हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाकर एक आरक्षक ने एसपी को अपना त्याग पत्र सौंप दिया है। आरक्षक का कहना है कि विभाग के कुछ अधिकारी आरोपियों को संरक्षण देते आ रहे हैं और उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। दरअसल मामला जमीन व घर में चोरी से जुड़ा हुआ है। आरक्षक ने आईजी के स्टेनो पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने एसपी से त्याग पत्र स्वीकार करने का आग्रह किया है।
मिली जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले के लुंड्रा थाने में पदस्थ आरक्षक अमित कुमार राजवाड़े ने एसपी को त्यागपत्र सौंपा है। सौंपे गए त्याग पत्र में उसने लिखा है कि जमीन देने के नाम पर मेरे साथ 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई जिसकी शिकायत 2 अगस्त 2024 को मैने मणिपुर थाने में की थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। मैने इसकी शिकायत एसपी और आईजी से की तो भी आरोपियों पर अपराध दर्ज नहीं किया गया। वहीं घर से 2 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी की रिपोर्ट लखनपुर थाने में दर्ज कराई। यहां अपराध तो दर्ज किया गया, लेकिन वहां पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष तिवारी द्वारा आरोपियों से रुपए लेन-देन कर उन्हें गिरफ्तार तक नहीं किया गया। उसने ये भी कहा कि उसके घर से मोटर पंप चोरी कराया गया, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
आईजी के स्टेनो पर लगाए गंभीर आरोप
आरक्षक अमित कुमार राजवाड़े ने त्याग पत्र में लिखा है कि आईजी के स्टेनो पुष्पेंद्र शर्मा द्वारा फोन पर बार-बार उसे धमकी दी जाती है। उनसे नहीं मिलने पर उसका स्थानांतरण बलरामपुर-रामानुजगंज कर दिया गया है। उसने यह भी लिखा है कि इस संबंध में लुंड्रा थाना प्रभारी से भी पूछताछ की जा सकती है। प्रताड़ना से त्रस्त होकर उसने एसपी से त्याग पत्र स्वीकार करने का आग्रह किया है।
हिंद स्वराष्ट्र राजपुर : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में एक बुजुर्ग पहाड़ी कोरवा सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ गया समय रहते ना उसके शिकायत पर ध्यान दिया गया ना सिस्टम ने उसकी कोई मदद की, अंततः उसने उठाया खौफनाक कदम। आत्महत्या के बाद पुलिस ने दर्ज किया आरोपियों के विरुद्ध FIR. दरअसल पहाड़ी कोरवा परिवार की जमीन को भू माफियाओं द्वारा हड़प लेने व बार-बार शिकायत के बावजूद मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने से दुखी बुजुर्ग पहाड़ी कोरवा द्वारा आत्महत्या कर ली गई। बुजुर्ग के आत्महत्या के बाद पुलिस हरकत में आई और राजपुर के उप पंजीयक, गांव के हल्का पटवारी सहित सात लोगों के विरूद्ध अपराध दर्ज किया। मिली जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भेस्की में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार की जमीन के खसरा को हल्का पटवारी राहुल सिंह द्वारा भुईया एप्प में फर्जीवाड़ा कर राजपुर निवासी महेन्द्र कुमार गुप्ता और उदय शर्मा निवासी ग्राम परसागुड़ी के नाम चढ़ा दिया और भूमाफियाओं से सांठगांठ कर भूमि को बेच दिया। जिसकी शिकायत पीड़ित परिवार द्वारा राजपुर एसडीएम व बलरामपुर एसपी से की थी। बावजूद इसके मामले में कोई कार्यवाही नहीं होने से दुखी पहाड़ी कोरवा परिवार के वृद्ध सदस्य भईरा द्वारा 22 अप्रैल को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गई। मामले की सूचना पर कल पुलिस ने पंचनामा व पीएम की कार्यवाही करा दी थी। वही इस मामले को लेकर आज ग्रामीणों द्वारा चक्काजाम की तैयारी की जा रही थी जिसकी जानकारी मिलने पर राजपुर एसडीएम व एसडीओपी गांव पहुंचे और परिजनों से मामले की पूछताछ की। परिजनों के बयान के आधार पर राजपुर पुलिस ने मामले में आरोपी शिवाराम नगेशिया, विनोद अग्रवाल उर्फ मधु अग्रवाल आ0 जग्गु अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल आ0 जग्गु अग्रवाल, महेन्द्र गुप्ता, उदय शर्मा, पटवारी राहुल सिंह व उप पंजीयक राजपुर यशवंत कुमार के विरूद्ध बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2) व 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : सूरजपुर जिले के ग्राम बिसाही पोड़ी में देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया जहां ग्रामीणों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन नाले के पास पलट गई। इससे पिकअप में सवार करीब 25 ग्रामीण घायल हो गए। इस हादसे में महिला और बच्चों सहित 11 सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। भटगांव हॉस्पिटल में दो बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई। 9 घायलों को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर में दाखिल कराया गया है। बताया जा रहा हैं कि सभी ग्रामीण शादी के बाद आयोजित होने वाले चौथी भोज में शामिल होकर वापस भटगांव लौट रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार सूरजपुर के लटोरी चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भंडारपारा निवासी तलिंदर राजवाड़े की बेटी की शादी पांच दिनों पूर्व ओड़गी ब्लॉक के बिलासपुर निवासी युवक के साथ हुई थी। शादी के बाद चौथी भोज का आयोजन मंगलवार को किया गया था, जिसमें भंडारपारा के 25 ग्रामीण पिकअप में सवार होकर बिलासपुर गए थे। इनमें महिला, पुरूष एवं बच्चे शामिल हैं। चौथी समारोह में शामिल होने के बाद ग्रामीण पिकअप क्रमांक CG 29 AC 6154 में सवार होकर लौट रहे थे। तेज रफ्तार में पिकअप रात करीब 10 बजे ग्राम बिसाही पोड़ी के पास पहुंची। बिसाही पोड़ी के नकटी नाला के पास मोड़ में पिकअप का चालक वाहन को नियंत्रित नहीं कर सका और पिकअप मोड़ में एक पत्थर से टकराकर पलट गई। हादसे के बाद इलाके में चीख पुकार मच गई। घटना की सूचना के बाद भटगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
आपको बता दे की अभी शादियों का सीजन चल रहा हैं और ग्रामीण अपने जान की परवाह किए बगैर जान जोखिम में डालकर मालवाहक वाहनों में सवार होकर यात्रा कर रहें हैं।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले का आदिवासी विकास प्राधिकरण आदिवासियों और गरीब तबके के लोगों का हक मारने और विभाग में पदस्थ अधिकारियों के जेब भरने का माध्यम मात्र बनकर रह गया हैं। विभाग में इतनी अनियमितताएं हैं जिनका उंगलियों से गिनती कर पाना भी संभव नहीं हैं।
आवश्यकता से अधिक डेली वेतन भोगियों की नियुक्ति
आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा डेली वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति असंवैधानिक तरीके से जरूरत से ज्यादा संख्या में कर दी गई है। विभाग द्वारा इस नियुक्ति में इतनी अनियमितता की गई है कि विभाग को कितने डेली वेतन भोगियों की नियुक्ति की गई है इस बात की भी जानकारी नहीं है, उनको इस बात की भी जानकारी नहीं है कि कितने लोगों की नियुक्ति करनी थी और कितने लोगों की नियुक्ति कर दी गई है। विभाग द्वारा 435 मजदूरों के सेटअप के जगह पर करीबन 1500 मजदूरों की भर्ती कर ली गई है। विभाग द्वारा इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी गई यह विचारणीय हैं।
जांच के नाम पर मामले को दबा देने का रहा हैं रिकॉर्ड आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा कौशल विकास योजना के नाम पर कोरवा जनजाति के लोगों के साथ धोखाधड़ी मामले को जांच के नाम पर पहले ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया हैं। उसी तर्ज पर अब इन महानुभावों द्वारा डेली वेतन भोगी कर्मचारियों की आवश्यकता से अधिक संख्या बल्कि दुगुनी तिगुनी संख्या में भर्ती कर दी गई हैं। इस मामले को भी दबाने का भरसक प्रयास किया जा रहा हैं।
मामले का हुआ खुलासा
विभाग द्वारा असंवैधानिक तरीके से डेली वेतन भोगियों की नियुक्ति की गई है जिसकी जानकारी समाजसेवी और RTI एक्टिविस्ट अभय नारायण पाण्डेय को लगी तो उन्होंने मामले की जानकारी विभाग से मांगी गई जिसपर विभाग द्वारा दिया गया जवाब काफी आश्चर्य जनक हैं दरअसल विभाग को खुद जानकारी नहीं है कि उनके द्वारा कितने दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्ति की गई है। तीन अलग-अलग आरटीआई के जवाब में विभाग द्वारा तीन अलग-अलग जानकारियां दी गई है दैनिक वेतन भोगियों की संख्या और उनकी पदस्थापना भी अलग-अलग जगहों पर बताई गई है। पहले आरटीआई में विभाग द्वारा 435 दैनिक वेतन भोगियों की जानकारी दी गई वहीं दूसरे आरटीआई में दैनिक वेतन भोगियों की संख्या 778 बताई गई आश्चर्य की बात यह है की तीसरी आरटीआई में लगातार संख्या बढ़ते हुए मजदूरों की संख्या 881 हो गई।
विभाग द्वारा उनकी नियुक्ति में इतनी अनियमितता की गई कि उसका हिसाब खुद विभाग के पास नहीं है। विचारणीय बात यह है कि जब दैनिक वेतन भोगियों की संख्या ही विभाग को मालूम नहीं है तो उनका वेतन कितना आता होगा और वह वेतन कहां मैनेज होता होगा।
नियुक्ति में अनियमितता में सामने आ रहा सुरेंद्र सिंह का नाम
इस नियुक्ति के सारे खेल में सुरेंद्र सिंह का नाम निकलकर सामने आ रहा है आपको बता दे की सुरेंद्र सिंह मूलतः प्राथमिक शाला चोरकाकछार के प्रधान पाठक है लेकिन शिक्षा विभाग द्वारा इन पर मेहरबानी करते हुए इन्हें घघरी पहाड़ी कोरवा आश्रम के अधीक्षक का प्रभार भी सौंपा है, वही आदिवासी विकास प्राधिकरण द्वारा भी इन्हें मंडल संयोजक के पद पर रखते हुए प्रोटोकॉल अधिकारी की जिम्मेदारी भी दी गई हैं। इंसान एक पद तीन सोचने की बात है, तीन पदधारी कैसे निभाते होंगे अपनी जिम्मेदारी?? सूत्रों की माने तो तो विभाग के ही लोगों का कहना है कि विभाग मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह द्वारा दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्ति में काफी अनियमितता की गई है और बेरोजगार युवकों से पैसे लेकर उनकी नियुक्ति की गई और विभाग की आंखों में धूल झोंकते हुए पैसों की हेरा फेरी कर सबको मैनेज किया जा रहा है। सूत्र यहां तक बताते हैं कि सुरेंद्र सिंह द्वारा अपने निजी निवास और अपने होटल में भी सरकारी दैनिक वेतन भोगियों की नियुक्ति कर रखी गई है और वे काम उनका करते हैं और पैसे सरकार से लेते हैं। एक रोचक बात यह भी बताई गई की सुरेंद्र सिंह द्वारा एक महिला प्रधान पाठक को भी विभाग के माध्यम से ड्राइवर प्रदान किया गया है। लेकिन महिला प्रधान पाठक के साथ इतनी हमदर्दी और दरियादिली का क्या कारण है यह तो सुरेंद्र सिंह ही बता पाएंगे।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू की आशंका को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा शासकीय, अनुदान प्राप्त, गैर अनुदान प्राप्त, अशासकीय शालाओं हेतु ग्रीष्म अवकाश की घोषणा कर दी है आगामी 25 अप्रैल से स्कूलों की छुट्टियां कर दी जाएगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश में आंशिक संशोधन करते हुये, दिनांक 25.04.2025 से 15.06.2025 तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया गया हैं।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेश भर में चलाए जा रहे “सुशासन तिहार 2025“ के अंतर्गत परिवहन विभाग द्वारा आम जनता की समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए ब्लॉक स्तर में विशेष लर्निंग लाइसेंस शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय द्वारा शिविरों की रूपरेखा तय कर ली गई है। जारी आदेशानुसार, परिवहन निरीक्षक मिथलेश कुमार वर्मा को अभियान का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इनके मार्गदर्शन में विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी 22 अप्रैल से 1 मई 2025 तक जिले के विभिन्न जनपद पंचायत मुख्यालयों में लर्निंग लाइसेंस शिविरों का संचालन करेंगे।
लर्निंग लाइसेंस शिविर का विवरण इस प्रकार हैः 22 अप्रैल-जनपद पंचायत अंबिकापुर, 23 अप्रैल- जनपद पंचायत लखनपुर, 24 अप्रैल- जनपद पंचायत उदयपुर, 25 अप्रैल-जनपद पंचायत लुंड्रा, 28 अप्रैल- जनपद पंचायत सीतापुर,29 अप्रैल- जनपद पंचायत बतौली, 30 अप्रैल एवं 1 मई- जनपद पंचायत मैनपाट में लर्निंग लाइसेंस आयोजित किए जाएंगे। लर्निंग लाइसेंस शिविरों में उपस्थित रहकर विभागीय कार्यों के संचालन हेतु अधिकारियों व कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, उनमें प्रमुख रूप से आशीष मिश्रा, प्रोग्रामर, मोहन कुमार कंडरा,सहायक ग्रेड-2, आमोश कुमार एक्का, सहायक ग्रेड-2, और पवन कुमार साहू, सहायक ग्रेड-3 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जिले के विभिन्न परिवहन सुविधा केंद्र जैसे प्रिंस, सुरभि, महामाया गुप्ता, विजन, अग्रवाल, गुप्ता कपिल, गुलशन यादव, अंकित, एक्का, मनसा, अभिजीत, सारा तथा शिवोम ऑन सर्विस आदि को भी इन शिविरों में सक्रिय सहयोग के लिए नियुक्त किया गया है। जिला परिवहन अधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में पहुँचकर लर्निंग लाइसेंस बनाने की सुविधा का लाभ उठाएं।
हिंद स्वराष्ट्रबलौदाबाजार : कांग्रेस विधायक की सुरक्षा में तैनात एक पीएसओ ने आज सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली हैं। इस बात की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार भाटापारा कांग्रेस विधायक इंद्र साव की सुरक्षा में तैनात PSO ने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की हैं। भाटापारा पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार भाटापारा कांग्रेस विधायक इंद्र साव की सुरक्षा में तैनात PSO डिगेश्वर गागड़ा ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाया है। मृतक का सरकारी क्वार्टर विधायक के घर के सामने ही था, उसने छत पर चढ़कर खुद को अपनी सर्विस राइफल से गोली मार दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जवान द्वारा इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया गया फिलहाल इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के कारणों को तलाश रही है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कल आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए थे, वही आज पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। शासन द्वारा 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक कुमार झा को सरगुजा रेंज का पुलिस महानिरीक्षक बनाया है, वही सरगुजा के पुलिस अधीक्षक के रूप में राजेश कुमार अग्रवाल को पदस्थ किया है।
अम्बिकापुर : अंबिकापुर से लगे सद्भावना ग्राम तकिया में युवकों ने चोरी के शक पर किराए में रहने वाले युवकों सहित महिलाओं को बेदम पीटा। मारपीट के दौरान पीड़ित युवकों के हाथ पैर बांध दिए और लाठी-डंडों से उनकी बेदम पिटाई की। महिलाओं के साथ मारपीट कर उन्हें बकरी बांधने वाले कमरे में बंद कर दिया। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। पीडितों को पुलिस ने आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और हॉस्पिटल भेजा। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तकिया में किराए के मकान में रहने वाले शाहिद हुसैन, उसकी पत्नी पारूल कश्यप, भाई वाहिद हुसैन, मां शबाना खातून सहित परिवार के अन्य सदस्य घर में थे। तकिया निवासी रमजान, आतिक, छोटू एवं अन्य साथी शाहिद हुसैन के घर पहुंचे और चोरी का आरोप लगा उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
बांधकर लाठी-डंडों से पीटा घर से लाखों रुपये के नगदी एवं जेवर की चोरी का आरोप लगा रमजान एवं साथियों ने वाहिद सहित उसके भाई व अन्य सदस्यों को घर से निकालकर बांध दिया। बीच-बचाव करने आई महिलाओं को भी डंडे से मारा और उन्हें बकरी बांधने वाले कमरे में बंद कर दिया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनके साथ अभद्रता भी की और उन्हें बैड-टच किया। मौके पर वाहिद से मिलने पहुंचे गोधनपुर निवासी मंजीत सिंह सहित अन्य लोग भी मौजूद थे, उनके साथ भी मारपीट की गई। मारपीट के दौरान लोग सहमे रहे। भीड़ ने भी मारपीट में बचाव की कोशिश नहीं की।
पुलिस ने छुड़ाकर भेजा अस्पताल घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पीड़ितों को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। कमरे में बंद महिलाओं को पुलिस ने बाहर निकाला और हॉस्पिटल भेजा। मारपीट में सभी को चोटें आई हैं। महिलाओं के सिर में भी चोटें आई हैं। महिलाओं के सिर में भी टांके लगे हैं। शनिवार को पीड़ित पक्ष कोतवाली थाने पहुंचा और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। बताया गया है कि मारपीट करने वालों के घर नगदी सहित सोने-चांदी के जेवरातों की चोरी हुई थी। उन्हें पीड़ित परिवार के सदस्यों पर चोरी में शामिल होने का शक था, जिसके बाद उन्होंने बेरहमी से मारपीट की है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : पिछले एक माह से चली आ रही है पंचायत सचिवों की हड़ताल खत्म उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के आश्वाशन के बाद खत्म हो गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया की उपस्थिति में हुई महत्वपूर्ण बैठक में विलय के प्रकिया की जानकारी मिलने पर पंचायत सचिव संघ ने एक माह से चल रही हड़ताल स्थगित कर दी है। उल्लेखनीय हैं कि पिछले 17 मार्च से पंचायत सचिव संघ ने शासकीय सेवा में विलय हेतु मोर्चा खोला था और धरने पर चले गए थे। ऐन गर्मी के समय धरने पर चले जाने से गांवों में रोजगार गारंटी, राशनकार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना आदि सभी काम प्रभावित हो रहे थे। प्रदेश भर के पंचायत सचिव विरोध करते हुए ब्लॉक मुख्यालयों में प्रतिदिन पंचायत दफ्तरों के पास धरने पर बैठ रहे थे। लगातार ग्रामीण अंचलों में कार्य प्रभावित होने पर शासन स्तर से हड़ताल खत्म करवाने की पहल हुई। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया की उपस्थिति में पंचायत सचिव संघ के साथ वार्ता हुई। जिसमें बताया गया की पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा गठित समिति जनवरी 2026 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेगी जिसके आधार पर पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाएगा। शासकीयकरण की प्रक्रिया हेतु पहले चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति हेतु अलग से मार्गदर्शिका जारी की जाएगी। इसके साथ ही 17 मार्च से पंचायत सचिव हड़ताल कर रहे हैं, इस हड़ताल अवधि का वेतन भी स्वीकृत किया जाएगा। वर्तमान में 15 वर्ष की सेवा पूरी करने पर वेतन सत्यापन में आ रही विसंगतियों को जल्द सुधार करने का आश्वासन दिया गया।
प्रदेश पंचायत सचिव संघ ने मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया। हड़ताल खत्म होने से गांवों में रुके कार्यों में गति आ सकेगी।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जिला पंचायत सरगुजा की महत्वपूर्ण बैठक में आज “एक राष्ट्र, एक चुनाव” के समर्थन में एक महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। इस प्रस्ताव की प्रस्तावक रहीं जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया, जिनके द्वारा यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह तथा उपाध्यक्ष देव नारायण यादव सहित अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए इसे बहुमत से पारित किया। प्रस्ताव का उद्देश्य भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। “एक राष्ट्र, एक चुनाव” की अवधारणा के माध्यम से लोकसभा एवं सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाने की पहल की जा रही है, जिससे समय, संसाधन, और प्रशासनिक खर्चों की बचत सुनिश्चित की जा सके। प्रस्ताव में प्रशासनिक और आर्थिक दक्षता में वृद्धि, विकास कार्यों में निरंतरता, राजनीतिक स्थिरता, मतदाताओं में जागरूकता और भागीदारी, चुनावी खर्चों में कटौती जैसे मुख्य लाभों को रेखांकित किया गया। प्रस्ताव में यह भी सुझाव दिया गया कि संसद में विधेयक पारित कर इसे कानूनी रूप दिया जाए, साथ ही चुनाव आयोग को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। एक राष्ट्र एक चुनाव प्रस्ताव पर प्रकाश डालते हुए श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया ने कहा कि “यह प्रस्ताव भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाएगा एवं प्रशासनिक सुचिता और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत सरगुजा द्वारा पारित यह प्रस्ताव लोकतंत्र को अधिक प्रभावी और सुचारू रूप से संचालित करने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य पायल सिंह तोमर, राधा रवि , विजय अग्रवाल एवं नान मणि पैकरा तथा अन्य जिला पंचायत सदस्यों सहित जिला पंचायत के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
अम्बिकापुर : अगस्त महीने में हुए अक्षत अग्रवाल हत्याकांड के आरोपी संजीव मंडल उर्फ भानू बंगाली का नार्को, ब्रेन मैपिंग व लाई डिटेक्ट टेस्ट निगेटिव आया है। अर्थात आरोपी ने हत्या की जो स्टोरी बताई थी, वह सही थी। अक्षत अग्रवाल ने ही सुपारी देकर अपनी हत्या कराई थी। उल्लेखनीय हैं कि मामले की वास्तविकता पता करने कोर्ट के आदेश पर आरोपी का नार्को टेस्ट छत्तीसगढ़ में जबकि ब्रेन मैपिंग व लाई डिटेक्ट टेस्ट गुजरात के गांधीनगर में कराया गया था। जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
बता दें कि शहर के मनेंद्रगढ़ मार्ग स्थित अंबिका स्टील के संचालक महेश केडिया के पुत्र अक्षत अग्रवाल की 20 अगस्त को भगवानपुर निवासी संजीव मंडल उर्फ भानू बंगाली ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसने अक्षत के सीने में 3 गोलियां मारी थी। पुलिस ने जब आरोपी को गिरफ्तार किया तो उसने बताया कि अक्षत ने ही उसे अपनी हत्या कराने की सुपारी दी थी। इसके बदले अक्षत ने उसे 50 हजार रुपए व अपनी सोने की चेन दी थी। उसने यह भी कहा था कि अक्षत खुद पिस्टल व कारतूस लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी के पास से 50 हजार रुपए, 3 महंगी पिस्टल व 31 जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल दाखिल कर दिया था। वहीं पुलिस व लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे थे कि आखिर अक्षत अग्रवाल ने अपनी ही हत्या कि लिए सुपारी क्यों दी थी। आरोपी कहीं कुछ छिपा तो नहीं रहा है। वास्तविकता पता करने कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी का नार्को टेस्ट छत्तीसगढ़ में जबकि ब्रेन मैपिंग व लाई डिटेक्ट टेस्ट गुजरात के गांधीनगर में कराया गया था। जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। जिसमें पुष्टि हुई कि अक्षत अग्रवाल ने ही आरोपी को वहां बुलाया था। पिस्टल व कारतूस भी उसी के थे। रुपए व आभूषण भी अक्षत अग्रवाल ने ही दिए थे। वहीं घटना स्थल पर और कोई नहीं था। इसी के आधार पर चालान पेश किया गया है।
हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : शासकीय प्राथमिक शाला उधेनूपारा विकासखंड राजपुर में कक्षा 5वीं की परीक्षा में किसी अन्य छात्रा को बैठाकर परीक्षा दिलाए जाने की सूचना प्राप्त हुई थी। जिस पर विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी राजपुर एवं तीन सदस्यीय टीम के द्वारा जांच किया गया। उक्त संबंध में संयुक्त जाँच समिति द्वारा जाँच में पाया गया कि संबंधित स्कूल में पदस्थ प्रधान पाठक प्रमिला तिग्गा एवं सहायक शिक्षक नीलू केरकेट्टा के द्वारा 5वीं के कक्षा में किसी अन्य छात्रा को बैठाकर परीक्षा दिलाए जाने संबंधी शिकायत प्रमाणित पायी गई। संस्था में पदस्थ प्रधानपाठक प्रमिला तिग्गा एवं सहायक शिक्षिका नीलू केरकेट्टा का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम-1965 के नियम-03 का स्पष्ट उल्लंघन है। शासकीय कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत् जिला शिक्षा अधिकारी डी. एन. मिश्रा द्वारा प्रधान पाठक प्रमिला तिग्गा एवं सहायक शिक्षक नीलू केरकेट्टा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया किया गया है। निलंबन अवधि में प्रमिला तिग्गा एवं नीलू केरकेट्टा का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी शंकरगढ़ नियत किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आज दो आदेश जारी किए हैं। एक आदेश में दो आईएएस अधिकारियों के प्रभार में तबादला किए हैं। जारी आदेश में IAS मुकेश कुमार बंसल को सचिव सामान्य प्रशासन विभाग के दायित्व से मुक्त करते हुए इस रजत कुमार को सचिव सामान्य प्रशासन विभाग का प्रभार दिया गया है। वहीं एक अन्य आदेश में पांच राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले किए है, जारी आदेश में विनायक शर्मा को अपर कलेक्टर एमसीबी जिला बनाया गया है, वही ममता यादव को संयुक्त कलेक्टर बिलासपुर, माधुरी सोम ठाकुर को संयुक्त कलेक्टर कोरबा, स्निग्धा तिवारी को संयुक्त कलेक्टर जांजगीर चांपा, अशोक कुमार मार्बल को डिप्टी कलेक्टर सारंगढ़ बिलाईगढ़ और गीता रायस्त को उपयुक्त संभागीय आयुक्त कार्यालय बस्तर संभाग जगदलपुर बनाया गया है।
रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन परिसर में चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दोस्त के पैसे लेकर दूसरे दोस्त ने बिना बताए बाल कटवा लिए और इसी बात को लेकर विवाद हुआ। इस विवाद में दोस्त ने अपने दूसरे दोस्त को चाकू मार दिया और फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक देर शाम स्टेशन परिसर में मंदिर के पास चार दोस्त शिवकुमार साहु, रामकुमार साहु, अनिकेत साहु और लक्की यादव जयपुर से रायपुर ट्रेन से उतरे थे और उन्हें दूसरी ट्रेन से जांजगीर जाना था, लेकिन ट्रेन में समय होने के कारण स्टेशन के बाहर आये और पीड़ित ने आरोपी लक्की यादव से 500 रुपए लेकर बाल कटवा लिए। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। लक्की यादव शिवकुमार को गालियां देने लगा और इसी बीच मारपीट होने लगी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि, आरोपी लक्की यादव ने अपने पास रखे चाकू से शिवकुमार साहु के जांघ पर वार कर दिया और फरार हो गया। स्टेशन परिसर में हुई चाकूबाजी का सीसीटीवी सामने आया है। फिलहाल जीआरपी थाना पुलिस ने घायल शिवकुमार साहु को मेकाहारा अस्पताल पहुंचाया और चाकूबाजी की धाराओ में मामला दर्जकर फरार आरोपी लक्की यादव की तलाश शुरू कर दी है।
कोरबा : नगर निगम कोरबा को मालूम हुआ कि सीएमएस कंपनी के द्वारा डेली कलेक्शन की जो राशि एक्सिस बैंक को भेजी जा रही है। वह जमा ही नहीं हुई। यह राशि कोई छोटी-मोटी नहीं बल्कि 79 लाख 42 हजार रुपये है। वर्ष 2023 से जनवरी 2024 तक का यह किस्सा बताया जा रहा है। मामला प्रकाश में आने पर नगर निगम में इस बारे में सिविल लाइन पुलिस को सूचना दी।
थाना प्रभारी प्रमोद डनसेना ने बताया कि बैंकिंग संस्थान के खिलाफ बीएनएस की धारा के अंतर्गत गबन का प्रकरण दर्ज किया गया है। आगे विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा कि मामला एक्सिस बैंक की कोरबा शाखा में हुए कथित गबन से जुड़ा है। जिसमें नगर पालिका निगम कोरबा के खाते से 79,42,274 रुपये की राशि गायब होने का आरोप है।
प्रदीप कुमार सिकदार ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई है। जो नगर पालिका निगम कोरबा में प्र. सहायक लेखा अधिकारी हैं। आरोप है कि तत्कालीन एक्सिस बैंक प्रबंधन ने उक्त राशि का गबन किया है। मामले की जांच के लिए नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट में पाया कि एक्सिस बैंक की कोरबा शाखा में निगम के खाते में उक्त राशि जमा नहीं की गई थी। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए एफआईआर दर्ज की गई है।
मामले के मुख्य बिंदु : – आरोपी: तत्कालीन एक्सिस बैंक प्रबंधन, शाखा पावर हाउस रोड कोरबा – गबन की गई राशि: 79,42,274 रुपये – मामले की जांच: नगर पालिका निगम कोरबा द्वारा जांच समिति गठित की गई थी – कार्रवाई: एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है
रायपुर : नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को सरकार और अधिक प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तैयार नई नक्सल आत्मसमर्पण नीति के तहत सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को न केवल घोषित इनाम की दोगुनी राशि मिलेगी, बल्कि नक्सल मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में एक करोड़ के विशेष विकास कार्य भी कराए जाएंगे। नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें उनके विरुद्ध घोषित इनामी राशि की दोगुनी राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां एक करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। नई नीति के तहत यदि पति-पत्नी दोनों आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें पृथक इकाई मानते हुए अलग-अलग पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। हालांकि यदि किसी योजना में दोनों को एक इकाई माना जाता है, तो वहीं के अनुसार लाभ मिलेगा। इनामी राशि का निर्धारण दोनों के लिए पृथक रूप से किया जाएगा। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को राहत व सहायता राशि गृह विभाग के बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि आत्मसमर्पण के 10 दिनों के भीतर पूरी राशि संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाए। यदि किसी आत्मसमर्पित नक्सली पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, तो उसके नक्सलवाद उन्मूलन में योगदान और 6 माह तक के अच्छे आचरण को देखते हुए मंत्रिपरिषद की उप समिति इन मामलों को समाप्त करने पर विचार कर सकती है।
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती एवं सामाजिक समरसता दिवस के अवसर पर जिला सभाकक्ष में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी राहुल वेंकट और प्रभारी जिला पंचायत सीईओ श्री नितेश उपाध्यक्ष के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर जनपद सदस्य, सरपंचगण एवं विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू उपस्थित थे। बाबा साहब का जीवन समाज के लिए प्रेरणा: जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सिंह ने कहा, “बाबा साहब का जीवन पूरे समाज के लिए जन जागरण का इतिहास रहा है।” वहीं उपाध्यक्ष साहू ने कहा, “बाबा साहब का जीवन करोड़ों लोगों के अधिकारों की रोशनी है।” जनपद सदस्य रामजीत लकड़ा और अनीता चौधरी ने भी अंबेडकर जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के योगदान को याद करते हुए उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने की बात कही। डिजिटल पंचायत की ओर बड़ा कदम: कार्यक्रम में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ की स्थापना की घोषणा की गई। इस अंतर्गत जिले के तीनों विकासखंडों के 19 ग्राम पंचायतों में सरपंचों और CSC सेवा प्रदाताओं के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए गए। इससे पंचायत स्तर पर ही कई शासकीय सेवाएं उपलब्ध होंगी, जो पहले तहसील में ही होती थीं। इन केंद्रों का औपचारिक शुभारंभ 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के दिन किया जाएगा। पंचायत एंबेसडरों का सम्मान और नई नियुक्तियाँ: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में कार्यरत पंचायत एंबेसडरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, और जिन पंचायतों में अब तक एंबेसडर नियुक्त नहीं थे, वहां नए प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई। “मोर दुवार साय सरकार” अभियान की शुरुआत: कार्यक्रम में 15 से 30 अप्रैल तक चलने वाले “मोर दुवार साय सरकार” महाअभियान की भी घोषणा की गई। इसके तहत प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पात्र परिवारों को लाभ दिलाने हेतु विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। जल संरक्षण और जल शपथ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से सामाजिक समरसता, ग्राम विकास और जल संरक्षण पर प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और पानी की बर्बादी रोकने पर बल दिया। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को राष्ट्रीय जल मिशन के तहत जल शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में जनपद सदस्य अनिता सिंह, प्रिया, उजीत नारायण सिंह, सरपंच सोनू किन्नर, NRLM अधिकारी सिमेंद्र सिंह, जिला समन्वयक राजेश कुमार जैन, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर नारायण सिंह पोर्ते, अभिषेक गुप्ता सहित तीनों विकासखंडों के जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा पुलिस विभाग में निरीक्षकों की कमी हो गई है या फिर निरीक्षकों की काबिलियत पर पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल को शंका हैं?? जो थानों का प्रभार उप निरीक्षकों के कंधे पर छोड़ दिया गया हैं। थाना गांधीनगर की बात करें या थाना मणिपुर पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों थानों में 2 स्टार पुलिस अधिकारियों को थाने का प्रभार देकर रखा गया हैं।
कुछ दिन पूर्व थाना गांधीनगर के प्रभारी मोरध्वज को उनके ट्रांसफर पर उन्हें रिलीव कर जशपुर भेजा गया था लेकिन उसके 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद एसपी द्वारा अभी तक गांधीनगर थाने में किसी निरीक्षक को पदस्थ नहीं किया गया है, थाने की कमान उप निरीक्षक रश्मि सिंह को दे दिया गया है। वही मणिपुर थाने की बात करें तो मणिपुर थाने की कमान भी दो स्टार उप निरीक्षक अखिलेश सिंह को सौंपी गई हैं। जबकि नियमतः देखे तो थानों की कमान 3 स्टार निरीक्षकों को दी जानी चाहिए लेकिन पुलिस अधीक्षक द्वारा किस कारणवश नियम की अनदेखी की जा रही हैं यह काफी विचारणीय हैं।