BIG BREAKING : ज्वेलरी शॉप में चोरी, पुलिस ने पकड़े 9 आरोपी एक का नहीं किया जिक्र, इलाज के दौरान उसकी मौत परिजनों ने लगाए पुलिस पर मारपीट के आरोप…

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हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले के बलरामपुर मुख्यालय से लगे ग्राम दहेजवार में स्थित धनंजय ज्वेलर्स में बीते 30 अक्टूबर की रात 2 बाइक सवार 6 चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर अपने साथ लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर व नकद ले गए थे। इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 5 चोर व 4 खरीदार समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें से एक आरोपी की पुलिस हिरासत में रविवार की सुबह 4.30 बजे मौत हो गई हैं। इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपी को सिकलसेल की बीमारी थी। जबकि परिजनों ने आरोप हैं कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है।

दरअसल बलरामपुर के ग्राम दहेजवार चौक में स्थित धनंजय ज्वेलर्स में 30 अक्टूबर की रात लाखों रुपए की चोरी हुई थी। इस चोरी की घटना में लाखों रुपए के गहने व साढ़े 3 लाख रुपए चोरी हुए थे। वहीं सीसीटीवी कैमरे में 6 आरोपी कैद हुए थे, जो 2 बाइक पर सवार होकर आए थे। इस मामले में बलरामपुर पुलिस ने सीतापुर के ग्राम नकना निवासी उमेश सिंह समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं उनकी निशानदेही पर अंबिकापुर के एक ज्वेलरी शॉप के संचालक को चोरी के गहने खरीदने के आरोप तथा चोरी के सहयोग के आरोप में 3 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से आरोपी उमेश सिंह को लेकर बलरामपुर पुलिस चोरी के गहने बरामद करने सीतापुर गई थी। वहां से लौटने के दौरान उसकी तबियत बिगड़ी तो उसे बलरामपुर अस्पताल में रविवार की सुबह 4 बजे भर्ती कराया गया, यहां आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई।

9 आरोपियों की हुई थी गिरफ्तारी लेकिन मृतक के नाम का नहीं किया गया जिक्र

आश्चर्य की बात यह हैं कि इस मामले की लीपापोती के उद्देश्य से पुलिस ने जारी अपने प्रेस विज्ञप्ति में मृतक उमेश सिंह के नाम का जिक्र नहीं किया। पुलिस इस मामले में अपने बचाव में उमेश सिंह की मौत को सिकलसेल की बीमारी से जोड़ रही हैं। और इस वजह से उसकी तबियत रास्ते में बिगड़ने और इलाज के दौरान अस्पताल में उसकी मौत होने की बात कहती नजर आ रही हैं। नर्सरी के बाद यह है कि जब युवक की गिरफ्तारी की गई थी तो पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उसके नाम का जिक्र क्यों नहीं किया गया..?

यदि पुलिस द्वारा युवक की गिरफ्तारी नहीं की गई थी तो युवक पुलिस की कस्टडी में क्यों था..??

सिकलसेल की बीमारी की वजह से अगर युवक की तबीयत बिगड़ी थी तो इसकी जानकारी उसके परिजनों को क्यों नहीं दी गई..?

परिजनों ने लगाया पुलिस पर मारपीट का आरोप

युवक की मौत के बाद पुलिस द्वारा इस मामले की सूचना युवक के परिजनों को दी गई। सूचना पर परिजन बलरामपुर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल जाकर उन्हें उमेश की मृत्यु की जानकारी मिली। अचानक हुए इस मौत की घटना से परिजन काफी आक्रोशित है और मृतक उमेश सिंह की मां अगरमती सिंह, बहन व भाभी का कहना है कि उसे कोई बीमारी नहीं थी। पुलिसकर्मियों ने हाथ बांधकर उसकी काफी पिटाई की थी, मुंह से खून भी निकल रहा था। उन्हें उमेश से मिलने भी नहीं दिया गया था। फोन पर उन्हें सूचना दी गई कि वह काफी गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है, यहां आकर उन्हें उसकी मौत की जानकारी हुई। 

मृतक की बहन द्वारा मीडिया को दिया गया बयान

अचानक हुए युवक की इस मौत से परिजन काफी आक्रोशित हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं। इधर किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए बलरामपुर कोतवाली में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

ये 9 आरोपी हुए थे गिरफ्तार
धनंजय ज्वेलर्स में चोरी के मामले में पुलिस ने चोर व खरीददार समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सरगुजा जिले के सीतापुर थाना अंतर्गत ग्राम नकना निवासी शिवकुमार पिता लांजा राम 18 वर्ष, सूरज सिंह पिता हीरू सिंह 19 वर्ष, वेद सिंह पिता धर्मदेव सिंह 21 वर्ष, उमेश सिंह 19 वर्ष व ग्राम बिशुनपुर निवासी सूर्या गिरी पिता मिलन गिरी 19 वर्ष के अलावा खरीदार अंबिकापुर के महुआपारा गोधनपुर निवासी रोशन सोनी पिता चुन्नू सोनी 24 वर्ष, और चोरी के गहनों की बिक्री में सहयोगी सीतापुर के ग्राम बालमपुर निवासी अजीत पिता शंभूनाथ 25 वर्ष, जशपुर जिले के ग्राम सन्ना निवासी बादल दास पिता प्रमोद दास 22 वर्ष व सीतापुर के ग्राम बनेया निवासी राजेश अग्रवाल पिता रामअवतार अग्रवाल 40 वर्ष शामिल हैं। वहीं चोरी में शामिल एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में मृतक उमेश सिंह के नाम का जिक्र नहीं किया है।

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