हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अशोक सिंह को 54 लाख 3 हजार 428 रुपए अधिक भुगतान किया गया है। वे एक साथ पेंशन और वेतन का लाभ ले रहे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब उक्त रकम की रिकवरी के लिए पूर्व कुलपति को पत्र लिखा है। लेकिन स्थाई पते पर उनके नहीं होने के कारण पत्र वापस हो गया है। दरअसल नियम अनुसार सेवानिवृत्त होने पर सर्विस में बने रहने के लिए वेतन से प्राप्त पेंशन की राशि घटाकर भुगतान किया जाना था। लेकिन पेंशन राशि की कटौती के बिना भुगतान कर दिया गया था।
संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के कुल सचिव एसपी त्रिपाठी ने बताया कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का पत्र 19 मार्च 2025 को प्राप्त हुआ है। इसमें बताया गया है कि संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति अशोक सिंह की सेवा शर्त में उल्लेख है कि वेतन से प्राप्त पेंशन की राशि घटाकर भुगतान किया जाना था। इस मामले में संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय ने पूर्व कुलपति को पत्र लिखकर पीपीओ के अभाव में उन्हें किए गए अधिक भुगतान की राशि को विवि के खाते में जमा करने को कहा है।
कार्यकाल के दौरान दोनों राशि का लिया लाभ
कुल सचिव ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति शासकीय कार्य से सेवानिवृत होने के बाद जब किसी सर्विस में आता है तो यह शर्त रहती है कि वेतन से प्राप्त पेंशन की राशि को घटाकर भुगतान किया जाएगा। पूर्व कुलपति अशोक सिंह इसी सेवा शर्त पर थे। लेकिन उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान दोनों राशि का लाभ लिया है।
भेजा गया पत्र हो गया वापस
कुल सचिव एसपी त्रिपाठी ने बताया कि मैंने पूरी रिकवरी तैयार कर पूर्व कुलपति को पत्र उनके स्थाई पते बनारस भेजा था। लेकिन उनके नहीं मिलने पर पत्र वापस आ गया है। पुन: पत्र भेजा जाएगा। इसके बावजूद कोई ठोस जवाब नहीं मिलता है तो विश्वविद्यालय को अवगत कराया जाएगा। अंतत: अगर राशि शासन को वापस नहीं करते हैं तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
पूर्व कुलपति अशोक सिंह एक साथ लेते रहे पेंशन और वेतन का लाभ, अब 54 लाख की रिकवरी की तैयारी …
प्रोफेसर पति बना हैवान : पत्नी के साथ पार की दरिंदगी की सारी हद, शरीर पर चोट के निशान देख सहमे लोग…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम शारदापुर से पति और ससुराल पक्ष द्वारा एक महिला के साथ दरिंदगी की खबर निकल कर सामने आई हैं। आरोपियों द्वारा महिला को एक सप्ताह तक बंधक बनाकर उसके साथ अत्याचार की सारे हदें पार की गई। पीड़िता के पति ने पीड़िता के मुंह में कपड़ा ठूंसकर गर्म पानी में चेहरा डुबो कर उसे जला दिया जिससे उसका चेहरा बुरी तरह जल गया। बेरहम पति का दिल इतने में नहीं पसीजा तो उसने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की और गर्म लोहे के चिमटे से उसके हाथ को जला दिया। पीड़िता किसी तरह भागकर थाने पहुंची और मामले की शिकायत थाने में की। शिकायत के बाद पुलिस ने दरिंदे पति को गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार आरोपी दरिंदे पति का नाम आकाश तिवारी आत्मज हरिशंकर तिवारी हैं। जो कि वाड्रफनगर में चाणक्य अकैडमी संचालित करता है और रानी दुर्गावती कॉलेज में संविदा पद पर प्रोफेसर है। पीड़िता ने पुलिस को बताया हैं कि आरोपी पति ने पूर्व में भी उस पर हमला किया था और उसका एक अन्य महिला से अवैध संबंध भी है।
पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच कराई है और संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता की शिकायत पर त्रिकुंडा थाना पुलिस ने आरोपी आकाश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सास-ससुर के भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जा सकती हैं।
आखिर ऐसी क्या थी वजह….SECL कार्यालय में महिलाओं को करना पड़ा अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन…
हिंद स्वराष्ट्र कोरबा: एसईसीएल कुसमुंडा में शुक्रवार को महिलाओं ने नौकरी की मांग को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। SECL प्रबंधन के खिलाफ महिलाओं ने अर्धनग्न होकर अपना विरोध दर्शाया। इस दौरान महिलाओं ने एसईसीएल के कार्यालय में घुसकर जमकर नारेबाजी भी की। प्रदर्शन कर रही महिलाओं का आरोप है कि एसईसीएल ने उनकी जमीन अधिग्रहित कर उन्हें विस्थापित कर दिया है लेकिन उसके बदले में उन्हें नौकरी नहीं दी गई है।

मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह बड़ी संख्या में भू-विस्थापित महिलाए एसईसीएल की कुसमुंडा मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पहुंची, वहां भीतर घुसकर महिलाओं ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि उनकी जमीन पहले एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित कर ली गई हैं, लेकिन अब तक उन्हें रोजगार नहीं दिया गया है। भू-विस्थापितों का रोजगार प्रकरण काफी लंबे अरसे से रुका हुआ हैं जिस पर आवेदन करते कई वर्ष गुजर गए है किंतु भू-विस्थापितों को रोजगार नहीं मिल सका हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी उन्होंने खदान में कई बार प्रदर्शन और हड़ताल की थी लेकिन कंपनी प्रबंधन ने उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय 25 महिलाओं और बच्चों को जेल भेज दिया था।
वही इस मामले में भू-विस्थापित रोजगार एकता महिला किसान कुसमुंडा के अध्यक्ष का कहना है कि असली भू विस्थापित के स्थान पर फर्जी तरीके से व्यक्तियों की नियुक्ति की गई हैं जिनको हटाया जाना चाहिए। असली वारिस को रखने हेतू उनके द्वारा बार बार आवेदन किया गया था लेकिन अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया हैं। महिलाओं का कहना हैं कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक इस आंदोलन को जारी रखा जाएगा।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली कार्य में लापरवाही पर खाद्य निरीक्षक निलंबित…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संदिग्ध राशन कार्डों के भौतिक सत्यापन का कार्य जारी है। इस क्रम में खाद्य निरीक्षक सतपाल सिंह कंवर, अम्बिकापुर (शहरी) को 15 जुलाई 2025 तक सत्यापित जानकारी विभागीय वेबसाइट में दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।
किन्तु, विगत तीन दिवसों में कंवर द्वारा प्रस्तुत कार्य प्रगति अत्यंत असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें 16 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा प्रस्तुत उत्तर अशोभनीय एवं अस्वीकार्य पाया गया, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत है।
उक्त कृत्य को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता मानते हुए कलेक्टर सरगुजा द्वारा सतपाल सिंह कंवर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1)(क) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला कार्यालय (खाद्य शाखा), अम्बिकापुर नियत किया गया है एवं उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
शराब घोटाला मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल गिरफ्तार, ED ने की 14 दिन के रिमांड की मांग…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को प्रवर्तन निदेशालय ने कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। इसके बाद ईडी ने चैतन्य बघेल को रायपुर कोर्ट में पेश किया है। गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के सभी विधायक नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, भूपेश बघेल रायपुर जिला कोर्ट पहुंच रहे है। बता दें आज छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का आखिरी दिन था। सत्र के बीच में ही ईडी की कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने विधानसभा से वॉकआउट किया।
‘साहब ने ईडी भेज दी’
आज सुबह ही पूर्व सीएम के भिलाई आवास पर ईडी का छापा पड़ा था। भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इस रेड की जानकारी दी थी।
भूपेश बघेल ने X पर पोस्ट कर लिखा था, ‘ED’ आ गई। आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है। अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठाना था। भिलाई निवास में ‘साहेब’ ने ED भेज दी है।
बता दें आज ही चैतन्य बघेल का जन्मदिन भी है। भूपेश बघेल ने एक्स पर लिखा, “जन्मदिन का जैसा तोहफ़ा मोदी और शाह जी देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी। और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है। इन तोहफों का धन्यवाद। ताउम्र याद रहेगा।”
क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला कथित तौर पर फरवरी 2019 में शुरू हुआ था। इस समय डिस्टिलरी से हर महीने 800 पेटी शराब लेकर 200 ट्रक भेजे जाते थे। बताया गया है कि शुरू के समय में प्रत्येक पेटी 2,840 रुपये में बेची जाती थी।
बाद में जैसे-जैसे इस ऑपरेशन का विस्तार हुआ, महीने में इसकी मात्रा को दोगुना कर दिया गया और 400 ट्रक भेजे जाने लगे। इसके साथ ही पेटी की कीमत भी बढ़कर 3,880 रुपये हो गई। जांच में सामने आया कि केवल तीन साल के भीतर ही कथित तौर पर 60 लाख से अधिक पेटी शराब अवैध रूप से बेची गई, जिससे लगभग 2,174.60 करोड़ रुपये का अवैध राजस्व अर्जित हुआ।
सोलर ड्यूल पंप 4 महीने से खराब पानी के लिए पीएमश्री, माध्यमिक शाला, आंगनबाड़ी केंद्र के लगभग 250 बच्चे दर-दर भटकने को मजबूर…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर विशेष संवाददाता : जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत महूली के स्कूल पारा में क्रेडा विभाग एवं पीएचई विभाग द्वारा लगभग 8 साल पहले सोलर ड्यूल पंप लगाया गया था। यह पंप लगभग 4 महिना पहले खराब हो गया है। इसका जानकारी कई बार जिले के क्रेडा़ विभाग के अधिकारियों एवं पीएचसी विभाग के अधिकारी को दी गई हैं और उनसे पंप बनवाने की मांग की गई हैं लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं किया गया है यह पंप अप्रैल महीने से खराब है। वहीं ग्राम पंचायत कार्यालय,पटवारी अवास, उपस्वास्थ्य केंद्र, पीएम श्री , माध्यमिक शाला, पीएम श्री आंगनबाड़ी केंद्र के सभी लोग इसी पंप से पानी पीते हैं।

क्रेडा़ विभाग द्वारा 2 महीने पूर्व निकला गया पंप
वही ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार दो महीना पूर्व ही क्रेडा़ विभाग के ब्लॉक अधिकारी द्वारा पंप को बनवाने के नाम पर निकल ले गया है। लेकिन आज दिनांक तक अभी तक पंप नहीं बना जिससे छात्राओं एवं मरीज सहित अन्य लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
वही इस संबंध में जिला क्रेड़ा विभाग के अधिकारी रंजीत यादव से बात किया गया तो उनके द्वारा बताया गया कि मरम्मत कार्य के लिए हमारे पास किसी भी प्रकार का फंड नहीं है और यह पंप हमारे अंडर में 5 वर्ष ही रहता है इसके बाद पंचायत एवं पीएचसी विभाग इसका देख रेख करता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नगर निगम अंबिकापुर को मिला सुपर स्वच्छ लीग अवॉर्ड, 50 हजार से 3 लाख आबादी वाले शहरों में सुपर स्वच्छ लीग में अंबिकापुर रहा प्रथम….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ के नगर निगम पालिका अम्बिकापुर को स्वच्छता के क्षेत्र में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। भारत सरकार आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के अंतर्गत 50 हजार से 3 लाख की जनसंख्या वर्ग में नगर निगम पालिका अम्बिकापुर को “सुपर स्वच्छ लीग” में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि के लिए आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित भव्य पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अंबिकापुर नगर निगम को सम्मानित किया। अम्बिकापुर की ओर से यह पुरस्कार अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव, महापौर मंजूषा भगत एवं नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप संयुक्त रूप से उपस्थित रहे।
इस सम्मान समारोह के अवसर पर सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, एमआईसी सदस्य श्वेता गुप्ता, कार्यपालन अभियंता संतोष रवि, एसबीएम नोडल अधिकारी रितेश सैनी, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक अवधेश पांडेय, सहायक अभियंता दुष्यंत बजाज एवं प्रशांत खुल्लर, साथ ही स्वच्छता अभियान से जुड़ी स्वच्छता दीदी शशिकला सिन्हा एवं ज्ञानलता कुजूर भी उपस्थित थे।
क्या है सुपर स्वच्छ लीग?
“सुपर स्वच्छ लीग“ भारत सरकार द्वारा उन शहरों के लिए आरंभ की गई एक विशेष लीग है, जो पिछले वर्षों में स्वच्छ सर्वेक्षण में निरंतर असाधारण प्रदर्शन करते आए हैं। यह लीग स्वच्छता मानकों, जनभागीदारी, कचरा प्रबंधन, और सतत सफाई व्यवस्था में श्रेष्ठता प्राप्त शहरों को मान्यता प्रदान करती है।
लगातार 5-स्टार और टॉप पर बना अम्बिकापुर
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में अतिरिक्त मानदंडों के आधार पर अम्बिकापुर नगर निगम का मूल्यांकन किया गया। इस मूल्यांकन में अम्बिकापुर ने अपनी श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया है। साथ ही, अम्बिकापुर नगर को “गार्बेज फ्री सिटी” अभियान के अंतर्गत पुनः 5-स्टार रेटिंग भी प्राप्त हुई है, जो स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर उच्च प्रदर्शन का प्रमाण है।
गौरतलब है कि सुपर स्वच्छ लीग में शहरों की रैंकिंग नहीं की जाती, बल्कि प्रदर्शन के आधार पर चयन किया जाता है। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में इस विशेष लीग में बने रहने के लिए नगर निकायों को कम से कम 85 प्रतिशत स्कोर हासिल करना होता है और शीर्ष 20 शहरों में स्थान बनाए रखना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि “अंबिकापुर की यह सफलता पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। यह पुरस्कार आम नागरिकों की सहभागिता और स्वच्छता कर्मियों की मेहनत का परिणाम है।”
नगरीय प्रशासन मंत्री ने भी नगर निगम की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ के अन्य नगर निकायों को भी प्रेरणा देगी।
इस अवसर पर महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि अम्बिकापुर की जनता, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी और स्वच्छता टीम की सतत मेहनत का ही परिणाम है कि आज हमारा शहर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुआ है। यह हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण है।
कलेक्टर विलास भोसकर ने नगर निगम अम्बिकापुर को “सुपर स्वच्छ लीग“ में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा ,यह सम्मान नगर निगम की टीम, स्वच्छता दीदियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
नगर निगम आयुक्त कश्यप ने कहा कि अम्बिकापुर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था, प्लास्टिक प्रतिबंध, स्वच्छता जागरूकता और पर्यावरणीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अम्बिकापुर की यह राष्ट्रीय उपलब्धि अब छत्तीसगढ़ के अन्य नगर निकायों के लिए एक मॉडल के रूप में देखा जा रही है।
अम्बिकापुर की यह उपलब्धि न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देशभर के शहरों के लिए स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता और नवाचार का प्रेरणास्रोत बन चुकी है।
भैयाथान विकासखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा : कहीं अधूरे मकानों को पूर्ण बताया तो कहीं सरकारी जमीनों में बना दिया आवास…PART 2
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के भैयाथान विकासखंड के ग्राम सिरसी में शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में जमकर फर्जीवाड़ा किया गया हैं। जहां एक ओर फर्जी तस्वीरों और फर्जी मूल्यांकन के आधार पर निर्माण कार्यों को पूर्ण बता दिया गया हैं वही दूसरी ओर सरकारी जमीनों पर बेजा कब्जा करने वाले लोगों को भी आवास बनाकर दिया गया हैं। कुछ मकानों के निर्माण के लिए जिओ टैक कही और किया गया हैं और मकानों का निर्माण कही और किया गया हैं। कुछ मकानों के निर्माण के लिए जिओ टैक पट्टे की जमीन पर की गई थी वहीं मकानों का निर्माण सरकारी जमीन पर करवाई गई हैं। शासन द्वारा निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के आदेश के बाद शासन के आंखों में धूल झोंकते हुए मकानों का निर्माण कार्य पूर्ण हुए बगैर ही इन्हें पूर्ण बतला दिया गया हैं और हितग्राहियों के खातों में पूरे पैसे ट्रांसफर करवा दिए गए हैं। आपको बता दें कि सिरसी क्षेत्र में 2017 और उससे पूर्व के भी कई ऐसे मकान हैं जिनको पूर्ण बताया गया हैं लेकिन इतने वर्ष बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाए हैं। 15/07/2025 को हिंद स्वराष्ट्र द्वारा खबर के प्रकाशन के बाद कल 16/07/2025 को जिला पंचायत की टीम सिरसी ग्राम पहुंची और इस मामले की जांच किया गया।
जांच टीम पर भी उठ रहे सवाल
हिंद स्वराष्ट्र के खबर प्रकाशन के बाद रात के वक्त ही जिला पंचायत से दीपक कुमार साहू द्वारा हमसे जानकारी मांगी गई थी जब हमारे द्वारा उन्हें विकासखंड और ग्राम के बारे में जानकारी दे दी गई तो जांच में पहुंचने से पूर्व ही जांच टीम में पहुंचे दीपक कुमार साहू द्वारा यह जानकारी लीक कर दी गई और ब्लॉक के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मामले की लीपापोती का कार्य प्रारंभ कर दिया गया और ग्रामीणों को पैसे की लेनदेन के बारे में किसी भी प्रकार की बात ना बोलने की सख्त हिदायत दे दी गई। ऐसे में हुए इस जांच को किस तरह से सही माना जा सकता है.?? वहीं दूसरी ओर हमारे सिरसी पहुंचने से पूर्व जांच के लिए पहुंचे दीपक साहू को कुछ मकान पूर्ण मिले लेकिन हमारे पहुंचने के बाद जितने भी मकानों को हमने उन्हें दिखाया सब अपूर्ण थे। समय के अभाव का हवाला देते हुए दीपक साहू द्वारा कुछ ही मकानों की जांच की गई और उनका पंचनामा बनाया गया जबकि अगर वे सही से सभी पूर्ण बताए गए घरों की जांच करते तो रिपोर्ट हमारे द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुरूप आती। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या उन्होंने जांच सही से की और जिन घरों को उन्होंने देखा क्या वह वास्तविकता में पूर्ण थे??
सिर्फ ढलाई होने मात्र को बताया जा रहा पूर्ण
आपको बता दें कि जिला पंचायत सीईओ कमलेश नंदिनी साहू द्वारा कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी ब्लॉक के जनपद सीईओ की मीटिंग ली गई थी और मीटिंग के दौरान उन्होंने ढलाई मात्र हो जाने से अपने अधिकारियों को बचा लेने की बात कही गई थी ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या ढलाई मात्र हो जाने से किसी घर को पूर्ण बताया जा सकता है..?सिरसी ग्राम पंचायत में 10% ही घर ऐसे हैं जिन घरों का कार्य पूर्णता पूर्ण हो गया है और हितग्राही उन मकानों में निवास कर रहे हैं, 30% घर ऐसे हैं जिन घरों की बस ढलाई हो गई है और मकान के प्लास्टर और दरवाजे तक नहीं लग पाए हैं जबकि 60% मकानों में कुछ डोर लेवल तक पहुंचे हैं तो कुछ के नींव तक नहीं खुदे हैं।
सरकारी जमीनों पर बना दिया गया मकान
कल जांच के दौरान हमें यह भी मालूम पड़ा की सिरसी पंचायत में सरकारी जमीनों पर बेजा कब्जा करने वाले 34 लोगों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत मकान निर्माण करवा दिया गया है। ऐसे में इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो गई और इस पर कैसे किसी की नजर नहीं पड़ी या इसमें किसकी मिलीभगत रही यह तो सही तरीके से निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ पाएगा।
अधिकारियों का कहना टारगेट पूरा करो तब आयेंगे और कार्य : रोजगार सहायक नईम अंसारी
जहां एक और इन सब घोटालो और धांधली में सभी अपने आप को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और बेचारे रोजगार सहायक पर ही पूरी धांधली का आरोप लगाकर कार्यवाही की अनुशंसा कर रहे हैं। वही दूसरी ओर रोजगार सहायक द्वारा इस धांधली में शामिल अपने अधिकारियों की भी पोल खोल कर रख दी गई हैं। उन्होंने हिंद स्वराष्ट्र को दिए अपने बयान में बताया कि निर्माण कार्य पूर्ण है या अपूर्ण और किस तरह से अपूर्ण कार्यों को पूर्ण बताया जा रहा है इसकी पूरी जानकारी उच्च अधिकारियों को भी हैं। जनपद के अधिकारियों द्वारा उन्हें टारगेट जल्दी पूरा करो तभी और निर्माण कार्य आएंगे बोला जाता हैं। आपको बता दे की रोजगार सहायक के इस बयान से जहां हिंद स्वराष्ट्र की खबर की पुष्टि हो जाती है कि जनपद के अधिकारियों और निकले कर्मचारियों की मिली भगत से इस धांधली को अंजाम दिया गया हैं वहीं दूसरी ओर उनके इस बयान से जिला स्तर के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ हैं।



सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजनाओं को चूना लगाने का काम कार्यालय में बैठे हुए कुछ भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा हमेशा किया जाता रहा हैं। ये अधिकारी/कर्मचारी इतने भ्रष्ट हैं कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कार्यों को पूर्ण बतलाकर एक ओर वाहवाही लूटने का कार्य कर रहे हैं वही दूसरी ओर अपनी जेबों को भरने का कार्य करते हैं।
अंधविश्वास में अंधे हुए पिता ने अपने बच्चे के इलाज के लिए चढ़ा दी एक 3 साल के बच्चे की बली…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : जिले से एक दिल को दहला देने वाली खबर निकल के सामने आई है जहां एक अंधविश्वासी व्यक्ति ने अंधविश्वास में आकर अपने बच्चे के इलाज के लिए एक मां की गोद सूनी कर दी। आरोपी को यह अंधविश्वास था कि किसी बच्चे की बली दिए जाने से उसके बच्चे की तबीयत ठीक हो जाएगी इस अंधविश्वास में आकर उसने एक तीन साल के मासूम की जान ले ली। दरअसल मामला जिले के सामरीपाठ थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सबाग की हैं जहां एक युवक ने अपने बच्चे की मिर्गी की बीमारी को ठीक करने के लिए एक 3 साल के मासूम बच्चे की बलि चढ़ा दी। यह घटना 1 अप्रैल 2024 की हैं जब आरोपी द्वारा बच्चे को अकेला देखकर बिस्किट खिलाने के बहाने अपने साथ अपने घर ले जाकर छुरी से बच्चे की गर्दन काट दी गई थी जिसका खुलासा अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हो गया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मामले में पुलिस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी का नाम राजू कोरवा है। बताया जा रहा है कि उसके बेटे को मिर्गी की बीमारी रहती थी और वह मानसिक रूप से कमजोर भी था। आरोपी के मन में यह बात बैठ गई थी कि अगर वह किसी दूसरे के बच्चे की बलि चढ़ा देता है तो उसका बेटा ठीक हो जाएगा। 1 अप्रैल 2024 को आरोपी ने एक बच्चे को अकेले खेलते देखा तो बिस्किट खिलाने के बहाने वह बच्चे को अपने घर ले गया और घर में ले जाकर बच्चें की बलि चढ़ा दी। बताया जा रहा हैं कि घटना के बाद आरोपी द्वारा बच्चे के सर को अपने घर में तीन दिन तक रखा गया था और बच्चें के शरीर को कहीं ले जाकर जला दिया था। तीन दिन बाद जब परिजन और पुलिस बच्चें की तलाश करने लगे तो डर के मारे उसने बच्चे के सर को कपड़े से ढक कर जमीन में दफना दिया था।
वही इस मामले में पुलिस की टीम गुम इंसान का मामला दर्ज कर बच्चे की तलाश कर रही थी, विवेचना के दौरान ही पुलिस को मुखबिर से एक सुराग हाथ लगा और फिर से उसने राजू कोरवा को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ किया तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के निशानदेही पर गड्ढे को खुदवाया तो वहां से खोपड़ी के कुछ अवशेष मिले हैं। बताया जा रहा हैं कि पुलिस ने एक बार संदेह के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया था लेकिन पुलिस को कुछ भी हासिल नहीं हुआ था।
NHM के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने ताली और थाली के माध्यम से किया सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : नियमितीकरण ,जॉब सुरक्षा, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल बीमा, 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं की मांग कर रहे छत्तीसगढ़ प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत 16 हज़ार कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन कल सातवें दिन भी जारी रहा।
विरोध प्रदर्शन की इस कड़ी में कल सभी 33 जिला मुख्यालय में ताली और थाली रैली के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम अपनी 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर को कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सौंपा, और कहा है कि, यदि उनकी मांगे जल्द ही नहीं पूरी की जाती हैं तो प्रदेश में एनएचएम के 16 हज़ार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी किसी बड़े अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जाने को विवश हो सकते हैं जिस कारण प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था में जो असुविधा होगी उसके लिए शासन -प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा ।
सूरजपुर के जिला अध्यक्ष बृजलाल पटेल ने बताया कि जिले में 640 के करीब एन एच एम कर्मचारी कार्यरत हैं यह कर्मचारी पिछले 20 वर्षों से अपनी सेवा शर्तों में सुधार,नियमितीकरण, अपनी नौकरी की सुरक्षा, समान काम समान वेतन, जैसी चाह लिए लगातार पिछली कई सरकारों के कार्यकाल में धरना प्रदर्शन आंदोलन अनुनय निवेदन ज्ञापन देते रहे हैं इस सरकार के कार्यकाल में भी मोदी की गारंटी के नाम से हमारी समस्याओं के समाधान का वादा किया गया है परंतु आज पर्यंत इस संबंध में किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने लगभग 100 से अधिक बार ज्ञापन मंत्रियों, विधायकों, सांसदों को दिया है इसके अलावा कई उच्च अधिकारियों से भी भेंट की गई है, परंतु परिणाम शून्य ही रहा जिसके कारण 10 जुलाई से लेकर 17 जुलाई तक या प्रदर्शन चरणबद्ध रूप से जारी है ।
कर्मचारियों ने बताया कि वह ताली और थाली करने पर आज इसलिए मजबूर हैं क्योंकि कोरोना महामारी में प्रधानमंत्री मोदी जी ने हमें कोरोना वॉरियर का दर्जा देकर पूरे देश भर से हमारे लिए ताली और थाली बजवाई थी परंतु आज छत्तीसगढ़ प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी हम कोरोना योद्धा जिनके लिए देशभर में तालियां थाली बजी, 20 वर्षों से पीड़ित हैं जिसके कारण आज लाचार होकर अपने लिए ताली और थाली बजाने पर विवश हो चुके हैं ।
आंदोलन की कड़ी में 10 तारीख को सभी विधायकों को ज्ञापन सौपा गया ,11 तारीख को भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष को ज्ञापन दिया गया 12 से 15 तक काली पट्टी लगाकर कार्य किया गया एवं 16 जुलाई को जिला स्तरीय पर एक दिवसीय धरना रैली की गई जबकि 17 जुलाई को पूरे प्रदेश के यह कर्मचारी रायपुर में राजधानी धरना स्थल पर एकत्रित होकर विधानसभा घेराव के लिए निकलेंगे ।
इस अवसर पर बृजलाल पटेल, तोपान सिंह दायमा, विवेक सदन नाविक, डाॅ.अनुराग सिंह, संदीप नामदेव, लव सिंह मराबी सखन आयाम, कंचन जायसवाल, राजेश द्विवेदी, बृजेश कुशवाहा, कुलदीप पैकरा, गिरजा मानिकपुरी, कुंवर प्रताप , रामकुमार सिदार, तोयात्मा रायल, कमलेेश सोनी, उत्तरा कुमार, समय लाल, रविकरण सिंह, डाॅ.कुलदीप दुबे, ओमप्रकाश राजवाडे, अमित वर्मा, सरोज साहू, नंदकिशोर वर्मा एवं समस्त एनएचएम अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
भारतीय वायुसेना में अग्निवीर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : जिला रोजगार अधिकारी ने बताया है कि भारतीय वायु सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु अविवाहित युवक एवं युवतियों से ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट ‘‘अग्निपथवायु.सीडीएसी.ईन पर आमंत्रित किया गया है। अग्निवीर वायु भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम 31 जुलाई 2025 तक निर्धारित है। इच्छुक अभ्यर्थी विभाग के वेबसाइट पर अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का जन्म 02 जुलाई 2005 से 02 जनवरी 2009 के बीच हुआ हो। साथ ही 12वीं कक्षा न्यूनतम 50 अंको तथा अंग्रेजी विषय में 50 अंक के साथ उत्तीर्ण हो वे आवेदन कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र बलरामपुर तथा वायुसेना हेल्पलाइन नम्बर 0755-2661955 पर संपर्क किया जा सकता है।
हस्ताक्षर हुए बगैर आखिर कैसे लीक हुई जल संसाधन विभाग की तबादला सूची…?? खबर प्रकाशन के बाद अचानक से प्रकट हुए एक के बाद एक हस्ताक्षर…आखिर क्या हैं माजरा..!!
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जल संसाधन विभाग द्वारा कल 57 उप अभियंताओं के तबादला आदेश जारी किए गए थे, पर आश्चर्य की बात यह है कि इस आदेश में जारीकर्ता के सिग्नेचर होने से पहले ही यह आदेश लीक हो गया और कई मीडिया संस्थानों द्वारा तबादले की इस खबर को प्रकाशित भी कर दिया गया। आपको बता दें कि यह तबादला आदेश उप सचिव रविंद्र मेढ़ेकर द्वारा जारी किया गया था लेकिन जारी आदेश में दिनांक और हस्ताक्षर नहीं थे। वहीं जब आज हिंद स्वराष्ट्र द्वारा इस मामले में खबर का प्रकाशन किया गया तो आनन फानन में विभाग द्वारा अवर सचिव विद्या भारती के डिजिटल हस्ताक्षर वाले आदेश को जारी कर दिया गया। इस आदेश को जारी करने के कुछ देर पश्चात विभाग द्वारा अपनी गलती स्वीकारते हुए उप सचिव रविंद्र मेढ़ेकर के डिजिटल हस्ताक्षर वाले आदेश को जारी कर दिया गया।
हालांकि विभाग द्वारा अपनी गलती को स्वीकार करते हुए अपनी गलती को सुधार लिया गया है लेकिन सवाल यह उठता है कि विभाग में ऐसा कौन है जो कि कुछ मीडिया संस्थानों का शुभचिंतक बना बैठा है और आदेश जारी होने से पहले ही आदेशों की प्रति उन तक पहुंचा रहा है। ऐसे लोगों पर उचित विभागीय कार्यवाही होना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि यदि उनके द्वारा आदेशों को पहले ही लीक कर दिया जा रहा है तो क्या भरोसा कि उनके द्वारा विभाग की गुप्त जानकारियां बाहरी लोगों को सांझा नहीं की जा रही होगी??
क्या जिले के भ्रष्ट अधिकारियों की करतूतों की सजा भुगतेंगे सूरजपुर कलेक्टर..?? मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद प्रधानमंत्री आवास निर्माण में हुआ बड़ा घोटाला…PART 1
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : एक और जहां छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की धांधली को बर्दाश्त नहीं किए जाने की घोषणा करते हुए यह स्पष्ट कर दिया था कि पीएम आवास योजना में किसी भी प्रकार की धांधली होने पर जिले के कलेक्टर पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर सूरजपुर जिले के विकासखंड में शासन की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में जमकर फर्जीवाड़ा किया गया हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या अब अपने नीचे स्तर के अधिकारियों की लापरवाही और कारिस्तानी की सजा क्या सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन को चुकानी पड़ेगी?? क्योंकि सूरजपुर कलेक्टर के नाक के नीचे कुछ कर्मचारी और अधिकारियों द्वारा मिलीभगत कर इस योजना में बड़ी धांधली कर दी गई है। फर्जी तस्वीरों और फर्जी मूल्यांकन के आधार पर हितग्राहियों के खातों में पैसे ट्रांसफर कर अपनी अपनी जेबों को भरने का कार्य संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा किया गया हैं। शासन द्वारा निर्माण कार्यों को जल्द पूरा करने के आदेश के बाद शासन के आंखों में धूल झोंकते हुए लगभग 30 घरों का निर्माण कार्य पूर्ण हुए बगैर ही इन्हें पूर्ण बतला दिया गया हैं और हितग्राहियों के खातों में पूरे पैसे ट्रांसफर करवा दिए गए हैं। निर्माण कार्य पूर्ण बताने के लिए फर्जी तस्वीरों को अपलोड किया गया हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव से लेकर जनपद के बड़े अधिकारियों द्वारा आपस में सांठगांठ कर निर्माण कार्यों में धांधली की गई हैं। हितग्राहियों का आरोप है कि निचले स्तर के कर्मचारियों द्वारा रिश्वत लेकर कार्य को पूर्ण बतलाकर राशि का आहरण करवाया गया हैं।
बिना सिग्नेचर और तारीख के जल संसाधन विभाग ने जारी किए 57 उप अभियंताओं के ट्रांसफर आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जल संसाधन विभाग द्वारा 57 उप अभियंताओं के ट्रांसफर आदेश जारी किए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि इस ट्रांसफर आदेश में ना तो जारीकर्ता के हस्ताक्षर है और ना ही तारीख का उल्लेख किया गया है। यह विभागीय लापरवाही है या फिर यह आदेश फर्जी है यह तो जांच का विषय है। यह आदेश कैसे जारी हुआ और यह आदेश कितना मान्य हैं हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
देखें जारी आदेश :







मनेन्द्रगढ़ आरटीओ कैंप में 33 युवाओं को मिला लर्निंग लाइसेंस, 4 स्कूल बसों पर लगी रोक…
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : इमली गोलाई स्थित गोंडवाना भवन में आयोजित आरटीओ शिविर में आज सड़क सुरक्षा को लेकर अहम पहल की गई। शिविर के दौरान स्कूल बसों का गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें कुल 27 बसों की जांच की गई। इनमें से 4 बसों को गंभीर अनियमितताओं के चलते तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया गया
निरीक्षण के दौरान इन चार बसों में टैक्स भुगतान में गड़बड़ी, फिटनेस और परमिट की वैधता समाप्त होना, और एचएसआरपी नंबर प्लेट की अनुपस्थिति जैसी खामियाँ पाई गईं। इसके साथ ही ये सभी वाहन 12 वर्षों से अधिक पुराने भी पाए गए, जो कि संचालन मानकों के खिलाफ है। आरटीओ अधिकारियों ने अन्य 4 बसों को एक सप्ताह की मोहलत देते हुए दस्तावेजों और तकनीकी खामियों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
इस मौके पर लर्निंग लाइसेंस शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी दिखाई। कुल 33 युवाओं को मौके पर ही लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी किएगए।
आरटीओ विभाग की यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों के सख्त अनुपालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
SECL के ब्लास्टिंग मैनेजर के घर IT का छापा…
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : जिले के चिरमिरी क्षेत्र में आज सुबह इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए SECL के ब्लास्टिंग मैनेजर रवि शंकर चक्रधारी के निवास पर छापा मारा हैं। छापेमारी की यह कार्यवाही सुबह करीब 8 बजे शुरू हुई और अभी भी जारी हैं।
मिली जानकारी के अनुसार चार गाड़ियों में सवार होकर इनकम टैक्स अधिकारियों की टीम रवि शंकर चक्रधारी के घर पहुंची और गहन तलाशी शुरू की। सूत्रों की माने तो इस छापेमारी में अधिकारियों के हाथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर की गई है। हालांकि इनकम टैक्स अधिकारियों द्वारा अभी भी जांच की जा रही हैं, विभाग की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
मानसून सत्र का पहला दिन आज, भाजपा– कांग्रेस की तैयारी पूरी, हंगामेदार होगा पहला दिन…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू होने वाला है इसके लिए भाजपा और कांग्रेस ने पूरी तैयारी कर ली है। जहां कल सीएम द्वारा विधायकों और मंत्रियों को सत प्रतिशत उपस्थित रहने और मंत्रियों को पूरी तैयारी के साथ आने की हिदायत दी थी वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने भी सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। आपको बता दे की विधानसभा सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार हो सकता है क्योंकि भाजपा सरकार के डेढ़ साल पूरे हो चुके हैं और इन डेढ़ सालों में मंत्रियों के कार्यों से जनता खुश नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और महिला बाल विकास में करोड़ों के घोटाले भी सामने आ चुके हैं साथ ही हाल ही में कई ऐसी घटनाएं घटी है जिसको लेकर कांग्रेस सरकार को घेरने का प्रयास करेगी।
कांग्रेस द्वारा कल हुई PWD परीक्षा में धांधली, किसानों की खाद बीज की समस्या, कानून व्यवस्था, युक्तियुक्त करण, पेड़ों की कटाई, अवैध रेत और अवैध शराब, महिला बाल विकास में रेडी टू इट फूड खरीदी घोटाला और स्वास्थ्य विभाग में अमानक दवाई सप्लाई और जंग लगे सर्जिकल ब्लेड सप्लाई सहित अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जा सकते हैं। इसके साथ ही भारत माला परियोजना में हुआ भ्रष्टाचार गहमागहमी का मौहौल बना सकता हैं।
PWD के उप अभियंता परीक्षा में धांधली उजागर, ऑटो में बैठ सहेली करवा रही थी नकल, युवती के पास से वॉकी-टॉकी, बॉडी कैमरा, ईयर पीस बरामद, देखें वीडियो…
हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : लोक निर्माण विभाग में उप अभियंता के पदों में भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा ली जा रही भर्ती परीक्षा में बड़ी धांधली पकड़ी गई हैं। जहां एग्जाम दे रही एक युवती से वॉकी-टॉकी, बॉडी कैमरा, ईयर पीस बरामद किया गया हैं। मुन्नाभाई MBBS के तर्ज पर एग्जाम दे रही युवती की सहेली वॉकी-टॉकी के माध्यम से एग्जाम सेंटर के बाहर बैठकर अपनी सहेली को नकल करवा रही थी।
मिली जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग में उप अभियंता के 113 पदों में भर्ती के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल के द्वारा भर्ती परीक्षा का आज आयोजन किया गया था। परीक्षा आज सुबह 10:00 से 12:15 तक थी। इस दौरान बिलासपुर शहर के सरकंडा स्थित शासकीय रामदुलारे बालक उच्चतर माध्यमिक शाला सरकंडा मुक्तिधाम में भी परीक्षा केंद्र बनाया गया था। यहां एक छात्रा परीक्षा देने आई हुई थी, बाहर उसकी सहेली ऑटो में बैठकर वॉकी टॉकी से उसे प्रश्नों के जवाब बता रही थी। परीक्षा देने वाली छात्रा ने अपने ऊपर के अंतर वस्त्रों में कैमरा छुपा रखा था। कैमरे का फ्लैश बाहर बैठी सहेली के मोबाइल पर डिस्प्ले हो रहा था। बाहर बैठी सहेली अंदर परीक्षा दे रही छात्रा के पास रखें मोबाइल से प्रश्नों को देखने के बाद गूगल में आंसर सर्च कर अंदर वॉकी-टॉकी के माध्यम से छात्रा को बता रही थी। इसी दौरान एनएसयूआई से जुड़े दो युवक विकास सिंह और मयंक सिंह गौतम ने बाहर बैठी छात्रा की सहेली को नकल करवाते हुए पकड़ लिया। उससे पूछताछ की गई और पूछा गया कि अंदर कैमरा लेकर जो परीक्षार्थी परीक्षा दिला रही है उसका नाम क्या है? शुरू में तो वह मुकरती रही फिर छात्र नेताओं से पूछने लगी कि उन्हें क्या चाहिए वह क्यों ऐसा कर रहे हैं। जब दोनों छात्र नेताओं ने पुलिस बुलाने की धमकी दी और परीक्षा हाल में अंदर जाकर सभी छात्राओं की चैकिंग करवाने की धमकी दी। तब भी परीक्षा केंद्र के बाहर वॉकी टॉकी लेकर बैठी युवती ने अपनी सहेली का नाम नहीं बताया। पूछताछ करते 12:15 बज गए और परीक्षा खत्म हो गई तब अंदर कैमरा लेकर परीक्षा दिला रही छात्रा बाहर निकली। अपनी सहेली को छात्र नेताओं से घिरा देख वह हड़बड़ा गई और डरकर दौड़कर भागने लगी। उसने चिल्लाकर अपनी सहेली को भी भगाने के लिए कहा। छात्र नेताओं ने वहां मौजूद अन्य युवतियों और छात्राओं के माध्यम से परीक्षा दिला रही छात्रा को पकड़ा। उसे वापस परीक्षा केंद्र में लाया गया और केंद्राध्यक्ष तथा परीक्षा ड्यूटी कर रहे अन्य परीक्षकों को सूचना देकर छात्रा की तलाशी लेने को कहा गया। महिला परीक्षकों द्वारा ली गई तलाशी में छात्रा के अंतर्वस्त्रों में टेप से चिपका कैमरा और माइक मिला।
बताया जा रहा है कि दोनों छात्राएं अंबिकापुर से परीक्षा देने बिलासपुर आई हुई थी। परीक्षा दिलाने वाली छात्रा की उत्तर पुस्तिका अलग चिह्नित करके रखी गई है।
पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने वाला शिक्षक बर्खास्त…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : बलरामपुर जिले की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चांचीडांड विकासखंड वाड्रफनगर में पदस्थ एलबी शिक्षक मोहम्मद मुमताज अंसारी को बर्खास्त कर दिया गया है। दरअसल शिक्षक द्वारा पहली पत्नी के रहते हुए दूसरी शादी की गई थी, जिसकी शिकायत उनकी पत्नी अफजाना बानो अंसारी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी से की गई थी जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस मामले की जांच के लिए जांच टीम का गठन किया गया था जांच में महिला के आरोप सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा पर संभागीय संयुक्त संचालक अंबिकापुर द्वारा आदेश जारी कर शिक्षक को बर्खास्त कर दिया गया है।
देखें आदेश :

विद्युत विभाग की लापरवाही से घायल व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत, दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की बढ़ी मांग…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 2 जुलाई की सुबह विद्युत तार की चपेट में आकर घायल हुए व्यक्ति की इलाज के दौरान शुक्रवार को रायपुर में मौत हो गई हैं। आपको बता दें कि 2 जुलाई की सुबह करीब 4 से 5 के बीच सदर रोड स्थित जयपुरी कुर्ती दुकान के सामने सड़क पर बिखरी विद्युत तार की चपेट में आकर स्कूटी सवार सुरेश सोनी को गंभीर चोट आई थी जिन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुरेश सोनी की विद्युत विभाग की लापरवाही से असामयिक मौत से परिजनों में काफी आक्रोश हैं और उनके द्वारा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही हैं। उल्लेखनीय हैं कि पुलिस द्वारा मृतक के भतीजे अभिषेक सोनी की शिकायत पर पूर्व में ही अपराध पंजीबद्ध किया गया था वहीं अब घायल की मौत हो जाने पर पुलिस द्वारा मामले में और धाराएं जोड़ कर आरोपियों पर जल्द कार्यवाही की मांग की जा रही हैं।