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जिला पंचायत CEO का सख्त एक्शन, जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में की छापेमारी…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर किशन शाह: जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने आज अचानक जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ में छापेमारी कर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर को जब्त किया गया, वहीं वाउचर एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की भी जांच की गई।
अचानक हुई इस कार्रवाई से जनपद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूत्रों के अनुसार, कर्मचारियों की उपस्थिति और वित्तीय कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जिला पंचायत CEO की इस सख्ती के बाद जनपद पंचायत परिसर में हड़कंप मचा हुआ है। आगे की जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी मनेन्द्रगढ़ फिर सवालों के घेरे में, आखिर वे जवाब देने में क्यों कर रहे आनाकानी…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/ मनेंद्रगढ़ किशन शाह: वन परिक्षेत्र मनेन्द्रगढ़ में पदस्थ अधिकारी रामसागर कुर्रे एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे, आरटीआई से जुड़े एक मामले में जब उनसे जवाब मांगा गया तो वे स्पष्ट उत्तर देने से बचते हुए इधर-उधर की बातें करते नजर आए, लेकिन ठोस जवाब नहीं दिया गया। संबंधित विषय पर पूछे गए सवालों को लेकर वन परीक्षेत्र अधिकारी रामसागर कुर्रे की कार्यशैली संदेह के घेरे में आ गई है। जवाब देने के बजाय टालमटोल रवैया अपनाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि रामसागर कुर्रे आगामी दो माह में सेवानिवृत्त होने वाले हैं, ऐसे में उनके खिलाफ लंबित शिकायतों और संभावित अनियमितताओं की जांच को लेकर शासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि यदि अधिकारी भ्रष्टाचार या अनियमितता के मामलों में संलिप्त नहीं हैं, तो जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है? क्या सेवानिवृत्ति के पहले मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है?
अब यह पूरा मामला शासन स्तर पर जांच का विषय बनता जा रहा है, और आमजन को उम्मीद है कि समय रहते निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी। यदि जांच में देरी होती है, तो यह शासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करेगा।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर ग्राम साल्ही में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बालिकाओं को योजनाओं,अधिकारों एवं सुरक्षा तंत्र की दी गई विस्तृत जानकारी…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर किशन शाह: राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर विकासखंड मनेंद्रगढ़ के ग्राम साल्ही स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें नोनी सुरक्षा योजना, महतारी जतन योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, सक्षम योजना, बाल गृह एवं बालिका गृह से संबंधित सुविधाएं शामिल रहीं।
इसके साथ ही बालिकाओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, सखी वन स्टॉप सेंटर, साइबर अपराध से बचाव हेतु हेल्पलाइन नंबर 1930, तथा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB) एवं बाल कल्याण समिति (CWC) की भूमिका और कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का संचालन महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) एवं सखी वन स्टॉप सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आत्मविश्वास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि किसी भी समस्या या संकट की स्थिति में शासन द्वारा स्थापित सहायता तंत्र सदैव उनके साथ खड़ा है।
कार्यक्रम में विद्यालय स्टाफ, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्यों ने भी सहभागिता करते हुए बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों एवं संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करना तथा बालिकाओं को यह विश्वास दिलाना रहा कि वे सक्षम, समर्थ एवं आत्मनिर्भर हैं और शासन की योजनाओं का लाभ लेकर अपने भविष्य को सशक्त बना सकती हैं।

विलुप्त होती बहुरूपिया कला को मिला नया जीवन, चिरमिरी में 11वां बहुरूपिया महोत्सव बना आकर्षण का केंद्र…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन शाह : विलुप्त होती पारंपरिक बहुरूपिया कला को संरक्षण देने और नववर्ष को उल्लासपूर्ण ढंग से मनाने के उद्देश्य से युथ क्लब चिरमिरी द्वारा आयोजित 11वां वार्षिक बहुरूपिया महोत्सव इस वर्ष भी भव्यता, रंगों और सांस्कृतिक चेतना के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बहुरूपिया कलाकारों ने अपनी अद्भुत भाव-भंगिमाओं, सशक्त अभिनय और मनमोहक वेशभूषा से दर्शकों का मन मोह लिया।
महोत्सव में एकल एवं समूह वर्ग में कलाकारों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के दौरान कलाकारों ने कांतारा, नरसिंह अवतार, मां काली, सांई बाबा, महारानी, कोयला श्रमिक, मुर्गा, योगा, भालू, प्रभु श्रीराम, यमराज, बाबा जगन्नाथ सहित जंगल बचाओ, पर्यावरण संरक्षण और माता-पिता की सेवा जैसे सामाजिक विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल स्वस्थ मनोरंजन किया, बल्कि समाज को जागरूक करने का सशक्त संदेश भी दिया।
बहुरूपिया कलाकार हल्दीबाड़ी के मुख्य मार्गों में घूम-घूमकर अपनी कला का प्रदर्शन करते रहे, जिससे पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। नगरवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए दर्शकों ने भी कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया। कलाकारों के साथ सेल्फी लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
विभिन्न स्थानों पर नियुक्त निर्णायक मंडल द्वारा कलाकारों का मूल्यांकन कर एकल एवं समूह वर्ग में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्रदान किए गए।
एकल वर्ग में “योगा से होता है सभी बीमारियों का हल” विषय पर प्रस्तुति देने वाले कलाकार ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, वहीं समूह वर्ग में “माता-पिता की सेवा कैसे करनी चाहिए” विषय पर आधारित प्रस्तुति ने प्रथम स्थान हासिल किया। सभी प्रतिभागी कलाकारों को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
शानदार प्रस्तुतियों के उपरांत आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, चिरमिरी महापौर रामनरेश राय, पूर्व विधायक विनय जायसवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने अपने उद्बोधन में कहा
“यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। पिछले 11 वर्षों में इस वर्ष का आयोजन अद्भुत और ऐतिहासिक रहा है।”
उन्होंने युथ क्लब चिरमिरी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन लोककलाओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र खड़गवां : 9.46 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक कृषि महाविद्यालय भवन, क्षेत्रीय विकास की ऐतिहासिक सौगात…

हिंद स्वराष्ट्र मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह  : जिले के इतिहास में सोमवार को एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब विक्रम संवत 2082 माघ मास कृष्ण पक्ष द्वितीया के शुभ अवसर पर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र खड़गवां के नवीन भवन का भव्य भूमिपूजन संपन्न हुआ। लगभग 9 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से बनने वाला यह अत्याधुनिक भवन क्षेत्र के किसानों, युवाओं और कृषि अनुसंधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन एवं पशुधन विकास विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम रहे।
समारोह की अध्यक्षता लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने की।


अपने संबोधन में श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि यह कृषि महाविद्यालय क्षेत्रीय विकास, किसानों के सशक्तिकरण और कृषि आधारित शिक्षा के विस्तार में दूरगामी भूमिका निभाएगा तथा पूरे अंचल के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध होगा।
भूमिपूजन वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर जनपद पंचायत खड़गवां अध्यक्ष  श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष विरेंद्र सिंह करियाम, जिला पंचायत सदस्य प्रिया सिंह, जनपद सदस्य युगांतर श्रीवास्तव, ग्राम पंचायत पोड़ीडीह की सरपंच जया मरावी, ग्राम पंचायत खड़गवां के सरपंच सुखित लाल अगरिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान, छात्र एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह महाविद्यालय माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी की स्वीकृति से संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सतत प्रयासों से यह सपना साकार हुआ।
उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र के छात्र-छात्राएं कृषि एवं उद्यानिकी की उच्च शिक्षा अपने ही अंचल में प्राप्त कर सकेंगे, जिससे बड़े शहरों की ओर पलायन रुकेगा और युवा आत्मनिर्भर बनेंगे।
उन्होंने बताया कि जिले की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। कृषि महाविद्यालय के माध्यम से किसानों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे वे दो से तीन फसलें लेकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। सरकार मिश्रित कृषि, मोटे अनाज (बाजरा, रागी, ज्वार, मक्का), दलहन-तिलहन, पशुपालन, मत्स्य पालन और जल संरक्षण को बढ़ावा दे रही है।
इस अवसर पर प्रभारी मंत्री ने नवीन पशु औषधालय भवन, कृषि महाविद्यालय में छात्रावास एवं आवश्यक अधोसंरचना की स्वीकृति की घोषणा भी की।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि खड़गवां विकासखंड में शिक्षा, सड़क और स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। पिछले वर्षों में क्षेत्र में स्कूल, कॉलेज, कृषि महाविद्यालय, एकलव्य विद्यालय और स्वामी आत्मानंद विद्यालय की स्थापना की गई है। सैकड़ों सड़क परियोजनाएं चल रही हैं और मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल जैसे बड़े प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं।

हिट एंड रन मामला : विधायक रेणुका सिंह का पुत्र गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राज्य की राजधानी रायपुर से एक हिट एंड रन का मामला सामने निकल कर आया है। इस मामले में भरतपुर विधायक रेणुका सिंह के पुत्र लक्की सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि देर रात लक्की सिंह द्वारा तेज रफ्तार में लापरवाहीपूर्वक कार चलाई जा रही थी और उनके द्वारा एक बाइक सवार को अपनी चपेट में ले लिया गया, जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया हैं और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार रविवार सोमवार की रात करीब 2:00 बजे तेलीबांधा थाना अंतर्गत अग्रसेन धाम के पास एक तेज रफ्तार कार द्वारा बाइक सवार को चपेट में लिया गया जिससे बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के वक्त कार लक्की सिंह द्वारा चलाई जा रही थी वही कार में एक अन्य युवक और दो युवतियां भी सवार थी लेकिन हादसे के बाद तीनों मौके से फरार हो गए जबकि पुलिस द्वारा लक्की सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना के वक्त लक्की सिंह शराब के नशे में थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गांधीनगर थाना प्रभारी समेत 9 के तबादले, देखें आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : हाल ही में हुए विवाद के बाद गांधीनगर थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल का तबादला कर दिया गया है, उन्हें थाना प्रभारी लुण्ड्रा बनाया गया है। वहीं प्रवीण कुमार द्विवेदी को गांधीनगर थाने का प्रभार सौंपा गया है। उल्लेखनीय की कुछ दिन पूर्व प्रदीप जायसवाल पर महिलाओं से गाली गलौज के आरोप लगे थे और उनके खिलाफ आईजी और एसएसपी सरगुजा से शिकायत की गई थी।

देखें आदेश :

छत्तीसगढ़ में मिली नई ग्रीन केव/ गुफा,, पर्यटन के क्षेत्र में नई उपलब्धि…

हिंद स्वराष्ट्र बस्तर : छत्तीसगढ़ अपनी प्राकृतिक सुंदरता और भूगर्भीय रहस्यों के लिए जाना जाता है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग (विशेषकर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के आसपास) में ‘ग्रीन केव’ या ‘हरित गुफा’ की चर्चा काफी बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (Kanger Valley National Park) गुफाओं का गढ़ माना जाता है। यहाँ हाल ही में खोजी गई या चर्चा में आई गुफाओं में ‘ग्रीन गुफा’ अपनी अनूठी विशेषताओं के कारण विशेषज्ञों और पर्यटकों का ध्यान खींच रही है।
भौगोलिक स्थिति
  स्थान: यह गुफा बस्तर जिले के जगदलपुर के समीप, कांगेर घाटी के घने जंगलों के बीच स्थित है।
प्रवेश: गुफा का प्रवेश द्वार संकरा है, लेकिन अंदर जाने पर यह काफी विशाल और विस्मयकारी दृश्य प्रस्तुत करती है।

इसे ‘ग्रीन गुफा’ क्यों कहा जाता है?
इस गुफा का नाम इसकी दीवारों और संरचनाओं के रंग के कारण पड़ा है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
काई और शैवाल (Algae): गुफा के कुछ हिस्सों में नमी और प्रकाश के विशिष्ट कोण के कारण दीवारों पर हरे रंग की काई और फंगस जम जाती है, जो टॉर्च की रोशनी में चमकीली हरी दिखाई देती है।
खनिज संरचना: विशेषज्ञों का मानना है कि गुफा की चट्टानों में तांबे (Copper) या अन्य खनिजों की मौजूदगी हो सकती है, जो ऑक्सीकरण के कारण हरा रंग छोड़ते हैं।
मुख्य विशेषताएँ: स्टैलेक्टाइट और स्टैलेग्माइट
दुनिया भर की अन्य प्रसिद्ध गुफाओं की तरह यहाँ भी चूना पत्थर की अद्भुत आकृतियाँ मिलती हैं:
स्टैलेक्टाइट (Stalagtitie): छत से लटकती हुई नुकीली संरचनाएं।
स्टैलेग्माइट (Stalagmitie): जमीन से ऊपर की ओर उठती हुई स्तंभ जैसी आकृतियाँ।
पारभासी पत्थर: इस गुफा की एक खासियत यह है कि यहाँ के कुछ पत्थर इतने शुद्ध और पारभासी हैं कि रोशनी पड़ने पर वे हरे और सफेद रंग में चमकते हैं।


पारिस्थितिक महत्व
यह गुफा केवल पर्यटन ही नहीं बल्कि विज्ञान के नजरिए से भी महत्वपूर्ण है:
अंधी मछलियाँ और झींगे: कांगेर घाटी की अन्य गुफाओं (जैसे कोटमसर) की तरह यहाँ भी दुर्लभ प्रजाति के जीव पाए जा सकते हैं।
  माइक्रो-क्लाइमेट: गुफा के भीतर का तापमान बाहरी वातावरण से काफी अलग और ठंडा रहता है।

पर्यटन और संरक्षण
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड और वन विभाग इस गुफा को सुरक्षित रखने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं:
सीमित प्रवेश: गुफा की प्राकृतिक संरचना और पारिस्थितिकी को नुकसान न पहुंचे, इसलिए पर्यटकों की संख्या को नियंत्रित रखा जाता है।
सावधानी: गुफा के अंदर ऑक्सीजन की कमी और फिसलन भरी दीवारों के कारण गाइड के बिना जाना वर्जित है।

छत्तीसगढ़ की यह ग्रीन गुफा प्रकृति का एक अनमोल उपहार है। यह न केवल रोमांचक पर्यटन को बढ़ावा देती है, बल्कि भू-गर्भ शास्त्रियों (Geologists) के लिए शोध का एक नया केंद्र भी बन रही है।

मनेंद्रगढ़ को नए साल का बड़ा तोहफा
मिनी स्टेडियम के विकास को मिले 98 लाख, खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी मनेंद्रगढ़ किशन शाह : नए साल की शुरुआत मनेंद्रगढ़ के खेल प्रेमियों और स्थानीय खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेंद्रगढ़ विधायक श्यामबिहारी जायसवाल की विशेष पहल पर स्वामी आत्मानंद विद्यालय खेल मैदान में स्थित मिनी स्टेडियम का आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 98 लाख रुपये की बजट स्वीकृति प्रदान कर दी है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 से मनेंद्रगढ़ प्रेसिडेंट क्लब द्वारा आयोजित फ्लड लाइट रात्रिकालीन क्रिकेट टूर्नामेंट के चलते हाई स्कूल ग्राउंड को मिनी स्टेडियम का दर्जा मिला था। लंबे समय से खेल मैदान के विस्तार और सुविधाओं के विकास की मांग की जा रही थी। वर्ष 2025 में आयोजित फ्लड लाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह के दौरान क्लब के अध्यक्ष एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष अधिवक्ता आशीष सिंह ने मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के समक्ष इस मांग को रखा था, जिस पर मंत्री ने मंच से ही एक करोड़ रुपये खर्च कर मैदान के विकास की घोषणा की थी।
घोषणा पर त्वरित कार्रवाई
मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के निर्देश पर नगर पालिका द्वारा मिनी स्टेडियम का विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार कर नगरीय प्रशासन विभाग को भेजा गया। इसके पश्चात मंत्री ने उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति दिलाने का आग्रह किया। परिणामस्वरूप 98 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
इस राशि से मिनी स्टेडियम में भव्य मंच, दर्शकों के लिए गैलरी, खिलाड़ियों के लिए आधुनिक पवेलियन एवं अन्य खेल सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
जल्द होगा भूमि पूजन
मिनी स्टेडियम के विकास की स्वीकृति से क्षेत्र के खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। जल्द ही भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
इस उपलब्धि पर मनेंद्रगढ़ प्रेसिडेंट क्लब के अध्यक्ष अधिवक्ता आशीष सिंह सहित सुरजीत सिंह रैना, रमणीक सिंह रैना, हरीश गुप्ता, रविकांत सिंह राजपूत, प्रकाश त्रिपाठी, हर्षित गुप्ता एवं भूपेंद्र भंडारकर सहित क्लब के सभी सदस्यों ने मंत्री श्री जायसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मंत्री रामविचार नेताम का 05 जनवरी को जिला दौरा, कृषि, शिक्षा और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों में होंगे शामिल…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह : छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मछलीपालन तथा पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम सोमवार 05 जनवरी 2026 को मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिले के एकदिवसीय प्रवास पर रहेंगे। मंत्री का यह दौरा कृषि, शिक्षा, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं प्रशासनिक समीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राप्त कार्यक्रम अनुसार मंत्री नेताम प्रातः 10:45 बजे सर्किट हाउस मनेन्द्रगढ़ से प्रस्थान कर 11:00 बजे जनपद पंचायत खड़गवां पहुंचेंगे, जहां वे कृषि महाविद्यालय भवन के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिए जाने की संभावना है।
इसके पश्चात मंत्री दोपहर 12:30 बजे ग्राम सरभोका स्थित के.बी. पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग पहुंचेंगे, जहां आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वे माननीय विधायक रेणुका सिंह के जन्मदिवस समारोह में शामिल होकर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करेंगे।
मंत्री नेताम दोपहर 3:00 बजे ग्राम पंचायत बंजी के गुरूचौहवा पारा, आल्हामाड़ा पहुंचकर पारंपरिक छेरता तिहार कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस दौरान वे छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक समरसता पर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में शाम 5:00 बजे मंत्री नेताम कलेक्ट्रेट कार्यालय मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर जिला समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

जल संसाधन विभाग के अभियंता पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं, शासन की कार्यशैली पर उठे सवाल…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह:
जल संसाधन विभाग मनेंद्रगढ़ में पदस्थ अभियंता एन.सी. सिंह को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद शासन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि अभियंता एन.सी. सिंह को पिछले छह महीनों से कार्यालय में देखा ही नहीं गया, जबकि हर निरीक्षण अथवा दौरे के दौरान उनका नाम “रायपुर प्रवास” बताकर दर्ज किया जाता है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अभियंता की अनुपस्थिति में पूरा कार्यालय महज एक कर्मचारी के भरोसे संचालित हो रहा है, जिससे विभागीय कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं। महत्वपूर्ण योजनाओं, फाइलों और तकनीकी कार्यों का संचालन बिना जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी में किया जाना, शासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि मामला लंबे समय से चर्चा में होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और शासन स्तर पर कोई स्पष्ट या कठोर कदम नहीं उठाया गया। इससे आम जनता में यह संदेश जा रहा है कि विभागीय लापरवाही और मनमानी को मौन संरक्षण प्राप्त है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन और राज्य शासन कब तक इस मामले पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

पूजन एवं स्थल निरीक्षण के साथ विकास कार्य का शुभारंभ…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह: मनेंद्रगढ़ नगर के वार्ड क्रमांक 11 में सैंड निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन एवं स्थल निरीक्षण कर कार्य प्रारंभ कराया गया। यह निर्माण कार्य अग्रसेन भवन, थाना के सामने किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
कार्यक्रम में नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव एवं उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा की गरिमामयी उपस्थिति रही। वार्ड क्रमांक 11 के पार्षद मुकेश अग्रवाल द्वारा क्षेत्रीय विकास को लेकर निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव, इंजीनियर ईआर विकास कुमार मिश्रा एवं अजय पैकरा भी उपस्थित रहे। साथ ही नगर के कई जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई, जिनमें प्रमुख रूप से
ओम प्रकाश जायसवाल, सुशीला सिंह, इमरान खान, दयाशंकर यादव, सपन महतो, जमील शाह, अनिल प्रजापति, सुनैना विश्वकर्मा, मोहम्मद शाहिद, भैया गिरधर जायसवाल, विनीत जायसवाल, रवि जैन एवं रामधुन जायसवाल शामिल रहे।
कार्यक्रम में अग्रवाल समाज की ओर से विवेक अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, आकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं समस्त वार्ड की जनता उपस्थित रही।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह कार्य क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नगर विकास को गति देने के लिए ऐसे कार्य भविष्य में भी निरंतर किए जाते रहेंगे।
विकास की ओर बढ़ते कदम — सुंदर और स्वस्थ मनेंद्रगढ़ बनाने का संकल्प।

रंग, रूप और रचनात्मकता से सजी नववर्ष की पूर्व संध्या बहरूपिया महोत्सव ने जीवंत की लोक संस्कृति…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ किशन शाह : नववर्ष की पूर्व संध्या पर मनेन्द्रगढ़ की फिज़ा रंग, रूप और रचनात्मकता से सराबोर नजर आई, जब नगर में परंपरागत बहरूपिया महोत्सव का भव्य आयोजन पूरे उत्साह, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ संपन्न हुआ। 31 दिसंबर की शाम आयोजित यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का केंद्र रहा, बल्कि लोक कला, परंपरा और सामाजिक चेतना को सशक्त मंच प्रदान करने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन भी सिद्ध हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत होते ही जैसे ही बहरूपिया कलाकारों ने विभिन्न रूप-रंग और पारंपरिक वेशभूषा धारण कर मंच पर प्रवेश किया, दर्शकों की उत्सुकता चरम पर पहुंच गई। मंच पर कहीं पौराणिक पात्रों की जीवंत झलक देखने को मिली, तो कहीं समसामयिक सामाजिक विषयों पर आधारित किरदारों ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। कलाकारों की सजीव अभिव्यक्ति, सटीक संवाद अदायगी और भावपूर्ण हाव-भाव ने दर्शकों को पूरे कार्यक्रम के दौरान बांधे रखा।


बहरूपिया महोत्सव की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों—तीनों वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। दर्शक दीर्घा में बैठे लोग हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साह के साथ कलाकारों का हौसला बढ़ाते रहे। आयोजन स्थल पर देर शाम तक उत्सव और उमंग का माहौल बना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। उन्होंने बहरूपिया कलाकारों से मुलाकात कर नए साल की शुभकामनाएँ दीं और कलाकारों का हालचाल जाना। बहरूपिया जैसी पारंपरिक लोककला को जीवंत बनाए रखने के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री श्री जायसवाल कलाकारों की प्रतिभा से अभिभूत नजर आए। इसके पश्चात वे सांस्कृतिक कला मंच के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।
मंत्री श्री जायसवाल ने आयोजकों एवं कलाकारों की प्रशंसा करते हुए इस परंपरा को जीवित रखने के लिए शासन स्तर पर हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। आयोजकों ने जानकारी दी कि इस वर्ष आयोजित बहरूपिया महोत्सव में करीब 60 बहरूपिया कलाकारों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। कलाकारों की एकल एवं सामूहिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। चयनित प्रतिभागियों को कुल 1.50 लाख रुपये से अधिक की इनामी राशि प्रदान की जाएगी, जिससे कलाकारों का उत्साह और मनोबल बढ़ेगा।
नववर्ष के आगमन से पहले आयोजित यह बहरूपिया महोत्सव मनेन्द्रगढ़ के लिए केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक गौरव और लोक परंपराओं के संरक्षण का प्रतीक बनकर उभरा। इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि जब परंपराएँ उत्सव का रूप लेती हैं, तो वे समाज को जोड़ने, संस्कार देने और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का कार्य करती हैं।

नए साल के जश्न पर आबकारी विभाग का बड़ा प्रहार, 40 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में नए साल (2026) के स्वागत की तैयारियों के बीच आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय उड़नदस्ता टीम ने शहर के बाहरी इलाके में छापेमारी कर 40 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब का जखीरा बरामद किया है।
हरियाणा से आई थी शराब की बड़ी खेप
मिली जानकारी के अनुसार, जब्त की गई शराब हरियाणा निर्मित है। तस्करों की योजना इसे नए साल के जश्न के दौरान अंबिकापुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खपाने की थी। मुखबिर की सटीक सूचना पर संभागीय आबकारी उड़नदस्ता प्रभारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने ग्राम क्रांतिप्रकाशपुर स्थित एक गोदाम में दबिश दी।
कार्रवाई की मुख्य बातें:
* कुल बरामदगी: लगभग 300 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब (करीब 2600 लीटर)।
* बाजार मूल्य: लगभग 40 लाख रुपये।
* गिरफ्तारी: मुख्य आरोपी सौरभ सिंह (निवासी दर्रीपारा) को हिरासत में लिया गया है।
* मोडस ऑपरेंडी: आरोपी ट्रांसपोर्ट व्यवसाय की आड़ में लंबे समय से अवैध शराब की तस्करी कर रहा था।

पुराना रिकॉर्ड और पुलिस की चौकसी
आबकारी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी सौरभ सिंह पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है। इससे पहले भी उसके गोदाम से करीब 26-27 लाख की शराब जब्त की गई थी, जिसमें वह फरार होने में कामयाब रहा था। विभाग को आशंका थी कि नए साल के मौके पर वह फिर से बड़ी खेप मंगा सकता है, जिसके लिए विशेष मुखबिर तैनात किए गए थे।

आबकारी अधिकारी का बयान

“हमने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर इस बड़ी खेप को पकड़ा है। यह शराब कोचियों के माध्यम से गांवों और शहर के होटलों में सप्लाई की जानी थी। आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।”

16 DSP, ASP के पद पर हुए प्रमोट,, देखें आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन गृह पुलिस विभाग मंत्रालय द्वारा 16 डीएसपी रैंक के अधिकारियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/अप सेनानी या समतुल्य रैंक के पद पर पदोन्नति दी है।

देखें आदेश :

शासकीय कार्य में बाधा डालने पर तीन कर्मचारी निलंबित, कलेक्टर की सख्त कार्रवाई…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़ चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह: कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार शासकीय कार्यों में बाधा उत्पन्न करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर के आदेश पर तीन शासकीय कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा, विकासखंड मनेंद्रगढ़ में पदस्थ व्यायाम शिक्षक गोपाल सिंह द्वारा 30 दिसंबर 2025 को जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर में कार्यरत लिपिकों को शासकीय कार्य करने से रोका गया तथा कार्यालयीन कार्यों में बाधा उत्पन्न की गई। उनके इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 का उल्लंघन मानते हुए, छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-09 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर निर्धारित किया गया है।
इसी क्रम में नगर पंचायत झगराखाण्ड में पदस्थ सफाई कर्मचारी सुरेन्द्र प्रसाद द्वारा भी कलेक्ट्रेट कार्यालय में शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला सामने आया। कलेक्टर के निर्देश पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ रहेगा।
इसके अतिरिक्त नगर पंचायत झगराखाण्ड में ही पदस्थ सहायक राजस्व निरीक्षक संजय पाण्डेय द्वारा कलेक्ट्रेट कार्यालय में शासकीय कार्यों में व्यवधान उत्पन्न किए जाने की पुष्टि होने पर उनके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई करते हुए तत्काल निलंबन आदेश जारी किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय भी नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ निर्धारित किया गया है।
तीनों निलंबित कर्मचारियों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के नेतृत्व में शासकीय कार्यालयों की कार्यप्रणाली में अनुशासन, मर्यादा और सुचारू संचालन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

पूर्व विधायक का गोचर पर कब्ज़ा बेनकाब, 6 साल बाद टूटा अवैध पट्टा, राजस्व रिकॉर्ड की सच्चाई आई सामने…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर विशेष रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर–रामानुजगंज जिले से सामने आया यह मामला केवल एक ज़मीन विवाद नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का एक्स-रे है जहाँ राजनीतिक रसूख के आगे कानून वर्षों तक बंधक बना रहा। ग्राम मानपुर, तहसील शंकरगढ़ की जिस भूमि को राजस्व विभाग लंबे समय तक निजी बताता रहा, वह वास्तव में सरगुजा सेटलमेंट 1944–45 के अनुसार शासकीय गोचर (चरागाह) भूमि निकली।
छह वर्षों तक चले इस विवाद का पटाक्षेप आखिरकार 12 दिसंबर 2025 को हुआ, जब अपर कलेक्टर न्यायालय, राजपुर ने अवैध पट्टा निरस्त करते हुए साफ शब्दों में कहा— यह भूमि शासकीय गोचर है, निजी स्वामित्व का दावा अवैध और निराधार है।

मामले की जड़ : गोचर को निजी बताने का खेल

स्थान : ग्राम मानपुर, तहसील शंकरगढ़

खसरा नंबर : 228/5

रकबा : 0.372 हेक्टेयर

रिकॉर्ड : सरगुजा सेटलमेंट 1944–45 में स्पष्ट रूप से गोचर दर्ज

इसके बावजूद वर्ष 2019 से एक पूर्व विधायक द्वारा भूमि पर कब्जा, कच्चा निर्माण और राजस्व अभिलेखों में हेरफेर कर निजी पट्टा दर्शाया गया। सबसे गंभीर तथ्य यह रहा कि लगातार शिकायतों के बाद भी राजस्व विभाग के अधिकारी इसे निजी भूमि बताते रहे।




राजस्व विभाग कटघरे में

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब—

सरगुजा सेटलमेंट में भूमि गोचर दर्ज थी

1954–55 के बाद के तहसीली अभिलेख उपलब्ध नहीं थे

पट्टे से संबंधित कोई मूल दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किया गया

1990–91 के कथित नामांतरण की मूल प्रति गायब थी

तो फिर किस आधार पर भूमि को निजी घोषित किया गया?

क्या यह सिर्फ़ लापरवाही थी या फिर राजनीतिक संरक्षण में रचा गया सुनियोजित खेल?

जांच में क्या निकला सामने

राजस्व निरीक्षक की जांच रिपोर्ट ने कई परतें खोल दीं—

भूमि गोचर मद में दर्ज, किसी भी स्तर पर वैध पट्टा जारी होने का प्रमाण नहीं, 1990–91 का कथित पट्टा फर्जी प्रतीत, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा सिद्ध

अपर कलेक्टर का ऐतिहासिक फैसला

दिनांक 12/12/2025 को अपर कलेक्टर न्यायालय ने— अवैध पट्टा निरस्त किया राजस्व रिकॉर्ड में तत्काल सुधार के आदेश दिए स्पष्ट किया कि यह भूमि शासकीय गोचर है। यह निर्णय सिर्फ़ एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि उस प्रशासनिक तंत्र पर तमाचा है, जिसने वर्षों तक गलत को सही साबित करने की कोशिश की।

दोहरे मापदंडों की पोल

यह भी कड़वी सच्चाई है कि—

आम ग्रामीण गोचर पर कब्जा करे तो तुरंत बेदखली, लेकिन जब कब्जाधारी राजनीतिक रसूख वाला हो, तो फाइलें दब जाती हैं, भूमि ‘निजी’ घोषित कर दी जाती है, शिकायतकर्ता वर्षों तक दफ्तरों के चक्कर काटता है। यही वजह है कि यह मामला भूमि विवाद से आगे बढ़कर लोकतंत्र, समानता और कानून के राज का सवाल बन जाता है।

गोचर बची, पर भरोसा कब लौटेगा?

फैसला स्वागत योग्य है, लेकिन सवाल अब भी ज़िंदा हैं—

जिन अधिकारियों ने गोचर को निजी बताया, उन पर कार्रवाई कब?

छह साल के अवैध कब्जे की जवाबदेही कौन तय करेगा?

क्या राजनीतिक संरक्षण वाले ऐसे मामलों की स्वतंत्र जांच होगी?

अगर इन सवालों के जवाब नहीं मिले, तो यह आदेश भी फाइलों में कैद एक फैसला बनकर रह जाएगा।

निष्कर्ष

बलरामपुर का यह मामला एक चेतावनी है—

अगर दबाव हटे, तो कानून आज भी ज़िंदा है।

लेकिन असली इम्तिहान अब सिस्टम का है—

क्या वह इस फैसले से कुछ सीखेगा, या अगली गोचर भूमि किसी और रसूखदार के हवाले कर दी जाएगी?

नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ में वार्ड विकास कार्यों में मनमानी का आरोप, पारित एजेंडा बदलने पर उठा विवाद…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन शाह : नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ में वार्ड विकास कार्यों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पार्षदों ने आरोप लगाया है कि परिषद की बैठक में विधिवत पारित किए गए विकास कार्यों को बाद में मनमाने ढंग से हटाकर अपने अनुसार नए कार्य जोड़ दिए गए, जिससे वार्डों के साथ अन्याय हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद की बैठक दिनांक 16 सितंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसमें सभी वार्डों के लिए बराबर-बराबर राशि से विकास कार्य कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। बैठक के दौरान पार्षदों से विकास कार्यों के प्रस्ताव भी लिए गए थे और उन्हें एजेंडे में शामिल किया गया था।
लेकिन आरोप है कि परिषद की बैठक के बाद बिना किसी सहमति के कई वार्डों के प्रस्तावित विकास कार्यों को हटाकर नए कार्य जोड़ दिए गए। विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 19 के पारित कार्यों को हटाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
वार्ड 19 से हटाए गए प्रमुख कार्य
वसीहत खान के घर से राजेन्द्र के घर तक एवं लक्ष्मी के घर से नईम के घर होते हुए मंदिर के पीछे नाली निर्माण कार्य।
अन्य वार्डों में प्रस्तावित स्ट्रीट लाइट एवं सीसी रोड निर्माण कार्य।
पार्षदों का कहना है कि इस तरह से एजेंडा बदलना परिषद की गरिमा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। इससे वार्ड के नागरिकों को विकास कार्यों से वंचित होना पड़ रहा है।
कलेक्टर से की गई शिकायत
मामले को लेकर पार्षद द्वारा कलेक्टर महोदय, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को लिखित शिकायत दी गई है। शिकायत में मांग की गई है कि—
वार्ड 19 सहित अन्य वार्डों के हटाए गए विकास कार्यों को पुनः शामिल किया जाए
परिषद के एजेंडे में मनमाने बदलाव करने वाले अधिकारियों/जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए
शिकायत के साथ परिषद में पारित प्रस्तावों की प्रतियां, बजट की प्रति एवं पूर्व पत्राचार भी संलग्न किया गया है।
अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई प्रतिलिपि
इस मामले की जानकारी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, क्षेत्रीय कार्यालय, विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी दी गई है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या संज्ञान लेता है और क्या वार्डों को उनका हक़ मिलने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।

सरगुजा संभाग की बहूप्रतिष्ठित मांग हुई पूरी, मेडिकल कॉलेज अस्पताल को मिला पहला न्यूरो सर्जन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सर्वप्रथम संभाग की बहू प्रतिष्ठित मांग अब पूरी होने वाली है। राजमाता देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव जिला चिकित्सालय संबद्ध मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में पहली बार न्यूरो सर्जन की सेवा अब उपलब्ध हो सकेगी। शहर के चिकित्सक डॉ. नितेश दुबे ने एमबीबीएस और डीएनबी सर्जरी की पढ़ाई कर अम्बिकापुर जिला चिकित्सालय में अपनी सेवाएं आरंभ की थी। सेवा में रहते हुए हुए उन्होंने सुपर स्पेशलाइजेशन के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की और डीकेएस हॉस्पिटल रायपुर में एमसीएच के तीन वर्ष की डिग्री में गोल्ड मैडल हासिल किया हैं। सरगुजा संभाग से न्यूरोसर्जन के रूप में डॉ. नितेश दुबे पहले चिकित्सक होंगे और वे अपनी सेवाएं जिला चिकित्सालय में देंगे। डॉ. नितेश दुबे प्रतापपुर नाका निवासी स्व. छविनाथ दुबे के पौत्र और विरेन्द्र नाथ दुबे के सुपुत्र हैं। न्यूरो सर्जरी की डिग्री गोल्ड मैडल के साथ हासिल कर वापस लौटे डॉ. नितेश दुबे का उनके निवास में परिवारजनों तथा नगरवासियों द्वारा उत्साह से स्वागत किया गया।

पत्रकार के हत्या की सुपारी मामले में तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा, संजय गुप्ता, हरिओम गुप्ता और कथित पत्रकार फिरोज अंसारी समेत अन्य आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : पत्रकार की हत्या की सुपारी मामले में लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा समेत उनके चहेते भूमाफियाओं पर अंततः सूरजपुर पुलिस द्वारा अपराध दर्ज कर लिया गया है। उल्लेखनीय हैं कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कथित भांजे सुरेंद्र पैंकरा द्वारा लटोरी तहसीलदार के पद पर रहते हुए अपने पद का काफी दुरुपयोग किया गया है और उनके द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से किए गए जमीन की अफरा तफरी के कार्यों का खुलासा पत्रकार दंपत्ति द्वारा किया जा रहा था जो कि तहसीलदार और उनके कुछ सहयोगियों को नागवार गुजरा और उन्होंने आपस में सांठगांठ कर पत्रकार को रास्ते से हटाने के योजना बना ली। पत्रकार को रास्ते से हटाने के लिए उसकी सुपारी दे दी गई। पत्रकार की हत्या के लिए इनके द्वारा तीन प्रयास भी किए गए थे लेकिन पत्रकार की किस्मत अच्छी होने के कारण तीनों योजनाओं में वे असफल रहे थे।

क्या है मामला??

हिंद स्वराष्ट्र और सिंधु स्वाभिमान के संपादकों द्वारा लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के विरुद्ध कुछ खबरें पूरे सबूत के साथ प्रकाशित की गई थी जिसमें तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा द्वारा लापरवाहीपूर्वक या यूं कहे मिलीभगत के साथ फर्जी तरीके से बिना कलेक्टर परमिशन के और पटवारी प्रतिवेदन के बगैर ही जमीन की रजिस्ट्री कर दी थी। जिसके बाद सूरजपुर जिले की SDM शिवानी जायसवाल द्वारा तहसीलदार को 3 कारण बताओं नोटिस जारी की गई थी। जिसकी जांच रिपोर्ट आज भी लंबित हैं। इस मामले में लगातार धमकियां मिलने का सिलसिला जारी था। इस मामले का सीधा संबंध लटोरी तहसील के ग्राम हरिपुर निवासी संजय गुप्ता और हरिओम गुप्ता से था। ये दोनों पिता पुत्र जमीन दलाली का कार्य करते हैं और इनके द्वारा ही तहसीलदार से सांठगांठ कर फर्जी तरीके से जमीन रजिस्ट्री का कार्य करवाया गया था। इनके द्वारा तहसीलदार के नाम से लगातार हमें धमकियां दी जा रही थी और तहसीलदार से संबंध होने की बात कहते हुए हमें तहसीलदार से दूर रहने की बात कही गई थी।

वहीं कुछ दिन पूर्व इनके द्वारा सूरजपुर जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिरसी में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में हुए आवास योजना में घोटाले की खबर का प्रकाशन किया गया था जिसके बाद जिला प्रशासन द्वारा मामले की जांच करवाई गई और जांच के आधार पर रोजगार सहायक नईम अंसारी को बर्खास्त कर दिया और कुछ अन्य के विरुद्ध भी कार्यवाही की। वहीं सिरसी पंचायत के ही एक अन्य मामले में देवानंद कुशवाहा नामक एक व्यक्ति की 2 एकड़ जमीन उसके भाई बैजनाथ कुशवाहा द्वारा अपने नाम करवा ली गई हैं। इस मामले में पीड़िता द्वारा तहसीलदार संजय राठौर पर 5 लाख रुपए की रिश्वत लेकर उसके पिता देवानंद की जमीन उसके चाचा बैजनाथ के नाम पर किए जाने का आरोप लगाया था। इस मामले में तहसीलदार द्वारा बैक डेट में जाकर नामांतरण का कार्य किया गया था इस मामले की जांच अब तक लंबित है।
प्रशान्त पाण्डेय की हत्या की साजिश में लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा, संजय गुप्ता, हरिओम गुप्ता, प्रेमचंद ठाकुर, अविनाश ठाकुर और संदीप कुशवाहा, फिरोज अंसारी और उसके साले असलम का नाम निकलकर सामने आया हैं। फिरोज अंसारी बर्खास्त रोजगार सहायक नईम अंसारी का रिश्तेदार हैं वहीं संदीप कुशवाहा, बैजनाथ कुशवाहा का पुत्र हैं। इस साजिश में शामिल सिरसी निवासी प्रेमचंद ठाकुर का संबंध भी प्रधानमंत्री आवास योजना, जमीन फर्जीवाड़े और नशे के कारोबार से हैं और उसकी और उसके मामा के बेटे अविनाश ठाकुर उर्फ गोलू ठाकुर की दोस्ती हरिओम गुप्ता से हैं। इसी दौरान हिंद स्वराष्ट्र और सिंधु स्वाभिमान में लगातार जारी इनके विरुद्ध खबरों से इन भ्रष्टाचारियों की रातों की नींद हराम हो गई थी और उन्हें संपादक को रास्ते से हटाने के अलावा अपने बचाव का कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा था। जिसके मद्देनजर इन भ्रष्टाचारियों द्वारा आपस में सांठगांठ की गई और मिलीभगत कर हत्या की साजिश रची गई। इसी दौरान इनके द्वारा जूर निवासी फिरोज अंसारी और उसके साले असलम को डेढ़ लाख रुपयों में प्रशांत पाण्डेय की हत्या की सुपारी दे दी गई और इन सभी के द्वारा एक राय होकर हत्या के 3 नाकाम कोशिशें भी की गई।

पत्रकार की हत्या के लिए पत्रकारिता को ही बनाया ढाल

इस दौरान प्लानिंग के तहत इन सभी आरोपियों द्वारा मिलीभगत कर संपादक की हत्या के लिए पत्रकारिता को ही ढाल बनाया गया और इस साजिश में शामिल प्रेमचंद ठाकुर द्वारा एक मामले में खबर प्रशासन के लिए संपादक को सिरसी बुलाया गया और इसी दौरान हत्या के लिए इन आरोपियों द्वारा ट्रक का जुगाड़ किया गया और स्वयं हरिओम गुप्ता द्वारा दो बोलेरो और एक स्कॉर्पियो वाहन लेकर संपादक और उसके परिवार का पीछा किया गया लेकिन संपादक को उसके परिवार और छोटे बच्चे के साथ देखते हुए उन्होंने उस दिन हत्या की इस योजना को स्थगित कर दिया।

हत्या की दूसरी योजना के तहत बुलाया गया शूटर

ट्रक द्वारा कुचलने की योजना असफल होने के बाद इन आरोपियों द्वारा हत्या के लिए दूसरी योजना बनाई गई और योजना के तहत फिरोज अंसारी के साले असलम (शूटर) को बुलाया गया। सब कुछ सही रहता ये सब अपनी योजना में सफल हो पाते, इससे पहले ही संपादक अपने परिजनों के साथ उज्जैन महाकाल के दर्शन को चले गए जिससे संपादक उनकी रडार में नहीं आए और उनकी जान बच गई।

हत्या का तीसरा प्रयास
हत्या के दो असफल प्रयासों के बाद भी यह आरोपी अपनी हरकतों से बात नहीं है और उनके द्वारा संपादक और उसके परिवार को कार्ड से कुचलना का प्रयास किया गया दरअसल 20 सितंबर की रात को संपादक अपने गृह ग्राम से अंबिकापुर आने अपनी बाइक बुलेट में सवार थे। इन आरोपियों द्वारा बनारस मार्ग में संपादक और उनके परिवार को कुचलने का प्रयास किया गया लेकिन मौके पर अचानक से बहुत सारी गाड़ियों और भीड़ इकट्ठी हो जाने के कारण यह योजना भी विफल हो गई।

सच का हुआ खुलासा

दरअसल हत्या की प्लानिंग करने वाले और सुपारी देने वाले संजय गुप्ता और हरिओम गुप्ता द्वारा हरिपुर ग्राम में ग्रामसभा आयोजित की गई थी और इस ग्रामसभा के दौरान कई ऐसी बातें हुई जिससे इन सभी आरोपियों की एकता में दरार आ गई और इनके द्वारा ही पूरे मामले का खुलासा भरी पंचायत के सामने कर दिया गया।
बहरहाल मामले के खुलासे के बाद संजय गुप्ता द्वारा पंचायत के सामने संपादक और उनके परिजनों से धमकी दिए जाने से लेकर सुपाड़ी दिए जाने तक की बात को स्वीकारा गया और माफी भी मांगी गई लेकिन हरिओम गुप्ता द्वारा माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया गया और अपना निर्णय पंचायत के बाहर करने की बात कही।

इन पर हुआ अपराध दर्ज

इस मामले में लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र साय पैंकरा, संजय गुप्ता, हरिओम गुप्ता पिता संजय गुप्ता, अविनाश ठाकुर, प्रेम चंद ठाकुर, संदीप कुशवाहा समेत एक तथाकथित पत्रकार फिरोज अंसारी और उसके साले असलम पर प्रतापपुर थाने में अपराध दर्ज किया गया हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जल्द ही मामले की जांच कर मामले का खुलासा कर जल्द ही अपराधियों पर उचित कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

चार महीनो से सूरजपुर SDM कर रही जांच लेकिन जांच रिपोर्ट आना अब भी बाकी….

विभागीय लापरवाही या विभागीय समर्थन किसे कहते हैं, इसका जीता जाता उदाहरण सूरजपुर जिले का यह प्रकरण हैं। इस मामले में लगातार खबरों के प्रकाशन के बाद सूरजपुर एसडीएम द्वारा तहसीलदार को नोटिस तो जारी कर दिया गया था लेकिन इस मामले की जांच आज भी 4 महीने बाद लंबित है… इससे विभागीय समर्थन कहे या विभागीय लापरवाही या अड़ियलपन…?

इतने लंबे समय बीत जाने के बावजूद अगर इस मामले में सूरजपुर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं तो इस मामले में अगला कदम कोर्ट ही नजर आ रहा है क्योंकि पद की गर्मी कोर्ट के सामने नहीं चलती। अपने आप को राजा समझने वाला अधिकारी भी वहां सावधान की मुद्रा में ही खड़ा नजर आता है।

फेमस होने के चक्कर में आकांक्षा टोप्पो भूली शब्दों की मर्यादा, एक के बाद एक FIR अब हुई गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: सोशल मीडिया के दुरुपयोग मामले में एक के बाद एक FIR के बाद आज सीतापुर पुलिस द्वारा आकांक्षा टोप्पो को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी सीतापुर में दर्ज अपराध क्रमांक 471/25 के तहत किया गया हैं। आकांक्षा टोप्पो के विरुद्ध धारा 353 (2) बीएनएस के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर अग्रिम विवेचना शुरू कर दी है।

मेरी जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई आकांक्षा टोप्पो द्वारा दिनांक 23 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के विरुद्ध अभद्र, अशोभनीय और मर्यादाहीन शब्दों का प्रयोग करते हुए बनाई गई वीडियो के आधार पर की गई हैं। आकांक्षा टोप्पो द्वारा की गई टिप्पणियां न केवल जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली थीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सार्वजनिक शांति को भी प्रभावित करने वाली थीं।

क्या हैं मामला

मामला सीतापुर क्षेत्र के बटईकेला का है, जहां खसरा नंबर 1784 की शासकीय भूमि पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शुरू किया गया है। आरोप है कि उक्त भूमि पर एक परिवार वर्षों से काबिज है। काबिज परिवार ने दावा किया है कि उनके पास इसके अलावा कोई अन्य आश्रय स्थल नहीं है। परिवार में चार दिव्यांग सदस्य भी शामिल हैं। परिवार ने इस मामले को लेकर इच्छामृत्यु की अनुमति के लिए आवेदन देने के साथ ही सरगुजा कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा था। इस शासकीय भूमि को लेकर आकांक्षा टोप्पो  द्वारा सोशल मीडिया पर एक भ्रामक और अशोभनीय वीडियो प्रसारित किया गया था। इस  मामले में शिकायत के बाद  पुलिस ने धारा 353(2) BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया। सीतापुर पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान आरोपी की गिरफ्तारी की गई है और आगे की अग्रिम जांच कार्रवाई जारी है।

उल्लखेनीय हैं कि आकांक्षा टोप्पो द्वारा सोशल मीडिया पर लंबे समय से वीडियो प्रसारित किए जा रहे थे जिसमें अपशब्दों का प्रयोग किया जा रहा था और शब्दों की मर्यादा को भूलकर कुछ भी बेबुनियाद बातें कहीं जा रही थी। फेमस होने के चक्कर में वह किसी के बारे में भी कुछ भी बोल रही थी जिससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग हुआ और आमजन में भ्रामक संदेश गया। इससे पहले भी आकांक्षा टोप्पो  द्वारा पत्रकारों के खिलाफ भी अमर्यादित टिप्पणी की गई थी जिसके बाद पत्रकार संघ द्वारा आवेदन देकर उसके विरुद्ध अपराध पंजीकृत कराया गया था। आकांक्षा के विरुद्ध पूर्व में भी अलग-अलग थानों में कई एफआईआर दर्ज हैं।

जयंती पर छत्तीसगढ़ के 115 शहरों को मिली अटल परिसरों की सौगात, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया राज्यव्यापी वर्चुअल लोकार्पण…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर किशन शाह : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर वार्ड क्रमांक 3 में जयंती के  ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ। राज्य के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का एक साथ लोकार्पण किया गया। राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अटल परिसरों का वर्चुअल उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सहित प्रदेश के सभी नगरीय निकाय वर्चुअली जुड़े रहे।


मनेंद्रगढ़ में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व संसदीय सचिव एवं जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच ने भारत को विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा प्रदान की। उन्होंने कहा कि अटल जी का सपना था कि गांव और शहर के बीच की दूरी समाप्त हो तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, जो आज साकार होता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, छत्तीसगढ़ राज्य का गठन और मजबूत राष्ट्र निर्माण अटल जी की ऐतिहासिक देन हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी की प्रेरणा से देश निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।
पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल केसरवानी ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सत्ता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता को सही दिशा देने वाले नेता थे। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में भाषण देकर राष्ट्रभाषा को वैश्विक मंच दिलाना, आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा करना और अंत्योदय को राजनीति का आधार बनाना उनके अविस्मरणीय योगदान हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीरज अग्रवाल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने सुशासन को जनता से सीधे जुड़ाव का माध्यम बनाया। नगरपालिका जैसे संस्थानों के माध्यम से आमजन तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना अटल जी की सोच का सशक्त उदाहरण है।
इस अवसर पर नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष प्रतिमा यादव, परिषद सदस्यगण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी के विचारों, विकास दृष्टिकोण और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया तथा उनके जन्मदिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का संचालन विरांगना श्रीवास्तव ने किया।

पूर्वांचल सेवा समिति ने कोरकू बस्ती में गरीबों को बांटे कंबल…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह : ठंड के मौसम को देखते हुए वार्ड क्रमांक 22 स्थित कोरकू बस्ती में पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा गरीब व जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल वितरण किया गया। इस मानवीय पहल से क्षेत्र के लोगों को ठंड से राहत मिली।
कार्यक्रम के दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की सेवा करना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य है। कंबल वितरण के माध्यम से ठंड में गरीब परिवारों को सहयोग प्रदान किया गया, ताकि वे सर्दी से सुरक्षित रह सकें।
स्थानीय नागरिकों ने पूर्वांचल सेवा समिति के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

वन मंडल मनेंद्रगढ़ कार्यालय में वर्षों से जमे कर्मचारी, शासन की कार्यशैली पर उठे सवाल…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह : वन मंडल मनेंद्रगढ़ कार्यालय में 15 से 20 वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों और बाबुओं को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। विभाग में लंबे समय से एक ही जगह जमे कर्मचारियों के कारण न सिर्फ प्रशासनिक पारदर्शिता प्रभावित हो रही है, बल्कि शासन की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।
स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि वन मंडल कार्यालय में कई कर्मचारी ऐसे हैं, जो वर्षों से बिना स्थानांतरण के एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर असर पड़ रहा है और मनमानी की आशंका भी बढ़ रही है। नियमों के अनुसार समय-समय पर स्थानांतरण होना चाहिए, ताकि कार्य में पारदर्शिता बनी रहे, लेकिन यहां नियमों की अनदेखी होती दिख रही है।
जानकारों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से भ्रष्टाचार और लापरवाही की संभावना बढ़ जाती है। बावजूद इसके शासन और उच्च अधिकारियों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या शासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वर्षों से जमे कर्मचारियों का तबादला करेगा या फिर ऐसे ही व्यवस्था चलती रहेगी। आम जनता और कर्मचारी वर्ग शासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहा ह

आखिर राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र को क्यों नहीं मिला शासन की योजनाओं का लाभ…हमर उत्थान सेवा समिति का सवाल : आखिर जवाबदेही किसकी है ?

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भूषण बघेल : केंद्र से लेकर राज्य तक की सरकारें मंचों से यह दावा करती नहीं थकतीं कि जनजातीय अंचलों में अब कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित नहीं रहेगा। फाइलों में योजनाएं हैं, भाषणों में संकल्प हैं और पोस्टरों में विकास की चमक है। लेकिन जब इन दावों को ज़मीन पर उतारकर देखा जाता है, तो तस्वीर बिल्कुल उलट नज़र आती है। ट्राइबल क्षेत्र में आज भी ऐसे लोग हैं, जिनके लिए “योजना” सिर्फ एक सुना हुआ शब्द है, मिला हुआ अधिकार नहीं।


चेहरे पर समय से पहले पड़ चुकी झुर्रियां

सूरजपुर जिले के प्रेमनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत केदारपुर, पिवरी महुआ चौक के पास रहने वाला बृज पण्डो उसी हकीकत का चेहरा है, जिसे सरकारी आंकड़े शायद कभी नहीं देखते। उम्र करीब पचास साल। चेहरे पर समय से पहले पड़ चुकी झुर्रियां, शरीर पर फटे-पुराने, मैले कपड़े और आंखों में लगातार संघर्ष की थकान। बृज पण्डो अपनी पत्नी, बेटे, बहू और छोटे-छोटे बच्चों के साथ यहीं रहता है।

कभी किसी के घर मजदूरी मिल जाए तो ठीक, नहीं तो घर के आंगन में बैठकर बांस से सूपा, मोरा और झलगी बनाता है। दिनभर की मेहनत के बाद भी 150 से 200 रुपये की कमाई हो पाती है, जिससे दो वक्त का राशन, दवा और कभी-कभी नमक-मिर्च की व्यवस्था होती है।

आधार से वंचित, योजनाओं से बाहर

बृज पण्डो बताते हैं कि जब उनके इलाके में आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही थी, तब वे जंगल में वनोपज लेने गए थे। लौटने पर कहा गया कि समय खत्म हो गया। बस, यहीं से उनकी ज़िंदगी की गाड़ी पटरी से उतरती चली गई। आज तक उनका आधार कार्ड नहीं बना।

आधार नहीं, तो आयुष्मान कार्ड नहीं। आयुष्मान नहीं, तो इलाज का कोई सहारा नहीं। आधार नहीं, तो राशन कार्ड नहीं। राशन कार्ड नहीं, तो सरकारी अनाज नहीं। हालत यह है कि जिस शासन को वह अपना मानता है, उसी शासन की एक भी योजना उसके दरवाज़े तक नहीं पहुंची।


बीमारी ने छीन ली रोज़गार की ताकत

बृज पण्डो बताते हैं कि कभी वह रोज़ जंगल जाता था। लकड़ी, वनोपज और बनी मजदूरी ही उसका सहारा थी। लेकिन करीब दो वर्ष पहले उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत इतनी गंभीर हो गई कि गांव वालों की मदद से उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। इलाज तो हुआ, लेकिन उस बीमारी ने बृज की देह से उसकी ताकत छीन ली।

अस्पताल से लौटने के बाद बृज पण्डो पहले जैसा कभी नहीं हो पाया। शरीर कमजोर हो गया, हाथ-पैर कांपने लगे। अब वह न तो जंगल जाकर लकड़ी ला सकता है और न ही बनी मजदूरी कर सकता है। मजबूरी में वह घर के आंगन में बैठकर बांस से सूपा, मोरा और झलगी बनाता है। यही उसकी दुनिया रह गई है।

बीमारी के वक्त भी शासन की कोई स्वास्थ्य योजना, कोई आयुष्मान कार्ड, कोई सहायता उसके काम नहीं आई। इलाज उधार, भरोसे और लोगों की मदद से हुआ।


वन अधिकार और पहचान, दोनों से वंचित

सबसे पीड़ा देने वाली बात यह है कि बृज पण्डो की काबिज वन भूमि का आज तक पट्टा नहीं बना। आसपास के साथी, पड़ोसी, सबको वन अधिकार पत्र मिल चुका है, लेकिन बृज आज भी उसी जंगल और उसी ज़मीन पर “अवैध” माना जाता है, जहां उसका पूरा जीवन बीत गया।

बृज पण्डो की पीड़ा यहीं खत्म नहीं होती। उनका, उनके बेटे-बहू और नाती-पोतों तक का आधार कार्ड नहीं बना। इसी वजह से परिवार का राशन कार्ड भी नहीं है। बहू का टीकाकरण नहीं हुआ, नाती को आज तक कोई टीका नहीं लगा। प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था इस परिवार के लिए सिर्फ दूरी पर खड़ी एक इमारत बनकर रह गई है।


निरीक्षण हुए, हालात नहीं बदले

हैरानी की बात यह है कि इस परिवार की बदहाली किसी से छुपी नहीं रही। प्रेमनगर क्षेत्र में कई बार जनपद सीईओ, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य अधिकारी निरीक्षण पर पहुंचे। हर बार उम्मीद जगी कि अब शायद कुछ बदलेगा। लेकिन अफसरों के लौटते ही हालात वहीं के वहीं रहे। कागज़ों में निरीक्षण पूरा हो गया, तस्वीरें खिंच गईं, रिपोर्ट ऊपर चली गई, पर ज़मीन पर कुछ नहीं बदला।

विडंबना यह है कि पण्डो जनजाति को “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र” कहा जाता है। यह शब्द भाषणों में भारी लगता है, लेकिन बृज पण्डो की झोपड़ी में इसका कोई अर्थ नहीं दिखता।


हमर उत्थान सेवा समिति का हस्तक्षेप और सवाल

इस मामले में हमर उत्थान सेवा समिति ने कहा कि मानवीय आधार पर समिति ने पीड़ित परिवार की पत्नी के नाम से राशन कार्ड बनवाया। साथ ही योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहायक आयुक्त और एसडीएम को कई बार इस मामले से अवगत कराया गया, लेकिन किसी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण पीड़ित परिवार को भटकना पड़ा।

समिति ने शासन से मांग की है कि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और पीड़ित परिवार को तत्काल सभी शासकीय लाभ दिलाए जाएं।


अधूरे दावों के बीच खड़ा आखिरी सवाल

यह मामला सिर्फ एक बृज पण्डो का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर सीधा सवाल है, जो योजनाओं की सूची तो लंबी बनाती है, लेकिन अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने से पहले ही थक जाती है। जब तक इन सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक विकास के सारे दावे अधूरे रहेंगे। और बृज पण्डो जैसे लोग बांस की कारीगरी करते हुए, हर दिन अपनी खामोशी में एक बड़ा सवाल छोड़ते रहेंगे क्या इस देश की योजनाएं सचमुच उनके लिए हैं।

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जल संसाधन विभाग के अभियंता पर गंभीर सवाल…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन शाह : मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जल संसाधन विभाग में पदस्थ अभियंता एन.सी. सिंह की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय स्टाफ का कहना है कि अभियंता के.पी. सिंह को कार्यालय में कभी नियमित रूप से नहीं देखा गया।
कर्मचारियों के अनुसार अभियंता कभी-कभार कार्यालय आते हैं और थोड़ी देर रुकने के बाद बिना किसी से बातचीत किए निकल जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे कार्यालय से निकलने के बाद कहां जाते हैं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं होती।
डिप्टी हाजिरी पर भी उठे सवाल
स्टाफ का कहना है कि अभियंता एनसी सिंह की डिप्टी (हाजिरी) आखिर कौन और कैसे डायरी में मेंटेन कर रहा है, यह भी जांच का विषय है। कार्यालय में उनकी उपस्थिति और कार्य निष्पादन को लेकर कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं है।


फोन करने पर रायपुर में होने की बात बताया जाता हैं

फोन करने पर जब अभियंता एन.सी. सिंह से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो अधिकतर वे स्वयं को रायपुर में होना बताते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जिले में पदस्थ अधिकारी का अधिकांश समय मुख्यालय से बाहर कैसे बीत रहा है।
स्टाफ बोला – “अकेले चला रहा हूं कार्यालय”
विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि अभियंता की अनुपस्थिति के कारण पूरा कार्यालय कार्य एक कर्मचारी के भरोसे चल रहा है। इससे न केवल विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनता से जुड़े जल संसाधन से संबंधित कार्यों में भी देरी हो रही है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या अभियंता एन.सी. सिंह की कार्यप्रणाली की जांच कर कोई कार्रवाई की जाती है या नहीं।

शाम 5:00 के बाद आरटीओ कार्यालय बनता हैं दलालों का अड्डा, संरक्षण में चल रहा पूरा खेल!

हिंद स्वराष्ट्र जिला कोरिया/बैकुंठपुर किशन शाह : बैकुंठपुर स्थित आरटीओ कार्यालय को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम 5:00 बजे के बाद आरटीओ विभाग में दलालों का जमावड़ा लग जाता है, जहां नियमों को ताक पर रखकर काम कराया जाता है। आरोप है कि यह पूरा खेल आरटीओ के संरक्षण में संचालित हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दलाल रात 9 से 10 बजे तक कार्यालय में सक्रिय रहते हैं, कागजातों का लेन-देन होता है और काम निपटाने के बाद अपने-अपने घर लौटते हैं। बताया जा रहा है कि बाबुओं के माध्यम से फाइलें आरटीओ तक पहुंचती हैं, जिससे बिना तय प्रक्रिया के काम तेजी से हो जाता है।
आम जनता का आरोप है कि एजेंट सरकारी दरों से तीन से चार गुना अधिक राशि वसूल रहे हैं, जबकि बिना एजेंट के आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे न सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि आम नागरिकों का समय और पैसा भी बर्बाद हो रहा है।
एक और चौंकाने वाली बात यह है कि आरटीओ साहब कथित तौर पर पत्रकारों से कहते हैं कि वे तीन-तीन जिलों का प्रभार देख रहे हैं, जिससे कार्यालय में नियमित निगरानी और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता की मांग है कि आरटीओ का तत्काल तबादला किया जाए और कार्यालय में सख्त निगरानी, समयबद्ध सेवा और एजेंट प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि आम लोगों का काम आसान, पारदर्शी और तय सरकारी दरों पर हो सके।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर कब और क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

मनेंद्रगढ़ में छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं पर कालाबाजारी का आरोप, खाद्य विभाग की भूमिका पर उठे सवाल..

हिंद स्वराष्ट्र जिला एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह : क्षेत्र में छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी खाद्य एवं आवश्यक वस्तु वितरण योजनाओं पर कालाबाजारी का गंभीर आरोप सामने आया है। स्थानीय सूत्रों एवं नागरिकों का कहना है कि शासकीय राशन सामग्री खुलेआम बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही है,
सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरा खेल खाद्य विभाग की जानकारी और संरक्षण में चल रहा है। लोगों का कहना है कि संबंधित खाद्य अधिकारी मौन साधे हुए हैं, जिससे कालाबाजारियों के हौसले बुलंद हैं। शासन के नियमों के अनुसार गरीबों के लिए निर्धारित चावल, शक्कर, नमक आदि सामग्री कथित रूप से निजी दुकानों और गोदामों तक पहुंचाई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि
मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
संबंधित खाद्य अधिकारी एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की जाए
जनता का कहना है कि यदि समय रहते शासन ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए, तो गरीबों के हक पर डाका डालने वालों का नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और राज्य शासन इस गंभीर आरोप पर कब तक संज्ञान लेते हैं और मनेंद्रगढ़ में चल रही कथित कालाबाजारी पर कब लगाम लग सकता है या फिर इसी तरह चलता रहेगा।

कौन हैं वो रेंजर जिसने अपनी नौकरी बचाने विभाग में जमा कराया नकली हाथी दांत….??

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आ रही हैं जहां सरगुजा संभाग के एक रेंजर ने महिला डीएफओ के साथ मिलकर हाथी दांत मामले में बड़ा घोटाला कर दिया हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो वर्ष पूर्व तस्करों द्वारा हाथी दांत की तस्करी के लिए एक वयस्क हाथी की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद तस्करो द्वारा हाथी के दांत को गायब कर दिया गया था और इस मामले ने  विभाग में हड़कंप मचा दिया था। भारी प्रेशर के कारण रेंजर ने डीएफओ के साथ मिली भगत कर नकली हाथी के दांतों को विभाग में जमा करवा दिया था और अपनी नौकरी बचा ली थी। महिला डीएफओ को इस मामले की पूरी जानकारी थी और उसने भी रेंजर का हर संभव साथ दिया था और विभाग की आंखों में दोनों ने मिलकर धूल झोंका था। इस मामले के गवाह ने हमें इस मामले की जानकारी दी है और हमारे पास इस मामले से संबंधित हाथी दांत की तस्वीर और रेंजर के साथ हुई संपूर्ण बातों की कॉल रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप में हुई बातों की स्क्रीन रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट आए हैं जिससे इस बात की पूरी तरह से पुष्टि होती है कि रेंजर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हाथी की मौत मामले और हाथी के दांत की हुई तस्करी मामले को छुपाया गया और फर्जी तरीके से फर्जी दातों का इस्तेमाल करते हुए अपनी नौकरी बचाने का प्रयास किया गया।

Breaking : बड़े पैमाने पर एएसपी, डीएसपी के तबादले,, देखें आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राज्य शासन द्वारा राज्य पुलिस सेवा में कार्यरत 35 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों और 60 उप पुलिस अधीक्षको के तबादले किए हैं। जारी आदेश में सूरजपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो और उप पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र साय पैंकरा के भी तबादले किए गए हैं। संतोष महतो के स्थान पर योगेश कुमार देवांगन को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूरजपुर का प्रभार सौंपा गया है वही बेनार्ड कुजूर को SDOP सूरजपुर के पद पर पदस्थ किया गया हैं।

देखें आदेश:

घटिया पैच रिपेयरिंग, उप अभियंता नवीन सिन्हा तत्काल प्रभाव से निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : लोक निर्माण विभाग ने गुणवत्ताहीन कार्य पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उप अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 के अंबिकापुर शहरी भाग में कराये गये गुणवत्ताविहीन बी.टी. पैच रिपेयर कार्य के लिए प्रथम दृष्टया दोषी पाये जाने पर राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग अंबिकापुर के कार्यपालन अभियंता कार्यालय में पदस्थ उप अभियंता नवीन सिन्हा को विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 के अंबिकापुर शहरी भाग में कराये गये बी.टी. पैच रिपेयर के गुणवत्ताहीन कार्य पर संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल, बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता द्वारा प्रतिवेदन एवं तस्वीरें राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता को प्रेषित की गयी थी। मुख्य अभियंता द्वारा गुणवत्ताहीन कार्य के लिए जिम्मेदार उप अभियंता के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्रेषित किया गया था।

लोक निर्माण विभाग ने गुणवत्ताहीन कार्य पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उप अभियंता नवीन सिन्हा के तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश आज जारी कर दिया है। निलंबन की अवधि में उनका मुख्यालय राष्ट्रीय राजमार्ग मंडल, बिलासपुर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

मामा–भांजा की आपराधिक तिकड़ी का आतंक: पत्रकार दम्पत्ति को जान से मारने की धमकी, हत्या की साजिश के ठोस सबूत; पुलिस की ढिलाई से अपराधियों के हौसले बुलंद…

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर विशेष रिपोर्ट : बिलासपुर जिले में निर्भीक पत्रकारिता को कुचलने की एक बेहद गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। कोयला साइडिंग, कोल वॉशरी और कोल डिपो से जुड़े समाचारों के प्रकाशन से बौखलाए आपराधिक प्रवृत्ति के मामा–भांजा की तिकड़ी ने एक पत्रकार दम्पत्ति को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। आरोप है कि सोशल मीडिया ग्रुप में अश्लील गाली-गलौच, घर में घुसकर हत्या करने की धमकी, अवैध बंदूक–पिस्तौल दिखाकर डराने और साजिश रचने जैसे गंभीर कृत्य किए गए। इसके बावजूद पुलिस द्वारा गैर-जमानतीय धाराएं नहीं लगाए जाने से अपराधियों के हौसले और बढ़ गए हैं।

जयरामनगर निवासी डी.पी. गोस्वामी, जो दैनिक नया इंडिया, न्यू इंडिया टाइम्स वेबसाइट एवं एक राष्ट्रीय हिंदी दैनिक पोर्टल के ब्यूरो चीफ हैं, तथा उनकी धर्मपत्नी दिव्या पुरी गोस्वामी (पत्रकार) ने इस संबंध में थाना मस्तूरी में नामजद शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, आरोपियों संजय पांडेय, विकास तिवारी और अनुराग तिवारी (निवासी जयरामनगर, थाना मस्तूरी, जिला बिलासपुर) ने कोयला कारोबार से जुड़े समाचारों के प्रकाशन से क्षुब्ध होकर पत्रकार दम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की सुपारी ली और लगातार धमकियां दे रहे हैं।

समाचार से बौखलाहट, सुपारी और साजिश
पत्रकार दम्पत्ति द्वारा कोल वॉशरी, कोल साइडिंग, कोल डिपो, संबंधित कंपनियों, प्रभावशाली व्यक्तियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर तथ्यात्मक कवरेज किया गया था। प्रभावित ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की आपत्तियों व चिंताओं को भी समाचार में स्थान दिया गया। इसी से आहत होकर कथित तौर पर कोल कारोबार से जुड़े तत्वों ने संजय पांडेय व उसके दोनों भांजों को पत्रकार दम्पत्ति के खिलाफ उकसाया। आरोप है कि ये लोग सोशल मीडिया से लेकर प्रत्यक्ष रूप से घर के सामने आकर धमकी देते रहे हैं और गोस्वामी परिवार को अपमानित करने का माहौल बना रहे हैं।



एफआईआर दर्ज, पर धाराएं मामूली
थाना मस्तूरी में पत्रकार दम्पत्ति के खिलाफ हुई आपराधिक घटनाओं पर दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं—
• अपराध क्रमांक 415/2025 (दिनांक 26.06.2025)
• अपराध क्रमांक 548/2025 (दिनांक 28.05.2025)
इनमें भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 79, 35 लगाई गई। पीड़ितों का आरोप है कि गंभीर तथ्यों, जानलेवा धमकियों, साजिश और हथियार दिखाने जैसे कृत्यों के बावजूद गैर-जमानतीय धाराएं नहीं जोड़ी गईं, जिससे आरोपियों का मनोबल बढ़ा।

‘बीजापुर के पत्रकार जैसा हाल करेंगे’—खुली धमकी
पीड़ितों के अनुसार, दिवाली के दौरान 17 से 19 अक्टूबर 2025 के बीच आरोपियों ने घर के सामने गाली-गलौच करते हुए धमकी दी कि “तुम्हारा हाल भी बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर जैसा करेंगे।” 19 अक्टूबर 2025 की रात करीब 9–10 बजे, संजय पांडेय की पटाखा दुकान के पास से साजिशन गुजरते हुए घर के सामने रुककर फिर धमकियां दी गईं। इससे पहले भी कई बार असफल साजिशें रची जा चुकी हैं और लगातार भय का वातावरण बनाया जा रहा है।

परिवार भय में, सबूत मौजूद
लगातार जानलेवा धमकियों और साजिशों के कारण गोस्वामी दम्पत्ति भय और असुरक्षा के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि उनके पास ऑडियो–वीडियो सहित दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। आरोप है कि आरोपी दबाव बनाकर प्रकरण में समझौता कराना चाहते हैं।



आपराधिक इतिहास के बावजूद सख्ती नहीं
संजय पांडेय और उसके दोनों भांजों के विरुद्ध पत्रकार दम्पत्ति की शिकायत पर तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, अन्य पीड़ितों द्वारा भी 8–10 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। इसके बावजूद, पूर्व में भी मामूली धाराएं लगने से आरोपी श्रृंखलाबद्ध अपराध करते आ रहे हैं, जबकि उनके कृत्य गंभीर और अजमानतीय प्रकृति के बताए गए हैं।

एसपी ने माना गंभीर, पर अमल नहीं
बताया गया है कि बिलासपुर एसपी ने पत्रकार दम्पत्ति की शिकायत को बेहद गंभीर मानते हुए एसडीओपी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी प्रभावी और सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

उच्चाधिकारियों से गुहार
पत्रकार दम्पत्ति डी.पी. गोस्वामी और दिव्या गोस्वामी ने गृहमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन, डीजीपी, आईजी बिलासपुर और बिलासपुर एसपी को विस्तृत शिकायत देकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई, गैर-जमानतीय धाराएं जोड़ने, तथा पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह मामला न केवल पत्रकारों की सुरक्षा बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की स्वतंत्रता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह निर्भीक पत्रकारिता पर खतरनाक नज़ीर बन सकता है।

पटवारी पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, वृद्ध ग्रामीण सेवक से लिए 4 हजार, फिर भी नहीं किया अभिलेख सुधार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भूषण बघेल : प्रेमनगर तहसील अंतर्गत राजस्व व्यवस्था में मनमानी और भ्रष्टाचार का एक और गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम बकिरमा निवासी वृद्ध ग्रामीण सेवक राम ने पटवारी पवन साय पर रिश्वत मांगने और राशि लेने के बावजूद कार्य नहीं करने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है।

शिकायत के अनुसार सेवक राम के नाम कुल 14 भू-खंड दर्ज हैं, लेकिन कम्प्यूटरीकृत अभिलेख में गंभीर लापरवाही करते हुए ऑनलाइन बी-1 में केवल 11 भू-खंड ही प्रदर्शित हो रहे हैं। जब उन्होंने तहसील कार्यालय प्रेमनगर में वर्ष 2013-14 का हस्तलिखित बी-1 अभिलेख देखा, तो सभी छूटे हुए भू-खंड उसमें स्पष्ट रूप से दर्ज पाए गए। इसके पश्चात अभिलेख सुधार के लिए उन्होंने पटवारी पवन साय से संपर्क किया।

सेवक राम का आरोप है कि अभिलेख सुधार के बदले पटवारी ने उनसे 5,000 रुपए की मांग की। मजबूरीवश उन्होंने 4,000 रुपए दे दिए, लेकिन इसके बावजूद आज तक अभिलेख में सुधार नहीं किया गया। उनका कहना है कि वे पिछले कई महीनों से तहसील और पटवारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, किंतु हर बार “कल आना”, “प्रणाली बंद है”, “आज कार्यभार अधिक है” जैसे बहानों से उन्हें टाल दिया जाता रहा।

अभिलेख अद्यतन नहीं होने के कारण सेवक राम को ऋण पुस्तिका नवीनीकरण, कृषि कार्य तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद समस्या यथावत बनी हुई है।

ग्राम बकिरमा एवं कोट्या हल्का के ग्रामीणों ने भी पटवारी पवन साय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के कार्य जानबूझकर लंबित रखना, अनावश्यक बहाने बनाना और अवैध वसूली की मांग करना आम बात हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई किसान पहले भी इसी प्रकार की परेशानी झेल चुके हैं।

पीड़ित सेवक राम ने कलेक्टर से मांग की है कि उनके सभी छूटे हुए भू-खंड तत्काल बी-1 अभिलेख में दर्ज कर सुधार किया जाए तथा इस प्रकार की अवैध वसूली और लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि वृद्ध एवं छोटे किसानों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार अपमान और परेशानियों का सामना न करना पड़े।

प्रेमनगर क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस गंभीर शिकायत पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होती है अथवा मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा।

मनेंद्रगढ़ पीडब्ल्यूडी में 18–20 साल से जमे कर्मचारी, शासन की तबादला नीति पर सवाल…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : लोक निर्माण विभाग (PWD) मनेंद्रगढ़ में वर्षों से एक ही जगह पर जमे कर्मचारियों और बाबुओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार विभाग में कई कर्मचारी ऐसे हैं जो 18 से 20 वर्षों से बिना तबादला एक ही पद और स्थान पर कार्यरत हैं, लेकिन अब तक शासन का ध्यान पीडब्ल्यूडी की ओर क्यों नहीं गया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्य शासन द्वारा समय-समय पर तबादला नीति लागू की जाती है, जिसमें स्पष्ट रूप से लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों को स्थानांतरित करने का प्रावधान है। इसके बावजूद मनेंद्रगढ़ पीडब्ल्यूडी में यह नीति कागज़ों तक सीमित नजर आ रही है। स्थानीय लोगों और विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह पर जमे रहने से
कामकाज में पारदर्शिता पर सवाल
कथित मनमानी और दबदबा
ठेकेदारी एवं भुगतान प्रक्रिया में प्रभाव
जैसी स्थितियां पैदा होती हैं।
क्या जनपद निधि को हो रहा नुकसान?
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पीडब्ल्यूडी में जमे कर्मचारियों के कारण जनपद या शासन निधि का नुकसान (सन घाट) हो रहा है? यदि नहीं, तो फिर तबादलों में यह विभाग अपवाद क्यों बना हुआ है?
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों की मांग है कि
पीडब्ल्यूडी मनेंद्रगढ़ में लंबे समय से जमे कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
तबादला नीति का सख्ती से पालन हो।
जरूरत पड़ने पर विभागीय जांच भी कराई जाए।
अब देखना यह होगा कि खबरों और जनदबाव के बाद शासन और उच्च अधिकारी पीडब्ल्यूडी मनेंद्रगढ़ पर कब ध्यान देते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

रिटायरमेंट से पहले रेंजर के कार्यकाल की जांच की मांग तेज…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : वन मंडल मनेंद्रगढ़ अंतर्गत वन परिक्षेत्र मनेंद्रगढ़ में पदस्थ रेंजर रामसागर कुर्रे के विरुद्ध गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेंजर पर अपने कार्यकाल के दौरान पद का दुरुपयोग कर लाखों रुपये की शासकीय राशि के गबन का आरोप है।
बताया जा रहा है कि रेंजर रामसागर कुर्रे ने अपने डिप्टी कार्यकाल के दौरान ऐसे कई कार्यों का भुगतान निकलवाया, जहां वास्तव में कोई काम ही नहीं हुआ। इतना ही नहीं, कुछ बीट क्षेत्रों में बिना कार्य किए ही राशि आहरित करने के आरोप भी सामने आए हैं। आरोप है कि अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किया गया।
सूत्रों का यह भी कहना है कि जिन बीटों में कार्य नहीं हुआ, वहां से भी शासकीय धनराशि निकाली गई, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौरतलब है कि रेंजर रामसागर कुर्रे मार्च माह में सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा यह मांग जोर पकड़ रही है कि रिटायरमेंट से पहले पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो समय रहते कार्रवाई हो सके।
जनता का कहना है कि यदि सेवानिवृत्ति के बाद जांच होती है, तो कार्रवाई की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए शासन और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की जा रही है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच आदेश जारी किए जाएं।
अब देखना यह होगा कि शासन और वन विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या रिटायरमेंट से पहले जांच संभव हो पाती है या नहीं।

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