हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़/ एमसीबी किशन शाह : जिले में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर पुलिस द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में मनेंद्रगढ़ पुलिस ने नशीले इंजेक्शन की बिक्री करने वाले एक विधि से संघर्षरत नाबालिग को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 60 हजार रुपये मूल्य के नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा (आईपीएस) एवं पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है।
दिनांक 12 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति खोंगापानी से नशीले इंजेक्शन लेकर मनेंद्रगढ़ शहर में बिक्री की फिराक में आ रहा है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया गया एवं उनके निर्देश पर एसडीओपी मनेंद्रगढ़ अलेक्सियुस टोप्पो के मार्गदर्शन में साइबर सेल मनेंद्रगढ़ एवं सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ की संयुक्त टीम ने मौहारपारा रेलवे ब्रिज के पास घेराबंदी की।
एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का पालन करते हुए एक नाबालिग को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से
19 नग एविल इंजेक्शन (प्रत्येक 10 एमएल)
46 नग ब्यूप्रेनॉर्फीन इंजेक्शन (प्रत्येक 0.5 एमएल)
बरामद किए गए। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 60,000 रुपये आंकी गई है।
नशीले इंजेक्शन के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर आलोक मिंज को बुलाया गया, जिन्होंने जांच उपरांत अपनी रिपोर्ट में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) का उल्लंघन होना बताया। इसके बाद विधि से संघर्षरत किशोर को विधिवत गिरफ्तार कर किशोर न्यायालय बोर्ड, बैकुंठपुर में न्यायिक रिमांड पर प्रस्तुत किया गया।
उल्लेखनीय है कि तीन दिन पूर्व (08 जनवरी 2026) को भी मनेंद्रगढ़ क्षेत्र में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाले फरार आरोपी शुभम यादव को हैदराबाद से गिरफ्तार कर चिरमिरी एवं मनेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा दो प्रकरणों में जेल भेजा गया था। इससे स्पष्ट है कि पुलिस द्वारा नशे के कारोबार पर लगातार कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में नाबालिग ने स्वीकार किया कि पहले वह स्वयं नशे के लिए चोरी-छिपे इंजेक्शन का सेवन करता था, बाद में पैसों के लालच में नशीले इंजेक्शन की बिक्री करने लगा।
पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने किशोर बच्चों पर विशेष नजर रखें, ताकि वे नशे के जाल में न फँसें। यदि कहीं भी नशीले इंजेक्शन या अवैध मादक पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस संपूर्ण कार्रवाई में प्रभारी साइबर सेल निरीक्षक विवेक पाटले, थाना प्रभारी मनेंद्रगढ़ निरीक्षक दीपेश सैनी, हेड कांस्टेबल प्रिंस राय, हेड कांस्टेबल नवीन तिवारी, आरक्षक दीप तिवारी (साइबर सेल), आरक्षक मोहम्मद आज़ाद एवं ज्ञानू रजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

