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छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारी…

हिंद स्वराष्ट्र कुसमी पंकज कुमार गुप्ता : कुसमी ब्लाक के समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना पर बैठे हैं जिससे समस्त स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई है। दिनांक 04/07/2023 को ग्राम जवाहर नगर से पोस्टमार्टम हेतु एक महिला का शव लाया गया था किंतु काफी समय तक कर्मचारियों के हड़ताल में रहने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया खण्ड चिकित्सा अधिकारी के द्वारा बार-बार निवेदन करने पर कर्मचारी द्वारा मानवता का परिचय देते हुए शव का पोस्टमार्टम किया गया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांतीय संगठन सचिव अरुण कुमार तिवारी जी ने कहा जब तक शासन द्वारा उनकी 24 सूत्रीय मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन नहीं दिया जाएगा तब तक प्रदेश के समस्त स्वास्थ्य कर्मचारी का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगा सामान्य जन को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा या हानि की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

स्वास्थ्य कर्मचारियों की मांगे

स्वास्थ्य कर्मचारियों के 24 सूत्रीय मांगे हैं। जिसमे 4 प्रमुख मांगे है।
1.वेतन विसंगति,
2.गृह विभाग के सामान 13 माह का वेतन,
3.केंद्र के समान महंगाई भत्ता,
4.सातवें वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता।

कर्मचारियों ने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा वर्तमान सरकार द्वारा इन्हें इनकी मांगों को पूर्ण करने का वादा किया गया था किंतु वर्तमान सरकार के साढ़े 4 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी अभी तक इनकी किसी भी मांगों को पूर्ण नहीं की गई स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि वर्तमान सरकार निरंकुश सरकार है फिर भी हम अपने अधिकारों को पाने के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
अनिश्चितकालीन हड़ताल में प्रांतीय संगठन सचिव अरुण कुमार तिवारी संभागीय मंत्री बसंत सिंह जिला सलाहकार दशरथ प्रसाद गुप्ता वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेंद्र पाल गुप्ता जिला उपाध्यक्ष संजीव भगत ब्लॉक अध्यक्ष कविता सोलंकी वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिवाकर कार्यकारी अध्यक्ष चंदा भगत कोषाध्यक्ष विनोद कुमार ब्लॉक सचिव जितेंद्र गुप्ता सहित सभी स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

बिजली विभाग की लापरवाही से किसान और बैल की मौत…

छत्तीसगढ़

हिंद स्वराष्ट्र गौरेला–पेंड्रा–मरवाही : जिले में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और एक बैल की बिजली खंबे की अर्थिंग तार की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार धनौली गांव में बैगा जनजाति का किसान सुंदर बैगा खेत में जुताई का काम कर रहा था इसी दौरान उसका बैल बिजली खंभे के अर्थिंग तार में करंट आने से तार से चिपक गया जिसके बाद अपने बैल को बचाने के चक्कर में किसान भी तार से चिपक गया और इस हादसे में दोनों की दर्दनाक मौत हो गई।

व्याख्याता पदों के लिए जल्द शुरू होगी ऑनलाइन काउंसिलिंग प्रक्रिया,

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर व्याख्याता के पदों हेतु ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शीघ्र चालू होने की जानकारी दी है। व्यापम द्वारा आधार नंबर को इनरोलमेंट नंबर से लिंक कराने हेतु समस्त अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है।

दो अलग– अलग मामलों में दो युवकों की फंदे पर लटकती मिली लाश…एक की हत्या तो दूसरे की आत्महत्या किए जाने की आशंका…

हिंद स्वराष्ट्र जनकपुर गणेश तिवारी : एमसीबी जिला के विकासखंड भरतपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पताही में राजेंद्र यादव जो कि आईटीआई कॉलेज में पढ़ता था कि पेड़ पर लटकती हुई लाश मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गई हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कॉलेज में युवक का किसी व्यक्ति से बहस हो गया और वह चुपचाप अपने घर वापस चला आया और घर से निकल गया। जिसके बाद युवक के घर वालों ने पूरी जगह पता लगाया लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। वही 3 जुलाई 2023 को शाम 6:00 बजे वह फांसी पर लटका हुआ जंगल में पाया गया। जिसकी सूचना पर मौके पर पुलिस ने पहुंच कर इसकी छानबीन शुरू कर दी। युवक के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि उसके शरीर में चाकू के निशान थे वही युवक का एक पैर टूटा हुआ पाया गया उसके अलावा उसके शरीर में चोट के कई निशान पाए गए। युवक के शरीर में मिले चोटों को देखते हुए युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही हैं। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही हैं।

एक अन्य मामले में युवक ने फांसी लगाकर मौत को लगाया गले

एमसीबी जिला के विकासखंड भरतपुर आने वाला क्षेत्र ग्राम पंचायत बहरासी में एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया गया जिसकी पहचान बृजेंद्र अगरिया पिता विशंभर अगरिया के रूप में की गई है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि युवक ने किस वजह से आत्महत्या की।

9 IFS अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए हैं…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राज्य शासन ने भारतीय वन सेवा के 9 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। देखिए सूची…

बकरे की आंख खाते हुए गले में अटकी…हुई मौत..

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : एक उम्र दराज आदमी को बकरे की आँख खाना मंहगा पर गया, आँख उसके गले मे अटक गया जिससे उसकी मौत हो गई. पूरा मामला सूरजपुर नगर सीमा से लगे गांव पर्री की है जहाँ रामानुजनगर ब्लाक के मदनपुर के रहने वाले बागर साय पिता बितू राम उम्र लगभग 50 वर्ष खोपा धाम से बकरे का सिर लेकर अपने परिजनों के साथ आया था, वही पर अधपका बनाकर बड़े चाव से खाने लगा, खाने के दौरान बकरे का आंख गले मे अटक गया और वह तड़पने लगा. परिजन कुछ की समझ मे कुछ नही आया और उसकी मौके पर दर्दनाक मौत हो गई. किसी तरह उसे जिला स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहाँ पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया.
स्वप्निल गुप्ता ने बताया कि बागर सिंह की मौत कच्चा मांस के रुप में बकरे का आंख खा लेने से दम घुटने से हुई है. इसके साथ ही डाक्टर ने लोगों से कच्चा मांस नही खाने की अपील की. इस अजीबो गरीब दर्दनाक मौत के बाद में मातम पसर गया है।

रश्मि नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा मौत मामले डॉक्टर को होना था बर्खास्त उसे 3 महीने बाद किया गया निलंबित कहीं खानापूर्ति तो नहीं?

रश्मि नर्सिंग होम जच्चा-बच्चा मौत मामले में जिला चिकित्सालय के डॉ रश्मि कुमार का काफी अहम भूमिका था पर निलंबित करने में भी 50 अंकों लग गए 3 महीने!!!
शहर में चर्चा का विषय है कि उसे निलंबित नहीं बर्खास्त होना था पर निलंबित करना कहीं उसे बचाने का प्रयास तो नहीं?
वैसे विभाग ने डॉ रश्मि को दोषी मानते हुए उसे निलंबित करने की कार्यवाही की है।

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिला मुख्यालय सूरजपुर से 3 किलोमीटर दूर तिलस्वा में स्थित रश्मि नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा मौत मामले में 3 महीने बाद नया अपडेट आया है, जिसमें जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ रश्मि को निलंबित कर दिया गया है जो अपने ड्यूटी टाइम में जिला चिकित्सालय में काम करने के बजाय नर्सिंग होम में काम करती थी। इलाज के दौरान ही नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा मौत मामला भी सामने आया था जिसे लेकर लग रहा था कि डॉक्टर रश्मि को बर्खास्त किया जाएगा पर 3 महीने के लंबे इंतजार के बाद सिर्फ निलंबन की कार्यवाही की गई है अब देखना यह होगा कि इससे परिजन कितने संतुष्ट होते हैं या फिर आगे भी कड़ी कार्यवाही की मांग करते हैं।
ज्ञात हो कि जिले के चर्चित रश्मि नर्सिंग होम में हुए जच्चा बच्चा मौत के मामले में 3 महीना बाद विवादित महिला चिकित्सक को राज्य शासन ने निलंबन की कार्यवाही कर संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ सेवाए अंबिकापुर में अटैच किया है। इस कार्यवाही पर परिजनों ने असंतोष जाहिर करते हुए बर्खास्तगी की मांग की है।
क्या हैं पूरा मामला :- विदित हो कि कोरिया जिला के ग्राम खाडा निवासी महेंद्र साहू ने अपनी पुत्री मृतिका पूजा साहू उम्र 22 वर्ष का विवाह 3 वर्ष पूर्व ग्राम नारायणपुर निवासी राम नारायण साहू से विवाह हुआ था। मृतिका का प्रसूती होने के कारण परिजनों ने सोनोग्राफी दिनांक अनुसार 3 अप्रैल को जिला असप्ताल में भर्ती कराया गया था। जहां ईलाज नही होने पर परिजनों द्वारा 4 अप्रैल को अम्बिकापुर निजी अस्पताल में लेजाया जा रहा था। इस दौरान डॉ रश्मि कुमार द्वारा बरगला कर ग्राम तिलसुवा में संचालित अवैध नर्सिंग होम ले गई जहां इलाज के दौरान 5 अप्रैल को जच्चा बच्चा की मौत हो गया था। परिजनों ने जमकर हँगामा किया था। जिसका समाचार प्रमुख्ता से प्रकाशित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के यालाय अफसरों ने मामले में संज्ञान लेकर 5 सदस्यीय जांच टीम गठित किया था। जांच टीम द्वारा जांच के प्रथम दृष्टियां में लापरवाही प्रतीत हुआ था। जिस कारण अस्पताल में कार्यरत 2 स्टाफ नर्स पर निलंबन की कार्यवाही की गया था। जिसके बाद से डॉ रश्मि स्त्री रोग विशेषज्ञ पर निलंबन की मांग किया जा रहा था। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा पत्राचार कर उच्च कार्यलाय को प्रेषित किया था। जिस पर स्वास्थ्य विभाग के मंत्रालय के अपर सचिव द्वारा 30 जून को निलंबन किया है। निलंबन अवधि तक स्वास्थ्य विभाग के जेडी कार्यलाय में अटैच किया गया है। विभागीय जांच चल रहा है। जिसके उपरांत अन्य कार्यवाही की बात सामने आएगी।
परिजनों की शिकायत पर थाने में हुआ था मामला पंजीबद्ध :- इस मामले में परिजनों ने थाना कोतवाली में लिखित शिकायत देकर नर्सिंग होम संचालिका डॉ रश्मि कुमार इनके पति सहित अन्य नर्सिंग होम संचालक पर आईपीसी 302 का अपराध दर्ज करने की मांग किया गया था। किंतु पुलीस विभाग भी दबाव में आकर कड़ी मश्क्कत के बाद 304 का अपराध दर्ज किया था। इस कार्यवाही से मृतिका के पिता महेंद्र साहू ने असहमति दर्ज कराई है। इन्होंने कहा कि एक बच्चे व माँ की जान डॉ की लापरवाही से गया है। जिसका साक्ष्य सभी के सामने होने के बाद भी 3 माह के बाद शासन ने निलंबन की कार्यवाही की है। जबकि शासन को डॉ रश्मि कुमार को सेवा से बर्खास्त करना चाहिए था तभी मेरी पुत्री के मृत आत्मा को शांति पहुँचेगी।
क्यों नहीं हुई बर्खास्तगी की कार्रवाई?- रश्मि के निलंबन आदेश आने के बाद अब लोगों के जेहन में एक बड़ा प्रश्न उठने लगा है कि जब मामला इतना बड़ा था और जच्चा-बच्चा मौत से जुड़ा हुआ था साथ ही एक सरकारी डॉक्टर का निजी नर्सिंग होम में इलाज करना कोई नर्सिंग होम एक्ट के तहत नियम विरुद्ध नहीं था कई तरह से डॉ रश्मि पर सवाल खड़े हो रहे थे पर इसके बावजूद लोगों को लग रहा था कि उनके ऊपर बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी पर अंततः 3 महीने बाद निलंबन की कार्यवाही होने से लोगों के मन में यह सवाल खड़ा हो रहा है क्या उन्हें बचाने का प्रयास हो रहा है और आखिर यदि बचाने का प्रयास हो रहा है तो क्यों हो रहा है यदि उन्हें इस बार बचाया गया तो आने वाले समय में कई तरह के डॉक्टर भी ऐसा ही करेंगे ऐसा अंदेशा हो सकता है।

शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम में त्रुटि को लेकर व्यापम ने जारी किया बयान….

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम में त्रुटि को लेकर के व्यापम ने आज एक प्रेस नोट रिलीज किए हैं। जारी प्रेस नोट में व्यापम द्वारा कहा गया है कि शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम में किसी प्रकार की कोई त्रुटि नहीं हुई है।

जारी प्रेस नोट में लिखा हैं कि प्रत्येक परीक्षा के लिये परीक्षा के दिन व्यापम द्वारा परीक्षा में अनुमानित उपस्थिति की जानकारी परीक्षा केन्द्रों से दूरभाष पर प्राप्त की जाती है और उसी के अनुसार शाम को प्रेस विज्ञप्ति द्वारा परीक्षा में उपस्थिति की जानकारी दी जाती है। परीक्षा के उपरांत उत्तरों की ओ.एम.आर शीट के साथ प्रत्येक परीक्षा केन्द्र से वास्तविक उपस्थिति शीट की केन्द्राध्यक्ष से हस्ताक्षरित जानकारी प्राप्त की जाती हैं। केन्द्राध्यक्ष से प्राप्त हस्ताक्षरित जानकारी ही उपस्थिति की वास्तविक जानकारी है। कुछ लोगो द्वारा यह प्रश्न उठाया जा रहा है कि व्यापम द्वारा परीक्षा के दिन जारी की गयी उपस्थिति की संख्या एवं व्यापम द्वारा घोषित परीक्षा परिणाम की प्रावीण्य सूची में अभ्यर्थियों की संख्या में कुछ भिन्नता है। यह इस कारण है क्योंकि परीक्षा के दिन केवल दूरभाष पर एकत्रित जानकारी के आधार पर उपस्थिति की प्रेस विज्ञप्ति जारी की जाती है, जो केवल अनुमानित उपस्थिति होती है। जबकि परीक्षा परिणाम वास्तव में परीक्षा में उपस्थित अभ्यर्थियों की ओ.एम. आर. शीट को स्कैन करके तैयार किया जाता है। इसलिये परीक्षा परिणाम में अभ्यर्थियों की संख्या ही उपस्थिति की वास्तविक संख्या है। और उसमें किसी प्रकार की कोई त्रुटि नही है।

देखे आदेश :

दरअसल व्यापम द्वारा परीक्षा के दिन जारी प्रेस नोट में छात्रों की उपस्थिति को लेकर जो आंकड़े बताएं गए थे परीक्षा परिणाम की प्रवीण्य सूची में छात्रों की संख्या उससे अधिक थी जिसके बाद परीक्षा परिणाम में त्रुटि के कयास लगाए जा रहे थे।

साइट नही खुलने पर व्यापम ने बनाई नई वेबसाइट, यहाँ चेक करे शिक्षक भर्ती के नतीजे…

रायपुर: व्यापम ने देर रात शिक्षक भर्ती के नतीजे घोषित कर दिए। मगर अत्यधिक लोड के कारण वेबसाइट ओपन नही हुआ। अभ्यर्थी काफी समय तक परेशान होते रहे। करीब डेढ़ घंटा तक साइट नही खुली तो व्यापम ने आनन फानन में रात में ही नई वेबसाइट बनाई।
Teacher Result/व्यापम के चेयरमैन आलोक शुक्ला ने रात में संक्षिप्त प्रेस नोट जारी किया। उसके अनुसार व्यापम ने आज सहायक शिक्षक, शिक्षक, एवं व्याख्याता की भर्ती परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए हैं, परिणाम देखने के लिए व्यापम ने एक नई वेबसाइट बनाई है जिसका URL है – https://vyapam.cgstate.gov.in/result/result.html

व्यापम का कारनामा सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास होने वालों की संख्‍या परीक्षा देने वालों से अधिक…मचा घमासान…

रायपुर : छत्‍तीसगढ़ व्‍यावसायिक परीक्षा मण्‍डल (CG_vyapam) की लगभग हर भर्ती किसी न किसी कारण चर्चा में रहती है। व्‍यापमं की एक और भर्ती परीक्षा को लेकर विवाद खड़ा होता दिख रहा है। व्‍यापम ने रविवार शिक्षक (ई. एवं टी. संवर्ग), सहायक शिक्षक (ई. एवं टी. संवर्ग), व्याख्याता (वाणिज्य), व्याख्याता (गणित) एवं व्याख्याता (भौतिकी) भर्ती परीक्षा के 2023 के अंतिम उत्तर और परीक्षा परिणाम जारी किया। इसमें सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के रिजल्‍ट को लेकर बवाल शुरू हो गया है। दरअसल, सहायक शिक्षक की भर्ती परीक्षा में बैठने वालों की संख्‍या से मैरिट सूची में शामिल अभ्‍यर्थियों की संख्‍या अधिक है। इसकी वजह से फिर एक बार मण्‍डल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कहा जा रहा है कि मण्‍डल ने उन लोगों को भी पास कर दिया है, जिन्‍होंने परीक्षा दिया ही नहीं है।

मण्‍डल की वेबसाइट पर जारी सूचनाओं के अनुसार सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए कुल 183281 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें से 37105 परीक्षा में अनुपस्थित रहे। वहीं, परीक्षा में शामिल होने वालों की संख्‍या 146176 रही। मण्‍डल ने रविवार की रात को इस भर्ती परीक्षा की मैरिट सूची जारी की। इस सूची में 146275 लोगों के नाम हैं। यानी परीक्षा देने वालों की तुलना में पास होने वालों की संख्‍या 99 अधिक है। मण्‍डल ने यह कमाल कैसे किए इस बारे में मण्‍डल के अधिकारी फिलहाल मौन साधे हुए हैं।

हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के पुनर्गणना/ पुनर्मूल्यांकन परीक्षा परिणाम जारी…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी मुख्य परीक्षा 2023 के पुनर्गणना/ पुनर्मूल्यांकन परीक्षा परिणाम जारी कर दिए गए है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट
www.cgbse.nic.in
में परीक्षार्थी अपना अनुक्रमाक प्रविष्ट कर परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।
जिन विद्यार्थियों ने पुनर्गणना/पुनर्मूल्यांकन के लिये आवेदन किया था, वेे विद्यार्थी पूरक/अवसर परीक्षा 2023 के लिये आवेदन करना चाहते है, तो जिला मुख्यालय में समन्वय संस्था या विकासखण्ड के शासकीय स्कूल के माध्यम से दिनांक 04 जुलाई 2023 तक ऑनलाईन आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।

आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने के मामले में थाना सूरजपुर पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : दिनांक 28.06.23 को सूरजपुर के आदित्य होटल में हंसराज उर्फ हंसू अग्रवाल निवासी नेहरू पार्क रोड सूरजपुर के द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना पर मर्ग कायमी उपरान्त शव पंचनामा व जांच कार्यवाही के दौरान मृतक के परिजनों एवं गवाहों के कथन लिए गए जिसमें आरोपियों से मृतक हंसराज उर्फ हंसू अग्रवाल के द्वारा अपना पैसा वापस मांगने पर उनके द्वारा मृतक हंसराज अग्रवाल को गाली गलौज कर जान से मारने धमकी देकर आत्महत्या करने के लिये उत्प्रेरित किया गया.
मृतक हंसराज उर्फ हंसू अग्रवाल के द्वारा एक कापी में मृत्यु पूर्व सुसाईड नोट 5 पेज में लिखा हुआ मिला जिसमें आरोपीगण 1. दिलीप अंदानी पिता मोहन अंदानी निवासी तेलीबांधा रायपुर 2. नवीन बतरा निवासी रायपुर 70 लाख रूपये अलग अलग किस्तो में महादेव बुक का काम दिलाने के नाम पर ठगी करने 3. अरूण सिंह निवासी रायपुर 4. पूजा पाण्डेय निवासी झांसी सूरजपुर हालमुकाम रायपुर 5. रवि अग्रवाल निवासी अम्बिकापुर के द्वारा मृतक का नुकसान पैसा कवर करने के लिये 25 लाख रूपये लेने 6. लिल्ले निवासी सूरजपुर के द्वारा मृतक से 20 से 25 लाख रूपये लेकर धोखा देने और मृतक द्वारा उनसे पैसा वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देकर आत्महत्या करने को उत्प्रेरित करने से मृतक सूरजपुर के आदित्य होटल में फांसी लगाकर आत्महत्या करना पाये जाने पर आरोपियों के विरूद्ध थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 271/23 धारा 306, 34 भादसं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज रामगोपाल गर्ग के सतत् मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर आई. कल्याण ऐलिसेला ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर लगाया और लगातार विवेचना से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
गठित पुलिस टीम के द्वारा रायपुर में दबिश देकर आरोपी दिलीप अंदानी पिता मोहन अंदानी उम्र 30 वर्ष निवासी रायपुर एवं पूजा पाण्डेय पिता अशोक पाण्डेय उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम झांसी, हालमुकाम पुरानी बस्ती रायपुर को पकड़ा। घटना के बारे में पूछताछ पर दोनों के द्वारा अपना-अपना जुर्म स्वीकार करने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कार्यवाही अतिरिक्ति पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सूरजपुर लक्ष्मण सिंह धुर्वे, एसआई गजपति मिर्रे, संतोष सिंह, सरफराज फिरदौसी, चौकी प्रभारी रेवटी सुनील सिंह, प्रधान आरक्षक अदीप प्रताप सिंह, लखेश साहू, जयप्रकाश तिवारी, अखिलेश पाण्डेय, अजय प्रताप सिंह सक्रिय रहे।

शरारती तत्वों से डरे सहमे शहरवासी घरों में पोस्टर चिपका दे रहे धमकी…..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर शहर के घुटरापारा में कुछ शरारती तत्वों के कारस्तानी से मोहल्लेवासी डर सहम गए है। इन शरारती तत्वों द्वारा परेशान करने की नियत से 22 से 23 घरों में पोस्टर चस्पा कर डर का मोहौल तैयार किया जा रहा हैं। इन शरारती तत्वों द्वारा एक दिन पूर्व सभी के घरों के कुंडी बाहर से लगा दिए गए थे, जिसके बाद कल उनके द्वारा लोगो के घरों के बाहर पोस्टर चस्पा किए गए हैं। दरअसल अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत घुटरापारा में बीते कुछ दिनों से अज्ञात लोगों द्वारा 22 से 23 घरों के लोगो को परेशान किया जा रहा है। वार्ड वासियों ने बताया कि पिछले एक दिन पूर्व घरों के कुंडी बाहर से लगा दिया गया था वही आज बीती रात अज्ञात लोगों द्वारा घर के सामने पोस्टर चस्पा कर भय बनाने की कोशिश की जा रही है। चस्पा किए गए पोस्टर में लिखा हुआ है कि ( हेलो मैं ए जेड अब हमसे आप लोगों को कौन बचाएगा) ऐसे शब्दों का प्रयोग कर दरवाजे में पोस्टर चस्पा कर दिया गया है। जिसकी वजह से वार्ड वासी काफी भयभीत है, जिसकी शिकायत वार्ड वासियों द्वारा अंबिकापुर के कोतवाली थाने में की गई है।

अस्पताल तोड़ने के आदेश के बावजूद डॉ दंपत्ति चला रहे बेझिझक अपना कारोबार,,, निगम भी नोटिस देकर भुला करनी हैं कार्यवाही….

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर निगम आयुक्त के आदेश को तांक पर रखते हुए डॉ. दंपत्ति अपनी मनमानी कर रहे हैं। निगम आयुक्त द्वारा डॉक्टर दंपति को उनके द्वारा किए गए अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया गया था बावजूद इसके आज पर्यंत दंपति द्वारा अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया है वही निगम भी इस मामले में नोटिस देने के बाद कार्यवाही करना भूल गई है। दरअसल मामला शासकीय मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में पदस्थ डॉक्टर किरण भजगावली और उनके पति राजेश भजगावली का हैं। जिनके द्वारा शासकीय पद में रहते हुए अवैध तरीके से अपना स्वयं का भजगावली अस्पताल संचालित किया जा रहा हैं। शासकीय सेवा में रहते हुए उनके द्वारा कैसे स्वयं का अस्पताल संचालित किया जा रहा हैं यह तो जांच का विषय हैं लेकिन फिलहाल मामला उनके द्वारा संचालित अस्पताल के निर्माण में किए गए घोटाले का हैं जहां डॉक्टर दंपति द्वारा निगम से अस्पताल के लिए नक्शा पास करवाया गया था लेकिन उनके द्वारा स्वीकृत नक्शे के विपरीत जाकर निर्माण कार्य किया गया। जिसपर निगम द्वारा डॉ किरण भजगावली को नोटिस जारी किया गया जिस पर डॉ किरण द्वारा दिए गए जवाब से असंतुष्ट होकर निगम द्वारा डॉ किरण को तीन दिवस के भीतर अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया गया लेकिन बावजूद इसके 2 माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद डॉक्टर दंपति द्वारा अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया है।

नोटिस जारी कर कार्यवाही करना भूल गया निगम

आपको बता दें कि निगम आयुक्त द्वारा 13 अप्रैल 2023 को आदेश जारी किया गया था जिसमें डॉक्टर दंपत्ति को 3 दिन का समय अवैध निर्माण को हटाने के लिए दिया गया था साथ ही साथ आदेश में स्पष्ट रूप से इस बात का उल्लेख किया गया था कि 3 दिन के भीतर अगर उनके द्वारा समाधान कारक जवाब प्राप्त नहीं होता है या अवैध निर्माण को नहीं हटाया जाता हैं तो ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 (3) के तहत भवन को हटा दिया जाएगा लेकिन बावजूद इसके आज पर्यंत मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। न तो डॉक्टर दंपति के खिलाफ कोई एक्शन लिया गया है और ना ही अवैध निर्माण को हटाया गया है।

उच्च अधिकारियों के आदेश की होती है अवहेलना

अंबिकापुर नगर निगम द्वारा ऐसा पहली बार नहीं किया जा रहा बल्कि ऐसा पहले भी कई बार हो चुका हैं जहां आदेश तो जारी कर दिए जाते हैं लेकिन आदेश को पूरा नहीं किया जाता और मामला धीरे-धीरे दब जाता है। ऐसे बड़े मामलों में उच्च अधिकारियों के आदेश कई लोगों के जेब भरने का जरिया बन जाता है कई लोग इन आदेशों को लेकर अपनी रोटी सेक लेते हैं लेकिन शिकायतकर्ता के पक्ष में आदेश होने के बावजूद उनको न्याय नही मिल पाता है।

उपमुख्यमंत्री पद कॉंग्रेस का मास्टरस्ट्रोक या बाबा के साथ जोक – संतोष दास सरल

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : हिंद छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव को कॉंग्रेस आलाकमान द्वारा उपमुख्यमंत्री घोषित किए जाने के साथ ही छत्तीसगढ़ की राजनीति एकदम से गरमा गई है। एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल टी एस बाबा के साथ सोशल मीडिया में फोटो पोस्ट कर “हम साथ साथ हैं” लिख रहे हैं तथा जय वीरू की पुरानी दोस्ती का जिक्र कर बाबा को बधाई देते हुए अविश्वसनीय एकता का संदेश दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर टी एस बाबा बधाई तो स्वीकार कर रहे हैं पर प्रेस मीडिया व अपने समर्थकों को सामने इसे केवल एक पदनाम कहकर बड़ी चतुराई से “मैं मंत्री ही हूँ” बताना नहीं भूल रहे हैं। छत्तीसगढ़ की पिछले साढ़े चार साल की राजनीति का सबसे धमाकेदार चैप्टर यदि कोई है तो यही उपमुख्यमंत्री वाला निर्णय है जिसे कॉंग्रेस आलाकमान ने चुनाव के ठीक चार महीने पहले सामने लाकर न केवल विपक्ष को आश्चर्यचकित कर दिया बल्कि खुद कॉंग्रेस के लोगों को भी नींद से चौंका दिया। इस निर्णय के पीछे छत्तीसगढ़ कॉंग्रेस की नई प्रभारी कुमारी शैलजा की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टी एस बाबा को एक टेबल पर लाकर इस निर्णय के लिए मनाने के संकेत उन्होंने कॉंग्रेस की सरगुजा संभागीय सम्मेलन में ही दे दिए थे। छत्तीसगढ़ प्रभारी को शायद आगामी विधानसभा चुनाव में कॉंग्रेस को होने वाले नुकसान का अंदाजा हो गया था। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार रहे टी एस सिंह देव की नाराजगी को इससे पहले न तो पूर्व प्रभारी पी एल पुनिया ने गंभीरता से लिया न ही वी के हरिप्रसाद ने। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी स्वास्थ्य मंत्री टी एस बाबा को हँसी खेल ही बना रखा था, कभी स्वास्थ्य मंत्री के बिना ही प्रदेश की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठकें हो जाती थी तो कभी शासकीय आयोजनों में प्रोटोकोल से बाबा का नाम ही गायब कर दिया जाता था। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना में चलने वाली बसों में तो बड़े से मुख्यमंत्री की फोटो के सामने स्वास्थ्य मंत्री की अलग से छोटी सी फ्लेक्स लगा दी जाती है। अपमान का दौर तब भी जारी था जब ढाई साल बाद टी एस बाबा बार बार दिल्ली जाकर कॉंग्रेस हाईकमान के सामने अपनी बात रखने के लिए चक्कर काटते रहते पर तब भी कॉंग्रेस आलाकमान उनकी सुनने को तैयार नहीं था। प्रेस मीडिया के सामने भी बाबा अक्सर कहा करते “अभी बात हो रही है” बाबा समर्थक रोज कयास लगाते “इस महीने फाइनल है बाबा सीएम बनेंगे”, कभी कभी तो तारीखें भी बिल्कुल तय हो जाया करतीं। भूपेश बघेल सरकार का तीसरा और चौथा साल केवल इसी ऊहापोह में निकला कि बाबा कब सीएम बनेंगे? बाबा ने इस दौरान पूरी ताकत लगा दी परंतु वो सीएम नहीं बन पाये, यहां तक कि उन्होंने भूपेश सरकार पर दोष मढ़ कर पंचायत विभाग से इस्तीफा भी दे दिया परंतु न तो सीएम भूपेश बघेल पर इसका असर पड़ा और न ही कॉंग्रेस आलाकमान पर, उल्टे उन्हें अपमानित करने का सिलसिला और तेजी से चल पड़ा। सरगुजा में नवीन कॉंग्रेस कार्यालय का दो बार उद्घाटन विवाद एक बार बाबा द्वारा तथा दूसरी बार मुख्यमंत्री के बेहद करीबी मंत्री अमरजीत भगत द्वारा उद्घाटन। यही नहीं शासकीय कार्यक्रमों में बाबा का प्रोटोकोल नीचे रहने लगा, बाबा समर्थकों को भी शासकीय आयोजन के दौरान अपमानित किया जाने लगा। स्वास्थ्य मंत्री टी एस बाबा भी जनता के बीच सार्वजनिक रुप से ये कहने पर मजबूर हुए कि “मेरी नहीं चल रही है”। हड़ताली कर्मचारियों को फोन पर दिया गया उनका हालिया आश्वासन और अपनी मजबूरी बताने वाला उनका ऑडियो तो खूब वायरल भी हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सरगुजा में अपने करीबी मंत्री अमरजीत भगत को बाबा से ऊपर तरजीह देना तथा शासन प्रशासन में मंत्री अमरजीत का ही सुना जाने जैसे षडयंत्रों से बाबा समर्थक भी उनका साथ छोड़ अमरजीत खेमे में जाने लगे थे। अगर कहा जाए कि बाबा समर्थक अपनी सरकार होकर भी बिल्कुल निराश व हताश हो चुके थे तो गलत नहीं होगा। ख़बरें तो यह भी थीं कि बाबा बीजेपी जॉइन कर सकते हैं, अपुष्ट ख़बरों कि मानें तो बाबा के भतीजे आदितेश्वर शरण सिंहदेव दिल्ली में बीजेपी हेड क्वार्टर भी हो आए थे। जब मीडिया ने बाबा से इन ख़बरों के बारें में पूछा तो बाबा ने सीधे जवाब न देकर “आग लगती है तभी धुआं उठता है” जैसी बातें कहकर सस्पेंस बनाए रखा तथा कॉंग्रेस और बीजेपी दोनों के साथ माइंड गेम खेलते रहे। हालांकि कॉंग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा की उपस्थिति में अंबिकापुर में हुए हालिया कॉंग्रेस के संभागीय सम्मेलन में उन्होंने “कॉंग्रेस छोड़ कर कभी नहीं जाऊँगा” जैसी बातें भी कही। कुमारी शैलजा का छत्तीसगढ़ प्रभारी बनकर आना टी एस बाबा और उनके समर्थकों के लिए शुभ ही साबित हुआ, बाबा समर्थक बाबा के उपमुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से जश्न में डूबे हैं परंतु एक वर्ग ऐसा भी है जो ये कह रहा है कि बाबा को उप मुख्यमंत्री का पद लेकर समझौता नहीं करना था, ये तो बाबा का अपमान हो गया। अब बाबा का कॉंग्रेस आलाकमान के साथ किस बात पर समझौता हुआ ये तो वही बतायेंगे पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव लगातार इसे बाबा का घोर अपमान बताकर उनके स्वाभिमान को चुनौती दे रहे हैं। आने वाले चुनाव में टी एस सिंह देव के खिलाफ़ बीजेपी से उम्मीदवार कौन होगा ये तो भविष्य के गर्भ में है, परंतु अंबिकापुर की जनता के सामने वोट मांगने इस बार बाबा फिर से भावी मुख्यमंत्री के रूप में आयेंगे या फिर उपमुख्यमंत्री के रूप में ये देखना दिलचस्प होगा।
बहरहाल, उप मुख्यमंत्री पद कॉंग्रेस का मास्टरस्ट्रोक साबित होगा या बाबा के साथ जोक ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

वाह रे कोतवाली पुलिस!! शराब बेचे मालिक कार्यवाही नौकर पर…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : सिटी कोतवाली मनेंद्रगढ़ से पांच सौ मीटर दूरी पर संचालित सदाबार होटल में गुरुवार की रात मुखबिर की सूचना पर सिटी कोतवाली प्रभारी पुलिस बल के साथ होटल में छापा मारा गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार होटल से मध्यप्रदेश की ढाई पौआ विदेशी शराब पुलिस को मिला ।जिसके बाद पुलिस शराब जप्त कर संचालक के पुत्र को कोतवाली लाया गया लेकिन कुछ समय बाद छोड़ दिया गया।पुलिस द्वारा नौकर को बुलाकर नौकर पर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया। नौकर लालू प्रसाद कोल आ.राम लाल कोल निवासी वार्ड नम्बर19 काली मंदिर जिसके पास एक पाव देशी शराब पर कार्यवाही किया गया।

क्या पुलिस दवाब वश सही कार्यवाही नही कर पाई

सदाबहार होटल में सुबह से रात तक विदेशी शराब बेचने सहित पिलाने का काम लंबे समय से किया जा रहा है। गुरुवार को सदाबहार होटल में पुलिस की कार्यवाही कई सवालों को जन्म दे रही है। सूत्रों के अनुसार सदाबहार होटल संचालक के पुत्र को पुलिस के किसी बड़े अधिकारी का संरक्षण मिला हुआ है। जिस कारण गुरुवार की रात में हुए कार्यवाही में पुलिस दबाव वस संचालक के पुत्र को थाना में ले जाने के बाद भी संचालक के पुत्र को छोड़ नौकर पर कार्यवाही किया गया।आस पास के लोगो का कहना है। सिटी कोतवाली में लगे सीसीटीवी जांच करने से सत्यता सामने आ सकती है।

26 उप पुलिस अधीक्षकों के तबादले, देखे आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ शासन गृह पुलिस विभाग द्वारा प्रशासनिक दृष्टिकोण से 26 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के तबादले किए हैं।

देखे आदेश :

छत्तीसगढ़ के महुआ की महक पहुंचने लगी देश-विदेश तक,राज्य में फूड ग्रेड महुआ फूल के संग्रहण में मनेन्द्रगढ़ वनमंडल रहा प्रथम…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : छत्तीसगढ़ में संग्रहित फूड ग्रेड महुआ फूल को राज्य लघुवनोपज संघ द्वारा विदेश में विपणन करने की महत्वपूर्ण योजना है। इसके माध्यम से महुआ फूल से अतिरिक्त लाभ मिलता है। उल्लेखनीय है कि राज्य में वर्ष 2023-24 में संग्रहित 694.94 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल में से 503.65 क्विंटल फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण केवल मनेन्द्रगढ़ वनमंडल द्वारा किया गया है। इस तरह वनमंडल मनेन्द्रगढ़ फूड ग्रेड महुआ फूल संग्रहण कार्य में छत्तीसगढ़ में इस वर्ष प्रथम रैंक पर रहा।
छत्तीसगढ़ में महुआ फूल की अपनी गुणवत्ता और राज्य सरकार द्वारा दी जा रही नई तकनीक आदि की सुविधा से इसकी महक अब देश-विदेश तक पहुंचने लगी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप राज्य में वनवासियों को लघुवनोपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण आदि कार्यो से संग्राहकों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने निरंतर प्रयास हो रहे है। इस कड़ी में फूड ग्रेड महुआ फूल का संग्रहण बहुत लाभदायी है।
वनमंडलाधिकारी मनेन्द्रगढ़ लोकनाथ पटेल से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला यूनियन मनेन्द्रगढ़ की प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति भौंता, बेलबहरा, घुटरा, कछौड़, केल्हारी, बेलगांव, जुनंवा एवं माड़ीसरई के अंतर्गत फूड ग्रेड महुआ फूल (कच्चा महुआ) का नेट के माध्यम से संग्रहण कराया गया । संग्राहकों से 10.00 रु. प्रति किलोग्राम की दर से 503.65 क्विंटल कच्चा महुआ फूल संग्रहित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 मे 123 महुआ हितग्राहियों के द्वारा 213 महुआ वृक्षों के नीचे नेट बांधकर फूड ग्रेड महुआ एकत्र किया गया। संग्रहण उपरांत महुआ फूल सोलर ड्रायर के माध्यम से सुखाया गया। महुआ फूल के संग्रहण पारिश्रमिक के रूप में संग्राहकों को 5 लाख 3 हजार 650 रूपए का भुगतान किया गया। सोलर ड्रायर में सुखाकर प्रसंस्करण के उपरांत कुल 99.60 क्विंटल (ए ग्रेड- 78.30 क्विंटल एवं बी ग्रेड-21.30 क्विंटल) फूड ग्रेड महुआ फूल प्राप्त हुआ। उक्त कच्चा महुआ फूल का प्रसंस्करण कार्य वन धन विकास केन्द्र जनकपुर एवं कठौतिया अंतर्गत स्व-सहायता समूह के 20-20 महिलाओं सदस्यों द्वारा संपन्न किया गया है। समूह की महिलाओं को माह अप्रैल से मई 2023 के मध्य 60 दिवस का रोजगार प्रदाय किया गया। महिलाओं को प्रतिदिन 200 रूपये की दर से पारिश्रमिक भुगतान किया गया है।

राज्य सरकार ने दो संगठनों पर लगाया 1 वर्ष के लिए प्रतिबंध…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्‍तीसगढ़ सरकार ने दो संगठनों पर एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। दोनों संगठनों का सीधा संबंध नक्‍सलियों से हैं। प्रतिबंधित संगठन का नाम पीपुल्‍स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) और तृतीय प्रस्‍तुति कमेटी (TPC) है। इन दोनों संगठनों को प्रतिबंधित करने के संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।

जनकपुर उप स्वास्थ्य केंद्र बीमार, हर जगह टपक रहा पानी,पीडब्ल्यूडी कर रहा अपनी मनमानी…

हिंद स्वराष्ट्र जनकपुर गणेश तिवारी : एमसीबी जिला विकासखंड भरतपुर के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र जनकपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर की हालत कुछ इस तरह है कि जिसे देखते ही बनता है। यहां जो मरीज इलाज कराने आते हैं उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है बारिश का मौशम शुरू नही हो पाया हैं लेकिन यहां के छत जो है हर जगह से पानी टपकती है और यहां के नर्स एवं डॉक्टर से लेकर मरीजों को हमेशा परेशानी बनी रहती हैं। आपको हम बता दें कि अभी पिछले साल पीडब्ल्यूडी द्वारा यहां कार्य कराया गया था जिसमे भारी अनियमितता बरती गई थी जहां मेंटेनेंस का कार्य सही तरीके से नही किए जाने के कारण समस्या आम जनता को हो रही हैं। इस मामले में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदारों का कहना है कि हम इसे पुनः निर्माण कराएंगे लेकिन सवाल यह उठता हैं की अगर मेंटेनेंस का कार्य पहले ही अच्छे से किया गया होता तो फिर स्वास्थय केन्द्र के पुनः निर्माण की आवश्यकता ही क्यों पड़ती?

थोड़ी सी बारिश होने से स्वास्थय केन्द्र का यह हाल है तो आने वाले भीषण बारिश में इसका क्या हाल होगा इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। आए दिन मरीजों को परेशान होना पड़ता है और इसे जल्द से जल्द नहीं बनवाया गया तो आगे चलकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और इसे देखने में यह लगता है कि जब जनकपुर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का यह हाल है तो जो छोटे-छोटे हॉस्पिटल हैं उनका क्या हाल हो सकता है।

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