हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर। सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर के एक नामी निजी स्कूल ‘बिरला ओपन माइंड’ (Birla Open Minds International School) से शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक की गरिमा को तार-तार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां की एक शिक्षिका पर आरोप लगा है कि उन्होंने दो छात्रों के बीच हुई आपसी कहासुनी के बाद दंड स्वरूप एक छात्र की कॉपी में मां से जुड़ी अश्लील गालियां कई पन्नों तक (करीब 100 बार) लिखवाईं। घटना का खुलासा होने के बाद अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश है और वे शिक्षिका व स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दो छात्रों के विवाद में शिक्षिका ने पार की हदें
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल में पढ़ाई के दौरान दो छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। मामले को सुलझाने और अनुशासन बनाने के बजाय शिक्षिका ने एक मासूम छात्र को ऐसा अजीबोगरीब और शर्मनाक दंड दिया, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। शिक्षिका ने छात्र को सजा के तौर पर कॉपी में 100 बार अत्यंत अभद्र और अश्लील गालियां लिखने को मजबूर किया।
जब छात्र घर पहुंचा और परिजनों ने उसकी कॉपी देखी, तो उनके होश उड़ गए। इस कृत्य से व्यथित होकर परिजनों ने तुरंत मामले की शिकायत शिक्षा विभाग और प्रशासन से की।
DEO ने कहा “निहायत ही गलत और बर्दाश्त से बाहर, होगी सख्त कार्रवाई”
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दिनेश कुमार झा ने तत्काल संज्ञान लिया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
डीईओ दिनेश कुमार झा ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
“यह विषय मेरे संज्ञान में आया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मैंने सहायक संचालक को स्कूल भेजा है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया यह कृत्य निहायत ही गलत और निंदनीय है। बच्चों को ऐसे संस्कार कभी नहीं दिए जा सकते। स्कूलों में इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
अभिभावकों में भारी आक्रोश
इस घटना के बाद से ही अन्य अभिभावकों में भी स्कूल प्रबंधन के रवैये को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जहां बच्चों को नैतिकता और अच्छे संस्कार सीखने के लिए स्कूल भेजा जाता है, वहां यदि शिक्षक ही इस तरह की अभद्रता सिखाएंगे, तो बच्चों के भविष्य और मानसिक स्थिति पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। फिलहाल सभी की नजरें शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
शिक्षा व्यवस्था शर्मसार: अंबिकापुर के नामी बिरला ओपन माइंड स्कूल में छात्र से कॉपी में 100 बार लिखवाई गई अश्लील गाली, DEO ने दिए जांच के आदेश…
उफनते नाले के तेज बहाव में फंसी पुलिस अधिकारियों की बोलेरो, पेड़ पर चढ़कर चालक ने बचाई जान
हिंद स्वराष्ट्र नारायणपुर। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बेकाबू और चुनौतीपूर्ण होते जा रहे हैं। नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी बीच बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले से एक सांसें थमा देने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस अधिकारियों को लेकर जा रही एक सरकारी बोलेरो जीप उफनते नाले के तेज बहाव में फंस गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दोनों अधिकारियों और चालक को सुरक्षित बचा लिया गया।
तेज बहाव में बंद हुई जीप, चालक ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान
मिली जानकारी के मुताबिक घटना बुधवार की है। भारी बारिश के बीच पुलिस विभाग के दो अधिकारी और चालक सरकारी बोलेरो जीप में सवार होकर रवाना हुए थे। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण नारायणपुर का ब्रेहबेड़ा नाला पूरे उफान पर था।
मार्ग पार करने के दौरान उफनते नाले के तेज बहाव के बीच जीप अचानक फंस गई। पानी का स्तर और बहाव इतना तेज था कि वाहन बंद हो गया। संकट की इस घड़ी में चालक ने हिम्मत दिखाते हुए किसी तरह गाड़ी से बाहर छलांग लगाई और पास ही स्थित एक पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। वहीं गाड़ी में सवार दोनों अधिकारी अंदर ही फंसे रहे।
पुलिस और प्रशासन का चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। नाले के रौद्र रूप और तेज धारा के कारण बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा हो गया था। हालांकि, रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत और सूझबूझ का परिचय देते हुए जीप में फंसे दोनों अधिकारियों और पेड़ पर शरण लिए चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
प्रशासन की अपील उफनते नदी-नालों को पार करने का जोखिम न लें
सूत्रों के अनुसार, पूरी घटना के दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस घटना ने एक बार फिर बारिश के दिनों में जलमग्न पुल-पुलियों को पार करने के बड़े खतरे को उजागर किया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। बस्तर और नारायणपुर सहित कई जिलों में संपर्क मार्ग बाधित हैं और निचले इलाकों में जलभराव है। प्रशासन ने आम जनता से सख्त अपील की है कि उफान पर बह रहे नदी-नालों और रपटों (पुलियों) को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। यात्रा के दौरान सुरक्षित और वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें। किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन व आपदा प्रबंधन टीम से संपर्क करें।
सोशल मीडिया पर राजनीतिक पोस्ट शेयर करना पड़ा भारी: बलरामपुर में पटवारी सम्प्रीत एक्का निलंबित…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में सोशल मीडिया पर राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी पोस्ट शेयर करना एक राजस्व पटवारी को भारी पड़ गया है। सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM) बलरामपुर ने पटवारी सम्प्रीत एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?
कार्यालयीन आदेश के अनुसार, तहसील डौरा-कोचली के हल्का पटवारी (प.ह.नं. 13) सम्प्रीत एक्का ने 25 जुलाई 2026 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट (व्हाट्सएप) पर “शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेन्द्र प्रधान ने दिया इस्तीफा” संबंधी राजनीतिक पोस्ट/समर्थन उन्मुख सामग्री का प्रचार-प्रसार किया था।
इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद एसडीएम कार्यालय (क्रमांक/2910/वाचक-2/अविअ/2026) द्वारा 26 जुलाई 2026 को पटवारी को कारण बताओ सूचना पत्र (Show Cause Notice) जारी कर जवाब मांगा गया था।
जवाब असंतोषजनक मिलने पर कार्रवाई
पटवारी सम्प्रीत एक्का ने 28 जुलाई 2026 को प्रस्तुत होकर अपना जवाब दिया, लेकिन एसडीएम कार्यालय द्वारा उनके जवाब का अवलोकन करने पर उसे समाधानकारक नहीं पाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, पटवारी का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 5, 6 एवं 9 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बलरामपुर ने निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
बलरामपुर तहसील कार्यालय रहेगा मुख्यालय
पटवारी सम्प्रीत एक्का को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय-बलरामपुर निर्धारित किया गया है। नियमानुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
सूरजपुर में बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क के साथ 3 अंतरराज्जीय तस्कर गिरफ्तार, WCCB और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर। वन्यजीवों की तस्करी के खिलाफ वन विभाग और वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) की टीम को बड़ी सफलता मिली है। सूरजपुर जिले में घेराबंदी कर बाघ की खाल और दुर्लभ जीव पैंगोलिन के शल्क (Scales) के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
WCCB भोपाल की सूचना पर बनी संयुक्त टीम
सूरजपुर डीएफओ डीपी साहू ने बताया कि 27 जुलाई को वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो सेंट्रल रीजन भोपाल (WCCB CRB) से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बाघ की खाल और अन्य वन्य प्राणियों के अंगों की तस्करी होने वाली है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ के निर्देशन में वनकर्मियों—रमेश सिंह, मनोज जायसवाल, महेंद्र प्रसाद, सत्यप्रकाश, राजाराम, अजय राजवाड़े—तथा WCCB भोपाल की दो संयुक्त टीमों का गठन किया गया। एक टीम को सूरजपुर और दूसरी टीम को कुदरगढ़ क्षेत्र की ओर रवाना किया गया।
बैजनाथपुर के पास घेराबंदी कर दबोचा
संयुक्त टीम ने ओड़गी-भैयाथान मार्ग पर ग्राम बैजनाथपुर के पास संदिग्धों की तलाश में घेराबंदी की। इसी दौरान मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 15 DN 7494) पर सवार होकर आ रहे तीन लोगों को हुलिए के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद हुए। टीम ने तुरंत जब्ती बनाते हुए तीनों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ 28 जुलाई को वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर 29 जुलाई (बुधवार) को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी निम्न हैं:
- टिकेश्वर प्रसाद राजवाड़े (38 वर्ष) – निवासी ग्राम धरसीवां नवापारा, थाना ओड़गी (सूरजपुर)
- भूखन लाल पंडो (56 वर्ष) – निवासी आमापानी (ग्राम भंवरखोह), सूरजपुर
- गरीबलाल (58 वर्ष) – निवासी आमापानी (ग्राम भंवरखोह), सूरजपुर
अन्य नेटवर्क की तलाश जारी
डीएफओ डीपी साहू के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई में वन विभाग अंबिकापुर और वन परिक्षेत्र कुदरगढ़ की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर इस गिरोह में कुछ अन्य आरोपियों के शामिल होने की आशंका है। वन विभाग और पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि वन्यजीव तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
बड़ी खबर: NEET विवाद के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा…
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली: देश भर में NEET-UG परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर चल रहे भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की प्रति साझा करते हुए इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
इस्तीफे का मुख्य कारण और पृष्ठभूमि
छात्रों का आंदोलन : NEET-UG परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा लगातार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
सीबीआई जांच व परीक्षा बदलाव: सरकार ने पहले ही मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी, पुन: परीक्षा आयोजित की थी और आगामी वर्षों से NEET परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का निर्णय लिया था।
राजनीतिक घमासान: जंतर-मंतर और राज्यों में बढ़ते जनाक्रोश तथा विरोध-प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने की आशंका के चलते उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने का फैसला किया।
पत्र की मुख्य बातें
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री मोदी को भेजे अपने पत्र में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कही हैं:
“पिछले चार दशक से अधिक समय से मैं छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूँ। यह मेरे व्यक्तिगत सम्मान का विषय नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। मैं नहीं चाहता कि हमारे बच्चों का समय कानूनी पेचीदगियों और राजनीतिक टकरावों में उलझे। देश की एकता बनी रहे और युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहे, इसी भावना के साथ मैंने अपना इस्तीफा सौंपा है।”
जवाबदेही स्वीकार की: उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा में गड़बड़ी सामने आने के पहले दिन से ही उन्होंने स्थिति की जिम्मेदारी ली और किसी मेधावी छात्र का नुकसान न हो, इसके लिए कदम उठाए।
राष्ट्र-विरोधी तत्वों से बचाव: उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन की स्थिति का कोई असामाजिक या राष्ट्र-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके, इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया।
आगे क्या?
शिक्षा मंत्रालय का प्रभार अब किसे सौंपा जाएगा, इस पर केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है। वहीं, सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए संसद में और कड़े कानून पेश करने की तैयारी में है।
अंबिकापुर: 9वीं के छात्र की पत्थर से कुचलकर नृशंस हत्या, टिहरी के जंगल में मिली लाश…
हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर (उदयपुर): उदयपुर थाना क्षेत्र के टिहरी जंगल में 9वीं कक्षा के छात्र की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। बेखौफ अपराधियों ने छात्र का चेहरा भारी पत्थर से कुचल दिया और उसके पैरों पर भी गंभीर चोट के निशान मिले हैं। मृतक छात्र गुरुवार शाम से लापता था।
घर से खेलने निकला था छात्र
जानकारी के अनुसार, ग्राम सलका निवासी 15 वर्षीय वीरेंद्र कंवर सलका हाईस्कूल में कक्षा 9वीं का छात्र था। गुरुवार शाम वह घर से खेलने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, पर उसका कोई सुराग नहीं मिला।
योग करने पहुंचे लोगों ने देखा शव
शुक्रवार सुबह जब स्थानीय लोग टिहरी जंगल की ओर योग करने पहुंचे, तो उन्होंने खून से लथपथ शव देखकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस हत्या के कारणों और अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
शासकीय राशि के गबन के मामले में दो पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी अम्बिकापुर द्वारा ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त शासकीय राशि के दुरुपयोग एवं शासकीय राशि जमा नहीं करने के प्रकरण में दो पूर्व सरपंचों के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। न्यायालय के आदेशानुसार संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत लब्जी के तत्कालीन सरपंच जोगेन्द्र लाल भगत द्वारा विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त 8 लाख 29 हजार रुपये की राशि का अनाधिकृत रूप से आहरण कर लिया गया, जबकि निर्माण कार्य नहीं कराया गया। न्यायालय के अनुसार उक्त राशि को स्वयं रखकर शासकीय राशि का दुरुपयोग एवं गबन किया गया। प्रकरण विचाराधीन होने तथा कई अवसर दिए जाने के बावजूद संबंधित द्वारा बकाया राशि जमा नहीं की गई। इस पर न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए संबंधित को गिरफ्तार कर 24 जुलाई 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत करने तथा न्यायालय के अगले आदेश तक अभिरक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत थोर के तत्कालीन सरपंच परमोहन सिंह के विरुद्ध भी निर्माण कार्यों के लिए प्राप्त 90 हजार 296 रुपये की राशि के दुरुपयोग एवं गबन के मामले में न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित द्वारा शासकीय राशि का समायोजन अथवा वापसी नहीं की गई, जिसके कारण प्रकरण न्यायालय में लंबित है। न्यायालय ने संबंधित को गिरफ्तार कर 24 जुलाई 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
न्यायालय ने दोनों मामलों में स्पष्ट किया है कि शासकीय राशि के दुरुपयोग एवं गबन से जुड़े प्रकरणों में विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा संबंधित थाना प्रभारियों को गिरफ्तारी वारंट का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूरजपुर में भू-अधिग्रहण के दौरान भड़की हिंसा: ग्रामीणों के हमले में DSP समेत 24 से अधिक पुलिसकर्मी घायल…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के धरमपुर गांव में शुक्रवार सुबह साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की नई खदान के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई के दौरान माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। अधिग्रहण की प्रक्रिया का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प हो गई, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया।
अचानक हुए हमले से मची अफरा-तफरी
मिली जानकारी के अनुसार, प्रशासन की टीम शुक्रवार सुबह अधिग्रहित भूमि पर कब्जा लेने के लिए भारी पुलिस बल के साथ पहुंची थी। पुलिस की मौजूदगी देखकर लंबे समय से भू-अधिग्रहण का विरोध कर रहे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते प्रदर्शन उग्र हो गया और ग्रामीणों ने पुलिस दल पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से मौके पर भगदड़ और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

DSP और महिला पुलिसकर्मियों सहित 24 से ज्यादा घायल
ग्रामीणों के इस हमले और मची भगदड़ में डीएसपी राजेश जोशी सहित 24 से अधिक पुलिस अधिकारी व जवान घायल हो गए हैं। घायलों में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कई जवानों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कई जान बचाने के दौरान गिरकर चोटिल हो गए। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

SECL खदान और सर्वे को लेकर था विवाद
बताया जा रहा है कि SECL की नई खदान के सर्वे और भूमि अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों में काफी समय से नाराजगी थी। कुछ दिनों पहले भी इस सर्वे को लेकर SECL कर्मियों और ग्रामीणों के बीच बहस व विवाद हुआ था।
ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से इस भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन ने उनकी आपत्तियों और मांगों पर ध्यान दिए बिना जबरन कार्रवाई करने की कोशिश की, जिसके कारण यह विवाद हिंसक हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
घटना के बाद एहतियात के तौर पर धरमपुर गांव और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पर काबू पाया जा सके। इलाके में फिलहाल तनाव बना हुआ है।
150 से अधिक ASP/DSP रैंक के पुलिस अधिकारियों के तबादले,, देखें आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन गृह पुलिस विभाग द्वारा 150 से अधिक ASP/ DSP रैंक के पुलिस अधिकारियों के तबादला किए गए हैं।
देखें आदेश :












सूरजपुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा 15 लाख का रपटा, पहली ही बारिश में गोबरी नदी में बहा; निर्माण के महज 15 दिन बाद ही खुला पोल…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से लोक निर्माण सेतु विभाग की एक बड़ी लापरवाही और घटिया निर्माण का मामला सामने आया है। यहां बासापारा में करीब 15 लाख रुपये की लागत से बना एक रपटा मानसून की पहली ही बारिश भी नहीं झेल सका और ताश के पत्तों की तरह बह गया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस निर्माण को पूरे हुए अभी महज 15 दिन ही हुए थे।
पहली ही बारिश में खुला दावों का पोल
जानकारी के अनुसार, यह मामला नेशनल हाईवे-43 (NH-43) से सटे डुमरिया-केवरा मार्ग का है। ग्राम पंचायत बासापारा के पास गोबरी नदी पर स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए इस रपटे (पुलिया) का निर्माण कराया गया था। विभाग का दावा था कि इससे बारिश के दिनों में ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा होगी। लेकिन मानसून की पहली फुहारों के साथ ही नदी के तेज बहाव में यह रपटा पूरी तरह ढह गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
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जनता की गाढ़ी कमाई पानी में, ग्रामीणों में भारी आक्रोश
रपटे के टूटने से क्षेत्र का संपर्क प्रभावित हो गया है और स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि 15 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि से बने इस रपटे में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। निर्माण एजेंसी और विभाग के अधिकारियों ने काम में इतनी लापरवाही बरती कि पुलिया 15 दिन भी अपनी जगह पर टिक नहीं सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी और भ्रष्टाचार का मामला है।
जांच और कार्रवाई की मांग
पहली ही बारिश में शासकीय संपत्ति के इस तरह नष्ट होने के बाद अब मामले में लीपापोती की आशंका भी जताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों से इस घटिया निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी इंजीनियरों व ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर क्या एक्शन लेता है।
अम्बिकापुर राजस्व विभाग की नाक के नीचे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों की जमीन पर डाका: न्यायालय में चल रहा था केस, फिर भी कर दी रजिस्ट्री और नामांतरण—बिना मिलीभगत कैसे हुआ खेल?
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सूबे के राजस्व महकमे और कानून व्यवस्था की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। देश के सर्वोच्च पद यानी राष्ट्रपति के “दत्तक पुत्र” कहे जाने वाले विशेष संरक्षित पहाड़ी कोरवा जनजाति के आदिवासियों की जमीनों पर भू-माफियाओं का शिकंजा कसता जा रहा है। शासन-प्रशासन के चौखट पर सिर पटक कर थक चुके इन आदिवासियों की सुध लेने वाला कोई नहीं है, जबकि दूसरी तरफ भू-माफिया और रसूखदार लोग नियमों को ठेंगा दिखाकर उनकी जमीनों पर आलीशान आशियाने खड़े कर रहे हैं।
स्टे के बावजूद धड़ल्ले से निर्माण, प्रशासन मौन
पीड़ित कोरवा जनजाति के ग्रामीण सुग्गी कोरवा आत्मज सोमार साय कोरवा का आरोप है कि मुस्लिम समुदाय के रसूखदार व्यक्ति अब्दुल जली मिरकली द्वारा उसकी जमीनों पर अनधिकृत कब्जा किया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले पर न्यायालय का ‘स्टे’ (स्थगन आदेश) होने के बावजूद वहां न केवल निर्माण कार्य किया गया, बल्कि अब कई नए मकान बनकर तैयार हो चुके हैं। प्रशासन की इस कथित “मौन सहमति” ने भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद कर दिए हैं कि वे लगातार अपने पैर फैलाते जा रहे हैं।


‘हिंद स्वराष्ट्र’ की दखल के बाद खुला खेल: 170 (ख) के बीच नामांतरण का ‘खेल’
इस पूरे मामले का सबसे स्याह और गंभीर पहलू तब सामने आया जब ‘हिंद स्वराष्ट्र’ समाचार पत्र/संगठन की दखल के बाद कांतिप्रकासपुर के इस विवादित भूमि खसरा नंबर 527 पर आदिवासियों के संरक्षण से जुड़ी धारा 170 (ख) का प्रकरण 27/07/2022 को दर्ज किया गया।
जब यह मामला अनुविभागीय अधिकारी (SDM) न्यायालय अंबिकापुर में विचाराधीन था, ठीक उसी दौरान एक ऐसा ‘चमत्कार’ हुआ जो बिना उच्च स्तरीय मिलीभगत के कतई संभव नहीं है:
- विचाराधीन मामले के दौरान बिक्री: जिस व्यक्ति भुनेश्वर प्रसाद आत्मज मुरलीधर गोड़ के खिलाफ 170 (ख) के तहत आदिवासी जमीन हड़पने का केस चल रहा था, उसने धड़ल्ले से उस विवादित जमीन की रजिस्ट्री 25/01/2023 को धरम साय बखला आत्मज मंगरू राम के नाम कर दी और उसका नामांतरण भी कर दिया गया।
- राजस्व अधिकारियों की मेहरबानी: राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना किसी जांच-पड़ताल या जानबूझकर आंखें मूंदते हुए, उस विवादित जमीन का नामांतरण (Mutation) भी मंजूर कर दिया।
बड़ा सवाल: क्या बिना अधिकारियों की साठगांठ के यह मुमकिन है?
कानूनन, जब किसी जमीन पर धारा 170 (ख) का मामला दर्ज हो और वह SDM कोर्ट में लंबित हो, तो उस जमीन की न तो खरीद-बिक्री हो सकती है और न ही नामांतरण। ऐसे में यह यक्ष प्रश्न खड़ा होता है:
“क्या किसी पटवारी, तहसीलदार या राजस्व अधिकारी की मिलीभगत और मोटी साठगांठ के बिना एक प्रतिबंधित और विचाराधीन आदिवासी जमीन का नामांतरण कलेक्ट्रेट की नाक के नीचे होना संभव है?”
जवाब साफ है—यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है, जहां चंद रुपयों और रसूख के आगे राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों के अधिकारों की बलि चढ़ा दी गई।
‘दत्तक पुत्रों’ के संवैधानिक अधिकारों का हनन
भारतीय संविधान में पहाड़ी कोरवा जैसी अत्यंत पिछड़ी जनजातियों को विशेष संरक्षण प्राप्त है। उन्हें राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र माना जाता है ताकि कोई उनकी जमीन और अस्मिता से खिलवाड़ न कर सके। लेकिन अम्बिकापुर का यह जमीनी सच बयां कर रहा है कि कागजी संरक्षण और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर है। आज ये ग्रामीण अपनी ही जमीन से बेदखल होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं, और उनके हक पर भू-माफिया अवैध निर्माण कर जश्न मना रहे हैं।
अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले के उजागर होने के बाद सरगुजा संभाग के आला अधिकारी और शासन इस पर क्या संज्ञान लेते हैं। क्या दोषी राजस्व अधिकारियों और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी, या फिर ये बेबस आदिवासी यूं ही व्यवस्था के हाथों प्रताड़ित होते रहेंगे?
प्रशासनिक फेरबदल: कोरिया जिले में तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में बदलाव, कलेक्टर ने जारी किया आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र बैकुण्ठपुर। जिले की कार्यालयीन कार्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, गतिशील और सुचारु बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत तहसीलदारों एवं नायब तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में अस्थायी बदलाव करते हुए नवीन पदस्थापना सूची जारी की गई है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार मुखदेव प्रसाद यादव तहसीलदार सोनहत को तहसीलदार पोड़ी (बचरा), संजय कुमार राठौर तहसीलदार पोड़ी (बचरा) को तहसीलदार सोनहत, रोशनी तिर्की प्रभारी तहसीलदार पटना, शुभ कोशले प्रभारी तहसीलदार, बैकुण्ठपुर, सिराज अहमद नायब तहसीलदार पोड़ी (बचरा), अभिसार पाण्डेय नायब तहसीलदार सोनहत को पटना के प्रभारी नायब तहसीलदार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया हैं।कलेक्टर रोक्तिमा यादव द्वारा जारी निर्देशानुसार, अधिकारियों का यह नवीन कार्य विभाजन आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगा। सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए दायित्वों को संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
दर्दनाक हादसा : ओवरटेक के चलते बाइक से गिरी महिला आई ट्रक की चपेट में, एक बाह कटकर हुआ अलग…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आज दोपहर अंबिकापुर शहर के गांधी चौक में एक दर्दनाक हादसा हो गया, ओवरटेक की कोशिश और बाइक चालक की लापरवाही से हुए इस हादसे में बाइक सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, हादसे में महिला के एक हाथ भी लगभग कटकर अलग हो गए। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा ओवरटेक के चक्कर में हुआ बताया जा रहा है कि सिग्नल खुलने के बाद ट्रक नमनाकला की ओर जा रही थी बावजूद इसके एक बाइक चालक द्वारा ओवरटेक करने का प्रयास किया गया और इसी प्रयास में बाइक में पीछे बैठी महिला अचानक अनियंत्रित होकर गिर गई और ट्रक की चपेट में आ गई, जबकि ट्रक चालक द्वारा सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल ब्रेक लगा दिया गया लेकिन बावजूद इसके महिला का एक हाथ ट्रक के पहिए के नीचे आ गया जिससे महिला का एक हाथ लगभग कटकर अलग हो गया और महिला का बाया सीना भी पहिए की चपेट में आने के कारण महिला गंभीर रूप से घायल हो गई जिसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। बताया जा रहा है कि महिला की हालत काफी गंभीर बनी हुई है।
दिनदहाड़े बड़ी वारदात: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने से महिला सहायक संचालक से चैन स्नेचिंग…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : दिनदहाड़े बेखौफ बदमाशों ने एक बार फिर पुलिस गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। गुरुवार दोपहर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय के ठीक सामने कोतवाली थाना के समीप बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने DEO कार्यालय में पदस्थ सहायक संचालक पूनम तिवारी के गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। इस दुस्साहसिक वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई है।
भोजन कर वापस लौट रही थीं अधिकारी
मिली जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ पूनम तिवारी रोज की तरह गुरुवार को भी अपनी ड्यूटी पर आई थीं। दोपहर के समय वे भोजन करने के लिए अपनी स्कूटी से घर गई थीं। दोपहर करीब 3:30 बजे जब वे वापस कार्यालय लौटीं, तो उन्होंने अपनी स्कूटी को कार्यालय के बाहर खड़ा किया।
कैसे हुई वारदात?
स्कूटी पार्क करने के बाद पूनम तिवारी जैसे ही पैदल ऑफिस के मुख्य गेट की ओर आगे बढ़ीं, तभी पीछे से एक बाइक पर सवार दो बदमाश वहां पहुंचे। दोनों बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके। इससे पहले कि सहायक संचालक कुछ समझ पातीं, बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली। वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी पलक झपकते ही बाइक की रफ्तार बढ़ाकर मौके से फरार हो गए।
दफ्तर के बाहर मचा हड़कंप
अचानक हुई इस घटना से सहमी अधिकारी ने शोर मचाया, जिसे सुनकर दफ्तर का स्टाफ और आस-पास के लोग तुरंत बाहर आ गए। हालांकि, तब तक आरोपी काफी दूर निकल चुके थे। दिनदहाड़े सरकारी दफ्तर के बाहर हुई इस लूट की वारदात से विभागीय कर्मचारियों और आम जनता में भारी आक्रोश है।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस कार्यालय और आस-पास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि हेलमेट पहने बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
पत्रकार की सूचना और पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 300 से अधिक मवेशियों की तस्करी का भंडाफोड़, 63 गौवंश बरामद; तस्कर फरार…
यूपी ले जाने की थी बड़ी साजिश, तीन ग्रुपों में बंटे थे तस्कर; सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर: जिले में गौ तस्करी के एक बहुत बड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। ग्राम पंचायत नरोला के सरना पतरा में सक्रिय तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए पुलिस ने मौके से 63 गौवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
तस्करों का ‘मास्टर प्लान’: 3 ग्रुप, 300+ मवेशी और यूपी का रूट
हिंद स्वराष्ट्र को सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, गौ तस्करों ने बेहद शातिर और सुनियोजित योजना बनाई थी:
- तीन हिस्सों में बंटे थे तस्कर: कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने 3 अलग-अलग ग्रुप बनाए थे, जिनके पास कुल मिलाकर 300 से अधिक मवेशी थे।
- बॉर्डर पार करने की थी तैयारी: तस्करों का प्लान था कि शाम ढलने से पहले मोरन घाट को पार कर लिया जाए।
- सनावल के रास्ते उत्तर प्रदेश: सूरजपुर बॉर्डर क्रॉस करने के बाद सनावल के रास्ते इन मवेशियों को उत्तर प्रदेश खपाने की पूरी तैयारी थी।
ASP योगेश देवांगन का त्वरित एक्शन: मौके पर भेजी गई टीम
जैसे ही इस संवेदनशील और बड़े मामले की भनक सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) योगेश देवांगन को लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए कड़ा एक्शन लिया।
उनके त्वरित निर्देश पर रेवटी चौकी और चंदौरा थाने की संयुक्त पुलिस टीम को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। पुलिस की इस त्वरित सक्रियता ने तस्करों के पूरे प्लान को फेल कर दिया।
पुलिस को देख मची अफरा-तफरी, 63 मवेशी जब्त
जंगल और घाट के रास्ते बढ़ रहे तस्करों को जैसे ही पुलिस के आने की भनक लगी, उनके होश उड़ गए। पुलिस टीम को करीब आता देख तस्कर मवेशियों को वहीं छोड़कर जंगलों की आड़ में भाग खड़े हुए।
पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए घेराबंदी की और मौके से 63 गौवंश को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया हैं जिन्हें नरोला सरपंच के संरक्षण में रखा गया हैं।
बड़ी कामयाबी, तस्करों की तलाश जारी:
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गौ-तस्करों के हौसले पस्त हो गए हैं। हालांकि मुख्य आरोपी भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उनके रूट और सिंडिकेट को तोड़ दिया है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आस-पास के इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी है।
BSP स्क्रैप चोरी कांड: भिलाई स्टील प्लांट के GM और AGM गिरफ्तार, फ्लू डस्ट की आड़ में चल रहा था करोड़ों का खेल!
हिंद स्वराष्ट्र भिलाई : स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की प्रतिष्ठित इकाई भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में बड़े पैमाने पर चल रहे लोहा चोरी रैकेट का पुलिस ने सनसनीखेज भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्लांट के दो बेहद उच्च अधिकारियों—जनरल मैनेजर (GM) हिमांशु भूषण मलिक (54 वर्ष) और असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM) मनोज कुमार देवांगन (58 वर्ष)को गिरफ्तार कर लिया है।
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद से पूरे प्रबंधन और औद्योगिक जगत में हड़कंप मच गया है।
फ्लू डस्ट की आड़ में ‘लोहा’ पार, एके ट्रेडर्स से जुड़े तार
पुलिस जांच में जो तरीका (Modus Operandi) सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। प्लांट से निकलने वाले कचरे यानी ‘फ्लू डस्ट’ की आड़ में कीमती आयरन स्क्रैप (लोहा) को मिलाकर प्लांट से बाहर तस्करी की जा रही थी। गेट पास और कागजात फ्लू डस्ट के होते थे, लेकिन उनके भीतर लोहा छिपाकर बाहर भेजा जाता था। बाहर निकलने के बाद इस चोरी के स्क्रैप को ‘एके ट्रेडर्स’ में डंप किया जाता था।
भीतरघाती निकले बड़े अफसर, मास्टरमाइंड से थे सीधे संपर्क
पुलिस की तफ्तीश में यह साफ हुआ है कि गिरफ्तार GM हिमांशु भूषण मलिक और AGM मनोज कुमार देवांगन सीधे तौर पर प्लांट के भीतर बैठकर इस पूरे गिरोह की मदद कर रहे थे। दोनों ही जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे स्क्रैप चोरी कांड के मास्टरमाइंड संजय सिंह के लगातार संपर्क में थे। हालांकि, अधिकारी किस तरह से और कितने बड़े फायदे के लिए चोरों की मदद कर रहे थे, इसका बारीकी से खुलासा होना अभी बाकी है।
अब तक 15 गिरफ्तार, फरार आरोपियों की तलाश जारी
भिलाई-3 थाना क्षेत्र के इस पूरे मामले में पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। इस संगठित गिरोह पर शिकंजा कसते हुए पुलिस अब तक 15 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
वही इस मामले में पुलिस का कहना हैं कि “मामले की जांच बहुत गहराई से की जा रही है। भिलाई स्टील प्लांट के अंदर और बाहर फैले इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। मामले में संलिप्त कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।”
सूरजपुर SSP समेत 24 IPS अधिकारियों के तबादले, देखें आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : राज्य शासन द्वारा भारतीय पुलिस सेवा के 24 अधिकारियों के तबादले किए हैं। जारी तबादला आदेश में सूरजपुर SP प्रशांत सिंह ठाकुर का भी तबादला किया गया हैं उनके स्थान पर योगेश कुमार पटेल को सूरजपुर जिले का नया कप्तान नियुक्त किया गया हैं।
देखें आदेश :



महतारी वंदन योजना के KYC के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा; जांच में 113 महिलाओं के नाम पर 980 बोरी खाद का अवैध आहरण प्रमाणित, सीएससी संचालक पर आरोप…
कुंदीकला की महिलाओं ने राजपुर थाने में सौंपा ज्ञापन; 11 जुलाई तक खाद न मिलने और कार्रवाई न होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-343 पर चक्का जाम की चेतावनी।
हिंद स्वराष्ट्र राजपुर/बलरामपुर: बलरामपुर जिले के राजपुर क्षेत्र के ग्राम कुंदीकला में महिलाओं के साथ महतारी वंदन योजना के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। प्रशासन की जांच में यह प्रमाणित हो गया है कि गांव की 113 महिलाओं के आधार कार्ड का दुरुपयोग कर उनके नाम से कुल 926 बोरी यूरिया और 54 बोरी डीएपी खाद का अवैध आहरण कर लिया गया। इस गंभीर मामले में गांव के ही सीएससी (CSC) सेंटर संचालक दीपक सांडिल्य और उसके भाई विनोद सांडिल्य की सीधी संलिप्तता सामने आई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुंदीकला की पीड़ित महिलाएं भारी संख्या में राजपुर थाना पहुंचीं और कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट मांगी। मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार नरेंद्र कंवर और थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने महिलाओं को अब तक हुई प्रशासनिक जांच से अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि जांच प्रतिवेदन एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर को भेज दिया गया है और दोषियों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खेती प्रभावित, 13 जुलाई को चक्का जाम की चेतावनी:
ग्रामीण महिलाओं ने बताया कि इस फर्जीवाड़े की पहली शिकायत 25 जून 2026 को कलेक्टर, एसडीएम और राजपुर थाने में की गई थी, जिसके बाद 26 जून को पुनः लिखित आवेदन दिया गया। किसानों का कहना है कि समय पर कार्रवाई न होने और कोटे का खाद फर्जी तरीके से निकाल लिए जाने के कारण उन्हें खरीफ सीजन की खेती के लिए खाद नहीं मिल पा रहा है, जिससे कृषि कार्य पूरी तरह प्रभावित हो चुका है।
महिलाओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अल्टीमेटम दिया है कि यदि 11 जुलाई 2026 तक सभी प्रभावित किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराया गया और दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो 13 जुलाई 2026 को राजपुर थाने के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग-343 (NH-343) पर उग्र चक्का जाम आंदोलन किया जाएगा। प्रशासन के ठोस आश्वासन के बाद फिलहाल महिलाएं वापस लौट गई हैं, लेकिन क्षेत्र में तनाव और आक्रोश बरकरार है।
मां महामाया मंदिर के प्रसाद में भारी मिलावट का खुलासा, सेहत के लिए ‘असुरक्षित’ पाए गए लड्डू…
हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर के प्रसाद को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। मंदिर के सामने स्थित दुकानों से बेचे जाने वाले मोतीचूर के लड्डूओं में भारी मिलावट की पुष्टि हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों की जब सरकारी लैब में जांच कराई गई, तो अधिकांश सैंपल मानकों पर पूरी तरह विफल पाए गए। इस खुलासे ने न केवल स्थानीय लोगों, बल्कि दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की आस्था और उनके स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
भोपाल स्थित ‘सीएस एनालिटिकल एंड रिसर्च सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड’ की आधिकारिक रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि मंदिर के सामने मिलने वाला यह प्रसाद मानवीय उपभोग के लिए असुरक्षित है।
जांच में मुख्य रूप से निम्नलिखित हानिकारक सामग्रियां पाई गई हैं:
एस्पार्टेम (Aspartame): लड्डूओं में मिठास पैदा करने के लिए प्राकृतिक शक्कर के स्थान पर इस कृत्रिम स्वीटनर का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एस्पार्टेम का अधिक सेवन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों को आमंत्रण दे सकता है।
सनसेट यलो (Sunset Yellow): लड्डूओं को आकर्षक और चमकदार पीला-नारंगी रंग देने के लिए इस सिंथेटिक कलर का प्रयोग किया जा रहा था, जिसकी मात्रा भी निर्धारित सुरक्षित मानकों से कहीं अधिक पाई गई है।
प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, कानूनी कार्रवाई शुरू
इस गंभीर रिपोर्ट के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग तुरंत हरकत में आ गया है। विभाग के जिला अधिकारी (DO) नितेश कुमार मिश्रा ने बताया कि मंदिर के सामने स्थित ‘आनंद पूजा भंडार’ से लिए गए बूंदी लड्डू के नमूनों की जांच में एस्पार्टेम और हानिकारक रंगों की पुष्टि हुई है।
इस रिपोर्ट के आधार पर संबंधित दुकान के खिलाफ ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दुकानों पर औचक निरीक्षण और नए सिरे से सैंपलिंग
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए गुरुवार, 9 जुलाई को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मां महामाया मंदिर परिसर के आसपास स्थित अन्य प्रसाद की दुकानों का भी औचक निरीक्षण किया। टीम ने वहां मौजूद अन्य दुकानों से भी नए सिरे से सैंपलिंग की है, ताकि मिलावटखोरों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सके। मंदिर जैसी पवित्र जगह पर मिलने वाले प्रसाद में इस तरह की मिलावट ने प्रशासन को भी हिलाकर रख दिया है।
64 पुलिस निरीक्षकों के तबादले, देखें आदेश….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम द्वारा एक आदेश जारी कर राज्य भर के 64 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए हैं।
देखें आदेश :


