हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चला रही एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने आज छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल (Housing Board) के कार्यालय में बड़ी दबिश दी। टीम ने अधीक्षण अभियंता (उपायुक्त) पूनम चन्द अग्रवाल और उनके वरिष्ठ सहायक अनिल सिन्हा को एक ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है।
निर्माण कार्यों की ‘क्लियरेंस’ के लिए मांगी थी घूस
बलरामपुर के दौरा-कुचली में ₹65 लाख की लागत से बने नवीन तहसील भवन और लुण्ड्रा के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में ₹43.51 लाख के अतिरिक्त कक्षों का निर्माण करने वाले ठेकेदार रवि कुमार ने इसकी शिकायत की थी। काम पूरा होने के बाद भी अधिकारी फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे थे।
रिश्वत की मांग:
* कार्य: भौतिक सत्यापन (Physical Verification) और समय वृद्धि की अनुशंसा।
* मांग: उपायुक्त पूनम चन्द अग्रवाल द्वारा ₹1 लाख की डिमांड की गई थी।
ACB का ‘मास्टर प्लान’ और गिरफ्तारी
शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया। रणनीति के तहत कुल ₹65,000 की रिश्वती राशि तैयार की गई।
कमीशन का खेल: सबसे पहले वरिष्ठ सहायक (ग्रेड-02) अनिल सिन्हा ने ठेकेदार से ₹65,000 लिए।
बंटवारा: बाबू ने अपना ‘हिस्सा’ ₹5,000 काटकर शेष ₹60,000 उपायुक्त साहब के केबिन में जाकर उन्हें सौंप दिए।
एक्शन: जैसे ही पैसे का लेनदेन हुआ, ACB की टीम ने धावा बोल दिया। उपायुक्त की टेबल से ₹60 हजार और बाबू के पास से ₹5 हजार बरामद किए गए।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज
ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 एवं 12 के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद से गृह निर्माण मंडल के गलियारों में सन्नाटा पसरा हुआ है।



