नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रतिबंधों के साथ ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुरी रथ यात्रा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के साथ आयोजित की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने आज अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए रथयात्रा निकाले जाने की अनुमति दी। आज सुप्रीम कोर्ट ने अपने 18 जून के फैसले पर पुनर्विचार किया और रथयात्रा निकालने की अनुमति दी। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट में यह कहा गया कि पुरी की रथयात्रा को आम लोगों की भागदारी के बिना आयोजित किये जाने की अनुमति दी जा सकती है। ओडिशा सरकार ने भी कुछ प्रतिबंधों के साथ पुरी रथ यात्रा के आयोजन के मत का समर्थन किया। सुप्रीम कोर्ट में रथयात्रा के आयोजन को लेकर चार याचिका दाखिल की गयी है, जिसमें भाजपा नेता संबित पात्रा और एक मुस्लिम युवक की याचिका भी शामिल है। सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।
कल आएगा 10 वी 12 वी का रिज़ल्ट, परीक्षार्थियों का इंतजार हुआ खत्म
रायपुर
प्रशांत
10वीं-12वीं के परीक्षा परिणाम का इंतजार अब खत्म हो गया है। कल 23 जून को सुबह 11 बजे परीक्षा परिणाम जारी किया जायेगा। माध्यमिक शिक्षा मंडल के चेयरमैन आलोक शुक्ला ने इस बात की पुष्टि है स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी करेंगे। माध्यमिक शिक्षा मंडल की वेबसाइट पर रिजल्ट को आनलाइन देखा जा सकता है।
बिहारपुर में बुजुर्ग का मिला शव ,हत्या की आशंका
कन्हैया लाल साहू
चांदनी बिहारपुर
सूरजपुर जिले के बिहारपुर में एक बुजुर्ग का शव रक्त रंजित हालत में मिला है। जिससे हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है । पुलिस मौके पर पहुँची हुई है। बिहारपुर के चौका पारा में रहने वाले छोटे नान पंडो उम्र करीब 70 वर्ष का शव उसी के कमरे में खून से लथपथ हालात में मिला है। उसके गर्दन में किसी धार दार हथियार से चोट के निशान है ,जिससे हत्या की आशंका व्यक्त की जा रही है । बताया जाता है उसके साथ उसका परपोता भी सोया था जिसे घटना की हवा तक नही लगी । सुबह उसकी पत्नी जब उसे उठाने पहुंची तो खून देख कर उसके होश उड़ गए और इसकी जानकारी बेटो को दी। म्रतक गुनिया बैगा का काम करता था । पुलिस जांच में जुट गई है
लापरवाही की हद पार मुख्य मार्ग अवरुद्ध…
कुसमी ब्लॉक ग्राम चैनपुर
सिकंदर यादव
कुसमी ब्लॉक ग्राम चैनपुर में प्रधानमंत्री सड़क मुख्य मार्ग की पुलिया निर्माण के लिए खुदाई की गई थी जिसके मरम्मत का कार्य आज तक नहीं किया गया है। निर्माण कार्य के लिए रास्ते की खुदाई कर दिया गया था और फिर इसकी मरम्मत की जानी थी लेकिन जिस काम को 1 महीना पहले किया जाना चाहिए था वो अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है, जिससे यहां बरसात में आने जाने में काफी परेशानियां का सामना करना पड़ रहा है। बरसात आने के साथ ही बीमारियां भी फैलने लगी है किन्तु यहां ग्राम के किसी व्यक्ति की तबीयत खराब हो जाने पर यहां से कुसमी या अम्बिकापुर अस्पताल ले जाना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
बरसात के दिनों में यहां काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुदाई के बाद यहां सकरा रास्ता बनाया गया है बरसात के दिनों में यहां से मोटरसाइकिल भी ले जाने में काफी परेशानियां हो रही है।
अधिकारियों की मिलीभगत से धड़ल्ले से चल रही है महुली पार्क में पेड़ों की तस्करी…..
कन्हैया लाल साहू
सूरजपुर
• महुली गुरु घासीदास वन परि क्षेत्र रेंज ऑफिस में 24 घंटा ताला लगा रहता है जिससे कार्यालय से कुछ ही दूरी में पेड़ों की हो रही है कटाई।
•महुली पार्क के अधिकारियों की मिलीभगत होने से लकड़ी का तस्करी धड़ल्ले से हो रहा है।

सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र गुरु घासीदास वन परीक्षेत्र रेंज ऑफिस महुली से कुछ ही दूरी में रोड के किनारे से लेकर जंगल के अंदर तक लकड़ी का बिजनेस करने वाले लकड़ी कटवा कर
मध्यप्रदेश में साल पेड़ की सिल्ली पार कर रहे हैं। रेंज ऑफिस कार्यालय बंद होने एवं अधिकारियों के संपर्क के कारण लकड़ी तस्करी करने वालों का मनोबल बढ़ा हुआ है स्थानीय पत्रकारों के द्वारा गुरु घासीदास रेंजऑफिस कार्यालय मैं जाकर देखा गया तो कार्यालय में ताला लगा हुआ मिला। पत्रकारों के द्वारा जंगल का दौरा किया गया जिसमें भारी मात्रा में साल पेड़ तेंदू पेड़ महुआ पेड़ कटे हुए मिले।
जिस हिसाब से वर्तमान में पेड़ो का कटाई हुआ है अगर ऐसे ही चलता रहा तो गुरु घासीदास महुली वन परिक्षेत्र में ना ही जंगल में जंगल के नाम पर पेड़ रहेगा और ना ही कोई जीव वहा रहेंगे। महुली वन परीक्षेत्र से लगे मकरा दुआरी में कई दफा लकड़ी तस्करों को पकड़ा गयाहै। अधिकारियों के द्वारा कड़ी कार्रवाई नहीं करने की वजह तस्करो कि हिम्मत बढ़ गई है। कुछ समय पहले कुछ घरों में जाकर छापा मारा गया था उच्च अधिकारियों के दबाव से अधिकारियों के द्वारा भारी मात्रा में साल की सिल्ली जप्त कि गई थी। उच्च अधिकारियों के दबाव से क्षेत्रीय अधिकारी एवं बिहार पुर थाना अधिकारी द्वारा छापा मारा गया था यह सब मामला दब जाने के कारण जोरों से लकड़ी की तस्करी चल रही है।
अब चीन की खैर नहीं, सेना को मिली पूरी छूट ।।।
नई दिल्ली
भारतीय सैनिक अब एलएसी पर चीन की किसी भी करतूत से निपटने के लिए फायरिंग भी कर सकते हैं. सरकार ने सेना को एलएसी पर चीन के किसी भी दुस्साहस से निपटने के लिए हथियार चलाने और गोलाबारी तक करने की छूट दे दी है. यानि सैनिक अब चीन के साथ सीमा को लेकर हुई संधियों से बंधे नहीं हैं.वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों की संख्या बढ़ाई गई है। वहीं श्रीनगर-लेह हाईवे पर गांदरबल से आगे वाहनों की आम आवाजाही रोक दी गई है। केवल जरूरी वाहनों को छूट हैं।
इस बाबत आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुख और सीडीएस, जनरल बिपिन रावत के साथ चीन सीमा पर चल रहे गतिरोध को लेकर समीक्षा-बैठक की. करीब एक घंटे चली इस मीटिंग में रक्षा मंत्री ने सैनिकों को चीन सीमा पर उत्पन्न किसी भी विषम-परिस्थिति में किसी भी तरह कार्रवाई की छूट दी है.
रक्षा मंत्री के साथ इस बैठक में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे,नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने हिस्सा लिया. सूत्रों ने बताया कि सिंह ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों को जमीनी सीमा, हवाई क्षेत्र और रणनीतिक समुद्री मार्गों में चीन की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए और चीनी सैनिकों के किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने के लिए ‘सख्त’ रुख अपनाने को कहा है. सूत्रों ने बताया कि सशस्त्र बलों को दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की सेना के किसी भी प्रकार के आक्रामक रवैए से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है.
गलवान में शहीद हु्ए थे 20 जवान
15 जून को लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीन के जवानों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। वहीं, इस दौरान चीन के 43 सैनिकों के हताहत होने की खबर है। हालांकि, चीन ने अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया है।
कोरोना वायरस की एक और दवा को मिली मंजूरी
नई दिल्ली
भारत में कोरोना वायरस की एक और दवा (Coronavirus medicine In India) को मंजूरी मिल गई है। ड्रग फर्म Hetero ने रविवार को कहा कि वह कोविड-19 के इलाज के लिए इनवेस्टिगेशनल ऐंटीवायरल ड्रग रेमडेसिवीर (Remdesivir) को लॉन्च करने जा रही है। इसके लिए कंपनी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) से अप्रूवल मिल चुका है। यह दवा भारत में ‘Covifor’ के नाम से बेची जाएगी। एक दिन पहले ही, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स को कोरोना ट्रीटमेंट के लिए फेविपिराविर का जेनेरिक वर्जन लॉन्च करने का अप्रूवल मिला है। ग्लेनमार्क ने फैबिफ्लू नाम से वह दवा बाजार में उतारी है।
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गेमचेंजर साबित हो सकती है ये दवा
कंपनी के मुताबिक, DGCI ने कोविड-19 के संदिग्ध और कन्फर्म मरीजों के इलाज में इस दवा के इस्तेमाल की मंजूरी दी है। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को यह दवा दी जा सकेगी। कंपनी ने कहा कि ‘भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए Covifor का अप्रूवल गेमचेंजर साबित हो सकता है क्योंकि इसके क्लिनिकल आउटकम पॉजिटिव रहे हैं।’ Hetero का दावा है कि वह देशभर में मरीजों को फौरन यह दवा मुहैया कराने के लिए तैयार है।
100mg के इंजेक्शन में आएगी दवा
Covifor दवा 100mg के वायल (इंजेक्टेबल) में उपलब्ध होगी।
प्रधानमंत्री सड़क दलदल में हुआ तब्दील अधिकारी कब देंगे ध्यान ,कुछ अधिकारी देख भी चुके हैं पर नजर अंदाज कर रहे हैं…
कन्हैया लाल साहू
सूरजपुर
मेन रोड में बडे बड़े गड्ढे बन गये है,गड्ढे में पानी भर जाने से मोटरसाइकिल वाले दिन प्रति दिन गिर रहे हैं बिहारपुर से माहुली मार्ग रोड में
सूरजपुर दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहार पुर से बिहार पुर से माहुली मार्ग का रोड 70 फ़ीसदी उखड़ कर पूरा पत्थर और गड्ढों में तब्दील हुआ कई जगह मालवा में भी तब्दील हुआ फोर व्हीलर टू व्हीलर चलने में भारी परेशानी हो रहा है ग्रामीणों को एवं छोटे मोटी बीमारियों से हॉस्पिटल से लेकर मार्केटिंग तक के सभी समस्त समस्याओं के आने-जाने में भारी मात्रा में समस्याओं का सामना करना पड़ा चांदनी क्षेत्रवासियों को बिहार पुलिस स्वास्थ्य केंद्र से 25किलोमीटर दूरी तक के लोग बिहार पुर स्वास्थ्य केंद्र में दवाई करवाने के लिए आते हैं जिससे रोड खराब होने के कारण लोगो आने में गड्ढा पत्थर मालवा का मुकाबला करते हुए हॉस्पिटल तक पहुंच पाते हैं जिसे इन इस रोड में चलने वाले कई अन्य गांव माहुली अवंतिका पुर रामगढ़ दूधमनिया तिलाई पाठ ऐसे कई अन्य 15 गांव के लोग समस्या का सामना कर रहे हैं परेशानियों को देखते हुए ग्रामीणों में आक्रोश है शासन एवं प्रशासन से ग्रामीण का इस रोड को बनवाने के संबंध में तत्काल मांग कर रहे हैं
लद्दाख: कारगिल के कांग्रेसी पार्षद का देशविरोधी ऑडियो वायरल, FIR दर्ज, पार्टी से निष्काशित
श्रीनगर
देवशरण चौहान
गलवन के शहीदों का मजाक उड़ाने और चीन, पाकिस्तान का समर्थन करने वाले कारगिल के कांग्रेसी पार्षद जाकिर हुसैन के खिलाफ लद्दाख पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। इस बीच, लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद कारगिल ने खुद को जाकिर के बयान से अलग करते हुए कहा कि कारगिल के लोग भारतीय हैं और भारतीय ही रहेंगे। कांग्रेस ने भी खुद को इस मामले से अलग करते हुए जाकिर हुसैन को संगठन से निष्कासित कर दिया है।
जाकिर हुसैन केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शुमार हैं। वह लद्दाख स्वायत्ता पर्वतीय विकास परिषद कारगिल से पार्षद है। गलवान घाटी में सोमवार रात भारतीय जांबाजों की शहादत पर जाकिर हुसैन की अपने एक दोस्त निसार से टेलीफोन पर बातचीत हुई थी, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है।
इस ऑडियो में जाकिर हुसैन भारत और देश के वीर जवानों के खिलाफ जहर उगलता नजर आ रहा है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद मामले ने सियासी तूल भी पकड़ लिया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कारगिल स्वायत्त विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी परिषद फिरोज खान ने इस मुददे पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जाकिर हुसैन किसी भी तरह से कारगिल के लोगों की भावनाओं का प्रतिनिधित्व नहीं करता। हम हमेशा अपने देश और अपनी सेना के साथ हैं।
ऑडियो में कही ये बातें
जाकिर हुसैन ने अपने एक दोस्त से बात करते हुए भारतीय सैनिकों के प्रति असम्मान से बात की। इसके साथ ही चीन का पक्ष लेते हुए देश के टुकड़े करने की बात भी कही। इस दौरान बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस ऑडियो के वायरल होने के बाद लद्दाख कांग्रेस के अध्यक्ष नवांग रिग्जिन जोरा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत निदनीय है। जाकिर हुसैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। हमने उसे संगठन से निष्कासित कर दिया है। हमारे देश और सेना को जो मजाक बनाएगा, उसकी कांग्रेस में कोई जरूरत नहीं है।
वहीं दूसरी ओर कारगिल एसपी विनोद कुमार ने कहा जाकिर हुसैन के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गया है। हम उसके ठिकानों पर दबिश दे रहे हैं। वह जल्द पकड़ा जाएगा। जाकिर के खिलाफ अफवाह फैलाने, माहौल बिगाड़ने और देश की एकता व अखंडता को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने के मामले दर्ज किए गए हैं।
10वीं 12वीं की परीक्षा परिणाम घोषित होने वाला न्यूज़ निकला फर्जी….
छत्तीसगढ़ की बोर्ड परीक्षा परिणाम को लेकर जारी एक फर्जी आदेश ने प्रदेश में हड़कम्प मचा दिया है। फर्जी आदेश में आज यानी 20 जून को सुबह 10.30 बजे परीक्षा परिणाम जारी होने की बात कही गयी है।
लेकिन यह न्यूज़ पूर्णता फर्जी है और अभी 10वीं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हुए हैं
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस न्यूज़ का पूर्णता खंडन किया है
भांग ने बदली जिंदगी, मिल रहा है लोगों को रोजगार।। भांग का ऐसा इस्तेमाल कर देगा आपको भी हैरान ।।।
यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड)। अभी तक सिर्फ नशे के लिए इस्तेमाल होने वाला भांग कितना उपयोगी हो सकता है, ये आप नम्रता से समझ सकते हैं, तभी तो दिल्ली में रहकर आर्किटेक्ट की पढ़ाई के बाद नम्रता वापस गाँव लौट आयीं और भांग के कई तरह उत्पाद बनाने का स्टार्टअप शुरू कर दिया। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक के कंडवाल गाँव की रहने वाली नम्रता ने हेम्प एग्रोवेंचर्स स्टार्टअप्स शुरू किया है। इसमें उनका साथ दिया उनके पति गौरव दीक्षित और भाई दीपक कंडवाल ने। वे भांग के के बीजों और रेशे से दैनिक उपयोग की वस्तुएं तैयार कर रहे हैं। नम्रता बताती हैं, “भांग का पूरा पौधा बहुपयोगी होता है। इसके बीजों से निकलने वाले तेल से औषधियां बनती हैं। इसके अलावा इससे बहुत सारे उपयोगी सामान भी बनते हैं।”
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर ब्लॉक में शुरू किया स्टार्टअप
नम्रता के इस स्टार्टअप में उनके पति आर्किटेक्ट गौरव कंडवाल ने भी पूरा साथ दिया है। पहले गौरव और नम्रता पहले दिल्ली में रहते थे। नम्रता उत्तराखंड के यमकेश्वर और गौरव भोपाल के रहने वाले हैं। काफी शोध के बाद उन्होंने पहाड़ पर बहुतायत में उगने वाले भांग के पौधों को सकारात्मक रूप से रोजगार का जरिया बनाने का निर्णय लिया। इससे न सिर्फ भांग के प्रति लोगों का नजरिया बदलेगा बल्कि पहाड़ के गांवों से होने वाले पलायन पर भी रोक लग सकेगी। उत्तराखंड सरकार के ग्राम्य विकास और पलायन आयोग की सितम्बर, 2019 में जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 वर्षों में 6338 ग्राम पंचायतों से कुल मिलाकर 3,83,726 लोग पलायन कर गए, जो अभी भी कभी-कभी गाँव में आते हैं। इनमें से 3946 ग्राम पंचायतों के 1,18,981 ऐसे लोग हैं जो पूरी तरह से रोजगार की तलाश में पलायन कर गए और फिर वापस लौट कर नहीं आए। राज्य में 3.17 लाख हेक्टेयर भूमि बंजर है। यहां सिंचाई के साधन न होने, बंदरों, सुअर व अन्य जंगली जानवरों के कारण सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में पलायन बढ़ रहा है। ऐसे में भांग की खेती से पलायन रुक सकता है।
भांग पर रिसर्च अभी तक सिर्फ विदेशों में ही होती रही है लेकिन बदलते दौर के साथ अब उत्तराखंड के युवा भी भांग की उपयोगिता को समझने लगे हैं। यही कारण है कि अब इसे लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ने लगी है। वे उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग भी करते हैं। नम्रता बताती हैं, “हम कागज के लिए पेड़ों को काटते हैं, जबकि भांग चार महीने की फसल होती। चार महीने की इस फसल में आपको इतना फाइबर मिल जाता है, जो हम जंगलों में कई साल पुराने पेड़ों से मिलता है। ये उससे काफी ज्यादा बेहतर भी है। इसके तने से एक बिल्डिंग मटेरियल बनता है, और ये कोई नया इनोवेशन भी नहीं है, ये हमारे यहां पुराने समय होता रहा है। अजंता और एलोरा की गुफाओं में इसी से बना प्लास्टर उपयोग हुआ है। और जो दौलताबाद का किला है, वहां पर भी इसका इस्तेमाल हुआ है। यही नहीं फ्रांस तो इससे बना एक पांच सौ साल पुराना एक पुल भी है।”
नम्रता और गौरव ने गाँव के कई लोगों को रोजगार भी दिया है वो आगे कहती हैं, “इसमें हम चूने का इस्तेमाल करते हैं, इसकी सबसे अच्छी खासियत होती है, ये वातावरण से कार्बन डाई ऑक्साइड को अवशोषित कर लेता है, और चूना पत्थर में बदल जाता है। इसकी सबसे अच्छी बात यही होती है, ये समय के साथ और मजबूत होता जाता है। मैं आर्किटेक्ट हूं तो इसे ज्यादा बेहतर तरीके से जानती हूं, सीमेंट से बनी बिल्डिंग की उम्र ज्यादा से ज्यादा पचास साल तक होती है, जबकि ये समय के साथ और मजबूत होता जाता है।” उत्तराखंड में इसकी उपयोगिता के बारे में नम्रता कहती हैं, “अगर हम उत्तराखंड की बात करें तो ये बेस्ट मटेरियल है, क्योंकि ये बहुत हल्का होता है, क्योंकि हमारा जोन भूकंप वाला पड़ता है, इसलिए ये हमारे यहां के लिए बहुत सही है। सीमेंट पानी सोखता है, जिससे सीलन की वजह से खराब हो जाता है, जबकि ये पानी सोखता है और छोड़ता है, जैसे कि सांस ले रहा हो। ये अग्निरोधी भी होता है, हमने इसका टेस्ट भी कर रखा है।
नम्रता के साथ स्टार्टअप शुरू करने वाले उनके भाई दीपक बताते हैं, “इसके फाइबर से हमने डायरी भी बनाई है और इसके बीज से हमने तेल निकाला है, जिसमें ओमेगा 3, 6, 9 के साथ ही प्रोटीन कंटेंट भी बहुत ज्यादा है। खास बात यह है कि भांग से निर्मित उत्पादों को सात से आठ बार तक रिसाइकिल किया जा सकता है। देश में जल्द ही भांग के पौधों से बनी ईंटों से बनाए घर और स्टे होम नजर आएंगे। भांग से बायोप्लास्टिक तैयार कर प्रदूषण पर भी रोक लगाई जा सकती है। बायोप्लास्टिक को आसानी के प्रयोग किया जा सकता है। गौरव अपने गांव में भांग के ब्लॉक बना रहे हैं, जिससे वे घर बनाकर होमस्टे योजना शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कंडवाल गांव में एक लघु उद्योग लगाया गया है, जहां पर भांग से साबुन, शैंपू, मसाज ऑयल, ब्लॉक्स इत्यादि बनाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन्हें बनाने के लिए यहां बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार दिया जा रहा है और महिलाएं अपने ही गांव में रोजगार पाकर खुश हैं।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी की तारीफ
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने न केवल इनके काम की तारीफ की, साथ ही स्टार्टअप शुरू करने के लिए इनकी मदद भी की है। स्टार्टअप शुरू करने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी की मदद एशियन हेंप समिट में मिला बेस्ट उद्यमी का पुरस्कार
नम्रता के इस स्टार्टअप को नेपाल में आयोजित एशियन हेंप समिट-2020 में बेस्ट उद्यमी का भी पुरस्कार भी मिला है, इस समिट में विश्व के हेंप पर आधारित 35 अलग-अलग स्टार्टअप ने हिस्सा लिया था। इन सबके बीच हेम्प एग्रोवेंचर्स स्टार्टअप्स को बेस्ट उद्यमी का पुरस्कार मिला।
कुछ ही देर में होंगे 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित
रायपुर
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का परीक्षा परिणाम आज घोषित किया जाएगा। जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल 10वीं एवं 12वीं के नतीजे आज घोषित करेगा अपनी वेबसाइट में दिए गए जानकारी के अनुसार आज 10:30 बजे 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाएंगे।
अमेरिका में काले ग्रेनाइट से बनी हनुमान जी की 25 फीट ऊंची 30 हजार किलो वजनी प्रतिमा स्थापित।।
अमेरिका के हॉकेंसिन शहर में सबसे ऊंची हनुमान जी की 25 फीट ऊंची प्रतिमा को स्थापित की गई है. जिससे अब अमेरिका में भी हनुमान भक्त आराधना कर सकते हैं. भगवान हनुमान की मूर्ति के निर्माण पर एक लाख डॉलर (करीब 76 लाख रुपये) की लागत आई. इसका निर्माण दक्षिण भारत के वारंगल शहर में किया गया है.डेलावेयर हिंदू मंदिर संगठन के अध्यक्ष पाटीबंद शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते मूर्ति स्थापना के दौरान ज्यादा लोगों का जमावड़ा नहीं लगा. उन्होंने कहा कि मूर्ति स्थापना के बाद अब हिंदू समुदाय के लोगों को जत्थों में आमंत्रित किया जाएगा. यह मंदिर सभी समुदायों के लिए खुला रहेगा.
सुंदर नक्काशी वाले हनुमान जी की इस प्रतिमा को दक्षिण भारत के एक छोटे शहर वारंगल में काले ग्रेनाइट पत्थर के एक ही टुकड़े से बनाया गया है. साल भर की कड़ी मेहनत के बाद 12 से ज्यादा मूर्तिकारों ने हनुमान जी की इस प्रतिमा को तैयार किया.इसका वजन 30 हजार किलोग्राम से ज्यादा है. भगवान हनुमान की यह विशाल मूर्ति गत जनवरी में मालवाहक पोत के जरिये हैदराबाद से न्यूयॉर्क लाई गई थी. इसके बाद ट्रक से डेलावेयर पहुंचाई गई थी. मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठिा और अनुष्ठानों के लिए बेंगलुरु से पुजारी नागराज भट्टर भी हॉकेसिन पहुंचे.
तेज रफ्तार ट्रक बेकाबू होकर पेड़ से टकराया
सूरजपुर
सूरजपुर थाना क्षेत्र ग्राम पंचायत पौड़ी में बुधवार शाम तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गया इससे पेड़ गिर गया गनीमत रही घटना में कोई घायल नहीं हुआ जिस विश्रामपुर की ओर से गायत्री का खदान में कोयला लोड करने जा रहा था ट्रक चालक की लापरवाही से सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया इससे ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया वाहन चालक मोहित राजपूत महतू दास निवासी मुंगेली ने बताया कि अंबिका ट्रांसपोर्ट से व ह रायपुर से फार्चून लोड कर अंबिकापुर राजेश अग्रवाल के पास खाली कर पुनः लोड करने गायत्री खदान जा रहा था खदान से महज 2 किलोमीटर पहले ग्राम पंचायत पौड़ी के पास नियंत्रण खो बैठा और ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गया।
मुख्यमंत्री ने अपने निवास स्थान से किया नवा छत्तीसगढ़ सदन का ऑनलाइन शिलान्यास…
रायपुर
देवशरण चौहान
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से नई दिल्ली स्थित द्वारका में बनने वाले नए छत्तीसगढ़ सदन का ऑनलाइन शिलान्यास किया। नवा छत्तीसगढ़ सदन का निर्माण नई दिल्ली के सेक्टर-13 द्वारका में 60 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत से कराया जाएगा।
इस सदन के निर्माण के लिए 43 हजार 803 वर्गफीट भूमि 22.50 करोड़ रुपए में क्रय की गई है। नवा छत्तीसगढ़ सदन में 10 स्यूट रूम, 67 कमरे, डायनिंग हॉल एंड वेटिंग सहित मीटिंग हॉल और कर्मचारियों के लिए आवासीय टावर का निर्माण किया जाएगा।
शिलान्यास अवसर पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, मुख्य सचिव आरपी मंडल, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सुब्रत साहू, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, सचिव लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सचिव पर्यटन पी अंबलगन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी, मुख्यमंत्री सचिवालय में उप सचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
महिलाओं को रिझा कर शिकार बनाने वाले कलुआ बंदर को हुई उम्र कैद की सजा…
देश की अदालतों में अपराधियों को आजीवन कारावास की सजा मिलना तो आपने सैकड़ों बार सुना होगा लेकिन किसी बंदर को आजीवन कारावास मिला हो ऐसा शायद ही आपने सुना हो. जी हां, ऐसा ही हैरान करने वाला मामला कानपुर से आया है. जहां कालिया नाम के एक बंदर को आजीवन कारावास की सजा दी गई है.बंदर ने चिड़ियाघर के वन रेंजर चौहान की बेटी का पूरा गाल ही काट लिया था.कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि तीन साल में अपने काटने के स्वभाव को न बदलने के कारण अब बंदर को जीवन भर पिंजड़े में ही रहना होगा. वहीं दूसरी ओर महिलाओं से खास दुश्मनी रखने वाले इस कालिया बंदर की उम्रकैद की सजा सुनते ही महिलाएं काफी खुश हैं.दिसंबर 2017 में बंदर ने 30 से अधिक बच्चों को काटा था। बंदर सिर्फ छोटे बच्चों को निशाना बना रहा था। वह उनके चेहरे को काटकर जख्मी कर रहा था। हालत ये हो गई थी कि लोग बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे थे। वह सड़क पर भीड़ होने के बावजूद सात वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं के चेहरे को जख्मी कर भाग जाता था। उसके हमले की शिकार बनीं अधिकांश बालिकाओं को प्लास्टिक सर्जरी करानी पड़ी।
कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन का कहना है कि तीन साल तक हमने इसके काटने वाले स्वभाव को बदलने की कोशिश की लेकिन ये नहीं बदला. कानपुर चिड़ियाघर के चिकित्सा अधिकारी मोहम्मद नासिर का कहना है कि इसका व्यवहार 3 साल में भी नहीं बदला है. अगर इस बंदर को खुला छोड़ दिया जाए तो यह जहां जाएगा वहां कम से कम पच्चीस लोगों को काटना शुरू कर देगा. ये बंदर अलग स्वभाव का है इसलिए इसको उम्रकैद की सजा दी गई है. जब तक इसकी जिदंगी है ये पिंजड़े के अंदर ही रहेगा।
तीन वर्ष पूर्व मिर्जापुर जिले के शहर और कटरा कोतवाली क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों में बंदर आतंक का पर्याय बन गया था। वह सैकड़ों लोगों को काट चुका था।
कानपुर से वन विभाग की टीम ने एक जनवरी 2017 को बंदर को बंदूक से बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर पकड़ा था।
बंदर को पकड़ कर ले गई कानपुर प्राणी उद्यान की टीम ने अस्पताल परिसर में पिंजड़े में बंद रखा। मुंह व शरीर काला होने के कारण उसका नाम कलुआ रखा गया।
प्राणी उद्यान के अस्पताल में काफी समय तक उसे आइसोलेशन में रखा गया। पिंजड़े में कैद बंदर की हर हरकत और गतिविधियों पर डॉक्टर और विशेषज्ञ नजर रखे थे। लेकिन तीन वर्ष तक उसके व्यवहार में कोई नरमी या सुधार देखने को नहीं मिला। इसके चलते प्राणी उद्यान के डाक्टर और विशेषज्ञ ने उसे ताउम्र पिंजड़े में ही कैद रखने का फैसला लिया। शराब-मांस का आदी है कलुआ
प्राणी उद्यान कानपुर के पशु चिकित्साधिकारी डॉ मोहम्मद नासिर ने बताया कि बंदर के पकड़े जाने पर छानबीन में पता चला कि वह मांस खाने, शराब पीने का आदी था। उसे तांत्रिक ने पाला था। तांत्रिक उसे शराब देता था। तांत्रिक की मौत के बाद बंदर आजाद हुआ तो लोगों को जख्मी करने लगा। वह ज्यादातर बच्चियों और महिलाओं को काटता था।
बंदरिया करती थी निगरानी
कानपुर चिड़ियाघर से आये विशेषज्ञों की टीम ने दो दिन की मशक्कत के बाद किसी तरह बंदर को पिंजरे में कैद करने में कामयाबी हासिल की थी। पशु चिकित्सा अधिकारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि कलुआ बंदर ने दूसरे गैंग पर हमला कर एक बंदरिया को अपना शागिर्द बना लिया था। बंदरिया उसकी चौकीदारी करती थी। पहले दिन जब उसे पकड़ने की कोशिश की गई तो बंदरिया ने आवाज लगाकर उसे चौकन्ना कर दिया था। पहले दिन बंदर ने टीम को खूब छकाया। दूसरे दिन दो इंजेक्शन लगने के बाद वह बेहोश हुआ। इसके बाद टीम उसे पकड़कर पिंजरे में डालकर कानपुर चिड़ियाघर ले गई थी।
पुरुषों पर था गुस्साता, महिलाओं को रिझाता
डॉक्टरों का कहना है कि इसके आगे के दांत इतने खतरनाक हैं कि वह पूरा मांस ही उखाड़ लेता है. ये इतना चालाक है की खाना देने वाले पुरुष व्यक्ति से तो नाराज हो जाता है लेकिन किसी महिला को देखते ही इशारे से उनको बुलाकर काटने की कोशिश करता है. तीन साल में इसने महिलाओं और बच्चियों से अपनी दुश्मनी नहीं बदली उनको आज भी अपना दुश्मन मानता है.मिर्जापुर का कलुआ बंदर प्राणी उद्यान में बंद था। लोग उसे देखने आते थे। पशु चिकित्सा अधिकारी मोहम्मद नासिर ने बताया कि पुरुष के पास आने पर वह गुस्साता था, पर महिलाओं को दूर से ही इशारे कर पास बुलाता। महिलाएं जब पिंजड़े के पास आ जाती तो उन्हें काटने के लिए दौड़ता।
कोरोना की जंग हुई आसान,अब निजी अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज….
रायपुर
कोरोना से जूझ रहे छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब निजी अस्पतालों में भी कोरोना का मुफ्त इलाज होगा। हालांकि ये सुविधा सिर्फ उन अस्पतालों में मिलेगी, जो डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना से अनुबंधित हैं। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेवके निर्देश पर कोरोना के संभावित खतरों के मद्देनजर ये निर्देश जारी किये गये हैं।
योजनांतर्गत 50 या 50 बिस्तर से ऊपर के ऐसे अस्पताल जहाॅ शासन द्वारा निर्धारित मापदण्ड़ो के अनुसार सुविधा उपलब्ध हैं। वहाॅ इस विश्वव्यापी महामारी का उपचार किया जा सकेगा। कोरोना संदिग्ध मरीजों के उपचार के लिए यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, यानी कोरोना पाॅजीटीव मरीजों के उपचार की ही अनुमति होगी। डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन अरोग्य योजना के लिए अनुबंधित अस्पतालों में कोरोना बीमारी के उपचार के लिए पैकेज शासन ने तय कर दिया है। इस विश्वव्यापी महामारी के लिए 50 बिस्तर या उससे अधिक बिस्तर वाले अस्पतालों को ही उपचार की अनुमति तकनीकी समिति के परीक्षण उपरांत होगी।
तकनीकि समिति देगी अस्पतालों को अनुमति
डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के निजी अनुबंधित अस्पताल जिन्हें कोरोना मरीजों के उपचार के लिए अनुमति प्रदान की जाएगी। इन अस्पतालों का तकनीकि समिति के द्वारा परीक्षण किया जाएगा। समिति के अनुशंसा के उपरान्त ही ईलाज के लिए अनुमति जारी की जाएगी।
संक्रमण की रोकथाम के लिए करने होंगे सख्त उपाय
तकनीकि समिति की अनुशंसा के बाद शासन से कोरोना मरीजों के उपचार के लिए अनुमति जारी होगी। संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन द्वारा समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। जिस पर समय व परिस्थितियों के अनुसार बदलाव होते रहते हैं, इन निर्देशों का पूरी कड़ाई से पालन करना होगा। अस्पताल को कोरोना व अन्य मरीजों के रास्ते की व्यवस्था अलग-अलग करनी होगी। निजी अनुबंधित अस्पतालों को अपने स्टाॅफ को कोरेन्टाईन कराने की व्यवस्था स्वयं करानी होगी। इसके अलावा अस्पताल में डाॅनिंग-डाफिंग क्षेत्र भी रखना अनिवार्य होगा।
धरमजयगढ़ में मृत मिला हाथी था गणेश, 18 लोगों की ले ली थी जान, ऐसे हुआ खुलासा
देवशरण चौहान
रायगढ़ के धरमजयगढ़ में बेहरा मार गांव के पास गुरुवार को मिला मृत हाथी गणेश ही निकला है। एडिशनल पीसीसीएफ अरुण पांडे ने बताया कि रेडियो कॉलर आईडी पहनाए जाने के निशान गले में मिला है। ट्रेंकुलाइज के दौरान पैर में बांधे गए जंजीर के भी निशान मिले हैं। बांया दांत का मिलान किए जाने पर गणेश हाथी का ही निकला है। सूंड की लंबाई भी गणेश की ही निकली है।
यह बताना आवश्यक होगा कि करीब 1 माह पहले रेडियो कॉलर आईडी गिर गई थी ,उसके बाद गणेश को फिर से ट्रेंकुलाइज कर आईडी बनाए जाने का निर्णय लिया गया था। 5 दिन तक वन विभाग की टीम को छकाने के बाद हिंसक गणेश लापता हो गया था। उसका लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रहा था।
पिछले 2 साल में इस हिंसक हाथी ने कोरबा और रायगढ़ क्षेत्र के 18 लोगों की जान ली है। हाथी अक्सर कटहल खाने आ धमकते थे । इससे परेशान होकर एक ग्रामीण पतिराम ने कटहल के पेड़ पर करंट लगा दिया। इसकी चपेट में आने से गणेश की मौत हो गई । पुलिस पहले ही आरोपित ग्रामीण को गिरफ्तार कर चुकी है।
जशपुर में रोका छेका कार्यक्रम आयोजन
देवशरण चौहान
कुनकुरी जशपुर
जशपुर नगर -कुनकुरी ब्लाक के ग्राम पंचायत बनकोम्बो में नरवा गरवा के तहत रोका छेका अभियान का कार्यक्रम मनाया जा रहा है। जिसमें जिला सियो इस क्षेत्र के बीडीसी, डीडीसी और ग्राम के सभी नागरिक उपस्थित रहे।
इस प्रोग्राम को सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए मनाया जा रहा है,यह छतीसगढ़ का एक सांस्कृतिक प्रोग्राम है, जिसमें कृषकों को खाद एवं बीजों का वितरण किया जा रहा है!!
जम्मू – कश्मीर: अवंतीपोरा में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर
जम्मू कश्मीर के अवंतीपोरा में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि मेज पंपोर में आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था.सरहद पर तनाव के बीच सुरक्षाबलों का आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन जारी है. जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि मेज पंपोर में आतंकियों के छिपे होने का इनपुट मिला था. फिर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया. इसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी.
अभी एक आतंकी के मारे जाने की खबर है. एनकाउंटर अभी जारी है.
इससे पहले 16 जून को सुरक्षाबलों ने शोपियां जिले के तुरकावनगाम इलाके में 3 आतंकियों को मार गिराया था. सुरक्षाबलों ने हिज्बुल के जिन तीन आतंकियों को मार गिराया है, उसमें से एक पूर्व पीडीपी नेता का रिश्तेदार है. इस शख्स ने पढ़ाई छोड़ी और आतंकियों के साथ शामिल हो गया था.
शोपियां एनकाउंटर में पांचवां आतंकी भी ढेर, चार दिन में मारे गए 14 आतंकी
वहीं, 10 जून को शोपियां के सुगो हेधामा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई थी. सुरक्षाबलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया गया था. इससे पहले 7 जून को पांच और 8 जून को चार आतंकियों को मार गिराया गया था. चार दिन के अंदर ही सुरक्षाबलों ने 14 आतंकियों को मार गिराया था.
सुरक्षाबलों ने लिया सरपंच अजय पंडिता की हत्या का बदला, आतंकी ढेर
जम्मू-कश्मीर में इस साल अब तक 94 आतंकियों को मार गिराया गया है. पिछले दो हफ्ते के अंदर ही 17 आतंकी मारे गए हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि अभी हमारा ध्यान नॉर्थ कश्मीर से आतंकवाद को खत्म करने पर है.