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ट्रायबल विभाग में 45 फर्जी टेंडर का भांडा फूटा, 2 अफसर को जेल और बाबू फरार…

हिंद स्वराष्ट्र दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा के आदिवासी विकास विभाग में फर्जी टेंडर कांड फूटा है। मामले में दो पूर्व सहायक आयुक्तों की जगदलपुर और रायपुर से गिरफ्तारी हुई। उन्हें कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया है। दंतेवाड़ा पुलिस के मुताबिक मामले में जिला प्रशासन ने मौजूदा सहायक आयुक्त से एक एफआईआर करवाई। इसके बाद अफसरों पर कार्रवाई हुई है।
मामले में एक बाबू अब भी फरार बताया जा रहा है। जिन दो पूर्व सहायक आयुक्तों को जेल भेजा गया है। उनमें पूर्व सहायक आयुक्त डॉ. आनंदजी सिंह और रिटायर्ड सहायक आयुक्त केएस मसराम शामिल हैं। फरार चल रहे विभाग के बाबू राजू कुमार नाग की तलाश जारी है। इन तीनों पर 45 फर्जी टेंडर निकालने का आरोप है।
जिला प्रशाशन की प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि कि 9 करोड़ के 6 टेंडर ऐसे थे जिनके लिए कोई टेंडर प्रसारित नहीं किया गया। निविदा अखबारों में छपवाए बगैर काम चहेतों को सौंपकर करोड़ों का खेल खेला गया। गड़बड़ी की शिकायत के बाद दंतेवाड़ा के कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जांच करवाई।

दोनों अफसर हुए गिरफ्तार
जांच में पता चला कि साल 2021 से लेकर अब तक 45 टेंडर फर्जी और गोपनीय तरीके से अधिकारियों ने ठेकेदार से सांठगांठ कर लगाए गए। आदिवासी विकास विभाग और जनजाति विकास विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आने के बाद वर्तमान आदिवासी विभाग के सहायक आयुक्त राजू कुमार नाग ने दंतेवाड़ा सिटी कोतवाली थाना में लिखित आवेदन दिया।
इस आवेदन के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। अफसरों और बाबू पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत शिकायत के बाद धारा 318(4), 338, 336(3) 340(2),और 61(2) के तहत गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर लिया।

रेप केस और एसीबी की जांच में भी घिरे

इस मामले में जेल भेजे गए आनंदजी सिंह लंबे वक्त से विवादों में है। अभी वे रायपुर में पोस्टेड हैं। बता दें कि पूर्व सहायक डॉ आनंदजी सिंह के खिलाफ गीदम थाने में रेप का मामला दर्ज है। फिलहाल इस मामले में उन्हें कोर्ट से राहत मिली हुई है। वहीं इससे पहले उनके बीजापुर में रहते हुए उन पर एसीबी की जांच बैठी थी। रायपुर से पहुंची एसीबी की टीम ने उनके बीजापुर और जगदलपुर स्थित आवास पर छापा मारा था पर वे इससे पहले ही फरार हो गए थे।

मंत्री बन पहली बार अंबिकापुर पहुंचे राजेश अग्रवाल का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया शानदार स्वागत…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : संस्कृति, पर्यटन व धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल के प्रभार ग्रहण पश्चात प्रथम सरगुजा आगमन पर भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने शानदार तथा एतिहासिक स्वागत किया। स्थानीय सरगुजा बॉर्डर ग्राम तारा से शुरू हुआ स्वागत अभिनंदन का सिलसिला डांडगाँव, उदयपुर, नावापारा, लखनपुर, लहपतरा, मेंडराकला, भित्तीकला, बिलासपुर चौक, हनुमान मंदिर चौक, हॉस्पिटल चौक, अग्रसेन चौक, जय स्तंभ चौक, सदर रोड, महामाया चौक,  संगम चौक, देवीगंज रोड, विवेकानंद घड़ी चौक होते हुए भाजपा कार्यालय संकल्प भवन पहुंचकर समाप्त हुई। रास्ते भर भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने फूल माला, पटाखों तथा ढोल नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। कई स्थानों पर मंत्री राजेश अग्रवाल को लड्डुओं से तौला गया तथा ब्राम्हणों द्वारा स्वस्ति वाचन एवं कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया के नेतृत्व तथा विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, युवा आयोग अध्यक्ष विश्वविजय तोमर, पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष ललन प्रताप सिंह, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह तथा वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल सिंह मेजर की उपस्थिति में बीजेपी पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के हुजूम ने केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल का एतिहासिक स्वागत कर इसे अविस्मरणीय बना दिया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं के स्वागत से अभिभूत हुए केबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं का कोटि कोटि धन्यवाद करते हुए कहा कि यह उपलब्धि सरगुजा की आम जनता और कार्यकर्ताओं को समर्पित है। आपके आशीर्वाद से ही मैं विधायक बना और अब आपके आशीर्वाद से ही मुझे मंत्री पद की महत्वपूर्ण जवाबदारी मिली है। मैं आम जनता की भलाई के लिए 24 घंटे काम करूंगा, आम जनता की सेवा ही मेरा संकल्प है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया ने मंत्री राजेश अग्रवाल को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भाजपा सरगुजा का यह स्वर्णिम काल है जहां एक सांसद, तीन विधायक, एक मंडल तथा एक आयोग के अध्यक्ष के बाद अब एक केबिनेट मंत्री भी सरगुजा से भाजपा ने दे दिया है। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की महत्वपूर्ण जवाबदारी अब हम पर है।
कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष अंबिकेश केशरी ने तथा आभार प्रदर्शन जिला उपाध्यक्ष विनोद हर्ष ने किया। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या ने गणमान्य जन भी उपस्थित थे।

“आदि कर्मयोगी अभियान” अंतर्गत जिला स्तर पर उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन 29 अगस्त को…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अनुसूचित जनजातियों के विकास और कल्याण के लिए भारत सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “आदि कर्मयोगी अभियान“ अंतर्गत जिला स्तर पर उन्मुखीकरण  कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत सभाकक्ष में 29 अगस्त 2025 को दोपहर 12 बजे किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त दिनांक 03 से 05 सितम्बर 2025 तक जिला स्तरीय प्रक्रिया प्रयोगशाला का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें विभागीय अभिसरण, उत्तरदायी शासन तथा योजनाओं की बेहतर क्रियान्वयन रणनीति पर प्रशिक्षण एवं चर्चा की जाएगी। साथ ही ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर अभियान की जानकारी व्यापक स्तर पर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था। इसी क्रम में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 10 जुलाई 2025 को “आदि कर्मयोगी अभियान“ की शुरुआत की गई है। यह अभियान विश्व का सबसे बड़ा जनजातीय नेतृत्व आंदोलन बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य बहुविभागीय समन्वय, सामुदायिक भागीदारी एवं कैडर आधारित मॉडल के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में उत्तरदायी शासन एवं योजनाओं की प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। इस अभियान के माध्यम से अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच और आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी। अधिकारीगण एवं आमंत्रित जनों से इस महत्वपूर्ण उन्मुखीकरण कार्यक्रम में सहभागी बनने का जिला प्रशासन द्वारा निवेदन किया गया है।

बस और वैन के बीच टक्कर हादसे में एक महिला की मौत, दो अन्य घायल….

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया इस भीषण हादसे एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई वही दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। दरअसल हादसा तब हुआ जब बस ने ओमनी वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और वैन में सवार दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई। यह मामला ओड़गी थाना क्षेत्र का है।

मिली जानकारी के अनुसार घटना भैयाथान मुख्य मार्ग पर कालामांजन के पास हुई। जहां तेज रफ्तार बस ने ओमनी वैन को जोड़दार टक्कर मार दी, जिससे वैन पलट गई और वैन सवार लोगों को गंभीर चोटें आई। इस घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने घायल महिलाओं को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़गी में भर्ती कराया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना पर मौके में पहुंची पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर लिया हैं।

गणेश चतुर्थी एवं ईद मिलाद-उन-नबी तत्यौहारों के मद्देनजर प्रशासन ने जरिए किए दिशा निर्देश

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर कलेक्टर सरगुजा ने आगामी त्यौहारों के मद्देनजर शांति एवं सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गणेश चतुर्थी से लेकर गणेश विसर्जन तक होने वाले धार्मिक आयोजन तथा दिनांक 5 सितम्बर 2025 को मुस्लिम समुदाय द्वारा मनाए जाने वाले ईद मिलाद-उन-नबी पर्व के दौरान जिले में भीड़-भाड़ की संभावना को देखते हुए यह आदेश लागू किए गए हैं।

पंडाल व्यवस्था पर कड़े नियम
सड़कों पर पंडाल लगाकर मार्ग अवरुद्ध नहीं किए जाएंगे। विशेष रूप से विद्यालयों, अस्पतालों और आपात सेवा मार्गों पर ध्यान रखा जाएगा। आयोजन समितियों को यातायात, पुलिस एवं नगर निगम से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। पंडाल में सीसीटीवी कैमरे, वालंटियर्स की व्यवस्था और डस्टबिन रखना आवश्यक होगा। भंडारा के दौरान प्लास्टिक सामग्री का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

मूर्ति स्थापना एवं पर्यावरण संरक्षण
केवल मिट्टी से निर्मित मूर्तियों की स्थापना की अनुमति दी गई है। केमिकल युक्त रंग और प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियों पर रोक लगाई गई है। मुख्य पंडाल के बाहर मूर्ति रखने की अनुमति नहीं होगी।

ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग
सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही अनुमति होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि स्तर 45 से 70 डीबी की सीमा में रखना होगा तथा साउंड लिमिटर का उपयोग अनिवार्य है। अश्लील या धार्मिक उन्माद फैलाने वाले गीतों पर प्रतिबंध रहेगा।

मूर्ति विसर्जन के दिशा-निर्देश
विसर्जन केवल निर्धारित तिथि, स्थल और मार्ग के अनुसार किया जाएगा। विसर्जन के दौरान सड़कों पर मंच बनाने की अनुमति नहीं होगी। घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, गोताखोर, जेसीबी और क्रेन की व्यवस्था निगम द्वारा की जाएगी।

शांति व्यवस्था की जिम्मेदारी
जिले के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक आयोजित कर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेंगे। पुलिस विभाग को पर्याप्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहारों को सौहार्द्र और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और प्रशासन को सहयोग दें।

ट्रेंडिंग APK फ्रॉड से सतर्क रहने सरगुजा पुलिस ने जारी की चेतावनी

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर डिजिटल दुनिया ने जहाँ हमारे काम को आसान बना दिया है, वहीं साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। नकली मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से लोगों को ठगा जा रहा है और उनकी निजी एवं बैंकिंग जानकारी चोरी की जा रही है।सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। हाल के दिनों में साइबर अपराधी लोकप्रिय मोबाइल एप्लिकेशन के नकली “APK“ फाइल्स के जरिए लोगों के मोबाइल फोन में वायरस और मालवेयर इंस्टॉल कर बैंकिंग डिटेल्स,UPI पिन और व्यक्तिगत जानकारी चुरा रहे हैं। इससे कई लोगों के बैंक खातों को खाली किया जा रहा है।

पुलिस द्वारा चिन्हित 7 प्रमुख फ्रॉड ऐप                       1.Gas Connection APK Fraud – नकली गैस कनेक्शन ऐप के जरिए पैसे की ठगी।                        2.Online Car Rental APK Fraud – कार बुकिंग के नाम पर एडवांस पेमेंट लेकर ठगी।                                 3. E-SIM Activation APK Fraud – नकली ऐप से ई-सिम एक्टिवेशन के जरिए मोबाइल डेटा एक्सेस। 4.Hospital Appointment APK Fraud – अस्पताल अपॉइंटमेंट के नाम पर डेटा चोरी और पेमेंट फ्रॉड।    5. Banking APK Fraud – बैंकिंग सर्विसेज के नाम पर बने APK से UPI/नेट बैंकिंग की जानकारी चोरी। 6.Wedding Invitation APK Fraud – शादी का निमंत्रण बताकर भेजे गए APK से मोबाइल हैक।      7.Traffic Challan/Vahan Parivahan APK Fraud – फर्जी चालान ऐप्स से भुगतान के नाम पर ठगी।


पुलिस के बचाव उपाय
किसी भी अज्ञात लिंक, व्हाट्सएप या ईमेल से ऐप डाउनलोड न करें। केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL को ध्यान से जांचें। बैंकिंग, गैस, कार रेंटल, अस्पताल या सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्य के लिए केवल ऑफिशियल वेबसाइट या ऐप का उपयोग करें। मोबाइल में एंटीवायरस और सिक्योरिटी अपडेट हमेशा सक्रिय रखें।


ठगी होने पर कहां शिकायत करें?“
ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या   www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

आदिवासी किसानों से लाठी डंडे और टंगिया से हमला मामले में नौ आरोपी गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : बलरामपुर जिले के सनावल थाना क्षेत्र के तालकेश्वरपुर गांव में लाठी-डंडे और टांगी से आदिवासी ग्रामीण पर हमला मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दरअसल हमलावरों द्वारा खेत जोत रहे ग्रामीणों के साथ मारपीट, गाली गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस ने यूपी से 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसमें फरार आरोपियों को भगाने में मदद करने वाले आरोपी भी शामिल हैं।

दरअसल घटना 11 अगस्त 2025 की सुबह 9 बजे की है। जब पीड़ित रामसाय गोड़ अपने खेत में बैलों से जोताई कर रहे थे। तभी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से आए रामलखन गुप्ता, श्यामबिहारी गुप्ता समेत अन्य लोग लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा- ‘यह जमीन हमारी है, तुम यहां से भागो वरना मार डालेंगे।’ विरोध करने पर हमलावरों ने रामसाय और उनके साथियों पर लाठियां बरसाईं, गालियां दीं और हत्या की नीयत से वार किए। पीड़ितों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई।

मामले में रामसाय गोड़ की शिकायत पर सनावल थाने में BNSS की 191(2), 191(3), 190, 296, 351(2), 115(2), 109(1) और SC/ST एक्ट की 3(1)(द), (ध), (छ), 3(2-5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। अपराध दर्ज कर पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू की गई। गवाहों के बयान और विवेचना में पता चला कि हमलावर फरार हो गए थे, लेकिन कुछ ने साथियों को भगाने में मदद की। इस क्रम में 22 अगस्त को चार आरोपी- रामलखन गुप्ता, श्यामबिहारी गुप्ता, लक्ष्मीनारायण गुप्ता और विकास नंद गुप्ता को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन्होंने फरार साथियों से फोन पर बात की और पैसे ट्रांसफर कर भगाने में सहयोग किया। अगले दिन 23 अगस्त को बाकी पांच आरोपी- सुनील गुप्ता, अंकित कुमार गुप्ता, अरविंद गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता और रामनारायण गुप्ता को यूपी के सागोबांध गांव से घेराबंदी कर पकड़ा। आरोपियों ने कबूला कि वे जमीन विवाद में आदिवासियों को पीटकर भागे थे। पुलिस ने सुनील गुप्ता से घटना में इस्तेमाल डंडा और मोबाइल जब्त किया। सभी 9 आरोपी सोनभद्र जिले के निवासी हैं। मामले की जांच जारी है, फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही हैं।

प्राचार्य के विरुद्ध यौन उत्पीड़न के 2 केस दर्ज, एक ओर निलंबन की प्रक्रिया हुई तेज दूसरी और कोर्ट ने दे दी जमानत…

हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : जिले के एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य के ऊपर स्कूल की व्याख्याता और एक अन्य महिला कर्मी ने  छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्यवाही करते हुए आरोपी प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया और शिक्षा विभाग ने प्राचार्य को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने इस गंभीर मामले में प्राचार्य को जमानत दे दी हैं।

दरअसल यह पूरा मामला जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिमड़ा का हैं जहां के प्राचार्य सुधीर बरला पर महिला व्याख्याता और महिला कर्मचारी ने गंभीर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। महिला व्याख्याता व महिला कर्मचारी ने प्राचार्य पर यौन उत्पीड़न की अलग-अलग शिकायत की है जिसपर पुलिस ने आरोपी प्राचार्य के विरुद्ध दो FIR दर्ज की हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य को निलंबित किया जा रहा है। विभागीय कार्रवाई के लिए संभागीय आयुक्त को पत्र भेजा गया हैं। विभाग की तरफ से प्राचार्य के निलंबन का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। 
मिली जानकारी के अनुसार थाने में दर्ज शिकायत में बताया गया कि प्राचार्य लंबे समय से फोन पर अश्लील बातें करता था और स्कूल परिसर में भी छेड़छाड़ करता रहा। महिला व्याख्याता ने आरोप लगाया कि प्राचार्य ने उनसे अशोभनीय बातें की और छेड़छाड़ का प्रयास किया। प्राचार्य द्वारा महिला शिक्षकों को किसे किस करूं किसे विस करूं, आई लव यू समेत कई आपत्तिजनक बातें की जाती थी। पूर्व में भी इसकी शिकायत की गई थी, लेकिन प्राचार्य की हरकतों में सुधार न आने पर थाने में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। बताया जा रहा है कि 15 अगस्त के दिन भी महिला कर्मचारी के साथ प्राचार्य ने छेड़खानी की थी। जब महिला कर्मचारी ने इसका विरोध किया, तो प्राचार्य वहां से चले गए। बाद में ग्रामीणों ने पंचायत बुलाई, जिसके बाद शिकायत थाने में की गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी प्राचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न की धाराओं में दो मामले दर्ज किए।  इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे जमानत दे दी गई है। एक साथ दो-दो FIR होने के बावजूद आरोपी प्राचार्य को जमानत मिल जाने से सभी आश्चर्य हो गए और इस फैसले से लोगों में काफी असंतोष हैं।

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025, के अंतर्गत सरगुजा में बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग, सरगुजा और महिला सशक्तिकरण केंद्र (मिशन शक्ति हब) के संयुक्त तत्वावधान में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, लखनपुर में किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन जिला कलेक्टर विलास भोसकर के निर्देशन, जिला कार्यक्रम अधिकारी जगदेव राम प्रधान एवं जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी बसंत मिंज के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों का आयोजन हुआ।
इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित निबंध एवं रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभागियों को पदक देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लैंगिक समानता, मासिक स्वच्छता, बाल विवाह, महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड लाइन 1098, सखी वन स्टॉप सेंटर, वित्तीय साक्षरता एवं साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही नशामुक्त सरगुजा बनाने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति हब की जेंडर विशेषज्ञ नीलमणि एक्का, वित्तीय साक्षरता समन्वयक नेहा सिंह, साइबर सुरक्षा सेल से विक्की गुप्ता और श्रुति तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय के प्राचार्य शशिधर पांडे, शिक्षकगण एवं छात्राओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा महतारी सदन – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : प्रदेश की महिलाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान से प्रेरित होकर छत्तीसगढ़ में महिलाओं को संगठित करने एवं उनके सशक्तिकरण के लिए महतारी सदन का निर्माण कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत में महतारी सदन बनाया जाएगा। इसी कड़ी में मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के खड़गवां ब्लॉक के ग्राम पंचायत दुग्गी, कटकोना और ठग्गांव में महिलाओं की सुविधा हेतु महतारी सदन के निर्माण के लिए 30-30 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि ग्राम भ्रमण के दौरान महिलाओं ने बार-बार बैठक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। उनकी इस मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महतारी सदन बनाने का निर्णय लिया।
अब तक 368 महतारी सदन की स्वीकृति दी जा चुकी है और आने वाले 5 वर्षों में राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में महतारी सदन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने एक मानक डिज़ाइन और प्राक्कलन तैयार किया है, जिसके अनुसार प्रत्येक सदन पर लगभग 30 लाख रुपये की लागत आएगी।
महतारी सदन की सुविधाएँ
लगभग 2500 वर्ग फुट क्षेत्रफल में निर्माण
कमरा, हाल, बरामदा, किचन और स्टोररूम
पेयजल हेतु ट्यूबवेल और वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
महिलाओं की सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवाल
सामुदायिक शौचालय का निर्माण
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि न्यू इंडिया के ग्रोथ साइकल में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और महतारी सदन इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने प्रशासन की सख्ती, दुकानदारों को दी गई चेतावनी…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : जिला मुख्यालय बनने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए प्रशासन, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने आज शहरभर में अभियान चलाया।
शहर में आए दिन जाम की स्थिति बन रही थी, जिसका प्रमुख कारण दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के बाहर सामान रखकर अतिक्रमण करना था। इस समस्या को देखते हुए संयुक्त टीम ने मुख्य मार्गों पर भ्रमण कर दुकानदारों को समझाइश दी और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दुकान के बाहर सामान पाया गया तो उसे जप्त किया जाएगा।
इस कार्रवाई में मनेंद्रगढ़ एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी सुनील तिवारी तथा नगर पालिका की संयुक्त टीम शामिल रही।
प्रशासन का कहना है कि शहर में सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

बिजली विभाग की लापरवाही ने ली दो मासूमों की जान,, पुराने पोल हटाने के दौरान विद्युत की चपेट में आकर दो मजदूरों की मौत, एक की हालत गंभीर…

हिंद स्वराष्ट्र भैयाथान मुकेश गुप्ता : जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र के ग्राम केवरा में शुक्रवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। मकान निर्माण के दौरान पुराने बिजली पोल को हटाते समय करंट की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मकान मालिक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हुआ, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया है।

हादसा कैसे हुआ

जानकारी के अनुसार विपिन चंद जायसवाल के घर पर निर्माण कार्य चल रहा था। काम के दौरान पुराने बिजली पोल को जीआई तार से बांधकर हटाया जा रहा था। इसी बीच पास के खंभे से जुड़ी सर्विस लाइन का तार जीआई तार से टकरा गया। अचानक करंट फैल गया और तीन लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसा उस समय हुआ जब बिजली विभाग ने पुराने पोल को समय रहते नहीं हटाया और सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे।

दो मजदूरों की मौत, मकान मालिक गंभीर

करंट लगने से मजदूर राम प्रसाद विश्वकर्मा और कल्लू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मकान मालिक विपिन चंद जायसवाल गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भैयाथान ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों मजदूरों को मृत घोषित कर दिया। विपिन की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

परिजनों का मातम, गांव में सन्नाटा

जैसे ही हादसे की खबर फैली, मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिवारों को देख हर कोई गमगीन हो गया। पूरे गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बिजली विभाग समय पर कार्रवाई करता तो यह हादसा टाला जा सकता था।

बिजली विभाग की लापरवाही पर सवाल

जिले में डीआरएसएस योजना के तहत पुराने पोल और तारों को हटाकर केबलिंग का काम चल रहा है। लेकिन केवरा गांव में पुराने पोल को अधूरा छोड़ दिया गया था। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी ने दो मजदूरों की जान ले ली। हादसे के बाद विभाग ने बिजली आपूर्ति बंद की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

ग्रामीणों की मांग – मुआवजा और कार्रवाई

हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। उन्होंने प्रशासन से मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही से आए दिन हादसे हो रहे हैं और सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक जान की कीमत चुकानी पड़ेगी।

यह हादसा स्पष्ट संदेश देता है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी का अंजाम कितना भयावह हो सकता है। प्रशासन और बिजली विभाग को तत्काल कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों।

मनेंद्रगढ़ वन मंडल में हाथियों का तांडव, बुजुर्ग की कुचलकर उतारा मौत के घाट…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : जिले के केल्हारी वनपरिक्षेत्र के कछौड़ ग्राम में हाथियों का तांडव देखने को मिला, जहां बीती रात हाथियों के झुंड ने एक बुजुर्ग को कुचल डाला। घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड बीती रात गांव के पास पहुंचा और इस दौरान एक बुजुर्ग उनकी चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की गतिविधियों की पूर्व सूचना विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद न तो अमला अलर्ट रहा और न ही गांव में मुनादी कराई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते एक निर्दोष बुजुर्ग को अपनी जान गंवानी पड़ी। उन्होंने मांग की है कि हाथियों की आवाजाही पर रोक लगाने, प्रभावित गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।
सूत्रों के मुताबिक, जिला वन मंडलाधिकारी मनीष कश्यप से न तो फोन पर संपर्क हो पा रहा है और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध होते हैं। मीडिया कर्मियों ने भी 20 अगस्त को उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
ग्रामीण अब प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि आगे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

25 उप निरीक्षकों को निरीक्षक के पद पर किया गया पदोन्नत, DGP अरुण गौतम ने जारी किए आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : DGP अरुण गौतम द्वारा राज्य भर के 25 उप निरीक्षकों को निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया हैं। इस संबंध में उनके द्वारा आदेश भी जारी कर दिया गया हैं। जारी आदेश में सरगुजा संभाग से केवल शिशिर कांत सिंह का नाम शामिल हैं।

देखें आदेश :

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025 के तहत स्कूल और कॉलेजों में हो रहे सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे प्रदेश में रजत महोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और पंचायत स्तर पर सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के तहत विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विविध प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें रंगोली, चित्रकला, पोस्टर पेंटिंग, निबंध लेखन, वाद-विवाद, भाषण एवं क्विज प्रतियोगिताएँ शामिल हैं। बच्चों ने राज्य के विकास, संस्कृति और उपलब्धियों पर आधारित चित्रों और विचारों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विद्यालयों और महाविद्यालयों के साथ-साथ विभिन्न संस्थानों में आयोजित लोकनृत्य, नाटक, गीत-संगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को उल्लासमय बना दिया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और नागरिकों ने इसमें सहभागिता की। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में बीते 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित किया जा रहा है।

जिले के विभिन्न विकासखण्डों और पंचायत स्तर तक आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। शासन का उद्देश्य है कि इस महोत्सव के माध्यम से प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और उज्जवल भविष्य की परिकल्पना को साझा किया गया।

तहसीलदार और एसडीएम पर लगे लेन–देन कर फैसला देने के आरोप, पीड़ित ने कलेक्टर और कमिश्नर से शिकायत कर मांगा न्याय…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : इन दिनों छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग काफी चर्चा का विषय बना हुआ है और आए दिन कोई ना कोई ऐसा मामला सामने आ ही जाता है जहां तहसीलदारों पर कई आरोप लग रहे हैं एक और जहां भैयाथान के तत्कालीन तहसीलदार संजय राठौर पर बैक डेट में नामांतरण का आरोप लगा हैं वहीं दूसरी ओर लटोरी के तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा बिना कलेक्टर परमिशन के ही जमीन रजिस्ट्री का कार्य करके बैठे हैं। ऐसा ही एक मामला सरगुजा जिले से निकल कर आया हैं जहां एसडीएम और तहसीलदार पर रिश्वत लेकर फैसला विपक्षी पार्टी के पक्ष में देने का आरोप लगा हैं। दरअसल सरगुजा जिले के लुण्ड्रा और धौरपुर एसडीएम जे. आर. शतरंज और रघुनाथपुर की तत्कालीन नायब तहसीलदार अंकिता तिवारी पर एक बुजुर्ग ने लेन देन कर विपक्षी पार्टी के पक्ष में आदेश देने का संज्ञीन आरोप लगाया है। बुजुर्ग ने मामले की शिकायत सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा और सरगुजा कलेक्टर विलास भोस्कर संदीपान से कर न्याय की मांग की हैं।

दरअसल ग्राम बटवाही रघुनाथपुर निवासी मो० युसुफ अंसारी के निजी पट्टे की जमीन रकबा 0.032 हे० लगभग 8 डिसमिल है, जिसका क्रय उनके द्वारा वर्ष 2014 में किया गया था। तब से सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन उनके नाम पर दर्ज है जिसकी ऋण पुस्तिका, रजिस्ट्री के पेपर से लेकर खसरा, b1, नक्शा सब कुछ उनके पास मौजूद है। उनकी जमीन के 0.004 हे. में लखन यादव तथा 0.007 हे. में शिवशंकर सिंह के द्वारा बाउण्ड्रीवाल निर्माण कर अवैध कब्जा किया गया था जिसका केस तहसील लुण्ड्रा व धौरपुर एसडीएम के यहां लगभग सात वर्षों से लंबित था। इसी बीच रघुनाथपुर की तत्कालीन नायब तहसीलदार अंकिता तिवारी द्वारा निरस्त कर दिया गया और जिसके बाद पीड़ित द्वारा इस मामले की अपील एसडीएम धौरपुर जे. आर . शतरंज से की गई। SDM द्वारा अनावेदकों लखन व शिवशंकर द्वारा इस जमीन की खरीदी लखन यादव द्वारा 20 हजार रुपए में और शिवशंकर सिंह द्वारा 4 हजार रुपए में किए जाने की बात लिखते हुए आवेदक की अपील को निरस्त कर दी गई। जबकि अनावेदको द्वारा जमीन की खरीदी के संबंध में कोई लिखित सबुत या रजिस्ट्री पेपर प्रस्तुत नहीं किए गए। पीड़ित का आरोप हैं कि लखन व शिवशंकर सिंह के पास इस जमीन की खरीदी संबंधी कोई सबूत या रजिस्ट्री पेपर नहीं है क्योंकि उनके द्वारा इस जमीन की खरीदी की ही नहीं गई है, बल्कि यह जमीन उनकी है और उनकी जमीन पर लखन और शिवशंकर द्वारा अवैध अतिक्रमण किया गया है। पीड़ित बुजुर्ग का आरोप हैं कि अनावेदकों द्वारा भूमि विक्रेता महावीर को गवाही दिलाते हुए यह बयान करवाया गया था कि उनके द्वारा पीड़ित को केवल 3 डिसमिल जमीन ही बिक्री किया गया था जबकि पिछले 11 वर्षों से यह जमीन पीड़ित के नाम पर ही दर्ज है लेकिन भूमि विक्रेता महावीर को इसकी जानकारी होने के बावजूद उनके द्वारा इसकी शिकायत अब तक कही नहीं कि गई हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि महावीर द्वारा पीड़ित को केवल 3 डिसमिल जमीन बेची गई थी तो 8 डिसमिल जमीन पर उनका नामांतरण होते वक्त उन्होंने ऑब्जेक्शन क्यों नहीं किया?? और इतने वर्षों तक वह चुप क्यों बैठे रहे..??

बहरहाल पीड़ित द्वारा मामले की शिकायत संभाग आयुक्त नरेंद्र दुग्गा और कलेक्टर विलास भोस्कर से की गई है।

राजेश अग्रवाल समेत 3 विधायक बने मंत्री, मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों के बीच विभागों का हुआ बंटवारा, देखें किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ में लंबे इंतजार के बाद आज बुधवार को विष्णुदेव साय की कैबिनेट का विस्तार किया गया हैं। पहली बार चुनाव जीते तीन नए विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल में तीन विधायकों राजेश अग्रवाल, गुरु खुशवंत और गजेंद्र यादव को शामिल किया गया हैं। साय मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद मंत्रियों में विभाग का बंटवारा कर दिया गया है। कई मंत्रियों के विभाग को भी बदला गया है। लखनलाल देवांगन को आबकारी विभाग का मंत्री बनाया गया है। इससे पहले यह विभाग सीएम विष्णुदेव साय के पास था।
मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ ही शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी गजेंद्र यादव को दी गयी है। वहीं गुरु खुशवंत को कौशल विकास, रोजगार और अनुसूचित जाति विभाग दिया गया है, जबकि राजेश अग्रवाल को प्रर्यटन और संस्कृति विभाग दिया गया है।

देखें किसे कौन सी जिम्मेदारी दी गई हैं :

लुण्ड्रा को मिला 10 करोड़ का विद्युत विस्तार, मुख्यमंत्री साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग को दी स्वीकृति…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जिले के लुण्ड्रा विकासखंड में लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी और लो वोल्टेज की गंभीर समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को बड़ी सौगात मिली है। विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्युत विस्तार कार्य हेतु 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति से अब ग्रामीण अंचलों में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज से राहत मिलेगी।
स्वीकृति अनुसार ककनी में 10 किलोमीटर तक 33 केवी लाइन एवं 9 किलोमीटर तक 11 केवी लाइन, तुरियाबीरा में 10 किलोमीटर तक 33 केवी और 7 किलोमीटर तक 11 केवी लाइन, वहीं कुंवरपुर पंचायत में 1 किलोमीटर 33 केवी तथा 21 किलोमीटर तक 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा।
विधायक मिंज ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र की जनता लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी झेल रही थी। क्षेत्र की समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता है और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
ग्रामीण जनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए विधायक प्रबोध मिंज के प्रति आभार जताया और कहा कि अब उनके गांवों में निर्बाध व गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

नशा मुक्ति अभियान के तहत सिरसी ग्राम पंचायत में कल आयोजित होगी एक विशेष कार्यक्रम…

हिंद स्वराष्ट्र भैयाथान मुकेश गुप्ता : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरसी में नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत कल विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान जिले के पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रशांत कुमार ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से नशा मुक्त जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एवं संदेश दिए जाएंगे।

बच्चों में जागरूकता बढ़ाने और खेल भावना को प्रोत्साहित करने के लिए क्रिकेट मैच का आयोजन भी किया जाएगा।

इस अवसर पर ग्रामवासी एवं जनप्रतिनिधियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करें और अपने प्रेरणादायी उद्बोधन से उन्हें मार्गदर्शन दें।

यह आयोजन सिरसी के विद्यार्थियों और समाज के लिए शिक्षा, जागरूकता और मनोरंजन – तीनों का एक महत्वपूर्ण संगम होगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप में किया शुभारंभ, 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमि पूजन…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : छत्तीसगढ़ राज्य के स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के गौरवशाली अवसर पर आज जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा तिलसिवां में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम की वर्चुअल रूप में कार्यक्रम की अध्यक्षता की। समारोह में विधायक भूलन सिंह मरावी , शकुंतला सिंह पोर्ते, वन विकास निगम अध्यक्ष राम सेवक पैकरा ने भी सभा को संबोधित किया और छत्तीसगढ़ की प्रगति यात्रा में वाजपेयी जी के योगदान को याद किया। इसके अलावा कार्यक्रम में सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा आईजी दीपक झा, कलेक्टर एस जयवर्धन, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले, जिला पंचायत अध्यक्ष चन्द्रमणि पैकरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष स्वाति सिंह एवं सरपंच बिमला सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं आम नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान सभा को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि आज यहां छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रजत जयंती वर्ष मना रहा है, जो फरवरी 2025 तक जारी रहेगा। इस दौरान प्रत्येक विभाग द्वारा साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयाम छुए हैं और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।

इस रजत महोत्सव कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का वर्चुअली अनावरण किया। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि “छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को एक नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे।” उन्होंने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा एवं राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का स्मरण किया। उन्होंने बताया कि उनकी स्मृति में सरकार द्वारा अटल निर्माण वर्ष मनाया जा रहा है, जिसके लिए 4 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए साय ने बताया कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा, तथा अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों की स्थापना शामिल है। उन्होंने बताया कि आगामी छह माह में 5 हजार पंचायतों में ये केंद्र खोले जाएंगे।

नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने जानकारी दी कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा साय ने जल जीवन मिशन के तहत गांवों व शहरों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने, सड़कों के सुधार और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए सूरजपुर प्रशासन की सराहना भी की।

इस रजत महोत्सव के अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेई के प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं  दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ।
उपमुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी है। निश्चित रूप से इन कार्यों से सूरजपुर जिले का सर्वांगीण विकास होगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है।

साव ने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में सरकार का लक्ष्य हर गांव और हर शहर तक बेहतर सड़क, स्वच्छ पेयजल और सुदृढ़ नगरीय सुविधाएँ पहुँचाना है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे मिलकर छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में अग्रणी बनाने में सहयोग दें।

समारोह को संबोधित करते हुए विधायक भूलन सिंह मरावी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ने 25 वर्षों की यात्रा में विकास के अनेक आयाम स्थापित किए हैं। आज राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। उन्होने कहा कि  मुख्यमंत्री विष्णु देव समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में और भी ऊँचाइयों को छुएगा।

कार्यक्रम में प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ अब 25 वर्ष का पड़ाव पार कर एक युवा छत्तीसगढ़ बन गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को रजत महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब आने वाले वर्षों में भी छत्तीसगढ़ नई ऊंचाइयों को छुएगा।

पूर्व गृहमंत्री व छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा ने कहा छत्तीसगढ़ का चौमुखी विकास के लिए शासन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की परिकल्पना सबका साथ सबका विकास को छत्तीसगढ़ में साकार करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में निरंतर छत्तीसगढ़ सरकार कार्य कर रही है।


211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिलेवासियों को 211 करोड़ 33 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी। कार्यक्रम के दौरान 78 करोड़ 78 लाख रुपए की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 04 कार्य, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03 कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20 कार्य, नगरीय निकाय विभाग के 04 कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 132 करोड़ 55 लाख रुपए की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन भी किया। इसमें लोक निर्माण विभाग के 14 कार्य, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04 कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22 कार्य, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07 कार्य, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04 कार्य, पुलिस विभाग का 01 कार्य तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य शामिल हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में जिले के सर्वांगीण विकास के लिए और भी योजनाएं शुरू की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने किया किसान मेला सह जैविक मेला का शुभारंभ

समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का शुभारंभ भी वर्चुअली किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न समवर्गीय विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। साथ ही किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण आदि विषयों पर जानकारी दी गई।

विधायक भूलन सिंह मरावी ने कार्यक्रम में 70 कृषकों को रामतिल प्रोत्साहन योजनान्तर्गत रामतिल बीज का वितरण किया। इसके अतिरिक्त 11 कृषकों को सिंचाई पंप प्रदान किए गए तथा सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त नलकूप खनन के 03 आवेदनों का निराकरण कर किसानों को किसान समृद्धि योजना अंतर्गत 43 हजार रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई।

इसी क्रम में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत मल्चिंग तकनीक अपनाने वाले 05 कृषकों को प्रति कृषक 10 हजार रुपये की दर से कुल 50 हजार रुपये की अनुदान राशि भी प्रदान की गई। मेले में किसानों द्वारा उत्पादित सब्जी, फल एवं पुष्प वर्गीय फसलों का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा शासकीय रोपणियों में सीडलिंग यूनिट से तैयार पौध, उद्यानिकी यंत्र एवं सूक्ष्म सिंचाई ड्रिप सिस्टम का भी प्रदर्शन किया गया।

इसके अलावा किसान एवं पशुपालक मेले में पशुधन विकास विभाग द्वारा उपस्थित पशुपालकों को रोका-छेका, घुमंतू पशु प्रबंधन, पशुधन बीमा, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान तथा हितग्राही योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पशुओं में होने वाली बीमारियों एवं उनके बचाव संबंधी उपायों पर भी जागरूकता प्रदान की गई।

लोन मेला के जरिए, 24 करोड़ 24लाख के ऋण किए गए वितरित

इस रजत महोत्सव के अवसर पर जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी द्वारा लोन मेले का भी आयोजन किया गया। इस लोन मेले में 3400 स्वयं सहायता समूहों को बैंक लिंकेज अंतर्गत 15.11 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। वहीं, 124 कृषक बंधुओं को 3.75 करोड़ रुपये का केसीसी ऋण प्रदान किया गया। इसके साथ ही व्यक्तिगत एमएसएमई  हेतु 3.45 करोड़ एवं एग्रो प्रोसेसिंग ऋण हेतु 1.80 करोड़ रुपये और मुद्रा लोन के लिए 13 लाख का वितरण किया गया। जिला प्रशासन और बैंकों की पहल से आयोजित इस लोन मेले से किसानों, समूहों और स्वरोजगार से जुड़ी इकाइयों को नई ऊर्जा और आर्थिक संबल मिला।

प्लेसमेंट कैम्प में  वितरित किए नियुक्ति पत्र
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र सूरजपुर द्वारा न्यू सर्किट हाउस, रिंग रोड तिलसिवों में एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन भी किया गया था। इस कैंप में निजी क्षेत्र के विभिन्न नियोजकों द्वारा कुल 602 पदों पर भर्ती हेतु कैंप आयोजित किया गया।

इस कार्यक्रम के दौरान चयनित उम्मीदवारों को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के वर्चुअल उपस्थिति में  200 नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में जिले के कौशल प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके 50 हितग्राहियों को ऑफर लेटर देकर रोजगार से जोड़ा गया। इसके अलावा जिले में स्थापित एस.ई.सी.एल. भटगांव द्वारा भूमि अधिग्रहण प्रभावित 25 लोगों को रोजगार स्वीकृति आदेश प्रदान किए गए। इसी तरह प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा 5 प्रभावित व्यक्तियों को विभिन्न पदों पर नियुक्ति आदेश दिए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर विधायक भूलन सिंह मरावी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न विभागों कृषि, पशु विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन एवं समाज कल्याण विभाग के स्टॉल का भी निरीक्षण किया गया।

मुख्यमंत्री के वर्चुअल उपस्थिति में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वित
इस आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभिन्न विभागों की योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को सामग्री, कार्ड एवं चेक वितरित किए। उन्होंने मछली पालन विभाग अंतर्गत 03 आइस बॉक्स और 03 नाव-जाल का वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा 03 मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत 11 वयवंदन कार्ड, 11 आयुष्मान कार्ड तथा 04 सिकल सेल कार्ड का वितरण किया गया।

इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 04 हितग्राहियों को खुशियों की चाबी और 04 हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु चेक सौंपे गए। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत 05 बालिकाओं को एलआईसी बॉण्ड, 02 महिला स्व-सहायता समूहों को ऋण प्रदाय हेतु चेक तथा 03 हितग्राहियों को बकरी पालन हेतु ऋण चेक दिए गए।

कृषि विभाग द्वारा 11 हितग्राहियों को सिंचाई पेट्रोल पंप, 70 कृषकों को रामतील बीज तथा 03 हितग्राहियों को नलकूप खनन एवं पंप प्रतिष्ठापन के लिए अनुदान राशि प्रदान की गई। इसके अलावा एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए।

इसके साथ ही कार्यक्रम में वन विकास निगम के अध्यक्ष राम सेवक पैंकरा, पूर्व विधायक रजनी त्रिपाठी, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष चन्द्रमणी पैकरा, रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रोस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल, पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष भीमसेन अग्रवाल, मुरली मनोहर सोनी, सत्य नारायण सिंह, राम कृपाल साहू, मुकेश गर्ग, शशिकांत गर्ग,  अजय अग्रवाल व अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदार, क्या यही रही वजह जो कार्यवाही के नाम पर सिर्फ 3 कारण बताओं नोटिस जारी कर सूरजपुर जिला प्रशासन ने झाड़ लिया अपना पलड़ा….??

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करीबी रिश्तेदार है और बताया जा रहा है कि वह रिश्ते में मुख्यमंत्री के भांजे लगते हैं। क्या यही वजह है जो उनके द्वारा किए गए अपने पद के दुरुपयोग के बावजूद सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा उन पर कार्य कार्यवाही करने की बजाय केवल तीन कारण बताओं नोटिस जारी कर अपना पलड़ा झाड़ लिया गया है। आपको बता दे कि लटोरी तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा द्वारा शासकीय मद से प्राप्त भूमि की रजिस्ट्री बिना कलेक्टर परमिशन और पटवारी प्रतिवेदन के कर दी गई है। कुछ एक जमीन ऐसी है जिनका नामांतरण भी हो गया है और कुछ के नामांतरण के कार्य अभी लंबित हैं। आपको बता दे की सुरेंद्र पैंकरा खुद इस बात को स्वीकार करते हैं कि उनके द्वारा गलती हुई है और उन पर दबाव डालकर यह कार्य करवाया गया हैं। लेकिन सोचने का विषय यह है कि जब वे एक तहसीलदार के पद पर बैठे हुए हैं तो उन पर कोई कैसे दबाव बना सकता है?? क्या क्रेता विक्रेता के पास तहसीलदार साहब की कोई ऐसी कमजोर नस है जिसे दबाकर जमीन दलाल और कुछ भूमाफिया अपना कार्य करवा लेते हैं। जबकि इन मामलों में नाम न छापने के एवज में एक क्रेता द्वारा हमें बताया गया है कि तहसीलदार साहब द्वारा यह कार्य किसी दबाव में आकर नहीं किया गया है बल्कि इसके लिए उन्होंने अपना सर्विस चार्ज भी लिया हैं।

माना एक रजिस्ट्री हो गई गलती से लेकिन क्या एक के बाद एक लगभग आधे दर्जन रजिस्ट्री तहसीलदार ने कर दिए अनजाने में…???

जब एक मामला सामने आया था तब तहसीलदार द्वारा इसे अपनी एक गलती बताया गया था लेकिन अब इतने सारे मामलों के सामने आने के बाद अब यह सवालिया निशान खड़ा हो रहा है, कि क्या एक के बाद एक अब तक हम तक पहुंचे आधे दर्जन रजिस्ट्री क्या तहसीलदार साहब ने अनजाने में कर दिए थे।

तहसीलदार साहब को कार्यवाही से नहीं न्यूज़ छपने से है परेशानी आखिर क्यों???

आपको बता दे की तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा के खिलाफ हमारे द्वारा जब खबरों का प्रशासन लगातार किया जा रहा था तब तहसीलदार साहब ने हमसे आग्रह किया कि हम चाहे तो उन पर कार्यवाही करवा दे लेकिन उनकी खबरें छाप कर उन्हें परेशान ना करें। दरअसल हिंद स्वराष्ट्र द्वारा लटोरी तहसीलदार के खिलाफ तीन खबरों का प्रकाशन किया गया था जिसके बाद एसडीएम सूरजपुर द्वारा उन्हें तीन कारण बताओं नोटिस जारी किए गए थे, कारण बताओं नोटिस से तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा काफी परेशान हो गए थे और उनका कहना है कि रोज-रोज नोटिस भिजवाने से अच्छा है कि हम एक बार में सारे मामलों को लेकर कलेक्टर महोदय से मुलाकात कर ले और उन पर कार्यवाही करवाना चाहे तो कार्यवाही करवा दे।

ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर ऐसी क्या वजह है कि तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा कार्यवाही से नहीं डरते हैं बल्कि मीडिया से डरते हैं???

तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा को नहीं है कार्यवाही का डर लेकिन उच्च अधिकारियों को कार्यवाही करने में लग रहा डर आखिर क्यों???

तहसीलदार सुरेंद्र पैंकरा को कार्यवाही का कोई डर नहीं है, लेकिन उनके उच्च अधिकारी उन पर कार्यवाही के लिए डर रहे हैं?? इसके पीछे क्या कारण है यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा। लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी तो कुछ और ही कहानी बयां कर रही है सूत्रों की माने तो उच्च अधिकारी अगर तहसीलदार सुरेंद्र पर कार्यवाही का साहस करेंगे तो सीएम कॉन्टैक्ट के कारण कही इन अधिकारियों को भी इसकी सजा ना भुगतनी पड़ जाए यह सोचकर उच्च अधिकारी भी सुरेंद्र पैंकरा पर कार्यवाही का साहस नहीं जुटा रहे हैं।

नहीं चलेगी ‘पेशी पर पेशी’: मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर्स और संभाग आयुक्तों को दिए स्पष्ट निर्देश…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नया रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स की बैठक लेकर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने राज्य के सभी जिलों में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को कई जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
राज्य में बढ़ते लंबित राजस्व प्रकरणों पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त रुख अपनाते हुए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब “पेशी पर पेशी” का दौर खत्म हो— सभी राजस्व प्रकरणों का निराकरण शासन द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर ही किया जाए।
मुख्यमंत्री साय ने जिलेवार समीक्षा करते हुए नामांतरण, अविवादित व विवादित बंटवारे, अभिलेख दुरूस्ती, त्रुटि सुधार, भू-अर्जन, सीमांकन, और डायवर्सन से संबंधित प्रकरणों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। 
हितग्राहियों को नहीं हो अनावश्यक परेशानी
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि बार-बार पेशी पर बुलाने से जनता को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनका समय और श्रम भी व्यर्थ जाता है। इससे सरकारी सिस्टम के प्रति लोगों का भरोसा भी कम होता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पेशियों में कमी लाएं और प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें।
ई-कोर्ट में दर्ज हों सभी मामले
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि सभी राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट में दर्ज किया जाए, जिससे उनकी मॉनिटरिंग और ट्रैकिंग आसान हो सके। साथ ही रिकॉर्ड दुरुस्तीकरण और त्रुटि सुधार के मामलों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। तहसील स्तर पर पटवारियों के माध्यम से एक विशेष अभियान चलाकर रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्रीय राजमार्गों और अधोसंरचना परियोजनाओं में भू-अर्जन प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं पर खास जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और भारतमाला परियोजना की तीव्र और निर्बाध गति के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया जरूरी है।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि भू-अर्जन और मुआवजा वितरण के लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करें। 
बस्तर संभाग को सुरक्षा के साथ विकास कार्यों को तेज करने के निर्देश
बस्तर संभाग के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर में सड़क, रेल और मोबाइल टॉवर जैसी परियोजनाओं के लिए भू-अर्जन और मुआवजा वितरण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। 
सख्ती के साथ सुधार की पहल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अब राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। एक जिम्मेदार शासन प्रणाली का निर्माण तभी संभव है जब जनता के साथ न्याय समय पर हो। इसलिए प्रत्येक अधिकारी सुनिश्चित करें कि प्रकरणों का निपटारा देरी के बिना, न्यायसंगत ढंग से हो।
किसान पंजीयन व डिजिटल फसल सर्वे पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने किसान पंजीयन की प्रक्रिया में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शीघ्र ही सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को डिजिटल फसल सर्वे को गंभीरता से लेने और समय पर पूर्ण करने को कहा।
रजत महोत्सव की जोरदार तैयारियां, 25 वर्षों की विकास यात्रा होगी प्रदर्शित
छत्तीसगढ़ के निर्माण की 25वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए 15 अगस्त से रजत महोत्सव की शुरुआत हुई है, जो 25 सप्ताह तक चलेगी। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में आयोजन कर रजत महोत्सव को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। कार्यक्रमों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जाए और प्रचार-प्रसार को गति दी जाए। 
सेवा पखवाड़ा से जुड़ेगा रजत महोत्सव
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि 17 सितंबर से लेकर 2 अक्टूबर तक राज्य में ‘सेवा पखवाड़ा’ मनाया जाएगा जो  छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का हिस्सा होगा। इस दौरान रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य कैंप, राजस्व कैम्प जैसे जनसेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस अवसर को राज्य के हर नागरिक से जोड़कर जनसंपर्क को और मजबूत किया जाए।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी दयानंद, वित्त सचिव मुकेश बंसल, पीसीसीएफ सुनील मिश्रा, लोक निर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, , संस्कृति विभाग के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य के साथ अन्य विभागों के सचिव, आयुक्त एवं संचालक उपस्थित थे।

सूरजपुर जिले की विवादित DEO भारती वर्मा का तबादला, अब अजय मिश्रा संभालेंगे सूरजपुर जिले की शिक्षा व्यवस्था….

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आज एक आदेश जारी कर 7 शिक्षा अधिकारियों के तबादला किए हैं। जारी तबादला आदेश में सूरजपुर जिले की विवादित जिला शिक्षा अधिकारी भारती वर्मा का भी नाम शामिल है। भारती वर्मा के स्थान पर अजय मिश्रा को सूरजपुर जिले का प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। 

देखें आदेश :

845 नव पदोन्नत प्राचार्यों के पदांकन हेतु 20 से 23 अगस्त तक रायपुर में ओपन काउंसिलिंग…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर :  छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्राचार्य (टी-संवर्ग) के पदोन्नति आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन पदोन्नत प्राचार्यों के पदांकन हेतु ओपन काउंसिलिंग का आयोजन 20 अगस्त से 23 अगस्त 2025 तक शासकीय शिक्षा महाविद्यालय परिसर, शंकर नगर रायपुर में किया जाएगा। इस काउंसिलिंग में कुल 845 नव पदोन्नत प्राचार्य शामिल होंगे।
काउंसिलिंग का समय प्रतिदिन प्रातः 10ः00 बजे से निर्धारित है। प्रत्येक दिन प्रथम पाली में 150 और द्वितीय पाली में 150 इस प्रकार प्रत्येक दिन कुल 300 अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग में शामिल किया जाएगा। काउंसिलिंग की तिथि एवं समय की जानकारी पदोन्नत प्राचार्यों की सूची तथा रिक्त पदों की सूची स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट   https://eduportal.cg.nic.in/   पर उपलब्ध कराई गई है।
काउंसिलिंग प्रक्रिया में प्राथमिकता का निर्धारण वरिष्ठता और नियमावली के अनुसार किया जाएगा। व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला के पदोन्नति आदेश के लिए काउंसिलिंग हेतु प्राथमिकता निर्धारण (प्रथम चार का क्रम निर्धारण) व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.), प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला की वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति आदेश के सरल क्रमांक के अनुसार एक अनुपातिक सूची (व्याख्याता, व्याख्याता (एल.बी.) प्रधान पाठक (माध्यमिक शाला) 2ः1ः1 में तैयार की गई है। उपरोक्त अनुपात भर्ती तथा पदोन्नति नियम के अनुसार व्याख्याता 65 प्रतिशत (व्याख्याता 70 प्रतिशत तथा व्याख्याता एल.बी. का कोटा 30 प्रतिशत है) जबकि प्रधान पाठक (मा.शाला) 25 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित है। सर्वप्रथम एक वर्ष से कम अवधि के भीतर सेवानिवृत्त होने वाले व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., प्रधानपाठक पूर्व माध्यमिक शाला को वरिष्ठता के आधार पर संस्था चयन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी। काउंसिलिंग प्रक्रिया में दिव्यांग (महिला एवं पुरुष) को पहले प्राथमिकता दी जाएगी। तत्पश्चात् महिला तथा इसके बाद पुरुष वर्ग को वरिष्ठता के क्रम में संस्था चयन हेतु प्राथमिकता दी जाएगी। सभी पदोन्नत प्राचार्यों को अपने वर्तमान संस्था प्रमुख से प्रमाणित सेवा प्रमाण पत्र, मूल पदस्थापना संबंधी जानकारी तथा शासन द्वारा मान्य फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाना होगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
काउंसिलिंग हेतु वेटिंग हॉल सेमिनार कक्ष क्रमांक 01 एवं काउंसिलिंग कक्ष क्रमांक 02 निर्धारित किए गए हैं। दोनों कक्षों में केवल अभ्यर्थियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी।
काउंसिलिंग में अनुपस्थित रहने वाले प्राचार्यों को अंतिम दिन 23 अगस्त को अवसर दिया जाएगा। काउंसिलिंग पूर्ण होने के बाद पदस्थापना आदेश शासन द्वारा जारी किए जाएंगे तथा आदेश जारी होने के 7 दिवस के भीतर नवीन पदस्थापना स्थल पर पदग्रहण करना अनिवार्य होगा।

20 अगस्त को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सूरजपुर प्रवास, तैयारियां तेज…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया है। यह महोत्सव 15 अगस्त 2025 से शुरू होकर आगामी 6 फरवरी 2026 तक पूरे 25 सप्ताह तक पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास और जनभागीदारी के साथ मनाया जायेगा। इसी बीच 20 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सूरजपुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस तिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में तिलसिवां रोड स्थित अटल कुंज के समीप मैदान में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव को लेकर कार्यक्रम प्रस्तावित है।
आगामी कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम की रूप रेखा अंतर्गत स्टॉल निरीक्षण, विकास कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास, शासन की योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को सामग्री एवं चेक वितरण इत्यादि कार्यक्रम सम्मिलित है। कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु कलेक्टर एस.जयवर्धन द्वारा लगातार तैयारियों की समीक्षा की जा रही है एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल का स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा जायजा लिया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सके।
इसके साथ ही कार्यक्रम के अंतर्गत रोजगार मेला, कृषि मेला एवं लोन मेला का आयोजन भी किया जायेगा। इन मेलों के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को प्रदान किया जाएगा। इसी दिवस पर नया बस स्टैण्ड पर स्थित 25 लाख की लागत से बने अटल परिसर का लोकार्पण प्रस्तावित है।

डिप्टी कलेक्टर के विरुद्ध महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला कराया दर्ज…

हिंद स्वराष्ट्र बालोद : बालोद जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां बालोद जिले के डौंडी थाना में एक डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हुआ है। एक महिला आरक्षक की शिकायत के बाद डौंडी पुलिस ने यह मामला दर्ज किया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद डिप्टी कलेक्टर के जल्द गिरफ्तारी की जा सकती है।

दरअसल बीजापुर जिले के डिप्टी कलेक्टर दिलीप उईके पिता रतन लाल उइके मूलतः डौंडी ब्लॉक के ग्राम अवारी के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ सीएएफ की एक महिला आरक्षक ने शादी का झांसा देकर करीबन एक साल से शारीरिक शोषण का आरोप लगाया हैं। बताया जा रहा हैं कि जब डिप्टी कलेक्टर द्वारा शादी से इंकार किया गया तब महिला द्वारा डौंडी थाना पहुंचकर डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाया हैं। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी डिप्टी कलेक्टर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली है।

अब पटवारियों को मिलेगा संसाधन भत्ता, आदेश हुआ जारी…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पटवारीयों के संसाधन भत्ते की स्वीकृति के संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार अब पटवारी को ₹1100 प्रतिमाह संसाधन भत्ते के रूप में दिया जाएगा। इससे पहले उन्हें मिलने वाली ढाई सौ रुपए स्टेशनरी भत्ते को भी इसी में जोड़ा गया है और अब उन्हें एकमुश्त 1100 रुपए प्रतिमाह संसाधन भत्ता दिया जाएगा। पटवारियों को यह भत्ता शासकीय कार्य के लिए मोबाइल/इंटरनेट और लैपटॉप के उपयोग के एवज में दिया जाएगा।

देखें आदेश:

“हर हर महादेव” का जयकारा लगाते हुए युवक ने लगाई एनीकेट में छलांग, घटना का वीडियो हुआ वायरल…

हिंद स्वराष्ट्र दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के शिवनाथ नदी के महमरा एनीकेट में कल शाम एक युवक ने शराब के नशे में जमकर हंगामा मचाया और “हर हर महादेव ” का जयकारा लगाते हुए एनीकेट में छलांग लगा दी। युवक को बचाने के लिए दो कांस्टेबलों ने भी में एनीकेट में छलांग लगा दी लेकिन युवक को बचाने में उन्हें सफलता नहीं मिली। जिसके बाद वहां मौजूद स्थानीय मछुआरों द्वारा किसी तरह युवक को बाहर निकाला। आनन फानन में युवक को अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना का वहां मौजूद लोगों ने वीडियो भी बना लिया जो कि अब सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार शाम करीब 4 बजे शंकर नगर बुद्ध बिहार गली निवासी आकाश ताम्रकार (32) घाट पर अर्धनग्न होकर रेलिंग पकड़े खड़ा था। घाट पर मौजूद लोग उसे समझाने और रोकने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन इसी दौरान उसने हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए एनीकेट में छलांग लगा दी। इसके बाद घाट पर मौजूद दो कांस्टेबल भी उसे बचाने पानी में कूद गए लेकिन उन्हें कोई सफलता हासिल नहीं हुई जिसके बाद मछुआरे पानी में उतरे और काफी प्रयासों के बाद युवक को बाहर निकाला गया। इसके बाद युवक को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। फिलहाल, आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

IED की चपेट में आकर DRG का एक जवान शहीद, तीन घायल…

हिंद स्वराष्ट्र बीजापुर : बीजापुर जिले के भोपालपटनम इलाके के उल्लूर जंगल में नक्सलियों के लगाए गए IED ब्लास्ट की चपेट में आकर DRG का एक जवान शहीद हो गया है, जबकि 3 जवान घायल हैं। दरअसल रविवार की सुबह DRG की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर सर्चिग पर निकली थी और यह सर्चिंग अभियान आज सोमवार को भी जारी था इसी दौरान DRG के चार जवान IED की चपेट में आ गए। इस हादसे में एक जवान दिनेश नाग शहीद हो गए वहीं 3 जवान घायल हो गए जिन्हें बेहतर इलाज के लिए जगदलपुर भेजा गया हैं। घायल जवानों की हालत सामान्य बताई जा रही हैं।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने 62 करोड़ रुपये के विद्युत विस्तार का किया शुभारंभ…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने जिले के विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कुण्डपान में पहुंचकर ग्रामवासियों को अनेक सौगातें दीं। इस अवसर पर उन्होंने कुण्डपान में 62 करोड़ लागत राशि के विद्युत विस्तार कार्य का शुभारंभ किया, जिससे ग्रामीणों के घर-घर रोशनी पहुंचेगी। साथ ही ग्राम पंचायत डिंडो में 191.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का शिलान्यास भी किया। इस छात्रावास के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा हेतु बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।
कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा नेताम, जनपद पंचायत अध्यक्ष मुन्द्रिका सिंह, जिला पंचायत सदस्य मुंशी राम सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जनपद सीईओ रणवीर साय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रामविचार नेताम ने सभी को आजादी का पर्व स्वतंत्रता दिवस तथा कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई व शुभकामनाएं दी।
मंत्री रामविचार नेताम ने संबोधित करते हुए कहा कि कुण्डपान में विद्युत विस्तार से ग्रामीणों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाएगी। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त रोशनी मिलेगी, किसानों को कृषि कार्य में सहूलियत होगी और महिलाओं को भी घरेलू कार्यों में राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की मंशा अनुरूप केंद्र एवं राज्य सरकार समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। शासन द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनसे निम्न वर्गीय एवं जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से अब पात्र हितग्राहियों के पास अपनी खुद की पक्की छत है और जो परिवार पहले इस योजना से वंचित रह गए थे, उन्हें आवास प्लस सर्वे में शामिल कर लाभान्वित किया जाएगा। अब हर पात्र परिवार के पास अपना पक्का घर होगा। उन्होंने किसानों के हित में लिए गए निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अन्तर्गत किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिससे किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में दिए जा रहे हैं।
श्री नेताम ने किसानों को जैविक खेती अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा कि घर पर ही जैविक खाद तैयार की जा सकती है, जो न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है बल्कि पैदावार भी बेहतर होगी। उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने प्रेरित भी किया। मंत्री नेताम ने बताया कि प्रधानमंत्री जनजातीय उत्कर्ष ग्राम योजना के तहत आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत सड़क, पुल-पुलिया, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं। मंत्री नेताम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि समाज के हर वर्ग योजना से लाभान्वित हो। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शिक्षा और रोजगार के अवसरों का पूरा लाभ उठाएं और योजनाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
उल्लेखनीय है कि कुण्डपान में हुए विद्युत विस्तार से निश्चित ही आगामी दिनों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा अब बाधित नहीं होगी। इस कार्य से क्षेत्र के 1077 मजरा टोला के कुल 11 हजार 762 परिवारों के घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। इससे ग्रामीण अंचल के लोगों काफी राहत मिलेगी।

70 साल पहले मिला बंगाली समाज को सम्मान, विभाजन विभीषिका दिवस कार्यक्रम भाजपा सरकार का ढोंग व बंगाली समाज का अपमान– आशीष शील

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : भाजपा सरकार द्वारा मनाए जा रहे विभाजन विभीषिका दिवस पर यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष आशीष शील ने सवाल खड़े किए हैं और इसे भाजपा सरकार का ढोंग और बंगाली समाज का अपमान बताया हैं। उन्होंने कहा कि बंगाली शरणार्थीयो को कांग्रेस सरकार द्वारा सम्समान स्थापित किया गया जगह जमीन रोजगार देकर बसाया गया क्या उन्हें 70 साल बाद भी सम्मान देने के नाम पर विस्थापित कह कर परिभाषित करना उचित है या अनुचित इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। सम्मान के नाम पर भले ही गुलदस्ते मिल जाएं पर हमारे पूर्वजों ने जिस मान सम्मान के साथ बसा कर गए हमारी 2/3/4 थी पीढ़ी तक अब समाज के हर क्षेत्र में अपना पहचान बना चुका है उन्हें सम्मान के आड़ में विस्थापित कहने के पीछे अपमान करने की पूरी मंशा है। जिस प्रकार बस्तर संभाग में हमारे बंग समाज पर विस्थापित कह कर अत्याचार शुरू किया गया है हमें यह बात नहीं भूलना चाहिए जबकि हमे भारत की नागरिकता मिल चुकी है, और हमें वोट डालने का मौलिक अधिकार भी दिया गया उसके बाद भी भाजपा सरकार द्वारा विस्थापित बोल कर बंगाली समाज को सम्मान नहीं अपमानित किया जा रहा है।

प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में प्रदेश के दूसरे और सरगुजा संभाग के पहले जिला स्तरीय प्लास्टिक प्रोसेसिंग केन्द्र का लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने किया शुभारंभ…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत सरगुजा जिले ने ठोस एवं प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन में एक और उपलब्धि हासिल की है। अम्बिकापुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दरिमा  में जिला स्तरीय प्लास्टिक प्रोसेसिंग इकाई केन्द्र (एम.आर.एफ.) की स्थापना की गई है, जो कि प्रदेश में दूसरा एवं सरगुजा संभाग का पहला केंद्र है।
इस केन्द्र का उद्घाटन लूण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज ने किया। इस अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, जिला पंचायत सदस्य अनिमा केरकेट्टा, अम्बिकापुर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सतीश यादव, जनपद सदस्य प्रसुन्न सिंह जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन एवं जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।


विधायक मिंज ने कहा कि स्वच्छता प्रबंधन के क्षेत्र में सरगुजा जिला आज पूरे अन्य जिलों के लिए रोल मॉडल बन रहा है। यह केन्द्र पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह ने कहा कि शहर ही नहीं गांव में भी प्लास्टिक कचरा का आज सबसे बड़ी समस्या है, प्लास्टिक न सड़ता है न गलता है, प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन से हमारे पर्यावरण और जिले 569 गांव की महिलाओं को आर्थिक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज विश्व स्तर पर एक गंभीर चुनौती है और इसे दूर करने के लिए ऐसे ठोस कदम आवश्यक हैं। जिले की यह पहल प्रधानमंत्री के “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” के संकल्प को मजबूत करेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि एम.आर. एफ. यूनिट से जिले के 569 ग्राम पंचायतों की लगभग 2500 स्वच्छाग्राही दीदीयों को कचरे के विक्रय पर सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। साथ ही, प्लांट में कार्यरत 30-35 महिलाओं को प्रतिमाह 7500 रुपये मानदेय पर रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। यह केन्द्र महिलाओं को आत्मनिर्भर और  आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
गौरतलब है कि प्लास्टिक प्रोसेसिंग यूनिट के माध्यम से सभी ग्रामों में स्थापित सेग्रीगेशन शेड/कलस्टर से सूखा एवं ठोस कचरा उठाकर प्लास्टिक का प्रोसेसिंग भेजा जाएगा। जहां प्लास्टिक को पुनर्चक्रित कर दाने, गट्टे एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। वर्तमान में प्लास्टिक के दानों से रस्सी बनाने का कार्य शुरू हो चुका है, जबकि आगामी समय में प्लास्टिक बाल्टी व डस्टबिन बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
जिले के सभी 569 सेग्रीगेशन शेड एवं 7 प्लास्टिक प्रबंधन केन्द्रों को इस जिला स्तरीय इकाई से जोड़ा गया है। कार्य के प्रभावी संचालन हेतु 10-12 ग्रामों का क्लस्टर बनाकर जिला, जनपद एवं पंचायत स्तरीय अमलों को जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, नियमित मॉनिटरिंग एवं फॉलोअप कर कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।

निलंबित तहसीलदार संजय राठौर का कारनामा बैक डेट पर कर दिया नामांतरण…!!

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : भैयाथान विकासखंड के विवादित निलंबित तहसीलदार संजय राठौर द्वारा अपने भैयाथान पदस्थापना के दौरान अपने एक काफी करीबी बैजनाथ कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पद का काफी दुरुपयोग किया हैं ऐसा हम नहीं कह रहे हैं बल्कि पीड़ित परिवार द्वारा हमें जो भी कागजात प्रदान किए गए हैं और पीड़ित परिवार द्वारा बताया गया हैं। पीड़ितों से प्राप्त दस्तावेजों को देखकर प्रथम दृष्टया यही लगता है कि संजय राठौर द्वारा बैजनाथ कुशवाहा को फायदा पहुंचाने की नीयत से फर्जी तरीके से त्रुटि सुधार करते हुए बैक डेट में नामांतरण का कार्य किया गया हैं। दरअसल महिला द्वारा जब 16 मार्च 2025 को नामांतरण पंजी की ऑनलाइन कॉपी निकलवाई गई तब उसमें नामांतरण का डेट 22 में 2024 दिख रहा था जबकि महिला द्वारा 25 मई 2024 जब खसरा और b1 निकलवाया गया तब तक वह जमीन देवानंद कुशवाहा के नाम पर ही दर्ज थी। वहीं नामांतरण पंजी में भी पटवारी के स्थान पर संजय कुमार राठौर द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे। आपको बता दे की इस जमीन पर किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन लिया गया है और इसका लोन अभी भी बकाया है लेकिन लोन होने के बावजूद नियमों को तांक पर रखकर इस जमीन के नामांतरण का कार्य किया गया जबकि देवानंद के मृत्यु के पश्चात भी इस लोन की किश्तें उनके परिजनों द्वारा भरी जा रही हैं।

दरअसल यह पूरा मामला सिरसी ग्राम पंचायत का हैं, जहां देवानंद कुशवाहा नामक एक व्यक्ति की 2 एकड़ जमीन उसके भाई बैजनाथ द्वारा अपने नाम करवा ली गई हैं। इस मामले में पीड़िता का आरोप हैं कि तहसीलदार द्वारा 5 लाख रुपए की रिश्वत लेकर उसके पिता की जमीन उसके चाचा के नाम पर की गई हैं। तहसीलदार पर कई संज्ञीन आरोप लगाते हुए पीड़िता ने बताया कि तहसीलदार द्वारा उनसे रिश्वत की मांग की गई थी और कहां गया था कि बैजनाथ द्वारा उन्हें 5 लाख रुपए दिए गए हैं, इसके बाद दयानंद की जमीन को बैजनाथ के नाम पर किया गया है, अगर वह इससे ज्यादा पैसे देगी तो उसकी जमीन उसे वापस कर दी जाएगी। इस जमीन के फर्जीवाड़े के लिए तहसीलदार द्वारा उसके पिता के जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया, साथ ही नामांतरण का कार्य भी नियम विरुद्ध जाकर बैक डेट पर किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि तहसीलदार और उसके चाचा बैजनाथ और उनके कुछ सहयोगियों के कारण उसके पिता की मृत्यु हुई क्योंकि उनके पिता अपने साथ हुए इस धोखाधड़ी को झेल नहीं पाए और उनकी तबीयत अचानक से बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने न्याय के लिए कलेक्टर, कमिश्नर यहां तक की मुख्यमंत्री तक को आवेदन दिया है लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। पीड़िता और उसके पूरे परिवार का कहना है कि अगर शासन प्रशासन द्वारा उनको न्याय नहीं दिलाया जाता है और उनकी जमीन उन्हें वापस नहीं दिलाई जाती है तो वे सभी सामूहिक रूप से आत्महत्या कर लेंगे।

79वें स्वतंत्रता दिवस पर आमाखेरवा ग्राउंड में विधायक रेणुका सिंह ने किया ध्वजारोहण…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के आमाखेरवा ग्राउंड में मुख्य अतिथि भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की। परेड की सलामी लेने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश वाचन किया और एकता-अखंडता का आह्वान किया।
विधायक ने कहा कि हमें स्वदेशी वस्तुओं के अधिक उपयोग का संकल्प लेना चाहिए, जिससे न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि यह देशभक्ति का प्रतीक भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका पर जोर देते हुए डिजिटल संसाधन, नवाचार, सूचना प्रौद्योगिकी और एआई को अपनाकर विकास के नए युग की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की।
समारोह में शहीद आरक्षक बृजभूषण श्रीवास्तव की पुत्री, शहीद आरक्षक राजेश कुमार पटेल के भाई समेत स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों और समाजसेवियों को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया गया। जिला पुलिस बल ने राष्ट्रगान की धुन पर हर्ष फायर किया, जबकि सीएएफ, पुलिस बल, नगर सैनिक, एनसीसी, स्काउट-गाइड की टुकड़ियों ने आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया।


स्कूली छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से सराबोर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और विजेताओं को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में विधायक ने रजत जयंती कार्यक्रम 2025-26 का शुभारंभ किया और कलेक्टर व एसपी सहित जनप्रतिनिधियों के साथ स्मृति हस्ताक्षर किए। अंत में मंच संचालन कर रहे संजय श्रीवास्तव और श्रीमती वीरांगना श्रीवास्तव की उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना की गई।
इस अवसर पर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव समेत जिले के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

गोचर की भूमि में बना दिया वन अधिकार पट्टा, आखिर लटोरी क्षेत्र में जमीन की इतनी अफरा–तफरी की क्या हैं वजह…??

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : शासन की योजनाएं गरीबों को सशक्त बनाने के लिए बनाई जाती है, लेकिन इन योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाता है। गरीबों तक पहुंचने से पहले ही  शासन और जनता के बीच बैठे कुछ भ्रष्ट अधिकारी और कर्मचारी शासन की इन योजनाओं को अपने कुछ शुभचिंतकों को सप्रेम भेंट चढ़ा देते हैं। ये अधिकारी और कर्मचारी इतनी भ्रष्ट होते हैं की बिना रिश्वत के इनका पेन काम ही नहीं करता है। ये काफी पावरफुल लोग होते हैं जो अपनी पहुंच काफी ऊपर तक रखते हैं और इनका बैंक बैलेंस हमेशा हाई होता हैं। गलती पकड़े जाने की स्थिति में ये लोग अपनी पैसे और पहुंच का उपयोग कर मामले को दबाने की कोशिश करते हैं। शायद इनके द्वारा चढ़ावा ऊपर तक पहुंचाया जाता है जिसके कारण उनके उच्च अधिकारी उनसे सेट रहते हैं।

खैर छोड़िए आज हम आपको बताते हैं आज के समय में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले लटोरी तहसील के बारे में जहां एक पटवारी राजा लाल भगत द्वारा पूर्व बीडीसी हरिलाल के साथ मिलीभगत कर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पहले तो किसी व्यक्ति की निजी जमीन पर वन अधिकार पट्टा बनवा दिया गया वहीं दूसरी ओर आज हम आपको बताते हैं कैसे गोचर की भूमि पर एक हितग्राही से सांठगांठ कर वन अधिकार पट्टा जारी करवाया गया हैं।
दरअसल मामला लटोरी तहसील के लटोरी ग्राम का हैं जहां भूमि खसरा नंबर 1026 पर सुखलाल आत्मज बुधन जाति चेरवा को वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया जबकि सरगुजा स्टेट सेटलमेंट के अनुसार यह भूमि गोचर की भूमि हैं। आपको बता दें कि नियमतः गोचर भूमि (चरागाह भूमि) पर वन अधिकार पट्टा नहीं बन सकता हैं क्योंकि गोचर भूमि मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित होती है और इसका उपयोग वन भूमि के रूप में नहीं किया जा सकता है। फिर नियम विरुद्ध जाकर किसी व्यक्ति को गोचर की भूमि में किस प्रकार से वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया यह तो जांच का विषय हैं।
आपको बता दें कि गोचर भूमि वह भूमि होती है जो ग्राम पंचायत के नियंत्रण में होती है और मवेशियों के चरने के लिए आरक्षित होती है। वही वन अधिकार पट्टा, अनुसूचित जनजाति और अन्य पारंपरिक वन निवासियों को वन भूमि पर अधिकार प्रदान करता है, जिस पर वे पारंपरिक रूप से काबिज हैं लेकिन यह गोचर भूमि पर लागू नहीं होता है। गोचर भूमि का उपयोग चराई के लिए किया जाता है और इसे वन भूमि के रूप में मान्यता नहीं दी जाती है, इसलिए इस पर वन अधिकार पट्टा नहीं बन सकता।

इस जमीन पर पटवारी राजा लाल भगत द्वारा कैसे वन अधिकार पट्टा जारी करने के लिए प्रतिवेदन दिया गया और उसके लिए उन्होंने नियमों की अवहेलना क्यों की  इसकी जांच होना अनिवार्य है। पटवारी राजा लाल द्वारा ऐसे एक दो नहीं बल्कि कई ऐसे कारनामे किए गए हैं जिनके खुलासे हमारे द्वारा लगातार किए जाते रहेंगे।

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