हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ लटोरी : प्रशासन की लापरवाही और सूचनाओं को लीक करने के रवैये ने एक पत्रकार की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। अवैध निर्माण की सूचना देना एक पत्रकार को तब भारी पड़ गया, जब जिम्मेदार अधिकारियों ने ही शिकायतकर्ता का नाम उजागर कर दिया। अब संबंधित महिला द्वारा पत्रकार को फोन कर अभद्रता की जा रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, लटोरी तहसील क्षेत्र बाजार के लिए आरक्षित भूमि खसरा नंबर 606 में हो रहे एक अवैध निर्माण के संबंध में स्थानीय पत्रकार प्रशान्त कुमार पाण्डेय ने सजग नागरिक का धर्म निभाते हुए पटवारी संतोष भनिया और तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा को फोन कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। पत्रकार का उद्देश्य प्रशासन को जानकारी देकर नियम विरुद्ध हो रहे काम को रुकवाना था।
अधिकारियों ने तोड़ी गोपनीयता
हैरानी की बात यह है कि कार्रवाई करने के बजाय, संबंधित पटवारी और तहसीलदार ने पत्रकार की पहचान गुप्त रखने के बजाय निर्माण करवा रही महिला को यह बता दिया कि इसकी शिकायत अमुक पत्रकार ने की है। प्रशासन की इस गैर-जिम्मेदाराना हरकत के बाद उक्त महिला ने पत्रकार को फोन लगा दिया।
फोन पर बदसलूकी और धमकी
महिला पिंकी कुंडू ने पत्रकार को फोन कर न केवल बेहद अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, बल्कि खबर चलाने और शिकायत करने पर देख लेने की धमकी भी दी। पत्रकार द्वारा संयम बरतने के बावजूद महिला का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वह लगातार बदसलूकी करती रही।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल
इस घटना ने सरकारी कार्यप्रणाली पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या प्रशासन अब भू-माफियाओं और अवैध निर्माण करने वालों के साथ मिलकर काम कर रहा है?
शिकायतकर्ता की गोपनीयता बनाए रखना क्या अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है?
अगर पत्रकार को कुछ होता है, तो क्या इसकी जिम्मेदारी संबंधित तहसीलदार और पटवारी लेंगे?
इस घटना के बाद स्थानीय पत्रकार जगत में भारी रोष है। पत्रकारों के संगठनों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है।

