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कलेक्टर ने जिस आवेदन को किया था खारिज, जांच लंबित होने के बावजूद संभाग आयुक्त ने दी हरी झंडी; पटवारी की भूमिका भी संदिग्ध…

कोरवा जनजाति की जमीन पर प्रशासनिक ‘खेल’, 5 बच्चों के पिता को ‘निसंतान’ बताकर कमिश्नर कार्यालय से दिलाई बिक्री की अनुमति…..

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/लटोरी : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में विशेष संरक्षित पहाड़ी कोरवा जनजाति की जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रशासन की नाक के नीचे भू-माफियाओं और राजस्व अमले की मिलीभगत का ऐसा खेल खेला गया है, जिसमें एक जीवित और भरे-पूरे परिवार वाले आदिवासी शख्स को सरकारी दस्तावेजों में ‘निसंतान’ घोषित कर दिया गया। ताज्जुब की बात यह है कि इस विवादित जमीन की बिक्री की अनुमति सरगुजा संभाग आयुक्त (कमिश्नर) कार्यालय से दे दी गई है, जबकि सूरजपुर कलेक्टर ने पूर्व में इस परमिशन के आवेदन को कड़ाई से खारिज कर दिया था। वहीं इस जमीन में राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के आरोप की जांच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के यहां लंबित हैं।

पटवारी की फर्जी रिपोर्ट और साजिश :
मिली जानकारी के अनुसार, जिस पहाड़ी कोरवा आदिवासी की जमीन की सौदेबाजी की जा रही है, वह वास्तविक जीवन में 5 बच्चों का पिता है। लेकिन क्षेत्र के पटवारी ने अपनी राजस्व रिपोर्ट में उसे ‘निसंतान’ दर्शाया है। जानकारों का कहना है कि यह फर्जीवाड़ा इसलिए किया गया ताकि यह दिखाया जा सके कि संबंधित आदिवासी का कोई कानूनी वारिस नहीं है और जमीन आसानी से गैर-आदिवासियों या रसूखदारों को बेची जा सके।

कलेक्टर की ‘ना’ के बाद कमिश्नर की ‘हां’ पर उठे सवाल:

इस मामले में प्रशासनिक विरोधाभास ने सबको चौंका दिया है। सूत्रों के मुताबिक, सूरजपुर कलेक्टर ने जमीन की प्रकृति और आदिवासियों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बिक्री की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। नियमतः पहाड़ी कोरवाओं की जमीन की बिक्री के लिए कड़े प्रावधान हैं। कलेक्टर की अस्वीकृति के बाद यह मामला कमिश्नर कार्यालय पहुंचा, जहां से इसे बिक्री की मंजूरी मिल गई। सवाल यह उठ रहा है कि क्या कमिश्नर कार्यालय ने कलेक्टर के आदेश और पटवारी की संदिग्ध रिपोर्ट की जांच करना जरूरी नहीं समझा?

जांच अभी भी लंबित:

हैरानी की बात यह भी है कि उक्त जमीन को लेकर वर्तमान में एसडीएम (SDM) कार्यालय में जांच प्रक्रिया लंबित है। नियमानुसार, जब किसी संपत्ति या व्यक्ति की स्थिति पर जांच चल रही हो, तो उसकी बिक्री या हस्तांतरण की अनुमति नहीं दी जा सकती। लेकिन यहां जांच पूरी होने का इंतजार किए बिना ही फाइल को मंजूरी दे दी गई।

आदिवासी अधिकारों का हनन:

पहाड़ी कोरवा जनजाति को राष्ट्रपति का ‘दत्तक पुत्र’ माना जाता है और उनकी जमीन की सुरक्षा के लिए विशेष कानून हैं। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भू-माफिया किस कदर सरकारी तंत्र में पैठ बना चुके हैं कि वे एक पिता के अस्तित्व और उसके बच्चों के हक को कागजों पर मिटाने की हिम्मत रखते हैं।

मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं

* पटवारी ने किस आधार पर 5 बच्चों के पिता को ‘निसंतान’ बताया? क्या उस पर कोई दंडात्मक कार्रवाई होगी?
* एसडीएम कोर्ट में जांच लंबित होने के दौरान बिक्री की अनुमति कैसे जारी हुई?
* कलेक्टर द्वारा खारिज आवेदन पर कमिश्नर कार्यालय ने किन तथ्यों के आधार पर सहमति दी?

छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशील पहल: मां महामाया मंदिर परिसर में 184 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह संपन्न…

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने सादगी और सामूहिकता की परंपरा को किया सशक्त – स्वास्थ्य मंत्री
184 जोड़ों का विवाह शासन की सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण – श्याम बिहारी जायसवाल

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर किशन शाह :
मां महामाया के पावन आशीर्वाद तले छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी एवं जनकल्याणकारी मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 का जिला स्तरीय सामूहिक विवाह सम्मेलन खड़गवां विकासखंड के ग्राम चनवारीडांड स्थित मां महामाया मंदिर परिसर में भव्य, गरिमामय एवं भावनात्मक वातावरण में ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ। यह आयोजन न केवल सामूहिक विवाह का उदाहरण बना, बल्कि सामाजिक समरसता, सादगी और शासन की संवेदनशील सोच का सशक्त प्रतीक भी रहा।
मां महामाया मंदिर परिसर में सजे विवाह मंडप, पारंपरिक वेशभूषा में सजी नववधुएं, पगड़ी एवं मुकुट धारण किए वर, मंगल गीतों की मधुर ध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार और आध्यात्मिक वातावरण ने पूरे आयोजन को दिव्य एवं अविस्मरणीय बना दिया। जिले के मनेंद्रगढ़, खड़गवां, चिरमिरी एवं जनकपुर परियोजना क्षेत्रों से चयनित कुल 190 जोड़ों में से 184 जोड़ों ने विधिवत वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।
यह आयोजन इस बात का प्रमाण रहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शासन आर्थिक रूप से कमजोर, श्रमिक, किसान, भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक और बिना आर्थिक बोझ के संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 190 जोड़ों का विवाह प्रस्तावित था, जिनमें से 184 जोड़े उपस्थित होकर विवाह संस्कार में सम्मिलित हुए। परियोजना-वार विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि मनेंद्रगढ़ से 56, खड़गवां से 54, चिरमिरी से 19 तथा जनकपुर से 54 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना के अंतर्गत प्रति जोड़ा कुल 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये चेक के माध्यम से लाभार्थियों को तथा 15 हजार रुपये सामग्री, वस्त्र, उपहार, भोजन, मंडप एवं अन्य व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एमसीबी जिले में मां महामाया के पावन प्रांगण में 184 जोड़ों का सामूहिक विवाह शासन की संवेदनशीलता और गरीब-हितैषी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह योजना सादगी, सामूहिकता और सामाजिक सहयोग की उस परंपरा को पुनर्जीवित कर रही है, जो समय के साथ विलुप्त होती जा रही थी।
स्वास्थ्य मंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आज से उनके जीवन की नई यात्रा प्रारंभ हो रही है। उन्होंने सड़क सुरक्षा को लेकर हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनने की अपील की तथा गौ-संरक्षण के उद्देश्य से एक-एक गाय पालने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों को चेक वितरित किए गए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, नगर निगम चिरमिरी के महापौर राम नरेश राय, जनपद अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, एसडीएम विजेन्द्र सारथी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को सुखद एवं समृद्ध दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।

मनेंद्रगढ़ वनमंडल को मिला नया डीएफओ, चंद्र कुमार अग्रवाल (IFS) ने संभाला पदभार…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर किशन शाह : मनेंद्रगढ़ वनमंडल में प्रशासनिक बदलाव के तहत चंद्र कुमार अग्रवाल (IFS) ने नए वनमंडलाधिकारी (DFO) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों से परिचय बैठक कर वन संरक्षण, अवैध कटाई पर रोक एवं योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मनेंद्रगढ़ वनमंडल के डीएफओ मनीष कश्यप को अनुशासनात्मक कारणों के चलते दिनांक 09/02/2026 को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद प्रशासन द्वारा चंद्र कुमार अग्रवाल को मनेंद्रगढ़ वनमंडल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नए डीएफओ के पदभार ग्रहण करने से वन विभाग के कार्यों में गति आने और वन संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही।

हरिपुर में खाकी का खौफ: सरपंच का ‘गुंडाराज’ खत्म, बुजुर्ग शिक्षक पर हमला करने वाले 9 आरोपी पहुंचे जेल

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/लटोरी :  गांव की चौपाल, जहाँ से विकास की इबारत लिखी जानी चाहिए थी, वहां सरपंच के अहंकार ने खून की होली खेली। सूरजपुर के ग्राम हरिपुर में अपनी सत्ता के नशे में चूर सरपंच ओम प्रसाद और उसके गुर्गों ने मर्यादाओं की सारी सीमाएं लांघते हुए एक सेवानिवृत्त शिक्षक और उनके दो बेटों पर जानलेवा हमला कर दिया। लेकिन कानून के लंबे हाथों ने यह साफ कर दिया है कि वर्दी के आगे न कोई ‘बाहुबली’ है और न ही कोई ‘सरपंच’।

बर्बरता की हदें पार: किया प्राणघातक हमला
मिली जानकारी के अनुसार, सरपंच ओम प्रसाद, उसके दो बेटों (मनोज और रौशन) और अन्य सहयोगियों ने मिलकर एक निर्दोष रिटायर शिक्षक के परिवार को अपना निशाना बनाया। आरोपियों ने शिक्षक और उनके दोनों बेटों पर इतनी बेरहमी से हमला किया कि वे लहूलुहान हो गए। घायलों की स्थिति गंभीर बन गई।  इस हमले ने न केवल एक परिवार को जख्मी किया, बल्कि पूरे गांव में दहशत फैला दी थी।


सिंघम अवतार: चौकी प्रभारी और प्रधान आरक्षक की जांबाजी
इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस ने जो तत्परता दिखाई, उसकी चर्चा पूरे जिले में है। चौकी प्रभारी रघुवंश सिंह और प्रधान आरक्षक रजनीश त्रिपाठी ने मामले की नजाकत को देखते हुए बिजली की तेजी से कार्रवाई की। बिना किसी राजनीतिक दबाव में आए, पुलिस टीम ने आरोपियों की घेराबंदी की और सरपंच समेत उसके बेटों को दबोच लिया। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ये अधिकारी मुस्तैद न होते, तो रसूखदार आरोपी फरार हो सकते थे।
हत्या के प्रयास की धाराओं के तहत कार्रवाई: ये 9 आरोपी सलाखों के पीछे
पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जेल की हवा खाने वाले आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
* ओम प्रसाद (सरपंच)
* मनोज (पुत्र सरपंच)
* रौशन (पुत्र सरपंच)
* गौरव
* नवल साय
* सागर सिंह
* गोविंद
* सुन्दर
* प्रीतम


ग्रामीणों में राहत, अपराधियों में दहशत


स्थानीय निवासियों के मुताबिक सरपंच ओम प्रसाद का इतिहास शुरू से ही विवादित रहा है। विकास के बजाय विनाश की राजनीति करने वाले इस सरपंच की गिरफ्तारी से गांव ने राहत की सांस ली है। पुलिस अब बाकी बचे फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण:
सूरजपुर पुलिस के खड़गवां चौकी प्रभारी रघुवंश सिंह और रजनीश त्रिपाठी जैसे जांबाज अधिकारियों ने साबित कर दिया है कि जनता का रक्षक अगर ठान ले, तो कोई भी अपराधी कानून से बच नहीं सकता। शिक्षा और संस्कार को लहूलुहान करने वालों का असली ठिकाना जेल की कालकोठरी ही है।

छत्तीसगढ़: सचिव से अभद्र व्यवहार करना पड़ा भारी, IFS मनीष कश्यप तत्काल प्रभाव से निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र MCB/ मनेंद्रगढ़ किशन शाह : छत्तीसगढ़ शासन ने प्रशासनिक अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी मनीष कश्यप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 2015 बैच के अधिकारी कश्यप पर विभागीय सचिव के साथ टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अभद्र भाषा और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करने का गंभीर आरोप है।
क्या है पूरा मामला?
शासकीय आदेश के अनुसार, यह घटना 23 जनवरी 2026 की है। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव ने भारत सरकार द्वारा आयोजित होने वाली ‘Deregulation’ संबंधी बैठक की तैयारियों के सिलसिले में मनेन्द्रगढ़ के वन उप संरक्षक (प्रादेशिक) मनीष कश्यप से फोन पर संपर्क किया था।
आरोप है कि बातचीत के दौरान कश्यप ने न केवल मांगी गई जानकारी देने में आनाकानी की, बल्कि सचिव के साथ अमर्यादित तरीके से अपशब्दों (लिंग सूचक गालियों) का प्रयोग भी किया।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई
राज्य सरकार ने मनीष कश्यप के इस कृत्य को ‘अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम, 1968’ के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। इसके परिणामस्वरूप:
तत्काल निलंबन: अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम, 1969 के तहत उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यालय निर्धारण: निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (Aranya Bhavan), नवा रायपुर निर्धारित किया गया है।
जीवन निर्वाह भत्ता: नियमानुसार निलंबन अवधि में उन्हें गुजारा भत्ता देय होगा।
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से विशेष सचिव जे.पी. पाठक द्वारा जारी किया गया है। प्रशासन के इस कड़े फैसले से ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया है, जिसे अनुशासन बनाए रखने के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

सिंहदेव पट्टे की जमीन के नामांतरण में बड़ा खेल: वसीयत के मात्र 4 दिन बाद मौत और बीमार हालत में अंगूठा लगवाना… क्या प्रशासन की मिलीभगत से अपात्रों को दी गई जमीन? देखिए पूरी खबर…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/लटोरी : प्रदेश में भू-राजस्व नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शासन द्वारा प्रदत्त ‘सिंहदेव पट्टे’ की जमीन, जिसके हस्तांतरण के लिए कलेक्टर की पूर्व अनुमति अनिवार्य होती है, उसका नामांतरण संदिग्ध परिस्थितियों में एक वसीयत के आधार पर कर दिया गया हैं। मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि वसीयतकर्ता की मौत वसीयत लिखे जाने के मात्र 4 दिन बाद ही हो गई।

बीमार हालत में वसीयत और 4 दिन बाद मौत

दो भाइयों के नाम पर दर्ज सिंहदेव पट्टे की जमीन को हड़पने के उद्देश्य से संदिग्ध वसीयत तैयार कराई गई। बताया जा रहा है कि वसीयत के समय वसीयतकर्ता की स्थिति अत्यंत नाजुक थी और वह सही निर्णय लेने की स्थिति में नहीं था। वसीयत निष्पादन के महज 72 घंटों के भीतर वसीयतकर्ता की मृत्यु हो गई, जिससे पूरी प्रक्रिया संदेह के घेरे में है।

इस मामले के मुख्य कानूनी पहलू :
1. सिंहदेव पट्टा या शासन द्वारा प्रदत्त विशेष पट्टों में धारा 165 (7-ख) के तहत हस्तांतरण पर प्रतिबंध होता है
नियम: इस तरह की जमीन को बिना कलेक्टर की पूर्व अनुमति के न तो बेचा जा सकता है और न ही वसीयत या दान के माध्यम से हस्तांतरित किया जा सकता है।
अवैध नामांतरण: यदि नामांतरण बिना अनुमति के हुआ है, तो वह शून्य (Void) माना जाएगा। राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) के पास कलेक्टर की अनुमति के बिना ऐसी जमीन का नामांतरण करने का अधिकार नहीं है।
2. वसीयत की वैधता और संदेहास्पद परिस्थितियाँ
वसीयत (Will) के मामले में कानून बहुत सख्त है, खासकर जब वसीयतकर्ता की मृत्यु वसीयत लिखने के तुरंत बाद हो जाए।
* मानसिक और शारीरिक स्थिति: कानून कहता है कि वसीयत के समय व्यक्ति का “Sound Mind” (स्वस्थ चित्त) होना अनिवार्य है।
* संदेह का घेरा: वसीयत के मात्र 4 दिन बाद मृत्यु होना एक “Suspicious Circumstance” है।


नियमों की अनदेखी नायब तहसीलदार की भूमिका पर सवाल

राजस्व नियमों के मुताबिक, सिंहदेव पट्टे (प्रतिबंधित पट्टे) की जमीन का नामांतरण बिना जिला कलेक्टर की लिखित अनुमति के नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, राजस्व विभाग के अधिकारी नायब तहसीलदार शैलेन्द्र दिवाकर ने बिना किसी उच्चाधिकारी की अनुमति के वसीयत के आधार पर लटोरी तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत मोहनपुर की जमीन खसरा नंबर 227 और 228 भूमि स्वामी स्व. रामप्रसाद आत्मज जंगी के जमीन का नामांतरण परिवार से पृथक दो अन्य समाज के व्यक्तियों चरण कुमार और अन्य के नाम पर कर दी गई हैं। आश्चर्य की बात यह रही स्व. रामप्रसाद के जमीन की वसीयत के आधार पर नामांतरण की कार्यवाही की गई इसकी जानकारी मृतक की पत्नी और उसके पुत्र शनि को नहीं दी गई और न ही इस प्रकरण में उनका बयान लिया गया। मृतक की जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया में बयान उसकी भतीजी और भाई की बेवा का लिया गया जबकि नियमतः बयान मृतक की पत्नी और उसके पुत्र का लिया जाना चाहिए था। आवेदक द्वारा नामांतरण के लिए दिए गए आवेदन में लिखा गया है कि वसीयत दिनांक 13/09/2024 को किया गया और वसीयतकर्ता की मौत 17/ 09/2024 को हो गई। वसीयतकर्ता की तबीयत खराब थी और वसीयत के चार दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई ऐसे में बीमार व्यक्ति से वसीयत कराया जाना और उसका नामांतरण भी हो जाना विशेषज्ञों की माने तो सीधा-सीधा भ्रष्टाचार और अधिकारी और भू माफियाओं की आपसी सांठगांठ का नतीजा है।

दूसरे पक्ष में हुआ फौती नामांतरण

चरण कुमार द्वारा दूसरे भाई की जमीन पर भी वसीयत के आधार पर दावेदारी पेश की गई थी, लेकिन वहां चालाकी काम नहीं आई। वसीयत के आधार पर नामांतरण होने से पहले ही मृतक के वास्तविक वारिस (पुत्री) के नाम पर ‘फौती नामांतरण’ दर्ज हो गया था।

मुख्य बिंदु जो जांच का विषय हैं:
1. धारा 165 (7-ख) का उल्लंघन: क्या नायब तहसीलदार शैलेन्द्र दिवाकर को बिना कलेक्टर की अनुमति के नामांतरण का अधिकार था?
2. मेडिकल फिटनेस: क्या वसीयत के समय वसीयतकर्ता का मेडिकल सर्टिफिकेट संलग्न था?
3. पटवारी रिपोर्ट: नामांतरण से पहले पटवारी ने जमीन की प्रकृति (सिंहदेव पट्टा) की जानकारी क्यों छिपाई? क्या पटवारी द्वारा वंश वृक्ष में भी वैध वारिसों का नाम छिपाया गया हैं???

4. क्या राजस्व विभाग के अधिकारी और जमीन दलालों ने मिलकर जमीन के अफरा तफरी के लिए घोटालेबाजी का यह नया तरीका खोज लिया हैं??

अब देखने की बात यह होगी कि क्या जिले के उच्च अधिकारी अब इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर इस नामांतरण को निरस्त करने का कार्य करेंगे या अन्य मामलों की तरह इस मामले को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

भाग-2: लटोरी जमीन घोटाला – शिकायत के बाद भी प्रशासन मौन, क्या ‘निसंतान’ हुए परिवार को न्याय मिलेगा?

हिंद स्वराष्ट्र लटोरी/सूरजपुर : सूरजपुर जिले के लटोरी तहसील में पटवारी द्वारा 5 बच्चों के पिता को कागजों में ‘निसंतान’ बताए जाने के सनसनीखेज खुलासे के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ‘हिंद स्वराष्ट्र’ द्वारा इस फर्जीवाड़े को उजागर किए जाने के बाद इलाके में हड़कंप तो मचा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब भी गहरी नींद में सोए हुए हैं।
दस्तावेज चिल्ला रहे, पर जिम्मेदार क्यों हैं बहरे?
खसरा क्रमांक 200, 205 और 217 के राजस्व रिकॉर्ड में जिस तरह का ‘कागजी कत्ल’ किया गया है, उसके प्रमाण सार्वजनिक हो चुके हैं। इसके बावजूद हल्का पटवारी नंबर 11 पर अब तक गाज नहीं गिरी है। सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन को स्व. सोहन की जीवित पत्नी और उनके 5 बच्चों का अस्तित्व नजर नहीं आ रहा?
दूसरे अंक के बड़े सवाल:
1.दोषी पटवारी संतोष भनिया पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं? क्या राजस्व विभाग के उच्च अधिकारी इस खेल से अनभिज्ञ हैं या जानबूझकर पर्देदारी की जा रही है?
2.फर्जी इस्तेहार रद्द क्यों नहीं हुआ? जब यह स्पष्ट है कि सोहन के वारिस जीवित हैं, तो उस फर्जी इस्तेहार को अब तक निरस्त कर नामांतरण प्रक्रिया पर रोक क्यों नहीं लगाई गई?
3. बेटियों के हक पर चुप्पी क्यों? स्व. कृपाराम की तीन बेटियों के नाम रिकॉर्ड से गायब हैं, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।
भू-माफियाओं के हौसले बुलंद
कार्रवाई में हो रही देरी का सीधा फायदा भू-माफिया और षड्यंत्रकारी उठा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो विवादित भूमि को खुर्द-बुर्द करने के लिए सौदेबाजी का दौर और तेज हो गया है। आपत्तिकर्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही रिकॉर्ड में सुधार कर सभी वारिसों के नाम नहीं जोड़े गए, तो जमीन माफियाओं द्वारा जल्द ही जमीन की बिक्री कर दी जाएगी। 
“न्याय में देरी, न्याय न मिलने के बराबर है। प्रशासन की यह सुस्ती भू-माफियाओं को संरक्षण देने जैसा प्रतीत हो रही है।”

क्या सूरजपुर प्रशासन भी बिक गया है?
लटोरी के पटवारी ने जिस परिवार को कागजों में मार डाला, वह तो आज भी जीवित है।
❌ कोई सस्पेंशन नहीं!
❌ कोई जांच कमेटी नहीं!
❌ कोई नाम सुधार नहीं!
आखिर कब जागेगा सूरजपुर का राजस्व अमला? क्या गरीबों की जमीन बिक जाने के बाद ही अधिकारी अपनी फाइलें खोलेंगे?
कलेक्टर महोदय, संज्ञान लें! 

बड़ी खबर: सरगुजा कमिश्नर का ‘अजीबोगरीब’ खेल, टंकण त्रुटि के बहाने बदल डाला खुद का ही फैसला!

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा अपनी एक कार्यशैली को लेकर सुर्खियों में हैं। राजस्व के एक मामले में कमिश्नर साहब ने ऐसा ‘रिवर्स गियर’ मारा है कि न्याय की उम्मीद लगाए बैठे पक्षकार सन्न हैं। मामला एक राजस्व प्रकरण का है, जिसमें आदेश जारी होने के बाद, बिना किसी सूचना या नोटिस के ‘पुनरावलोकन’ (Review) कर पूरे आदेश को ही पलट दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
राजस्व न्यायालयों में नियम है कि एक बार आदेश पारित होने के बाद उसमें बदलाव के लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है। लेकिन यहाँ कहानी कुछ और ही निकली:
पहले आदेश, फिर पलटी: कमिश्नर ने पहले एक विस्तृत आदेश जारी किया।
बिना नोटिस ‘रिव्यू’: नियमानुसार, अगर आदेश में बदलाव करना हो तो अनावेदकों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुनना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में बिना किसी को बताए चुपके से पुनरावलोकन आदेश जारी कर दिया गया।
* ‘टाइपिंग मिस्टेक’ का बहाना: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस बदलाव को महज एक ‘टंकण त्रुटि’ (Typing Error) का नाम दिया गया है।
सवाल जो खड़े हो रहे हैं…
क्या कोई टाइपिंग मिस्टेक इतनी बड़ी हो सकती है कि पूरे के पूरे आदेश का निष्कर्ष ही बदल जाए? कानूनी जानकारों की मानें तो टंकण त्रुटि के नाम पर आदेश की मूल भावना को बदलना नियम विरुद्ध है।
“न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होते हुए दिखना भी चाहिए।” लेकिन यहाँ बिना पक्ष सुने आदेश का पलटा जाना प्रशासनिक पारदर्शिता पर बड़े सवालिया निशान लगा रहा है।

चर्चाओं का बाजार गर्म
प्रशासनिक हलकों में इस बात की चर्चा तेज है कि आखिर किसके दबाव में या किस ‘खास’ वजह से कमिश्नर साहब को अपने ही हस्ताक्षर किए हुए आदेश को बदलने की जरूरत आन पड़ी? विपक्षी पक्ष अब इस मामले को उच्च स्तर पर ले जाने की तैयारी में है।

एक ओर सरकार कर रही डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहित वहीं दूसरी और मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में नहीं है यूपीआई पेमेंट की सुविधा…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : केंद्र और राज्य सरकारें ‘कैशलेस इकोनॉमी’ और ‘डिजिटल इंडिया’ का ढिंढोरा पीटते नहीं थक रहीं, लेकिन अंबिकापुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। ताज्जुब की बात है कि जिस दौर में फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाला भी QR कोड लेकर खड़ा रहता है, वहां संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में इलाज के लिए आज भी जेब में ‘नकद’ होना अनिवार्य है।
जेब में मोबाइल पर काउंटर पर मांग रहे नोट
अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन उस वक्त ठगा सा महसूस करते हैं, जब काउंटर पर बैठे कर्मचारी मरीज की पर्ची काटने के लिए मोबाइल ऐप आभा ऐप डाउनलोड करने कहते हैं और वहां से टोकन नंबर की मांग करते हैं लेकिन यूपीआई (UPI) पेमेंट लेने से साफ मना कर देते हैं। आज के समय में अधिकांश लोग सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से कैश साथ लेकर नहीं चलते, ऐसे में अस्पताल की पर्ची कटवाने या जांच शुल्क भरने के लिए परिजनों को अस्पताल के बाहर एटीएम (ATM) की तलाश में दौड़ लगानी पड़ रही है।
इस ‘अंधेर नगरी’ के कुछ तीखे सवाल:
सब्जी वाला ‘स्मार्ट’ तो सिस्टम क्यों ‘बेबस’? जब 10 रुपये की चाय के लिए डिजिटल भुगतान हो सकता है, तो हजारों के मेडिकल बिल और जांच शुल्क के लिए सरकारी अस्पताल को ‘कैश’ का मोह क्यों है?
मरीज की जान कीमती या कैश की गिनती? गंभीर स्थिति में आए मरीज के तीमारदार इलाज शुरू कराने के बजाय पहले एटीएम की लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं।
क्या ये भ्रष्टाचार को बढ़ावा है? डिजिटल पेमेंट से पारदर्शिता आती है। क्या यूपीआई सुविधा न होना किसी पुराने ढर्रे या रिकॉर्ड में हेरफेर की गुंजाइश बनाए रखने की कोशिश है?
परेशानी की पराकाष्ठा
दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों के पास अक्सर बैंक कार्ड नहीं होते, वे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं। पर अस्पताल की खिड़की पर लगा ‘नो यूपीआई’ का अघोषित बोर्ड उनके लिए किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है। रात के समय जब एटीएम खाली होते हैं या खराब होते हैं, तब परिजनों की हालत देखने लायक होती है।

निष्कर्ष

डिजिटल इंडिया का नारा सिर्फ होर्डिंग्स और विज्ञापनों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। अगर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में जल्द ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू नहीं की गई, तो यह आधुनिकता के मुंह पर एक बड़ा तमाचा होगा। प्रशासन को चाहिए कि ‘कैश’ का पुराना चश्मा उतारकर डिजिटल चश्मा पहनें।

देव होटल के पास हवाई फायरिंग से मची अफरा-तफरी, आरोपी देव होटल के मालिक ‘हनी सिंह’ के खिलाफ FIR दर्ज…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शहर के व्यस्ततम इलाके देव होटल के पास सरेराह हवाई फायरिंग करने वाले आरोपी के विरुद्ध सरगुजा पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है। इस घटना से आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में दहशत का माहौल निर्मित हो गया था, जिसे देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
दहशत फैलाने की कोशिश, पुलिस ने घेरा
घटना 06 फरवरी 2026 की है। सूचना मिली कि देव होटल के पास एक व्यक्ति ने सरेआम बंदूक लहराते हुए हवाई फायर किया है। मामला संज्ञान में आते ही डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (IPS) ने पुलिस टीम को तत्काल मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
जांच में आरोपी का नाम आया सामने
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों एवं सीएसपी राहुल बंसल (IPS) के नेतृत्व में साइबर सेल, कोतवाली और गांधीनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तफ्तीश शुरू की। चश्मदीदों और दुकानदारों से पूछताछ में पता चला कि हनी सिंह नामक व्यक्ति ने बंदूक से फायरिंग की थी, जिससे वहां मौजूद लोगों के जीवन पर संकट की स्थिति निर्मित हो गई थी।
गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज
आरोपी के इस कृत्य से आम जनता में भय व्याप्त होने के कारण, पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। आरोपी हनी सिंह के विरुद्ध थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 77/26 के तहत निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है:
आयुध अधिनियम 1959 की धारा 25, 27
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125
पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है।
कार्यवाही में शामिल टीम
कोतवाली पुलिस, थाना गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल सरगुजा की इसमें सक्रिय भूमिका रही।

हनुमान मंदिर में चोरी करने वाले 3 किशोर पुलिस हिरासत में, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा पुलिस ने हनुमान मंदिर में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए तीन विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस की पूछताछ में इन किशोरों ने जो कारण बताया, वह काफी हैरान करने वाला है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 04 फरवरी 2026 की रात कलेक्टर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में चोरी की घटना हुई थी। अज्ञात चोरों ने मंदिर में प्रवेश कर दान पेटी से नगदी पार कर दी थी। मामला दर्ज होते ही कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम सक्रिय हुई और संदेही 3 नाबालिगों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
चोरी के पीछे की ‘अजीब’ वजह
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इन किशोरों ने कुबूल किया कि वे अज्ञानता और जिज्ञासा (Curiosity) वश मंदिर के भीतर घुसे थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे बस यह देखना चाहते थे कि दान पेटी के अंदर क्या होता है। दान पेटी खोलने पर उन्हें कुछ नगद राशि मिली, जिसे उन्होंने आपस में बांटकर खर्च कर दिया।
पुलिस की कार्यवाही
पुलिस ने तीनों विधि से संघर्षरत बालकों की सामाजिक पृष्ठभूमि (Social Background Report) तैयार कर उनके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की है। इस त्वरित कार्यवाही में निम्नलिखित अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही
निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा (थाना प्रभारी कोतवाली)
सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा (साइबर सेल प्रभारी)
पुलिस टीम: भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, जयदीप सिंह, मनीष सिंह, उमाशंकर साहू, नितिन सिन्हा एवं अन्य।

शहर के देव होटल के पास चली गोली; पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, जाँच जारी…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: शहर के पॉश इलाके में स्थित देव होटल के समीप आज उस वक्त सनसनी फैल गई, जब वहाँ अचानक गोली चलने की सूचना प्राप्त हुई। दिनदहाड़े हुई इस घटना से आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। फिलहाल गोलीबारी की पुष्टि नहीं हो पाई है। होटल देव के संचालक हनी सिंह का कहना है कि पटाखे फूटने के जैसे दो आवाज़ आए थे अब वह गोली की आवाज थी या पटाखे की वे  इसकी पुष्टि नहीं कर सकते हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो और कोतवाली थाना प्रभारी दलबल के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस टीम ने घटनास्थल को घेरे में ले लिया है और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों द्वारा आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और होटल व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
होगी कड़ी कार्रवाई
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामला अभी शुरुआती जाँच के दायरे में है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि:
प्रारंभिक जाँच में गोली चलने की पुष्टि नहीं हो पाई हैं जांच में  जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस हर पहलू से मामले की विवेचना कर रही है।
अभी तक इस घटना में किसी के हताहत होने या गोलीबारी की  आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस जल्द ही इस मामले का खुलासा कर सकती है।

सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ई-सिगरेट और प्रतिबंधित फ्लेवर बेचने वाले 2 दुकानदार गिरफ्तार, चाइनीज चाकू भी बरामद…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : सरगुजा पुलिस ने युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले नशे के सौदागरों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर प्रतिबंधित ई-सिगरेट (Vape), फ्लेवर लिक्विड और भारी मात्रा में घातक चाइनीज चाकू जब्त किए हैं। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पहली कार्रवाई: मोबाइल दुकान की आड़ में नशा और हथियारों का खेल
थाना मणिपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिला अस्पताल रोड स्थित ‘अमित मोबाइल एवं गिफ्ट गैलरी’ में प्रतिबंधित ई-सिगरेट बेची जा रही है। पुलिस ने जब वहां छापेमारी की, तो संचालक अमित अग्रवाल (35 वर्ष) के कब्जे से न केवल 16 नग वेप और 148 नग फ्लेवर लिक्विड बरामद हुए, बल्कि 40 नग अवैध चाइनीज चाकू भी मिले। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत लगभग 49,400 रुपये आंकी गई है।
दूसरी कार्रवाई: पान ठेले से चल रहा था ई-सिगरेट का कारोबार
दूसरी कार्रवाई कोतवाली पुलिस और आबकारी उड़नदस्ता टीम द्वारा स्कूल रोड पर की गई। यहाँ वाणीदूत स्टूडियो के सामने पान ठेला और डेली नीड्स चलाने वाले सुशील कुमार केशरी (35 वर्ष) को प्रतिबंधित सामग्री बेचते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के पास से 24 नग ई-सिगरेट रिफिल और 10 नग फ्लेवर जब्त किए गए।
कानूनी शिकंजा और धाराएं
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ई-सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम 2019 (धारा 7, 8), BNS की धारा 270 और कोटपा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
एसएसपी की अपील: “भावी पीढ़ी को बचाना समाज की जिम्मेदारी”
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी सरगुजा ने जिले के सभी शिक्षण संस्थानों और अभिभावकों से अपील की है। उन्होंने कहा:
“ई-सिगरेट और फ्लेवर लिक्विड युवाओं के फेफड़ों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक हैं। इन्हें जड़ से खत्म करने के लिए समाज का सहयोग जरूरी है।”
सूचना दें: यदि आपको कहीं भी नशीले पदार्थों या ई-सिगरेट की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो तत्काल कंट्रोल रूम के नंबर 9479193599 पर सूचना दें।
टीम की सफलता
इस पूरी कार्रवाई में सीएसपी राहुल बंसल, जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता, कोतवाली प्रभारी शशिकांत सिन्हा और मणिपुर थाना प्रभारी सी.पी. तिवारी सहित पुलिस व आबकारी टीम की मुख्य भूमिका रही।

अम्बिकापुर ACB की बड़ी स्ट्राइक: हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त और बाबू ₹65,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) के कार्यालय में बड़ी दबिश दी। टीम ने अधीक्षण अभियंता (उपायुक्त) पूनम चन्द अग्रवाल और उनके वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है।
निर्माण कार्यों की ‘क्लियरेंस’ के लिए मांगी थी घूस
बलरामपुर के दौरा-कुचली में ₹65 लाख की लागत से बने नवीन तहसील भवन और लुण्ड्रा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में ₹43.51 लाख के अतिरिक्त कक्षों का निर्माण करने वाले ठेकेदार रवि कुमार ने इसकी शिकायत की थी। काम पूरा होने के बाद भी अधिकारी फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे थे।
रिश्वत की मांग:
* कार्य: भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और समय वृद्धि की अनुशंसा।
* मांग: उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल द्वारा ₹1 लाख की डिमांड की गई थी।


ACB का ‘मास्टर प्लान’ और गिरफ्तारी
शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया। रणनीति के तहत कुल ₹65,000 की रिश्वती राशि तैयार की गई।
कमीशन का खेल: सबसे पहले वरिष्ठ सहायक (ग्रेड-02) अनिल सिन्हा ने ठेकेदार से ₹65,000 लिए।
बंटवारा: बाबू ने अपना ‘हिस्सा’ ₹5,000 काटकर शेष ₹60,000 उपायुक्त साहब के केबिन में जाकर उन्हें सौंप दिए।
एक्शन: जैसे ही पैसे का लेनदेन हुआ, ACB की टीम ने धावा बोल दिया। उपायुक्त की टेबल से ₹60 हजार और बाबू के पास से ₹5 हजार बरामद किए गए।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 12 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद से गृह निर्माण मंडल के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।

दंतेवाड़ा DSP कल्पना वर्मा निलंबित, वित्तीय अनियमितता और पद के दुरुपयोग का आरोप…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में कड़े अनुशासन का संदेश देते हुए दंतेवाड़ा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक (DSP) कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अधिकारी पर वित्तीय हेराफेरी और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
जांच में खुले गंभीर राज
निलंबन आदेश में उल्लेख किया गया है कि कल्पना वर्मा के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की प्राथमिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
जांच के दौरान उनके द्वारा दिए गए बयानों और व्हाट्सएप चैट के तथ्यों में भारी विसंगतियां पाई गईं।
ड्यूटी के दौरान अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त करने और अपने पद का दुरुपयोग करने की पुष्टि हुई है।
अधिकारी पर अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (अनुपातहीन संपत्ति) अर्जित करने का भी आरोप है।


नियमों का उल्लंघन
शासन ने माना है कि कल्पना वर्मा का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के सर्वथा विपरीत है। इसी आधार पर, उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत निलंबित किया गया है।
मुख्यालय और भत्ता
निलंबन की अवधि के दौरान कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (PHQ), नवा रायपुर निर्धारित किया गया है।
उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से अवर सचिव पूरन लाल साहू द्वारा जारी किया गया है। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग के भीतर हड़कंप मचा हुआ है।

बजट से आम जनता एवं व्यापारियों के हाथ लगी सिर्फ निराशा- अमित तिवारी

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : कल संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया गया जिसे लेकर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में अमित तिवारी कांग्रेस व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस सत्र में प्रस्तुत किए गए बजट को देखकर एसा महसूस हो रहा है कि मोदी सरकार के पास अब नए आइडिया खत्म हो गए हैं। ये बजट भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के लिए एक सवाल लेकर आया है। इस बजट में गरीब और निचले तबके के लिए कुछ भी नहीं है। इस महत्वपूर्ण बजट में देश  की बढती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए भी कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। इकॉनमिक सर्वे दिखाता है कि व्यापार में अनिश्चितता भारत के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन प्रस्तुुत बजट इस समस्या को पूर्ण रूप से नजरअंदाज कर रहा है।
रुपए की गिरावट से निपटने के लिए भी सरकार के पास कोई योजना नहीं है। भारतीय अर्थव्यवस्था का मूल संकट ठहरा हुआ वेतन, कमजोर उपभोक्ता मांग और निजी निवेश में सुस्ती है, लेकिन बजट में उपभोक्ता मांग को गति देने का कोई विचार नहीं दिखता है। वहीं, इस बजट में कर्ज के बढ़ते बोझ पर भी ध्यान नहीं दिया गया है।
इस बजट में शिक्षित युवाओं में फैले व्यापक बेरोजगारी संकट के समाधान से जुड़ी कोई बात नहीं है। साथ  ही गंभीर वित्तीय दबाव में चल रही राज्य सरकारों को कोई राहत देते नहीं दिख रही हैं। असमानता ब्रिटिश राज के दौर को पार कर गई है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया है। इसके साथ ही SC-ST, पिछड़े वर्ग, EWS या अल्पसंख्यकों के लिए किसी प्रकार की सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मौजूदा मोदी सरकार ने पिछले साल के आवंटित बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सोशल जस्टिस जैसे कई जरूरी क्षेत्रों में पूरा बजट भी खर्च नहीं किया।
मोदी सरकार का नारा है- ‘सबका साथ, सबका विकास’, लेकिन बजट के आंकड़े दिखाते हैं कि शिक्षा में पैसा खर्च नहीं किया और बजट भी पिछले साल के मुकाबले घटा दिया गया।
पहले की सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य और छात्रों को स्कॉलरशिप पर ज्यादा जोर देती थीं। वित्त मंत्री ने एक भी बार स्कूलों का जिक्र नहीं किया और सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को लेकर एक भी घोषणा नहीं की। इसके अलावा, मनरेगा की जगह आए नए कानून के बजट के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया।
ये एक थकी हुई और रिटायर हो चुकी सरकार का बजट है। पहले तो ये पैसा नहीं देना चाहते और ऊपर से मिले बजट को भी खर्च नहीं करते हैं।
नरेंद्र मोदी गुड गवर्नेंस की बात करते हैं लेकिन वे लोगों की भलाई के लिए कोई कदम नहीं उठाना चाहते। ये लोगों के हित में नहीं है और इसका लोगों के लिए कोई उपयोग नहीं है।
और तो और मोदी सरकार के इस बजट की घोषणा के बाद शेयर मार्केट गिर गया। हर क्षेत्र में यह सरकार विफल हो चुकी है। यह बजट गरीबों, युवाओं और किसानों के हित में नहीं है। महंगाई कैसे कम होगी, रोजगार कैसे पैदा होंगे, इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
आखिर क्या कारण है कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं लगातार अपना निवेश भारतीय बाजार से निकाल रही हैं। मौजूदा मोदी सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए निवेशकों को लुभाने में पूर्ण रूप से विफल साबित हो रही है।
इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि किसानों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गारंटी कानून की प्रमुख मांग को बजट में शामिल नहीं किया गया है। किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 12,000 रुपये किए जाने की उम्मीद थी, जो इस बजट में दिखाई नहीं दी। यह किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता होती, परंतु इसको पूर्णत: नजरअंदाज किया गया।
बजट में निजी स्कूलों को बढ़ावा देने की बात पर भी सवाल उठना चाहिए। इससे सरकारी स्कूलों के बंद होने का खतरा बढ़ सकता है, जिसका सीधा और नकारात्मक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर पड़ेगा। यह मुद्दा ग्रामीण शिक्षा प्रणाली की मजबूती को लेकर नई चिंताएं पैदा करता है।
शेेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग शुल्क में वृद्धि कर सरकार द्वारा पहले ही निवेशकों की कमर तोड दी गई है। शुल्क अब इक्विटी में बिक्री पक्ष पर 0.025% हो गया है। इसके अतिरिक्त, ब्रोकरेज (आमतौर पर ₹20 या 0.01-0.05%), 18% जीएसटी, और एक्सचेंज ट्रांजैक्शन चार्ज (NSE/BSE) कुल लागत को और बढ़ा देते हैं। 3:20 बजे के बाद स्वचालित स्क्वायर-ऑफ पर प्रति पोजीशन ₹50+GST लग सकता है। इससे वैसे भी निवेशक निराश थे जिसके फलस्वरूप शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
इस बजट में देश को नई दिशा देने का काम किया जाना चाहिए था, मगर वो नहीं हुआ। यहां तक कि मोदी सरकार ने अपने वादों को भी नकार दिया।
एसे बजट से आम जनता एवं मध्यम वर्ग के व्यापारियों को सिर्फ और सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोमनहिल में अर्थशास्त्र क्लब का स्थापना सत्र आयोजित…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह : विकासखंड खड़गवां अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डोमनहिल में अर्थशास्त्र क्लब के स्थापना सत्र का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में आर्थिक समझ, तार्किक चिंतन तथा समसामयिक आर्थिक विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
स्थापना सत्र के अवसर पर कार्यक्रम का मार्गदर्शन अर्थशास्त्र व्याख्याता के. प्रफुल्ल रेड्डी द्वारा किया गया। उन्होंने अर्थशास्त्र क्लब की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्लब विद्यार्थियों को व्यावहारिक आर्थिक ज्ञान, बजट निर्माण, बचत, उपभोक्ता अधिकारों एवं राष्ट्रीय–अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों की समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मेरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे शैक्षणिक क्लब छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए भविष्य में क्लब के माध्यम से वाद–विवाद, क्विज़ प्रतियोगिता, पोस्टर प्रदर्शनी एवं आर्थिक विषयों पर परिचर्चा आयोजित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन उत्साह और प्रेरणादायक किया गया।

पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज द्वारा जिले का दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर : जिले में पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा (भा.पु.से.) द्वारा दिनांक 30 एवं 31 जनवरी 2026 को दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य जिले में पुलिस व्यवस्था, कार्यप्रणाली एवं संसाधनों की समीक्षा कर उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा।
प्रथम दिवस का निरीक्षण
निरीक्षण के प्रथम दिवस पुलिस महानिरीक्षक महोदय द्वारा थाना जनकपुर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान थाना परिसर में संधारित अभिलेख, शस्त्रागार, मालखाना, पंजी संधारण एवं संपूर्ण कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान आईजी ने निर्देश दिए कि—
अपराधों के निराकरण में गति लाई जाए
जप्ती माल (कोयला, कबाड़, मोटरसाइकिल आदि) का न्यायालयीन प्रक्रिया अनुसार शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए
अपराध नियंत्रण हेतु आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखी जाए
इसके पश्चात पुलिस महानिरीक्षक द्वारा एसडीओपी कार्यालय भरतपुर-जनकपुर का निरीक्षण किया गया।
एसपी कार्यालय का निरीक्षण
तत्पश्चात आईजी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय की विभिन्न शाखाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। सीमित स्टाफ के बावजूद सुचारु कार्य संपादन पर आईजी ने कर्मचारियों की सराहना की तथा बल की कमी को दूर करने हेतु आवश्यक प्रयास किए जाने की बात कही।
द्वितीय दिवस : रक्षित केंद्र एमसीबी का निरीक्षण
वार्षिक निरीक्षण के द्वितीय दिवस पुलिस महानिरीक्षक द्वारा रक्षित केंद्र मनेंद्रगढ़ में परेड की सलामी ली गई। इस अवसर पर परेड, मार्च-पास्ट एवं स्कॉट ड्रिल का आयोजन किया गया तथा अधिकारी-कर्मचारियों के टर्नआउट का अवलोकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों को नगद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
रक्षित केंद्र का निरीक्षण
परेड उपरांत आईजी द्वारा रक्षित केंद्र का निरीक्षण किया गया, जिसमें—
शासकीय वाहनों की अद्यतन स्थिति, रख-रखाव, लॉगबुक एवं अभिलेखों की जांच
स्टोर शाखा में सामग्री के समुचित रख-रखाव, समयबद्ध वितरण एवं उपकरणों के नियमित मेंटेनेंस हेतु निर्देश
आर्म्स शाखा में हथियारों की सुरक्षित रख-रखाव व्यवस्था एवं नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए
पुलिस दरबार का आयोजन
आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (भा.पु.से.) के नेतृत्व में रक्षित निरीक्षक हेमंत टोप्पो द्वारा रक्षित केंद्र मनेंद्रगढ़ में पुलिस दरबार का आयोजन किया गया। पुलिस दरबार में अधिकारी एवं कर्मचारियों की पदोन्नति, स्थानांतरण, आवास एवं बैरक संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा उनके यथासंभव निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान—
पुलिस अधीक्षक –  रत्ना सिंह (भा.पु.से.)
उप पुलिस अधीक्षक – तरसीला टोप्पो
एसडीओपी –  एलेक्सियस टोप्पो
नगर पुलिस अधीक्षक, चिरमिरी –  दीपिका
रक्षित निरीक्षक हेमंत टोप्पो
सहित समस्त थाना एवं चौकी प्रभारी तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 16 में जागरूकता कार्यक्रम संपन्न…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर मनेंद्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 16 में रजत उत्सव कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वार्डवासियों को बिजली बचत, सौर ऊर्जा एवं प्रधानमंत्री घर-घर योजना के प्रति जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर बिजली विभाग द्वारा उपस्थित नागरिकों को जानकारी दी गई कि किस प्रकार एलईडी बल्बों का उपयोग कर बिजली की खपत कम की जा सकती है, साथ ही घर-घर सौर ऊर्जा योजना से मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ऊर्जा संरक्षण को लेकर दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सरल उपाय भी साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ बिजली विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा यादव रहीं। वहीं नगर पालिका विधायक प्रतिनिधी सरजू यादव, वार्ड पार्षद एवं बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि ऊर्जा संरक्षण आज की आवश्यकता है और सौर ऊर्जा जैसी योजनाएं न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक हैं बल्कि आम नागरिकों के बिजली खर्च को भी कम करती हैं। उन्होंने नागरिकों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में वार्डवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की  मांग की

भगवान के घर देर मगर अंधेर नहीं… अंततः SI रश्मि सिंह के पति और प्रधान आरक्षक पन्नालाल पर दर्ज हुआ FIR,, बेसहारा मां को मिला न्याय…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : भगवान के घर देर है मगर अंधेर नहीं इसी तर्ज पर आज अंततः एक मां को न्याय मिल गया हैं, जहां एक युवक की आत्महत्या का कारण SI रश्मि सिंह राज के पति और प्रधान आरक्षक पन्नालाल एक्का के रिश्वत की मांग होना पाए जाने के कारण थाना लखनपुर में उसके खिलाफ धारा 108 बीएनएसएस (आत्महत्या दुष्प्रेरण) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है। उप निदेशक अभियोजन अंबिकापुर के अभिमत पर यह कार्रवाई की गई है।

दरअसल मामला 20 वर्षीय आशीष मिंज की मौत से जुड़ा है जो 4 अप्रैल 2025 की रात करीब 9 बजे अपने घर चुकनडांड सेमरपारा में मां अलमा मिंज और बहन के साथ खाना खाकर सोया था। रात करीब 3 बजे अलमा बाथरूम के लिए उठीं तो घर का दरवाजा खुला मिला और आशीष गायब था। आसपास तलाश की गई, लेकिन कुछ पता न चला। सुबह 6 बजे अलमा ने फिर तलाश की तो ग्राम चुकनडांड पुलिया के पास पीपल के पेड़ पर मछली जाल की रस्सी से लटका हुआ आशीष का शव मिला था। मर्ग जांच के दौरान खुलासा हुआ कि आशीष मिंज थाना लखनपुर में धारा 194 बीएनएसएस के मामले से जुड़ा था। । इस मामले में 16 वर्षीय संध्या खलखो की मौत हुई थी। मृतिका के परिजन मंगली कुजूर ने आशीष मिंज और उनकी मां अलमा मिंज पर संध्या को प्रताड़ित कर हत्या का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी थी।

इसकी जांच प्रधान आरक्षक पन्ना लाल को सौंपी गई थी जांच के दौरान पन्ना लाल ने आशीष से पूछताछ की और कहा कि तुम लोगों के घर में संध्या फांसी लगाकर मरी है, तुम प्रकरण में फंस जाओगे। बचना है तो 50,000 रुपये की व्यवस्था करो। इससे आशीष क्षुब्ध हो गया और उसने आत्महत्या कर ली। अभियोजन अधिकारी सरगुजा ने अभिमत देते हुए कहा कि लंबी पूछताछ और रिश्वत की मांग से परेशान होकर आशीष ने यह कदम उठाया। उप निदेशक अभियोजन अंबिकापुर ने प्रथम दृष्टया धारा 108 बीएनएसएस पूर्ववर्ती धारा 306 भादंसं के घटक मौजूद पाए, जो संज्ञेय अपराध है।
मौखिक और पारिस्थितिक साक्ष्य के आधार पर प्रधान आरक्षक पन्ना लाल के खिलाफ FIR दर्ज कर विवेचना शुरू हो गई है।

एडवोकेट दिनेश कुमार साहू बने मैट्स यूनिवर्सिटी रायपुर की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी के सदस्य…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर ने UGC रेगुलेशन २०२५ के क्लॉज़ 4(d) के अनुसार एडवोकेट दिनेश कुमार साहू को अपनी इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) का बाह्य सदस्य नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति तीन साल के कार्यकाल के लिए की गई है। यह समिति भारत सरकार द्वारा बनाए गए कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के अनिवार्य प्रावधानों के अनुपालन एवं यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (उच्च शिक्षण संस्थानों में महिला कर्मचारियों और छात्राओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण) विनियम, 2015 के निर्देशानुसार, एक वैधानिक ढांचे के रूप में उच्च शिक्षण संस्थानों को परिसर में महिलाओं के लिए सुरक्षा, गरिमा और समानता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत, निष्पक्ष और सुलभ शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता पर बल देता है।
एक बाह्य सदस्य के रूप में, एडवोकेट दिनेश कुमार साहू की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. बाह्य सदस्य के रूप में शिकायतों से निपटते समय कानूनी प्रक्रियाओं, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और निष्पक्ष जांच प्रक्रियाओं पर कमेटी का मार्गदर्शन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने कहा कि यह नियुक्ति यौन उत्पीड़न के प्रति MATS यूनिवर्सिटी की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति और एक सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक रूप से संवेदनशील शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए उसके सक्रिय दृष्टिकोण को मजबूत करती है। साथ ही लैंगिक अधिकारों, कार्यस्थल नैतिकता और राष्ट्रीय कानून के तहत उपलब्ध कानूनी सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए संवेदीकरण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और आउटरीच गतिविधियां भी आयोजित करती है। अनुभवी बाहरी प्रतिनिधित्व के साथ कमेटी को मजबूत करके, यूनिवर्सिटी का लक्ष्य हितधारकों के बीच विश्वास बढ़ाना और कलंक या प्रतिशोध के डर के बिना शिकायतों की रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित करना है। एडवोकेट दिनेश कुमार साहू की नियुक्ति को MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर में संस्थागत जवाबदेही को मज़बूत करने और लैंगिक न्याय और समानता के सिद्धांतों को बनाए रखने की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। एडवोकेट दिनेश कुमार साहू वर्तमान में जिला एवं सत्र न्यायालय सूरजपुर में अधिवक्ता के रूप में व्यवसायरत हैं।
दिनेश की नियुक्ति से उनके परिवार, सहकर्मियों और वकील जगत में खुशी का माहौल है।

हक की मांग 15 दिनों से ग्रामीणों की जारी हड़ताल, शासन प्रशासन मौन…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ओढ़गी मुकेश गुप्ता : जिले के ओढ़गी विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सौहार से ग्राम पंचायत गंगोत्री के बीच महान नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण  हड़ताल पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना हैं कि पुल निर्माण कार्य को रोकना आदिवासी समाज एवं ग्रामीणों के विकास पर सीधा हमला है। इसी अन्याय के खिलाफ ग्राम गंगोत्री में चल रहा यह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज पंद्रह दिन भी जारी रहा।
धरना स्थल पर भारत आदिवासी पार्टी जिला अध्यक्ष युगेश सिंह सोनपाकर एवं चन्द्रसेन सिंह द्वारा आंदोलन का अपना समर्थन दिया गया और कहा कि आदिवासी समाज को बार-बार ठगा नहीं जा सकता। यदि शासन-प्रशासन ने तुरंत सेतु निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया, तो यह आंदोलन जिला नहीं, पूरा प्रदेश हिला देगा। इसके परिणामों की जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी दल या व्यक्ति की नहीं, बल्कि आदिवासी अस्तित्व, सम्मान और अधिकार की निर्णायक जंग है। धरना स्थल पर उमड़ी भारी भीड़ ने यह संदेश साफ कर दिया कि अब आदिवासी समाज समझौते के मूड में नहीं है।
ग्राम पंचायत सौहार मयुरधक्की, लांजित एवं कुप्पा ओड़गी जिला सूरजपुर के ग्रामीणों ने ऐलान किया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन नहीं रुकेगा।

सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन, छात्राओं को मिली नई उड़ान…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/ मनेंद्रगढ़ किशन शाह :  सेमेस मनेंद्रगढ़ स्थित शासकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आज सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शाला प्रबंधन समिति की अध्यक्षा द्वारा की गई। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष  प्रतिभा यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं मनेंद्रगढ़ विकासखंड के बीईओ अभिषेक पांडे की विशेष उपस्थिति में साइकिल वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के अंतर्गत शासन की योजना के तहत पात्र छात्राओं को साइकिल वितरित कर उन्हें शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया, जिससे बालिकाओं की नियमित विद्यालय उपस्थिति एवं उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने में सहायता मिल सके।
इस अवसर पर नगर की छात्राएँ, नगर पालिका मनेंद्रगढ़ के प्रतिनिधिगण, लाभान्वित छात्राओं के अभिभावक, विद्यालय के प्राचार्य, समस्त शिक्षकगण एवं विद्यालयीन स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने बालिकाओं को शिक्षा के महत्व को समझाते हुए आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।

केंद्रीय संचार ब्यूरो अंबिकापुर द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत एक दिवसीय लोक संपर्क कार्यक्रम का किया गया आयोजन…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : भारत सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अधीनस्थ केंद्रीय संचार ब्यूरो अंबिकापुर द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा अन्तर्गत एक दिवसीय समेकित लोक संपर्क का कार्यक्रम ग्राम जयनगर विकास खण्ड विश्रामपूर जिला सूरजपूर में आयोजन किया गया।

कार्यक्रम मेें प्रधान पाठक उदय राज, शिक्षक गन ममता मंडल, रंजीता शांडिल्य, वीरेंद्र सिंह, सोमा घोष, आशीष पांडे, विवेक चंद्र वंशी, नेल्सन बेग, सुमित्रा गुप्ता, नरेश साहू, अनुराधा, उर्मिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका व ग्रामवासियों बहुतायत संख्या में उपस्थित रहे।



कार्यालय प्रभारी हिमांशु सोनी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 16 जनवरी से 31 जनवरी तक स्वच्छता परववाड़ा मनाया जा रहा है । इस दौरान देश भर में विभिन्न सफाई गतिविधियां आयोजित की जा रही है। स्वच्छ भारत अभियान से लोगों के स्वास्थ्य में सुधार के साथ ही पर्यावरण की भी सुरक्षा होती है। आप ने जनमानस से कहा कि एक स्वच्छ और साफ भारत का सपना तभी साकार हो सकेगा जब हर नागरिक इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा। हमें अपने घर, सड़क और आस पास के इलाकों को साफ सुथरा रखते हुए दूसरों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए । स्वच्छ भारत अभियान एक ऐसा कदम है जो हमें बेहतर जीवनशैली और स्वस्थ समाज की ओर ले जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित ग्राम प्रधान पाठक श्री शिव उदय राज ने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के प्रारंभ से पहले गांव की विशेषकर महिला सदस्य बहुत ही दु:खद स्थिती में थी । माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी द्वारा स्वच्छ भारत अभियान प्रारंभ  किए जाने से योजना के तहत घर घर पक्के शौचालय का निर्माण हुआ परिणाम स्वरूप महिला सदस्यों के साथ ही पूरे परिवार की समस्या का समाधान हुआ।

इसी क्रम में प्रधान पाठिका ने कहा कि उक्त कार्यक्रम को जनहितकारी, कल्याणकारी व शिक्षाप्रद बताया और कहा कि अब हम पूरे गांव के लोग मिलकर आपने आसपास की सफाई के साथ ही सार्वजनिक स्थलों की साफ सफाई पर भी पूरा ध्यान देंगे। जिससे स्वच्छ भारत का उद्देश्य पूर्ण हो ।

कार्यक्रम में  स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित पश्नमंच व रंगोली प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया और साथ ही भव्य जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिनमें सभी ने भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया व प्रतियोगिताओं में ईनाम पाया।
इस मौके पर उपस्थित जन मानस को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई और एक पेड़ मां के नाम पहल के अंतर्गत पौध वितरण किया गया।
कार्यक्रम में रायपुर से आए रागिनी लोक मंच के कलाकारों द्वारा गीत नाटक दल द्वारा भी विषय पर आधारित गीतों व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों तक विषयक जानकारी पहुंचाई गई ।
कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

BREAKING : यूजीसी के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, अगले आदेश तक 2012 वाले नियम लागू…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट में रोक लगा दी है। इस मामले पर सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हमें जातिविहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए। इसी के साथ पीठ ने केंद्र और यूजीसी को नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी (उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने) विनियम, 2026 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। कोर्ट में इन विनियमों को सामान्य वर्गों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण होने के आधार पर चुनौती दी गई है। ऐसे में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों पर रोक लगी दी। अब नए आदेश तक 2012 के नियम ही लागू रहेंगे। 

केंद्र को नोटिस जारी, 19 मार्च को अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नए नियम अस्पष्ट हैं। कोर्ट के कहा कि नए यूजीसी नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यूजीसी के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।

केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन रिट याचिकाओं की सुनवाई की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि हमें जातिविहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए या हम पीछे जा रह हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि क्या हम उल्टी दिशा में जा रहे। जिन्हें सुरक्षा चाहिए, उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि एक विशेष कमेटी भी बनाई जा सकती है। इसी के साथ नए नियमों की भाषा को स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत पर भी जोर दिया।

याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने बताई अपनी दलीलें
वहीं याचिकाकर्ता विनीत जिंदल ने कहा, ‘आज, सीजेआई ने हमारी दलीलों की सराहना की। हमें कहना होगा कि यह हमारे लिए बहुत बड़ी जीत है। जैसा कि हम खास तौर पर तीन मुद्दों के बारे में बात कर रहे थे, एक है सेक्शन 3C जो जातिगत भेदभाव के बारे में बात करता है और उस खास सेक्शन में, सामान्य जाति को बाहर रखा गया है और बाकी सभी जातियों को शामिल किया गया है। तो, यह खास सेक्शन यह संदेश दे रहा है कि SC, ST और OBC के साथ सामान्य जाति द्वारा भेदभाव किया जा रहा है।’

उन्होंने आगे कहा कि यह सीजेआई के सामने हमारी दलील थी और उन्होंने हमारी दलील की सराहना की और खास तौर पर कहा कि हम जो कह रहे हैं वह सही है और अगर ऐसे सेक्शन हैं, तो यह निश्चित रूप से सामान्य जाति के लिए बहुत कठोर और भेदभावपूर्ण होगा और इसमें संशोधन किया जाना चाहिए। दूसरा हिस्सा इक्विटी कमेटी के संबंध में है जो इन नए UGC सेक्शन  के सेक्शन 18 के तहत बनाई गई है। इन खास नियमों में सामान्य समुदाय के लिए कोई खास प्रतिनिधित्व नहीं बताया गया है। CJI ने भी हमारी इस दलील को माना और सुझाव दिया कि एक खास कमेटी बनाई जानी चाहिए, जिसमें शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हों, जिन्हें इस खास विषय का ज्ञान हो और अब यह मामला 19 मार्च के लिए सूचीबद्ध है और उम्मीद है कि कुछ अच्छा होगा।

यूजीसी के नए नियमों से देशभर में आक्रोश
दरअसल, यूजीसी रेगुलेशन, 2026 को 23 जनवरी, 2026 को नोटिफाई किया गया था। जिसे लेकर पूरे देश में आक्रोश फैल गया। जिसके बाद इसे कई याचिकाकर्ताओं ने मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन एक्ट, 1956 का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन के खिलाफ याचिकाएं मृत्युंजय तिवारी, एडवोकेट विनीत जिंदल और राहुल दीवान ने दायर की हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि ये नियम सामान्य वर्गों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा देते हैं। 

जमीन की अफरातफरी के लिए पटवारी का बड़ा खेल, 5 बच्चों के पिता को कागजों में बताया ‘निसंतान’…

हिंद स्वराष्ट्र लटोरी (सूरजपुर):  राजस्व विभाग के कारनामों की फेहरिस्त में एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूरजपुर जिले के लटोरी तहसील में जमीन हड़पने और बंदरबांट करने की नीयत से एक जीवित परिवार के अस्तित्व को ही कागजों से मिटा दिया गया। यहां हल्का पटवारी नंबर 11 पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफियाओं के साथ मिलकर 5 बच्चों के पिता (स्व. सोहन) को राजस्व रिकॉर्ड में ‘निसंतान’ घोषित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

ग्राम पंचायत लटोरी के खसरा क्रमांक 200, 205 और 217 राजस्व रिकॉर्ड में स्व. कृपाराम और सोहन के नाम पर संयुक्त रूप से दर्ज थे। विवाद तब शुरू हुआ जब इन दोनों की मृत्यु के बाद वारिसों के नाम दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हुई।
कृपाराम की मृत्यु के बाद उनके सिर्फ दो पुत्रों का नाम दर्ज किया गया, जबकि उनकी तीन पुत्रियों—रजमेत, देवती और देवकुमारी—का नाम जानबूझकर छोड़ दिया गया।

दूसरी ओर सबसे हैरान करने वाली धांधली सोहन के मामले में हुई। सोहन की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी भिन्सो, पुत्र बृजलाल, गुडडू (विकास) और पुत्रियां कविता व मालती जीवित हैं। इसके बावजूद पटवारी संतोष भनिया द्वारा जारी इस्तेहार (नोटिस) में सोहन को ‘निसंतान’ दर्शाया गया है।

भू-माफियाओं और वारिसों की मिलीभगत का आरोप

शिकायत के अनुसार, कृपाराम के वारिस रामखेलावन और रमेश ने कथित तौर पर भू-माफियाओं और राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर ली है। सोहन के कानूनी वारिसों को बेदखल कर इस पूरी विवादित भूमि को औने-पौने दाम पर बेचने की तैयारी की जा रही है। पटवारी संतोष भनिया द्वारा सोहन को निसंतान बताए जाने के पीछे की मुख्य वजह यही है कि जमीन के उत्तराधिकारियों की संख्या कम कर दी जाए ताकि विक्रय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

जांच और सुधार की मांग

ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और वहां के जिम्मेदार नागरिकों द्वारा अब न्याय की गुहार लगाई गई है। उनकी मांग है कि:
* वर्तमान नामांतरण प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए।
* पटवारी द्वारा किए गए फर्जी इस्तेहार की उच्च स्तरीय जांच हो।
* स्व. कृपाराम और स्व. सोहन के सभी जीवित वारिसों (बेटियों सहित) के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज किए जाएं।

“राजस्व विभाग की इस लापरवाही या मिलीभगत ने एक पूरे परिवार के कानूनी अधिकारों को खतरे में डाल दिया है। देखना होगा कि जिला प्रशासन इस ‘कागजी खेल’ के दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।”

अम्बिकापुर न्यायालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अम्बिकापुर स्थित जिला सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। यह धमकी न्यायालय की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजे गए एक मेल के जरिए दी गई है। मेल मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया हैं। धमकी की सूचना मिलते ही अम्बिकापुर न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। परिसर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन जांच की जा रही है। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती के साथ-साथ निगरानी भी बढ़ा दी गई है।
सरगुजा संभाग आईजी दीपक झा ने धमकी भरे ई-मेल की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मेल की गंभीरता से जांच की जा रही है और साइबर टीम को भी अलर्ट कर दिया गया है। धमकी भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जारी है।

बारामती में विमान हादसा, डिप्टी सीएम समेत 5 की मौत…

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज एक दर्दनाक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा 28 जनवरी 2026 की सुबह 8:45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर हुआ, जब उनका चार्टर विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अजित पवार को आज बारामती में राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल होना था। सुबह 7:00 बजे विमान ने मुंबई से उड़ान भरनी थी। 7:40 बजे बारामती में इसकी शेड्यूल लैंडिंग थी लेकिन लैंडिंग के दौरान नियंत्रण बिगड़ने से विमान रनवे पर ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी ‘ब्लैक बॉक्स’ बरामद करने और हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम गठित की है।
“यह हमारे प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। हमने न केवल एक कुशल राजनेता बल्कि एक जनसेवक को खो दिया है।” — मुख्यमंत्री का आधिकारिक बयान
शोक की लहर
उपमुख्यमंत्री के निधन की खबर मिलते ही राज्य में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा कर दी गई है। सभी सरकारी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं और तिरंगा आधा झुका दिया गया है। विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं ने इस घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

लांजित में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास से संपन्न…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/लांजित :  सूरजपुर जिले के विकासखंड ओढ़गी अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत लांजित में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर ग्राम में भव्य रैली का आयोजन किया गया, जिसके माध्यम से सभी विद्यालयों में झंडा फहराया गया। रैली की शुरुआत महापुरुषों के छाया चित्रों पर पुष्पमाला अर्पित कर की गई।


कार्यक्रम के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में लगभग 30 टीमों ने भाग लिया, जिन्होंने उपस्थित ग्रामवासियों एवं अतिथियों का मन मोह लिया। इस अवसर पर सरपंच धरम सिंह आयम द्वारा वर्ष 2025 की कक्षा 10वीं एवं 12वीं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रतिभा सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की सफलता में शिक्षकगण, जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान रहा।

नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने किया ध्वजारोहण…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह : 76वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मनेंद्रगढ़ नगर पालिका परिषद कार्यालय में गरिमामय ढंग से ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। इस अवसर पर नगर पालिका के विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव पार्षदगण, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ), अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की गरिमा, लोकतंत्र की मजबूती तथा नागरिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डाला और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि नगर के समग्र विकास, स्वच्छता व्यवस्था एवं पेयजल व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना नगर पालिका की प्राथमिकता है, जिसके लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं देशभक्ति के वातावरण में संपन्न हुआ।

जिले में शान से लहराया तिरंगा, राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया ध्वजारोहण…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर किशन शाह : सोमवार को राष्ट्रभक्ति, गौरव और उल्लास के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। जिले में भारत का 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं भव्य वातावरण में मनाया गया। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ स्थित आमाखेरवा ग्राउंड में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में प्रातःकाल से ही बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
देशभक्ति गीतों की गूंज, तिरंगे की शान, अनुशासित परेड एवं सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्थाओं ने पूरे परिसर को राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक चेतना से ओत-प्रोत कर दिया।


सांसद ने फहराया राष्ट्रीय ध्वज
जिला स्तरीय मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया तथा परेड की सलामी ली। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान से समारोह स्थल देशभक्ति के जयघोष से गूंज उठा।
इस अवसर पर सांसद सिंह ने कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के साथ परेड का निरीक्षण किया तथा विभिन्न टुकड़ियों के अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
रंगीन गुब्बारों के साथ दिया लोकतंत्र का संदेश
समारोह के दौरान रंगीन गुब्बारों को आकाश में छोड़ा गया, जो लोकतंत्र की मजबूती, स्वतंत्रता की उड़ान और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बने।

अवैध ईट लोड ट्रैक्टर जब्त, चालक फरार…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह: मनेंद्रगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंह पेट्रोल पंप न 43 से  राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दरअसल एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित अवस्था में तेज चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था, जिससे सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए कई लोगों को ठोकर मारते हुए आगे बढ़ गया। स्थिति गंभीर होते देख स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए साईं बाबा तिराहा रोड के पास ट्रैक्टर को रोका, लेकिन मौके का फायदा उठाकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही मनेंद्रगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को थाने लाकर जब्त कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में खनिज (ईट) अवैध रूप से लोड था, जिससे अब इस मामले में खनिज विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना विभागीय मिलीभगत के खनिज परिवहन संभव नहीं है।
अब देखना यह होगा कि—
फरार चालक की गिरफ्तारी कब होती है?
नशे में वाहन चलाने पर क्या सख्त कार्रवाई होती है?
अवैध खनिज परिवहन में शामिल लोगों पर खनिज विभाग क्या कदम उठाता है?
फिलहाल पुलिस जांच कर रही हैं।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क: 10 दिन में ही उखड़ने लगी PMGSY की डामर, हाथों से निकल रही गिट्टियां…

हिंद स्वराष्ट्र मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर किशन शाह : जिले के विकास दावों की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है, जहाँ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी नई सड़क निर्माण के महज 10 दिन के भीतर ही दम तोड़ती नजर आ रही है। 11.47 लाख खर्च कर बनी 3.10 किलोमीटर की इस सड़क के निर्माण में भारी अनियमितता की गई है।

मामला क्या है?
MCB जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखंड बौरीडांड़ से बैगापारा तक जाने वाली इस सड़क का निर्माण अर्णव बिल्डकॉन द्वारा किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता की भारी अनदेखी की गई है। सड़क की स्थिति इतनी जर्जर है कि लोग हाथों से ही डामर की परत को उखाड़ दे रहे हैं।
प्रमुख बिंदु:

  • घटिया निर्माण: सड़क में डामर और गिट्टी का मिश्रण इतना कमजोर है कि वह जमीन पकड़ ही नहीं पाया है।
हाथों से हो उखड़ने लगी डामर की परत
  • जनता में आक्रोश: ग्रामीणों का कहना है कि बरसों के इंतजार के बाद सड़क बनी थी, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और विभाग की मिलीभगत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
  • जिम्मेदारों की चुप्पी: 10 दिन के भीतर सड़क का उखड़ना सीधे तौर पर अर्णव बिल्डकॉन के कार्य और विभागीय निगरानी (Monitoring) पर बड़े सवाल खड़े करता है।

“यह सड़क हमारे चलने के लिए बनाई गई है या सिर्फ कागजों में खानापूर्ति के लिए? अगर 10 दिन में यह हाल है, तो पहली बारिश में यहाँ सड़क का नामोनिशान नहीं बचेगा।” — स्थानीय निवासी

जांच की मांग
क्षेत्र के लोगों ने अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि इस निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार (अर्णव बिल्डकॉन) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क का पुनः गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।

छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल: रायपुर को मिला पहला पुलिस कमिश्नर, 15 IPS अधिकारियों के तबादले…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से बहुप्रतीक्षित पुलिस कमिश्नर प्रणाली आधिकारिक तौर पर प्रभावी हो गई है। इस नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी संजीव शुक्ला (2004 बैच) को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) नियुक्त किया है। इससे पहले वे बिलासपुर रेंज के आईजी के पद पर कार्यरत थे।
रायपुर कमिश्नरेट की नई टीम


कमिश्नरेट प्रणाली के तहत रायपुर शहर को सुदृढ़ करने के लिए नई नियुक्तियां की गई हैं:
 अतिरिक्त पुलिस आयुक्त: अमित तुकाराम कामले को रायपुर नगरीय का अतिरिक्त पुलिस आयुक्त बनाया गया है।
डीसीपी नियुक्तियां: शहर को विभिन्न जोन में बांटकर डीसीपी तैनात किए गए हैं, जिनमें उमेश प्रसाद गुप्ता (सेंट्रल), संदीप पटेल (पश्चिम) और मयंक गुर्जर (उत्तर) शामिल हैं।
ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल: विकास कुमार को रायपुर नगरीय का डीसीपी (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) नियुक्त किया गया है।


जिलों के कप्तान और रेंज आईजी में बदलाव
इस फेरबदल में कई जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) और रेंज आईजी भी बदले गए हैं:
  बिलासपुर रेंज: रामगोपाल गर्ग को दुर्ग रेंज से हटाकर बिलासपुर रेंज का नया आईजी बनाया गया है।
दुर्ग रेंज: अभिषेक शांडिल्य अब दुर्ग रेंज के नए आईजी होंगे।
राजनांदगांव रेंज: बालाजी राव सोमावर को राजनांदगांव रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है।
  जशपुर और रायगढ़: रायपुर के एसएसपी लाल उमेद सिंह को जशपुर का नया एसपी बनाया गया है, जबकि शशिमोहन सिंह रायगढ़ के नए एसपी होंगे।
रायपुर ग्रामीण: श्वेता श्रीवास्तव को रायपुर ग्रामीण का एसपी नियुक्त किया गया है।
क्यों अहम है यह बदलाव?
रायपुर की बढ़ती आबादी (लगभग 19 लाख) और शहरी चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस कमिश्नर को अब मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकार प्राप्त होंगे, जिससे कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े फैसले त्वरित गति से लिए जा सकेंगे।

बलौदाबाजार में भीषण हादसा: स्टील प्लांट में ब्लास्ट से 6 मजदूरों की दर्दनाक मौत, इलाके में हड़कंप…

हिंद स्वराष्ट्र बलौदाबाजार :  छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ बकुलाही गांव स्थित ‘रियल इस्पात एंड पावर लिमिटेड’  के स्टील प्लांट में आज सुबह एक जबरदस्त विस्फोट हुआ। इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए हैं।
सुबह 9:30 बजे हुआ धमाका
जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे हुआ। प्लांट के डस्ट सेटलिंग चैंबर (DSC) में अचानक तकनीकी खराबी आने से जोरदार विस्फोट हुआ। ब्लास्ट इतना शक्तिशाली था कि लगभग 500°C तापमान वाली गर्म राख और कोयला वहां काम कर रहे मजदूरों पर गिर गया।
राख के मलबे में दबे मजदूर
हादसे के वक्त प्लांट की पांचवीं मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। विस्फोट के बाद गर्म राख और मलबे के नीचे दबने और गंभीर रूप से झुलसने के कारण 6 मजदूरों की जान चली गई। मृतकों में अधिकांश मजदूर बिहार और झारखंड के रहने वाले बताए जा रहे हैं।
बचाव कार्य और प्रशासन की कार्रवाई
घायलों का उपचार: गंभीर रूप से झुलसे 5 मजदूरों को तत्काल बिलासपुर के CIMS (सिम्स) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रशासनिक मुस्तैदी: कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी भावना गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। फॉरेंसिक टीम और औद्योगिक सुरक्षा टीम घटना की बारीकी से जांच कर रही है।

मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और सेफ्टी मानकों की अनदेखी पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धमाके के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस द्वारा प्लांट को सील कर दिया गया है और मृतकों के परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।

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