हिंद स्वराष्ट्र कोरिया राजन पाण्डेय : अपनी विशिष्टता के कारण भारतीय योग अब भारत सहित पूरे विश्व में तेजी से अपनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में आगामी 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन सभी अमृत सरोवरों के तट पर भी किया जाएगा। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि कलेक्टर कोरिया एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक महात्मा गांधी नरेगा श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में पूरे जिले में यह आयोजन किया जाएगा। योग दिवस के आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष ने बताया कि राज्य स्तर से इस आयोजन के विस्तृत दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं जिनके तारतम्य में जनपद पंचायतों के आवश्यक गतिविधियों की रूपरेखा प्रेषित की गई है। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि ग्राम पंचायतों में आयोजित होने वाले विश्व योग दिवस के आयोजन में विशेष तौर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंच, स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों के साथ शासकीय कर्मचारियों के साथ मनरेगा के पंजीकृत श्रमिक अमृत सरोवरों के तट पर योग के सामान्य आसन, प्राणायाम और ध्यान आदि के सहज क्रियाओं का अभ्यास करेंगे।
उन्होने बताया कि योग के साथ ही देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ग्राम पंचायत के सरपंचों के नाम संदेश वाचन भी किया जाना है। आम जनों को योग के लाभ का महत्व बतलाते हुए उन्हें योग के प्रतिदिन अभ्यास से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए परिचर्चा और गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका मूल उद्देश्य आम जनों को योग के प्रयोग से आम जीवन में निरोगी रहने और स्वस्थ जीवनशैली की ओर प्रेरित करना होगा। गतिविधियों के आयोजन के पश्चात इसका प्रतिवेदन जिला पंचायत कार्यालय को प्रेषित करने के निर्देश भी प्रसारित किए गए हैं।
जिला पंचायत सीईओ डॉ आशुतोष ने आगे बताया कि अमृत सरोवरों के तट पर आयोजन किया जाना है और यदि बारिश हो जाती है तो यह आयोजन ग्राम पंचायत भवन या उस ग्राम में उपलब्ध सार्वजनिक भवनों में भी किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही बारिश के मद्देनजर सभी मिट्टी कार्यों के त्वरित मूल्यांकन एवं सत्यापन के निर्देश भी जारी किए गए हैं। बारिश के बाद मिट्टी कार्यों के मूल्यांकन सत्यापन में दिक्कत हो सकती है इसलिए राज्य के निर्देशानुसार सभी मिटटी कार्यों खासकर अमृत सरोवरों और डबरी आदि के कार्यों में मिट्टी का मूल्यांकन आगामी दो दिवस में पूरा कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही इन समस्त कार्यों का सत्यापन अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
अमृत सरोवरों के तट पर भी 21 जून को मनाया जाएगा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस – डॉ आशुतोष
2 दिन की बारिश से बड़ा नदी–नालों का जलस्तर, दो महिलाएं और दो बच्चे नदी पार करते वक्त बहे, तलाश जारी…
हिंद स्वराष्ट्र सीतापुर : सरगुजा संभाग में बीते दो दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है संभाग के नदी नाले अब उफान पर आ गए है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का जनजीवन खतरे में आ गया है। उफान में बह रही नदी नालों को पार करते लोग अपने जीवन को खतरे में डाल रहे हैं इसी क्रम में गुरुवार की शाम सीतापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ढोढ़ागांव की दो महिला और दो बच्चे मैनी नदी को पार करने के प्रयास में बह गए। नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से चारों पानी के तेज बहाव में फंस गए और देखते ही देखते लापता हो गए। प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा उनकी खोजबीन की जा रही है, लेकिन शुक्रवार सुबह तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है।
मिली जानकारी के अनुसार लापता लोगों में महिला सोमारी पति कसटू 45 वर्ष, अंकिता पिता अजित 8 वर्ष, बिनावती पति सुरेश 30 वर्ष एवं अरसय पिता सुरेश 3 वर्ष शामिल हैं। सभी निवासी ढोढ़ागांव, थाना सीतापुर हैं। गुरुवार शाम ये चारों मैनी नदी को पार कर रहे थे। भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया था, जिससे ये लोग नदी पार नहीं कर सके और बह गए। बताया जा रहा है कि दोनों महिला अपने बच्चों को लेकर दोपहर में पुट्टू-खुखड़ी बीनने जंगल गई थी और वापसी के दौरान यह घटना हो गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घुसकर तोड़फोड़ और महिला मरीज की निजता भंग करने मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र रघुनाथनगर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथनगर में देर रात तीन युवकों पर नशे की हालत में अस्पताल परिसर में घुसकर जमकर उत्पात मचाने, मेडिकल स्टाफ को डराने-धमकाने, दवाओं को नुकसान पहुंचाने और मरीजों की निजता भंग करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर रघुनाथनगर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 17 जून 2025 की रात 10:21 बजे तीन युवक एक कार में सवार होकर बिना पूर्व सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रघुनाथनगर पहुंचे। आरोपियों ने पहले दवाखाना कक्ष में घुसकर दवाओं के डब्बे को डस्टबिन में फेंक दिया और फिर अस्पताल के विभिन्न कक्षों में घूम-घूमकर चीज़ें तलाशने लगे। CCTV फुटेज से यह भी सामने आया कि एक युवक डिलेवरी कक्ष में घुसा, जहां पहले से ही एक महिला मरीज भर्ती थी जिससे उसकी निजता का घोर उल्लंघन हुआ।तीनों आरोपी नशे की हालत में थे और मेडिकल स्टोर का ताला तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। वार्ड ब्वॉय द्वारा पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि उन्हें “कंडोम चाहिए”। तुरंत स्टाफ द्वारा इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। प्रार्थी चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृपाशंकर भगत द्वारा लिखित शिकायत पर थाना रघुनाथनगर में अपराध क्रमांक 81/2025 धारा 305/62, 331(4) बी.एन.एस. एवं छत्तीसगढ़ चिकित्सा सेवक तथा चिकित्सा सेवा संस्थान अधिनियम 2010 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। मामले में पुलिस ने आरोपी राहुल जायसवाल 26 वर्ष पिता राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल निवासी रमेशपुर, सुशील जायसवाल 19 वर्ष पिता सुनील जायसवाल निवासी रमेशपुर और विपुल जायसवाल 21 वर्ष पिता कन्हैया जायसवाल, निवासी रमेशपुर को प्रथम दृष्टया आरोप प्रमाणित पाए जाने पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक दुवेन्द सिंह टेकाम, सहायक उप निरीक्षक ललित एक्का, सउनि अजय बघेल, प्रधान आरक्षक राजेश तिर्की, आरक्षक मदनेश कुमार व संतयुश केरकेट्टा की भूमिका सराहनीय रही।
काउंसलिंग में नहीं था रिक्त पद, फिर कैसे हुई पोस्टिंग? — पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने उठाए गंभीर सवाल, DEO अजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की…
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी : भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने जिला शिक्षा अधिकारी एमसीबी अजय मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में एक बार फिर बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है।
पूर्व विधायक ने कहा कि मनेंद्रगढ़ विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक शाला बौरीडांड में काउंसलिंग के समय रिक्त पद सूची में नहीं दिखाया गया था, लेकिन बाद में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा उस पद को “अचानक” रिक्त दर्शाकर अर्णिमा जायसवाल नामक शिक्षक की युक्तियुक्तकरण के तहत पोस्टिंग कर दी गई। शेष समस्त महिला शिक्षिकाओं के साथ अन्याय करते हुए अन्य महिलाओं को डेढ़ सौ किलोमीटर तक पदस्थ किया गया और अर्णिमा जायसवाल को लोकल पदस्थ किया गया ।
गुलाब कमरों का कहना है कि यह मामला केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि एक सुनियोजित भ्रष्टाचार का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें शिक्षकों की भावनाओं और न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ किया गया है।
उन्होंने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की है।
“यह शिक्षकों के भविष्य और पारदर्शिता की बात है। यदि ऐसे मामलों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य शिक्षकों के साथ भी अन्याय होगा,” — गुलाब कमरों, पूर्व विधायक
संजय राठौर के विरुद्ध जनदर्शन में एक और शिकायत, रिश्वत की मांग और चहेते भू–माफिया के नाम पैतृक जमीन करने का लगाया आरोप…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : कलेक्टर कार्यालय सूरजपुर में जनदर्शन के दौरान निलंबित भैयाथान तहसीलदार संजय राठौर के विरुद्ध एक और शिकायत पीड़ित पक्ष ने की है। पीड़ितों का आरोप है कि संजय राठौर द्वारा अपने चहेते भू माफिया के साथ मिलकर शिकायतकर्ता की पैतृक जमीन उसके नाम कर दी गई हैं और जमीन बचाने के नाम पर पीड़ित से संजय राठौर के सहयोगी द्वारा रिश्वत के रूप में 20000 रुपयों की मांग की गई थी।


पीड़ित पक्ष द्वारा दिए गए आवेदन में बताया गया हैं कि आवेदक की पैतृक संपत्ति में से एक भूमि जिसका खसरा क्र. 32/3 है व रकबा 0. 250 हे. है और जो ग्राम कोईलारी, परवारी हल्का नं. 11, राजस्व निरीक्षक मण्डल, शिवप्रसादनगर, तहसील भैयाधान, जिला – सूरजपुर में स्थित है, उस पर आवेदक आज पर्यंत तक काबिज हैं। यह भूमि आवेदक को पैतृक सम्पति के रूप में प्राप्त है और इस भूमि पर सहखातेदार के रूप में आवेदक के भाई धानेश व महेश भी सहखातेदार हैं। इस भूमि पर आवेदक से पूर्व उसके पिता और उनसे पूर्व उसके दादा काबिज थे और राजस्व अभिलेख में भी भूमि स्वामी थे। इस भूमि पर आवेदक की माता कमलादेवी भी पिता की मृत्यु पश्चात सह खातेदार थीं किन्तु उनकी मृत्यु हो जाने पर पिछले वर्ष 2024 में उनका नाम विलोपित होकर दो भाइयों के साथ उनका नाम दर्ज था। किंतु अभी कुछ दिन पूर्व आवेदक को ज्ञात हुआ कि उसकी भूमि खसरा क्रं. 32/3 है, उस पर गांव के एक व्यक्ति का नाम भूस्वामी के रूप में दर्ज हो गया हैं। पीड़ित ने तत्कालीन तहसीलदार संजय राठौर पर आरोप लगाते हुए बताया कि संजय राठौर के कार्यकाल में उनके चहेते भूमि माफियाओं की दुकान बनकर तहसील न्यायालय द्वारा भूमि हड़पने का कार्य किया जा रहा था और संजय राठौर के एक अत्यन्त प्रिय भू-माफिया, और ग्राम कोयलारी के ही व्यक्ति और तहसीलदार संजय राठौर के साथ नायब तहसीलदार जैसे रहने वाले व्यक्ति द्वारा आवेदक से बीस हजार रुपये की मांग आवेदक की भूमि को बचाने के लिए मांगे गए थे।
द्वारा कलेक्टर की समक्ष आवेदन देते हुए आरोपियों की उचित कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की गई हैं।


Fastag Annual Pass: पहले से है फास्टैग, तो क्या करें? ‘पास’ से जुड़े हर सवाल का जवाब है यहां…
Fastag annual pass केंद्र सरकार ने मध्य वर्ग के लोगों को राहत देते हुए बड़ा एलान किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीन हजार रुपये मे फास्टैग (Fastag annual pass) आधारित वार्षिक टोल पास बनेगा।
15 अगस्त से होगा लागू
केंद्र सरकार ने 15 अगस्त से राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीन हजार रुपये में फास्टैग आधारित वार्षिक टोल पास जारी करने की घोषणा की है। नई टोल नीति का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था और बुधवार को किया गया एलान इसी का हिस्सा है।
वार्षिक टोल पास (Fastag annual pass) असीमित यात्रा के लिए नहीं होगा, जैसी कि पहले संभावना जताई जा रही थी। तीन हजार रुपये का पास एक वर्ष या अधिकतम 200 ट्रिप (जो भी पहले हो) के लिए मान्य होगा। ट्रिप का अर्थ एक टोल प्लाजा पार करना है।
प्रश्न: एक राउंड ट्रिप को एकल यात्रा के रूप में गिना जाएगा?
उत्तर: नहीं। एक राउंड ट्रिप (जाने और लौटने) को दो यात्राओं के रूप में गिना जाएगा।
प्रश्न: क्या मुझे अपने वार्षिक पास से संबंधित एसएमएस से सूचनाएं प्राप्त होंगी?
उत्तर: हां। वार्षिक पास को सक्रिय करके आप राजमार्ग यात्रा पर सहमति देकर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं। वार्षिक टोल पास (Fastag annual pass) असीमित यात्रा के लिए नहीं होगा, जैसी कि पहले संभावना जताई जा रही थी। तीन हजार रुपये का पास एक वर्ष या अधिकतम 200 ट्रिप (जो भी पहले हो) के लिए मान्य होगा। ट्रिप का अर्थ एक टोल प्लाजा पार करना है।
प्रश्न: वार्षिक पास कैसे सक्रिय होगा?
उत्तर: वार्षिक पास वाहन की पात्रता और संबंधित फास्टैग की पुष्टि के बाद सक्रिय होगा। सफल सत्यापन के बाद उपयोगकर्ता को राजमार्ग यात्रा मोबाइल एप या एनएचएआइ वेबसाइट के माध्यम से 2025-26 के लिए 3000 रुपये का भुगतान करना होगा। भुगतान की पुष्टि होने पर वार्षिक पास पंजीकृत फास्टैग पर सक्रिय हो जाएगा।
प्रश्न: यदि पहले से फास्टैग है तो क्या मुझे वार्षिक पास के लिए नया खरीदना होगा?
उत्तर: नहीं। आपको नया फास्टैग खरीदने की आवश्यकता नहीं है। अगर आपका मौजूदा फास्टैग पात्रता मानदंडों को पूरा करता है तो वार्षिक पास सक्रिय किया जा सकता है।
प्रश्न: अगर मेरा फास्टैग केवल चेसी नंबर का उपयोग करके पंजीकृत है तो क्या मैं वार्षिक पास प्राप्त कर सकता हूं?
उत्तर: नहीं। वार्षिक पास केवल उन फास्टैग पर जारी नहीं किया जा सकता जो केवल चेसी नंबर के साथ पंजीकृत हैं। आपको वार्षिक पास को सक्रिय करने के लिए वाहन पंजीकरण संख्या (वीआरएन) को अपडेट करना होगा।
प्रश्न: एक राउंड ट्रिप को एकल यात्रा के रूप में गिना जाएगा?
उत्तर: नहीं। एक राउंड ट्रिप (जाने और लौटने) को दो यात्राओं के रूप में गिना जाएगा।
प्रश्न: क्या मुझे अपने वार्षिक पास से संबंधित एसएमएस से सूचनाएं प्राप्त होंगी?
उत्तर: हां। वार्षिक पास को सक्रिय करके आप राजमार्ग यात्रा पर सहमति देकर अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट प्राप्त कर सकते हैं।
FASTag एनुअल पास से कैसे होगी बचत
मान लीजिए कि आप किसी ऐसे रूट पर रोजाना सफर करते हैं जहां एक तरफ का टोल 50 रुपये है. ऐसे में अगर आप साल भर में 200 बार टोल क्रॉस करते हैं तो आपको कुल 10,000 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. लेकिन एनुअल टोल पास लेने के बाद आप वही काम आप सिर्फ 3,000 रुपये में कर लेंगे. इसका मतलब हुआ सीधे 7,000 रुपये की बचत. अगर आप ऐसे रूट पर हैं जहां टोल और भी ज्यादा है, तो आपकी बचत और भी बढ़ सकती है.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मीडिया कवरेज को लेकर जारी किया गया तुगलकी फरमान, पत्रकारों के विरोध के बाद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया निरस्त….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में मीडिया कवरेज को लेकर जारी किया गया विवादित आदेश अब निरस्त कर दिया गया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को पत्रकारों के विरोध और आक्रोश को गंभीरता से लेते हुए यह निर्णय लिया हैं। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि जारी आदेश तत्काल प्रभाव से रद्द करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दे दिए गए हैं, और आगे किसी भी निर्णय से पहले पत्रकारों की सहमति ली जाएगी।
क्या था आदेश :



आदिम जाति विकास विभाग में तबादले, देखें आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आदिम जाति विकास विभाग द्वारा आज दो अलग– अलग आदेश जारी कर अधिकारियों के तबादले किए हैं। पहले आदेश में 14 मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के तबादले किए गए हैं वही दूसरे आदेश में 9 परियोजना प्रशासक अधिकारियों के तबादले हुए हैं।
देखें आदेश :




चंगाई सभा के आयोजन की दी अनुमति, धर्मांतरण को बढ़ावा देने के आरोपों के बीच एसडीएम और तहसीलदार का हुआ तबादला…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : बलरामपुर जिले के राजपुर में धर्मांतरण के नाम पर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपों के घेरे में आए राजपुर के एसडीएम और तहसीलदार का तबादला कर दिया गया है। उल्लेखनीय हैं कि चंगाई सभा के आयोजन की अनुमति प्रशासन द्वारा दिए जाने को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। हिंदू संगठनों ने इस मामले में राजपुर के एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर और तहसीलदार पूनम रश्मि तिग्गा पर धर्मांतरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। जिसके बाद अब प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, एसडीएम राजीव जेम्स कुजूर को जिला कार्यालय बलरामपुर में स्थानांतरित किया गया है, जबकि तहसीलदार पूनम रश्मि तिग्गा को कलेक्टर कार्यालय की भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ किया गया है। वहीं, संयुक्त कलेक्टर देवेंद्र कुमार प्रधान को राजपुर का अतिरिक्त एसडीएम बनाया गया है और नायब तहसीलदार नरेन्द्र कुमार कंवर को प्रभारी तहसीलदार का प्रभार सौंपा है।
TI, SI समेत 16 पुलिस अधिकारियों के तबादले, देखें आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 176 प्रधान आरक्षक और आरक्षकों के तबादले के बाद, देर रात पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 16 पुलिस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश में दो निरीक्षक, पांच उप निरीक्षक और 9 सहायक उप निरीक्षक के तबादले किए गए हैं।
देखें आदेश :

यूथ इंटक सरगुजा जिला कार्यकारिणी का हुआ गठन…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव के निर्देश एवं रेड क्रॉस के चेयरमैन आदितेश्वर शरण सिंह देव एवं प्रदेश सचिव शैलेंद्र प्रताप सिंह की अनुशंसा पर यूथ इंटक प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष शील के द्वारा अनुराग नामदेव को INTUC (इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस) का युवा विंग यूथ इंटक का सरगुजा जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह को जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष जीत रजवाड़े को जिला उपाध्यक्ष, आर्यन चौबे को यूथ इंटक नगर अध्यक्ष, नितिन कुशवाहा को विधानसभा अध्यक्ष सौरव विश्वकर्मा को संयुक्त महामंत्री बनाया गया ।
शैलेंद्र प्रताप सिंह के द्वारा बताया गया कि यूथ इंटक संगठन शहर के कई बड़े मुद्दों पर लगातार कार्य किया जिसमे शहर के महेंद्र गढ़ रोड के जर्जर हालत के ख़िलाफ़ प्रदर्शन,बिजली विभाग का घेराव ,बड़ती महँगाई के ख़िलाफ़ आंदोलन शहर के कई सड़को के जर्जर हालत पर प्रदर्शन कर सड़क निर्माण करवाया तथा मजदूरों और युवाओं के हक के लिए हमेशा आवाज़ उठाया है इस नियुक्ति से संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी ।
सरगुजा पुलिस में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, लंबे समय से एक ही थाना/चौकियों में पदस्थ 176 प्रधान आरक्षकों/आरक्षकों के तबादले,, देखें आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से सरगुजा पुलिस मे पदस्थ 176 प्रधान आरक्षक/आरक्षको का स्थानांतरण आदेश जारी किया गया है।
देखें आदेश :







शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंचा शिक्षक, जमीन पर लोट करने लगा अजीब हरकत,, सोशल मीडिया में वायरल हुआ वीडियो…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राज्य में ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म होने के बाद कल सोमवार से नए शिक्षा सत्र की शुरूआत हो गई है। जहां सभी स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाकर बच्चों का स्वागत किया जा रहा हैं वहीं दूसरी ओर एक स्कूल में शिक्षा सत्र के पहले दिन ही एक शिक्षक शराब के नशे में धुत्त होकर स्कूल पहुंचा और स्कूल में ताला जड़कर शराब के नशे में जमीन पर लेटा रहा। मामले की सूचना पर अभिभावक स्कूल पहुंचे और शराबी शिक्षक का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया वायरल कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक का है जहां देवटिकरा प्राइमरी स्कूल में ताला बंदकर शिक्षक रजक राम शराब के नशे में सो गया। इस दौरान जब अभिभावक स्कूल पहुंचे तो टीचर स्कूल के बाहर ही नशे बेसुध पड़ा था। उन्होंने इसका वीडियो बनाया और वायरल कर दिया। मामले की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी को दी गई। सूचना पर BEO द्वारा अभिभावक और वहां मौजूद लोगों का बयान लिया गया और शराबी शिक्षक को निलंबित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र प्रेषित कर दिया गया है।
बालको प्रबंधन के अवैधानिक कार्यों पर रोक लगाए प्रशासन : सांसद ज्योत्सना महंत, आवागमन और जनजीवन को अवरूद्ध होने से बचाने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र…
हिंद स्वराष्ट्र कोरिया राजन पाण्डेय : कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय व जिला प्रशासन को पत्र प्रेषित कर कहा है कि भारत एल्युमिनियम कम्पनी लिमिटेड (वेदांता) बालको के द्वारा सेक्टर 6 मिनीमाता चौक के सामने पूर्व प्रचलित मार्ग को अवरूद्ध करते हुए बड़े झाड़ के जंगल में बाऊंड्रीवाल, ब्लीचिंग प्लांट, उंचे भवन का निर्माण हेतु संबंधित विभागों से अनुमति की प्रक्रिया हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है, उक्त निर्माण से सेक्टर-6 के पीछे श्रमिक बाहुल्य बस्ती नगर पालिक निगम के वार्ड क्रमांक 40-41 पाड़ीमार क्र. 01 के भदरापारा, इंदिरा मार्केट, डुग्गुपारा, उपका मोहल्ला, गणेश नगर में हजारों परिवार का आवागमन अवरूद्ध होने की एवं व्यवसायियों को इसका प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा। उपरोक्त वार्ड के निवासी अपने कार्यों के लिए इस मार्ग का उपयोग कई वर्षो से करते आ रहे हैं। मोहल्ले के सभी वर्ग के बच्चों का स्कूल (प्राइमरी, हाई, हायर सेकण्डरी स्कूल) भी बालको नगर में स्थित है। सांसद ने मुख्यमंत्री सहित उप मुख्यमंत्री अरूण साव, कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, टंकराम वर्मा, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत व पुलिस अधीक्षक, आयुक्त, वनमंडलाधिकारी सहित प्रबंधन टाउन एंड कंट्री प्लानिंग को स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा की गई शिकायतों की प्रति प्रेषित कर कहा है कि वेदांता प्रबंधन द्वारा पूर्व में भी उक्त स्थल पर बाऊंड्रीवाल निर्माण हेतु नगर पालिक निगम कोरबा में अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें उक्त भूमि बालको प्रबंधन की न होने व नजूल भूमि होने से तथा जन आक्रोश एवं भारी विरोध के कारण तत्कालीन जिलाधीश के द्वारा जनहित में बालको प्रबंधन के बेजा बाऊंड्रीवाल निर्माण कार्य को प्रतिबंधित कर खारिज कर दिया गया था। उक्त भूमि बड़े झाड़ के जंगल व नजूल भूमि के अंतर्गत होने और सार्वजनिक सुखाधिकार के कारण बालको प्रबंधन को किसी भी प्रकार के निर्माण की अनुमति देना जनहित में उचित नहीं होगा। सांसद ज्योत्सना महंत ने जिलाधीश कोरबा को प्रेषित पत्र में कहा है कि स्थानीय लोगों के जन आक्रोश एवं भारी विरोध को देखते हुए जनहित में बालको के सभी आवेदनों को निरस्त करने एवं बालको प्रबंधन द्वारा बलात् किये जा रहे निर्माण कार्य पर अविलंब रोक लगाने की नितांत आवश्यकता है।
जीवित सौतेली माँ शैलकुमारी को कागजों में दो बार बताया मृत ,पुलिस अधीक्षक से हुई शिकायत…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : भैयाथान तहसील का बहुचर्चित मामला इन दिनों सुर्खियों में छाया हुआ है जिसमें आमजन मानस भी इस मामले में होने वाले कार्यवाही का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। इसी बीच शैलकुमारी दुबे के परिवार जनों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र को जब्त कर कार्यवाही करने की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को एक शिकायत आवेदन भी प्रस्तुत किया है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को बताया है की कैसे एक कलयुगी पुत्र ने अपनी सौतेली माँ को कागजों में एक नहीं अलग अलग समय में दो बार मृत बताकर दो स्थानों की भूमि विक्रय की है।







ग्राम कोयलारी, पटवारी हल्का नंबर ११ ,तहसील भैयाथान, जिला सूरजपुर (छ.ग. ) में पं रतन शाह दुबे के वंशज दो मुहल्लों में निवासरत है जो कि स्टेट काल से पटेल और भैयाथान (झिलमिली ) के राजपरिवार के राजपुरोहित रहे हैं। इन्हीं के कुल में इनके पौत्र बालगोविन्द दुबे के पुत्र द्वारका प्रसाद दुबे के चार पुत्रों के सभी पुत्र रामकृपाल दुबे, महेंद्र दुबे, गोपेश दुबे, दीपेश दुबे, रविशंकर दुबे, सतीश दुबे, राजेश दुबे, सीधेश दुबे ने पुलिस अधीक्षक महोदय सुरजपुर से विरेन्द्र दुबे के कृत्यों से पीड़ित होकर उसके विरूद्ध शिकायत करते हुये कहा कि आपराधिक प्रवृत्ति के विरेन्द्र नाथ दुबे द्वारा जीवित शैल कुमारी दुबे को दो बार मृत घोषित कर शैल कुमारी के निजी जमीन के साथ ही परिवार की सम्मिलात खाते की भूमि को सांठगांठ से एक पक्षीय बंटवारा करवा के बेचा जा रहा है जिससे पूरा परिवार त्रस्त है ।
इस संबंध में शिकायतकर्ताओं ने बताया की ग्राम कोयलारी के सम्मिलात खाते के भूमि स्वामी द्वारका प्रसाद दुबे सूरजपुर के नगर पुरोहित भी थे उनके चार पुत्रों पण्डित किशुन राम ,पण्डित विश्वनाथ दुबे, पण्डित राधेश्याम दुबे व पण्डित ओंकार नाथ दुबे में तीसरे पुत्र पण्डित राधेश्याम दुबे जो कि वन विभाग में रेंजर के पद पर कार्यरत थे ,उनके तीन विवाह हुये। पहली पत्नि ऋद्धि से 1954 में विरेन्द्र का जन्म हुआ और जन्म देने के अल्प महीनों में उनका स्वर्गवास हो गया। इसके एक वर्ष पश्चात् उन का विवाह थाड़पाथर ( बिहारपुर ) निवासी विश्वनाथ पाठक की पुत्री सोनामति (सोनकुंवर ) से भोलाप्रसाद पाण्डेय के द्वारा सम्पन्न कराया गया। ग्राम बेदमी के निवासी और सरगुजा के जनरल काउंसलर भोलाराम पाण्डेय सोनकुंवर के मामा थे और सोनकुंवर ननिहाल में ही रहती थीं।
विवाह के दो वर्ष पश्चात उनकी भी मृत्यु हो गई। जिसके लगभग डेढ़ वर्ष के पश्चात राधेश्याम दुबे का तृतीय विवाह शैलकुमारी से हुआ जिनसे दो पुत्री और तीन पुत्र हैं।
दो अलग अलग बार शैलकुमारी को मृत बता बेची जमीन :
वर्ष 1966 में शैलकुमारी दुबे ने ग्राम नमनाकलां ,अम्बिकापुर में 17 डिसमिल भूमि क्रय की जिसे विरेन्द्र नाथ दुबे ने शैलकुमारी को 1978 में मृत बताते हुये अपने आप को उनका एकमात्र वारिस होने का फर्जी दावा कर राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ कर 1984 में नामान्तरण करवा कर देवनारायण जायसवाल को रजिस्टर्ड विक्रय पत्र के माध्यम से बेच दिया। इसकी सूचना मिलने पर शैलकुमारी दुबे सौतेला पुत्र होने के पश्चात भी विरेन्द्र के विरूद्ध एफ.आई.आर नहीं किया है और माननीय न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी अम्बिकापुर के समक्ष नामान्तरण निरस्त करने को अपील करती हैं जिस पर श्रीमान के.आर .मेहरे की न्यायालय ने 30/11/1985 को अपने आदेश में शैलकुमारी को जीवित मानते हुये शैलकुमारी के पक्ष में नामान्तरण करने का आदेश दिया , शैल कुमारी उस भूमि पर सतत काबिज रहीं |
बिरेन्द्र दुबे इस प्रकरण पर जेल जाने के भय से इस पर चुप रहे पर अपने कृत्यों से समूचे परिवार को त्रस्त करता रहा।
इसी बीच विरेन्द्र नाथ दुबे थाना रघुनाथनगर से दिनांक 09/02/1967 का शैलकुमारी दुबे का एक और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र 2006 में बनवाता है और तहसील अम्बिकापुर से शैलकुमारी को फौत बताकर और उनका फर्जी एकमात्र उत्तराधिकारी होने का दावा कर नामान्तरण आदेश करवा लेता है, लेकिन वह आदेश पालन नहीं करवाता ,क्योंकि उसे भय था कि राधेश्याम दुबे अभी जीवित हैं और वे दूसरी बार शैलकुमारी को मृत बताये जाने पर विरेन्द्र को क्षमा नहीं करेंगे और उसके विरुद्ध एफ. आई. आर. अवश्य करवायेंगे इसीलिये विरेन्द्र दुबे राधेश्याम को वृद्धावस्था में लड़ाई झगड़ा कर के पीड़ित करने लगता है जिससे वे शीघ्र मरें और विरेन्द्र, अपना खेल खेल सकें।
इसी दौरान राधेश्याम दुबे ने अपनी पत्नी शैलकुमारी से नमनाकलां की भूमि विक्रय करवा दी। विरेन्द्र के पक्ष में नामान्तरण आदेश धरा का धरा रह गया। पण्डित राधेश्याम दुबे के 2010 में देहावसान होने पर कमलेश दुबे पटवारी को धमकाने लगा कि तुमने जमीन विक्रय के दस्तावेज कैसे तैयार किए जबकि भूमि स्वामी उसके पिता विरेन्द्र हैं तब शैलकुमारी और परिजनों ने विरेन्द्र के विरुद्ध कोतवाली अम्बिकापुर में इसकी सूचना दी और विरेन्द्र को गिरफ्तार कर चालान किया गया। बाद में विरेन्द्र के छोटे पुत्र छोटु के दुखद निधन होने पर उपजे वातावरण और विरेन्द्र द्वारा क्षमायाचना किये जाने पर केस पर ध्यान न देकर बचा लिया गया। इस प्रकरण में विरेन्द्र को दोषमुक्त ही किया गया है न कि शैलकुमारी को मृत घोषित किया गया है ।
केश में बचाये जाने पर भी विरेन्द्र दुबे दुष्टता न छोड़ी और शैलकुमारी दुबे की करकोटी ,तहसील भैयाथान जिला सूरजपुर स्थित भूमि का नामान्तरण दिनांक 09/02/1967 के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर करवा कर बेच भी दिया जिसमें संजय राठौर तहसीलदार की संलिप्तता होने पर संभागायुक्त सरगुजा ने उसे निलम्बित भी कर दिया है ।
बीरेंद्र दुबे से पीड़ितों का सवाल…
ध्यान देने योग्य मुख्य बात यह है कि जिस दिनांक 09/02/1967 के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ग्राम करकोटी की भूमि का नामान्तरण करवा कर बेचा गया है उसे शैलकुमारी दुबे ने दिनांक 11/08/1976 को क्रय किया है जो कथित मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने के लगभग 9 वर्ष पश्चात का है। बीरेंद्र दुबे ने शैलकुमारी दुबे को 1978 व 1967 दोनों में दो बार मृत बताकर दो स्थानों नमनाकलां अम्बिकापुर व करकोटी,भैयाथान की भूमि नामान्तरित करवा के बेची,अब इस बारे में तो बीरेंद्र दुबे ही बता सकते है शैलकुमारी की मृत्यु एक बार होगी कि दो बार?
प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला सुखरी के एकीकरण का अभिभावक संघ सरगुजा ने जताया विरोध, प्रशासन से मामले में पुनर्विचार की रखी मांग…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जिला अभिभावक संघ सरगुजा ने ग्राम सुखरी में स्थित प्राथमिक शाला सुखरी एवं पूर्व माध्यमिक शाला सुखरी को एक परिसर मानकर किए जा रहे एकीकरण का विरोध किया है। अभिभावक संघ का कहना है कि दोनों विद्यालयों के बीच लगभग 18 फीट चौड़ी गौरव पथ है, जिस पर दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन होता है और सबसे गंभीर बात — दोनों भवनों के बीच कोई भी बाउंड्री वॉल या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में दोनों विद्यालयों के एकीकरण के इस निर्णय के कारण प्राथमिक शाला के मासूम बच्चों (5–10 वर्ष आयु वर्ग) को प्रतिदिन प्रार्थना, मिड डे मील, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य शैक्षणिक क्रियाकलापों हेतु सड़क पार करना पड़ता है, जिससे उनके जीवन पर घातक संकट मंडरा रहा है।
अभिभावक संघ की मांगे :
1. प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं को तत्काल अलग-अलग परिसरों के रूप में पुनः संचालित किया जाए।
2. जब तक यह संभव न हो, तब तक बच्चों की सुरक्षा हेतु स्थायी समाधान (सुरक्षित क्रॉसिंग, सुरक्षा गार्ड, बैरिकेडिंग आदि) तत्काल किया जाए।
3. संबंधित आदेश पर पुनर्विचार हेतु एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए।
यदि 15 दिवस के भीतर इस विषय पर कोई ठोस और विधिसंगत कार्यवाही नहीं होती है, तो जिला अभिभावक संघ, सरगुजा विधिक सलाह के उपरांत माननीय न्यायालय या बाल संरक्षण आयोग के समक्ष याचिका प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होगा।
बच्चों की सुरक्षा के प्रश्न पर कोई समझौता नहीं होगा।
क्या कहता हैं कानून
1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21A बच्चों को निःशुल्क और सुरक्षित प्राथमिक शिक्षा का अधिकार देता है।
2. मोटर यान अधिनियम, 1988 के अनुसार, ऐसे किसी भी विद्यालय परिसर को चिन्हित करना जहां वाहन दुर्घटना की आशंका हो, अनिवार्य है।
3. नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act) की धारा 8(i) में विद्यालय परिसर की सुरक्षा को अनिवार्य दायित्व बताया गया है।
4. राष्ट्रीय विद्यालय सुरक्षा नीति, 2016 के अनुसार, किसी भी विद्यालय के संचालन से पूर्व छात्रों की सुरक्षा हेतु पर्याप्त प्रबंध अनिवार्य हैं।
अभिभावक संघ की चेतावनी
यदि इस प्रशासनिक निर्णय के कारण भविष्य में कोई भी दुर्घटना घटती है, तो यह जिला अभिभावक संघ स्पष्ट करता है कि— संपूर्ण उत्तरदायित्व जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग तथा संबंधित अधिकारीगण पर विधिक रूप से निर्धारित होगा, क्योंकि पूर्व में ही इस जोखिम के बारे में सूचित किया जा चुका है।
राशन दुकानों पर शिक्षकों की ड्यूटी मामले में आया संशोधन आदेश, शिक्षकों के स्थान पर सचिव और रोजगार सहायकों को दी गई राशन बांटने की जिम्मेदारी…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : राशन दुकानों में शिक्षकों की ड्यूटी लगने के बाद मामले ने काफी तूल पकड़ लिया और शिक्षकों के कड़े विरोध के बाद अनुविभागीय अधिकारी वाड्रफनगर द्वारा मामले में संशोधन आदेश जारी किया गया है। जारी संशोधन आदेश में शिक्षकों की ड्यूटी हटाकर उनके स्थान पर सचिव और रोजगार सहायकों को राशन बांटने की जिम्मेदारी दी गई है।
देखें संशोधन आदेश :



गरम भोजन का भुगतान लंबित : 18 जून से आंगनबाड़ी केंद्रों में सेवा बंद होने की कगार में, महिला बाल विकास अधिकारी की लापरवाही से राशि हुई लेप्स – गुलाब कमरो
हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़ : आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ ने आज जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय, एमसीबी में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन दिसंबर 2024 से मई 2025 तक लंबित गरम भोजन की राशि के भुगतान को लेकर दिया गया।
संघ का कहना है कि गरम भोजन का संचालन करने वाले स्वयं सहायता समूहों को दिसंबर 2024 के बाद से अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। जनवरी 2025 से लेकर अब तक कार्यकर्ताओं ने स्वयं सामग्री क्रय कर भोजन का संचालन किया है, जिससे उन पर दुकानदारों का कर्ज चढ़ गया है।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि अब कार्यकर्ताओं के लिए भोजन संचालन करना संभव नहीं रह गया। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया, तो 18 जून 2025 से सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में गरम भोजन सेवा बंद कर दी जाएगी।
पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने भी मामले में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बंसल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उनकी लापरवाही के चलते गरम भोजन की राशि लेप्स हो गई है, जो अब वापस नहीं होगी। उन्होंने विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी की निष्क्रियता का खामियाजा अब गरीब बच्चों और महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है।
गुलाब कमरों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
साइबर फ्रॉड से बचने POLICE key word का उपयोग करने SSP सरगुजा ने जारी की अपील, जानें क्या हैं POLICE key word…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : police key word मे नागरिकों कों पासवर्ड, ओटीपी, लिंक, आइडेंटिफिकेशन, केयरफुल इमरजेंसी का सही उपयोग करने दी गई जानकारी।
आमनागरिकों मे साइबर अपराध के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने एवं साइबर अपराधों से बचाव के क्रम मे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) द्वारा POLICE key word का उपयोग करने की अपील जारी की गई हैं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने अपील जारी करते हुए कहा कि समय समय पर नागरिकों कों जागरूक करने विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया जाता है, साइबर अपराध की घटनाओ मे कमी लाने लोगो कों अलर्ट रहने की अवश्यकता है, ठगों द्वारा लोगो को कई प्रकार के झांसे देकर साइबर ठगी की घटना कारित की जा रही हैं, नागरिकों की थोड़ी से सावधानी ऐसे साइबर अपराधों से बचाव मे सहायक सिद्ध हो सकती है, साइबर ठगी के नये तरीकों और उनसे बचाव पर आमनागरिकों कों सतर्क रहने एवं साइबर ठगी से बचने के विभिन्न सुरक्षात्मक उपाय पर अपील के माध्यम से आवश्यक जानकारी साझा किया गया हैं।
POLICE key word
P फॉर पासवर्ड
O फॉर ओटीपी
L फॉर लिंक
I फॉर आइडेंटिफिकेशन
C फॉर केयरफुल
E फॉर इमरजेंसी
P फॉर पासवर्ड : आज की डिजिटल दुनिया में, पासवर्ड हमारी ऑनलाइन सुरक्षा की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। यह आपके ईमेल, सोशल मीडिया, बैंकिंग ऐप्स और अन्य ऑनलाइन खातों तक पहुंचने का एकमात्र तरीका है। साइबर जागरूकता का मतलब है कि आप पासवर्ड के महत्व को समझें और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए सही कदम उठाएं।
O फॉर ओटीपी : OTP आपके लिए एक शक्तिशाली सुरक्षा उपकरण है, लेकिन आपको इसे सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहना होगा OTP कभी साझा न करें यह सबसे महत्वपूर्ण नियम है।अपना OTP किसी के साथ साझा न करें, भले ही वह आपसे बैंक का कर्मचारी, पुलिस अधिकारी, या कोई रिश्तेदार होने का दावा करे। कोई भी वैध संस्था आपसे फोन या ईमेल पर आपका OTP कभी नहीं मांगेगी।
L फॉर लिंक : अनजान लिंक पर क्लिक न करें: यदि आपको किसी ऐसे ईमेल या SMS में OTP प्राप्त होता है जिसमें एक लिंक भी हो, तो उस लिंक पर क्लिक न करें। धोखेबाज अक्सर आपको नकली वेबसाइटों पर ले जाने के लिए ऐसा करते हैं, जहां वे आपके क्रेडेंशियल चुरा सकते हैं।
I फॉर आइडेंटिफिकेशन : अनाधिकृत पहुंच रोकना (Preventing Unauthorized Access): सही आइडेंटिफिकेशन और प्रमाणीकरण यह सुनिश्चित करता है कि केवल वैध उपयोगकर्ता ही संवेदनशील डेटा और सिस्टम तक पहुंच सकें। यह अनाधिकृत पहुंच को रोकने में मदद करता है, जो साइबर हमलों का एक बड़ा कारण है।
C फॉर केयरफुल : साइबर जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव है, इस सम्बन्ध मे नागरिक अपनी किसी भी प्रकार की जानकारी अन्य व्यक्तियों से साझा ना करें, किसी भी प्रकार की बैंक गतिविधि स्वयं बैंक जाकर करें, सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की व्यक्तिगत जानकारी साझा ना करें, अपनी वास्तविक स्थिति के बारे मे ज्यादा जानकारी ना प्रदान करें, किसी भी प्रकार के लालच मे आकर साइबर अपराध मे शामिल ना हो इस बात का विशेष ध्यान रखे, अपना खाता पासबुक, एटीम, परिचय पत्र अन्य किसी कों प्रदान ना करे।
E फॉर इमरजेंसी : आमनागरिक ऑनलाइन ठगी और बैंकिंग संबंधी फ्रॉड होने पर तुरंत बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत करें, साथ ही नजदीकी पुलिस स्टेशन अथवा साइबर सेल से संपर्क करें, जल्दी सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम द्वारा पीड़ित कों तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है, कई साइबर ठगी की घटनाओ मे त्वरित रिपोर्ट पर प्रभावीं कार्यवाही की जाकर राहत प्रदान की गई है।
अब शिक्षक बाटेंगे राशन दुकान में चावल–चना,, अजीबोगरीब आदेश के बाद शिक्षकों में आक्रोश…
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर/ वाड्रफनगर : बलरामपुर जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर निकलकर सामने आई है जहां वाड्रफनगर एसडीएम कार्यालय से एक आदेश जारी किया गया है, जिस आदेश में अतिशेष शिक्षकों की ड्यूटी राशन दुकान में चावल चना बांटने की लगाई गई है। इस आदेश के बाद शिक्षकों में काफी आक्रोश है और शिक्षक संघ इस आदेश को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। आपको बता दे की राज्य सरकार द्वारा की जा रही युक्तिकरण की प्रक्रिया से पहले ही शिक्षकों में आक्रोश है, वहीं युक्तिकरण में स्थान न पाने वाले अतिशेष शिक्षकों के साथ बेहद भद्दा मजाक करते हुए उनकी ड्यूटी राशन बांटने की दुकान पर लगाई गई है जिसका जमकर विरोध किया जा रहा है।
देखें आदेश :



