हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : केंद्र और राज्य सरकारें ‘कैशलेस इकोनॉमी’ और ‘डिजिटल इंडिया’ का ढिंढोरा पीटते नहीं थक रहीं, लेकिन अंबिकापुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस दावों की हवा निकलती नजर आ रही है। ताज्जुब की बात है कि जिस दौर में फुटपाथ पर सब्जी बेचने वाला भी QR कोड लेकर खड़ा रहता है, वहां संभाग के सबसे बड़े अस्पताल में इलाज के लिए आज भी जेब में ‘नकद’ होना अनिवार्य है।
जेब में मोबाइल पर काउंटर पर मांग रहे नोट
अस्पताल पहुंचने वाले मरीज और उनके परिजन उस वक्त ठगा सा महसूस करते हैं, जब काउंटर पर बैठे कर्मचारी मरीज की पर्ची काटने के लिए मोबाइल ऐप आभा ऐप डाउनलोड करने कहते हैं और वहां से टोकन नंबर की मांग करते हैं लेकिन यूपीआई (UPI) पेमेंट लेने से साफ मना कर देते हैं। आज के समय में अधिकांश लोग सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से कैश साथ लेकर नहीं चलते, ऐसे में अस्पताल की पर्ची कटवाने या जांच शुल्क भरने के लिए परिजनों को अस्पताल के बाहर एटीएम (ATM) की तलाश में दौड़ लगानी पड़ रही है।
इस ‘अंधेर नगरी’ के कुछ तीखे सवाल:
सब्जी वाला ‘स्मार्ट’ तो सिस्टम क्यों ‘बेबस’? जब 10 रुपये की चाय के लिए डिजिटल भुगतान हो सकता है, तो हजारों के मेडिकल बिल और जांच शुल्क के लिए सरकारी अस्पताल को ‘कैश’ का मोह क्यों है?
मरीज की जान कीमती या कैश की गिनती? गंभीर स्थिति में आए मरीज के तीमारदार इलाज शुरू कराने के बजाय पहले एटीएम की लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं।
क्या ये भ्रष्टाचार को बढ़ावा है? डिजिटल पेमेंट से पारदर्शिता आती है। क्या यूपीआई सुविधा न होना किसी पुराने ढर्रे या रिकॉर्ड में हेरफेर की गुंजाइश बनाए रखने की कोशिश है?
परेशानी की पराकाष्ठा
दूर-दराज के गांवों से आने वाले ग्रामीणों के पास अक्सर बैंक कार्ड नहीं होते, वे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं। पर अस्पताल की खिड़की पर लगा ‘नो यूपीआई’ का अघोषित बोर्ड उनके लिए किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं है। रात के समय जब एटीएम खाली होते हैं या खराब होते हैं, तब परिजनों की हालत देखने लायक होती है।
निष्कर्ष
डिजिटल इंडिया का नारा सिर्फ होर्डिंग्स और विज्ञापनों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। अगर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों में जल्द ही ऑनलाइन भुगतान की सुविधा शुरू नहीं की गई, तो यह आधुनिकता के मुंह पर एक बड़ा तमाचा होगा। प्रशासन को चाहिए कि ‘कैश’ का पुराना चश्मा उतारकर डिजिटल चश्मा पहनें।



