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खड़गवां पुलिस की बड़ी कार्रवाई: जगन्नाथपुर खदान से कोयला चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जगन्नाथपुर ओपन कास्ट खदान से फिल्मी अंदाज में कोयला चोरी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को सूरजपुर पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने बिना कांटा कराए (वजन किए) ट्रक को खदान से बाहर निकाल लिया था। पुलिस ने चोरी का 43 टन कोयला, घटना में प्रयुक्त ट्रक ट्राला और मोबाइल फोन जप्त किए हैं।
कैसे दिया वारदात को अंजाम?
मामले का खुलासा तब हुआ जब 16 जनवरी को जगन्नाथपुर खदान के मैनेजर ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक, 15 जनवरी को एक ट्रक ट्राला (CG 10 BL 9649) कोयला लोड करने के लिए खदान में दाखिल हुआ था। नियमानुसार लोड होने के बाद गाड़ी का वजन (कांटा) होना था, लेकिन चालक ने चतुराई दिखाते हुए वजन कराए बिना ही ट्रक को दूसरे वाहनों के पीछे सटाकर गेट से बाहर निकाल लिया। इस ट्रक में करीब 40 टन कोयला लोड था, जिसकी कीमत लाखों में आंकी गई थी।
बिलासपुर के व्यक्ति ने दी थी 1.20 लाख की सुपारी
पुलिस की कड़ी पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि बिलासपुर निवासी एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला चोरी करने का काम सौंपा था। उसने प्रति गाड़ी 60 हजार रुपये देने का वादा किया था और दो गाड़ियों के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये एडवांस भी दिए थे। आरोपियों को यह भरोसा दिलाया गया था कि “खदान के अंदर सेटिंग” है, इसलिए वे बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे थे।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चठिरमा स्थित एक पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर ट्रक को बरामद किया। सीसीटीवी फुटेज और जांच के आधार पर पुलिस ने झीगापारा (खड़गवां) निवासी तीन युवकों को गिरफ्तार किया है:

  • निरज यादव (20 वर्ष)
  • मनीष यादव (21 वर्ष)
  • आशीष यादव (19 वर्ष)

जप्त की गई सामग्री

  • 43 टन चोरी का कोयला (कीमत लगभग 2.30 लाख रुपये)
  • 01 ट्रक ट्राला (क्रमांक CG 10 BL 9649)
  • 03 नग मोबाइल फोन
  • फरार आरोपी की तलाश जारी
    डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर  प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। विशेषकर बिलासपुर के उस व्यक्ति की पहचान की जा रही है जिसने आरोपियों को पैसे देकर चोरी के लिए उकसाया था।
    इस पूरी कार्यवाही में खड़गवां चौकी प्रभारी रघुवंश सिंह और उनकी टीम प्रधान आरक्षक रजनीश त्रिपाठी, नंदकिशोर राजवाड़े, आरक्षक मनोज राय व अन्य की मुख्य भूमिका रही।

सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: करोड़ों के ऑनलाइन सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड दीप सिन्हा पुणे से गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : सरगुजा पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सट्टा गिरोह के फरार मुख्य सरगना आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया आरोपी पिछले काफी समय से फरार चल रहा था और पुलिस की आंखों में धूल झोंककर ठिकाने बदल रहा था।
फर्जी खातों के जरिए होता था करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी दीप सिन्हा और उसके साथियों ने मिलकर लगभग 300 फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों का उपयोग क्रिकेट मैच और अन्य खेलों में सट्टे के पैसों के लेनदेन के लिए किया जाता था। जांच के दौरान इन खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन होने के साक्ष्य मिले हैं। आरोपी कमीशन का लालच देकर भोले-भाले लोगों के आधार कार्ड, एटीएम और चेक बुक का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए करते थे।
पुणे से दबोचा गया मास्टरमाइंड
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल (IPS) के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल (IPS) के नेतृत्व में साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी सूचनाओं के आधार पर आरोपी का पीछा किया और अंततः उसे पुणे (महाराष्ट्र) से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 13 मई 2024 का है, जब कोतवाली पुलिस ने आईपीएल मैच (GT vs KKR) के दौरान ऑनलाइन सट्टा खिलाते हुए अमित मिश्रा और शुभम केशरी को रंगे हाथों पकड़ा था। उस दौरान दीप सिन्हा पुलिस को चकमा देकर फरार होने में कामयाब रहा था।
पुलिस ने इनके पास से:
* 19 मोबाइल फोन (आईफोन-15 सहित)
* 21 एटीएम कार्ड
* 03 पासबुक और 02 चेकबुक
* नगद राशि और सट्टे का हिसाब-किताब बरामद किया था।
कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई
शुरुआत में यह मामला जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत दर्ज था, लेकिन जांच में फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के सबूत मिलने पर पुलिस ने इसमें धारा 467, 468, 471, 120 (बी) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी), 66(डी) भी जोड़ दी है। इस मामले में पूर्व में भी ऋतिक मंदिलवार, नितिन यादव और ध्रुवील पटेल समेत कई अन्य आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सफल कार्रवाई में नगर पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, विकास सिन्हा और आरक्षक मनीष सिंह की सराहनीय भूमिका रही।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भाजपा जिला कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल के निवास पर की कार्यकर्ताओं से चर्चा…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भूषण बघेल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिले के दौरे के दौरान भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल के निवास पर पहुंचकर पार्टी कार्यकर्ताओं से आत्मीय चर्चा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अग्रवाल के परिवारजनों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना और परिवार के साथ बैठकर नाश्ता किया। मुख्यमंत्री का यह सहज और सरल व्यवहार कार्यकर्ताओं व स्थानीय लोगों के बीच विशेष चर्चा का विषय रहा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भटगांव विधानसभा क्षेत्र के चुनगड़ी में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने जिले में पहुंचे थे। कार्यक्रम के पश्चात उन्होंने रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में किया। रविवार सुबह सर्किट हाउस से प्रस्थान करने से पूर्व वे भाजपा जिला कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल के निवास पहुंचे, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री के साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक भुलन सिंह मरावी, वरिष्ठ भाजपा नेता भीमसेन अग्रवाल अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सिंह तथा भाजपा जिला अध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी जिला महामंत्री शशिकांत गर्ग भी उपस्थित रहे। वहीं श्री अग्रवाल के परिवार की ओर से उनके पिता विजय अग्रवाल, विष्णु प्रसाद अग्रवाल सहित सतनारायण अग्रवाल, ज्ञानी राम अग्रवाल, लालचंद अग्रवाल, अवधेश अग्रवाल, स्वामी संत सिंह, दीपक गुप्ता, राजेश्वर तिवारी, प्रमोद, पायल, संजू सोनी, शंकर जिंदिया, पुनीत अग्रवाल, श्रवण अग्रवाल, अजय अग्रवाल, बांके अग्रवाल, जितेंद्र शर्मा, संदीप साहू प्रमुख रूप से मौजूद रहे।मुख्यमंत्री के इस दौरे को संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

केल्हारी के डोडकी धान उपार्जन केंद्र में धान उठाव नहीं होने से बढ़ी किसानों की परेशानी…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन शाह : केल्हारी क्षेत्र के डोडकी धान उपार्जन केंद्र में धान उठाव नहीं होने के कारण किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। लंबे समय से धान का उठाव नहीं होने से जहां किसान परेशान हैं, वहीं समिति प्रबंधक और प्रभारी अधिकारी भी गंभीर चिंता में दिखाई दे रहे हैं।
किसानों का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब वे धान लेकर मंडी पहुंचते हैं, तो वहां मजदूरों की कमी के कारण कांटा नहीं हो पाता। मजदूरों के चले जाने से कई किसानों को बिना धान तौल कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे डोडकी क्षेत्र के किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
समिति प्रबंधक एवं प्रभारी अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते धान का उठाव नहीं हुआ, तो नया धान रखने के लिए जगह की गंभीर समस्या खड़ी हो जाएगी। वर्तमान में खुले में रखे धान की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर भी चिंता बनी हुई है, क्योंकि मौसम खराब होने की स्थिति में धान के खराब होने की आशंका बढ़ जाती है।
प्रभारी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुराना धान नहीं उठेगा, तब तक नया धान लेने में असमर्थता रहेगी। इस स्थिति का सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनकी उपज केंद्र में जमा नहीं हो पा रही है।
किसानों ने जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि शीघ्र धान उठाव की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों की उपज सुरक्षित रह सके और उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेता है और डोडकी क्षेत्र के किसानों को कब राहत मिलती है।

एकदिवसीय जिला कांग्रेस कमेटी का कलेक्टर कार्यालय घेराव, जमकर नारेबाजी,मुख्य सचिव के नाम सौंपा गया ज्ञापन…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर किशन शाह : जिले में व्याप्त गंभीर जनसमस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा एकदिवसीय कलेक्टर कार्यालय घेराव एवं धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए “मुर्दाबाद” के नारे लगाए और सरकार से तत्काल समाधान की मांग की।
धरना प्रदर्शन के पश्चात कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने  मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कांग्रेस कमेटी ने जिले की जनता से जुड़ी कई ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। इसमें बताया गया कि—
मनरेगा को कमजोर या समाप्त करने की साजिश से गरीब श्रमिकों का रोजगार संकट में है।
किसानों को विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार परेशान किया जा रहा है।
अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब व बेसहारा परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं, जिससे अनेक परिवार बेघर हो चुके हैं।
सबसे गंभीर विषय यह है कि आदिवासी समाज एवं राष्ट्रपति द्वारा पोषित बैगा जनजाति के परिवारों को उनकी पैतृक भूमि से बेदखल किया जा रहा है, जो संविधान और आदिवासी अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
कांग्रेस ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से आदिवासी समाज में भय, आक्रोश और असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
इसके साथ ही ज्ञापन में चिरमिरी क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। वहीं खोंगापानी सहित कई इलाकों में लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होने की बात कही गई।
इसके अतिरिक्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के विरुद्ध की जा रही कथित द्वेषपूर्ण एवं अन्यायपूर्ण कार्रवाइयों को लेकर भी कांग्रेस ने विरोध दर्ज कराया और कर्मचारियों में बढ़ते असंतोष की जानकारी प्रशासन को दी।
जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि इन सभी विषयों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति विश्वास बना रहे।
धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं आम जन शामिल रहे।

धान उपार्जन केंद्रों का किया गया भौतिक सत्यापन, चंदौरा व लटोरी में पाई गई कमी…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के धान उपार्जन केंद्रों में भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की गई, जिसमें अनियमितताएं पाई जाने पर राजस्व विभाग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की गई।
 गौरतलब है कि विगत दिवस धान उपार्जन केंद्र चंदौरा का भौतिक सत्यापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रतापपुर, सीसीबी नोडल अधिकारी, खाद्य निरीक्षक प्रतापपुर एवं एसडब्लूयूसी प्रतापपुर के स्टाफ की उपस्थिति में किया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान केंद्र में कुल 22 स्टेक में लगभग 1 लाख 52 हजार 607 बोरी धान भंडारित पाया गया। वहीं ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार उपलब्ध मात्रा 61,860.80 क्विंटल (1,54,652 बोरी) दर्शाई गई थी। इस प्रकार सत्यापन में 2,045 बोरी अथवा 818 क्विंटल धान की कमी पाई गई।
इसी प्रकार धान खरीदी केंद्र लटोरी का भौतिक सत्यापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सूरजपुर सहित अन्य अधिकारियों द्वारा किया गया। इस दौरान केंद्र में कुल 10,919 बोरी धान, जिसका वजन 4,367.6 क्विंटल है, कम पाया गया। धान उपार्जन केंद्रों में पाई गई इस कमी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत जांच एवं आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।

छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर भीषण बस हादसा: मृतकों की संख्या 10 हुई, इलाके में मातम…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर/लातेहार: छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर स्थित ओरसा घाट में रविवार को हुआ बस हादसा अब और भी दर्दनाक हो गया है। इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। सोमवार को बलरामपुर निवासी परसू राम सोनवानी (55) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा रविवार दोपहर झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड थाना क्षेत्र में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यात्रियों से भरी यह बस (ज्ञान गंगा हाई स्कूल की बस) छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से झारखंड के लोध फॉल की ओर जा रही थी। ओरसा घाट की ढलान और खतरनाक मोड़ पर अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए। ड्राइवर ने बस को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन बस अनियंत्रित होकर पलट गई और करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी।
मृतकों की सूची
हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों में 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं, जिनमें से अधिकांश बलरामपुर जिले के पीपरसोत और महाराजगंज के निवासी हैं:
* रेशंती देवी (35), पीपरसोत
* प्रेमा देवी (37), पीपरसोत
* सीता देवी (45), पीपरसोत
* सुखना भुइयां (40), पीपरसोत
* सोनामति देवी (45), पीपरसोत
* विजय सिंह (32), महाराजगंज (बलरामपुर)
* विकास कुमार, महाराजगंज (बलरामपुर)
* परसू राम सोनवानी (55), बलरामपुर
* रमेश मनिका
* फगुआ राम
घायलों की स्थिति
हादसे में करीब 80 लोग घायल हुए हैं। घायलों की संख्या अधिक होने के कारण महुआडांड अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
* 19 यात्रियों की हालत नाजुक बनी हुई है।
* गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुमला और रांची (RIMS) के अस्पतालों में भेजा गया है।
* कुछ घायलों का इलाज अंबिकापुर के मेडिकल कॉलेज और मिशन अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासनिक कार्रवाई और शोक
घटना की जानकारी मिलते ही बलरामपुर और लातेहार जिले का प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की गोपनीयता पर सवाल: पटवारी और तहसीलदार ने खोला पत्रकार का नाम, महिला कॉल कर कर रही बदसलूकी…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ लटोरी : प्रशासन की लापरवाही और सूचनाओं को लीक करने के रवैये ने एक पत्रकार की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। अवैध निर्माण की सूचना देना एक पत्रकार को तब भारी पड़ गया, जब जिम्मेदार अधिकारियों ने ही शिकायतकर्ता का नाम उजागर कर दिया। अब संबंधित महिला द्वारा पत्रकार को फोन कर अभद्रता की जा रही हैं।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, लटोरी तहसील क्षेत्र बाजार के लिए आरक्षित भूमि खसरा नंबर 606 में हो रहे एक अवैध निर्माण के संबंध में स्थानीय पत्रकार प्रशान्त कुमार पाण्डेय ने सजग नागरिक का धर्म निभाते हुए पटवारी संतोष भनिया और तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा को फोन कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। पत्रकार का उद्देश्य प्रशासन को जानकारी देकर नियम विरुद्ध हो रहे काम को रुकवाना था।

अधिकारियों ने तोड़ी गोपनीयता

हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई करने के बजाय, संबंधित पटवारी और तहसीलदार ने पत्रकार की पहचान गुप्त रखने के बजाय निर्माण करवा रही महिला को यह बता दिया कि इसकी शिकायत अमुक पत्रकार ने की है। प्रशासन की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के बाद उक्त महिला ने पत्रकार को फोन लगा दिया।

फोन पर बदसलूकी और धमकी

महिला पिंकी कुंडू ने पत्रकार को फोन कर न केवल बेहद अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, बल्कि खबर चलाने और शिकायत करने पर देख लेने की धमकी भी दी। पत्रकार द्वारा संयम बरतने के बावजूद महिला का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह लगातार बदसलूकी करती रही।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

इस घटना ने सरकारी कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या प्रशासन अब भू-माफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों के साथ मिलकर काम कर रहा है?

शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनाए रखना क्या अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है?

अगर पत्रकार को कुछ होता है, तो क्या इसकी जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार और पटवारी लेंगे?

इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकार जगत में भारी रोष है। पत्रकारों के संगठनों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है।

अवैध रेत खनन मामले में तहसीलदार नीलम पिस्दा पर कुछ कथित यूट्यूबरो द्वारा दबाव बनाने का आरोप…

हिंद स्वराष्ट्र विशेष रिपोर्ट बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध रेत खनन के एक मामले को लेकर पचपेड़ी तहसीलदार नीलम पिस्दा पर कुछ कथित पत्रकारों द्वारा अनावश्यक दबाव बनाने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार कुछ लोगों द्वारा यह खबरें प्रसारित की जा रही हैं कि तहसीलदार नीलम पिस्दा के संरक्षण में शिवनाथ नदी क्षेत्र में अवैध रेत खनन का कार्य चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार पचपेड़ी तहसीलदार नीलम पिस्दा एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने पूरे मामले को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि जब-जब खुद को पत्रकार बताने वाले लोगों द्वारा उन्हें फोन पर अवैध खनन की सूचना दी गई, उन्होंने हर बार तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित स्थानों पर जांच टीम भेजी। लेकिन बार-बार जांच कराने के बावजूद कहीं भी अवैध खनन होता हुआ नहीं पाया गया।

मामले में पूछताछ करने पर तहसीलदार नीलम पिस्दा ने बताया कि दो व्यक्ति, जो स्वयं को पत्रकार बताते हैं, लगातार मोबाइल के माध्यम से शिकायतें करते रहे। उनके द्वारा दी गई सूचनाओं के आधार पर कई बार जांच कराई गई, लेकिन मौके पर अवैध खनन से संबंधित कोई गतिविधि नहीं मिली। उन्होंने यह भी कहा कि इन लोगों द्वारा उन पर नाजायज और अनुचित दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि प्रशासन अवैध खनन को लेकर पूरी तरह गंभीर और सतर्क है। भविष्य में यदि कहीं भी अवैध रेत खनन का मामला सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि किसी भी अवैध गतिविधि को संरक्षण देने का प्रश्न ही नहीं उठता।

मामले को लेकर तहसीलदार नीलम पिस्दा ने कहा है कि उनके ऊपर अवैध रूप से दबाव बनाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस तरह के निराधार आरोपों के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों में बाधा डालने और अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उच्च अधिकारियों द्वारा पूरे प्रकरण पर नजर रखी जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

निजी स्कूल बस का प्राइवेट उपयोग, नियमों की अनदेखी और बड़ा हादसा, पांच की मौत कई गंभीर रूप से घायल…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : नियमों की अनदेखी से एक बड़ा हादसा आज छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर ओरसा घाटी में देखने को मिला। जहां एक स्कूल बस पलटने के पलटने से 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। इधर घटना की सूचना मिलते ही छत्तीसगढ़ और झाड़खंड पुलिस मौके पर पहुंच गई हैं और राहत और बचाव के कार्य किए जा रहे हैं। इस हादसे में 30 से ज्यादा लोगों की हालत गंभीर है। मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है।


मिली जानकारी के अनुसार बलरामपुर थाना क्षेत्र में आने वाले गांव पिपरसोत के ग्रामीण बस में सवार होकर पारिवारिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिये झारखंड जा रहे थे, इसी दौरान झारखंड के महुआडांड थाना क्षेत्र के ओरसा घाटी के पास बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के वक्त बस काफी तेज रफ्तार में थी और बेकाबू होकर 20 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 82 लोग घायल हो गए हैं। इनमें 30 से ज्यादा की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि बस का ब्रेक फेल हो गया था।

ज्ञान गंगा हाई स्कूल बलरामपुर की थी बस

दुर्घटनाग्रस्त बस ज्ञान गंगा हाई स्कूल बलरामपुर की थी और स्कूल प्रबंधन द्वारा नियमों को तांक पर रखकर स्कूली पीले बस का उपयोग ग्रामीणों को घूमने के लिए किया जा रहा था। एक राज्य से दूसरे राज्य में इस बस का उपयोग कैसे किया गया यह तो स्कूल प्रबंधन ही बता पाएगा।

‘जशपुर जनसंपर्क कांड’ में पत्रकार का ‘लीगल स्ट्राइक’ – अफसर नूतन सिदार पर कोर्ट केस दर्ज! 10 अप्रैल को देना होगा जवाब…

हिंद स्वराष्ट्र जशपुर विशेष रिपोर्ट : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में ‘अफसरशाही के अहंकार’ को करारा झटका लगा है। पत्रकार को डराने के लिए 1 करोड़ का नोटिस भेजने और बिना दोष सिद्ध हुए ‘अपराधी’ घोषित करने वाली जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक नूतन सिदार अब खुद कानूनी शिकंजे में फंस गई हैं। पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए नूतन सिदार के खिलाफ न्यायालय में परिवाद (Complaint Case) दायर कर दिया है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।

कोर्ट नंबर 3 में केस रजिस्टर्ड : अब न्यायालय करेगा फैसला – ताजा दस्तावेजों के अनुसार, पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने ‘सिविल जज जूनियर डिवीजन, घरघोड़ा’ (Civil Judge Junior Division Gharghora) के न्यायालय में नूतन सिदार के खिलाफ वाद दायर किया है।

* केस नंबर: 26/2026
* फाइलिंग तारीख: 16-01-2026
* CNR नंबर: CGRG070000322026
* केस का प्रकार: COMPLAINT CASES (परिवाद पत्र)
* याचिकाकर्ता: ऋषिकेश मिश्रा (अधिवक्ता: श्री राकेश बेहरा)
* अनावेदिका (Respondent): नूतन सिदार

10 अप्रैल को होगी सुनवाई : अफसर की बढ़ीं मुश्किलें – न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए सुनवाई की अगली तारीख 10-04-2026 निर्धारित की है।

* केस स्टेज: अपीयरेंस (Appearance)। इसका मतलब है कि मामले में कार्यवाही शुरू हो चुकी है और अब नूतन सिदार को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
* जिस अधिकारी ने पत्रकार को पुलिस थाने के माध्यम से डराने की कोशिश की थी, अब उसे उसी कानून के समक्ष जवाब देना होगा।

*फ्लैशबैक : क्यों हुआ यह ‘महामुकाबला’? -* यह कानूनी लड़ाई उस वक्त शुरू हुई जब जनसंपर्क विभाग के कर्मचारी रविन्द्रनाथ राम ने अधिकारी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया।

* सच दिखाने की सजा: जब पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने इस प्रताड़ना और विभाग में चल रहे ‘फर्जी वेतन आहरण’ (अजय सिदार के नाम पर) का खुलासा किया, तो अधिकारी बौखला गईं।
* गैर-संवैधानिक कृत्य: नूतन सिदार ने 2 सितंबर 2025 को पुलिस को दिए आवेदन में पत्रकार को बिना किसी अदालती आदेश के लिखित में ‘अपराधी’ (Criminal) कहा और उस पत्र को कलेक्टर के ग्रुप में वायरल कर दिया।
* 1 करोड़ का नोटिस: पत्रकार की आवाज दबाने के लिए उन्हें 1 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया। लेकिन पत्रकार ने डरने के बजाय अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

*PMO के बाद अब न्यायपालिका की शरण में मामला -* पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक इस मामले को पहुँचाया है।

* PMO में शिकायत (पंजीकरण संख्या: PMOPG/D/2025/0229404) पहले ही दर्ज है और प्रक्रियाधीन है।
* अब न्यायालय में केस नंबर 26/2026 दर्ज होने से यह स्पष्ट हो गया है कि पत्रकार अपने संवैधानिक अधिकारों और मानहानि के लिए अंत तक लड़ने को तैयार हैं।

*बड़ा सवाल : क्या प्रशासन अब भी साधेगा चुप्पी? -*

* एक तरफ PMO की जांच, दूसरी तरफ न्यायालय में दर्ज मुकदमा। क्या अब भी जशपुर कलेक्टर और पुलिस प्रशासन इस मामले को दबाने की कोशिश करेंगे?
* पुलिस प्रशासन ने RTI के तहत जानकारी देने में जो आनाकानी की थी, वह अब कोर्ट में उनके खिलाफ जा सकती है।

यह मामला ‘कलम बनाम सत्ता’ की सबसे बड़ी लड़ाई बन चुका है। पत्रकार ऋषिकेश मिश्रा ने कोर्ट में केस दर्ज कराकर यह संदेश दिया है कि लोकतंत्र में कोई भी अधिकारी कानून से ऊपर नहीं है। 16 जनवरी 2026 को दायर यह मुकदमा नूतन सिदार के करियर और साख पर भारी पड़ सकता है। अब सबकी निगाहें 10 अप्रैल 2026 पर टिकी हैं, जब न्यायालय में इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई होगी।

नोट : यह खबर आधिकारिक अदालती रिकॉर्ड (e-Courts Services) और प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पुष्टि की गई है।

छत्तीसगढ़ के शिमला मैनपाट में बनेगा सर्वसुविधायुक्त पर्यटन–आवासीय परिसर…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी।

सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी।

पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा।

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी।

अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।

सरगुजा पुलिस की बड़ी कामयाबी, अपहरण के चंद घंटों के भीतर युवती बरामद…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अपहरण के एक गंभीर मामले को कुछ ही घंटों में सुलझा लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल (IPS) के मार्गदर्शन में थाना गांधीनगर और मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए युवती को सुरक्षित बरामद कर 04 अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
घटना का विवरण
दिनांक 15/01/26 को गांधीनगर थाना क्षेत्र के फुन्दुरडिहारी (तुर्रापानी) से एक युवती का कार सवार बदमाशों ने जबरन अपहरण कर लिया था। मकान मालिक हीरालाल साहू की रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 30/26 दर्ज कर पुलिस ने घेराबंदी शुरू की।
कैसे हुई कार्यवाही?
* नाकेबंदी: SSP सरगुजा के निर्देश पर जिले के सभी बाहरी रास्तों और सीमावर्ती जिलों में कड़ी नाकेबंदी की गई।
* तकनीकी मदद: साइबर सेल की मदद से पता चला कि आरोपी कार (MP 13 CC 4342) लेकर कोरिया-मनेन्द्रगढ़ की ओर भाग रहे हैं।
* गिरफ्तारी: मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान कार को रोका, जिसमें युवती को सुरक्षित पाया गया। गांधीनगर पुलिस की टीम ने मौके पर पहुँचकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया।

गिरफ्तार आरोपी (सभी मध्य प्रदेश निवासी):
* रामप्रसाद तंवर (उम्र 32 वर्ष) – जिला राजगढ़, MP
* लाल चंद्र (उम्र 26 वर्ष) – जिला झालावाड़, राजस्थान/MP सीमा
* कमलेश तंवर (उम्र 19 वर्ष) – जिला राजगढ़, MP
* भवंर लाल (उम्र 22 वर्ष) – जिला राजगढ़, MP


अपहरण का कारण
मुख्य आरोपी रामप्रसाद तंवर शादीशुदा है। वह युवती पर शादी का दबाव बना रहा था। युवती को जब उसके शादीशुदा होने का पता चला, तो उसने इनकार कर दिया। इसी रंजिश में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की साजिश रची।

जप्ती:
* घटना में प्रयुक्त स्वीफ्ट डिजायर कार (MP 13 CC 4342)
* 04 नग मोबाइल फोन


पुलिस टीम की सराहना:

इस त्वरित कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी समेत मनेन्द्रगढ़ पुलिस और साइबर सेल की टीम की अहम भूमिका रही।

प्राथमिक शाला चनवरी डांड में पढ़ाई के साथ योग व संस्कृत प्रैक्टिकल पर विशेष जोर…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह : ग्राम पंचायत चरमरी डांड स्थित प्राथमिक शाला में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि योग, संस्कृत एवं प्रैक्टिकल शिक्षा भी दी जा रही है। इस अभिनव पहल से बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य और संस्कारों के प्रति रुचि विकसित हो रही है।
विद्यालय में नियमित रूप से योग अभ्यास कराया जाता है, जिससे बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास हो रहा है। वहीं संस्कृत प्रैक्टिकल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और भाषा की गहरी समझ मिल रही है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे पढ़ाई के प्रति अधिक उत्साहित नजर आ रहे हैं।


विद्यालय के प्लेटफॉर्म/शिक्षकों से बातचीत में बताया गया कि
“शिक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। हमारा प्रयास है कि बच्चों को अच्छी और संस्कारयुक्त शिक्षा मिले, जिससे वे भविष्य में हर क्षेत्र—पढ़ाई, खेल, चिकित्सा और युवावस्था—में आगे बढ़ सकें।”
इस तरह प्राथमिक शाला चनंबरी डांड शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, जहाँ आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय परंपरा और संस्कृत का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है।

तहसीलदार लटोरी कारनामा 7 : पेशी की तारीख 21 जनवरी, लेकिन 9 को ही जारी हो गया अंतिम आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : सूरजपुर जिले के लटोरी तहसील कार्यालय में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। आरोप है कि नायब तहसीलदार न्यायालय में चल रहे एक नामांतरण मामले में, अगली सुनवाई की तारीख आने से पहले ही नियमों को ताक पर रखकर चोरी-छिपे अंतिम आदेश पारित कर दिया गया। पीड़ितों ने इसे “सोची-समझी साजिश और धोखाधड़ी” करार देते हुए लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा, नायब तहसीलदार शैलेन्द्र दिवाकर, पटवारी संतोष भनिया और रितेश नागवंशी के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।


सुनवाई के बीच ‘गुप्त’ आदेश का खेल
शिकायतकर्ता गणेश राम और उमेश कुमार के अनुसार, राजस्व प्रकरण क्रमांक 202512263100005/ब-121/2025-26 में सुनवाई चल रही थी।
1. 7 जनवरी 2026 को विपक्षी दल (अनावेदक) ने ‘आदेश 7 नियम 11 CPC’ के तहत एक आपत्ति दर्ज की थी।
2. कोर्ट ने आवेदकों को इस आपत्ति का जवाब देने के लिए 21 जनवरी 2026 की अगली तारीख मुकर्रर की थी।
3. चौंकाने वाली बात यह है कि 21 जनवरी आने से पहले ही, 9 जनवरी 2026 की बैक-डेट में अंतिम आदेश पारित कर दिया गया।
4.  आवेदकों को इसकी भनक तब लगी जब उन्होंने 13 जनवरी को प्रमाणित प्रतिलिपि निकाली, जिसमें उन्हें इस “गुपचुप” फैसले की जानकारी हुई।


क्षेत्राधिकार के उल्लंघन का बड़ा आरोप
शिकायत पत्र में तहसील कार्यालय के भीतर चल रहे क्षेत्राधिकार के विवाद को भी उजागर किया गया है। आवेदकों का दावा है कि:
1. ग्राम-लटोरी की भूमि से जुड़े मामलों की सुनवाई का कानूनी अधिकार तहसीलदार लटोरी सुरेंद्र पैंकरा के पास है।
2. ग्राम-द्वारिकानगर के मामलों के लिए नायब तहसीलदार लटोरी शैलेन्द्र दिवाकर अधिकृत हैं।
3. आरोप है कि लटोरी की जमीन के लिए कोई आवेदन ही नहीं दिया गया था, फिर भी तहसीलदार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हल्का पटवारियों को नाम दर्ज करने का “ज्ञापन” जारी कर दिया।
4. हल्का पटवारी संतोष भनिया और रितेश नागवंशी (उत्तरदाता क्रमांक 3 व 4) पर भी बिना किसी वैध आदेश के, आपसी सांठ-गांठ कर राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने के आरोप लगे हैं।


भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग
आवेदकों ने इस पूरे प्रकरण को एक गंभीर आपराधिक कृत्य बताया है। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की निम्नलिखित धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की है:
धारा 257: इसके तहत न्यायिक कार्यवाही में किसी लोक सेवक द्वारा जानबूझकर कानून के विपरीत भ्रष्ट आदेश पारित करना दंडनीय अपराध है।
धारा 318: यह धारा धोखाधड़ी और संपत्ति के हस्तांतरण के लिए छल करने से संबंधित है।


कलेक्टर और एसपी, आईजी तक पहुँचा मामला
पीड़ित पक्ष ने 14 जनवरी 2026 को कलेक्टर सूरजपुर, पुलिस अधीक्षक सूरजपुर और पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज से मामले की शिकायत की है। उन्होंने मांग की है कि तहसील न्यायालय से मूल फाइल तत्काल जब्त की जाए और दोषी राजस्व अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच शुरू की जाए।

झगराखाण्ड में हुआ वार्डों का महासंग्राम, वार्ड क्रमांक 11 ने जीता क्रिकेट प्रतियोगिता का खिताब,स्वास्थ्य मंत्री ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/मनेंद्रगढ़ किशन शाह: झगराखाण्ड नवयुवक समिति के तत्वावधान में  झगराखाण्ड नगर में “वार्डों का महासंग्राम” अंतर्गत भव्य क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नगर के विभिन्न वार्डों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए खेल प्रतिभा और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया।
इस क्रिकेट प्रतियोगिता में नगर के 15 वार्डों की टीमों के साथ प्रेसिडेंट इलेवन की टीम ने भी हिस्सा लिया। इस प्रकार कुल 16 टीमों के बीच मुकाबले खेले गए। प्रारंभिक मुकाबलों से लेकर सेमीफाइनल और फाइनल तक दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला वार्ड क्रमांक 2 और वार्ड क्रमांक 11 के मध्य खेला गया। दोनों टीमों के बीच रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबला हुआ, जिसमें बेहतरीन रणनीति और सामूहिक प्रदर्शन के दम पर वार्ड क्रमांक 11 ने जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। मैच के दौरान खेल मैदान तालियों और नारों से गूंजता रहा।
फाइनल मुकाबले के पश्चात आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता एवं उपविजेता टीमों के साथ-साथ सांत्वना पुरस्कार प्राप्त करने वाली टीमों को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे खेल आयोजनों से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिलता है। खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम है, बल्कि इससे अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक सोच का भी विकास होता है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए झगराखाण्ड नवयुवक समिति की सराहना की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि झगराखाण्ड के सर्वांगीण विकास के लिए वे सदैव तत्पर हैं तथा युवाओं को खेल, शिक्षा और रोजगार से जोड़ने हेतु राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी, जनप्रतिनिधि एवं नगरवासी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में खेल भावना और उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। अंत में आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों, खिलाड़ियों एवं दर्शकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर नवयुवक समिति से अजय सिंह, विनोद थापा, अमन श्रीवास, दीपू दीवान, दीपक सिंह, मान सिंह, अभिषेक सिंह, जीत परेवा, अंकित, अम्बर एवं अर्जुन देवांगन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

गुड चढ़या नदी के लेदरी क्षेत्र में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन, खनिज विभाग की आंखों में धूल या संरक्षण में फल-फूल रहा रेत माफिया?

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन शाह : जिले की प्रमुख नदियों में शामिल गुड चढ़या नदी एक बार फिर अवैध रेत खनन को लेकर सुर्खियों में है। लेदरी क्षेत्र में खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल खनिज विभाग की आंखों के सामने चल रहा है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है रेत माफिया द्वारा दिन-रात नदी से भारी मात्रा में रेत निकाली जा रही है। बिना किसी वैध अनुमति, पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करते हुए जेसीबी और ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत का परिवहन किया जा रहा है। इससे न केवल शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी के अस्तित्व और पर्यावरण पर भी गहरा संकट मंडरा रहा है।
यह संदेह और गहराता जा रहा है कि कहीं यह सब विभागीय संरक्षण में तो नहीं हो रहा। यदि ऐसा नहीं है तो फिर सवाल उठता है कि अब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं किया गया।
अवैध रेत खनन से नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है, जलस्तर गिर रहा है और भविष्य में बाढ़ व भू-धंसाव जैसी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका बढ़ गई है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी आमजन के बीच आक्रोश का कारण बन रही है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और खनिज विभाग इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने के लिए कब तक ठोस कदम उठाए जाते हैं, या फिर रेत माफिया यूं ही नियम-कानून को ठेंगा दिखाता रहेगा।

जब तक भारत में एक भी दुखी रहेगा, तब तक मुझे मुक्ति नहीं चाहिए” — स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का आह्वान…

हिंद स्वराष्ट्र चिरमिरी एमसीबी किशन शाह : कोरिया कॉलरी, चिरमिरी में स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह श्रद्धा, उत्साह और प्रेरणादायी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री व  स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल  अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में स्वामी विवेकानंद के विचार — “मुझे केवल मुक्ति चाहिए, ऐसा विचार करना भी स्वार्थ है, जब तक भारत में एक भी दुखी रहेगा, तब तक मुझे मुक्ति नहीं चाहिए” — को केंद्र में रखकर समाज सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण पर विस्तृत चर्चा की गई।
स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और दर्शन आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि विवेकानंद जी ने आत्मकल्याण से पहले समाज और राष्ट्र के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। आज आवश्यकता है कि युवा उनके विचारों को आत्मसात कर शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक समरसता और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अपने दौरे के दौरान स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कोरिया कॉलरी स्थित एसईसीएल के जर्जर अस्पताल भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उक्त जर्जर अस्पताल भवन को हायर कर लिया है तथा उसके मेंटेनेंस हेतु जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से 15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जल्द ही यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रारंभ किया जाएगा, जिससे कोरिया कॉलरी वासियों को उपचार के लिए चिरमिरी एवं बैकुंठपुर जिला अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा, जो यहां से काफी दूर है। इस पहल से स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया तथा भोग-प्रसाद ग्रहण किया गया। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का दर्शन केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, मानव सेवा और राष्ट्र जागरण से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने युवाओं से नशामुक्त, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
समारोह में नगर निगम के मेयर राम नरेश राय, मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा वर्ग एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण और मानव सेवा के संकल्प के साथ किया गया।

नशीली दवाओं की बिक्री करते नाबालिग गिरफ्तार, 60 हजार रुपये के इंजेक्शन जब्त…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़/ एमसीबी किशन शाह : जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मनेंद्रगढ़ पुलिस ने नशीले इंजेक्शन की बिक्री करने वाले एक विधि से संघर्षरत नाबालिग को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 60 हजार रुपये मूल्य के नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज  दीपक झा (आईपीएस) एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है।
दिनांक 12 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति खोंगापानी से नशीले इंजेक्शन लेकर मनेंद्रगढ़ शहर में बिक्री की फिराक में आ रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया एवं उनके निर्देश पर एसडीओपी मनेंद्रगढ़  अलेक्सियुस टोप्पो के मार्गदर्शन में साइबर सेल मनेंद्रगढ़ एवं सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ की संयुक्त टीम ने मौहारपारा रेलवे ब्रिज के पास घेराबंदी की।
एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए एक नाबालिग को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से
19 नग एविल इंजेक्शन (प्रत्येक 10 एमएल)
46 नग ब्यूप्रेनॉर्फीन इंजेक्शन (प्रत्येक 0.5 एमएल)
बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 60,000 रुपये आंकी गई है।
नशीले इंजेक्शन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर आलोक मिंज को बुलाया गया, जिन्होंने जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) का उल्लंघन होना बताया। इसके बाद विधि से संघर्षरत किशोर को विधिवत गिरफ्तार कर किशोर न्यायालय बोर्ड, बैकुंठपुर में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व (08 जनवरी 2026) को भी मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले फरार आरोपी शुभम यादव को हैदराबाद से गिरफ्तार कर चिरमिरी एवं मनेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा दो प्रकरणों में जेल भेजा गया था। इससे स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा नशे के कारोबार पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि पहले वह स्वयं नशे के लिए चोरी-छिपे इंजेक्शन का सेवन करता था, बाद में पैसों के लालच में नशीले इंजेक्शन की बिक्री करने लगा।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने किशोर बच्चों पर विशेष नजर रखें, ताकि वे नशे के जाल में न फँसें। यदि कहीं भी नशीले इंजेक्शन या अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस संपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक विवेक पाटले, थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़ निरीक्षक दीपेश सैनी, हेड कांस्टेबल प्रिंस राय, हेड कांस्टेबल नवीन तिवारी, आरक्षक दीप तिवारी (साइबर सेल), आरक्षक मोहम्मद आज़ाद एवं ज्ञानू रजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जिला पंचायत सामान्य सभा में घोटालों ने मचाया बवाल, स्ट्रीट लाईट से लेकर टैंकर और GYM के सामान खरीदी तक सवालों के घेरे में…

हिंद स्वराष्ट्र बेमेतरा विशेष रिपोर्ट : जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में इस बार विकास कार्यों से अधिक भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों पर चर्चा केंद्रित रही। बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने नगर पंचायतों और शिक्षा संस्थानों में हुई करोड़ों रुपये की खरीदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजनाएं जनता के लिए नहीं, बल्कि कमीशनखोरी का माध्यम बन गई हैं।

सामान्य सभा में विशेष रूप से स्ट्रीट लाईट, पानी टैंकर, टैंकर क्रय और GYM सामग्री खरीदी से जुड़े मामलों पर तीखी बहस देखने को मिली। सदस्यों ने एक के बाद एक घोटालों का मुद्दा उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

स्ट्रीट लाईट घोटाला

बैठक में बताया गया कि नगर पंचायत मारो, पड़पोड़ी और जनपद क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट के नाम पर भारी अनियमितताएं हुई हैं। आरोप है कि

• घटिया गुणवत्ता की लाईट लगाई गई
• तय मानकों की अनदेखी की गई
• बाजार दर से कहीं अधिक कीमत पर खरीदी की गई

सदस्यों ने सवाल उठाया कि जिन वार्डों में लाईट लगी ही नहीं, वहां भुगतान कैसे कर दिया गया।

नवागढ़ और साजा में टैंकर क्रय घोटाला

नवागढ़ और साजा में टैंकर खरीदी को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। सदस्यों ने कहा कि
• जरूरत से अधिक कीमत पर टैंकर खरीदे गए
• खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई
• टैंकरों की तकनीकी गुणवत्ता संदेह के घेरे में है

यह भी आरोप लगा कि कई टैंकर या तो उपयोग में नहीं हैं या फिर कागजों में ही चल रहे हैं। जबकि पूर्व में पन्द्रहवें वित्त की राशि से खरीदी की गई थी बौजुद उसके खरीदी की आवश्यकता क्यों पड़ी। ठेकेदार के चुनाव भी अपने खास को चुना गया।


स्वामी आत्मानंद स्कूल में GYM सामग्री क्रय पर सवाल

सामान्य सभा में स्वामी आत्मानंद विद्यालय में GYM सामग्री खरीदी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। आरोप है कि
• जरूरत से ज्यादा कीमत पर GYM सामग्री खरीदी गई
• सामग्री की गुणवत्ता बेहद घटिया है
• कई उपकरण उपयोग लायक नहीं हैं

सदस्यों ने कहा कि शिक्षा के नाम पर दिखावटी सुविधाओं में भारी भ्रष्टाचार किया गया।

नगर पंचायत परपोड़ी में LED लाईट घोटाला

नगर पंचायत परपोड़ी में LED लाईट खरीदी और स्थापना को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। कहा गया कि
• कम गुणवत्ता की LED लाईट लगाई गई
• वारंटी और मेंटेनेंस की शर्तों का पालन नहीं हुआ
• भुगतान पहले और काम बाद में किया गया

जनप्रतिनिधियों का आरोप – योजनाएं बनीं ‘कमाई की मशीन’

सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि चाहे स्ट्रीट लाईट हो, टैंकर हो या GYM सामग्री—हर योजना में एक ही पैटर्न दिखाई दे रहा है: महंगी खरीदी, घटिया सामान और कागजी काम।
यह स्थिति प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

नए कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ उक्त घोटाले से अनभिज्ञ

सदस्यों ने इस जवाब को असंतोषजनक बताते हुए स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग रखी। सूत्र बताते हैं कि यह DMF राशि से खरीदी का मामला ADM रहते हुए SDM पद पर काबिज प्रकाश भारद्वाज व पूर्व जिला पंचायत CEO टेकचंद अग्रवाल के कार्यकाल में घोटाले हुए हैं।

जांच की मांग तेज

बैठक के अंत में यह स्पष्ट हो गया कि खरीदी से जुड़े मामलों पर जल्द ही जांच का दबाव बढ़ने वाला है। यदि आरोप सही पाए गए, तो आने वाले दिनों में कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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