यम से राज्य सरकार को राजस्व में वृद्धि होने की उम्मीद है, साथ ही खनन क्षेत्रों के आसपास के समुदायों के लिए रोजगार सृजन के अवसर भी बढ़ेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार, इन खदानों के संचालन से राज्य की जीएसडीपी (GSDP) में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी और बढ़ेगी।
पर्यावरणीय और सामाजिक चिंताएं
खदानों की नीलामी पर पर्यावरण और वन्यजीव से संबंधित चिंताएं भी सामने आई हैं। कई कोयला ब्लॉक वन क्षेत्रों में स्थित हैं, जिनमें हाथी और अन्य वन्यजीवों का आवास है। कुछ खदानों में वन भूमि का प्रतिशत 15% से 40% तक है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरणविदों ने इन खदानों के खनन से वनों की कटाई और पर्यावरण पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के प्रति आशंका व्यक्त की है। राज्य सरकार को स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुरोध पर कुछ खदानों (जैसे रायगढ़ जिले में स्थित ‘बारा’ कोयला ब्लॉक) को अधिक मानव बस्ती के कारण नीलामी से छूट देनी पड़ी है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ की 15 कोयला खदानों की नीलामी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन इसके साथ ही पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने की चुनौती भी जुड़ी हुई है।
रतनलाल डांगी को भेजा गया PHQ, अजय यादव बने पुलिस अकादमी प्रमुख…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राज्य शासन ने गुरुवार को रतन लाल डांगी, निदेशक नेताजी सुभाषचंद्र बोस, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी, रायपुर को अस्थाई रूप से आगामी आदेश पर्यन्त पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ नवा रायपुर में पदस्थ किया है। उनके स्थान पर निदेशक नेताजी सुभाषचंद्र बोस, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी, रायपुर के पद पर अजय कुमार यादव को पदस्थ किया गया हैं।
देखें आदेश:

संभाग भर के मरीजों का मेडिकल हब अम्बिकापुर, न्यूरोसर्जन की कमी मरीजों के लिए बनी आफत का सबब…!!
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : भाग दौर भरी जिंदगी, रोज घट रही सैंकड़ों घटनाएं… गंभीर रूप से घायल संभाग भर के मरीजों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जाता है रेफर, बावजूद इसके संभाग भर की जिम्मेदारी ढोने वाले अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरोसर्जन की हैं कमी। यह कमी मरीजों और उनके परिजनों के लिए आफत का सबब बनी हुई हैं। गंभीर रूप से घायल मरीजों को अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल द्वारा रायपुर रेफर किया जाता हैं। अंबिकापुर से रायपुर की दूरी 340 किलोमीटर हैं। इतनी दूरी का सफर तय करते वक्त कई मरीजों की मौत हो जाती हैं वही कई गरीब तबके के मरीज एम्बुलेंस और हॉस्पिटल और इतने दूर जाने पर होने वाले खर्चे के अभाव में जिंदगी से जंग हार जाते हैं।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जन का संकट: मरीजों का इलाज रामभरोसे!
सरगुजा संभाग के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र, राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज अस्पताल) अंबिकापुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है, जिसमें न्यूरोसर्जन का पद सबसे महत्वपूर्ण है। अस्पताल में एक भी न्यूरोसर्जन मौजूद नहीं है, जिसके कारण सिर और रीढ़ की गंभीर चोटों (Head and Spinal Injuries) से जूझ रहे मरीजों को या तो निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है, या उन्हें जान जोखिम में डालकर दूर के शहरों में रेफर किया जा रहा है।
गंभीर समस्या, शून्य विशेषज्ञ
अस्पताल में न्यूरोसर्जन की कमी लंबे समय से एक गंभीर मुद्दा रहा है। सड़क दुर्घटनाओं और अन्य कारणों से सिर में चोट लगने के मामलों में न्यूरोसर्जन की तत्काल आवश्यकता होती है, लेकिन विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी में गंभीर मरीजों का इलाज सिर्फ प्राथमिक उपचार तक सिमट कर रह जाता है। इस क्षेत्र के गरीब और ग्रामीण मरीजों के लिए, जो निजी अस्पतालों का महंगा खर्च वहन नहीं कर सकते, यह स्थिति जानलेवा साबित हो रही है।
प्रशासन की पहल, परिणाम शून्य
अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग लगातार इस कमी को दूर करने के लिए विज्ञापन जारी कर रहा है, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक यहां जॉइन करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हाल ही में, स्वास्थ्य मंत्री ने भी स्वीकार किया था कि प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी है और इस समस्या के समाधान के लिए कलेक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति के लिए ‘फ्री हैंड’ दिया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रयास किए जा सकें। हालांकि, जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अन्य विशेषज्ञ भी नदारद
न्यूरोसर्जन के अलावा, अस्पताल में नेफ्रो सर्जन, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट जैसे महत्वपूर्ण विभागों के डॉक्टरों के पद भी खाली पड़े हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की यह कमी न केवल मरीजों को प्रभावित कर रही है, बल्कि नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मानकों को भी पूरा करने में बाधा डाल रही है।
क्षेत्र की जनता ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर स्वास्थ्य संकट को देखते हुए तत्काल प्रभाव से विशेषज्ञ न्यूरोसर्जन की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सके।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित आगमन की तैयारियों का लेकर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने किया कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संभावित आगमन को लेकर अम्बिकापुर में प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। इसी सिलसिले में आज आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया।
श्री बोरा ने सबसे पहले गांधी स्टेडियम पहुंचकर राष्ट्रपति के आगमन हेतु तैयार किए जा रहे हेलीपैड स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, आगमन एवं निर्गमन मार्ग, हेलीपैड की मजबूती तथा आसपास की साफ-सफाई का बारीकी से जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके पश्चात् उन्होंने पी.जी. कॉलेज मैदान पहुंचकर मुख्य कार्यक्रम स्थल की तैयारियों की समीक्षा की। प्रमुख सचिव ने पीजी कॉलेज मैदान में बनने वाले डोम पंडाल, बैठक व्यवस्था, वीआईपी गेट, यातायात बेरिकेडिंग, प्रवेश एवं निकास द्वार, स्टॉल्स की साज-सज्जा, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, बिजली व्यवस्था एवं सांस्कृतिक मंच का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व सभी व्यवस्थाएं मानक के अनुरूप और सौंदर्यपूर्ण ढंग से पूरी होनी चाहिए।
श्री बोरा ने पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाली संगोष्ठी कार्यक्रम की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम सुव्यवस्थित, समयबद्ध रहे।
निरीक्षण के दौरान सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र दुग्गा, कलेक्टर विलास भोसकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल, अपर कलेक्टर सुनील नायक, एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लों, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
तहसीलदार लटोरी सुरेंद्र साय पैंकरा के विरुद्ध संभाग आयुक्त से हुई शिकायत…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : तहसीलदार लटोरी सुरेंद्र साय पैंकरा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग अपने व्यक्तिगत लाभ हेतु करते हुए शासन की छवि धूमिल की गई हैं। शासन से प्राप्त जमीनों (शासकीय मद की भूमि) की रजिस्ट्री उनके द्वारा करवा दी गई है, जबकि शासन के नियमानुसार इन जमीनों की रजिस्ट्री के पूर्व शासकीय मद से प्राप्त भूमि की बिक्री के लिए कलेक्टर से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इस संबंध में हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र की संपादक मृण्मयी पाण्डेय द्वारा संभाग आयुक्त से शिकायत की गई हैं। उल्लेखनीय हैं कि तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा द्वारा भू–राजस्व की धारा 165/7 (ख) का साफ तौर पर उल्लंघन किया गया हैं, जिस संबंध में तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा से बयान लिए जाने पर उनके द्वारा इसकी पुष्टि भी की गई थी साथ ही त्रुटिवश हस्ताक्षर होने की बात स्वतंत्र रूप से स्वीकारी गई थी।
इनके द्वारा एक नहीं बल्कि 6 जमीन की रजिस्ट्री नियंविरुद्ध तरीके से करवा दी गई हैं और कुछ के नामांतरण भी कर दिए गए हैं।
उनके द्वारा जिन जमीनों की रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन के कर दी गई हैं :
1.दिनांक 29/03/2024 को उक्त अधिकारी द्वारा लटोरी तहसील अंतर्गत ग्राम लटोरी के विक्रेता कृष्ण कुमार तिवारी आत्मज बद्री विशाल तिवारी के जमीन खसरा नंबर 421/2 की चौहद्दी निर्माण कर क्रेता सरिता राजवाड़े आत्मज अरविंद राम के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई।
2.दिनांक 28/03/2024 को उक्त अधिकारी द्वारा लटोरी तहसील अंतर्गत ग्राम लटोरी के विक्रेता गीता सिंह पति राघवेंद्र सिंह के जमीन खसरा नंबर 114 की चौहद्दी निर्माण कर क्रेता त्र्यंबक गुप्ता आत्मज उदयचंद्र गुप्ता के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई।
3.दिनांक 21/04/2023 को उक्त अधिकारी द्वारा लटोरी तहसील अंतर्गत ग्राम लटोरी के विक्रेता नूरुल हसन आत्मज एम.आर. अंसारी के जमीन खसरा नंबर 213/2 की चौहद्दी निर्माण कर क्रेता सविता कुंडू पति शंभू कुंडू के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई। इस जमीन के नामांतरण का कार्य भी पूर्ण कर दिया गया हैं।
4.दिनांक 27/05/2025 को उक्त अधिकारी द्वारा लटोरी तहसील अंतर्गत ग्राम लटोरी के विक्रेता सुमन प्रसाद सिंह आत्मज आनंद राम के जमीन खसरा नंबर 211/2 की चौहद्दी निर्माण कर क्रेता संतोष कुमार सिंह आत्मज अंकेश्वर सिंह के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई।
5.दिनांक 30/05/2024 को उक्त अधिकारी द्वारा लटोरी तहसील अंतर्गत ग्राम लटोरी के विक्रेता रवि रंजन श्रीवास्तव आत्मज विजय कुमार श्रीवास्तव के जमीन खसरा नंबर 1129/3 की चौहद्दी निर्माण कर क्रेता डिम्पल राजवाड़े पति राकेश राजवाड़े और एक अन्य क्रेता मोहर लाल चेरवा आत्मज रामसुंदर चेरवा के नाम रजिस्ट्री करवा दी गई।
आपको बता दें कि इन 6 रजिस्ट्रियों में से कुछ के नामांतरण के कार्य भी पूर्ण कर लिए गए हैं।
खबर प्रकाशन के बाद अपनी चोरी छिपाने भेजा गया था वैधानिक नोटिस
इससे पहले आपको बता दे कि तहसीलदार लटोरी द्वारा हिंद स्वराष्ट्र की संपादक को वैधानिक नोटिस भी भेजा गया था जिसमें उनके द्वारा झूठी खबर प्रकाशित करने के आरोप लगाते हुए 10 लाख रुपए की मांग की की गई थी, लेकिन आपको बता दे कि हमारे द्वारा कोई भी झूठी खबर प्रकाशित नहीं की गई थी ना ही कोई खबर बिना साक्ष्य के प्रकाशित की गई थी। कमिश्नर सरगुजा को दिए गए आवेदन में भी हमारे द्वारा रजिस्ट्री के कागजों समेत उक्त जमीनों के शासकीय मद के होने के भी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।
भ्रष्टाचार की देवी की संरक्षण में फल फूल रहे थे तहसीलदार देखने का विषय होगा अब की क्या सरगुजा कमिश्नर से शिकायत के बाद इन पर हो सकेगी कोई कार्रवाई..? या मुख्यमंत्री के करीबी होने का ट्रंप कार्ड उन्हें इस जांच/कार्यवाही से भी रखेगा मुक्त..??