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प्रदेश में स्कूल शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने और शिक्षा व्यवस्था में कसावट के लिए प्राचार्य पदोन्नति हैं अतिआवश्यक- सतीश प्रकाश सिंह

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा “छत्तीसगढ़ राज्य सर्वशासकीय सेवक अधिकारी- कर्मचारी पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा सहयोगी संगठन “छत्तीसगढ़ प्रगतिशील एवं नवाचारी शिक्षक महासंघ ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत हज़ारों नियमित व्याख्याता एवं प्रधान पाठकों की प्राचार्य पदोन्नति की आवाज़ को शासन तक पहुंचाने में कारगर पहल की हैं। गौरतलब हैं कि “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” तथा छत्तीसगढ़ प्रगतिशील एवं नवाचारी शिक्षक महासंघ के द्वारा प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में विगत 12 वर्षों से लंबित प्राचार्य पदोन्नति के लिए सभी स्तरों पर अनवरत रूप से कार्य किया जा रहा हैं। इस कड़ी में “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल द्वारा दिनांक 04.06. 2025 एवं 05.06.2025 को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन तथा इंद्रावती भवन में सम्पर्क कर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, विभागीय उच्च अधिकारियों से मुलाक़ात करके ज्ञापन सौंप कर प्राचार्य पदोन्नति के मार्ग में बाधित सभी क़ानूनी मामलों का उचित समाधान किए जाने के लिए त्वरित पहल करने, माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के द्वारा प्राचार्य पदोन्नति के लंबित सभी मामलों में फैसला आने के बाद त्वरित रूप से कार्यवाही कर प्रदेश में प्राचार्य के रिक्त सभी पदों पर जून माह में ही काउंसलिंग पूर्ण कर पदस्थापना आदेश जारी करने की मांग की हैं।

प्राचार्य पदोन्नति को लेकर चर्चा के दौरान प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,संचालक लोक शिक्षण संचालनालाय छत्तीसगढ़, अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग तथा उच्च अधिकारियों को विभाग में 35/40 वर्षों की सेवा करने के बाद भी बिना प्राचार्य पदोन्नति पाएं प्रत्येक माह 150/200 की संख्या में रिटायर्ड हो रहें वरिष्ठ नियमित व्याख्याता एवं प्रधान पाठकों की पीड़ा से अवगत कराया गया।

“छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़,अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग तथा विभागीय उच्च अधिकारियों से प्रबल मांग की हैं कि, प्राचार्य पदोन्नति के सभी क़ानूनी मामलों का उचित समाधान करने त्वरित पहल किया जाएं तथा प्राचार्य पदोन्नति के सभी मामलों का क़ानूनी समाधान किया जाकर जून महीने में ही प्राचार्य पदोन्नति की नियमानुसार काउंसिलिंग पूर्ण करके प्राचार्य के रिक्त समस्त पदों पर पदस्थापना किया जावें। ताकि प्राचार्य विहीन विद्यालयों में पदोन्नति के बाद पूर्णकालिक प्राचार्य के पदस्थ होने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर और ऊँचा हो सकेगा। सिंह ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए तथा विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में कसावट लाने के लिए प्राचार्य पदोन्नति अतिआवश्यक हैं।

प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़,अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, विभागीय उच्च अधिकारियों ने प्राचार्य पदोन्नति के सभी क़ानूनी मामलों का समाधान किये जाने के लिए उचित पहल करने तथा प्राचार्य पदोन्नति के मामलों का क़ानूनी समाधान उपरांत शीघ्र प्राचार्य पदोन्नति करने के लिए पूर्ण आश्वासन दिए हैं।

प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग,संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, अवर सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, विभागीय उच्च अधिकारियों से हुई सार्थक चर्चा से उम्मीद जताई हैं कि प्राचार्य पदोन्नति के मामलों में माननीय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ के फ़ैसले के बाद शासन द्वारा प्रदेश में पिछले 12 वर्षों से बाधित रही प्राचार्य पदोन्नति का मार्ग शीघ्र ही प्रशस्त किया जावेगा।

“छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह के साथ संतोष टंडन कोरबा जिला, रूपचंद जांगड़े जी.पी.एम.जिला, संतोष कुमार महादेवा जी.पी.एम. जिला, जया ईशाक जगदलपुर बस्तर जिला उपस्थित थी।

गौरतलब हैं कि “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के द्वारा प्राचार्य पदोन्नति से सम्बंधित विभिन्न कानूनी पहलुओं को लेकर विद्वान अधिवक्ताओं /विधिक सलाहकारों के मार्गदर्शन में विधि के अनुरूप सतत रूप से कार्य किया जा रहा हैं। प्रदेश संयोजक सतीश प्रकाश सिंह ने न्याय की उम्मीद जताते हुए बताया कि प्राचार्य पदोन्नति के मामलों में माननीय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ के बहुप्रतिक्षित फ़ैसले के बाद प्रदेश में शीघ्र ही प्राचार्य पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा।

दिनांक 9 जून 2025 को माननीय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ बिलासपुर में प्राचार्य पदोन्नति के मामले में महत्वपूर्ण फैसला आना हैं। माननीय हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ के द्वारा दिनांक 9 जून 2025 को दिए जाने वाले महत्वपूर्ण फ़ैसले से प्राचार्य पदोन्नति की दिशा तय होगी। इसी तारतम्य में प्राचार्य पदोन्नति के लिए प्रदेश में सतत संघर्षरत “छत्तीसगढ़ राज्य प्राचार्य पदोन्नति संघर्ष मोर्चा” के सदस्यों की एक आवश्यक बैठक दिनांक 09.06.2025 (दिन-सोमवार) को समय – प्रातः 9:00 बजे, स्थान – इंडियन कॉफी हाउस, उच्च न्यायालय परिसर, बिलासपुर में आयोजित की गई हैं।

मेघालय में पति राजा का मर्डर, फिर गाजीपुर से कैसे पकड़ी गई सोनम रघुवंशी? जानें डिटेल…

इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी की हत्या मेघालय में हनीमून के दौरान उनकी पत्नी द्वारा किराए पर बुलाए गए लोगों ने ही की। डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार सुबह बताया कि पत्नी सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि तीन अन्य हमलावरों को रात भर की छापेमारी में गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, ‘एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को एसआईटी ने इंदौर से पकड़ा।’ उन्होंने कहा, ‘सोनम ने उत्तर प्रदेश के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।’

नोंग्रांग ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने खुलासा किया है कि पत्नी ने रघुवंशी की हत्या के लिए उन्हें पैसे देकर बुलाया था। उन्होंने कहा, ‘अपराध में शामिल कुछ और लोगों को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश में अभियान अभी भी जारी है।’ हालांकि, एडीजी कानून व्यवस्था, उत्तर प्रदेश अमिताभ यश ने बताया कि सोनम रघुवंशी (उम्र करीब 24 साल) वाराणसी-गाजीपुर मुख्य मार्ग पर काशी ढाबा पर मिली। उसे शुरुआती इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया और फिर गाजीपुर के वन स्टॉप सेंटर में रखा गया।

पुलिस का पूरा बयान पढ़िए…
गाजीपुर से सोनम रघुवंशी की गिरफ्तारी के बीच एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने सोमवार को बताया कि पिछले महीने मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले से लापता हुए इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या के लिए कथित तौर पर तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारियों ने आरोपियों को मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। मेघालय पुलिस की एसआईटी ने उत्तर प्रदेश से एक आरोपी और इंदौर से दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों ने कुछ और लोगों के नाम बताए हैं। डीजीपी ने बताया कि एसआईटी के अधिकारी रघुवंशी की पत्नी और बाकी लोगों को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।

मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने राज्य और देश को झकझोर देने वाले मामले को सुलझाने के लिए पुलिस को बधाई दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘राजा हत्या मामले में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है, महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है तथा एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है… बहुत बढ़िया।’

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा की सराहनीय पहल : पुलिस वेलफेयर अंतर्गत सुविधा शिविर का कराया सफल आयोजन, 327 से अधिक परिवारों को मिला स्वास्थ्य लाभ…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पुलिस अधिकारी/कर्मचारियों के शासकीय कर्तव्य के दौरान अनिश्चित ड्यूटी होने के कारण पुलिस के जवान कई पारिवारिक जिम्मेदारियों कों समय पर पूरा नहीं कर पाते है, जिससे परिवार के साथ साथ पुलिस के जवान भी प्रभावित होते है, पुलिस जवानों की पारिवारिक दायित्वों कों संज्ञान मे लेकर सुविधा शिविर की पहल करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन मे पुलिस वेलफेयर से शासन की योजनाओं के अंतर्गत ड्रायविंग लाईसेंस, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनाये जाने की सुविधा का सुव्यवस्थित सकारात्मक आयोजन कराये जाने के दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम मे आज दिनांक कों रक्षित केन्द्र अम्बिकापुर स्थित परेड ग्राउंड मे सुविधा शिविर का आयोजन किया गया।

इस सुविधा शिविर से सुबह से ही पुलिस अधिकारी/ कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य भारी संख्या मे उपस्थित हो रहे थे, शिविर के दौरान कुल 327 से अधिक पुलिस अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवारो ने सुविधा शिविर अंतर्गत ड्रायविंग लाईसेंस, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया का लाभ उठाया, मौक़े पर परिवहन केंद्र की टीम द्वारा 180 व्यक्तियों कों मौक़े पर समस्त कार्यवाही पूर्ण कर लर्निंग लाइसेंस प्रदान किया गया, 35 से अधिक व्यक्तियों के आधार कार्ड सम्बन्धी समस्याओ का मौक़े पर निराकरण किया गया, एवं नवीन आधार कार्ड हेतु भी पंजीयन करवाये गए, आयुष्मान योजना का लाभ प्रदान कराने के क्रम मे 112 व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड चालू करने हेतु पंजीयन किया गया, पंजीयन पश्चात प्रक्रिया पूर्ण होने पर लाभार्थियों कों आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड एवं ड्राइविंग लाईसेन्स प्रदान किया जायगा, सुविधा शिविर मे जिला बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, एंटी करप्शन ब्यूरो, विशेष शाखा, नगर सेना, कार्यालयींन अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवार लाभान्वित हुए है, सरगुजा पुलिस द्वारा सुविधा शिविर मे अपनी सेवाएं दे रहे कर्मचारियों कों पुष्प गुच्छ देकर सम्मान किया गया।
शिविर में अतरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक रोहित शाह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, रक्षित निरीक्षक तृप्ति सिंह राजपूत, परिवहन केंद्र के कर्मचारीगण, आधार कार्ड सुविधा हेतु हिमांशु जायसवाल, आयुष्मान कार्ड सुविधा हेतु राहुल मण्डल, सुमन केरकेट्टा, आशीष कुमार वास्ते उपस्थित रहे।

हाईकोर्ट में लंबित मामले की जमीन का तहसीलदार संजय राठौर ने कर दिया बंटवारा, एक और शिकायत ने खोली तहसीलदार साहब के फर्जीवाड़े की पूरी पोल…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : कोई राजस्व अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए किस हद तक अपने पद और पावर का दुरुपयोग कर सकता है, इसका जीता जागता उदाहरण भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर है। संजय राठौर द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने आप को हाई कोर्ट से भी ऊपर रखते हुए हाईकोर्ट में लंबित जमीन मामले की जमीन का फर्जी तरीके से बंटवारा कर दिया और इस फर्जी बंटवारे के लिए इनाम के तौर पर मिली जमीन अपनी पत्नी शारदा राठौर के नाम पर रजिस्ट्री करवा ली।

एकतरफा बंटवारा करने बदले ली बेशकीमती जमीन

भैयाथान तहसील कार्यालय में विद्यमान तहसीलदार साहब और उनके कुछ विश्वसनीय भूमि दलाल बेखौफ होकर अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए भोले भाले भूमि स्वामियों को रातों रात भूमिहीन कर रहे है। सामूहिक खाते के हिस्से की जमीन से हिस्सेदारों का नाम गायब कर फर्द बंटवारा करके अपने विश्वसनीय भूमि दलालों व अपनी पत्नी के नाम जमीन करा लेते हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को कलेक्टर जनदर्शन में आया है जिसमें भी वर्तमान में सर्वाधिक विवादास्पद तहसीलदार संजय राठौर का नाम जुड़ा हुआ है ,जिस मामले को लेकर जिला के आला आधिकारी भी सकते में आ गए है और अपने अधीनस्थ अधिकारी के कारनामों के बारे में कुछ भी बोलने में असहज लग रहे है ।

कलेक्टर जनदर्शन में महेन्द्र दुबे,सतीश दुबे,रविशंकर दुबे,राजेश दुबे ,रामकृपाल दुबे ने तहसीलदार संजय राठौर और अन्यों पर इतने गम्भीर आरोप प्रमाण सहित लगाये हैं जिससे जिला प्रशासन भी सकते में आ गया है।

आवेदकों ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि उनकी सम्मिलित खाते की भूमि ग्राम कोयलारी, तहसील भैयाथान, जिला सूरजपुर में स्थित है और इसके बंटवारा विषयक प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन हैं , इसके बावजूद भी तहसीलदार संजय राठौर ने बहुमूल्य भूमि के लालच में एक कथित आपसी समझौता के आधार पर और उसमें भी कुछ के फर्जी हस्ताक्षर, फर्जी पता दिखाकर अपने चहेतों को अधिक भूमि लाभ देते हुये उनके पक्ष में एकतरफा बंटवारा आदेश दे दिया और बदले में पुरुस्कार स्वरूप तीस डिसमिल भूमि अपनी पत्नि शारदा राठौर के नाम अन्तिम आदेश दिनांक 07-03-2025 से पूर्व ही 05-02 -2025 को रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से प्राप्त कर ली।

आवेदकों ने बंशवृक्ष लगाया है जिसमें उल्लेख किया है जिस भूमि का यह मामला है वह भूमि क्षेत्र के ब्राह्मण बालगोविन्द दुबे के वंशजों की है जिसके वास्तविक उत्तराधिकारियों को सूचना तक नहीं दी गई, सहमति लेना तो बहुत ही दूरगामी विषय है वहीं आवेदकों ने अपने आवेदन में यह भी लिखा है की कुछ उत्तराधिकारियों के फर्जी पता सहित फर्जी हस्ताक्षर संजय राठौर के विश्वसनीय दलाल ने किया है साथ ही यह भी आरोप लगाया है की फर्द बंटवारा में उन व्यक्तियों के भी हस्ताक्षर हैं जो न इस सम्मिलात भूमि के खातेदार हैं,न ही हकदार।

आवेदकों ने आवेदन में उल्लेख किया है कि सम्मिलात खाते सम्बन्धित दो प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन हैं जिसमें पक्षकार महेन्द्र दुबे वगैरह प्रति गंगा देवी वगैरह के प्रमुख पक्षकार महेन्द्र दुबे सहित उनके भाईयों को इस बंटवारा में सम्मिलित करना संजय राठौर ने उचित नहीं समझा और न ही उन्हें एक इंच भूमि ही इस बंटवारा में दिया है। आवेदन में लिखा है कि विरेन्द्र दुबे, देवीप्रसाद दुबे, शिवम दुबे सहित अन्यों को एकतरफा भूमि लाभ देकर देवचन्द दुबे के सहयोग से प्रकरण के अन्तिम आदेश देने से पूर्व प्रकरण के विचाराधीन स्थिति में रहते हुए तीस डिसमिल भूमि शारदा राठौर के नाम प्राप्त करने के बाद ही संजय राठौर ने अन्तिम आदेश दिया ।बंटवारा का अन्तिम आदेश 07/03/2025 को होता है और उससे पूर्व ही 05/02/2025 को सम्मिलात खाते की ही भूमि जिसका खसरा नम्बर 19/1 है उसमें से तीस डिसमिल भूमि अपनी पत्नी शारदा राठौर के नाम से रजिस्ट्री करा ली जाती हैं ।एकतरफा बंटवारा प्रकरण में लाभप्राप्ति पश्चात ही वे रिकार्ड दुरुस्ती का ज्ञापन देते हैं।

फर्द बंटवारा प्रपत्र को भी लेकर आवेदकों ने तहसीलदार साहब पर आरोप लगाते हुए बताया है कि फर्द बंटवारा सीट पर वास्तविक खातेदारों के हस्ताक्षर ही नहीं हैं और जो है वह भी फर्जी हस्ताक्षर हैं वहीं साथ में यह भी लिखा है की तहसील कार्यालय के ऑर्डर शीट और फर्द बंटवारा में देवचंद दुबे ,त्रिनेत्र दुबे ,उपेंद्र का सहमति में हस्ताक्षर लेकर फर्द बंटवारा किया गया है जो कि संबंधित जमीनों के खातेदार ही नहीं है और न ही हकदार है।

तहसीलदार भैयाथान पर आरोप लगाते हुए यह भी उल्लेख किया है कि विधिक नियमों की धज्जियां उड़ा कर फौत हो चुके खातेदारों किशुन राम दुबे व ओंकार नाथ दुबे की मृत्यु का उल्लेख किये बिना ही तथा उनके वैध उत्तराधिकारियों का नाम दर्ज किये बिना ही तथा उनको सूचित किये बिना ही उनके वास्तविक अंश को न देकर देवचन्द दुबे के सहयोग से विरेन्द्र दुबे, देवीप्रसाद दुबे, शिवम दुबे सहित अन्यों को एकतरफा लाभ दिया गया है ।

वहीं इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों का भी कहना है की तहसीलदार संजय राठौर के हौसले इतने बुलंद हैं कि माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में बंटवारा प्रकरण लम्बित होने की स्थिति में भी उनके द्वारा एक तरफा फर्द बंटवारा किया गया जिससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि साहब को उच्च न्यायालय की अवमानना का भी तनिक भी भय नहीं है न्यायालय को उन्होंने अपने घर की खेती बना लिया है जब मन किया बोया जब मन किया काटा।

आवेदकों ने जिलाधीश महोदय को सम्पूर्ण प्रमाण देते हुये इस एकतरफा बंटवारा को निरस्त करते हुये तहसीलदार संजय राठौर सहित विरेन्द्र दुबे, देवीप्रसाद दुबे, शिवम दुबे, देवचन्द्र व इसमें संलिप्त अन्यों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने की मांग की है। 

एग्रो एजेंसी में छापेमारी, अनियमितता पाए जाने बिक्री पर लगा प्रतिबंध…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर :  कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देश पर जिले के कृषकों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को विकासखण्ड लुण्ड्रा के ग्राम उदारी में मेसर्स मुश्ताक एग्रो एजेंसी में संयुक्त टीम के द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में सम्बंधित उर्वरक विक्रेता द्वारा उर्वरकों का वैध श्रोत का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस दौरान 02 उर्वरकों के नमूने भी लिए गए, जिन्हें परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा गया। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रोपराइटर मो. अशफाक अंसारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके संस्थान पर वर्तमान में विक्रय प्रतिबंध करते हुए गोदाम को सील किया गया। इस दौरान उप संचालक कृषि पिताम्बर सिंह दीवान, सहायक संचालक कृषि अभिषेक झा, नायब तहसीलदार लुण्ड्रा निखिल श्रीवास्तव, उर्वरक निरीक्षक बीबीयाना बेक, उर्वरक निरीक्षक जे. आलम उपस्थित रहे।

महतारी वंदन योजना की राशि के लिए अब जरूरी है डीबीटी इनेबल खाता…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : महतारी वंदन योजना राज्य शासन द्वारा प्रदेश में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ राज्य के महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण पहल है। योजना का उद्देश्य विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यकता महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सके। वर्तमान में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि माह मई 2025 से महतारी वंदन योजना की राशि का भुगतान केवल आधार बेस्ड डीबीटी के माध्यम से ही किया जावे तथा जिन हितग्राहियों के बैंक खाते डीबीटी अनेबल नही हुए है उनके खाते डीबीटी अनेबल होने पर लंबित माहों की सहायता राशि का भुगतान एक साथ किया जाएगा। योजना अंतर्गत पात्र हितग्राही जिनका बैंक खाता आधार लिंक/डीबीटी इनेबल नही है उनको योजना का लाभ नही मिल पा रहा है।
प्रत्येक नागरिक को अपना आधार 10 वर्षों में अपडेट करने की आवश्यकता होती है। अपडेट नही किए जाने के फलस्वरूप आधार के माध्यम से संबंधितों को भुगतान की प्रक्रिया संपादित नही हो पाती है। इसी अनुक्रम में कई हितग्राहियों के भुगतान निष्क्रीय आधार होने के फलस्वरूप भुगतान कैंसल हुआ है। इस संबंध में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने जिले के पात्र हितग्राही को आधार सेंटर में जाकर अपने पहचान एवं निवास प्रमाण पत्र अपलोड कराकर आधार अपडेट कराने को कहा है। अधिक जानकारी हेतु प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर सुपरवाइजर, बाल विकास परियोजना अधिकारी से संपर्क कर सकते है।

झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा अवैध रूप से संचालित 2 क्लिनिक सील…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर :  कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा जिले में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक/पैथोलैब/नर्सिंग होम एवं मेडिकल स्टोर में उपचार करने वालों झोला छाप डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। जिसके परिपालन में निरीक्षण कर अवैध रूप से उपचार करने वाले संस्थाओं पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।
इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वाड्रफनगर नीरनिधी नंदेहा के मार्गदर्शन में राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम कछिया एवं ओदारी में अवैध रूप से संचालित क्लिनिक की जांच कर सील कर दिया गया।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वाड्रफनगर ने बताया कि ग्राम कछिया एवं ओदारी में अवैध रूप से क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। प्राप्त शिकायत के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा क्लिनिक का जांच किया गया, जांच में पाया गया कि संचालनकर्ता द्वारा क्लिनिक का नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन नहीं कराया गया है तथा किसी भी प्रकार का दस्तावेजों का संधारण नहीं किया जा रहा है। जिस पर राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करते हुए उक्त दोनों क्लिनिक को सील कर दिया गया है।

युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया जारी, 283 सहायक शिक्षकों की मिली नवीन पदस्थापना आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप शालाओं में शिक्षकों की उपलब्धता, छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में सुनिश्चित रखने एवं छात्रहित को ध्यान रखते हुए, छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया अंतर्गत 283 सहायक शिक्षकों की नवीन पदस्थापना काउंसिल माध्यम से की गई है।
युक्तियुक्तकरण अंतर्गत शिक्षक काउंसलिंग प्रक्रिया जिले के अम्बिकापुर मल्टीपरपज स्कूल में जारी है। विकासखण्ड स्तरीय समिति द्वारा चिन्हांकित अतिशेष शिक्षकों को जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों के अनुमोदन पश्चात जिला स्तर पर आयोजित काउंसलिंग में संबंधित अतिशेष शिक्षक द्वारा चुने गए संस्था में युक्तियुक्तकरण के तहत आगामी आदेश पर्यन्त पदस्थ किया जाता है।

जारी आदेश के अनुसार
संबंधित शिक्षक को 07 जून 2025 तक नवीन संस्था में कार्यभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। समय पर कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित को कार्यमुक्त मानते हुए, अनुपस्थित मानकर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। यदि नवीन संस्था में त्रुटिवश एक से अधिक शिक्षक पदस्थ पाए जाते हैं, तो ऐसे मामलों में नवीन एकल या शिक्षक विहीन संस्था आवंटित की जाएगी। यह आदेश युक्तियुक्तकरण नियमों के अधीन रहेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षक युक्तियुक्तकरण का कदम छात्रहित और विद्यालयीन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। जिसके तहत युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया निरंतर जारी है।

संभाग स्तरीय काउंसलिंग युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया 5 व 6 जून को होगी आयोजित…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शासन के आदेशानुसार वर्तमान में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। संभाग अंतर्गत समस्त जिलों के समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को शासन के आदेशानुसार युक्तियुक्तकरण की सम्पूर्ण प्रक्रिया 04 जून 2025 तक पूर्ण कर पदस्थापना आदेश जारी किये जाने एवं युक्तियुक्तकरण के पश्चात् अतिशेष व्याख्याता एवं शिक्षकों की निर्धारित प्रारूप में सूची एवं हायर सेकेण्डरी/हाईस्कूल/पूर्व माध्यमिक शाला में रिक्त पदों की विद्यालयवार, विषयवार तथा संवर्गवार सूची दिनांक 04 जून 2025 को कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा सरगुजा संभाग अम्बिकापुर में हार्ड एवं सॉफ्ट कॉपी में विशेष पत्र वाहक के माध्यम से प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है।
 जिलों में अतिशेष व्याख्याताओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के तहत पदस्थापना किये जाने के उपरांत शेष बचे अतिशेष व्याख्याता लगभग 150-200 एवं अतिशेष शिक्षक लगभग 400-500 का संभाग स्तर पर काउंसलिंग के माध्यम से युक्तियुक्तकरण कर पदस्थापना किये जाने की कार्यवाही करते हुए दिनांक 05 जून 2025 को समय 12 बजे अपरान्ह में व्याख्याताओं का एवं 06 जून 2025 को समय 9 बजे प्रातः से शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण हेतु काउंसलिंग शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बिकापुर जिला-सरगुजा में रखा गया है।
 शासन के निर्देशानुसार काउंसलिंग में वरियता के क्रम में दो वर्ष या उससे कम सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक, महिला शिक्षक, शासन से मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठन के शिक्षक एवं संकुल समन्वयकों एवं वरिष्ठता के आधार पर अन्य शिक्षकों को प्राथमिकता दी जावेगी। इस संबंध में समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को अर्द्धशासकीय पत्र के माध्यम से आवश्यक रूप से अतिशेष व्याख्याताओं एवं शिक्षकों को सूचना तामिल कराते हुए पावती अभिस्वीकृति अपने पास सुरक्षित रखते हुए, उन्हे निर्धारित स्थान, तिथि एवं समय पर काउंसलिंग हेतु उपस्थित कराने हेतु निर्देशित किया गया है।  

छत्तीसगढ़ में स्थानांतरण पर से हटी रोक, साय कैबिनेट बैठक में लिए गए कई अहम फैसले…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए –
 
1  मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत जिला स्तर पर स्थानांतरण 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री द्वारा और राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से होंगे, आवेदन 6 जून से 13 जून तक स्वीकार किए जाएंगे। 
न्यूनतम दो वर्ष सेवा अनिवार्य है, गंभीर बीमारी, मानसिक/शारीरिक अक्षमता और सेवा निवृत्ति से पूर्व एक वर्ष के मामलों में विशेष सुविधा मिलेगी। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण हेतु एवजीदार अनिवार्य है, साथ ही सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जैसे जिलों में रिक्त पदों को भरने का विशेष प्रयास रहेगा। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग की कुल संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचाारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत स्थानांतरण किए जा सकेंगे। परीविक्षाधीन अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। 
पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, ग्रामीण-शहरी संतुलन और पारदर्शिता के लिए राज्य स्तर के सभी स्थानांतरण आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से जारी होंगे। जिला स्तर पर निर्धारित समयावधि में स्थानांतरण जारी कर उसी तिथि को आदेश की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को मेल करना होगा। 
सभी जिला स्तरीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण 5 जून 2025 से समाप्त माना जाएगा और जहां किसी कर्मचारी की आवश्यकता होगी स्थानांतरण नीति के अनुरूप स्थानांतरण किया जा सकेगा। 
स्थानांतरण के विरूद्ध 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को अभ्यावेदन किया जा सकेगा। 25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, अत्यंत आवश्यक होने पर समन्वय में अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण किया जा सकेगा। 
2  मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी के घोषणानुसार ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम ‘‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा‘‘ किये जाने का अनुमोदन किया गया। 
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 फरवरी 2024 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत दामाखेड़ा में आयोजित संत समागम समारोह ‘‘मांघीमेला‘‘ में सम्मिलित होकर दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा नाम किए जाने की घोषणा की थी। 
3    मंत्रिपरिषद द्वारा कबीरधाम जिले के कवर्धा तहसील के ग्राम पंचायत गदहाभाठा का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत सोनपुर तथा बोड़ला तहसील के ग्राम पंचायत चण्डालपुर का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत चन्दनपुर किए जाने का निर्णय लिया गया।  
4    मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की कला, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य में कलाग्राम की स्थापना हेतु नवा रायपुर अटल नगर में संस्कृति विभाग को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने तथा उक्त भूमि के विरूद्ध प्रतिपूर्ति राशि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भुगतान करने का निर्णय लिया गया। 
यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा और स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।
5    मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस अकादमी में आउटडोर व इनडोर (एसी) तीरंदाजी रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, छात्रावास एवं आवासीय सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।
6    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को शहरों में किफायती एवं सस्ते भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया।
इससे लोगों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर पर भूखंड उपलब्ध कराकर पानी, बिजली, सड़क, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी। अवैध प्लाटिंग की रोकथाम के साथ ही लोगों को सुव्यवस्थित कॉलोनियों का विकल्प मिलेगा और राज्य में रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे। 
  
7    मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में युवा कल्याण के विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों व्यक्ति एवं संगठनों को सम्मानित करने के लिए युवा रत्न सम्मान योजना शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत युवा कल्याण के क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा स्वैच्छिक संगठनों को ‘‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान‘‘ से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान हर वर्ष राज्य के एक युवा और एक स्वैच्छिक संस्था को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाएगा। इसमें युवा को पदक, प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम 2.50 लाख रूपए, जबकि संस्था को अधिकतम 5 लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
इसके साथ ही सामाजिक, साहित्य, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कला-संगीत तथा लोककला के क्षेत्र में ‘‘युवा रत्न सम्मान‘‘ प्रदान किया जाएगा। युवा रत्न सम्मान प्रत्येक वर्ष उपरोक्त क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित एक-एक युवाओं को प्रदान किया जाएगा। जिसमें पदक, पदक प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम एक लाख रूपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान केवल महिलाओं और बालिकाओं को दिया जाएगा। 
आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी, सरकारी उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति पात्र नहीं होंगे। एक व्यक्ति या संस्था को एक ही साल में एक ही श्रेणी का पुरस्कार मिल सकता है और एक श्रेणी का पुरस्कार किसी को दोबारा नहीं दिया जाएगा।
8    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत प्रशिक्षक (कोच) के पद पर भर्ती हेतु राष्ट्रीय क्रीडा संस्था पटियाला से प्रशिक्षक के डिप्लोमा के मापदण्ड को एक वित्तीय वर्ष के लिए शिथिलीकरण करने का निर्णय लिया गया। 
9    मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30‘‘ का अनुमोदन किया गया। 
होमस्टे नीति का उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के गांवों और विशेषकर बस्तर और सरगुजा के दूर-दराज के इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे वहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। होमस्टे के ज़रिए पर्यटकों को गांव की संस्कृति, कला, शिल्प और प्रकृति से जुड़ा खास अनुभव मिलेगा, साथ ही, इससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। यह एक तरह से ओकल फॉर लोकल के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश में ग्रामीण पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा।

अवैध कबाड़ पर सूरजपुर पुलिस की कार्यवाही, 1 लाख कीमत के 26 टन कबाड़ जप्त, 1 आरोपी गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने अवैध कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने के सख्त निर्देश जिले के थाना चौकी प्रभारियों को दिए है। सोमवार को थाना प्रतापपुर पुलिस ने अवैध कबाड़ पर कार्यवाही करते हुए एक लाख रूपये कीमत के 26 टन कबाड़ व परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन जप्त कर 1 व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।दिनांक 02.06.2025 को थाना प्रतापपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुआ कि ग्राम सौंतार में दीपू साव अपने पिकअप वाहन क्रमांक बीआर 26 जीसी 1643 में अवैध कबाड़ लोड कर बिक्री हेतु ले जाने के लिए किराये के मकान के बाहर खड़ा किया है। प्राप्त सूचना पर पुलिस टीम कार्यवाही हेतु मौके पर पहुंची जहां अवैध कबाड़ लोड पिकअप मिलने पर दीपू साव पिता बिरझू साव उम्र 40 वर्ष ग्राम भरूब थाना ओबरा जिला औरंगाबाद बिहार वर्तमान पता ग्राम सौंतार थाना प्रतापपुर से कबाड़ संबंधी दस्तावेज की मांग किए जाने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जो कबाड़ चोरी का होने की पूर्ण अंदेशा पर धारा 35(1-व्ही) बीएनएसएस/303 बीएनएस के तहत कार्यवाही कर 26 टन कबाड़ कीमत 1 लाख रूपये एवं पिकअप वाहन जप्त कर आरोपी दीपू साव को गिरफ्तार किया गया। कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो व एसडीओपी प्रतापपुर सौरभ उईके के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रतापपुर अमित कौशिक, एसआई संदीप सिंह, प्रधान आरक्षक रविशंकर चौबे, आरक्षक राजेश तिवारी, अवधेश कुशवाहा, नवीन बेक व भीमेश आर्मो सक्रिय रहे।

फर्जी डिग्री के आधार पर नौकरी कर रहे सूरजपुर के जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रिंस जायसवाल बर्खास्त…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ (NHM) ने सूरजपुर के प्रभारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रिंस जायसवाल की संविदा सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के मामले में की गई है। डॉ. जायसवाल ने जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद के लिए साबरमती विश्वविद्यालय की डिग्री प्रस्तुत की थी। पुलिस अधीक्षक, सूरजपुर द्वारा जांच के दौरान यह डिग्री संदिग्ध पाई गई। इस मामले में डॉ. जायसवाल को स्पष्टीकरण के लिए तीन दिन का समय दिया गया था। डॉ. जायसवाल ने 30 दिन का अतिरिक्त समय मांगा और 26 मई 2025 को कार्यालय में उपस्थित होकर बताया कि इस मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूरजपुर के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, उन्हें न्यायालय से फर्जी दस्तावेजों के संबंध में कोई स्थगन आदेश प्राप्त नहीं हुआ था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आयुक्त सह मिशन संचालक ने स्पष्ट किया कि डॉ. जायसवाल द्वारा फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने का प्रयास मानव संसाधन नीति-2018 का उल्लंघन है। यह कृत्य गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। इसलिए 23 फरवरी 2024 को जारी नियुक्ति आदेश को निरस्त करते हुए मानव संसाधन नीति 2018 के प्रावधान 34.3 के तहत उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

नहर निर्माण के लिए भू–अर्जन की कार्यवाही में गड़बड़ी, तत्कालीन एसडीएम निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : सामान्य प्रशासन विभाग ने राजस्व अधिकारी आनन्दरूप तिवारी को निलंबित कर दिया है। सरकार द्वारा जारी निलंबन आदेश में लिखा गया है कि आनन्दरूप तिवारी (रा.प्र.से., आर. आर. – 16, वरिष्ठ श्रेणी) तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं भू-अर्जन अधिकारी कोटा, जिला बिलासपुर वर्तमान में वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर द्वारा अरपा- भैंसाझार – चकरभाठा वितरक नहर निर्माण के लिए की गई भू-अर्जन की कार्यवाही में अनियमितता के कारण शासन को आर्थिक क्षति हुई है। तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं भू-अर्जन अधिकारी कोटा, जिला बिलासपुर / वर्तमान वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 में निहित प्रावधानों के अनुरूप न होकर कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही एवं उदासीनता का द्योतक है। अतएव राज्य शासन एत द्द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 ( 1 ) (क) के अंतर्गत आनन्दरूप तिवारी (रा.प्र.से.), तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं भू-अर्जन अधिकारी कोटा, जिला बिलासपुर / वर्तमान वरिष्ठ क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, बिलासपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है ।
निलंबन अवधि में आनन्दरूप तिवारी का मुख्यालय कार्यालय आयुक्त, बिलासपुर संभाग, बिलासपुर निर्धारित किया जाता है। आनन्दरूप तिवारी को निलंबन की अवधि में मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा ।

कबाड़ बनते जा रहे स्वच्छता के साइकिल रिक्शे: भरतपुर के कैसौडा गांव में लाखों रुपए की योजना सिर्फ फाइलों में ज़िंदा..

हिंद स्वराष्ट्र जनकपुर गणेश तिवारी : देशभर में स्वच्छता को लेकर जहां एक ओर अभियान चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर धरातल पर इसके क्रियान्वयन की सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। एक तरफ़ सरकारें लाखों-करोड़ों रुपए स्वच्छता के नाम पर बहा रही हैं, दूसरी ओर गांवों में कचरा ढोने के लिए ख़रीदे गए साइकिल रिक्शे धूप और बारिश में सड़ते नज़र आ रहे हैं। एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत कैसौडा की तस्वीर कुछ ऐसी ही है, जहां स्वच्छ भारत मिशन की मंशा तो थी, लेकिन निगरानी और जवाबदेही का पूरी तरह अभाव दिखता है।

फाइलों में चल रहा है स्वच्छता अभियान, ज़मीनी हकीकत शर्मनाक

सरकार ने गांवों में “डोर-टू-डोर” कचरा संग्रहण की व्यवस्था के तहत पंचायतों को साइकिल रिक्शा उपलब्ध कराए थे। योजना के अनुसार, घर-घर जाकर कचरा उठाना था, जिससे गांव स्वच्छ और साफ़ दिखे। लेकिन कैसौडा ग्राम पंचायत में महीनों से साइकिल रिक्शा खुले में खड़ा हुआ है। इसका कोई उपयोग नहीं किया जा रहा है और अब यह धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रहा है।
गांव की गलियों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। लोग अपने घरों का कचरा बाहर फेंकने को मजबूर हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि जब कचरा ढोने के लिए वाहन है, तो फिर उसका उपयोग क्यों नहीं?

जिम्मेदार अधिकारी कुर्सी तोड़ रहे हैं, काम नहीं

ऐसा प्रतीत होता है कि जिन अधिकारियों की ज़िम्मेदारी है इन योजनाओं की निगरानी करना, वे सिर्फ़ दफ्तरों में बैठकर “कुर्सी तोड़ने” का काम कर रहे हैं। किसी तरह की मैदानी निगरानी या निरीक्षण नहीं किया गया, और शायद यही कारण है कि गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था दम तोड़ चुकी है।

सरपंच पति बोले: “हमें जानकारी नहीं”, ठेकेदार बोला: “अभी तो आए हैं”

जब इस मामले में सरपंच पति राम सुंदर से सवाल किया गया तो उनका जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कहा,”हमें नहीं पता गांव में कचरा उठाने का वाहन रखा गया है। अभी हम नए हैं, किसी ने हमें कुछ बताया ही नहीं।”
इसी तरह राजीव कुमार प्रजापति, जो वर्तमान में ठेकेदारी कार्य कर रहे हैं, बोले: “हमें यहां आए अभी 10-15 दिन ही हुए हैं, इससे पहले कोई और ठेकेदार कार्यरत था।”
दोनों बयानों से साफ़ है कि न योजना की कोई जवाबदेही तय की गई है, और न ही ग्राम पंचायत को इसकी मॉनिटरिंग करने की कोई गंभीरता है।

पंचों की नाराज़गी: “रिक्शा पड़ा है, कभी उपयोग नहीं हुआ”

ग्राम पंचायत के पंच धनशाय सिंह और पंच उत्तम कुमार दोनों ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि “पिछले पांच वर्षों से देखा जा रहा है कि सफाई के लिए जो रिक्शा लिया गया था, वो पंचायत के सामने यूं ही पड़ा हुआ है। इसका कभी कोई उपयोग नहीं हुआ।”



सीईओ ने कहा- “आपके माध्यम से जानकारी मिली, जांच कराएंगे”

जब इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ अजय सिंह राठौर से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “आपके माध्यम से ही यह बात सामने आई है कि रिक्शा का उपयोग नहीं हो रहा है। मैं तुरंत जांच टीम भेजूंगा।”
उनके इस जवाब ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब ग्राम पंचायत में लाखों रुपए की सामग्री धूल फांक रही है, तो संबंधित अधिकारी को इसकी खबर तक क्यों नहीं?

कब सुधरेगा सिस्टम?

इस पूरी घटना से साफ़ है कि योजनाएं तो बनाई जा रही हैं, पैसे भी खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन उन पर निगरानी नहीं हो रही। साइकिल रिक्शे जो कचरा उठाने के लिए खरीदे गए थे, अब जंग लगने से कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। शासन-प्रशासन की लापरवाही का सीधा असर गांव की स्वच्छता पर पड़ा है, और ग्रामीणों को इसका खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है।

अब देखना यह है कि जांच के बाद दोषियों पर कोई कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी बाकी योजनाओं की तरह फाइलों में ही दबकर रह जाएंगे।

उर्वरक दुकान में मिली अनियमितता, दुकानदार को नोटिस जारी, जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए नमूने…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देश पर विकासखण्ड लुण्ड्रा के ग्राम उदारी में मेसर्स नवाज जनरल स्टोर संस्थान में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा सोमवार को औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उर्वरक दुकान में कई कमियां एवं अनियमितताएं पायीं गईं। इस दौरान विभिन्न उर्वरकों के नमूने लेकर परीक्षण हेतु प्रयोगशाला को प्रेषित किया गया। अनियमितताओं हेतु संबंधित प्रोपराइटर शाहिद हुसैन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनके संस्थान पर वर्तमान में विक्रय प्रतिबंध लगाने की कार्यवाही की गई। जांच में उप संचालक कृषि पीतांबर सिंह दीवान, नायब तहसीलदार मोइनुद्दीन खान,अनुविभागीय कृषि अधिकारी अम्ब्रोस टोप्पो, सहायक संचालक कृषि अभिषेक झा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बिबियाना बेक एवं सी.आर. पैंकरा, कृषि विकास अधिकारी जे. आलम शामिल रहे।

तेज रफ्तार स्कूटी और बाइक में भिड़ंत, देवर– भाभी समेत 3 की मौत…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शहर से लगे बनारस रोड स्थित चठीरमा में रविवार की दोपहर दो तेज रफ्तार स्कूटी और बाइक की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पल्सर बाइक सवार देवर– भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें 108 की सहायता से मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।

मिली जानकारी के अनुसार, सूरजपुर जिले के ग्राम कसकेला निवासी करण यादव (20 वर्ष) अपनी गर्भवती भाभी रिया यादव (21 वर्ष) को इलाज के लिए पल्सर बाइक से अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर जा रहा था, इसी दौरान सामने से आ रही एक अन्य तेज रफ्तार स्कूटी से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार ओडिशा के संबलपुर जिला निवासी देव मंडल (16 वर्ष) पिता कार्तिक मंडल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि देवर-भाभी को गंभीर हालत में मेडिकल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

टैक्स चोरी में संलिप्त व्यवसायियों पर स्टेट जीएसटी विभाग की बड़ी कार्यवाही, दो फर्मों से करोड़ों के घोटाले का हुआ खुलासा…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर :  राज्य शासन के निर्देशानुसार कर अपवंचन करने वाले व्यवसायियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्टेट जीएसटी विभाग, अंबिकापुर द्वारा विगत दिनों दो प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर बड़ी कार्यवाही की गई है। इन जांचों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और कर चोरी के प्रमाण सामने आए हैं।

बंसल ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन पर 158 करोड़ के टर्नओवर के बावजूद शून्य कर भुगतान
 29 मई 2025 को स्टेट जीएसटी विभाग द्वारा मेसर्स बंसल ट्रेडिंग कॉर्पोरेशन, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर जांच की गई। भारत सरकार के जीएसटी पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस फर्म का रिस्क स्कोर 10 पाया गया, जो कर अपवंचन की उच्च संभावना को दर्शाता है।
 जांच के दौरान यह पाया गया कि व्यवसाय स्थल पर न तो कोई लेखा-पुस्तक संधारित की गई थी, न ही किसी सॉफ्टवेयर जैसे टैली का उपयोग हो रहा था। आगे की जांच में यह तथ्य सामने आया कि फर्म ने वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक लगभग 158 करोड़ रूपए का कारोबार किया, किंतु इस पर नगद कर भुगतान शून्य किया गया।
 ई-वे बिल की जांच में भी गंभीर अनियमितता सामने आई। वर्ष 2023-24 में फर्म द्वारा 29.50 करोड़ रूपए का माल क्रय किया गया, जबकि मात्र 50 लाख रूपए की आपूर्ति दर्शाई गई। इससे यह संकेत मिला कि शेष माल का विक्रय आम उपभोक्ताओं को कर रहित तरीके से किया गया तथा बिल अन्य व्यवसायियों के नाम बनाकर बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ प्रदान किया गया। इससे केंद्र एवं राज्य सरकार को कर राजस्व की भारी क्षति हुई।

हालांकि व्यवसायी ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए 40 लाख रूपए कर राशि का स्वैच्छिक भुगतान करने की इच्छा जताई, परंतु विभाग द्वारा मांगे गए दस्तावेज अब तक प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। जांच अभी भी जारी है।

लक्ष्मी ट्रेडर्स पर भी कर चोरी के प्रमाण, 17.55 लाख रूपए का स्वैच्छिक भुगतान
इसके अतिरिक्त, 30 एवं 31 मई 2025 को मेसर्स लक्ष्मी ट्रेडर्स, अंबिकापुर के व्यवसाय स्थल पर भी जांच की गई। इस फर्म द्वारा वर्ष 2017-18 से 2024-25 तक 96 करोड़ रूपए से अधिक का कारोबार किया गया, किंतु कर का नगद भुगतान नगण्य मात्रा में किया गया है। वर्ष 2023-24 में 11 करोड़ रूपए का माल क्रय दिखाया गया, जबकि आपूर्ति मात्र 7 करोड़ रूपए की ही दर्ज की गई। इससे कर चोरी की संभावनाएं उजागर हुईं। व्यवसायी द्वारा अपनी गलती स्वीकार करते हुए 17.55 लाख रूपए कर राशि का स्वैच्छिक भुगतान किया गया है। इस फर्म के विरुद्ध पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

पशुओं से फसल की रक्षा करने लगाए गए करंट की चपेट में आकर दो युवकों की मौत…

हिंद स्वराष्ट्र लखनपुर : लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंडरीपानी में पशुओं से फसल की रक्षा के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आकर दो युवकों की मौत हो गई हैं। बताया जा रहा हैं कि मवेशियों से धान की फसल को बचाने के लिए विद्युत पोल से अवैध हुकिंग कर खेत के चारों ओर करंट लगाया गया था। जिसकी चपेट में आकर दोनों युवकों की मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार लखनपुर थाना क्षेत्र के लोसगी पंडरीपानी में किसान के द्वारा अवैध हुकिंग कर खेत के चारों ओर करंट लगाया गया था ताकि मवेशी उनकी फसल को नुकसान न पहुंचा सके। इसी करंट की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में विष्णु माझी पिता पिता धनी राम और नीर साय यादव पिता पवन साय बताया जा रहा है। सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों ने दोनों के शव को खेत में पड़ा देखा और इसकी सूचना लखनपुर थाने को दी सूचना पर पहुंची लखनपुर पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर दोनों को पीएम के लिए भेज दिया हैं और मामले की जांच कर रही हैं।

शासकीय भूमि में निजी विद्यालय का किया जा रहा था संचालन प्रशासन ने करवाया खाली…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : कलेक्टर राजेंद्र कटारा के निर्देशन में अतिक्रमित शासकीय भूमि पर लगातार कार्यवाही जारी है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शंकरगढ़ करुण डहरिया के नेतृत्व में शासकीय भूमि पर संचालित निजी विद्यालय को हटवाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व करुण डहरिया ने जानकारी दी है कि ग्राम भगवतपुर में शासकीय भूमि पर निजी विद्यालय संचालन की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर जाकर जांच की, जाँच में पाया गया कि तहसील शंकरगढ़ अंतर्गत ग्राम भगवतपुर में ग्रामवासी समसुद्दीन अंसारी द्वारा बिना किसी वैधानिक अनुमति के शासकीय भूमि पर निर्माण कर निजी विद्यालय संचालित किया जा रहा है। इस पर संज्ञान लेते हुए तहसीलदार शंकरगढ़ ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन दिवस के भीतर अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया। जिसके अनुपालन में 30 मई को अतिक्रमणकर्ता ने स्वयं कब्जा हटा लिया।
अनुविभागीय अधिकारी करुण डहरिया ने कहा है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण करने नहीं दिया जाएगा। प्रशासन की प्राथमिकता है कि सार्वजनिक और शासकीय संपत्तियों का संरक्षण हो और उनका उपयोग जनहित में किया जाए। शासकीय भूमि के अवैध कब्जे पर प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रही है। आगे भी ऐसी अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाएगी। यदि किसी के द्वारा कब्जा करते पाया जाता है तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

शालाओं का युक्तियुक्तकरण शिक्षा की गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक प्रभावशाली कदम, जिले में 213 स्कूलों का होगा युक्तियुक्तकरण…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव डालने वाली पहल पर कार्य कर रहा है। राज्य सरकार ने स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने, संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने और शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित करने के उद्देश्य से शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की व्यापक प्रक्रिया प्रारंभ की है। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधानों के अनुरूप की जा रही है।

शिक्षा क्षेत्र में समग्र सुधार की मंशा
जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि शासन के गाइडलाइन के अनुसार एक ही परिसर में स्थित प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चतर माध्यमिक स्कूलों का समायोजन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले में 213 विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक किलोमीटर के दायरे में स्थित स्कूलों और शहरी क्षेत्रों में 500 मीटर के भीतर स्थित विद्यालयों को चिन्हित कर उनका समायोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतरता को सुनिश्चित करना है।

स्कूलों के युक्तियुक्तकरण से होंगे महत्वपूर्ण लाभ
जिला शिक्षा अधिकारी सिन्हा ने बताया कि इस योजना के तहत किए गए स्कूल समायोजन और अतिशेष शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में सुधार होगा।

शिक्षक विहीन स्कूलों में सुधार
छत्तीसगढ़ के अनेक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं, जहाँ केवल एक शिक्षक पदस्थ हैं या शिक्षक ही नहीं हैं। युक्तियुक्तकरण से ऐसे स्कूलों में अब अतिशेष शिक्षकों की तैनाती संभव होगी।

साझा संसाधनों का बेहतर उपयोग
विद्यालय परिसरों में पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला और खेल सामग्री जैसी सुविधाएं अब साझा की जा सकेंगी, जिससे छात्रों को समृद्ध शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

प्रशासनिक संरचना में सुधार
अब हायर सेकेंडरी स्तर के प्राचार्य के अधीन अन्य स्तरों के प्रधानपाठक कार्य करेंगे, जिससे शैक्षणिक और प्रशासनिक संचालन में एकरूपता और समन्वय सुनिश्चित होगा।

आर्थिक संसाधनों की बचत
अलग-अलग विद्यालयों की तुलना में एकीकृत स्कूल परिसरों के माध्यम से स्थापना व्यय में कमी आएगी।

ड्रॉपआउट दर में कमी
विद्यालयों की आपसी दूरी कम होने और शिक्षा की निरंतरता बनी रहने से छात्र बीच में पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति में गिरावट आएगी।

बार-बार प्रवेश लेने की आवश्यकता समाप्त
एक ही परिसर में विभिन्न कक्षाओं का संचालन होने से छात्रों को कक्षा बदलने पर विद्यालय बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

बेहतर अधोसंरचना का निर्माण
जब एक ही परिसर में अधिक संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक होंगे, तो वहां बेहतर भवन, स्मार्ट क्लासरूम, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, डिजिटल सुविधाओं जैसे अधोसंरचना विकास की संभावना भी अधिक होगी।

शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव
सिन्हा ने कहा कि यह पहल केवल स्कूलों के समायोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य संपूर्ण स्कूली शिक्षा तंत्र को दक्ष, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। उन्होंने कहा कि यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जहां संसाधनों की कमी और शिक्षक अनुपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है।
राज्य सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में नीतिगत सुधार, समावेशी विकास और भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप बदलाव की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों से निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में नया अध्याय जुड़ेगा।

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