फिरोज अंसारी हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जनपद पंचायत भैयाथानकेग्राम पंचायत बंजा का गौठान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया हैं। अभी हाल में ही लगभग ग्यारह लाख रुपये की लागत से बने इस गौठान की हालत बहुत खराब हो गई हैं। गौठान टूटने की कगार पर आ गया हैं। गौठान की छत उड़ गई हैं। इतने खर्चे से बना गौठन वीरान पड़ा हुआ है। इसका कोई भी लाभ नही मिल पा रहा हैं। इस गौठान के निर्माण में भारी अनियमितता बरती गई जिसका ही यह परिणाम रहा की कुछ ही समय में गौठान भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ गया। ग्राम पंचायत बंजा के सरपंच सचिव और जनपद के अधिकारियो ने मिली भगत से लाखो रूपये का बंदरबाट कर शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा,घुरवा और बाड़ी को बर्बाद कर दिया।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : लकड़ी तस्करों ने तस्करी का अनोखा तरीका ढूंढ निकाला है. हालांकि वन अमले ने तस्करों के मंसूबे पर पानी फेर दिया और 30 नग चिरान की लकड़ी को जब्त किया है. मामला उदयपुर वनपरिक्षेत्र का है. उदयपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसा में वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को घेराबंदी कर सोनालिका सोल्ड ट्रैक्टर को पकड़ा. जिसके ट्रॉली में ऊपर से तो बालू लोड था लेकिन नीचे 30 नग चिरान की लकड़ी थी.
जानकारी के मुताबिक सोल्ड सोनालिका ट्रैक्टर में तस्करों ने पहले साल्ही नाला से रेत भरा. फिर ट्रैक्टर को हरिहरपुर जंगल ले गए. जहां ट्रॉली से बालू खाली करके 30 नग चिरान लकड़ी भरा गया. फिर लकड़ी के ऊपर बालू भर दिया गया और ग्राम परसा की ओर रवाना हो गए. इसी दौरान किसी ने वन अमले को ट्रैक्टर से लकड़ी तस्करी करने की सूचना दे दी.
लकड़ी की कीमत थी 50 हजार
सूचना पर एसडीओ बिजेन्द्र सिंह और रेंजर सपना मुखर्जी के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र सहायक डांड़गांव दुर्गेश सिंह के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ग्राम परसा की ओर निकली. उन्होंने नीले कलर की सोनालिका ट्रैक्टर को घेराबन्दी कर रोककर चेक किया तो सब दंग रह गए. ट्रैक्टर ट्रॉली में बालू के नीचे 30 नग चिरान लकड़ी लोड थी. जिसकी बाजार में कीमत लगभग 50 हजार बताई जा रही है.
वन अधिनियम की धाराओं के तहत हुई कार्रवाई रेत की आड़ में लकड़ी तस्करी का भंडाफोड़ होने के बाद ट्रैक्टर को वन परिक्षेत्र कार्यालय उदयपुर लाया गया. इस मामले में वन विभाग द्वारा वन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है. वहीं इस कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है. इस कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक बासेन जुगेश सिंह, वन रक्षक बसन्त राम, नंदकुमार, परमेश्वर, अवधेश, विष्णु, अमरनाथ, भरत, शशिकांत सिंह, गिरीश बहादुर सिंह और धनेश्वर सिंह सक्रिय रहे.
हिंद स्वराष्ट्र छत्तीसगढ़ में पिछले 7 दिनों से चल रही तहसीलदारों की हड़ताल स्थगित हो गई है। राज्य शासन की ओर से राजस्व कोर्ट को सुरक्षा देने के आदेश के बाद शुक्रवार को तहसीलदारों ने यह फैसला लिया है। इससे पहले इस संबंध में अधिवक्ताओं की ओर से हाईकोर्ट में एक PIL भी दाखिल की गई थी। इसमें तहसीलदारों की हड़ताल को अवैधानिक बताया गया है। वहीं तहसीलदारों और वकीलों के बीच अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर टकराव बढ़ गया है। इसे लेकर बिलासपुर में अधिवक्ता सड़क पर उतर आए हैं।
दरअसल, वकीलों से बढ़ते टकराव के बीच तहसीलदारों ने शासन से राजस्व कोर्ट को सुरक्षा दिए जाने की गुहार लगाई थी। इसके बाद गुरुवार देर शाम अवर सचिव शासन विजय कुमार चौधरी की ओर से इस संबंध में सभी जिलों के कलेक्टर को एक आदेश जारी किया गया था। इसमें कहा गया है कि छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने 15 फरवरी को एक ज्ञापन सौंप सुरक्षा व्यवस्था की मांग की थी। इसे सुनिश्चित कर अवगत कराएं। देर रात ही हड़ताल को लेकर शुरू हो गई थी चर्चा शासन के इस आदेश के आने के बाद देर रात ही कनिष्ठ प्रशासनिक संघ की बैठक हुई थी। तहसीलदारों के साथ संघ के पदाधिकारी भी अनिश्चितकालीन धरने पर थे। संघ के पदाधिकारियों का कहना था कि सभी तहसीलदार विक्रांत राठौर और जिला अध्यक्ष को बुलाया गया है, इसके बाद शुक्रवार को इसमें निर्णय लिया जाएगा कि काम पर लौटना है या नहीं। दोपहर करीब 1.30 बजे इस संबंध में फैसला हुआ कि हड़ताल स्थगित की जाएगी।
एक दिन पहले ही हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका वहीं तहसीलदारों की हड़ताल के खिलाफ वकीलों ने हाईकोर्ट में गुरुवार को एक जनहित याचिका दायर की। इसमें लोकसेवकों की हड़ताल और कामकाज ठप करने को अवैधानिक बताया है। हड़ताली अफसरों पर कार्रवाई करने और तहसील कोर्ट के कामकाज में पारदर्शिता के लिए नियम बनाने के लिए शासन को निर्देशित करें। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।
वकील बोले- तहसीलदारों की संपत्ति की जांच हो वहीं भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अब वकीलों और तहसीलदारों में टकराव बढ़ गया है। रायगढ़ में पहले वकीलों ने भ्रष्टाचार का पुतला कोर्ट के बाहर खड़ा कर जूते मारे। इसके बाद कोरबा में प्रशासनिक संघ ने वकीलों पर ही अवैध उगाही करने का आरोप लगा दिया। इसकी आग अब बिलासपुर तक पहुंच गई है। अधिवक्ताओं ने तहसीलदारों की संपत्ति की जांच कराने को लेकर मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर कोर्ट के बाहर उनका प्रदर्शन शुरू हो गया है।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : कोविड के समय में दिन रात अपने जान की फिक्र किए बिना लोगो की सेवा करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ बहुत अन्याय किया जा रहा हैं। एक ओर इन स्टॉफ नर्सों व लैब टेक्निशियनो को नौकरी से निकाल दिया गया हैं वही उनके द्वारा दिए गए सेवा कार्यों का भुगतान भी उन्हें नहीं किया गया हैं। जिसके कारण उनके सामने रोजी रोटी की समस्या सामने आ गई हैं। जिसे लेकर आज स्टॉफ नर्स व लैब टेक्निशियन द्वारा सीएमएचओ सूरजपुर रनसाय सिंह को ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द भुगतान करवाने की मांग की। दरअसल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सूरजपुर अंतर्गत दिनांक 6/11/20 को राज्य आपदा मोचन निधी अंतर्गत कोविड-19 के संक्रमण से रोकथाम, नियंत्रण एवं आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिये स्टॉफ नर्स व लैब टेक्निशियन की नियुक्ति किया गया था। जिन्होंने कोरोना काल में निस्वार्थ रूप से दिनांक 06/11/20 से 31/10/2021 तक कोविड केयर सेंटर सहित विभिन्न अस्पतालों में कोरोना से निपटने हेतु दिन-रात ड्यूटी किया। कोरोना के समय जब सभी लोग पीछे हट गए थे तब इन स्वास्थ्यकर्मीयों ने आगे आकर कोरोना से लड़ाई लड़ी और ड्यूटी किया। इनके द्वारा 11 महिने 25 दिन की सेवा निरंतर कोविड से लड़ाई में दिया। जिसके बाद दिनांक 31/10/21 को इन कर्मियों को संविदा नौकरी से निकाल दिया गया और पुरे सेवाकाल में वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। जिसके कारण सभी स्टॉफ नर्स व लैब टेक्निशियन द्वारा उनके बचे हुए वेतन का भुगतान अतिशीघ्र करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया।।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार सरगुजा जिले में अब जल्द ही सी-मार्ट की शुरुआत होने वाली है जिसके तहत स्ट्रक्चर रिनोवेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है और अब रैक व अन्य उपयोगी वस्तुएं वहां पर लगाई जा रही हैं जिस का निरीक्षण करने आज सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार लंगेह एवं नगर निगम आयुक्त विजय दयाराम के पहुँच कर वहां पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया। सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने बताया कि सी मार्ट एक ऐसा मल्टी ब्रांड रिटेल आउटलेट होगा जिसमें सरगुजा में उत्पादित समस्त वस्तुएं चाहे वह महिला सहायता समूह द्वारा हो या फिर हैंडीक्राफ्ट, वनौषधि, संजीवनी की हो सभी प्रकार की अच्छी गुणवत्ता युक्त सामान कम रुपये में उपलब्ध हो पाएंगे जिससे सरगुजा की महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा बनाए गए बेहतरीन उत्पादों को आसानी से लोगो तक पहुचाया जा सकेगा। सरगुजा जिला प्रशासन के द्वारा सी-मार्ट खोलने की सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है और मार्च के प्रथम सप्ताह तक इसे शुरू भी कर दिया जाएगा दरअसल सरगुजा जिला प्रशासन के द्वारा सरगुजा जिले की महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं जिनके विक्रय के लिए अब एक बेहतर स्थान उपलब्ध हो सकेगा सी- मार्ट एक ऐसा केंद्र होगा जहां न सिर्फ सरगुजा में बने लोकल उत्पाद मिल सकेंगे बल्कि बड़े ब्रांड के सामानों की बिक्री भी सस्ते दरों पर यहां उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही सरगुजा के लोग भी इसकी खरीदी कर इसका लाभ ले सकेंगे इसका संचालन क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा कराया जाएगा ताकि महिलाओं को इसका सीधा लाभ मिल सके ऐसे में कहा जा सकता है कि जिला प्रशासन के द्वारा शुरू किया जा रहा सी-मार्ट सिर्फ स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए बेहतर मंच होगा बल्कि आम लोगों के लिए भी एक स्थान होगा जहां बेहतर सामान कम दाम में उपलब्ध हो सकेगा सबसे खास बात का संचालन शहर के बीचो-बीच किया जा रहा है ताकि लोगों को शहर में ही सारी सुविधाएं उपलब्ध हो सके।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : ऐसा प्रायः देखा गया है कि परीक्षा के समय पर कई छात्र डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं और रिजल्ट आने पर कई बार गलत कदम भी उठा लेते हैं इन सब को ध्यान में रखते हुए सरगुजा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने एक अभिनव पहल शुरू की है जिसके तहत अब छात्र एवं उनके परिजनों के लिए टोल फ्री नंबर ( 7999647868, 9340764699, 9770527198, 9340711176 ) जारी किया गया है जिसमे ऐसे छात्र जिन्हें डिप्रेशन के कुछ ऐसे लक्षण नजर आ रहे हैं जैसे कि ठीक से नींद न आना, कम भूख लगना, अपराध बोध होना, हर समय उदास रहना, आत्मविश्वास में कमी, थकान महसूस होना और सुस्ती, उत्तेजना, मादक पदार्थों का सेवन करना, एकाग्रता में कमी, खुदकुशी करने का ख्याल और किसी काम में दिलचस्पी न लेना जैसे लक्षण नजर आ रहे हैं ऐसे में वो छात्र या उनके परिजन टोल फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी समस्याएं बताकर उनका समाधान कर सकते हैं इसके लिए सरगुजा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने डॉक्टर शैलेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में 2 मनोवैज्ञानिक डॉक्टर की टीम बनाई है जिसमें डॉ रितेश सिंह और डॉ प्रणव ठाकुर मनोचिकित्सक शामिल है यह दोनों डॉ विशेष रूप से बेंगलुरु से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करके वर्तमान में अंबिकापुर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं दे रहे हैं सरगुजा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि अभी बहुत जल्दी 10th और 12th के एग्जाम की शुरुआत होने वाली है ऐसे मे क्योंकि कोविड-19 समय में स्कूल बंद रहे हैं ज्यादातर ऑनलाइन क्लासेस दिए जा रहे हैं और ऐसे में छात्रों के मन मे एग्जामिनेशन का डर आ जाता हैं जिसके कारण छात्र परीक्षा में अपना फुल परफॉर्मेंस नहीं दे पाते हैं जिसे कारण छात्र डिप्रेशन में आ जाते हैं ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा टोल फ्री नंबर ( 7999647868, 9340764699, 9770527198, 9340711176) जारी किया गया है और इसके लिए ट्रेंड मनोचिकित्सक डॉक्टरो की टीम गठित की गई हैं जिनके द्वारा छात्र की काउंसलिंग की जाएगी ऐसे कोई भी परिजन जिन्हें उनका छात्र डिप्रेशन में जाता हुआ दिख रहा है तो वह तुरंत इस नंबर पर कॉल कर अपने बच्चे को डिप्रेशन में जाने से बचा सकते हैं जो आगे भी उनके भविष्य के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर प्रशान्त कुमार पांडेय : सुरजपुर जिले में कुछ अधिकारी कानून को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं ऐसे अधिकारी खुद को नियमों और कानूनों से ऊपर समझते हैं, इन अधिकारियों को ना तो अपने से बड़े अधिकारियों का डर है और ना ही समाज का बस अपने मनमाने तरीके से जो मन आता हैं किए जाते हैं और जो सही लगे उसे नियम बना देते हैं। मामला सूरजपुर जिले का है जहां के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर रनसाय सिंह और जिले के कलेक्टर गौरव कुमार के द्वारा मनमाने अंदाज में अपने चहेतों को नौकरियां बांटी जा रही है वह भी चोरी छुपे गुपचुप अंदाज में बिना किसी को जानकारी दिए केवल अपने चहेतो को। स्वास्थ्य विभाग सूरजपुर में 20 वाहन चालकों की भर्ती गुपचुप तरीके से किए जाने की जानकारी मिलने के बाद हिंद स्वराष्ट्र द्वारा मामले की पड़ताल की गई जिसमें एक बड़ा घोटाला निकलकर सामने आया। घोटाले के मास्टर माइंड सीएमएचओ रन साय सिंह और कलेक्टर गौरव कुमार द्वारा गुपचुप तरीके से केवल अपने परिचितों और अपने हितैषियों की भर्ती स्वास्थ्य विभाग में की जाती हैं। आपको बता दें कि रिक्त पदों की सूचना केवल अपने विभागीय लोगो को दी गई और उनकी नियुक्ति भी गुपचुप तरीके से कर ली गई।कलेक्टर के मौखिक आदेश के आधार पर सीएमएचओ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
बिना किसी विज्ञप्ति मिली 20 लोगों को नौकरी
शासन के नियमों के अनुसार किसी भी विभाग के पदों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की जाती हैं। जिसके बाद अभ्यर्थियों से आवेदन लिए जाते हैं, जिसके बाद योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया होती है। लेकिन आखिर ये कैसा चयन प्रक्रिया है जिसे कलेक्टर और सीएमएचओ सूरजपुर द्वारा बनाया गया। जिसपर केवल अपने विभाग के लोगो को सूचना दी गई और उनके परिचितों को चोरी छिपे नौकरी दे दी गई। नियुक्ति 3 महीनो के लिए की गई हो या 1 दिन की सर्व साधारण को सूचित क्यों नही किया गया। सीएमएचओ और कलेक्टर का यह कारनामा यह सोचने को विवश करता है की चुकी विगत 1 महीने में जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी इतनी ज्यादा नही थी कि आपात स्थिति में नियुक्ति की जाए, फिर ऐसी क्या वजह थी कि नियमों को तांक पर रखते हुए 20 वाहन चालकों की भर्ती कर ली गई। यह मामला यह सोचने पर भी मजबूर करता हैं की इस नियुक्ति में किसी मिली भगत या लेन देन की बात तो नहीं है? इन बड़े अधिकारियों ने लेन देन किया हो या नहीं किंतु अपने सगे संबंधियों को नौकरी देकर शासन के नियमों की धज्जियां तो जरूर उड़ाई है।
विभागीय लोगों को बताया गया था जिससे दूसरे लोगों को नौकरी का पता चला:– डॉ. रनसाय सिंह(CMHO)
आखिर रनसाय सिंह का यह कहना की रिक्त पदों में भर्ती के लिए केवल विभाग के लोगों को सूचना दिया गया था जिससे दूसरे लोगों को इसकी जानकारी मिली बेहद शर्मनाक बात है,क्योंकि यह बात भाई भतीजावाद को बढ़ावा देता है,क्या सरकारी नौकरी वंशावली प्रणाली के तहत होती है पिता के बाद पुत्र इस पद पर आशिन होगा।
कलेक्टर ने दिए मौखिक आदेश
सीएमएचओ ने अपने बयान में बताया कि सुरजपुर कलेक्टर गौरव कुमार ने भर्ती प्रक्रिया के लिए मौखिक आदेश दिए थे साथ ही चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने का आदेश भी स्वयं कलेक्टर ने दिया था। जब इस मामले में हिंद स्वराष्ट्र की टीम द्वारा पड़ताल की जाती हैं और उनसे मामले की जानकारी ली जाती हैं तो भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता होने की बात कहते हुए कलेक्टर गौरव कुमार द्वारा नियुक्ति को निरस्त कर दिया जाता है और सीएमएचओ रनसाय सिंह को कारण बताओ नोटिस भेजा जाता है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि जब भर्ती का आदेश कलेक्टर द्वारा ही दिया गया था और नियुक्ति पत्र देने का आदेश भी उन्हीं के द्वारा दिया गया फिर अगर भर्ती में अनियमितता हुई है तो केवल रन साय सिंह को ही कारण बताओ नोटिस क्यों भेजा गया? क्योंकि सीएमएचओ के अनुसार भर्ती की पूरी प्रक्रिया किस तरह से की गई किसकी नियुक्ति की गई इसकी पूरी जानकारी कलेक्टर सूरजपुर को पहले ही दी जा चुकी थी। अगर अनियमितता की जानकारी कलेक्टर को पहले ही थी तो उनके द्वारा मामले में चुप्पी साध कर क्यों रखा गया था? जब हिंद स्वराष्ट्र की टीम द्वारा मामले को उठाया गया तब ही उन्होंने नियुक्ति निरस्त किए जाने का आदेश क्यों दिया? इस मामले में केवल सीएमएचओ को दोषी क्यों बनाया जा रहा हैं? जो की बेहद चौकाने वाली बात है। जब हमने कलेक्टर गौरव कुमार से इस मामले में बात की तो कलेक्टर का कहना है की कोरोना की आपातकालीन स्थिति को देखते हुए मौखिक आदेश दिए गए थे और कुछ लोगो को इस नियुक्ति से आपत्ति थी इस वजह से नियुक्ति निरस्त कर दी गई हैं और सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
गुपचुप तरीके से ही जारी की गई कारण बताओ नोटिस मामले का खुलासा किए जाने के बाद कलेक्टर कलेक्टर गौरव कुमार द्वारा हिंद स्वराष्ट्र की टीम को बताया गया कि भर्ती में अनियमितता के कारण भर्ती को निरस्त कर दिया गया है साथ सीएमएचओ रनसाय सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोचने की बात यह है कि कलेक्टर गौरव कुमार द्वारा इस मामले को छुपाने की कोशिश क्यों की जा रही है क्योंकि 20 वाहन चालकों की नियुक्ति गुपचुप तरीके से करना फिर नियुक्ति निरस्त करना और इसकी जानकारी किसी को भी ना देना और नियुक्ति में अनियमितता करने वाले सीएमएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी करना और इसकी जानकारी भी किसी को ना देना कलेक्टर सूरजपुर के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
बेरोजगारों के साथ किया जा रहा भद्दा मजाक। इस तरह से गुपचुप तरीके से भर्ती करना और एक हफ्ते बाद नियुक्ति को निरस्त कर दिया जाना बेरोजगार युवाओं के साथ सरासर नाइंसाफी हैं। राजनीति में तो भाई भतीजावाद हैं ही लेकिन अगर सरकारी कार्यालयों में भी भाई भतीजावाद होने लगे तो ये बेरोजगार योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा।
उत्तरप्रदेश से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है जिसमे नौरंगिया थाना क्षेत्र में कुएं में गिरने से 13 बच्चों और महिलाओं की मौत हो गई।इनमें दो बच्चे शामिल हैं।. इससे पहले जानकारी आई
मिली थी की 11 की मौत हुई है जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं,लेकिन अब जो आंकड़े सामने आ रहे हैं वह 13 लोगों के हैं ।हादसा उस समय हुआ जब शादी की रीति रिवाज पूरे किए जा रहे थे और इन सब को देखने के लिए बच्चे और महिलाएं कुएं के स्लैब पर बैठे थे, जो वजन ज्यादा हो जाने के कारण टूट गया और सभी कुएं में गिर गए. हादसे ने शादी की खुशियों का मातम में बदल दिया है. फिलहाल, प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और मृतक के परिजनों को 4-4 लाख रुपये देने की घोषणा भी की गई है. शवों को भी कुएं से बाहर निकाल लिया गया है। कुशीनगर के जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा पहले कहा था, “हादसे में 11 लोगों की मौत हुई है और 2 लोगों की हालत गंभीर है. प्रत्येक मृतक के परिजन को 4 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी जाएगी.” उन्होंने कहा, “नौरंगिया टोला गांव में एक पुराना कुआं था, जो स्लैप से ढका था,शादी के रश्मों के दौरान बच्चे और महिलाएं उसके ऊपर बैठे हुए थे, इस दौरान स्लैप नीचे चला गया और मलबा उनके ऊपर गिर गया.” बता दें कि यह हादसा बुधवार की रात करीब 9 बजे हुआ है।
हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र प्रशान्त पाण्डेय अम्बिकापुर : अम्बिकापुर के डिगमा ग्राम से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां एक आदिवासी व्यक्ति की जमीन कुछ जमीन दलालों द्वारा बिक्री कर दी जाती हैं जिसके बाद मामले का पता चलने पर जमीन मालिक पुलिस के पास मदद लेने जाता हैं और उसके साथ धोखा करने वाले 5 लोगो के खिलाफ 09/02/2022 को नामजद आवेदन देता हैं। आवेदन दिए जाने के दूसरे दिन ही आवेदक की संगीन परिस्थितियों में मौत हो जाती हैं और परिजनों द्वारा आरोप लगाया जाता हैं कि जमीन दलालों द्वारा उनके पिता को जहर पिला दिया गया जिससे उनके पिता की मृत्यु हो गई।
मृतक द्वारा अपनी मृत्यु के एक दिन पूर्व गांधीनगर थाने में 5 लोगो के 1 भोलू निवासी भगवानपुर 2 अनिल चटर्जी निवासी दर्रीपारा 3 राहुल निवासी भगवानपुर 4 निशांत कुमार जायसवाल दर्रीपारा। 5 मुकेश गुंडा मणिपुर
जो पेशे से जमीन दलाल हैं जैसा आवेदक ने पुलिस को दिए आवेदन में लिखा है।
इन पांचों जमीन दलालों द्वारा माखन राम को वृद्धा पेंशन दिलाने के नाम पर उसका आधार कार्ड फोटो आदि मांगा गया था जिस पर आवेदक द्वारा इन लोगो पर विश्वास करते हुए अपने उक्त दस्तावेज इन जमीन दलालों को दे दिया था तथा इन जमीन दलालों द्वारा धोखे से वृद्धा पेंशन के नाम पर रजिस्ट्रार ऑफिस में ले जाकर मृतक माखनराम से जमीन के पेपर में हस्ताक्षर करा लिए जाते हैं, चूंकि माखन को इस मामले में किसी प्रकार की अधिक जानकारी नहीं थी इसलिए उसने हस्ताक्षर किए लेकिन माखन राम को लगा कि उसने वृद्धा पेंशन मिलने के लिए दस्तावेजों में हस्ताक्षर करवाया गया हैं बाद में जब माखन राम को इस बात की सच्चाई का पता चला तब उन्होंने गांधीनगर थाने में लिखित शिकायत देकर इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। परंतु न्याय मिल पाना एक आम इंसान के लिए इतनी आसान बात नहीं हैं शायद यही वजह था की गांधीनगर के ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ टीआई ने इस बड़े मामले को संज्ञान में नहीं लिया और अपराध पंजीबद्ध तक नही किया। आखिरकार न्याय की गुहार लगाते लगाते माखनलाल की मौत हो गई यहां तक कि माखनलाल की मृत्यु हो जाने के बाद भी अबतक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई हैं। मामले को कलेक्टर सरगुजा द्वारा अपने संज्ञान में ले लिया गया हैं। मामले की जांच के लिए सहायक कलेक्टर के नेतृत्व में एक दल गठित की गई हैं जो सात दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
भेद ना खुले इस लिए हुई हत्या…? परिजनों ने आरोप लगाया हैं कि मृतक माखनराम को जब अपने साथ हुए धोखेधड़ी का पता चला तो उसने पुलिस से मदत की आस लगाई लेकिन वो आस किसी काम का नही निकला। आवेदन देने के बाद माखन राम को जहर का सेवन करा कर मौत की नींद सुला दिया गया। अब ऐसे में सवाल उठता है की क्या गांधीनगर टीआई अलरिक की लापरवाही से एक व्यक्ति की मौत नही हुई है…? क्या टीआई को इस मामले में तुरंत संज्ञान नही लेना चाहिए था..? ¹ अगर टी आई अलरिक ने इस मामले को गंभीरता से लिया होता तो एक व्यक्ति की जान बच जाती। अपने लिखित आवेदन में आवेदक ने सभी जमीन दलालों और उसके साथ धोखाधड़ी करने वाले लोगों के नाम उनके पते के साथ दिए हैं फिर भी गांधीनगर टीआई अपराधियों तक नही पहुंच पाए और अपराधियों द्वारा माखनलाल को अपने रास्ते से हटा दिया गया। ऐसे मामले सोचने पर विवश करते हैं की क्या इस मामले में टीआई को तत्काल कार्यवाही शुरू नहीं करनी चाहिए थी। आखिरकार ऐसी क्या वजह हैं कि टीआई गांधीनगर जमीन दलालों के उपर कुछ ज्यादा ही मेहरबान रहते हैं। क्या दलाली में कुछ हिस्सा पर्सेंटेज के तौर पर इनको भी मिलता है?? या उन्हें जमीन दलालों का इतना डर है कि वे कार्यवाही का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं??
अगर पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया होता तो नहीं होती माखनलाल की मौत.. लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद मामले में किसी प्रकार की कोई कार्यवाही का न होना और उसके बाद आवेदक की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो जाना, किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करती हैं। यह मामला कही न कही पुलिस को भी शक के घेरे में लाती हैं। गलती कहे या लापरवाही लेकिन इसकी वजह से एक बेकसूर को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। इस मामले में जितनी कसूरवार माखनलाल के साथ धोखाधड़ी करने वाले हैं उतनी ही कसूरवार गांधीनगर पुलिस और थाना प्रभारी भी हैं। यदि थाना प्रभारी द्वारा मामले में त्वरित कार्रवाई की गई होती तो आज बेकसूर माखनलाल काल का ग्रास नहीं होता।
गांधीनगर थाने के खिलाफ लगातार आती हैं शिकायतें। गांधीनगर थाने के खिलाफ लगातार शिकायतें आती रहती हैं लोगो का कहना हैं कि यह कोई नई बात नही हैं। इस थाने में शिकायत लेकर आने वाले लोगो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं। थाने में आवेदन लेकर आए लोगो को एफआईआर करवाने के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता हैं।
हिंद स्वराष्ट्र चिरिमिरी – कोरिया का रहने वाले व्यावसायी युवक की लाश लॉज के कमरे में फांसी पर लटकते हुए मिली। युवक रायपुर जाने निकला था और वैलेंटाइन डे पर उसने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने आखिरी बार उससे 13 फरवरी को बात की थी। उसके फोन नहीं उठाने पर परिजन उसे खोजते हुए बिलासपुर पहुंचे। युवक के आत्महत्या के पीछे प्रेम प्रसंग को कारण बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। थाना प्रभारी रवींद्र यादव ने बताया कि घटना सोमवार शाम करीब पांच बजे की है। उन्हें गोलबाजार स्थित जगदीश लॉज से फोन आया कि एक युवक की लाश कमरे में मिली है। खबर मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। इस दौरान युवक के दोस्त आयुष विश्वकर्मा और युवती सुमांगी उसे खोजते हुए पहुंचे थे। पूछताछ में पता चला कि रवि सिंह पिता स्व. संतोष सिंह कोरिया जिले के बैकुंठपुर का रहने वाला था और अपने मामा राजकुमार सिंह के साथ कंस्ट्रक्शन और बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर का काम करता था। 12 फरवरी से आया था युवक पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रवि सिंह 3 फरवरी को अपने घर से रायपुर जाने निकला था। इस दौरान वह रायपुर में ग्राइंडर लेने गया था। यहां परिजन ने उससे बातचीत भी की थी। 12 फरवरी को वह रायपुर से बैकुंठपुर जाने के लिए निकला था। लेकिन, बैकुंठपुर नहीं पहुंचने पर परिजन परेशान थे और उसकी जानकारी जुटा रहे थे। वैलेंटाइन डे पर लगाई फांसी, इसलिए प्रेम प्रसंग हो सकता है आत्महत्या का कारण। पुलिस को शक है कि युवक ने वैलेंटाइन डे के दिन फांसी लगाकर आत्महत्या की है। ऐसे में पुलिस को शक है कि युवक के आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग से जुड़ा हो सकता है। पुलिस ने लॉज के कमरे को सील कर दिया है।
परिजन के आने पर उनकी मौजूदगी में शव को फंदे से उतार कर पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा
13 फरवरी को किया था कॉल, बंद मिला मोबाइल पुलिस ने रवि सिंह के मामा राजकुमार सिंह से बातचीत की, तब पता चला कि वह घर का इकलौता बेटा था। उसके मामा ही उनके देखरेख करते थे। रायपुर से लौटने के बाद 13 फरवरी को रवि ने अपने परिजन को मोबाइल से कॉल किया था। तब वह ठीक था और बढ़िया बातचीत कर रहा था। इसके बाद उसका मोबाइल बंद मिला, तब परेशान परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। उन्होंने मंगलवार की सुबह उसकी गुमशुदगी रिपोर्ट भी दर्ज कराई है। एडवांस लेने के लिए दरवाजा खटखटा रहे थे लॉज के कर्मचारी पुलिस की पूछताछ में लॉज के कर्मचारियों ने बताया कि 12 फरवरी को रूम किराए में लेने के बाद वह कमरे में ही था। एडवांस रकम भी जमा नहीं किया था। सोमवार को कर्मचारियों ने एडवांस राशि लेने के लिए दरवाजा खटखटाया। लेकिन, वह दरवाजा नहीं खोला। इधर, मंगलवार को उसे खोजते हुए दोस्त पहुंचे, तब उसके फांसी लगाने की जानकारी होटल कर्मियों को मिली। इस मामले में होटल के कर्मचारियों की लापरवाही भी सामने आई है।
80 और 90 के दशक में भारत में डिस्को संगीत को लोकप्रिय बनाने वाले संगीतकार और गायक बप्पी लाहिड़ी का मंगलवार को मुंबई के क्रिटिकेयर अस्पताल में निधन हो गया। वह 69 वर्ष के थे। अस्पताल के निदेशक डॉ दीपक नामजोशी ने पीटीआई को बताया कि “लाहिड़ी को एक महीने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और सोमवार को उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। लेकिन मंगलवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनके परिवार ने एक डॉक्टर को उनके घर बुलाया। उन्हें फिर अस्पताल लाया गया। उन्हें कई स्वास्थ्य समस्याएं थीं, जिसकी वजह से उनकी मृत्यु हो गई।”
बप्पी लाहिड़ी, जिन्हें व्यापक रूप से भारत में “डिस्को किंग” के रूप में जाना जाता है, का जन्म 1952 में पश्चिम बंगाल के कलकत्ता में शास्त्रीय संगीत में एक समृद्ध परंपरा वाले परिवार में हुआ था। उन्होंने 19 साल की छोटी उम्र में एक संगीत निर्देशक के रूप में अपना करियर शुरू किया। उनके पिता, अपरेश लाहिड़ी एक प्रसिद्ध बंगाली गायक थे और उनकी मां, बंसारी लाहिड़ी एक संगीतकार और एक गायिका थीं, जो शास्त्रीय संगीत और श्यामा संगीत में पारंगत थीं।
उन्हें बंगाली फिल्म, दादू (1972) में गाना गाने का पहला अवसर मिला था। हालांकि हिंदी फिल्मों में उन्होंने अपनी जगह फिल्म नन्हा शिकारी (1973) से बनाना शुरू किया। ताहिर हुसैन की हिंदी फिल्म, ज़ख्मी (1975) से उन्हें बॉलीवुड में खुदको स्थापित किया और एक पार्श्व गायक के रूप में पहचान बनाई।
गायक ने हाल ही में आयुष्मान खुराना और जितेंद्र कुमार स्टारर ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ के लिए अपने हिट गाने ‘यार बिना चैन कहां रे’ को ‘अरे प्यार कर ले’ शीर्षक से रीमिक्स किया। यह गीत मूल रूप से अनिल कपूर और अमृता सिंह पर अनिल गांगुली की साहेब में फिल्माया गया था। 1970-80 के दशक के अंत में डिस्को डांसर, नमक हलाल और डांस डांस जैसे साउंडट्रैक के लिए लोकप्रिय, उन्होंने भारतीय सिनेमा के साथ संश्लेषित डिस्को संगीत को बेहतर ढंग से एकीकृत करने में मदद की।
रायपुर के बैजनाथ पारा इलाके में सोमवार की देर रात एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। ये कांड बैजनाथ पारा के गर्ल्स स्कूल ग्राउंड में हुआ। यहां शादी की दावत चल रही थी। ताज नगर इलाके से यहां शादी में शामिल होने आए फारुख नाम के युवक को तीन सगे भाइयों ने मिलकर चाकू मार दिया और भाग गए। ये घटना तब हुई जब युवकों का एक झुंड DJ की धुन पर डांस कर रहा था। वारदात के बाद अब तीनों को पुलिस ने पकड़ लिया है।
चश्मदीदों ने बताया कि मेहमानों की भीड़ थी सभी खाने पीने में व्यस्त थे। अचानक लोगों के चीखने चिल्लाने की आवाज आई। कुछ लड़के गालियां देते, धमकाते हुए यहां से भाग गए। उनके हाथ में खून से सना चाकू था। जहां लड़के डांस कर रहे थे, वहां एक युवक गिरा पड़ा था। खबर ये भी है कि कार्यक्रम में जुड़े परिवारों ने इसकी खबर पुलिस को तब नहीं दी, युवक को अस्पताल ले जाया गया मगर उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल से पुलिस को खबर लगी और रात में कोतवाली थाने की टीम एक्टिव होकर जांच में जुटी।
लड़की वालों की तरफ से आए तीन लड़के चाकू लेकर घुसे इस घटना को अंजाम देने वाले तीनों आपस में सगे भाई हैं। मो इफ़्तिख़ार (22) इसका छोटा भाई अहमद रजा (19) और सबसे छोटा भाई अभी नाबालिग है। तीनों राजातालाब की नई बस्ती में रहते हैं। बैजनाथ पारा में लड़की वालों की तरफ से बुलाए गए थे। ये अपने साथ चाकू लेकर ही पहुंचे थे। ये तीनों राजातालाब इलाके में छोटी-मोटी आपराधिक घटनाओं में शामिल रहते थे और कमर में चाकू फंसाकर घूमा करते थे।
शादी के कार्यक्रम में पहुंचने के बाद तीनों DJ थेक पर नाचने लगे। पुलिस को अहद रजा नाम के युवक ने बताया कि ये तीनों लोगों को हाथ पैर मारते हुए डांस कर रहे थे। अहद के दोस्त फारुख ने उन्हें रोका। फारुख लड़के वालों की तरफ से बुलाया गया था। तीनों भाइयों ने एक हाथ फारुख को मार दिया, इसके बाद बहस बाजी झूमाझटकी शुरू हो गई। इसी बीच तीनों भाइयों ने चाकू निकाला और फारुख के सीने में घुसा दिया। लहूलुहान हालत में फारुख वहीं गिर गया। घटना के बाद भागे आरोपियों का पता पुलिस ने लगाकर तीनों को पकड़ लिया है, पूछताछ जारी है। आरोपियों ने कहा कि फारुख हमसे टकराया इसलिए गुस्से में उसे चाकू मार दिया।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : अभी-अभी कुछ देर पहले करीब 7 बजे के आसपास मेन रोड भैयाथान सूरजपुर हाईवे के मसीरा चौक और बसदई के बीच एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस भीषण सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल एक अज्ञात गाड़ी ने एक प्लैटिना बाइक सवार गाड़ी नंबर CG29A8634 को ठोकर मार दी ठोकर इतनी भयानक थी कि युवक की घटना स्थल में ही दर्दनाक मौत हो गई। व्यक्ति की पहचान सुशील सिंह निवासी ग्राम मांडर जनपद ओढ़गी जिला सूरजपुर के रूप में हुई हैं।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : कुछ दिन पूर्व इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से सरगुजा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के संज्ञान में लाया गया कि शहर से लगे ग्राम डिगमा निवासी माखन 50 वर्ष की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई हैं। स्वजन ने आरोप लगाया है कि मृतक के जानकारी के अभाव में उसकी 35 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री दूसरे के नाम से करा ली गई थी और भू माफियाओं द्वारा कपट पूर्ण तरीके से भूस्वामी माखन को शराब के साथ जहर पिलाकर मृत्यु कारित किये जाने की घटना घटित किया गया है मामले को गंभीरता से लेते हुए सरगुजा कलेक्टर संजीव कुमार झा ने उक्त घटना की जांच हेतु जांच कमेटी का गठन किया गया हैं यह जांच सहायक कलेक्टर सुश्री श्वेता सुमन की अध्यक्षता में की जाएगी जिसमें एसडीएम प्रदीप साहू और अखिलेश कौशिक इस कमेटी के सदस्य होंगे उपरोक्त जांच कमेटी 1 सप्ताह के भीतर जांच कर अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगी।
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : भारत सरकार ने एक बार फिर चीन के ऊपर डिजिटल स्ट्राइक की है। दरअसल, सरकार ने 54 स्मार्टफोन ऐप्स को देश में बैन कर दिया है। इन सभी ऐप्स से भारत की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो रहा था। बैन किए गए ऐप्स में पॉपुलर गेम गरेना फ्री फायर और ऐपलॉक ऐप भी शामिल है। इससे पहले जून 2020 में भारत ने देश की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे कि टिकटॉक, वीचैट और हैलो सहित 59 चीनी मोबाइल ऐप्स को बैन किया था।
बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट सरकार ने जो नए 54 ऐप्स बैन किए हैं उनकी पूरी लिस्ट सामने नहीं है। इन 11 ऐप्स के नामों को खुलासा हुआ।
1. स्वीट सेल्फी HD 2. ब्यूटी कैमरा- सेल्फी कैमरा 3. इक्वलाइजर और बास बूस्टर 4. सेल्सफोर्स एंट के लिए कैमकार्ड 5. आइसोलैंड 2: एशेज ऑफ टाइम लाइट 6. वीवा वीडियो एडिटर 7. टेनसेंट एक्सरिवर 8. ओनमोजी चेस 9. ओनमोजी एरिना 10. ऐपलॉक 11. डुअल स्पेस लाइट
पॉपुलर स्मार्टफोन गेम गरेना फ्री फायर को पहले ही गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर से हटा दिया गया है। ऐसे में माना जा रहा है कि ये भी इस लिस्ट का हिस्सा हो सकता है। हालांकि इस मामले में अब तक गेम के डिस्ट्रीब्यूटर गरेना इंटरनेशनल ने कोई कमेंट नहीं किया है।
भारतीय यूजर्स का डेटा कर रहे थे लीक इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने इन ऐप्स पर बैन लगाया है। ये सभी ऐप्स चीन और अन्य देशों में भारतीय यूजर्स का डेटा भेज रहे थे। कहा जा रहा है कि ये ऐप्स विदेशी सर्वर पर भारतीय यूजर्स का डेटा लीक कर रहे थे। ऐप्स पर बैन के लिए गूगल के प्ले-स्टोर को आदेश दिया गया है।
300 से ज्यादा चीनी ऐप्स पर लग चुकी है रोक भारत सरकार ने इसके पहले 29 जून 2020 को चाइनीज ऐप्स बैन किए थे। 29 जून 2020 को पहली डिजिटल स्ट्राइक करते हुए 59 ऐप्स पर प्रतिबंध लगाया था। जिसके बाद 27 जुलाई 2020 को 47, 2 दिसंबर 2020 को 118 और नवंबर 2020 को 43 ऐप्स पर बैन लगाए गए। अब 14 फरवरी 2022 को 54 ऐप्स पर बैन लगाया गया है। प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन सभी ऐप्स पर बैन लगाया है।
बच्चों के पसंदीदा ऐप्स भी शामिल आज के जमाने के बच्चों को मोबाइल की लत बुरी तरह से लगी हुई है। बच्चों को फ्री फायर, पबजी जैसे गेम्स खेलने की आदत पड़ चुकी है। ऐसे में अगर इन गैम्स पर बैन लगा तो बच्चों के डेली रूटीन पर बहुत इफेक्ट पड़ेगा। पिछले दो दिनों से फ्री फायर गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर से गायब है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि इसे भी बैन किए गए ऐप्स की लिस्ट में होने के कारण रिमूव किया गया है।
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : रवि गडपाले प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ ने अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के 48 प्रशासनिक विभाग के अंतर्गत 650 से अधिक शासकीय विभागों/निगम/आयोग/मंडलों/स्वायतशासी निकायों में कार्यरत लाखों अनियमित कर्मचारी/अधिकारी नियमितीकरण सहित 5 सूत्रीय मांगों के लिए काली पट्टी लगा कर कार्य किया तथा कार्यालय प्रमुख को ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कर रहे है। आन्दोलन के 15वें दिन प्रदेश के समस्त 28 जिला के अनियमित कर्मचारी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया तथा अपने मांगो के प्रति आवाज बुलंद किया। माननीय मुख्यमंत्री, माननीय टी.एस. सिंहदेव एवं अन्य कांग्रेस वरिष्ठ जनप्रतिनिधि हमारे संघर्ष के दिनों में हमारे मंच में आये और उनकी सरकार बनाने पर 10 दिवस में हमें नियमित करने का वादा किया । वादे के अनुरूप कांग्रेस के जन-घोषणा (वचन) पत्र ‘’दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा वादा’’ के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने वादा किया है।
दिनांक 14.02.2019 को अनियमित कर्मचारियों के मंच से पुनः इस वर्ष किसानों के लिए, आगामी वर्ष कर्मचारियों के लिए बात कही। अद्यतन 3 वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने के उपरांत भी सरकार द्वारा नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं की जा रही है। इस सम्बन्ध में माननीय मुख्यमंत्री एवं आप से मिलने भी अनेक बार अनुरोध पत्र प्रेषित किया गया परन्तु मिलने समय नहीं दिया गया। अनियमित कर्मचारी/अधिकारियों के प्रति सरकार के इस व्यव्हार से प्रदेश के लाखो अनियमित कर्मचारी/अधिकारी ठगा महसूस कर रहा है तथा अत्यधिक आक्रोशित हैं। क्षुब्ध होकर समस्त अनियमित कर्मचारी राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने 30 जनवरी 2022 से प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारी काली पट्टी लगा कर कार्य कर रहे हैं। श्री सूरज सिंह ठाकुर, श्री अजित सदन नाविक प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष, श्रीमती भगवती शर्मा तिवारी अध्यक्ष महिला विंग ने बताया की अनियमित कर्मचारियों की समस्यायों से अवगत कराने 16वें दिन प्रदेश के समस्त 28 जिला के अनियमित कर्मचारी जिला कलेक्टर को वादे का प्रमाण वीडियो, पेपर कटिंग, ट्वीटर स्क्रीन शॉट की सी.डी. माननीय मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। प्रेम प्रकाश गजेन्द्र उपाध्यक्ष एवं श्री सुदेश यादव संगठन मंत्री ने ने बताया की सरकार अनियमित कर्मचारियों की समस्यायों पर संज्ञान नहीं लेती है तो निकटम भविष्य में अनिश्चितकालीन आन्दोलन के लिए बाध्य होंगें। इसके लिए अनुमति हेतु रायपुर कलेक्टर को कल अनुरोध पत्र सौंपा जायेगा।
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राजधानी रायपुर में कल देर रात एक बड़ी चाकूबाजी की वारदात सामने आई है जिसमे 6 लोग घायल हुए है। आपको बता दें कि पुलिस ने चाकूबाजी के मुख्य आरोपी दिलकश अली समेत 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक पंडरी के खपराभट्टी इलाके में रहने वाले साहू परिवार में भरत साहू की शादी समारोह चल रहा था। जहां निखिल साहू फटाका फोड़ रहा था तभी एक फटाका तरुण नगर निवासी बदमाश दिलकश अली के पास जाकर फूटा तो इसी बात पर आरोपी दिलकश अली ने निखिल साहू के साथ मारपीट की जिसकी शिकायत दिन में ही पंडरी थाने में दर्ज हुई थी और पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी कि देर रात करीब 12 बजे आरोपी दिलकश अली नशे की हालत में अपने 5-6 साथियों के साथ शादी समारोह में पहुंचकर निखिल साहू को ढूंढने लगा तभी वहां समारोह में शामिल होने आए लोगो ने आरोपी को समझाने की कोशिश की परंतु आरोपी दिलकश ने अपने साथ लाये चाकू से सामने आये सभी बरातियों पर ताबड़तोड़ वार किए जिसके बाद समारोह में अफरातफरी मच गई। बारातियों ने दिलकश का विरोध किया तो आरोपी अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने दूल्हा भरत साहू समेत सभी पांचों घायलों को मेकाहारा पहुंचवाया जहाँ एक की हालत गंभीर समेत बाकी की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद स्थानियो लोगो मे भारी आक्रोश है ।देर रात हुई इस चाकूबाजी में दूल्हा भरत साहू समेत देवेंद्र साहू,पुनीत साहू,लखन साहू और लक्की साहू व गोलू साहू घायल हुए है.। घटना के बाद देर रात पुलिस के आलाधिकारी समेत 4 थानों के टीआई मौके पर पहुंचे थे और सभी फरार आरोपियों को कई टीमें लगाकर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है।
हिंद स्वराष्ट्र जशपुर: जिले में एक 12 साल की लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। उससे किसी और ने नहीं बल्कि उसके चचेरे भाई ने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप किया है। बताया गया कि है उसके भाई ने फोन कर उसे घर से बाहर बुलाया था। फिर उसे सुनसान जगह पर ले गया। यहां पहले उसने डरा धमकाकर लड़की से रेप किया। इसके बाद उसके 2 दोस्तों ने भी बारी-बारी से लड़की से दुष्कर्म किया है। घटना के बाद से ही तीनों आरोपी फरार हैं। मामला पत्थलगांव थाना क्षेत्र के बूढ़ाडांड गांव का है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार शाम को लड़की के चचेरे भाई ने उसे फोन कर किसी बहाने से बाहर बुलाया था। इसके बाद वह उसे लेकर किसी सुनसान इलाके में चला गया। इस दौरान उसके साथ 2 और दोस्त भी मौजूद थे। बताया जा रहा है इसी सुनसान इलाकों में तीनों ने उससे रेप किया है।
किसी तरह घर पहुंची बच्ची
घटना के बाद आरोपी उसे वहीं छोड़कर भाग गए थे। जिसके बाद देर शाम लड़की किसी तरह से घर पहुंची और अपने परिजनों को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई है। शनिवार को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है। काफी डरी हुई है बच्ची
घटना को लेकर पुलिस ने बताया कि लड़की खुद बयान देने की स्थिति में नहीं है। परिजनों की शिकायत के आधार पर ही तीनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद है। पीड़िता से भी बयान लेने की कोशिश की जा रही है। मगर वह घटना की वजह से काफी डरी हुई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले लड़की को काफी डराया धमकाया भी था।
हिंद स्वराष्ट्र सुरजपुर : अभी-अभी सुरजपुर ब्लॉक के ग्राम दतिमा में भालू दिखने से क्षेत्र में दशहत फैल गई हैं। दातिमा मोड़ के आस पास के ग्रामीण क्षेत्र में भालू विचरण करता हुआ दिखाई दिया। दतिमा मोड़ के अथर्व ब्रिक्स इंडस्ट्रीज के पेट्रोल टंकी के पास भालू दिखाई दिया है जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द वन विभाग की टीम रेस्क्यू करके भालू को अपने कब्जे में ले ले ताकि किसी भी प्रकार का अप्रिय घटना न घट सके। गांव में भालू आने की सूचना मिलते ही दतिमा के आसपास के ग्रामीण काफी भयभीत हैं और अब अपने अपने घरों में डर के मारे दुबक गए हैं।
ग्रामीणों का कहना हैं कि इस ठंड के मौसम में ग्रामीण आस पास के जंगलों में लकड़ियां लेने जाते हैं। ऐसे में भालू के दिखने से ग्रामीणों में काफी दशहत फैल गई हैं। इस तरह से भालू के स्वच्छंद विचरण करने से जंगल की ओर जाने को लेकर ग्रामीणों में काफी डर फैल गया हैं।
वन विभाग को मामले की सूचना हिंद स्वराष्ट्र के जिला प्रतिनिधि भूषण बघेल द्वारा दे दी गई हैं। डीएफओ सूरजपुर ने फोन के माध्यम से कहा की हमारी टीम वहां जल्द ही पहुंचकर भालू का रेस्क्यू कर लेंगी।
हिंद स्वराष्ट्र रायगढ़: रायगढ़ में नायब तहसीलदार के साथ हुई मारपीट का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी इस घटना पर भड़के हुए हैं। शनिवार को एक आपात बैठक के बाद संघ के अधिकारियों ने मारपीट में शामिल वकीलों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। अधिकारियों ने सरकार से प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में अधिकारियों कर्मचारियों की सुरक्षा और संरक्षण की भी मांग की है। उधर, रायगढ़ के अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के अध्यक्ष आशुतोष पांडे की अगुआई में शनिवार को एक आपात बैठक में निंदा प्रस्ताव पारित हुआ। आशुतोष पांडे ने कहा, मारपीट का वीडियो देखने से स्पष्ट है यह घटना सामान्य एवं अचानक होने वाली घटना नही थी। इसे पहले से प्लान किया गया था। वीडियो में दिख रहे अधिवक्ताओं ने कार्यालयीन समय में शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करते हुए अधिकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट की। संघ ने नायब तहसीलदार, रीडर और भृत्य के साथ हुई घटना की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन से वकीलों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। संघ के महासचिव संदीप अग्रवाल ने प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में कड़ी सुरक्षा की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा, आरोपी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रशासनिक सेवा संघ एक बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगा।
कर्मचारी संघ ने गिरफ्तारी के लिए सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया
इधर, छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने रायगढ़ तहसील में नायब तहसीलदार, रीडर और भृत्य से मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सोमवार तक का समय दिया है। कर्मचारी संगठनों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस को अल्टीमेटम दिया गया है। सोमवार तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो सोमवार को विरोध प्रदर्शन होगा।
पुलिस ने दर्ज कर ली है FIR
रायगढ़ जिले की तहसील में शुक्रवार को जमीन के नामांतरण कराने को लेकर वकीलों और कर्मचारियों में विवाद हुआ था। वकीलों ने दो कर्मचारियों को पीट दिया। वकीलों ने पहले तो तहसीलदार पर धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया। नायब तहसीलदार बीच बचाव करने आए थे, जिन्हें पीटा गया। घटना के बाद वकील हड़ताल पर चले गए। पुलिस ने नायब तहसीलदार को पीटने के आरोप में तीन वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
प्रदेशभर के तहसीलदार रायगढ़ पहुंच रहे
वहीं घटना के विरोध में रायगढ़ में प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार जमा हो रहे हैं। बताया जा रहा है ये सभी और जिले के सभी अधिकारी कर्मचारी शनिवार शाम से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसके लिए रायगढ़ में सुबह से बैठक का दौर चलता रहा। बताया जा रहा है कि अधिकारी कर्मचारी तहसील कार्यालय के सामने ही धरना शुरू करेंगे। इन अधिकारियों कर्मचारियों का कहना है कि आरोपी वकीलों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
वकील कर रहे तहसीलदार को हटाने की मांग
रायगढ़ में सुबह से वकीलों की बैठकों का दौर भी चलता रहा। वकीलों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इन्होंने मांग की है कि रायगढ़ तहसीलदार को भी हटाया जाए। इसके अलावा वकील रायगढ़ में शाम तक अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ थाने में शिकायत भी करने वाले हैं। साध ही वकीलों की टीम ने 3 सदस्यीय संघर्ष समिति बनाई है। जिनके नेतृत्व में वकील आगे की रणनीति बनाएंगे।