हिंद स्वराष्ट्र दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहलाने वाली खबर निकलकर सामने आई जहां एक ओर कल रामनवमी के अवसर पर पूरे देश भर में बच्चियों की पूजा की जा रही थी वहीं दूसरी ओर कुछ दरिंदों ने एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की। कन्या भोग के लिए गई 6 साल की मासूम की लाश पड़ोसी युवक की कार में मिली। परिजनो ने आरोप लगाया कि उनकी बच्ची का रेप कर उसे मारा गया हैं। इसके बाद आक्रोशित लोगों द्वारा देर रात संदेही के घर को जला दिया गया। पुलिस द्वारा संदेही युवक को हिराशत में लिया गया हैं और मामले की जांच में जुट गई है। मामला मोहन नगर थाना क्षेत्र का है।
मिली जानकारी के अनुसार नवरात्रि के मौके पर कन्या भोज के लिए निकली बच्ची की संदिग्ध हालत में लाश उसी के घर के पास एक युवक की कार की डिक्की में मिली। बच्ची के पूरे शरीर में चोट के निशान थे बच्ची को सिगरेट से बुरी तरह से दागा गया था, आरोपियों द्वारा बच्ची के साथ दरिंदगी करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट में भी सिगरेट से दागा था, बच्ची के नाक और मुंह से खून निकल रहे थे। बच्ची की इस हालत में लाश देखकर मोहल्लेवासी आक्रोशित हो गए। उन्होंने कार में तोड़फोड़ कर दी और संदेही युवक के घर में आग लगा दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्ची के शव को दुर्ग जिला अस्पताल भेजा, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बच्ची की मृत्यु का कारण इलेक्ट्रिक शॉक बताया है। संदेही से थाने में पूछताछ की जा रही है।
इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था। उन्होंने देर रात संदेही युवक बादल के घर जाकर उसको आग लगा दिया। घर के लोगों ने घर से भागकर अपनी जान बचाई। आग लगने से घर के बाहर खड़ी बाइक पूरी तरह जल गई। पुलिस द्वारा बड़ी मुश्किल से आग पर काबू किया गया। पूरे क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर सुरक्षित किया गया है।
पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी में लेट को लेकर आक्रोशित लोगों द्वारा आज मोहन नगर थाने का घेराव कर दिया गया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी क। आपको बता दे कि अभी तक बच्ची का पीएम नहीं हो पाया बच्ची का पीएम किया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक एक युवक को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर आज प्रातः 9 बजे “संकल्प भवन” जिला कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारत माता की जय व वंदे मातरम के उद्घोष के बीच भाजपा सरगुजा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ध्वजारोहण किये तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को शुभकामनायें देते हुए कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए श्री सिसोदिया ने भाजपा के ऐतिहासिक सफर और इसके मूल विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘’भारतीय जनता पार्टी न केवल एक राजनैतिक दल है, बल्कि यह राष्ट्रसेवा की वह प्रेरणाशक्ति है, जो अंत्योदय की भावना से समाज के अंतिम जन तक विकास और विश्वास की लौ पहुँचाने का कार्य करती है।” उन्होंने भाजपा के पितृपुरुषों – पं. दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल बिहारी वाजपेयी जी को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी नीतियाँ और सिद्धांत आज भी हमारे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को वैश्विक मंच पर मजबूत और स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में उभरता हुआ बताया। उन्होंने बताया भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को एक ऐसे वैचारिक आंदोलन के रूप में हुई थी, जो राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक गौरव और सुशासन के मूल सिद्धांतों पर आधारित है। पार्टी की यात्रा संघर्षों से शुरू होकर आज विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बनने तक पहुँची है।
भारत सिंह सिसोदिया ने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता ‘राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वितीय और व्यक्ति अंतिम’ की भावना के साथ कार्य करता है। भाजपा का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ आज जन-जन का नारा बन चुका है। कार्यक्रम उपरांत भारत सिंह सिसोदिया के साथ महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्षा निरूपा सिंह , सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षद मनीष सिंह, अनिल जायसवाल , अरुणा सिंह , कमलेश तिवारी , मनोज कंसारी, देवकी त्रिपाठी और पार्टी कार्यकर्ताओं ने मीसा बंदी एवं वरिष्ठ नेता देवश्वर सिंह, पी.आर. कश्यप, काशीराम तिवारी, नागेश मिश्रा व करताराम गुप्ता के घर जाकर उनसे भेंट मुलाक़ात की l सभी वरिष्ठजनो ने आशीर्वचन देते हुए पार्टी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पार्टी कार्यालय के कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरपाल सिंह भामरा , अभिमन्यु गुप्ता, मधु चौदहा, आलोक दुबे, विद्यानंद मिश्रा, मनोज गुप्ता, रूपेश दुबे, निलेश सिंह, रविन्द्र गुप्त भारती, अंकित जायसवाल, संदीप सोनी, मयंक जायसवाल, धनंजय मिश्रा, मनोज सोनी, अजय सोनी, माता प्रसाद, उपेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, रिंकू वर्मा, वेदांत तिवारी, वीर सोनी, श्वेता गुप्ता, ममता तिवारी, सोनू तिग्गा, नीलम रजवाड़े, प्रियंका चौबे, इंदु नेताम, पूनम सिंह, बबली नेताम, शालिनी सिंह, माया मिश्रा, इंदु गुप्ता, सरिता जायसवाल,अर्चना सिंह सहित पार्टी पदाधिकारी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि एम.सी.बी जिले से 30 छात्र/छात्राओं ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2025 में सफलता प्राप्त की है। मनेन्द्रगढ़ विकासखंड से 06 विद्यार्थी, खड़गवां विकासखंड से 20 विद्यार्थी एवं भरतपुर विकासखंड से 04 विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता अर्जित की है। जिले से कु. आस्था ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इनके साथ-साथ छाया कुमारी साहू, अर्पित चौहान, आशीष कुमार सिंह, नैतिक सागर, रोहन मरावी, अन्नू, सोहानी मिश्रा, पवन चतुर्वेदी, अनुरुद्ध पाण्डेय, सौम्या, अरुणा, कृष्निका, अनुप्रिया जायसवाल, साक्षी, इशान साहू, आयुष साहू, अन्नया भारती, समीर, शालिनी, लवकुमार, दुर्गावती, अक्षन्त कुमार, संजना, अंश कुमार, प्रतिभा सिंह, सुलजीत, प्रियांशु और बुद्धम् ने भी इस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता जिले के विद्यालयों के शिक्षकों के अथक परिश्रम और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी वर्षों में जिले से और अधिक विद्यार्थी इस परीक्षा में चयनित होंगे। इस उपलब्धि से जिले भर में हर्ष और उत्साह का वातावरण है तथा यह सफलता आने वाले विद्यार्थियों को भी प्रेरित करेगी।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : दिनांक 04/04/25 कों थाना गांधीनगर पुलिस टीम कों दौरान पेट्रोलिंग डिगमा रोड़ राईस मिल के पास दो युवक ग्लैमर मोटरसायकल मे झोला एवं पिट्ठू बैग लेकर आते हुए दिखाई पड़े, जो पुलिस टीम कों देखकर भागने लगे जिन्हे पकड़कर पूछताछ किया गया जो आरोपियों द्वारा अपना नाम सागर सिंह चौहान पिता अशोक सिंह उम्र 24 वर्ष निवासी डेयरी फार्म रोड शिव मंदिर के पीछे थाना गांधीनगर जिला सरगुजा प्रहलाद वासुदेव पिता योगेन्द्र चौबे उम्र 18 वर्ष निवासी बजरंग होटल के पास थाना गांधीनगर जिला सरगुजा का होना बतायें, संदेहियो से पुलिस टीम कों देखकर भागने का कारण पूछने पर टाल मटोल किया गया जो संतोषप्रद जवाब नही मिलने पर संदेहियो के कब्जे मे रखे झोला एवं पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर से कुल 200 नग अवैध नशीला इंजेक्शन जप्त किया गया, आरोपियों से कब्जे से घटना मे प्रयुक्त ग्लैमर मोटरसायकल क्रमांक सीजी/15/डीबी/0332 जप्त कर घटना के सम्बन्ध मे हिकमतअमली से पूछताछ किया गया, जो आरोपियों द्वारा नशीले इंजेक्शन की तस्करी करना स्वीकार किया गया, आरोपियों से अग्रिम पूछताछ किये जाने पर चोरी के कुल 03 मामलो का भी खुलासा किया गया। आरोपी सागर चौहान से हिकमतअमली से पूछताछ किये जाने पर 03 चोरी के मामलो मे अपनी संलिप्तता जाहिर करते हुए बताया गया कि 02 साल पहले गांधीनगर निवासी प्रहलाद वासुदेव से आरोपी का जानपहचान हुआ था। प्रहलाद आरोपी के साथ मिलकर कई चोरी की घटना कारित किया है,और वर्तमान मे प्रहलाद आरोपी सागर के साथ उसके घर मे ही पिछले 5-6 महीनों से साथ मे रह रहा था, सागर और प्रहलाद के चोरी के काम के संबंध में सागर की मां शांति सिंह को पूरी जानकारी है, आरोपी चोरी के समान को लाकर अपनी मां को देता हैं, कि करीब तीन चार दिन पहले आरोपी सागर की माँ डेयरी फार्म रोड में ही कोने के दो मंजिला मकान में ताला लगा होने की जानकारी आरोपी सागर एवं प्रहलाद कों दी थीं, बाद उसी रात 12 बजे के बाद आरोपी सागर और प्रहलाद घर से निकले और आरक्षक के सुने मकान मे मेन गेट को फांदकर बाउंड्री के अंदर गये और घर के अंदर रखे हुए एक काले रंग का रायफल बंदूक जिसमे काला खोखा (मैगजीन) फिट था जिसे आरोपी सागर निकाल लिया और लॉकर के अंदर सोने-चांदी के गहने सोने का मंगलसूत्र लॉकेट, दो सोने की अंगूठी, सोने का टॉप्स, चांदी का पायल, चांदी का लॉकेट था, और लॉकर में ही रायफल का दो और खोखा (मैगजीन) जिसमें बंदूक का गोली भरा हुआ था, आलमारी के पास ही रखे टेबल में बने दराज में कार की दो चाबी मिली, कमरे में और कोई कीमती सामान नहीं मिला फिर उक्त सोने-चांदी के गहने, रायफल तथा तीनों गोली से भरा मैगजीन को आरोपीगण आधा-आधा बाट कर अपने अपने पहने जैकेट के अंदर व जेब में रखे। आरोपी सागर रायफल को अपने जैकेट के अंदर ही छिपाकर रख लिया फिर दोनों गेट को फांदकर वापस सागर के घर चले गये। घर वापस पहुंचकर सागर सोने-चांदी के गहने व गाड़ी की चाबी को अपनी मां शांति को दे दिया, आरोपी सागर और प्रहलाद सागर की माँ के बताये अनुसार घर के सामने बाडी में ईंट से घिरा एक जगह जहां कचरा फेंकते थे वहां किनारे में गड्ढा खोदकर रायफल व तीनों खोखा मैगजीन और पुरी गोली को एक प्लॉस्टिक के बोरी में रखकर गड्ढे में गाड़कर ढंक दिये। इस घटना से पहले भी आरोपी सागर और भी चोरी की घटना कारित किया हैं, आज से करीब 05 माह पहले सागर, प्रहलाद और एक अन्य आरोपी तीनों मिलकर गोधनपुर के सूने मकान में ताला लगा देखकर रात के समय जाकर ताला को तोडकर सोने-चांदी के गहने व एक लैपटॉप चोरी किये थे जिसमें चोरी के सभी सामान को लेकर सागर के घर आए और सागर की मां के पास सभी सामान को रखवा दिये थे। पिछले माह सागर और प्रहलाद दोनों मिलकर राजेन्द्रनगर शिवमंदिर के सामने ताला लगे एक सूने मकान में रात को घर का ताला तोडकर घर के अंदर आलमारी एवं पेटी का ताला तोड़कर सोने-चांदी के गहने चांदी का शिवलिंग, स्मॉर्ट वॉच, जूता, साउंड बॉक्स, पर्स, नगदी रकम और और अन्य सामान को चोरी करके सागर के घर आये। पर्स और चांदी का शिवलिंग को सागर की माँ अपने पास रखी थी। चोरी करने के लिये आरोपी सागर और प्रहलाद ड्यूट स्कुटी का उपयोग करते थे, आरोपियों के मेमोरंडम के आधार पर मामले मे शामिल आरोपी सागर की माँ शांति सिंह कों पकड़कर पूछताछ किया गया जो आरोपिया द्वारा अपना नाम शांति सिंह पति अशोक सिंह उम्र 45 वर्ष साकिन गांधीनगर शिव मंदिर के पीछे थाना गांधीनगर का होना बताई।
आरोपियों के निशानदेही पर चोरी कर गाड़ा हुआ सर्विस राइफल ए. के. 47 एवं 03 मैगजीन 90 राउंड, एक सोने का मंगलसूत्र, 02 नग अंगूठी सोने का, 01 जोड़ी सोने का बाली, 03 जोड़ी चांदी का पायल, 02 जोड़ी चांदी का बिछिया, 01 नग चांदी का शिवलिंग, चोरी के रकम से ख़रीदे गये सोफा सेट, पलंग, ड्रेसिंग टेबल, स्पीकर, प्रार्थी के नाम की गहनो की पर्ची, 01 सेट स्पीकर, 01 नग ब्लूटूथ स्पीकर, 01 नग हेयर ड्रायर, 02 इस्तेमाली जूता कुल किमती मशरुका 20 लाख रुपये बरामद किया गया हैं, तीनो आरोपियों के विरुद्ध अपराध सबूत पाये जाने से प्रकरण क्रमांक 674/24 धारा 331(4), 305, 112, 61(2) बी.एन.एस., अपराध क्रमांक 201/25 धारा 331(4), 305, 112, 61(2) बी.एन.एस., अपराध क्रमांक 219/25 धारा 331(4), 305, 112, 61(2) बी.एन.एस., 25 आर्म्स एक्ट एवं आरोपी सागर एवं प्रहलाद के विरुद्ध अपराध क्रमांक 220/25 धारा 22 (सी) एन. डी. पी. एस. एक्ट के तहत आरोपियों कों गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया हैं।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस के पूछताछ के बाद 20 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। युवक की मौत के बाद मृतक की मां ने लखनपुर थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक पर 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने प्रधान आरक्षक पर कार्यवाही की मांग की थी। इस मामले को बढ़ता देख एसपी सरगुजा योगेश पटेल ने प्रधान आरक्षक पन्नालाल एक्का को लाइन अटैच कर दिया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम जुडवानी चुकंनडांड सेमरपारा निवासी 20 वर्षीय युवक आशीष मिंज पिता स्वर्गीय फूलचंद मिंज ने घर के समीप आम पेड़ में रस्सी का फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना की सूचना पर लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुटी है। बताया जा रहा हैं कि नवंबर 2024 में मृतक आशीष मिंज के घर में 16 किशोरी संध्या कुमारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी वहीं युवक ने भी कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया था उपचार के बाद युवक स्वस्थ होकर अपने घर लौट आया था।मृतिका संध्या कुमारी के मौत को लेकर शंका जाहिर करते हुए उसके परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इसकी शिकायत की थी। शिकायत के बाद लखनपुर पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और नोटिस देकर अलमा मिंज उसके पुत्र आशीष मिंज को पूछताछ के लिए लखनपुर थाने पूर्व में बुलाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान मामला दबाने को लेकर प्रधान आरक्षक पन्नालाल एक्का ने ₹50000 की मांग की थी। जिसकी शिकायत अलमा मिंज के द्वारा लखनपुर प्रशिक्षु आईपीएस से गई थी वही बावजूद इसके पुनः पूछताछ के लिए अलमा मिंज और आशीष मिंज को प्रधान आरक्षक के द्वारा लखनपुर थाने बुलाया गया था और पुलिस थाने के ऊपर के कमरे में पूछताछ किया जा रहा था इसी दौरान बाइक चोरी की रिपोर्ट लिखाने पहुंचे युवकों के द्वारा आशीष मिंज के साथ मारपीट किया था। युवक को शाम 7:00 बजे पूछताछ कर छोड़ा गया जिसके बाद युवक अपनी मां के सामने बहुत रोने लगा। युवक द्वारा अपनी मां को पूछताछ के दौरान उसके साथ हुए मारपीट के बारे में जानकारी दी गई और खाना पीना खाकर रात में सो गए और आज सुबह घर के ही समीप फांसी के फंदे पर उसका शव झूलता हुआ मिला। वही इस मामले में प्रधान आरक्षक पन्नालाल का कहना हैं कि कोरबा जिले की रहने वाली युवती संध्या मिंज उम्र 16 वर्ष जो अपने मौसी के घर अंबिकापुर रहती थी। आशीष मिंज के घर पर विगत माह पूर्व फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। परिजनों के द्वारा मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की थी। जिसके बाद पुलिस के द्वारा जांच किया जा रहा था पूछताछ के लिए आशीष मिंज और उसकी मां अलका मिंज को बुलाया गया था। कई बार बुलाने के बाद भी नहीं आने पर नोटिस देकर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया। जिसके बाद उन्होंने पैसे का ऑफर देकर मामले को रफा दफा करने की बात कही थी। परंतु मेरे द्वारा आशीष मिंज और उसकी मां अलका मिंज पति स्व फूल चंद मिंज को पुलिस का सहयोग करने की बात कही गई थी और युवक से कोई मारपीट नहीं की गई है। उनके द्वारा जो भी आरोप मुझ पर लगाया जा रहे हैं सब आरोप बेबुनियाद है।
बस्तर : बस्तर पंडुम में शामिल होने दंतेवाड़ा जा रहे ग्रामीणों से भरी एक पिकअप पलट गई। इस हादसे में पिकअप में सवार 25 ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें से 6 की हालत गंभीर है। घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है। उल्लेखनीय हैं कि दंतेवाड़ा हाई स्कूल मैदान में आज बस्तर पंडुम का समापन कार्यक्रम है, कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शिरकत करने पहुंचे हैं। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नक्सल प्रभावती इलाके पोटली के ग्रामीण पिकअप के माध्यम से दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय जा रहे थे। पिकअप पालनार के पास वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें 25 सवार घायल हो गए। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी के बीच मौके पर मौजूद लोगों ने निजी वाहनों के माध्यम से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया है।
जशपुर : जिले के कुनकुरी से मंतातरण का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां मिशनरी संस्था की तरफ से संचालित होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज की फाइनल ईयर की छात्रा ने प्रिंसीपल पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। छात्रा ने इसकी शिकायत कलेक्टर रोहित व्यास और एसएसपी शशि मोहन सिंह से की है। प्रशासन ने इस मामले की जांच के लिए टीम का गठन किया है। मिली जानकारी के अनुसार शंकरनगर निवासी 21 वर्षीय छात्रा होली क्रॉस नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। छात्रा का आरोप है कि लगभग 15 दिन पहले अंतिम परीक्षा के दौरान कॉलेज की प्राचार्य विंसी जोसेफ ने प्रेक्टिकल परीक्षा की फाइल पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। छात्रा के अनुसार प्राचार्य ने प्रैक्टिकल क्लास में अनुपस्थिति का हवाला दिया था, जबकि छात्रा का दावा है कि उसने अस्पताल में नाइट ड्यूटी भी पूरी मुस्तैदी से की लेकिन कॉलेज के रिकार्ड में उसे जबरन अनुपस्थित दर्शाया गया हैं। हालांकि काफी वाद-विवाद के बाद वह प्रैक्टिकल परीक्षा सहित वार्षिक परीक्षा में शामिल हो सकी। छात्रा का आरोप है कि कालेज में प्रवेश लेने के बाद से ही प्राचार्य सिस्टर जोसेफ उस पर नन बनने का दबाव डाल रही थी। शुरूआत में नन बनने पर विदेशों में नौकरी लगाने और मोटा वेतन मिलने का झांसा दिया गया लेकिन जब उसने अपने धर्म और परिवार को ना छोड़ने की बात कही तो उसे तरह-तरह से प्रताड़ित किया जाने लगा। एक साल पहले उसे छात्रावास से भी निष्कासित कर दिया गया, फिर उस पर जबरन अनुपस्थिति और अनुशासनहिनता का आरोप लगाया जाने लगा।
वहीं नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य ने विंसी जोसेफ ने छात्रा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। प्रिंसीपल का कहना हैं कि छात्रा ने परीक्षा में शामिल होने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण पूरा नहीं किया था इसलिए उसे अगले वर्ष परीक्षा देने की सलाह दी गई थी। उन्होंने कहा कि छात्रा अपनी कमी छुपाने के लिए इस प्रकार के झूठे आरोप लगा रही है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : बलरामपुर सीईओ के गनमैन के घर चोरी मामले में गांधीनगर पुलिस ने 2 चोरों को गिरफ्तार किया हैं। मिली जानकारी के अनुसार घर से चोरी हुए एके–47 राइफल और 40 जिंदा कारतूस समेत लाखों के जेवरात पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सागर चौहान और प्रह्लाद चौबे नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों के द्वारा चोरी किए गए राइफल को अपने घर की जमीन पर दफनाकर रखा गया था जिसे पुलिस द्वारा जप्त कर लिया गया है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आज एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम में सरगुजा और बलरामपुर जिले में कार्रवाई करते हुए दो रिश्वतखोर पटवारी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। सरगुजा जिले के लालमाटी में पदस्थ पटवारी नीरज वर्मा को उनके निवास से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है, वही बलरामपुर जिले के बरतीकला में रिश्वतखोर पटवारी हेमंत कुजूर को ₹8000 की रिश्वत लेते हुए रेस्ट हाउस वाड्रफनगर से गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा हैं कि हेमंत कुजूर द्वारा जमीन के सीमांकन के लिए ₹10000 की मांग की गई थी रिश्वत की ₹2000 पहले ही ले लिए गए थे शेष राशि 8000 लेते हुए आज एसीबी की टीमों ने गिरफ्तार कर लिया है।
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड स्थित गजाधरपुर के तुर्रिपानी प्राथमिक शाला में बच्चों के जिंदगी से खिलवाड़ का मामला सामने आया हैं जहां मिड-डे मील में छिपकली मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया हैं। घटना की जानकारी के बाद एहतियातन सभी 65 बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में इलाज के लिए ले जाया गया हैं। जहां सभी की स्थिति सही बताई जा रही हैं। इस घटना की जानकारी के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश हैं और ग्रामीणों द्वारा लापरवाह स्कूल प्रशासन पर कार्यवाही की मांग की जा रही हैं।
मिली जानकारी के अनुसार सभी बच्चे स्वस्थ हैं लेकिन सभी को निगरानी में स्वास्थ्य केंद्र में ही रखा गया हैं।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शहर में पिछले कुछ दिनों पूर्व शिवधारी कॉलोनी में कार और थार के बीच टक्कर के बाद थार चालक युवक ट्रांसपोर्टर संजय सिंह के साथ बदसलूकी और हत्या की नीयत से मारपीट मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी वसीम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। उल्लेखनीय हैं कि वसीम कुरैशी द्वारा युवक के साथ दरिंदगी के साथ मारपीट की गई थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था, वसीम कुरैशी द्वारा युवक के हिंदू होने पर उसका सर कलम कर दिए जाने की बात भी कही गई थी जिसके बाद मामले में बहुत तूल पकड़ा था और सरगुजा पुलिस की काफी किरकिरी की हुई थी। सर्व हिंदू संगठन द्वारा एकजुट होकर प्रदर्शन किया गया था और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इस मामले में भाजपा और कांग्रेस दोनों द्वारा आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की जा रही थी। इसके बाद पुलिस द्वारा कल एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया था,वहीं आज मुख्य आरोपी वसीम कुरेशी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य दो आरोपी अभी भी फरार है जिनकी जल्द गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
नई दिल्ली : लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पारित गया। इस पर करीब 12 घंटे की चर्चा के बाद रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 288 ने पक्ष में जबकि 232 ने विपक्ष में वोट डाले। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे उम्मीद (यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, इफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट) नाम दिया है। आज (गुरुवार) यह बिल राज्यसभा में पेश होगा। राज्यसभा से पारित होता है तो इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद यह बिल कानून के रूप में देश में वक्फ संपत्तियों पर लागू हो जाएगा।
ऑनलाइन होगा वक्फ का डेटाबेस वक्फ बोर्ड संशोधन बिल के पारित होते ही वक्फ कानून में बड़े बदलाव होंगे। कानून के लागू होने के 6 महीने के भीतर हर वक्फ संपत्ति को सेंट्रल डेटाबेस पर रजिस्टर्ड करना अनिवार्य होगा। वक्फ में दी गई जमीन का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन पोर्टल पर 6 महीने के अंदर अपलोड करना होगा और कुछ मामलों में इस टाइम लिमिट को बढ़ाया भी जा सकेगा।
जमीन का ऑनलाइन डेटाबेस वक्फ को डोनेशन में दी गई हर जमीन का ऑनलाइन डेटाबेस होगा और वक्फ बोर्ड इन प्रॉपर्टीज के बारे में किसी बात को छिपा नहीं पाएगा। किस जमीन को किस व्यक्ति ने डोनेट किया, वो जमीन उसके पास कहां से आई, वक्फ बोर्ड को उससे कितनी इनकम होती है, उस प्रॉपर्टी की देख-रेख करने वाले ‘मुतव्वली’ को कितनी तनख्वाह मिलती है, ये जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर मुहैया होगी। इससे वक्फ की प्रॉपर्टीज में ट्रांसपरेंसी आएगी और वक्फ को होने वाला नुकसान भी कम होगा।
गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में शामिल करना अनिवार्य एक बड़ा बदलाव यह भी आएगा कि गैर-मुस्लिमों को वक्फ बोर्ड में शामिल करना जरूरी होगा। वक्फ बोर्ड में दो महिलाओं के साथ दूसरे धर्म से जुड़े दो लोग शामिल होंगे। वक्फ बोर्ड में नियुक्त किए गए सांसद और पूर्व जजों का भी मुस्लिम होना जरूरी नहीं होगा। सरकार के मुताबिक इस प्रावधान से वक्फ में पिछड़े और गरीब मुस्लिमों को भी जगह मिलेगी और वक्फ में मुस्लिम महिलाओं की भी हिस्सेदारी होगी।
वक्फ बोर्ड में दो मुस्लिम महिलाएं भी होंगी राज्यों के वक्फ बोर्ड में भी दो मुस्लिम महिलाएं और दो गैर-मुस्लिम सदस्य जरूर होंगे। साथ ही शिया, सुन्नी और पिछड़े मुस्लिमों से भी एक-एक सदस्य को जगह देना अनिवार्य होगा। इनमें बोहरा और आगाखानी समुदायों से भी एक-एक सदस्य होना चाहिए। इन दोनों मुस्लिम संप्रदायों के लिए अलग-अलग वक्फ बोर्ड बनाने का भी प्रावधान इस कानून में जोड़ा गया है।
अफसर के पास होगा विवाद निपटाने का अधिकार किसी भी विवाद की स्थिति में स्टेट गवर्नमेंट के अफसर को यह सुनिश्चित करने का अधिकार होगा कि संपत्ति वक्फ की है या सरकार की। हालांकि बिल के प्रावधान को लेकर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्षी सांसदों का कहना है कि अफसर सरकार के पक्ष में फैसला करेंगे और यह भी तय नहीं है कि अफसर कितने दिन में किसी विवाद का निपटारा करेंगे।
सिविल कोर्ट या हाईकोर्ट में अपील करना मुमकिन लोकसभा से पास बिल में कहा गया है कि अब डोनेशन में मिली प्रॉपर्टी ही वक्फ की होगी। जमीन पर दावा करने वाला ट्रिब्यूनल,रेवेन्यू कोर्ट में अपील कर सकेगा। साथ ही सिविल कोर्ट या हाईकोर्ट में अपील हो सकेगी। ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती दी जा सकेगी। मामले में वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ 90 दिनों में रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट और हाई कोर्ट में अपील दायर करने का लोगों के पास अधिकार होगा, जो मौजूदा कानून में नहीं है।
सरकार के पास होगा वक्फ के खातों का ऑडिट कराने का अधिकार केंद्र और राज्य सरकारों के पास वक्फ के खातों का ऑडिट कराने का अधिकार होगा, जिससे किसी भी तरह के भ्रष्टाचार को रोका जा सकेगा। वक्फ बोर्ड सरकार को कोई भी जानकारी देने से मना नहीं कर सकता और वक्फ बोर्ड ये भी नहीं कह सकता कि कोई जमीन सैकड़ों साल पहले से किसी धार्मिक मकसद से इस्तेमाल हो रही थी तो वो जमीन उसकी है। बता दें कि वर्ष 1950 में पूरे देश में वक्फ बोर्ड के पास सिर्फ 52 हजार एकड़ जमीन थी, जो वर्ष 2009 में 4 लाख एकड़ हो गई। 2014 में 6 लाख एकड़ हो गई और अब वर्ष 2025 में वक्फ बोर्ड के पास देश की कुल 9 लाख 40 हजार एकड़ जमीन है।
महिलाएं भी वक्फ की जमीन में होंगी उत्तराधिकारी कोई भी व्यक्ति उसी जमीन को डोनेट कर पाएगा जो उसके नाम पर रजिस्टर्ड होगी। वक्फ भी ऐसी संपत्तियों पर अपना दावा नहीं कर पाएगा जहां कोई व्यक्ति किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड जमीन को दान में देता है। इसे अनलीगल माना जाएगा। खास बात यह है कि ‘वक्फ-अल-औलाद’ के तहत महिलाओं को भी वक्फ की जमीन में उत्तराधिकारी माना जाएगा। यानी जिस परिवार ने वक्फ की जमीन ‘वक्फ-अल-औलाद’ के लिए डोनेशन में दी है, उस जमीन से होने वाली इनकम सिर्फ उन परिवारों के पुरुषों को नहीं मिलेगी, बल्कि इसमें महिलाओं का भी हिस्सा होगा।
प्रॉपर्टी का ब्यौरा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगा जिन सरकारी प्रॉपर्टीज पर वक्फ अपना कब्जा बताता आ रहा है, उनको पहले दिन से ही वक्फ की प्रॉपर्टी नहीं माना जाएगा। अगर ये दावा किया जाता है कि कोई सरकारी प्रॉपर्टी वक्फ की है तो ऐसी स्थिति में राज्य सरकार मामले की जांच कराएगी। जांच-पड़ताल करने वाला अफसर कलेक्टर रैंक से ऊपर का होगा। जांच रिपोर्ट में वक्फ का दावा गलत निकलता है तो सरकारी प्रॉपर्टी का पूरा ब्यौरा राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज होगा।
प्रॉपर्टीज नियम इनपर होगा लागू साथ ही ये सरकारी प्रॉपर्टी वक्फ की नहीं मानी जाएगी। ये नियम उन सरकारी प्रॉपर्टीज पर भी लागू होंगे, जिन पर पहले से वक्फ का दावा और कब्जा है। सबसे बड़ा बदलाव ये आएगा कि वक्फ बिना किसी दस्तावेज और सर्वे के किसी जमीन को अपना बताकर उस पर कब्जा नहीं कर सकेगा। कोई अन्य प्रॉपर्टी या जमीन वक्फ की है या नहीं, इसकी जांच कराने के लिए राज्य सरकार को जरूरी अधिकार दिए गए हैं।
नई दिल्ली : 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना. ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था. अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया है. रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है.”
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या और इसे हटाने के क्या बदलाव आएगा
वक्फ एक्ट का सेक्शन 40 वक्फ एक्ट का सेक्शन 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है. इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि वह वक्फ संपत्ति है या नहीं, तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला कर सकता है. इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है. इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्था इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है. अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता है. यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या नहीं. साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था. अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने का प्रस्ताव है, जिससे वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं.
सरकारी हस्तक्षेप नहीं सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्था का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था. इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता है. इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था. अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था.
सेक्शन 40 को क्यों हटाना चाहती है
वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है. इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा. इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी. उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए.
केंद्र सरकार का तर्क केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी. उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी,
क्या होगा इसका असर विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा. वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा. अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा.
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर में एक आरक्षक के घर से चोरों ने एके-47 राइफल और 90 राउंड जिंदा कारतूस की चोरी कर ली है। चोरी की इस घटना से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। आरक्षक के घर से चोरों ने सोने-चांदी के जेवर समेत एके-47 राइफल और 90 राउंड जिंदा कारतूस की भी चोरी की हैं। मिली जानकारी के अनुसार आशीष तिर्की CAF का जवान हैं और बलरामपुर जिला पंचायत सीईओ का गनमैन हैं। वह छुट्टी लेकर किसी निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कहीं गया हुआ था, सर्विस रायफल एके-47 व कारतूस को थाने में जमा ना करते हुए घर में ही रख दिया था। 2 अप्रैल की दोपहर जब आशीष तिर्की अपने परिजनों के साथ घर पहुंचा तो घर का दरवाजा खुला देख उसके होश उड़ गए। घर के अंदर जाकर देखा तो सभी सामान बिखरे पड़े हुए थे। आलमारी खुली हुई थी इसके साथ ही उसका सर्विस रायफल एक-47 सहित 90 राउंड कारतूस भी गायब था। आशीष ने इसकी जानकारी पास के ही गांधी नगर थाना में दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है। पहली बार किसी सशस्त्र बल के जवान की सर्विस राइफल चोरी हुई है ऐसे में पुलिस के अधिकारियों के द्वारा इसे खोजने में पूरी ताकत लगाई जा रही हैं। इस मामले में जवान की लापरवाही भी सामने आ रही हैं। आपको बता दें कि जवान जब कभी छुट्टी पर जाते हैं तो उन्हें अपना सर्विस हथियार पास के ही थाने में जमा करना होता है ताकि शासकीय हथियार सुरक्षित रहे, लेकिन आशीष तिर्की ने अपना सर्विस राइफल एक-47 को घर में ही रखा और निजी कार्यक्रम में शामिल होने चले गए जिससे ये घटना घटी।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : प्रदेश के विभिन्न निगम, मंडल, आयोग, बोर्ड, अभिकरण एवं प्राधिकरण में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी को बधाई एवं सफल कार्यकाल हेतु हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।
हिंद स्वराष्ट्र : भारत सरकार और राज्य सरकार की संयुक्त रूप से जारी अभियान “कगार” से नक्सली काफी भयभीत हैं। “ऑपरेशन कगार” छत्तीसगढ़ में माओवादी हिंसा के खिलाफ एक पुलिस अभियान है, जिसका उद्देश्य नक्सली गतिविधियों को रोकना और क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति में सुधार करना है। नक्सलियों द्वारा अब राज्य सरकार के समक्ष शांति समझौते की पेशकश की गई है नक्सलियों द्वारा इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें नक्सलियों ने शांति समझौते के लिए पेशकश की हैं लेकिन नक्सलियों द्वारा इस संबंध में अपनी कुछ शर्ते भी रखी है। नक्सलियों द्वारा यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया गया हैं। आपको बता देगी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बस्तर दौरा आगामी 4 और 5 अप्रैल को होने वाला है इससे पहले नक्सलियों के हौसलों को तोड़ने के लिए सरकार द्वारा कड़ा रुख अपनाया गया है आपको बता दे की पिछले तीन महीनों मे हमारे जवानों द्वारा 100 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया हैं जिसमें कई इनामी नक्सली भी शामिल हैं।
नक्सलियों द्वारा जारी पत्र तेलगु भाषा में लिखा गया हैं, इसका हिंदी अनुवाद :
शांति वार्ता समिति और देश के लोगों से एक अपील।
24 मार्च को शांति वार्ता समिति ने ‘मध्य भारत में युद्ध तुरंत रोका जाए, भारत सरकार-सीपीआई (माओवादी) को बिना शर्त युद्धविराम की घोषणा करनी चाहिए और शांति वार्ता करनी चाहिए’ विषय पर हैदराबाद में एक गोलमेज बैठक की। हम आज शांति वार्ता समिति के गठन का स्वागत करते हैं, जो शांति के लिए एक गोलमेज बैठक आयोजित करेगी। इस मौके पर हम शांति वार्ता के प्रति अपनी पार्टी का रुख व्यक्त कर रहे हैं. जनवरी 2024 में, ब्राह्मणवादी हिंदुत्व-फासीवादी भाजपा की केंद्र सरकार और क्रांति प्रभावित राज्य सरकारों ने संयुक्त रूप से ‘कागर’ के नाम पर क्रांतिकारी प्रभावित राज्यों के लोगों के खिलाफ जवाबी युद्ध शुरू किया। उस समय छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने लोगों को धोखा देने के लिए बार-बार बयान दिया कि ‘हमारी सरकार माओवादियों से बातचीत के लिए तैयार है, माओवादियों को बातचीत के लिए आना चाहिए।’ उस अवसर पर हमारी पार्टी के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के मीडिया प्रतिनिधि कॉमरेड विकल्प ने दो बार जानकारी दी कि हमारी पार्टी शांति वार्ता के लिए तैयार है. शांति वार्ता के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को ‘कागर’ के नाम पर आदिवासियों के नरसंहार को रोकने, बस्तर क्षेत्र में तैनात केंद्र और राज्य सरकार के सशस्त्र बलों को बैरकों तक सीमित करने और नए सशस्त्र बलों के शिविरों की स्थापना को रोकने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव का जवाब दिये बिना. बिना कोई उत्तर दिये केन्द्र एवं राज्य सरकार पिछले 15 माह से क्रान्ति प्रभावित सभी राज्यों, विशेषकर छत्तीसगढ़ में प्रतिक्रांतिकारी ‘कागर’ युद्ध को आक्रामक रूप से जारी रखे हुए हैं। इस युद्ध में अब तक 400 से अधिक संख्या में हमारी पार्टी के नेता, कार्यकर्ता, कमांडर और पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के विभिन्न स्तरों के सदस्य और आम आदिवासी लोग मारे जा चुके हैं। इसमें एक तिहाई संख्या में आम आदिवासी लोग मारे गये. क्रांतिकारी क्षेत्रों में केंद्र और राज्य सरकारों के सशस्त्र बलों ने हजारों लोगों को गिरफ्तार किया है और उन्हें अवैध आरोपों में जेल में डाल दिया है। केंद्र व राज्य सरकार योजना के तहत आम जनता को मार रही है. पीएलजीए के निहत्थे सदस्यों, घायल और दुश्मन सशस्त्र बलों द्वारा फंसे हुए लोगों को अमानवीय यातना का शिकार बनाया जा रहा है और हमारी पार्टी की हत्या की जा रही है, जो कार्टन और किल ऑपरेशन में शामिल है। महिला साथियों के साथ सामूहिक बलात्कार किया जाता है और उनकी हत्या कर दी जाती है। इसीलिए हम इस युद्ध को नरसंहार कहते हैं। इस युद्ध में केंद्र सरकार ने कमांडो सेना के भेष में भारतीय सेना को तैनात किया। किसी क्रांतिकारी क्षेत्र को अशांत क्षेत्र घोषित किए बिना आंतरिक सुरक्षा के लिए सेना का उपयोग करना असंवैधानिक है। अपने ही देश के लोगों के ख़िलाफ़ सेना का इस्तेमाल, चाहे उन्हें अशांत क्षेत्र घोषित किया गया हो या नहीं, संविधान की बुनियादी अवधारणाओं के ख़िलाफ़ है। भाजपा शासित केंद्र और राज्य सरकारें साम्राज्यवादियों, पूंजीपतियों और जमींदारों के शोषण और उत्पीड़न को मजबूत करने और ‘हिंदू राज्य’ की स्थापना के लिए कागर युद्ध जारी रखे हुए हैं। शोषित वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले अन्य राजनीतिक दलों की राज्य सरकारें भी इसमें शामिल हैं। कागर युद्ध यह स्पष्ट कर रहा है कि ब्राह्मणवादी हिंदुत्व-फासीवादी आरएसएस-भाजपा केंद्र और राज्य सरकारें किस ‘विकसित भारत-हिंदूराष्ट्र’ का निर्माण कर रही हैं। यह आदिवासियों और गरीबों के खून-खराबे की बुनियाद पर बनाया जा रहा है. कल यह देश के किसानों की जमीनों, प्राकृतिक संसाधनों, बाजार और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों को देशी-विदेशी कॉरपोरेट के हाथों बांध देगा। धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव को संवैधानिक बनाता है। यह संघीय व्यवस्था को नष्ट कर देता है और एक तानाशाही केंद्र सरकार (एक निरंकुश एकात्मक राज्य) का निर्माण करता है। पूर्वी और मध्य भारत में हमारी पार्टी के नेतृत्व में आदिवासी और उनके साथ पीढ़ियों से रह रहे गरीब आदिवासी अपने जल, जंगल और ज़मीन पर सत्ता के लिए, स्वायत्तता के लिए, अपनी संस्कृति-परंपराओं की रक्षा के लिए, अपनी मातृभाषाओं की रक्षा के लिए और पर्यावरण की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं।
(नोट : अनुवाद गूगल ट्रांसलेटर की मदद से किया गया हैं। किसी भी प्रकार के शाब्दिक त्रुटि के लिए हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।)
हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : शहर के अंबेडकर चौक के पास संचालित मेगा शॉप का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने तिजारी से 3.50 लाख रुपए कैश चोरी कर ली हैं। सुबह जब मेगा शॉप के मैनेजर और कर्मचारी स्टोर पहुंचे तो उन्हें चोरी का पता चला। सीसीटीवी में दो आरोपी कैद हुए हैं, जो मेगाशॉप की तिजोरी तोड़कर पैसे निकालते दिख रहे हैं। घटना गांधीनगर थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार मेगा शॉप के मैनेजर और कर्मचारी सोमवार की रात 10.40 बजे स्टोर का ताला बंद कर घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब कर्मचारी स्टोर पहुंचे तो उन्हें शटर का ताला टूटा हुआ मिला। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। घटना की सूचना पर गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में शटर खोला गया और स्टोर की जांच की गई। स्टोर के कैश काउंटर की तिजोरी टूटी हुई थी। पुलिस ने स्टोर के सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो दो युवक स्टोर में घुसते और स्टोर की तिजोरी तोड़ते नजर आए, युवकों ने काफी मशक्कत के बाद स्टोर की तिजोरी तोड़ी थी। चोर तिजोरी से नगदी निकालकर भाग निकले। चोरी करने घुसे दो युवक करीब एक घंटे तक मेगाशॉप में ही थे।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर शहर के सिधारी कॉलोनी में कर और थार के बीच टक्कर के बाद ट्रांसपोर्टर के साथ हत्या की नियत से की गई मारपीट मे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, बाकी अन्य तीन मुख्य आरोपी वसीम कुरैशी, मोनू कुरैशी एवं आयुष दास पुलिस के पकड़ से दूर है। मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने आरोपी अनुराग राजवाड़े कों बिलासपुर रोड से गिरफ्तार किया हैं। आरोपी द्वारा वसीम कुरैशी, मोनू कुरैशी एवं आयुष दास के साथ मिलकर ट्रांसपोर्टर संजय सिंह कों कार से उतारकर गंदी गंदी गाली गालियां दी गई थी और उसे जान से मारने की कोशिश में हाथ मुक्का, लात एवं लाठी से पीटा था। गिरफ्तार आरोपी द्वारा अपने हाथ मे पहने हुए कड़े से संजय सिंह को गंभीर चोट पहुंचाई गई थी।
रायपुर : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने छह हजार करोड़ के महादेव बेटिंग एप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपित बनाया गया है। बघेल का नाम छठवें नंबर पर है। एफआईआर में महादेव बेटिंग एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल समेत 21 आरोपितों के नाम हैं। ईओडब्ल्यू से केस सीबीआई को सौंपा गया था। इसके आधार पर अब सीबीआई ने अपराध दर्ज किया है।
इनका नाम रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, सतीश चंद्राकर, भूपेश बघेल, नीतिश दीवान, सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल उर्फ अतुल अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहुजा, धीरज आहुजा, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, भीम सिंह, यादव, हरीशंकर तिबरवाल, सुरेंद्र बागड़ी, सूरज चोखानी।
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : मनेंद्रगढ़ पुलिस ने एक बड़े अभियान के तहत जुआरी के ठिकाने पर छापा मारते हुए 7 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में कुल 52 पट्टी ताश, 84,000 रुपये नकद, 3 मोटरसाइकिल और अन्य सामग्री जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी: 1. शुभांशु पोद्दार (पिता: श्यामसुन्दर पोद्दार, उम्र: 28 वर्ष) – निवासी: पुराना पोस्ट ऑफिस के पास, मनेंद्रगढ़। 2. मोहम्मद सलीम (पिता: समसेर जनी, उम्र: 35 वर्ष) – निवासी: वार्ड नं. 05, मौहार पारा। 3. अनुज गुप्ता (पिता: अजय गुप्ता, उम्र: 27 वर्ष) – निवासी: रामनगर चेक पोस्ट, वार्ड नं. 06, थाना रामनगर, जिला अनूपपुर (म.प्र.)। 4. सरफराज अहमद (पिता: इस्तयाक अहमद, उम्र: 28 वर्ष) – निवासी: वार्ड नं. 06, मौहार पारा। 5. ठाकुर प्रसाद उर्फ सोनू (पिता: ओम नारायण द्विवेदी, उम्र: 46 वर्ष) – निवासी: सिविल लाइन, मनेंद्रगढ़। 6. महेन्द्र कुमार (पिता: स्व. श्री ओकलाल यादव, उम्र: 39 वर्ष) – निवासी: वार्ड नं. 17, पुरानी बस्ती, मनेंद्रगढ़। 7. इनामुल हसन (पिता: नुरुल हसन, उम्र: 47 वर्ष) – निवासी: वार्ड नं. 05, मौहार पारा। जब्त सामग्री: कुल नकद राशि: ₹84,000/- 52 पट्टी ताश तीन मोटरसाइकिल (कीमत लगभग ₹18,0000 एक चादर पुलिस टीम की अहम भूमिका: इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी सुनील तिवारी, राकेश शर्मा, मनीष तिवारी और विनीत सोनी की अहम भूमिका रही। मनेंद्रगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से जुआरियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।