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सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए मुख्यमंत्री, बीजेपी नेता ने बताया कब लेंगे पद की शपथ..

हिंद स्वराष्ट्र बिहार : बिहार में बीजेपी के विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद एनडीए गठबंधन ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना है. इसके बाद अब यह तय हो चुका है कि वो राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे. उल्लेखनीय हैं कि इससे पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के ऑब्ज़र्वर शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की थी कि सम्राट चौधरी को बीजेपी विधानमंडल दल का नेता चुना गया है.
मंगलवार को नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने के बाद पटना में बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई थी, जिसमें उनको नेता चुना गया.
विधानमंडल दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी की जो विचारधारा है, भारत को श्रेष्ठ मानने की और पार्टी को सबसे आगे रखने की, उस काम को हम करते रहेंगे.”
“नीतीश कुमार ने सिखाया है कि सरकार कैसे चलाई जाती है और बिहार के लोकतंत्र के लिए क्या ठीक है. मैं तमाम लोगों को ज़रूर आश्वस्त करना चाहता हूं जिस तरह से पीएम मोदी ने विकसित भारत का सपना देखा है और नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार का सपना देखा है, हम सब लोग मिलकर इन सपनों को पूरा करेंगे.”

बीते तीन दशक से ज़्यादा समय तक बिहार की सियासत लालू यादव और नीतीश कुमार के इर्द-गिर्द घूम रही थी. लेकिन अब राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है.

बीजेपी राज्य की सत्ता में रही है तो नेतृत्व की जगह उसकी भूमिका सहयोगी की रही है.

इस तरह से बिहार इकलौता हिन्दी भाषी राज्य है, जहाँ बीजेपी को कभी मुख्यमंत्री की कुर्सी नहीं मिल पाई है.

लेकिन अब बिहार में बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल सैयद अता हसनैन से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.

बीजेपी नेता लखेंद्र पासवान ने बताया है सम्राट चौधरी कल यानी बुधवार सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “शपथ ग्रहण समारोह के लिए 10.30 बजे का समय तय हुआ है. नीतीश कुमार ने बिहार के विकास का जो संकल्प लिया था, उसे एनडीए की सरकार पूरा करेगी.”

घुनघुट्टा डैम में डूबने से नवविवाहिता की मौत, मोतीपुर गांव में पसरा मातम…

अंबिकापुर हिंद स्वराष्ट्र संवाददाता : सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मोतीपुर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ घुनघुट्टा डैम में नहाने गई एक 21 वर्षीय नवविवाहिता की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

घूमने गए थे डैम, नहाते समय हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार, मोतीपुर निवासी डेकानंद की शादी महज कुछ महीने पहले ही शिवकुमारी (21 वर्ष) से हुई थी। शनिवार, 11 अप्रैल को शिवकुमारी अपने पति डेकानंद और एक परिचित जितेंद्र सिंह के साथ घुनघुट्टा डैम घूमने गई थी। दोपहर के वक्त जब सभी डैम के पानी में नहा रहे थे, तभी शिवकुमारी अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी की ओर चली गई।

बचाने की कोशिशें रहीं नाकाम

शिवकुमारी को डूबता देख पति डेकानंद और साथी जितेंद्र सिंह ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी का स्तर अधिक गहरा होने के कारण वे उसे सुरक्षित बाहर निकालने में असमर्थ रहे। काफी मशक्कत के बाद जब उसे पानी से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी स्थिति काफी गंभीर हो चुकी थी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत

परिजन आनन-फानन में शिवकुमारी को निजी वाहन से लेकर अंबिकापुर जिला अस्पताल पहुंचे। यहाँ डॉक्टरों ने गहन परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। 12 अप्रैल, रविवार को जिला अस्पताल के पुलिस सहायता केंद्र से घटना की आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही दरिमा पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

सावधानी की अपील

प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि डैम या जलाशयों के गहरे पानी में उतरते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

कार्य में लापरवाही राजस्व निरीक्षक और पटवारी निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के मामले में एक राजस्व निरीक्षक और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जारी आदेशानुसार, ग्राम उरंगा-बरिमा (तहसील मैनपाट) में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि की फसल क्षति मुआवजा निर्धारण का दायित्व संगीता भगत राजस्व निरीक्षक और चन्द्रदेव मिर्रे पटवारी को सौंपा गया था। जांच में पाया गया कि उक्त कर्मचारियों द्वारा मूल (सेटलमेंट) रकबा से अधिक रकबा दर्ज किया गया। साथ ही मुआवजा अवधि के दौरान भूमि का क्रय-विक्रय कर ऑनलाइन अभिलेख दुरुस्त किए गए और पुनः मूल भूमि स्वामी के नाम से त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया।
इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा दिनांक 18.03.2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर जवाब मांगा गया था। दोनों कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाए गए। उनके इस कृत्य को छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत मानते हुए कड़ी कार्यवाही की गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत, संगीता भगत (राजस्व निरीक्षक) और चन्द्रदेव मिर्रे (पटवारी) को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में संगीता भगत का मुख्यालय ’कार्यालय भू-अभिलेख, जिला-सरगुजा’ तथा चन्द्रदेव मिर्रे का मुख्यालय कार्यालय तहसीलदार उदयपुर नियत किया गया है। दोनों निलंबित कर्मचारियों को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
कलेक्टर द्वारा इस आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त भू-अभिलेख, आयुक्त सरगुजा संभाग सहित संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।

भ्रष्टाचार की ‘पुताई’ पर विभाग की चुप्पी: क्या साहबों की जेब तक जा रहा है सिरसी का सरकारी पैसा?

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर भैयाथान मुकेश गुप्ता : जिले के भैयाथान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिरसी में रेशम विभाग के नाम पर चल रहे महाघोटाले का खुलासा हुए कई दिन बीत गए, लेकिन प्रशासन की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। ‘वृक्षारोपण’ के नाम पर पैसा निकालकर पेड़ों पर ‘चूना’ पोतने का जो तमाशा फील्ड ऑफिसर तिलक श्रीवास्तव और उनके सहयोगियों द्वारा शुरू किया गया था, वह आज भी बदस्तूर जारी है। आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि भ्रष्टाचार के पुख्ता सबूतों के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं?


सवाल नं. 1: वृक्षारोपण की फाइल में पुताई का खेल क्यों?
जनता यह जानना चाहती है कि शासन ने बजट “वृक्षारोपण” (नए पौधे लगाने) के लिए स्वीकृत किया था, तो उस पैसे से पुराने पेड़ों की ‘पुताई’ क्यों की जा रही है? क्या कागजों में नए पौधे जीवित दिखा दिए गए हैं? रेशम विभाग के अधिकारी यह स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं कि बिना किसी तकनीकी आवश्यकता के, बेमौसम पुताई कराकर सरकारी धन की होली क्यों खेली जा रही है?

सवाल नं. 2: फर्जी हाजिरी के ‘डिजिटल सबूत’ पर कार्रवाई कब?
मनरेगा के ऑनलाइन सिस्टम में एक ही फोटो को बार-बार अपलोड कर 7-7 मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई जा रही है। यह सीधे तौर पर राजस्व की चोरी और जालसाजी का मामला है। तकनीक को ठेंगा दिखाने वाले फील्ड ऑफिसर पर अब तक एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं हुई? क्या विभाग के बड़े अफसरों को इस फर्जीवाड़े में हिस्सा मिल रहा है, इसलिए वे आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं?


सवाल नं. 3: अवैध नियुक्तियों का हिसाब कौन देगा?
बिना किसी स्वीकृत पद के एक ‘फर्जी चौकीदार’ की नियुक्ति कर उसे सरकारी फंड से भुगतान करना वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। बिना बजट और बिना पद के यह मेहरबानी किस आधार पर की जा रही है?


अधिकारियों की चुप्पी… मिलीभगत या डर?
जब इस संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की जाती है, तो उनके पास कोई ठोस जवाब नहीं होता हैं शायद इसी वजह से तीन जिलों का प्रभार संभाल रहे सहायक संचालक शिव नारायण सिंह फोन उठाने की हिम्मत नहीं कर पाते हैं। सिरसी के इस रेशम केंद्र में चल रही धांधली यह बताने के लिए काफी है कि यहाँ नियम नहीं, बल्कि फील्ड ऑफिसर की मनमानी चलती है।
अगर जल्द ही इस मामले में जांच कमेटी गठित कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि भैयाथान से लेकर जिला मुख्यालय तक भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। शासन को चूना लगाने वाले इन सफेदपोश ‘दीमकों’ पर कार्रवाई का इंतजार पूरा जिला कर रहा है।

सूरजपुर: जंगल में जुआ खिलाना थाना प्रभारी को पड़ा भारी, एसपी ने टीआई अलरिक लकड़ा और एक आरक्षक को किया निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र रामानुजनगर/सूरजपुर : सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुमेली घाट के जंगलों में बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे जुए के फड़ का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता को देखते हुए सूरजपुर पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रशांत कुमार ठाकुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रामानुजनगर थाना प्रभारी निरीक्षक अलरिक लकड़ा और आरक्षक (चालक) पंकज सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते 5 और 6 अप्रैल को सोशल मीडिया (फेसबुक, यूट्यूब) और प्रिंट मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। इस वीडियो में रामानुजनगर के कुमेली घाट जंगल में भारी संख्या में लोग दांव लगाते और जुआ खेलते नजर आ रहे थे। हैरानी की बात यह थी कि इस अवैध कृत्य में पुलिस लाइन सूरजपुर में पदस्थ आरक्षक (चालक) पंकज सिंह भी जुआ खेलते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
एसएसपी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि थाना क्षेत्र में इतने वृहद स्तर पर अवैध जुआ संचालित होना थाना प्रभारी की संलिप्तता अथवा पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है। आदेश के मुताबिक, स्पष्ट निर्देशों के बावजूद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण न रख पाना ‘कदाचरण’ की श्रेणी में आता है।


निलंबन और विभागीय जांच के आदेश
निरीक्षक अलरिक लकड़ा: अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोप में निलंबित कर रक्षित केंद्र (डीआरपी लाइन) सूरजपुर संबद्ध किया गया है। उनके विरुद्ध प्राथमिक जांच के लिए बेनार्ड कुजूर (पु.अनु.अधि. प्रेमनगर) को नियुक्त किया गया है, जिन्हें 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
आरक्षक पंकज सिंह: पुलिस की छवि धूमिल करने और जुए में संलिप्तता के कारण आरक्षक को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसकी जांच का जिम्मा अशोक गिरी (रक्षित निरीक्षक सूरजपुर) को सौंपा गया है।
पुलिस महकमे में मची खलबली
इस कार्रवाई ने जिले के अन्य थाना प्रभारियों को भी सख्त संदेश दिया है कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार केवल गुजारा भत्ता देय होगा।

भू-माफियाओं के हौसले बुलंद: गरीब किसान की भूमि पर जबरन कब्जा और निर्माण कार्य…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/भैयाथान मुकेश गुप्ता : जिले के भैया थान विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरसी में भू-माफियाओं के आतंक का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सीधे-साधे ग्रामीणों की पुश्तैनी संपत्तियों पर रसूखदारों द्वारा गिद्ध दृष्टि जमाई जा रही है। ताजा मामला भैयाथान तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिरसी का है, जहाँ एक किसान की जमीन को हड़पने की नीयत से अवैध निर्माण कार्य किया जा रहा है।

क्या है पूरा मामला ?


ग्राम सिरसी निवासी पीड़ित सुरेश गुप्ता ने बताया कि उनकी ग्राम सिरसी में स्थित निजी भूमि (खसरा नंबर 863/4, रकबा 0.04 हेक्टेयर) पर गाँव के ही कुछ रसूखदार व्यक्ति अवैध रूप से कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।

राजस्व दस्तावेजों में हेर-फेर का आरोप …

पीड़ित का गंभीर आरोप है कि विपक्षी दलों ने आपसी मिलीभगत और पैसों के लेन-देन का लालच देकर भैयाथान तहसील के कानूनगो/रिकॉर्ड शाखा के अधिकारियों के साथ साठ-गांठ की है। आरोप है कि सरकारी दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर कर हेर-फेर की गई है। विपक्षी दल पीड़ित के नाम एवं नक्शे में काट-छांट कर जमीन को अपने नाम पर दर्ज कराने की फिराक में हैं।

बिना अनुमति निर्माण कार्य और धमकी …

पीड़ित के अनुसार, अनावेदक पक्ष,पूरन राम राजवाड़े,विजेन्द्र राजवाड़े, ढोखन राजवाड़े उक्त व्यक्तियों ने बिना किसी वैध अधिकार के पीड़ित की रजिस्ट्रीशुदा जमीन पर नींव खोदकर मकान निर्माण कार्य शुरू कर दिया है

जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो उसे डराया-धमकाया गया। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से पता चला है कि राजस्व रिकॉर्ड में भी बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई है।


कड़ी कार्रवाई की मांग …

पीड़ित सुरेश गुप्ता ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए ताकि शासकीय दस्तावेजों की शुचिता बनी रहे और एक गरीब की जमीन सुरक्षित रह सके। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी पुश्तैनी जमीन उनके हाथ से निकल जाएगी।


सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले को दर्शाती है।

जबकि राजस्व रिकॉर्ड में बड़ा फर्जीवाड़ा कर सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्तेदारों को लाभ पहुँचाया गया।

शासकीय कर्मचारी पर मूल दस्तावेजों और नक्शों से छेड़छाड़ का आरोप  प्रशासन से सख्त कार्रवाई की माँग पीड़ित द्वारा की जा रही है।
जिले का राजस्व विभाग इन दिनों अपने नित्य नए-नए कारनामों में खबरों की सुर्खियां तो बटोर ही रहा है, राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी में एक सरकारी कर्मचारी पर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर करने और अपने रिश्तेदारों को अवैध रूप से आर्थिक व भू-लाभ पहुँचाने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली और सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित  शिकायत के अनुसार, राजस्व विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने शासकीय रिकॉर्ड (नामांतरण पंजी एवं फर्द नक्शा) के साथ अवैध रूप से छेड़छाड़ की है। आरोप है कि कर्मचारी ने खसरा के मूल दस्तावेजों और नक्शों को बदलकर उनमें काट-छाँट की। इस हेराफेरी के जरिए आवेदक की भूमि को चालाकी से अपने रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज कर दिया गया।


पद का दुरुपयोग और मिलीभगत

पीड़ित ने बताया कि संबंधित कर्मचारी न केवल एक महत्वपूर्ण पद पर तैनात है, बल्कि रिकॉर्ड शाखा का प्रभारी भी है। इसी का फायदा उठाकर उसने सरकारी दस्तावेजों की पवित्रता को भंग किया। यह पूरी साजिश निजी स्वार्थ और अपने परिवार को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से रची गई है। इसे “गंभीर भ्रष्टाचार” और “शासकीय धोखाधड़ी” की श्रेणी में देखा जा रहा है।


सख्त कार्रवाई की माँग
इस कृत्य से आक्रोशित पीड़ित और आवेदक ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि दोषी कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की निष्पक्ष और आंतरिक जाँच कर सच सामने लाया जाए। राजस्व रिकॉर्ड को पुन दुरुस्त कर पीड़ित को न्याय दिलाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।


प्रशासनिक रुख पर टिकी नजरें ….

अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है। विभागीय अधिकारियों से माँग की गई है कि वे सरकारी रिकॉर्ड की शुचिता बनाए रखने के लिए आरोपी कर्मचारी पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि जनता का विश्वास प्रशासन पर बना रहे।


मुख्य बिंदु ….

आरोप, राजस्व रिकॉर्ड, खसरा और नक्शों में अवैध काट-छाँट।


उद्देश्य … रिश्तेदारों को जमीन और पैसे का अवैध लाभ पहुँचाना।


माँग… पद से बर्खास्तगी और एफआईआर (FIR) दर्ज करने की अपील।

अंबिकापुर: तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने 3 महिलाओं को रौंदा, मौके पर ही मौत; गुस्साई भीड़ ने ड्राइवर को मरणासन्न होने तक पीटा!!

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर स्थित ग्राम भिट्ठीकला में रविवार की शाम एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने सड़क किनारे चल रही तीन महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीनों महिलाओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक की जमकर पिटाई कर दी है।
सब्जी लेकर घर लौट रही थीं महिलाएं
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6.45 बजे ग्राम भिट्ठीकला की रहने वाली तीन महिलाएं मुख्य मार्ग पर स्थित बाजार से सब्जी खरीदकर पैदल अपने घर की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान अंबिकापुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो क्रमांक CG 15 EH-8874 के चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए उन्हें पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों महिलाएं वाहन के नीचे कुचल गईं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
ट्रेलर से टकराई स्कॉर्पियो, उड़े परखच्चे
महिलाओं को टक्कर मारने के बाद बेकाबू स्कॉर्पियो सामने से आ रहे एक ट्रेलर से जा भिड़ी। इस भिड़ंत में स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई, हाईवे पर लगा जाम
हादसे से गुस्साए स्थानीय लोगों ने कानून अपने हाथ में ले लिया। भीड़ ने स्कॉर्पियो चालक को वाहन से खींचकर बाहर निकाला और उसकी बेदम पिटाई शुरू कर दी। लोगों ने उसे इतना मारा कि उसकी हालत अत्यंत गंभीर हो गई है। घटना के बाद भिट्ठीकला मेन रोड पर आक्रोशित ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया, जिससे नेशनल हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
पुलिस बल मौके पर तैनात
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मणिपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और घायल चालक को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल भेजा। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

किडनी के लिए वरदान हैं ये 5 सुपरफूड्स, सेहत को भी मिलेंगे कमाल के फायदे…

हिंद स्वराष्ट्र : किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो शरीर से अपशिष्ट यानी टॉक्सिन को छानने और खून को फिल्टर करने का काम करती है। लेकिन, अनहेल्दी लाइफस्टाइल के चलते खानपान में बदलाव और तनाव अधिक बढ़ गया है। जिसका सीधा असर किडनी पर पड़ता है और किडनी से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। हालांकि, खानपान के जरिए किडनी को हेल्दी बनाए रखा जा सकता है। क्किडनी के लिए फायदेमंद कुछ सुपरफूड बताए गए हैं, जो न केवल किडनी की कार्यप्रणाली में सुधार करते हैं, बल्कि किडनी के जुड़ी समस्याओं को भी रोकते हैं।

गोभी
गोभी किडनी की हेल्थ के लिए एक उत्कृष्ट भोजन है। इसमें विटामिन सी, विटामिन के और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। कम पोटैशियम लेवल के कारण यह किडनी की समस्या वाले लोगों के लिए बहुत अच्छा विकल्प है। गोभी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषाक्त पदार्थों यानी टॉक्सिन को निकालने में मदद करते हैं। इसका सेवन सलाद, करी और सूप के रूप में करना सबसे अच्छा है। गोभी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करती है, जिससे गुर्दों पर तनाव कम होता है।

जामुन

स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और रास्पबेरी जैसे जामुन गुर्दे के स्वास्थ्य के लिए बहुच अच्छे होते हैं। ये विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो शरीर में मुक्त कणों को बेअसर करते हैं। जामुन में पोटैशियम और फास्फोरस कम होता है, जिससे यह गुर्दे की समस्या वाले लोगों के लिए सुरक्षित विकल्प बन जाता है। ये ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं, जो किडनी के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। जामुन को ताजा, स्मूदी या सलाद में खाया जा सकता है।

शिमला मिर्च
लाल शिमला मिर्च किडनी के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छा शाकाहारी भोजन है। इनमें विटामिन सी, विटामिन ए और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं, लेकिन पोटैशियम कम होता है। शिमला मिर्च में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट किडनी को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाते हैं। ये प्रतिरक्षा प्रणाली इम्यूनिटी को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। शिमला मिर्च को सलाद, तली हुई करी या ग्रिल्ड में खाया जा सकता है।

कद्दू के बीज
कद्दू के बीज किडनी की हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। ये ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर से भरपूर होते हैं। ये नट्स सूजन को कम करने और गुर्दे की पथरी के निर्माण को रोकने में मदद करते हैं। कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है, जो किडनी के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।

शकरकंद
किडनी के लिए शकरकंद बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह गुर्दे की समस्या वाले लोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि इसमें पोटैशियम और सोडियम कम होता है। शकरकंद में मौजूद साइट्रिक एसिड गुर्दे की पथरी बनने से रोकता है। यह फल शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखता है, जिससे किडनी की कार्यप्रणाली बेहतर होती है।

राजनाथ सिंह की बात से बौखलाया पाकिस्तान, कोलकाता पर हमला करने की दी गीदड़ धमकी…

नई दिल्ली। भारत से लगातार मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान सुधरने वाला नहीं है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को फिर से गीदड़ धमकी दी है।

ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भविष्य में भारत की ओर से किसी भी प्रकार के दुस्साहस की कोशिश का जवाब कोलकाता पर हमले से दिया जाएगा।

ख्वाजा आसिफ का यह बयान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मौजूदा स्थिति में भारत के पड़ोसी देश की किसी भी दुस्साहस पर अभूतपूर्व और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

पाकिस्तान की गीदड़ धमकी
आसिफ ने कहा, ‘अगर भारत इस बार कोई भी कदम उठाता है, तो हम उसे कोलकाता तक ले जाएंगे।’ उन्होंने दावा किया कि ऐसी खबरें हैं कि उनके अपने आदमियों के जरिए या पाकिस्तानियों के जरिए झूठा अभियान चलाया गया है, जिसमें कुछ शवों को कहीं लिटाकर यह कहा गया है कि वे आतंकवादी थे और उन्होंने वारदातों को अंजाम दिया था।

हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत नहीं दिया। आसिफ ने कहा कि किसी भी हमले का पाकिस्तानी जवाब तेज, सुनियोजित और निर्णायक होगा।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

‘हमारे न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से खाड़ी मुल्कों में रेडिएशन से मचेगी तबाही’, ईरान की US-इजरायल को चेतावनी…

ईरान ने इजरायल और अमेरिका को साफ-साफ चेतावनी दे दी है कि न्यूक्लियर प्लांट पर हमला करना खतरनाक साबित हो सकता है. अगर इससे रेडिएशन निकलता है तो खाड़ी के मुल्कों में तबाही मच जाएगी. बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर हुए हमले में अब तक एक शख्स की जान चली गई है.

ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में बुशहर न्यूक्लियर प्लांट स्थित है. इसपर अमेरिका और इजरायल ने हमला कर दिया है. यह ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 750 किलोमीटर दूर है इस हमले में अब तक एक शख्स की जान चली गई है. अमेरिका-इजरायल ने बीते कुछ दिनों से ईरान के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमलों में तेजी लाई है. प्लांट पर हमले से ईरान भड़क गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक बड़ा बयान दिया है.

बुशहर न्यूक्लियर प्लांट में रूस का यूरेनियम इस्तेमाल होता है और रूसी तकनीशियन वहां काम करते हैं. यह प्लांट ईरान को करीब 1000 मेगावाट बिजली देता है. इस पर हमला में मतलब ईरान में बड़े स्तर पर ऊर्जा संकट का खतरा तेजी से मंडरा सकता है.

ईरान के विदेश मंत्री ने क्या कहा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने अब तक बुशहर न्यूक्लियर प्लांट पर चार बार हमला किया है. उन्होंने कहा कि अगर यह हमले जारी रहे तो इस प्लांट से निकलने वाला रेडिएशन तेहरान नहीं बल्कि खाड़ी के देशों के शहरों में पहुंचेगा. यानी सऊदी अरब, UAE, कुवैत, बहरीन जैसे देशों के शहर तबाह होंगे. उनका कहना था कि हवा का रुख ऐसा है कि खतरा ईरान को नहीं, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों को होगा.

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के पेट्रोकेमिकल यानी तेल से जुड़े कारखानों पर भी हमले हो रहे हैं. इससे साफ है कि दुश्मन सिर्फ हथियार नहीं तोड़ना चाहता, बल्कि ईरान की अर्थव्यवस्था की कमर भी तोड़ना चाहता है.

अराघची ने पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यूरोप और अमेरिका इन हमलों पर चुप हैं, जबकि यह बेहद खतरनाक है.

ईरान क्या संदेश देना चाहता है?

ईरान की यह चेतावनी सीधे खाड़ी देशों को डराने के लिए है जो अमेरिका के साथ खड़े हैं. ईरान कह रहा है कि अगर हम डूबे तो तुम भी बचोगे नहीं. रेडिएशन की कोई सरहद नहीं होती. वो हवा के साथ जहां चाहे जाए. यह मामला सिर्फ ईरान और अमेरिका का नहीं रहा, पूरे पश्चिम के लिए खतरे की घंटी बज चुकी है.

पत्रकार ने मांगी सुरक्षा, जान से मारने की साजिश का लगाया आरोप…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : जिले के एक सक्रिय पत्रकार एवं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अमित कुमार पाण्डेय ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज अंबिकापुर को एक लिखित आवेदन सौंपा है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पत्रकार अमित पाण्डेय ने अपने आवेदन में बताया है कि वे लंबे समय से जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। वे लगातार भ्रष्टाचार, घोटालों और प्रशासनिक खामियों को उजागर करते आ रहे हैं। इसी कारण कुछ कथित भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी और उनसे जुड़े लोग उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं।
आवेदन के अनुसार, उन्हें विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाने, सड़क दुर्घटना के नाम पर जान से मारने तथा असामाजिक तत्वों के माध्यम से हमला कराने की योजना बनाई जा रही है। पत्रकार ने आशंका जताई है कि किसी भी समय उनके साथ गंभीर घटना हो सकती है।

पत्रकार ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि उनकी आवाज को दबाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह साजिश इसलिए रची जा रही है क्योंकि वे लगातार जनहित के मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर लिख रहे हैं।

इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अमित पाण्डेय ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, उनके आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और किसी भी साजिश या झूठे केस की सूचना मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने यह भी अपील की है कि उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

पत्रकार ने अपने आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक जशपुर, मुख्यमंत्री निवास कार्यालय, पुलिस महानिदेशक रायपुर, गृह मंत्री छत्तीसगढ़ सहित अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को भी भेजी है।
पत्रकार ने प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताते हुए कहा है कि इससे न केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि अन्य पत्रकारों और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट्स को भी सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।

April Rule 2026: आज से बदल रहे हैं ये 7 बड़े नियम, जान लें आपकी जेब पर इनका क्या पड़ेगा असर…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : आज 1 अप्रैल 2026 है, जो नए वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला दिन है। हर साल की तरह इस बार भी आज से रेलवे, इनकम टैक्स और एटीएम ट्रांजैक्शन समेत आम आदमी की जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं।
1 अप्रैल 2026 से हमारे रोजमर्रा के जीवन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव हो गया है। नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार, आरबीआई और रेलवे ने बैंकिंग, टैक्स और यात्रा से जुड़े इन नए प्रावधानों को लागू कर दिया है। इन बदलावों का सीधा असर आपकी मासिक बचत, खर्च करने के तरीके और डिजिटल सुरक्षा पर पड़ेगा।

जहां एक ओर रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के निमय में बदलाव किया है, वहीं हाईवे पर सफर करना और एटीएम से बार-बार पैसे निकालना अब महंगा साबित हो सकता है। इसके अलावा पैन कार्ड की सुरक्षा और इनकम टैक्स भरने की प्रक्रिया को भी पहले से अधिक ट्रांसपेरेंट और डिजिटल बनाया गया है। इसलिए आइए इन सभी बड़े बदलावों को विस्तार से और आसान भाषा में समझते हैं ताकि आप अपनी वित्तीय योजना को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकें और किसी भी तरह के जुर्माने या असुविधा से बच सकें।
1- रेलवे टिकट कैंसिलेशन और रिफंड का नया गणित

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत अब कंफर्म टिकट को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड मिल सकेगा। बता दें कि पहले यह समय सीमा 4 घंटे की थी। ये नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। रेलवे का मानना है कि इस नियम से अंतिम समय की अफरा-तफरी कम होगी और खाली सीटें अन्य जरूरतमंद यात्रियों को समय पर मिल सकेंगी।


2- बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा में बड़ी राहतरेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अब बोर्डिंग पॉइंट बदलने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आप ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने तक ही मिलती थी। अब आखिरी समय में प्लान बदलने पर भी आपकी सीट सुरक्षित रहेगी और सफर पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा।
3- FASTag हुआ महंगा और टोल पर कैश हुआ बंद

रेलवे के यात्रियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अब बोर्डिंग पॉइंट बदलने की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अब आप ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से मात्र 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने तक ही मिलती थी। अब आखिरी समय में प्लान बदलने पर भी आपकी सीट सुरक्षित रहेगी और सफर पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक होगा।


3- FASTag हुआ महंगा और टोल पर कैश हुआ बंद

अगर आप हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं, तो जान लें कि एनएचएआई (NHAI) ने फास्टटैग के सालाना पास की कीमत ₹3,000 से बढ़ाकर ₹3,075 कर दी है। इसके अलावा अब टोल प्लाजा पर कैश से भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। अब आपको अनिवार्य रूप से फास्टटैग, यूपीआई या क्यूआर कोड के जरिए ही डिजिटल पेमेंट करना होगा। कैश की जिद करने पर अब भारी जुर्माना या दोगुनी फीस भरनी पड़ सकती है। ये निमय भी आज से ही लागू होंगे।


4- पैन कार्ड बनवाने के लिए चाहिए ज्यादा दस्तावेज


पैन कार्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। नए नियम के तहत अब आवेदन के समय वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या 10वीं की मार्कशीट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब आपके पैन कार्ड पर वही नाम प्रिंट होकर आएगा जो आपके आधार कार्ड में दर्ज है। इससे पहचान की चोरी और फर्जी पैन कार्ड बनवाने जैसी घटनाओं पर लगाम लगेगी।

5– ATM से UPI निकासी अब फ्री ट्रांजैक्शन में शामिल

अब अगर आप बिना कार्ड के एटीएम से यूपीआई (UPI) के जरिए पैसे निकालते हैं, तो सावधान हो जाएं। बैंक अब इन ट्रांजैक्शन को भी आपके महीने के ‘फ्री एटीएम ट्रांजैक्शन’ की लिमिट में गिनेंगे। इसका मतलब है कि अगर आपकी फ्री लिमिट खत्म हो गई, तो यूपीआई से कैश निकालने पर भी आपको अतिरिक्त चार्ज देना होगा। यह नियम डिजिटल कैश निकासी को विनियमित करने के लिए लाया गया है ताकि बैंकिंग खर्चों को नियंत्रित किया जा सके।

    6– डिजिटल पेमेंट के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’

      ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए आरबीआई ने अब हर डिजिटल पेमेंट के लिए सुरक्षा की दूसरी परत अनिवार्य कर दी है। अब हर ट्राजेक्शन पर ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य होगा। यानी अब ओटीपी के साथ-साथ आपको पिन, बायोमेट्रिक या फेस आईडी का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। हालांकि यूपीआई में पिन और सिम बाइंडिंग के कारण यह सुरक्षा पहले से मौजूद है, लेकिन अब अन्य डिजिटल वॉलेट और पेमेंट गेटवे पर भी इसे सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि आपका पैसा किसी भी स्थिति में सुरक्षित रहे।

      7– इनकम टैक्स की नई व्यवस्था और आसान प्रक्रिया

        आज से देश में नया इनकम टैक्स कानून प्रभावी हो गया है, जिसने पुराने जटिल सिस्टम की जगह ले ली है। अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ के भ्रम को खत्म कर सिर्फ एक ‘टैक्स ईयर’ रखा गया है। टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने ITR-3 और ITR-4 भरने की आखिरी तारीख को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया है। इससे छोटे व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को अपना टैक्स रिटर्न सही समय पर और बिना किसी दबाव के भरने का मौका मिलेगा।

        सरगुजा संभाग में ‘अंधा कानून’ और दम तोड़ता लोकतंत्र…

        प्रशासनिक शिथिलता और भ्रष्टाचार जब लोकशाही की जड़ों को खोखला करने लगें, तो आवाज उठाना चौथे स्तंभ यानी मीडिया का नैतिक धर्म बन जाता हैं।

        हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर/सरगुजा : लोकतंत्र की परिभाषा है—’जनता का, जनता के लिए और जनता द्वारा शासन’। लेकिन वर्तमान में सरगुजा संभाग की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहाँ ‘लोकतंत्र’ अब ‘भ्रष्ट तंत्र’ का पर्याय बन चुका है। जनता की गाढ़ी कमाई, जो विकास कार्यों के लिए आवंटित होती है, वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है और जिम्मेदार अधिकारी आँखों पर पट्टी बांधे धृतराष्ट्र की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
        जांच की रस्म अदायगी और ‘क्लीन चिट’ का खेल
        सरगुजा संभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतें कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतों पर कार्रवाई का ग्राफ शून्य की ओर है। जब भी कोई बड़ा घोटाला या अनियमितता उजागर होती है, तो आनन-फानन में एक ‘जांच कमेटी’ गठित कर दी जाती है। विडंबना देखिए कि अधिकांश मामलों में जांच की फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं। यदि दबाव बढ़ा और जांच हुई भी, तो पूरी मशीनरी भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए सुरक्षा कवच तैयार करने में जुट जाती है।
        दोषी सिद्ध, फिर भी कार्रवाई से कोसों दूर
        सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति तब उत्पन्न होती है जब जांच रिपोर्ट में अधिकारी स्पष्ट रूप से दोषी पाया जाता है। कायदे से, ऐसे तत्वों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। परंतु, सरगुजा में एक अजीब परंपरा चल पड़ी है—दोषी को दंड के बजाय संरक्षण दिया जा रहा है। राजनीतिक सांठगांठ और प्रशासनिक रसूख के मेल ने एक ऐसा ‘सुरक्षा जाल’ बुन लिया है जिसे भेद पाना आम नागरिक के बस की बात नहीं रही।
        शासन की मंशा पर सवाल
        अधिकारियों की यह मनमानी और बेलगाम रवैया न केवल शासन की छवि को धूमिल कर रहा है, बल्कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की धज्जियां भी उड़ा रहा है। क्या संभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों और शासन को यह नहीं दिख रहा कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं? या फिर यह मान लिया जाए कि मौन ही सहमति है?

        शासन और प्रशासन को यह समझना होगा कि जनता का धैर्य असीमित नहीं है। अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह दिन दूर नहीं जब आम आदमी का ‘सिस्टम’ पर से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा। सरगुजा संभाग को भ्रष्ट अधिकारियों की चारागाह बनने से बचाना अब केवल प्रशासनिक जरूरत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अनिवार्यता है।

        मुख्य प्रश्न जिनके जवाब अज्ञात :
        * प्रशासनिक अनदेखी: अधिकारियों द्वारा शिकायतों को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा..?
        * संरक्षण की राजनीति: दोषियों को सजा के बजाय ‘सुरक्षा कवच’ क्यों प्रदान किया जा रहा हैं..?
        * प्रक्रियात्मक विफलता: जांच कमेटियां केवल दिखावा बनकर क्यों रह गई है..?

        अहिंसा के अवतार: भगवान महावीर और उनके प्रासंगिक विचार…

        हिंद स्वराष्ट्र, महावीर जयंती विशेष : आज जब विश्व अशांति, हिंसा और असहिष्णुता के दौर से गुजर रहा है, तब जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन मनाया जाने वाला महावीर जयंती का पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि मानवता को सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की याद दिलाने वाला दिन है।
        महावीर का जीवन दर्शन
        कुंडलपुर (बिहार) के राजसी वैभव को त्याग कर सत्य की खोज में निकलने वाले वर्द्धमान ने 12 वर्षों की कठोर तपस्या के बाद ‘केवल ज्ञान’ प्राप्त किया। उन्होंने दुनिया को यह सिखाया कि विजय शस्त्रों से नहीं, बल्कि स्वयं की इंद्रियों और विकारों को जीतने से मिलती है। इसीलिए उन्हें ‘महावीर’ कहा गया।
        पंचशील सिद्धांत: सुखी जीवन का आधार
        भगवान महावीर ने पांच मूलभूत सिद्धांतों की शिक्षा दी, जो आज के आधुनिक समाज की कई समस्याओं का समाधान हैं:
        अहिंसा (Non-violence): केवल शारीरिक चोट न पहुँचाना ही अहिंसा नहीं है, बल्कि मन और वाणी से भी किसी का बुरा न सोचना अहिंसा है। ‘जियो और जीने दो’ का उनका संदेश वैश्विक शांति का मूल मंत्र है।
        सत्य (Truth): कठिन परिस्थितियों में भी सत्य का साथ न छोड़ना।
        अस्तेय (Non-stealing): किसी दूसरे की वस्तु पर अधिकार न जताना।
        ब्रह्मचर्य (Chastity): संयम और पवित्रता का पालन करना।
        अपरिग्रह (Non-attachment): आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह न करना। यह सिद्धांत आज के उपभोक्तावादी युग में मानसिक शांति और पर्यावरण संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
        अनेकांतवाद: वैचारिक उदारता
        महावीर स्वामी का ‘अनेकांतवाद’ का सिद्धांत सिखाता है कि सत्य के कई पहलू हो सकते हैं। दूसरों के दृष्टिकोण का सम्मान करना और मतभेदों को संवाद से सुलझाना ही इस दर्शन का सार है। यदि आज का समाज इसे अपना ले, तो वैचारिक मतभेद और संघर्ष समाप्त हो सकते हैं।
        आज के संदर्भ में महत्व
        महावीर जयंती हमें आत्म-निरीक्षण का अवसर देती है। यह दिन हमें संकल्प लेने के लिए प्रेरित करता है कि हम न केवल जीव मात्र के प्रति दया भाव रखें, बल्कि पर्यावरण के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी समझें। उनके अनुसार, “मित्ती मे सव्व भूएसु” अर्थात् सभी जीवों के साथ मेरी मित्रता हो।
        निष्कर्ष:
        भगवान महावीर के विचार किसी एक धर्म या संप्रदाय के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए हैं। उनकी जयंती मनाना तभी सार्थक होगा जब हम उनके बताए अहिंसा और करुणा के मार्ग पर एक कदम आगे बढ़ाएं।

        ठेकेदार की शिकायत पर PHE ने उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी…

        हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) खण्ड अम्बिकापुर में कार्यरत एक ठेकेदार द्वारा भुगतान में विलंब को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह की चेतावनी दिए जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

        जानकारी के अनुसार, ठेकेदार रजनीकांत ने 27 मार्च को विभाग को दिए गए पत्र में आरोप लगाया है कि जल जीवन मिशन अंतर्गत किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर देयक तैयार करने में अग्रिम कमीशन की मांग, ब्लैकमेलिंग एवं मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। ठेकेदार का कहना है कि लगभग 65 लाख रुपये के कार्य के एवज में अब तक केवल 22 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है, जबकि शेष राशि एक वर्ष से लंबित है।

        पत्र में ठेकेदार ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो वे 30 मार्च को दोपहर 1 बजे PHE कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करेंगे।

        मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड अम्बिकापुर ने संबंधित उप अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त जवाब के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

        सरगुजा के विकास को लगेंगे नए पंखः माँ महामाया एयरपोर्ट से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी विमान सेवा का कल 30 मार्च को होगा ऐतिहासिक शुभारंभ…

        हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा संभाग के निवासियों के लिए कल का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करते हुए माँ महामाया एयरपोर्ट, दरिमा (अम्बिकापुर) से देश के दो प्रमुख महानगरों-दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी विमान सेवा का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।

        मुख्यमंत्री करेंगे वर्चुअल शुभारंभ
        इस गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने कर-कमलों द्वारा वर्चुअल माध्यम से उड़ानों का शुभारंभ करेंगे। यह पहल न केवल उत्तर छत्तीसगढ़ की हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

        पीजी कॉलेज आडिटोरियम में वर्चुअल कार्यक्रम
        विमान सेवा के इस शुभारंभ हेतु स्थानीय स्तर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है, दिनांकः 30 मार्च 2026 (सोमवार) प्रातः 10ः00 बजे,पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम, अम्बिकापुर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करेंगे।

        संभाग की प्रगति की नई उड़ान
        माँ महामाया एयरपोर्ट से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान शुरू होना सरगुजा के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदल देगा। यह केवल हवाई सेवा नहीं, बल्कि संभाग की प्रगति की नई उड़ान है।जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और आम जनता को इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने हेतु सादर आमंत्रित किया है।

        बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ IPS अधिकारी रतन लाल डांगी निलंबित, सोशल मीडिया पर आचरण को लेकर हुई कार्रवाई…

        हिंद स्वराष्ट्र नवा रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग ने आज एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए 2003 बैच के वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी रतन लाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन द्वारा जारी आदेश में उन पर पद की गरिमा के प्रतिकूल आचरण और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
        निलंबन का मुख्य कारण
        सरकारी आदेश के अनुसार, डांगी पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ और गरिमापूर्ण पद पर रहते हुए अपने पद के अनुरूप आचरण नहीं किया। उन पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए हैं:
        अशोभनीय व्यवहार: पद के प्रभाव का दुरुपयोग और नैतिकता के प्रतिकूल आचरण।
          नियमों का उल्लंघन: अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के नियम 3(1-क) (i), नियम (2-ख) (vii) और नियम 17-क (दो) का प्रथम दृष्टया उल्लंघन पाया गया है।
        सोशल मीडिया का मुद्दा: आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि डांगी के कृत्य इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है।


        आदेश के मुख्य बिंदु
        तत्काल प्रभाव से निलंबन: राज्य शासन ने अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1969 के नियम 3 (1) (a) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए उन्हें निलंबित किया है। निलंबन की अवधि के दौरान डांगी का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय (PHQ), नवा रायपुर रहेगा। वे सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
        विभागीय जांच प्रस्तावित
        शासन ने माना है कि इन अनैतिक कृत्यों के लिए रतन लाल डांगी व्यक्तिगत स्तर पर पूर्ण रूप से जिम्मेदार हैं। इसी आधार पर उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है।
        यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से अवर सचिव डी.एस. ध्रुवे द्वारा आज, 26 मार्च 2026 को जारी किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

        धर्म परिवर्तन के साथ ही खत्म हो जाएगा अनुसूचित जाति का दर्जा, सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला…

        हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली: हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म अपनाने वाले ही अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त कर सकते हैं. ईसाई आदि, किसी अन्य धर्म में कन्वर्ट होने पर व्यक्ति अपना अनुसूचित जाति का दर्जा खो देगा. ये ऐतिहासिक फैसला है सुप्रीम कोर्ट का. जस्टिस पी.के. मिश्रा और एन.वी. अंजारी की बेंच ने फैसला सुनाया कि ईसाई धर्म में कन्वर्ट होने वाला दलित व्यक्ति अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का लाभ नहीं ले सकेगा.

        कन्वर्जन पर ऐतिहासिक फैसला देते हुए कोर्ट ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा. कोई भी व्यक्ति जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानता है, उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता. अदालत ने साफ किया कि ईसाई बने व्यक्ति को SC/ST एक्ट का लाभ नहीं मिलेगा.
        ईसाई बनने पर SC का दर्जा खत्म हो जाएगा
        सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि जो व्यक्ति हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में कन्वर्ट हो जाता है, उसे अनुसूचित जाति (SC) का सदस्य नहीं माना जा सकता और वह SC/ ST Act, 1989 के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकता. जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस ए वी अंजारिया  की पीठ ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि जो व्यक्ति ईसाई धर्म अपना चुका है और सक्रिय रूप से उसका पालन करता है, वह अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य नहीं रह सकता. पादरी चिंथदा आनंद के आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के मई 2025 के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला सुनाया.
        पूरा मामला समझिए
        पादरी चिंथदा आनंद ने आरोप लगाया कि उन्हें अक्काला रामिरेड्डी और अन्य लोगों द्वारा जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा. उन्होंने इस मामले में SC\ST अधिनियम के तहत उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने उसी के आधार पर FIR दर्ज की थी. जिसके बाद रामिरेड्डी ने केस को रद्द करने के लिए आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया था. जस्टिस एन हरिनाथ ने FIR को इस आधार पर रद्द किया कि पादरी आनंद ने ईसाई धर्म परिवर्तन के बाद अपनी अनुसूचित जाति वाले स्टेटस को खो दिया, इसालिए वह SC\ST अधिनियम के तहत संरक्षण का दावा नहीं कर सकते. कोर्ट ने ने यह भी कहा कि पादरी आनंद के पास अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र होने से मामले में कोई मदद नहीं मिलेगी. क्यों कि ईसाई धर्म में जातिगत भेदभाव मौजूद नहीं है, इसीलिए यह उनकी अनुसूचित जाति की स्थिति को अमान्य कर देता है. इसके बाद आनंद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
        धर्म परिवर्तन के बाद खत्म होगा अनुसूचित जाति का दर्जा
        सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति जो हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म के अलावा किसी अन्य धर्म को मानता है, उसे अनुसूचित जाति का सदस्य नहीं माना जा सकता. बेंच ने साफ किया कि किसी अन्य धर्म में परिवर्तन करने से अनुसूचित जाति का दर्जा समाप्त हो जाता है.

        SC/ST अत्याचार अधिनियम के तहत संरक्षण देना उचित नहीं
        सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड से पता चला कि अपीलकर्ता लगभग एक दशक तक ईसाई धर्म का पालन करता रहा और पादरी के रूप में रविवार की प्रार्थनाएं भी कराता रहा. इन तथ्यों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को अनुसूचित जाति समुदाय का सदस्य मानकर SC/ST अत्याचार अधिनियम के तहत संरक्षण देना उचित नहीं होगा.

        मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका में ACB की बड़ी कार्रवाई: 53 हजार रिश्वत लेते CMO और अकाउंटेंट गिरफ्तार…


        हिंद स्वराष्ट्र  मनेन्द्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह: जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आज एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए रिश्वतखोरी के मामले में लेखापाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
        जानकारी के अनुसार, प्रार्थी ठेकेदार चन्द्रमड़ी वर्मा से काम का बिल पास कराने के एवज में ₹53,000 की रिश्वत मांगी गई थी। इस राशि में से ₹20,000 की पहली किश्त पहले ही ली जा चुकी थी, जबकि शेष ₹33,000 की रकम लेते समय ACB ने जाल बिछाकर कार्रवाई की।
        बताया जा रहा है कि तय योजना के तहत ठेकेदार दोपहर में रकम लेकर CMO इशहाक खान के निवास पहुंचे। आरोप है कि CMO के निर्देश पर यह रकम नगर पालिका के लेखापाल सुशील भगत को दी गई। जैसे ही सुशील भगत ने नकद राशि हाथ में ली, पहले से घात लगाए ACB की टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
        कार्रवाई के बाद ACB ने लेखापाल सुशील भगत को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं CMO इशहाक खान को भी गिरफ्तार में किया है अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
        मुख्य बिंदु:
        ₹53,000 की रिश्वत का मामला
        ₹20,000 पहले, ₹33,000 लेते वक्त गिरफ्तारी
        लेखापाल सुशील भगत रंगे हाथों पकड़े गए
        CMO इशहाक खान की भूमिका संदिग्ध
        ACB कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
        इस बड़ी कार्रवाई के बाद नगर पालिका सहित पूरे जिले के प्रशासनिक तंत्र में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

        बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर निरस्त, अब 10 अप्रैल को होगी दोबारा परीक्षा..

        हिंद स्वराष्ट्र रायपुर: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल (CGBSE) ने कक्षा 12वीं के हिंदी विषय की परीक्षा को निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है। यह निर्णय पेपर लीक होने की शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बाद लिया गया है। अब परीक्षार्थियों को इस विषय की परीक्षा दोबारा देनी होगी।

        ​क्यों रद्द हुई परीक्षा?

        ​मण्डल द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 14 मार्च 2026 को आयोजित कक्षा 12वीं की हिंदी की परीक्षा के ‘सेट बी’ (Set B) के प्रश्नपत्र लीक होने का दावा सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में किया गया था। इन दावों की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने में लिखित सूचना दी गई और सिटी कोतवाली में FIR भी दर्ज कराई गई है।

        ​मण्डल का निर्णय

        ​23 मार्च 2026 को हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह तय किया गया कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए 14 मार्च को संपन्न हुई परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।

        ​नई तारीख की घोषणा

        ​छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, मण्डल ने नई तिथि घोषित कर दी है:

        • ​निरस्त परीक्षा की तिथि: 14 मार्च 2026
        • ​पुनः परीक्षा की तिथि: 10 अप्रैल 2026
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