हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा पुलिस ने हनुमान मंदिर में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए तीन विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। पुलिस की पूछताछ में इन किशोरों ने जो कारण बताया, वह काफी हैरान करने वाला है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 04 फरवरी 2026 की रात कलेक्टर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में चोरी की घटना हुई थी। अज्ञात चोरों ने मंदिर में प्रवेश कर दान पेटी से नगदी पार कर दी थी। मामला दर्ज होते ही कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम सक्रिय हुई और संदेही 3 नाबालिगों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
चोरी के पीछे की ‘अजीब’ वजह
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में इन किशोरों ने कुबूल किया कि वे अज्ञानता और जिज्ञासा (Curiosity) वश मंदिर के भीतर घुसे थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे बस यह देखना चाहते थे कि दान पेटी के अंदर क्या होता है। दान पेटी खोलने पर उन्हें कुछ नगद राशि मिली, जिसे उन्होंने आपस में बांटकर खर्च कर दिया।
पुलिस की कार्यवाही
पुलिस ने तीनों विधि से संघर्षरत बालकों की सामाजिक पृष्ठभूमि (Social Background Report) तैयार कर उनके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की है। इस त्वरित कार्यवाही में निम्नलिखित अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही
निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा (थाना प्रभारी कोतवाली)
सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा (साइबर सेल प्रभारी)
पुलिस टीम: भोजराज पासवान, विकास सिन्हा, जयदीप सिंह, मनीष सिंह, उमाशंकर साहू, नितिन सिन्हा एवं अन्य।

