हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य, जीएसटी, 20 सूत्रीय एवं पंचायत मंत्री रहे टी एस सिंह देव ने पंचायत मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है इसके पीछे के कारणों का अब तक उन्होंने सार्वजनिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, कयास लगाया जा रहा है की वह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर ना बनने के फैसले से काफी नाराज थे साथ ही वह है पंचायत विभाग में मनरेगा के पीओ का,मंत्री सिंहदेव ने हड़ताल पर बैठे एपीओ को हटा दिया था, खबरें हैं कि उसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बग़ैर मंत्री सिंहदेव को विश्वास में लिए वापस बहाल कर दिया। इसी के साथ साथ पेसा एक्ट को लेकर भी सिंहदेव नाराज़ थे। पेसा एक्ट को लेकर जो प्रावधान तय किए थे, बताया जाता है कि,वे बदले गए और इसमें भी मंत्री सिंहदेव को विश्वास में नहीं लिया गया, खैर जब तक टी एस सिंह देव खुद सार्वजनिक तौर पर इस बात का खुलासा नहीं करते कुछ भी का पाना मुश्किल होगा।
चार पन्नाें का है पत्र जिसमें लिखा है मंत्री सिंहदेव ने इस्तीफा
मिली जानकारी के अनुसार मंत्री सिंहदेव ने जो पत्र इस्तीफे को लेकर लिखा है, वह करीब चार पन्नाें का है,जो अब से कुछ ही देर में सार्वजनिक कर दिया जाएगा। वहीं मंत्री सिंहदेव ने फोन बंद कर दिया है। मंत्री सिंहदेव इस समय अंबिकापुर में निज निवास तपस्या में बताए गए हैं, लेकिन उन्होने किसी भी मुलाकात से इंकार कर दिया है।
टी एस सिंह देव ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा,विभाग में दखलंदाजी से थे नाराज
स्कूल से बच्चों का राशन चोरी करते प्रधानपाठक और उसके परिजनों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ा, देखें वीडियो में पूरा मामला
हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र बलरामपुर मामला बलरामपुर जिले के रेवतीपुर का है जहां प्राथमिक शाला रेवतीपुर में बच्चों के लिए रखे मध्यान भोजन सामग्री को चोरी करते हुए ग्रामीणों ने रात करीब 8 बजे वहीं के प्रधान पाठक हलीम मंसूरी के भाई अनिक मंसूरी और भतीजा मो. बेलाल और एक सहयोगी राजेश्री साहू को विद्यालय से मध्यान भोजन, चावल, दाल, पापड़, खाद्य तेल और मिट्टी तेल की हेराफेरी करते ग्रामीण जनों ने रंगेहाथ पकड़ा,ग्रामीणों ने बताया की इस मामले की उन्हें जानकारी मिली थी की बच्चों के लिए रक्खे खाद्य सामग्री और अन्य चीजों पर शाला के ही प्राचार्य और उन्हें घरवाले अपने सहयोगी के साथ मिलकर हांथ साफ कर रहे हैं,इस बात की जानकारी मिलते ही ग्रामीणजन जब स्कूल पहुंचे तो वहां का हाल देखने लायक था।
ग्रामीणों का आरोप है की प्राचार्य,प्राचार्य के परिजन और एक सहयोगी के द्वारा इस चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा था। ग्रामीणों की माने तो यह बेहद शर्मनाक घटना है वो भी एक जिम्मेदार पद पर बैठे प्रधानपाठक के द्वारा,बच्चों के आहार पर डाका डालना काफी गंभीर मामला है लेकिन अबतक इस पूरे मामले में कोई ठोस कार्यवाही नही की गई है। विकास खंड शिक्षा अधिकारी रामचंद्रपुर के द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण किया गया था और प्रधानपाठक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है लेकिन अबतक इस पूरे मामले में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है,अब देखने वाली बात होगी की बच्चो के मुंह से निवाला छीनने वाले प्रधानपाठक के उपर क्या कार्यवाही होती है।
पटवारी सस्पेंड: कलेक्टर की कार्रवाई, चर्चित पटवारी को किया गया निलबिंत..
अतिरिक्त तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से बगैर शील के फर्जी नामांतरण का मामला…
हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : फर्जी तरीके से नामांतरण करने के आरोप में वर्तमान में बिजौर में पदस्थ पटवारी कौशल यादव को सस्पेंड कर दिया गया है। पटवारी कौशल यादव पर मोपका में फर्जी तरीके से जमीन नामांतरण करने का आरोप था। अतिरिक्त तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर से बगैर सील के फर्जी नामांतरण के मामले में बिजौर पटवारी को एसडीएम टीआर भारद्वाज ने निलंबित किया है। जमीन फर्जीवाड़े के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई है। बता दें, कौशल यादव पर पूर्व में भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अपने रसूख का फायदा उठाकर वो हमेशा बचते रहे। जिले में नए कलेक्टर सौरभ कुमार के आने की बाद फिर से ऐसे पटवारियों की फाइल खोलकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी: SECR की 5 पैसेंजर व मेमू ट्रेन फिर शुरू, कोरबा और नागपुर के यात्रियों को मिलेगी सुविधा…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ के स्थानीय के लिए राहत की खबर आई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने पांच पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन 18 जुलाई से शुरू करने का फैसला लिया है। यात्रियों को यह सुविधा 18 जुलाई से मिलेगी। पैसेंजर व मेमू ट्रेनें शुरू होने से छत्तीसगढ़ के छोटे स्टेशनों के यात्रियों को फायदा मिलेगा।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की मांग व उनकी बेहतर यात्रा सुविधा के लिए गाड़ियों का परिचालन फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस कड़ी में SECR से चलने वाली पांच मेमू व पैसेंजर स्पेशल गाड़ियों को 18 जुलाई से शुरू किया जा रहा है। इसमें बिलासपुर-कोरबा, कोरबा-बिलासपुर और रायपुर-इतवारी ट्रेन शामिल हैं।
कोरोना काल के बाद से यात्रियों को नहीं मिल रही थी सुविधा
कोरोना काल में रेलवे ने सभी लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को बंद कर दिया था। संक्रमण काल खत्म होने के बाद धीरे-धीरे कर रेलवे ने स्पेशल ट्रेन के नाम से कुछ गाड़ियों को शुरू किया। लेकिन, मेमू व पैसेंजर ट्रेन की सुविधा से यात्री वंचित थे। बीते पांच माह पहले जिन लोकल और पैसेंजर ट्रेनों को शुरू किया गया था। उसे भी कोयला परिवहन के नाम से बंद कर दिया गया था। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई थी।
शुरू होने वाली लोकल व पैसेंजर ट्रेन, छोटी स्टेशनों में भी रुकेगी गाड़ियां
गाड़ी संख्या 08212 बिलासपुर-कोरबा पैसेंजर स्पेशल का परिचालन 18 जुलाई से प्रतिदिन किया जाएगा। यह गाड़ी बिलासपुर से 14.50 बजे छूटेगी और 15.08 बजे गतौरा, 15.17 बजे जयरामनगर, 15.25 बजे कोटमीसोनार, 15.33 बजे अकलतरा, 15.43 बजे कापन, 15.51 बजे जांजगीर-नैला, 16.10 बजे चांपा, 16.24 बजे बालपुर, 16.30 बजे कोथारी रोड़, 16.36 बजे मड़वारानी, 16.43 बजे सरगबुंदिया, 16.50 बजे उरगा होते हुए 17.15 बजे कोरबा स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी संख्या 08732 बिलासपुर-कोरबा मेमू पैसेंजर स्पेशल का परिचालन 18 जुलाई से प्रतिदिन किया जाएगा। यह गाड़ी बिलासपुर से 18.10 बजे छूटेगी और 18.19 बजे गतौरा, 18.27 बजे जयरामनगर, 18.33 बजे कोटमीसोनार, 18.40 बजे अकलतरा, 18.49 बजे कापन, 18.55 बजे जांजगीर-नैला, 19.10 बजे चांपा, 19.22 बजे बालपुर, 19.28 बजे कोथारी रोड़, 19.34 बजे मड़वारानी, 19.41 बजे सरगबुंदिया, 19.49 बजे उरगा होते हुए 20.20 बजे कोरबा स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी संख्या 08731 कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल का परिचालन 18 जुलाई से प्रतिदिन किया जाएगा। यह गाड़ी कोरबा से 20.54 बजे छूटेगी और 21.02 बजे उरगा, 21.09 बजे सरगबुंदिया, 21.17 बजे मड़वारानी, 21.23 बजे कोथारी रोड़, 21.29 बजे बालपुर, 21.45 बजे चांपा, 21.56 बजे जांजगीर-नैला, 22.03 बजे कापन, 22.11 बजे अकलतरा, 22.19 कोटमीसोनार, 22.25 बजे जयरामनगर, 22.37 बजे गतौरा होते हुए 23.00 बजे बिलासपुर स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी संख्या 08267 रायपुर-इतवारी पैसेंजर स्पेशल का परिचालन 20 जुलाई से प्रतिदिन किया जाएगा। यह गाड़ी रायपुर से 13.30 बजे छूटेगी तथा 21.25 बजे इतवारी पहुंचेगी।
गाड़ी संख्या 08268 इतवारी-रायपुर पैसेंजर स्पेशल का परिचालन 21 जुलाई से प्रतिदिन किया जाएगा। यह गाड़ी 07.30 बजे इतवारी से छूटेगी और 17.25 बजे रायपुर पहुंचेगी।
Uric Acid बढ़ने लगा है तो घबराइए मत, बस खाना शुरू कर दीजिए यह एक चीज, फिर देखिए कैसे कंट्रोल में आता है यूरिक एसिड..
हिंद स्वराष्ट्र : शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड की मात्रा कई स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का कारण बनती है. ऐसा तब होता है जब किडनी (Kidney) यूरिक एसिड को ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती. यह जोड़ों में क्रिस्टल्स के रूप में जमा भी हो जाता है जिससे जोड़ों का दर्द (Joint Pain) और पैरों में सूजन दिखने लगती है. शरीर में प्यूरिन (Purine) का सही तरह से पाचन न होने पर यूरिक एसिड का लेवल बढ़ता है. इसे कम करने के लिए खानपान में बदलाव किए जाते हैं. यूरिक एसिड (Uric Acid) को कम करने वाला ऐसा ही एक सूखा मेवा है अखरोट. आइए जानें, यूरिक एसिड घटाने के लिए कैसे किया जाए अखरोट (Walnuts) का सेवन.
अखरोट में ओमेगा-3 की भरपूर मात्रा पाई जाती है. साथ ही, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के साथ-साथ विटामिन बी6, कॉपर, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व व खनिज होते हैं. अखरोट में यूरिक एसिड के कारण होने वाले गाउट को कम करने वाले हेल्दी प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा पायी जाती है जो घुटनों में जमें यूरिक एसिड के क्रिस्टल्स को घटाने में भी सहायक है. इस चलते अखरोट यूरिक एसिड की डाइट (Uric Acid Diet) में शामिल करने के लिए एक अच्छा फूड है.
रोजाना 2 से 3 अखरोट खाने पर भी आपको यूरिक एसिड कम करने में मदद मिलेगी. आप अखरोट को सलाद में डालकर खा सकते हैं, स्मूदी या शेक में इस्तेमाल कर सकते हैं, अखरोट (Walnuts) से गार्निशिंग कर सकते हैं, इन्हें भिगो कर खा सकते हैं या फिर सादा ही इन्हें चबा सकते हैं. अखरोट खाने पर यूरिक एसिड तो कम होता है ही, साथ ही यह शरीर को और भी कई फायदे देता है. इसके सेवन से दिल की सेहत अच्छी रहती है, दिमाग तेज होता है, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी बढ़ती है, तनाव कम होता है और यह वजन घटाने में भी बेहद असरदार है.
शासकीय भवन की कमी में शौचालय भवन को बनाया पोस्ट ऑफिस, रोज लगता हैं लोगो का जमावड़ा होती हैं ढेरों परेशानियां…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : देश भर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। लेकिन सरगुजा जिले में एक सार्वजनिक शौचालय में पोस्ट ऑफिस का संचालन हो रहा है। शौचालय (Toilet) की इस बिल्डिंग में ही ड्यूटी करने पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी आ रहे हैं। इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है किसार्वजनिक शौचालय को कैसे पोस्ट ऑफिस में बदल दिया गया। वहां से गुजरने वाले लोग उसे शौचालय ही समझते हैं लेकिन भवन के ऊपर लिखा गया नाम पढऩे पर इसका पता चलता है। यह शौचालय भवन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दरअसल यह मामला सरगुजा जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर अंबिकापुर-दरिमा पर स्थित ग्राम पंचायत सखौली का है। यहां हाट बाजार में स्थित सार्वजनिक शौचालय को पोस्ट ऑफिस में बदल दिया गया है। क्षेत्र में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। बाहर से शौचालय जैसा दिखने वाले इस भवन में भीतरखाने जाने पर नजारा अलग है।
पोस्ट ऑफिस भवन के संबंध में पोस्ट मास्टर ओम कुमार का कहना है कि भवन नहीं होने की वजह से पहले एक घर में पोस्ट ऑफिस संचालित था। लेकिन अधिकारियों के मना करने के बाद पशु चिकित्सालय में पोस्ट ऑफिस खोला गया। इसी बीच अचानक सरकार का फरमान आने के बाद पशु चिकित्सालय को धान खरीदी केंद्र में बदल दिया गया। इसकी वजह से पोस्ट ऑफिस वहां से हटाकर शौचालय भवन में संचालित किया जा रहा है।
अतिरिक्त भवन नहीं होने के कारण किया गया ऐसा
गांव की सरपंच प्रमिला सिंह ने कहा कि अतिरिक्त भवन नहीं होने के कारण लोगों की सुविधा के लिए सार्वजनिक शौचालय को पोस्ट ऑफिस में बदल दिया गया है। कई दिनों से शौचालय का भवन खाली था, इस कारण उपयोग में लिया गया।
भवन काफी छोटा, काम में होती है दिक्कत
इधर ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालय का भवन काफी छोटा है। यहां हितग्राहियों की काफी भीड़ हो जाती है, ऐसे में वहां खड़ा रहने में परेशानी होती है। इसके अलावा कार्य करने में पोस्ट मास्टर को भी दिक्कत होती है।
नकली सोना लेकर बैंक को ठगने पहुंचा:जांच हुई तो खुल गया राज; पहले ऐसे ही 48 लाख ले चुका था, अब गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र भिलाई : राजनांदगांव का एक व्यापारी नकली सोना को असली बताकर भिलाई के एक बैंक से गोल्ड लोन लेने पहुंचा। बैंक मैनेजर ने जब उसके सोने की जांच कराई तो वह नकली निकला। इसी दौरान उसे पता चला कि वह पहले भी राजनांदगांव की शाखा से नकली सोना रखकर गोल्ड लोन ले चुका है। इसके बाद बैंक मैनेजर ने इसकी शिकायत अंजोरा थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।
भिलाई के रामनगर वार्ड 11 निवासी हरजोत सिंह ICICI बैंक की अंजोरा शाखा में मैनेजर है। उसने शिकायत दर्ज कराई है कि 13 जुलाई को उसकी शाखा में एक आदमी आया था। उसने अपना आप को चाल नंदन कुंआ वार्ड 31 राजनांदगांव निवासी राजेश लुनिया पिता सुरेशचंद्र लुनिया बताया। उसने गोल्ड लोन के रूप में 13 लाख रुपए लेने की बात कही। मैनेजर ने उसका पता देखकर उसे राजनांदगांव में आईसीआईसीआई बैंक की गंज चौक शाखा जाने को कहा गया। इस पर व्यापारी ने कहा कि वह गंज चौक शाखा गया था। वहां सर्वर डाउन होने के चलते उसे यहां भेजा गया है।
इस तरह पकड़ा गया ठग
राजेश लुनिया ने बैंक मैनेजर से कहा कि उसके पास 400 ग्राम गोल्ड ज्वेलरी है। उस पर वो लोन लेना चाहता है। बैंक मैनेजर ने ठग का सोना देखा तो उसे संदेह हुआ। बैंक मैनेजर ने कंगना ज्वेलर्स के संचालक रितेश कुमार सोनी को बैंक बुलाया। सोनार ने जब गोल्ड ज्वेलरी चेक किया तो उसे नकली बताया। इसके बाद बैंक मैनेजर हरजोत सिंह ने राजनांदगांव के बैंक मैनेजर को फोन कर ठग के बारे में जानकारी दी। फोन करने पर राजनांदगांव के बैंक मैनेजर ने हरजोत को बताया कि आरोपी राजेश लुनिया 27, 28 अप्रैल और 28 जून को गोल्ड रखकर 48 लाख 9 हजार 984 रुपए का गोल्ड लोन ले चुका है। जब उस गोल्ड की जांच कराई गई तो वह नकली पाया गया था।
SBI, ICICI, Axis और HDFC Bank के ग्राहक ध्यान दें! ATM ट्रांसजेक्शन से पहले जान लें कैश लीमिट और चार्ज…
Check ATM transaction limit and charges: एटीएम (ATM) ट्रांसजेक्शन इन दिनों बेहद आम है और यह हमारे डेली लाइफ का एक पार्ट बन गया है। लेकिन यदि आप अपने बैंक द्वारा स्पेफाई एटीएम ट्रांसजेक्शन की लिमिट और फीस से अनजान हैं, तो यह आपकी जेब पर दबाव डाल सकता है। एटीएम लेनदेन की सीमा अक्सर आपके खाते के प्रकार और आपके द्वारा उपयोग किए जा रहे डेबिट कार्ड पर निर्भर करती है। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियम के अनुसार, प्रत्येक बैंकों द्वारा एटीएम ट्रांसजेक्शन के लिए एक चार्ज लगाया जाता है। अगर आप एसबीआई, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई या एक्सिस बैंक के ग्राहक हैं तो जानिए कितना चार्ज लगेगा और क्या है कैश ट्रांसजेक्शन लिमिट?
RBI का नियम क्या कहता है?
1. एटीएम लेनदेन पर आरबीआई के अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न में कहा गया है कि “बैंकों को अपने सेविंग्स बैंक अकाउंट होल्डर्स को एक महीने में कम से कम पांच फ्री ट्रांसजेक्शन की सुविधा दी जानी चाहिए, भले ही एटीएम का स्थान कुछ भी हो। किसी भी संख्या में नाॅन-कैश निकासी लेनदेन मुफ्त प्रदान किए जाएंगे।”
2. छह मेट्रो शहर जैसे कि बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और नई दिल्ली में एटीएम ने नियम अलग है। यहां बैंक सेविंग्स अकाउंट होल्टर्स को एक महीने में कम से कम तीन मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन सहित) प्रदान करेंगे।
3. आरबीआई ने कहा है इसकी वेबसाइट में उल्लेख किया गया है कि छह मेट्रो स्थानों के अलावा, बैंकों को अपने बचत बैंक खाताधारकों को एक महीने में अन्य बैंक एटीएम पर कम से कम पांच मुफ्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन सहित) की पेशकश करनी चाहिए।
1. SBI ATM transaction कैश ट्रांजेक्शन लिमिट और फीस
एसबीआई की वेबसाइट के मुताबिक, “आप नेशनल फाइनेंशियल स्विच से जुड़े अन्य बैंकों के 1.5 लाख से अधिक एटीएम पर भी लेनदेन कर सकते हैं। आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, आप 6 मेट्रो सेंटर (मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु) में 3 मुफ़्त ट्रांसजेक्शन के हकदार हैं। एक कैलेंडर माह में 5 मुफ़्त लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय) कर सकते हैं।” यह नियम केवल बचत बैंक खाताधारकों के लिए है।
पांच ट्रांसजेक्शन के बाद अन्य बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर 20 रुपये प्लस जीएसटी और एसबीआई एटीएम पर 10+जीएसटी लागू होगा। एसबीआई ने तय लीमिट से अधिक नाॅन-फाइनेंशियल ट्रांसजेक्शन के लिए अन्य बैंकों के एटीएम के लिए 8 रुपये प्लस जीएसटी और एसबीआई एटीएम के लिए 5 रुपये प्लस जीएसटी लगेगा। बैंक एटीएम और अन्य बैंक एटीएम दोनों में insufficient balance के कारण अस्वीकार किए गए लेनदेन के लिए एसबीआई ₹20 प्लस जीएसटी चार्ज करता है।
2. ICICI Bank ATM Transaction ट्रांजेक्शन लिमिट
आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, “अन्य बैंकों के एटीएम से कैश निकासी के लिए बैंकों ने प्रति लेनदेन ₹10,000/- की सीमा बनाए रखने का निर्णय लिया है।” आपके द्वारा आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में किए गए पहले पांच लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों) निःशुल्क हैं। उसके बाद, आपको भुगतान करना पड़ेगा। वित्तीय लेनदेन के लिए 21 रुपये और गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए 8.50 चार्ज लगेगा। छह मेट्रो क्षेत्रों (मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद) में गैर-आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में हर महीने पहले तीन लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय) मुफ्त हैं। वहीं, इसके अलावा अन्य शहरों में पहले पांच लेनदेन (वित्तीय और गैर-वित्तीय) फ्री हैं।
3. HDFC Bank ATM कैश ट्रांजेक्शन लिमिट और फीस
एचडीएफसी बैंक की वेबसाइट के मुताबिक, “जारीकर्ता बैंक के एटीएम में उपयोग के लिए नकद निकासी की सीमा बैंक द्वारा कार्ड जारी होने पर निर्धारित की जाती है। अन्य बैंक के एटीएम से नकद निकासी के लिए, प्रति लेनदेन ₹10,000 की अधिकतम सीमा तय की गई है।” एचडीएफसी बैंक के एटीएम में सेविंग्स और सैलरी अकाउंट के लिए प्रति माह 5 मुफ्त लेनदेन प्रदान करता है। मेट्रो एटीएम में 3 मुफ्त लेनदेन और अन्य बैंकों के लिए गैर-मेट्रो एटीएम में 5 मुफ्त लेनदेन। अगर आप मुफ्त लेनदेन की तय संख्या से कैश निकासी अधिक करते है तब एचडीएफसी बैंक 21 प्लस जीएसटी लेता है। वहीं, गैर-वित्तीय लेनदेन के लिए, 8.50 रुपये प्लस जीएसटी लगता है।
शिक्षक की पिटाई से बच्चे के कान से निकला खून,, अपराध दर्ज…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सीतापुर विकासखंड के ग्राम लीचिरमा स्थित प्राथमिक पाठशाला के शिक्षक तुलसी गुप्ता ने कक्षा चौथी में पढ़ने वाले छात्र को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उसके कान से खून निकलने लगा। बीईओ के नेतृत्व में टीम ने प्रकरण की जांच कर प्रतिवेदन जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रस्तुत कर दिया है। आरोप प्रमाणित पाए गए है। शिक्षक पर विभागीय कार्रवाई भी संभावित है। सीतापुर विकास खंड के ग्राम पंचायत लिचिरमा प्राथमिक शाला में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले 10 वर्षीय छात्र की पिटाई से परिजन आक्रोशित है। मिली जानकारी के अनुसार पंचायत सहायक शिक्षक तुलसी गुप्ता के द्वारा पिटाई की गई जिससे बच्चे के कान से रक्तस्राव होने लगा। खून साफ कर बच्चे को घर भेज दिया गया था।
परिजनों को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने बच्चे का इलाज कराया और थाने में शिकायत दर्ज कराई। बीईओ मिथिलेश सिंह सेंगर ने बताया कि शिकायत की जांच की गई है। जांच के दौरान शिक्षक ने कहा है कि छात्र असुरक्षित तरीके से दीवार पर चढ़ रहा था। उसको मना करने के बावजूद वह नहीं माना तो शिक्षक ने उसे एक थप्पड़ मार दिया था। शिक्षक के बयान के विपरीत बच्चे को तीन-चार थप्पड़ मारने की बात दूसरे पक्ष ने कही है। बीईओ ने बताया कि जिस शिक्षक पर आरोप लगा है वह पंचायत शिक्षक है। उसके खिलाफ कार्रवाई का अधिकार जनपद पंचायत को है। जांच कर अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को प्रेषित कर दिया गया है। इधर परिजनों की शिकायत पर सीतापुर पुलिस ने शिक्षक तुलसी गुप्ता के खिलाफ धारा 323 आइपीसी तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
हिंद स्वराष्ट्र की खबर का असर न्यूज लगाने के बाद पुलिस विभाग के ट्रांसफर अधिकारी–कर्मचारियों को 24 घंटे में रवानगी का अल्टीमेटम
हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र सूरजपुर पुलिस विभाग के द्वारा 1/7/2022 को निकाले गए आदेश अमल ना होने की सूचना हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र को मिली थी साथ ही अपने पहचान और रशुखदारी का प्रयोग करते हुए काफी जादा संख्या में कांस्टेबल, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक आदि अपने पूर्व पदस्थापना में बने हुए थे की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, जिसपर जिले के कप्तान के द्वारा संज्ञान लेते हुए अपने निर्णय का 24 घंटे के अंदर पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस कप्तान के आदेश के बाद अब सभी थाना एवं चौकियों से उन सभी अधिकारी कर्मचारियों को जिनका ट्रांसफर हो चुका है उन्हे 24 घंटे के अंदर रवानगी जारी की जाएगी,तथा उन्हें शीघ्र ही अपनी नवीन पदस्थापना में उपस्थिति भी दर्ज कराई जाएगी।
कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह को आया हार्ट अटैक, रायपुर के निजी अस्पताल में किए गए भर्ती…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह को को हार्ट अटैक आया है। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए रायपुर के मोवा स्थित श्री बालाजी अस्पताल में भर्ती किया गया हैं। जहां उनका इलाज किया जा रहा हैं। बृहस्पति सिंह रामानुजगंज के नेता है। उल्लेखनीय है कि, बृहस्पति सिंह को कल दिल का दौरा आया था, इसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए बलरामपुर के शासकीय अस्पताल में ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आज रायपुर लाया गया हैं। डॉ ने बताया कि फिल्हाल उन्हें एंजियोप्लास्टि की जरूरत नहीं है और वे अभी स्टेबल है उनका लगातार चेकअप किया जा रहा है।
आकस्मिक निरीक्षण में अनुपस्थित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा के निर्देशानुसार एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री विनोद कुमार राय के मार्गदर्शन में 13 जुलाई 2022 को जिला के समस्त विकासखण्ड अंतर्गत संचालित स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण संकुल शैक्षिक समन्वयक द्वारा किया गया। आज निरीक्षण के समय 08 शिक्षक श्री देव शरण सिंह सहायक शिक्षक (एल.बी.) प्राथमिक शाला मोहरसोप, श्री जागर सिंह शिक्षक (एल.बी.) माध्यमिक शाला गंगोटी, श्री अनिल गुप्ता सहायक शिक्षक (एल.बी.) प्राथमिक शाला राजकिशोर नगर, श्री संतोष कुमार सिंह, सहायक शिक्षक (एल.बी.) प्राथमिक शाला शायरबहार, श्री देव प्रसाद यादव शिक्षक (एल.बी.) माध्यमिक शाला ब्रमपुर, श्री बिरबल पैकरा, शिक्षक (एल.बी.) माध्यमिक शाला बैकोना, श्री रूपेश कुवंर, सहायक शिक्षक (एल.बी.) प्राथमिक शाला कोटेया तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शा०क०उ०मा०वि० विश्रामपुर का निरीक्षण किया गया जिसमें व्याख्याता श्रीमती पुनम मंडल, अनुपस्थित पायी गई। अनुपस्थित पाये गये शिक्षकों को कारण बताओ पत्र जारी करते हुऐ जवाब मांगा गया है। जवाब संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर विभाग द्वारा शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
पंचायत सचिव दिनेश जायसवाल निलंबित अन्य 2 सचिव के 2 वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिला स्तरीय गठित जांच समिति द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के अनुसार जनपद पंचायत सूरजपुर के ग्राम पंचायत दतिमा के तत्कालीन पंचायत सचिव दिनेश जायसवाल वर्तमान पदस्थ ग्राम पंचायत संबलपुर, जनपद पंचायत सूरजपुर द्वारा ग्राम पंचायत दतिमा में शौचालय निर्माण की राशि 377500 रू. मिक्चर मशीन का देय राशि 2500 एवं मनरेगा मजदूरी राशि 10440 रू. इस प्रकार कुल राशि 381044 रू. का वित्तीय अनियमितता का होना पाया गया है। दिनेश जायसवाल, तत्कालीन पंचायत सचिव ग्राम पंचायत दतिमा का उपरोक्त कृत्य कार्य के प्रति उनकी घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है, जो छ.ग. पंचायत सेवा आचरण नियम तीन 1,2,3 एवं छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव की शक्तियां तथा कृत्य नियम, 1999 के नियम 3,4,5, एवं 6 के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में आता है।
दिनेश जायसवाल, तत्कालीन पंचायत सचिव ग्राम पंचायत दतिमा, वर्तमान पदस्थ ग्राम पंचायत संबलपुर, जनपद पंचायत सूरजपुर को उनके द्वारा किये गए उपरोक्त कृत्य के लिये छ.ग. पंचायत सेवा अनुशासन तथा अपील नियम 1999 के नियम 4 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है, निलंबन अवधि में दिनेश जायसवाल को जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी तथा निलंबित अवधि में मुख्यालय कार्यालय जिला पंचायत सूरजपुर छ.ग. नियत किया जाता है।
उक्त कार्याे के व्यय राशि में दोषी पंचायत सचिव पुनित सिंह, राजकुमार देवांगन का घोर वित्तीय अनियमितता पाये जाने पर दो वर्ष तक दो वेतनवृद्वि में रोक लगाने आदेश जारी किया गया है तथा दोषी कर्मचारी रोजगार सहायक धनसाय चौधरी, ग्राम पंचायत मेट असफाक एवं तकनीकी सहायक विकास राव के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किये गये हैं।
कार्य में अनियमितता बरतने पर लैब सुपरवाईजर की सेवा समाप्त…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएस सिंह ने टी.बी. विभाग में कार्यरत सीनियर ट्रीटमेंट लैब सुपरवाईजर प्रदीप खलखो की सेवा समाप्ती का आदेश जारी किया है। डॉ. सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अन्तर्गत राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में कार्यरत सीनियर ट्रीटमेन्ट लैब सुपरवाईजर द्वारा लगातार कार्य में घोर लापरवाही एवं अनिमियतता बरती जा रही थी, साथ ही लक्ष्य के अनुरूप इनका प्रदर्शन भी काफी निराशाजनक रहा है। कार्य में सुधार हेतु कई बार इनको नोटिस देने के बाद भी इनके द्वारा कार्य में कोई प्रगति नहीं दिखाया गया और लगातार उच्च अधिकारीयों के आदेश की अवहेलना की गयी। अतः वार्षिक कार्य मूल्यांकन वर्ष 2021-22 व अभिमत अधिकारी के अभिमत के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छ.ग. के मानव संसाधन नीति 2018 के कण्डिका 34.4 के आधार पर 11 जुलाई 2022 को सेवा से बर्खास्त किया गया है।
गुपचुप तरीके से चल रहा अवैध पशु तस्करी का खेल, बहु चर्चित है मुख्य तस्कर का नाम
हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र सरगुजा संभाग में आए दिन कहीं ना कहीं पशु तस्करी की वारदात की जानकारी मिलती रहती है,अवैध पशु तस्करी का मामला कोई नया नही है पर इस पर रोक पूर्णतः नही लग पा रही है,नाम ना छापने की शर्त में एक व्यक्ति ने चल रहे इस अवैध पशु तस्करी की पोल खोल कर रख दी है,सरगुजा संभाग के कई जगहों से रोजाना कई गाड़ियां अवैध तरीके से बॉर्डर पार जाने की सूचना मिल रही है।
सीतापुर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे पेट, टोक्कोपारा, कसईशिरमा साथ ही दूसरे क्षेत्र मैनपाट के कुछ इलाकों में तथा उदयपुर लखनपुर आदि क्षेत्रों से आए दिन तस्करी चल रही है तस्करों के इतने हौसले बुलंद है पुलिस और गौ रक्षकों के होते हुए भी ये बड़ी आसानी से इन क्षेत्रों से अवैध तस्करी कर रहे हैं।
सूत्र ने बताया सादिक है मुख्य तस्कर
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सादिक नाम का एक तस्कर है जो सभी गौ तस्करों का मास्टरमाइंड है जो छोटे बड़े दलालों से खरीदी करके इन क्षेत्रों से अपना माल लटोरी,जूर,भैयाथन,रामकोला,चंदौरा के रास्ते वाड्रफनगर के रास्ते बॉर्डर पार करता है । इस तस्कर के हौसले इतने बुलंद है की इसके पास ना तो पशु व्यापार का लाइसेंस है और ना ही कोई सरकारी आदेश बाबजूद इसके यह तस्कर आए दिन किसी ना किसी मार्ग से गौ से भरे अपने ट्रैक या कंटेनर पार करके उन्हे बॉर्डर करा रहा है ।
कुछ दिनों पहले श्रीनगर में पकड़ाया था तस्करों का ट्रैक
आए दिन कहीं ना कहीं अवैध तस्करी होते रहती है लेकिन पता तब चलता है जब कोई अवैध तस्करी कर रही गाड़ी पकड़ी जाती है,श्रीनगर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने एक ट्रैक को अवैध तस्करी करते हुए पकड़ा जिसमे भरी मात्रा में मवेशी भरे हुए थे साथ ट्रैक ड्राइवर और खलाशी को गिरफ्तार करके उन्हे जेल भेजा गया था पर ट्रैक को आगे के रास्ते की जानकारी दे रहा एक स्कार्पियो पुलिस के हांथ से बच निकला था ।
मुखबिरों से मिलती है तस्करों को रास्ते की जानकारी
तस्करों का तस्करी का तरीका काफी सटीक होता है अपने ट्रकों को रास्ते की जानकारी देने के लिए ट्रक से 100 200 मीटर या एक किलोमीटर के दायरे में गाड़ी होती है जो किसी भी खतरे की स्थिति में ट्रक आगाह करता साथ ही जगह जगह पर इन तस्करों के मुखबिर भी होते हैं जो हर पल की सूचना अपने आका तक पहुंचते रहते हैं ।
कैसे हो रही गुपचुप तरीके से इतने बड़े स्तर में गौ तस्करी..?
सोचने की बात है की आखिर इतने बड़े स्तर पे गौ तस्करी हो रही है और सूत्रों से एक नाम सादिक का उजागर हो रहा बाबजूद इसके हौसले इतने बुलंद कैसे हैं,यह घटना आस्था पर एक चोट है क्योंकि एक बहुत बड़ा वर्ग गाय को माता का दर्जा देकर उनकी पूजा करता है।
सुरजपुर पुलिस विभाग में गुपचुप तरीके से हुई ट्रांसफर,किसी को कानो कान नही हुई खबर,जब नही भेजना था नए पदस्थापना पर तो क्यों जारी किया गया आदेश
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर विगत 1/7/2022 को सूरजपुर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर के द्वारा एक लिखित आदेश जारी करके विभिन्न थानों और चौकियों में पदस्थ पुलिस कांस्टेबल,प्रधान आरक्षक,सहायक उपनिरीक्षक आदि के तबादले के आदेश दिए गए थे,इस आदेश के मिलते ही कुछ लोग अपने परिवर्तित पदस्थापना में पदभार ग्रहण कर लेते हैं लेकिन लेकिन आज प्रयंत तक कई ऐसे पुलिस अधिकारी कर्मचारी हैं जो अबतक उन्ही जगहों पर अपने रशुखदारी का उपयोग करते हुए जमे हुए हैं।
क्या पुलिस अधीक्षक के आदेश से बड़ा है इन रशुखदारों का प्रभाव..?
सुरजपुर जिले के एसपी श्री रामकृष्ण साहू के द्वारा एक आदेश के द्वारा कुछ लोगों नवीन पदस्थापना दिया गया था जिसमे जिन अधिकारियों का कोई पहुंच नही था वो सभी अपनी नवीन पदस्थापना ग्रहण कर चुके हैं और जो पहुंच वाले अधिकारी,कर्मचारी हैं वो अपनी अपने पूर्व पद स्थापना में पैर जमाय बैठे हैं।
क्या थाना प्रभारी की नही है कोई जिम्मेदारी…?
यदि ट्रांसफर के बाद कोई अपने नवीन पदस्थापना में पदभार ग्रहण नही करता है तो क्या इसपर थाना प्रभारी की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती है..? क्या थाना प्रभारी का यह कर्तव्य नही है की वो अपने जिले के कप्तान के आदेश का पालन करें..? क्या यह आदेश की अवहेलना नही है..?
क्या यह कर्तव्य विमुखता नही है..?
इन सारी बातों को माने तो यह एक अपराध की श्रेणी में होना चाहिए बाबजूद इसके भारी संख्या में कांस्टेबल और अधिकारी अपने पूर्व पदस्थापना में तैनात होकर अपने कर्तव्यपराण होने के सबूत दे रहे हैं।
आखिर इस प्रकार से कर्तव्य विमुखता करने वाले पुलिस वालों पर क्या कोई कार्यवाही होगी या नहीं या फिर आदेश के अनुसार उन्हें नवीन पदस्थापना में भेजा जाएगा या वो सभी अपने पहचान का परिचय देकर पूर्व थानों चौकियों में रुके रहेंगे यह देखने की बात है
प्रतीक्षा की घडियां खत्म.. अंबिकापुर से ट्रेन कल चलेगी दिल्ली…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : लंबी प्रतीक्षा के बाद मोदी सरकार कल अंबिकापुर से दिल्ली ट्रेन चलाकर सरगुजा अंचलवासियों का सपना पूरा करने जा रही है.. कल प्रात: 9 बजे केन्द्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव व केन्द्रीय राज्य मंत्री श्रीमति रेणुका सिंह अंबिकापुर से दिल्ली की ट्रेन को अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन से हरी झंडी दिखाऐंगे.. कल चलने वाली ट्रेन जिसका नंबर 00864 है एसईसीआर बिलासपुर जोन से चलने वाली ट्रेन होगी जो दिल्ली पहुंचेगी तत्पश्चात एनआर जोन से संचालित पूर्ण वातानुकूलित ट्रेन जिसका नंबर 04044 है मंगलवार को अपने निर्धारित समय रात्रि 11.30 बजे निजामुद्दीन स्टेशन से अंबिकापुर के लिए रवाना होगी जो अगले दिन बुधवार को सायं 7.30 बजे पहुंचेगी.. गुरूवार को प्रात: 7.15 में फिर ट्रेन नंबर 04043 अंबिकापुर से दिल्ली निजामुद्दीन के लिए रवाना होगी तथा दूसरे दिन शुक्रवार को प्रात: 4.35 बजे दिल्ली पहुंचेगी.. रेल्वे ने यात्रा के लिए किराये का निर्धारण भी कर दिया है..
स्लीपर- 715 रू
एसी 3- 1840 रू
एसी 2- 2520 रू
एसी 1- 3965 रू
अंबिकापुर रेल्वे स्टेशन कल इतिहास रचने के लिए सजधज कर तैयार हैै..
पुलिस महकमे में भारी फेरबदल: SP और ASP समेत 44 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : पुलिस महकमे में भारी फेरबदल किया गया है। कई जिलों के एसपी, एएसपी समेत 44 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है। देखे आदेश…




6 महीनो बाद आई जांच रिपोर्ट लेकिन फिर भी नहीं हो रही कार्यवाही, क्या वन विभाग के अधिकारियों के पास जांच रिपोर्ट तक पढ़ने का समय नहीं..?
हिंद स्वराष्ट्र प्रतापपुर आज से 6 महीने पहले एक हथनी की मौत बिजली की तारों में चिकपने के कारण होती है,मीडिया की दखल के बाद 6 महीनो के गहन जांच के बाद जांच अधिकारी के द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपी गई लेकिन अबतक किसी को इस रिपोर्ट की सुध लेना का फुरशत नही है।आखिर इतने दिनो तक जांच रिपोर्ट देने के बाद भी आजतक वन विभाग के उच्च अधिकारी आखिर क्यो कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं,क्या वन विभाग की कोई मिली भगत है या वो इस मामले को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं आखिर ऐसी क्या बात है जो एक हथनी को वन विभाग इंसाफ नहीं दिला पा रहा है।
आम आदमी का मामला होता तो हो चुकी होती कार्यवाही
यह मामला एक सरकारी विभाग और दूसरे सरकारी विभाग का है इस लिए इस मामले में इतनी शांति है नही तो वन विभाग आम आदमी को पकड़कर फोटो खींचकर अपनी वाह वाही करा चुका होता। अब इंसाफ के मायने भी शायद अलग अलग हैं क्योंकि जिनके पास पैसा है उनके लिए यह सुविधा मिलेगी।
रेंजर की मौन सहमति या कर रहे हैं बहाना..?
इस मामले में रेंजर साहब काम का बहाना बता कर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं लेकिन रेंजर साहब को हथनी की मौत के मामले इंसाफ का जिम्मा भी मिला है क्योंकि मामला उनके रेंज का है,बाबजूद इसके वो दूसरे काम कर रहे हैं और हथनी वाले में को आजतक जांच रिपोर्ट तक नहीं पढ़ पाए है तो ऐसे में सवाल उठता है की क्या ऐसे अधिकारियों के भरोसे मिलेगा हथनी को इंसाफ या मौन सहमति देकर दबा दिया जाएगा मामला।