यूपी ले जाने की थी बड़ी साजिश, तीन ग्रुपों में बंटे थे तस्कर; सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर: जिले में गौ तस्करी के एक बहुत बड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने कड़ा प्रहार किया है। ग्राम पंचायत नरोला के सरना पतरा में सक्रिय तस्करों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए पुलिस ने मौके से 63 गौवंश को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही तस्कर घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
तस्करों का ‘मास्टर प्लान’: 3 ग्रुप, 300+ मवेशी और यूपी का रूट
हिंद स्वराष्ट्र को सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, गौ तस्करों ने बेहद शातिर और सुनियोजित योजना बनाई थी:
- तीन हिस्सों में बंटे थे तस्कर: कार्रवाई से बचने के लिए तस्करों ने 3 अलग-अलग ग्रुप बनाए थे, जिनके पास कुल मिलाकर 300 से अधिक मवेशी थे।
- बॉर्डर पार करने की थी तैयारी: तस्करों का प्लान था कि शाम ढलने से पहले मोरन घाट को पार कर लिया जाए।
- सनावल के रास्ते उत्तर प्रदेश: सूरजपुर बॉर्डर क्रॉस करने के बाद सनावल के रास्ते इन मवेशियों को उत्तर प्रदेश खपाने की पूरी तैयारी थी।
ASP योगेश देवांगन का त्वरित एक्शन: मौके पर भेजी गई टीम
जैसे ही इस संवेदनशील और बड़े मामले की भनक सूरजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) योगेश देवांगन को लगी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए कड़ा एक्शन लिया।
उनके त्वरित निर्देश पर रेवटी चौकी और चंदौरा थाने की संयुक्त पुलिस टीम को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। पुलिस की इस त्वरित सक्रियता ने तस्करों के पूरे प्लान को फेल कर दिया।
पुलिस को देख मची अफरा-तफरी, 63 मवेशी जब्त
जंगल और घाट के रास्ते बढ़ रहे तस्करों को जैसे ही पुलिस के आने की भनक लगी, उनके होश उड़ गए। पुलिस टीम को करीब आता देख तस्कर मवेशियों को वहीं छोड़कर जंगलों की आड़ में भाग खड़े हुए।
पुलिस ने सूझबूझ दिखाते हुए घेराबंदी की और मौके से 63 गौवंश को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया हैं जिन्हें नरोला सरपंच के संरक्षण में रखा गया हैं।
बड़ी कामयाबी, तस्करों की तलाश जारी:
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गौ-तस्करों के हौसले पस्त हो गए हैं। हालांकि मुख्य आरोपी भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उनके रूट और सिंडिकेट को तोड़ दिया है। फरार तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने आस-पास के इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी है।



