हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : लोक निर्माण विभाग (PWD) मनेंद्रगढ़ में वर्षों से एक ही जगह पर जमे कर्मचारियों और बाबुओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार विभाग में कई कर्मचारी ऐसे हैं जो 18 से 20 वर्षों से बिना तबादला एक ही पद और स्थान पर कार्यरत हैं, लेकिन अब तक शासन का ध्यान पीडब्ल्यूडी की ओर क्यों नहीं गया, यह चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्य शासन द्वारा समय-समय पर तबादला नीति लागू की जाती है, जिसमें स्पष्ट रूप से लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों को स्थानांतरित करने का प्रावधान है। इसके बावजूद मनेंद्रगढ़ पीडब्ल्यूडी में यह नीति कागज़ों तक सीमित नजर आ रही है। स्थानीय लोगों और विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही जगह पर जमे रहने से
कामकाज में पारदर्शिता पर सवाल
कथित मनमानी और दबदबा
ठेकेदारी एवं भुगतान प्रक्रिया में प्रभाव
जैसी स्थितियां पैदा होती हैं।
क्या जनपद निधि को हो रहा नुकसान?
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या पीडब्ल्यूडी में जमे कर्मचारियों के कारण जनपद या शासन निधि का नुकसान (सन घाट) हो रहा है? यदि नहीं, तो फिर तबादलों में यह विभाग अपवाद क्यों बना हुआ है?
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों की मांग है कि
पीडब्ल्यूडी मनेंद्रगढ़ में लंबे समय से जमे कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
तबादला नीति का सख्ती से पालन हो।
जरूरत पड़ने पर विभागीय जांच भी कराई जाए।
अब देखना यह होगा कि खबरों और जनदबाव के बाद शासन और उच्च अधिकारी पीडब्ल्यूडी मनेंद्रगढ़ पर कब ध्यान देते हैं, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

