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कुन्नी मामला: अपने विभाग को बचाने एसपी सरगुजा बने लीपापोती एक्सपर्ट,,, 12 साल की बच्ची के दुख देखकर भी नही पसीज रहा महोदय का दिल…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 21 जनवरी 2022 को स्थानीय लखनपुर थाना के अंतर्गत आने वाले कुन्नी पुलिस चौकी में पदस्थ एक पुलिसकर्मी के द्वारा अपने अन्य दो आरोपियों के साथ अपनी पदस्थापना पुलिस चौकी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक घर में रात को 10:00 बजे अवैध रूप से घुसकर 6वीं कक्षा की बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने का प्रयास किया गया बच्ची के चिल्लाने पर जब पीड़िता की बड़ी बहन ने उसे बचाया एवं शोर मचाने पर आरोपी वहां से भागने लगे भागते समय उक्त पुलिसकर्मी एवं उसके साथ के आरोपीगणों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और भविष्य खराब करने की बात कही। आरोपियों द्वारा पीड़िता की बड़ी बहन के साथ हाथापाई भी की गई। घटना के तुंरत बाद पीड़िता बच्ची की बड़ी बहन रात को ही अपने छोटे-छोटे भाई बहनों को लेकर कुन्नी पुलिस चौकी जाती है और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराती है।

पीड़ित पक्ष ने बताया कि 21 जनवरी 2022 को शाम 6:00 बजे ही उक्त आरोपी पुलिसकर्मी द्वारा उनके घर आकर पूछताछ किया जाता हैं और जब यह बात आस पड़ोस में सभी को मालूम थी की पीड़िता के मम्मी-पापा घर पर नहीं है और पड़ोस के किसी दूसरे गांव गए हुए हैं तब मौके का फायदा उठाकर उक्त पुलिसकर्मी अपने दो साथियों के साथ बकायदा वर्दी में, घर में अधूरे बने हुए निर्माणाधीन दीवार को फांदकर घर में अवैध रूप से प्रवेश कर जाता है फिर 12 वर्षीय बच्ची के साथ सामुहिक बलात्कार करने का प्रयास करता है, पूरी घटना की जानकारी होते हुए भी पुलिस चौकी द्वारा उन्हें सुबह आने को कहा गया एवं अगले दिन सुबह आरोपी पुलिसकर्मी द्वारा स्वयं पीड़िता के पिता को 100 रुपए देकर रवाना कर दिया जाता है और एफआईआर दर्ज नहीं किया जाता है.
जब 26 जनवरी 2022 को एक स्थानीय न्यूज पोर्टल के सोशल मीडिया पेज पर मामला उठाया गया तब जाकर पुलिस एफआईआर दर्ज कर IPC 457,354, 323, 34तथा POCSO की धारा 7 एवं 8 दर्ज कर 3 आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर जेल भेजती है
मामले की गंभीरता को देखते हुए अकिल अहमद ने घटना स्थल एवं एफआईआर की जांच की तो पुलिस पर आरोप लगाया कि एफआईआर में न्यूनतम धाराएं जोड़ी गयी हैं तथा आरोपी पुलिसकर्मी का केवल प्रथम नाम ही एफआईआर में दर्ज किया गया ना तो आरोपी पुलिसकर्मी के पिता का नाम दर्ज है ना ही उसका आरक्षक क्रमांक ही दर्ज किया गया है। उक्त बातों की लिखित शिकायत लेकर जब एक्टिविस्ट अकिल अहमद 2 फरवरी 2022 को पुलिस अधीक्षक सरगुजा से मिले तो अकिल अहमद ने बताया कि पुलिस अधीक्षक का रवैय्या ना केवल निराशाजनक था बल्कि उनका व्यवहार पीड़िता बच्ची एवं उसके परिजनों के साथ असंवेदनशील था।
इन्ही सब बातों से क्षुब्ध होकर आज पीड़िता के परिजनों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर बताया कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है, पुलिस वाले 50 हजार लेकर मामले को रफा-दफा करने का उनपर दबाव बना रहे हैं पीड़िता के परिजनों के आग्रह पर एक्टिविस्ट अकिल अहमद ने प्रेस को ब्रीफ करते हुए बताया कि चूंकि अपराध में सशस्त्र बल का सदस्य अपने तैनाती क्षेत्र में एक अन्य लोक सेवक शिक्षक तथा अन्य के साथ मिलकर 12 वर्षीय बच्ची के साथ अवैध रूप से घर में घुसकर सामूहिक बलात्कार का प्रयास किया है अतः पुलिस को IPC की धारा 511 एवं POCSO की धारा 9 & 18 भी दर्ज करना चाहिए एवं घटना की जानकरी मिलने पर एफआईआर दर्ज करने में असफल रहने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी POCSO का अपराध पंजीबद्ध करना चाहिए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार से चर्चा के दौरान अकिल ने बताया कि पूरे मामले में सबसे बड़े दोषी पुलिस अधीक्षक सरगुजा हैं जिन्हें लिखित शिकायत देने के बाद भी उन्होंने अपने आरोपी पुलिसकर्मी को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी अतः उन्होंने इसकी शिकायत भारत के मुख्यन्यायाधीश, बिलासपुर उच्च न्यायालय के मुख्यन्यायाधीश के साथ अन्य जगहों पर करने का मन बनाया है.

अकिल ने स्थानीय पत्रकारों की समाज के प्रति संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि पत्रकारों के प्रयास से ही आज आरोपी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार करने में पुलिस विवश हुई है ऐसे मामलों को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से इसलिए उठाया जाना चाहिए क्योंकि ऐसे मामलों में आरोपियों को सजा मिलने पर इस तरह के अपराधों में कमी आएगी एवं हमारी बच्चियां सुरक्षित रह सकेगीं.

जिला पंचायत उपाध्यक्ष के पद पर श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव निर्विरोध निर्वाचित…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जिला पंचायत सरगुजा में रिक्त उपाध्यक्ष के पद पर श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव निर्विरोध निर्वाचित हुए। जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित उप निर्वाचन प्रक्रिया में अंतिम समय तक एक ही नामांकन पत्र दाखिल होने से पीठासीन अधिकारी के द्वारा श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव को निर्विरिध निर्वाचित घोषित कर प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
निर्वाचन हेतु कुल 14 जिला पंचायत सदस्यों में से 11 सदस्य उपस्थित थे। निर्वाचन के लिए केवल एक अभ्यर्थी का आवेदन कएप्राप्त हुआ। एक ही आवेदन प्राप्त होने के कारण श्री आदित्येश्वर शरण सिंहदेव को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। श्री सिंहदेव के निर्वाचित घोषित होते ही उपस्थित नीला पंचयात, सदस्यों ने इन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी।


उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष का पद 30 मार्च 2021 को तत्कालीन उपाध्यक्ष श्री राकेश गुप्ता के इस्तीफा देने के फलस्वरूप रिक्त हुआ था। करीब 10 माह बाद जिला पंचायत उपाध्यक्ष के लिए 6 फरवरी को निर्वाचन हुआ।
रिटर्निंग अधिकारी श्री अमृतलाल ध्रुव तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी श्री यशपाल प्रेक्षा के द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया सम्पन्न कराया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, जिला पंचायत सदस्य श्री राकेश गुप्ता, श्री राजनाथ सिंह, श्रीमती अर्पिता सिंहदेव,श्रीमती अनिमा केरकेट्टा सहित अन्य जनप्रतिनिधि,अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

एक ऐसा स्कूल जहां का प्रभारी प्राचार्य हमेशा उड़ाता हैं नियमों की धज्जियां,,, जांच रिपोर्ट में आता हैं पाक साफ,,, इत्तेफाक कहे या मिलीभगत…?

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गैना में प्रभारी प्राचार्य श्याम किशोर जायसवाल के द्वारा विद्यालय में भारी अनियमितता की जानकारी देखने को मिल रही है। दरअसल मामला गणतंत्र दिवस का है,जहां गैना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में संयुक्त सचिव के आदेशों की अवहेलना की गई है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जहां संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ संजय अग्रवाल ने कोरोना के प्रसार को देखते हुए 26 जनवरी के लिए कुछ गाइडलाइन जारी किए थे जिसमे स्पष्ट रूप से लिखा हुआ है की किसी भी (राज्य / जिला / ब्लाक / पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में भी स्थिति में स्कूली छात्र/छात्राओं को एकत्रित नहीं किया जायेगा। परंतु गैना शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जो नजारा देखने को मिल रहा है वह संयुक्त सचिव के आदेशों के पूर्णतः विपरीत है। आखिर जब संयुक्त सचिव ने अपने आदेश में कार्यकर्म संबंधी सभी रूपरेखा तैयार किए थे तब प्रभारी प्राचार्य द्वारा भीड़ इक्कठा करके कार्यकर्म का आयोजन करना संयुक्त सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नियमो की अवहेलना करना है।

क्या प्रभारी प्राचार्य शासन के नियमों से परे हैं..?
आखिर जब प्राचार्य द्वारा शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाई गई तो हम यह सोचने को विवश हैं की क्या एक प्रभारी प्राचार्य का पद संयुक्त सचिव के पद से बड़ा है या फिर वो अपने आप को शासन से परे समझते हैं,जो इस तरह से शासन के नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ा रहे हैं। यदि प्राचार्य द्वारा इक्कठा किए भीड़ की वजह से वहां उपस्थित छात्र/छात्रों को संक्रमण हो जाता तो इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती क्योंकि वहां उपस्थित अधिकतर ने ना तो मास्क लगा रखा था और ना ही उन्हें देख कर लग रहा था की उन्हें कोरोना गाइडलाइन की किसी प्रकार की जानकारी है।

जिला शिक्षा अधिकारी की बनती है जिम्मेदारी।
जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है की वो शासन के नियमों का पालन कड़ाई से कराएं और कहीं ऐसी घटना सामने आती है जहां नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हों तो उसपर तुरंत उचित कार्यवाही करें। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा इस मामले पर चुप्पी साधना किसी मिलीभगत की ओर अंदेशा करता है,क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी होती है की वो अपने जिले अंतर्गत आने वाली सभी शिक्षा संस्थानों में शासन के नियमों का कड़ाई से पालन कराएं ताकि किसी प्रकार की अनियमितता ना हो सके। लेकिन शिक्षा अधिकारी की खामोशी कहीं ना कहीं प्रभारी प्राचार्य श्याम किशोर जायसवाल पर उनकी उदारता या मिली भगत की ओर इशारा करता है।

कार्यवाही क्या होता है बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी को नही पता

बलरामपुर के जिला शिक्षा अधिकारी को किस मामले में कैसी कार्यवाही करनी चाहिए मामले को जिम्मेदारी से संज्ञान लेना चाहिए शायद ये उन्हें नही पता क्योंकि जिला शिक्षा अधिकारी अपने प्रभारी प्राचार्य श्याम किशोर जायसवाल को बचाने में लगे हुए है और वहीं एक ओर जशपुर में टीचर के द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को समय से ना उतरने पर उसे निलंबित कर दिया गया था। जशपुर के जिला शिक्षा अधिकारी से बलरामपुर जिला शिक्षा अधिकारी को सीखने की जरूरत है।

कुछ ही दिन पहले संविधान दिवस का भी किया गया था उलंघन जिसमे नही हुई कोई कार्रवाई बल्कि भरपूर हुआ लीपापोती

संविधान दिवस के दिन समस्त स्कूलों में विभाग द्वारा संविधान शपथ की फॉर्मेट भेजी गई थी इसके बावजूद श्याम किशोर जायसवाल द्वारा संविधान दिवस का शपथ ना दिलवाकर मंत्रियों के जैसे शपथ दिलाया गया था और उसका वीडियो वायरल हो चुका था जैसे ही वीडियो हमे मिला हमने तत्काल संयुक्त संचालक सरगुजा को अवगत कराया। वही अवगत कराने के तुरंत बाद संयुक्त संचालक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर किशन लाल महिलांगे को जांच के लिए बोला गया।

जांच में हुई पूरी तरह लीपापोती

जांच तो निष्पक्ष होता है परंतु जांच रिपोर्ट की माने तो गैना स्कूल में मौजूद सिर्फ तीन ही शिक्षक जो की प्राचार्य की अधीन या उनके पक्ष में रहते है का बयान लेकर जांच रिपोर्ट में यह बताया गया की उस स्कूल में सबसे पहले संविधान दिवस का शपथ दिलाया गया था इसके अलावा अलग से एक और शपथ दिलाया गया।

लेकिन सोचने वाली बात यह है की सारे शिक्षकों का बयान क्यों नही लिया गया यहां तक कि पूर्व प्राचार्य द्वीप लाल पैकरा का भी बयान लेना शिक्षा विभाग द्वारा जरूरी नहीं समझा गया। इससे यह अंदाजा लगाना गलत नही होगा की जिला शिक्षा अधिकारी के संरक्षण में यह सब हो रहा है
और फिर जब हम इस मामले की जानकारी के लिए संयुक्त संचालक के पास गए तो वो बीच बचाव करते नजर आए। जब हमने जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर से संपर्क किया तो उन्होंने जांच रिपोर्ट में वही बताया की पहले संविधान दिवस की शपथ दिलाई गई थी बाद में एक और शपथ दिलाई गई।
अब देखने वाली बात होगी की खबर लगने के बाद शिक्षा विभाग द्वारा क्या कार्यवाही होती है या फिर ऐसे ही अधिकारी कर्मचारी अपने जिम्मेदारी का दुरुपयोग करते रहेंगे।

तेज रफ्तार पिकअप ने दो बाईको को मारी टक्कर,, 1 की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : आज शाम हुए एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई वही 4 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दरअसल दुर्घटना पिकअप चालक की लापरवाही से हुई। पिकअप चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए दो मोटरसाइकिलों को मेंड्रा कला के पास जबरदस्त टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक में सवार लमगांव निवासी अजय दुबे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और दोनों बच्चे सहित सैनिक स्कूल का कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। अजय दुबे अपनी पत्नी और दो बच्चों को लेकर लखनपुर मार्ग की ओर जा रहे थे और विपरीत दिशा से सैनिक स्कूल में कुक का काम करने वाले सुरेश भगत अंबिकापुर की ओर आ रहे थे बताया जा रहा है कि उसी दौरान तेज रफ्तार पिकअप जो कि लखनपुर की ओर से अंबिकापुर की ओर आ रहा था उसने दोनो मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी।
आसपास के लोगों ने इसकी सूचना मणिपुर चौकी पुलिस के साथ साथ 112 वाहन को भी दी। बताया जा रहा है कि लगभग 1 घंटे बीत जाने के बावजूद मणिपुर पुलिस चौकी की पुलिस मौके पर नहीं पहुंच पाई नही एम्बुलेंस आ पाया जिसके बाद किसी तरह सैनिक स्कूल के वाहन से घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा सका।

अखिल भारतीय बंग समाज के दिलीप धर राष्ट्रीय अध्यक्ष और विजय व्यापारी प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ बंग समाज के पुनर्गठन कार्यक्रम समिति कार्यालय मधुर मिलन भगवानपुर में स्वामी विवेकानंद के छाया चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर राष्ट्रगान से शुभारंभ किया गया. समाज के प्रमुख संरक्षकगणों सुबोध विश्वास, शिव शंकर दास, दिलीप कुमार विश्वास, सुभाष राय एवं विमान मुखर्जी के उपस्थिति एवं निर्देशन में समिति के पुनर्गठन कार्यवाही में उपस्थित सभी अतिथियों का जिला कमेटी सरगुजा, बलरामपुर, रायगढ़ एवं सूरजपुर के पदाधिकारियों द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। प्रांतीय समिति के सचिव पुलिन मंडल ने संगठन के 3 वर्ष के कार्यकलापों एवं आवक जावक से संबंधित जानकारी का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया ।
सभा को गौरांग मंडल, आशीष विश्वास, गौर विश्वास, सुभाष राय, दिलीप कुमार विश्वास, शिव शंकर दास एवं सुबोध विश्वास के संबोधन के बाद पुनर्गठन कार्रवाई सुभाष राय के नेतृत्व में आरंभ कर सर्वसम्मति से आए निर्णय निर्णय अनुसार अखिल भारतीय बंग समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेतु दिलीप धर एवं छत्तीसगढ़ बंग समाज के प्रांतीय अध्यक्ष हेतु विजय व्यापारी के नाम घोषित किया गया।

उपस्थित सदस्यों ने ताली बजाकर एवं माल्यार्पण कर उक्त दोनों पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
तत्पश्चात दिलीप धर ने सभा को संबोधित करते हुए 3 माह के अंदर अपने कार्यकारिणी का घोषणा करने का वक्तव्य दिए। विजय व्यापारी ने कहां की प्रांतीय पदाधिकारियों का शीघ्र घोषणा कर शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य के बंगाली बाहुल्य जिलों में जिला कमेटी का शीघ्र पुनर्गठन किया जाएगा ।
कार्यक्रम का संचालन दिवाकर मुखर्जी ने किया
पुनर्गठन कार्यक्रम में सैकड़ों सदस्य एवं आमजन उपस्थित हुए। विशेष रूप से धीरज मंडल, शैलेंद्र मंडल, रामू घोष, कृष्णा मंडल, दिलीप समद्दार, मुन्ना माली, दीपक मंडल, रमेश विश्वास, सुनील विश्वास, सुभाष नंदी, दयाल विश्वास, संतोष सरदार, सुशांत घोष, कृष्णा मलिक, विजय अधिकारी, गणेश मंडल, बासु सरदार, गौतम ठाकुर, मंगल विश्वास, समीर हालदार आदि उपस्थित थे।

सड़क पर बेहोश पड़ा था युवक, मदद करने रुके 2 युवकों की ये देख डोल गई नीयत, CCTV में कैद हुई करतूत..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सड़क पर बेहोश पड़े घायल को राहत पहुंचाने के लिए बाइक सवार 2 युवक तो रूके पर उनकी नीयत एकाएक डोल गई। आहत के बैग में रुपए देख कर दोनों सहयोग करने की बजाय रुपए लेकर वहां से फरार हो गए। यह सारा कारनामा पास के घर में लगे सीसीटीवी में कैद हुआ है। घायल युवक को जब होश आया तो उसने बैग में रुपए न पाकर सीसीटीवी कैमरे को दिखवाया तो 2 युवकों की करतूत सामने आई। घटना 31 जनवरी की है। स्वस्थ होने पर आहत ने घटना की शिकायत कोतवाली में की है।

शहर के घुटरापारा निवासी आकाश यादव एक कंपनी में सेल्समैन का काम करता है। 31 जनवरी को रुपए कलेक्शन कर लौट रहा था। इसी बीच अंबिकापुर-राजपुर मार्ग पर शहर से लगे सोनपुर बेरियर के समीप उसकी तबियत बिगड़ गई और वह बाइक सहित सड़क पर गिर गया। उसके बैग में कलेक्शन के 64 हजार रुपए भी थे। कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो बैग में रुपए नहीं थे।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई करतूत
घटनास्थल के पास एक घर में लगे सीसीटीवी को फुटेज देखा तो पता चला कि घटना दिवस बाइक सवार 2 युवक उसकी मदद करने के लिए रूके पर बैग में रुपए देख कर दोनों की नीयत बदल गई और सेल्समैन का सहयोग करने की बजाय उसके रुपए लेकर वहां से फरार हो गए।

कोतवाली में दर्ज कराई शिकायत
सड़क पर बेहोशी की हालत में पड़े सेल्समैन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसने स्वस्थ होने पर इसकी शिकायत शनिवार को कोतवाली में की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवकों की खोजबीन में जुट गई है।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन, लंबे समय से चल रहा था इलाज..

हिंद स्वराष्ट्र मुंबई: खराब स्वास्थ्य की समस्या से जूझ रहीं महान गायिका लता मंगेशकर का रविवार की सुबह 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी बहन उषा मंगेशकर ने यह जानकारी दी। वह पिछले करीब एक महीने से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं। जानकारी के अनुसार सुबह 8.12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। आठ जनवरी को वह कोरोना संक्रमित हुई थीं।

शब्दों में दुख व्यक्त नहीं कर सकता : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं अपना दुख शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता हूं। दयालु और स्नेही लता दीदी हमें छोड़कर चली गई हैं। वह हमारे देश में एक खालीपन छोड़ गई है जिसे भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।

कई पुरस्कार और सम्मान अपने नाम किए
अपने लगभग 78 साल के करियर में करीब 25 हजार गीतों को अपनी आवाज देने वाली लता मंगेशकर को कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया था। तीन बार उन्होंने राष्ट्रीय अवार्ड अपने नाम किया था। अपनी मधुर आवाज से लोगों को मोह लेने वाली लता मंगेशकर को प्रतिष्ठित भारत रत्न और दादा साहेब फालके अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।

इस वजह से हुआ लता मंगेशकर का निधन
ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉ. प्रतीत समदानी ने लता मंगेशकर के निधन के कारण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एक बयान में कहा कि मंगेशकर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके चलते उनका निधन हुआ। उन्हें जनवरी में निमोनिया और कोरोना वायरस से पीड़ित होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

लाइन शिफ्टिंग के दौरान बड़ा हादसा,, 4 मजदूरों की मौत, 1 घायल…

हिंद स्वराष्ट्र रायगढ़ : खरसिया में लाइन शिफ्टिंग के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया इस हादसे में चार कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं एक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक ये घटना खरसिया के नेशनल हाइवे ग्राम चपले स्थित सेन्द्रीपाली काजुबाड़ी पर लगे टावर में हुई। कुछ दिनों से इस टावर में लाइन शिफ्टिंग का काम चल रहा था। आज भी पांच से छह मजदूर टावर खोलने का काम कर रहे थे। इस दौरान अचानक टावर गिर गया। मृतकों के नाम गोविंद भुइया, डुग्गल भुइया, सुरेश रविदास और ईश्वर धूरि शामिल है। सभी मृतक ग्राम गोविंदपुर थाना विष्णुगढ़, जिला हजारीबाग झारखंड के रहने वाले थे। वही एक मजदूर गोविंद पंडित घायल है।

पूर्व मंत्री राजेश मूणत गिरफ्तार, कार्यकर्ताओं ने किया थाने का घेराव…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के रायपुर पहुंचने के दौरान उनको काला झंडा दिखाने कांग्रेसियों के पहुंचने की खबर लगते ही भाजपाई भी मौके पर पहुंच गए जिसके बाद कांग्रेसियों और भाजपाइयों के बीच भारी विवाद हो गया। विवाद की खबर मिलते ही विवाद को सुलझाने पूर्व मंत्री राजेश मूणत वहां पहुंचे। जहां पूर्व मंत्री राजेश मूणत की तीखी बहस पुलिस के साथ हो गई जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। राजेश मूणत जी के गिरफ्तार किए जाने के बाद भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता थाने पहुंचे और भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर दिया है।

नर्सरी से 12 तक की कक्षाओं के ऑफलाइन एग्जाम की अनुमति..ऑनलाइन जारी रहेंगी कक्षाएं…

हिंद स्वराष्ट्र दुर्ग : दुर्ग जिला प्रशासन ने बच्चों के भविष्य को मद्देनजर रखते हुए और वर्तमान में कोरोना के हालात को देखते हुए आदेश जारी किया हैं। जारी आदेश में नर्सरी से 12 तक के कक्षाओं के ऑफलाइन एग्जाम्स की अनुमति दे दी गई हैं। अनुमति केवल ऑफलाइन एग्जाम्स के लिए दी गई हैं वही कक्षाएं ऑनलाइन ही संचालित की जायेंगी। कलेक्टर के जारी आदेश में कहा गया है की वर्तमान परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए कोविड-19 से बचाव एवं नियंत्रण संबंधी भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग तथा जिला प्रशासन दुर्ग द्वारा समय समय पर जारी निर्देश/आदेशों पालन करते हुए आगामी समय मे दुर्ग जिला अंतर्गत आयोजित होने वाली सभी स्कुलों की कक्षा नर्सरी से कक्षा 12 तक की परीक्षाओं को ऑफलाईन माध्यम से आयोजित करने की अनुमति दी जाती है। ऑफलाईन माध्यम से केवल परीक्षाएं आयोजन की अनुमति होगी एवं सभी कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाईन माध्यम से यथावत संचालित की जावेगी। कोविड-19 से बचाव संबंधी सभी शर्तों का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

ईपीएफओ श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित रोजगार योजना मील का पत्थर साबित होगा : अमर पारवानी

हिंद स्वराष्ट्र : छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन, कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव,राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल बताया कि आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के अंतर्गत एक वर्चुअल मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से अभिषेक कुमार रीजनल पी एफ कमिश्नर ग्रेड-1 एवं छत्तीसगढ़ रीजन के प्रभारी, जय शंकर प्रसाद पी एफ कमिश्नर ग्रेड-2 एवं अनुपालन प्रभारी आर ओ रायपुर, शफीक अहमद कुरैशी प्रवर्तन अधिकारी सम्मिलित हुए।
मीटिंग में मुख्य रूप से आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई
1. ईपीएफओ के साथ पंजीकृत पात्र स्थापनाओं के नए कर्मचारियों एवं नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन ।
2. नए कर्मचारी, पंजीकरण की तिथि से 2 वर्षों के लिए प्रोत्साहन प्राप्त करेंगे।
प्रोत्साहन का भुगतान निम्न रूप से होगा
क. 1000 कर्मचारियों तक नियोजित करने वाली स्थापनाओं में कार्यरत नए कर्मचारियों के सम्बन्ध में कर्मचारियों तथा नियोक्ता, दोनों का अंशदान, अर्थात वेतन का 24 प्रतिशत।
ख. 1000 से अधिक कर्मचारियों वाली स्थापनाओं में कार्यरत नए कर्मचारियों के सम्बन्ध में केवल कर्मचारियों का ईपीएफ अंशदान अर्थात वेतन का 12 प्रतिशत।
1. स्थापना प्रोत्साहन हेतु पात्र है, यदि वह रिफरेन्स बेस से ऊपर तथा अधिक, नए कर्मचारियों की निर्धारित न्यूनतम संख्या को जोड़ती है।
2. सितम्बर 2020 केईसीआर में अंशदायी ईपीएफ सदस्यों की संख्या को कर्मचारियों के रिफरेन्स बेस के रूप में माना जाता है।
3.नए कर्मचारी, जो रू. 15000 से कम मासिक वेतन पर कार्यग्रहण करते हैं, पंजीकरण की तिथि से 24 वेतन माह के लिये लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।
4. 01-10-2020 के बाद ईपीएफओ के साथ पंजीकृत स्थापनाएं, सभी नए कर्मचारियों के सम्बन्ध में लाभ प्राप्त करेंगी।
चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष श्री अमर पारवानी ने कहा कि इस हेतु जागरण की आवश्यकता है एवं इसके लिए भविष्य में चेम्बर ऑफिस में ऑफ लाइन मीटिंग किये जाने का सुझाव भी पारवानी द्वारा दिया गया ! इसी कड़ी में उधोग चेम्बर के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संजय चैबे ने भी आग्रह किया की प्रदेश के सभी जिलों में ऑफ लाइन कार्यशाला का आयोजन अगले माह से किया जाना चाहिये ताकि अधिक से अधिक लोगों को फायदा हो सके।
वर्चुअल बैठक में चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, उद्योग चेम्बर कार्यकारी अध्यक्ष संजय चैबे, विक्रम व्यास, प्रदीप पगारिया, अमित अग्रवाल, विक्रम जैन, के.एस.बेदी सहित अनेक पदाधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

सरगुजा बना नया डाक संभाग, अब नहीं लगानी पड़ेगी रायगढ़ की दौड़, मिलेंगे ढेरों लाभ..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अब सरगुजा (हेडक्वार्टर अंबिकापुर) से ही डाक विभाग के सभी काम हो जाएंगे। लोगों को रायगढ़ तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। दरअसल डाक से संबंधित कामों के लिए सरगुजा संभाग के लोगों को रायगढ़ डाक विभाग पर निर्भर रहना पड़ता था। अब सरगुजा को नया डाक संभाग बनाया गया है। सांसद प्रतिनिधि की मांग पर केंद्रीय राज्य मंत्री व सांसद रेणुका सिंह के प्रयास से सरगुजा को यह उपलब्धि हासिल हुई है। सरगुजा को नया डाक संभाग बनाए जाने से जिले सहित शहर के लोगों में हर्ष व्याप्त है। डाक संभाग बन जाने से यहां के लोगों के ढेरों लाभ मिलेंगे। छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल में वर्तमान में रायगढ़ संभाग के अंतर्गत सरगुजा (अंबिकापुर) जिला होने के कारण सरगुजा राजस्व संभाग के लोगों को डाक विभाग के कामों के लिये रागयगढ़ की ओर रुख करना पड़ता था, जबकि भारत सरकार की अनेक कल्याणकारी तथा अन्य योजनाएं डाक विभाग के माध्यम से ही संचालित हो रही हैं। इनमें सुकन्या समृद्धि योजना, आधार सेंटर, डाक जीवन बीमा योजना, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, डीबीटी व अन्य बचत योजनाएं शामिल हैं। अब उपरोक्त सभी योजनाओं का क्रियान्वयन सरगुजा के नया डाक संभाग अंबिकापुर के बनने से प्रभावशाली व सफलतापूर्वक किया जा सकेगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने संचार मंत्री को कराया अवगत
केंद्रीय राज्य मंत्री व सरगुजा सांसद रेणुका सिंह द्वारा संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव से निरंतर संपर्क कर नया डाक संभाग रायगढ़ से अलग कर सरगुजा (हेडक्वार्टर अंबिकापुर) का आदेश जारी किया गया हैं। सरगुजा के यह उपलब्धि हासिल करने पर जिलेवासियों ने सांसद रेणुका सिंह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है।

लता मंगेशकर की हालत गंभीर,,, फिर रखा गया वेंटिलेटर में….

हिंद स्वराष्ट्र मुंबई : भारत रत्न और सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की तबीयत शनिवार को एक बार फिर ब‍िगड़ गई है। उन्‍हें फिर से वेंटिलेटर पर रखा गया है। लता मंगेशकर बीते 26 दिनों से मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। अभी एक हफ्ते पहले ही तबीयत में सुधार के बाद लता मंगेशकर को वेंटिलेटर से हटाया गया था। डॉक्‍टरों ने बताया था कि लता मंगेशकर की तबीयत में सुधार हुआ है, लेकिन अभी उन्‍हें अस्‍पताल के ICU में ही रखा गया है। लेकिन शनिवार, 5 फरवरी को दोबारा उनकी हालत गंभीर हो गई है। लता मंगेशकर के बारे में यह खबर सामने आने के बाद एक बार फिर उनके फैन्स चिंतित हो गए हैं। दिग्‍गज सिंगर कोरोना संक्रमि‍त हो गई थीं और उन्‍हें निमोनिया भी हुआ था, जिसके बाद उन्‍हें अस्‍पताल में एडमिट क‍िया गया था। लता मंगेशकर का इलाज कर रहे डॉक्टर प्रतीत समदानी ने इस खबर को कन्फर्म किया है कि उनकी हालत एक बार फिर गंभीर हो गई है। लता मंगेशकर पिछले महीने ही COVID-19 से संक्रमित हुई थीं, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान ही उन्हें निमोनिया भी हो गया था।

लता मंगेशकर की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। पिछले हफ्ते खबर थी कि तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें वेंटिलेटर से हटा लिया गया है। अब खबर है कि एक बार फिर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। डॉक्टर लगातार लता मंगेशकर की तबीयत पर नजर बनाए हुए हैं।

7 साल की बच्ची से परिवार के ही 6 नाबालिक बच्चों ने किया सामूहिक दुष्कर्म…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : गांधीनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर निकल कर सामने आई हैं जिसने दिल को जकझोर दिया हैं। आज के आधुनिक समय में बच्चें बच्चें के हाथ में मोबाइल होता हैं और व्यस्तता के कारण परिजन ध्यान भी नही देते हैं कि बच्चे मोबाइल का क्या इस्तेमाल कर रहे हैं। गांधीनगर थाना में दर्ज हुए एक अपराध ने लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया हैं। जहां एक 7 साल की बालिका से 6 बच्चों द्वारा डेढ़ माह से सामूहिक बलात्कार किया जा रहा था। जिससे बालिका के पेट में दर्द रहने के साथ ही उसकी तबियत भी खराब रहने लगी थी। बताया जा रहा है कि मोबाइल में अश्लील वीडियो देखकर बालिका के परिवार के ही 7 से 13 साल के 6 बच्चों द्वारा उससे सामूहिक बलात्कार किया जा रहा था।

लीगल ऑफिसर के अभिमत के बाद भी सूचना आयोग नहीं कर रहा वर्चुअल सुनवाई…

वर्चुअल सुनवाई को लेकर रिट याचिका की सुनवाई 14 को।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में हो सकता है बड़ा फैसला…

हिंद स्वराष्ट्र चिरमिरी : सूचना के अधिकार में सूचना आयोग द्वारा द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई वर्चुअल मोड से करने को लेकर लगी एक रिट याचिका में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट 14 फरवरी को अहम फैसला करेगा। याचिकाकर्ता ने रिट याचिका लगाकर सूचना आयोग द्वारा वर्चुअल मोड से सुनवाई करने की मांग की है। मामले में हाई कोर्ट क्या फैसला देता है यह 14 को पता चलेगा।
दरअसल यह मामला करीब 3 वर्ष पुराना है जिसमें चिरिमीरी निवासी आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने राज्य सूचना आयोग को वर्ष 2018 में पत्र लिखकर द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई वर्चुअल मोड से किए जाने की मांग की थी। मामले में आयोग ने सूचना आयुक्तों की बैठक में उक्त बात को रखा था।
बैठक में हुए निर्णय के बाद उक्त प्रस्ताव को राज्य के किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने को लेकर आयोग के लीगल डिपार्टमेंट को भेजा जिसके बाद लीगल ऑफिसर ने अपना अभिमत देते हुए राज्य के महासमुंद और रायगढ़ जिले में वर्चुअल सुनवाई शुरू करने की बात कही थी। वर्ष 2018 में आयोग के लीगल ऑफिसर द्वारा अपना अभिमत देने के 1 साल बाद भी आयोग द्वारा वर्चुअल सुनवाई शुरू नहीं की गई। तब आरटीआई कार्यकर्ता राजकुमार मिश्रा ने मामले को लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रिट याचिका लगाई। वर्ष 2019 में लगी रिट याचिका अब तक पेंडिंग थी पर 14 फरवरी के दिन मामले में सुनवाई निश्चित की गई है। मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट क्या निर्णय देता है यह काफी रोचक होगा।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होनी थी वर्चुअल सुनवाई

सूचना आयोग ने सूचना आयुक्तों की बैठक में वर्चुअल मोड से सुनवाई के प्रस्ताव को रखा था।
बैठक में हुए निर्णय के बाद उक्त प्रस्ताव को राज्य के किसी एक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने को लेकर आयोग के लीगल डिपार्टमेंट को भेजा जिसके बाद लीगल ऑफिसर ने अपना अभिमत देते हुए राज्य के महासमुंद और रायगढ़ जिले में वर्चुअल सुनवाई शुरू करने की बात कही थी।

द्वितीय अपील और शिकायत प्रकरणों की सुनवाई के लिए करना होता है 100 किलोमीटर का सफर :-

बता दें कि, राज्य सूचना आयोग में लगे द्वितीय अपील की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के कलेक्ट्रेट में होती है। जिसमें सुनवाई के लिए अपील करता को स्वयं उपस्थित होना पड़ता है। ऐसे में जिले के दूरदराज के क्षेत्र से लोगों को 100 से 170 किलोमीटर का भी सफर करके जिला कलेक्ट्रेट पहुंचना पड़ता है। वर्चुअल सुनवाई शुरू हो जाने से लोगों को घर बैठे ही सुनवाई का लाभ मिलने लगेगा।


सूचना आयोग वर्चुअल सुनवाई करना ही नहीं चाहता : राजकुमार मिश्रा

बात सुप्रीम कोर्ट की हो या छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सभी जगहों पर वर्चुअल मोड से सुनवाई की जा रही है। वर्चुअल मोड से सुनवाई किए जाने से लोगों के समय ऊर्जा और धन की बचत होती है। मेरे द्वारा करीब 4 वर्ष पूर्व से ही आयोग से वर्चुअल सुनवाई को लेकर मांग की जाती रही है।
जहां आयोग के लीगल ऑफिसर द्वारा अभिमत देने के बावजूद भी राज्य के 2 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आज तक वर्चुअल सुनवाई शुरू नहीं की जा सकी है।
इसका मतलब यही है कि आयोग वर्चुअल सुनवाई करना ही नहीं चाहता है।

नागपुर रेल्वे फाटक के नवीन मार्ग में बस और स्कॉर्पियो में आमने सामने की भिड़ंत,, 3 घायल..

हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : कोरिया जिले के नागपुर रेलवे फाटक के नवीन मार्ग में आज सुबह करीब 9.30 बजे स्कूल बस एवं स्कोर्पियो में आमने सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में स्कोर्पियो सवार 3 लोगों के सिर में चोटें आई हैं। जिसके बाद मौके पर नागपुर पुलिस पहुंची।

स्कोर्पियो सवार लोगों ने बस चालक से की मारपीट
हादसे के बाद स्कॉर्पियों सवार लोगो ने बस चालक के साथ मारपीट शुरू कर दी। बस चालक हादसे के बाद लगातार माफी मांगता रहा फिर भी स्कोर्पियो सवार लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।

हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र के खिलाफ भ्रामकता फैलाने वाले कथित पत्रकारों को भेजा गया कानूनी नोटिस..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : विगत कुछ दिनों पहले पत्रकारिता की आड़ लिए बिट्टू सिंह राजपूत, प्रताप नारायण सिंह,मधुमिता शेखर और मनीषा सिन्हा के द्वारा हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र की छवि को धूमिल करने के लिए झूठे और बेबुनियाद आधारों पर अपने वेब पोर्टल एवं मनीषा सिन्हा के द्वारा ब्लॉग पोस्ट पर हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र एवं समाचार पत्र की संपादक तथा सह संपादक बारे में अनेकों बिना सिर पैर के आरोप लगाए गए थे जो केवल वैमनस्यता के कारण लगाए गए थे। हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र बढ़ती ख्याति के कारण ईर्ष्या एवं वैमनस्यतावश न्यूज़ लगाए गए थे जो पूर्णतः निराधार थे जिसमें हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र के प्रधान संपादक एवं संपादक के खिलाफ गलत एवं अश्लील शब्दों का भी प्रयोग किया गया था।
बिट्टू सिंह राजपूत नामक व्यक्ति के द्वारा फेसबुक में लाइव आकर अश्लील इशारे एवं अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए हिंद स्वराष्ट्र की छवि पर कीचड़ उछालने का दुस्साहस किया गया था जो हमारी मान सम्मान को ठेस पहुंचाती है जिसके लिए चारों व्यक्तियों
1 बिट्टू सिंह राजपूत
2 प्रताप नारायण सिंह
3 मनीषा सिन्हा
4 मधुमिता शेखर
के विरुद्ध हमारे द्वारा कानूनी नोटिस भेजकर उनसे 15 दिवस के अंदर जवाब मांगा गया हैं और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही हैं।

इन चारों के विरुद्ध कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपराध दर्ज कराया जाएगा एवं मानहानि का प्रकरण दर्ज करवाया जाएगा।
आपको बता दें कि हिंद स्वराष्ट्र समाचार पत्र की बढ़ती ख्याति को देखकर उनमें वैमनश्यता की भावना जागृत हो गई हैं जिसके वशीभूत होकर उनके द्वारा ऐसा निंदनीय कार्य किया गया। इन चारों ने हमारी बढ़ती हुई ख्याति एवं प्रतिष्ठा को देखकर हमारे साथ ईर्ष्यावश हमे और हमारे समाचारपत्र के विरुद्ध भ्रामकता फैलाने की नाकाम कोशिश की है जिसके लिए इनके विरुद्ध हमारे द्वारा उचित कानूनी कार्यवाही कराई जाएगी।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला नागपुर में शासन के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियां,,,परेशान छात्र पहुंचे कलेक्टर के द्वार…

हिंद स्वराष्ट्र नागपुर : शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला नागपुर के छात्रों द्वारा आज कलेक्टर के नाम आवेदन दिया गया जिसमे छात्रों द्वारा स्कूल के शिक्षकों के ऊपर कई बड़े संगीन आरोप लगाए हैं। छात्रों ने अपने आवेदन में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला नागपुर के शिक्षकों के द्वारा शासन के नियमों के विपरीत छात्रों से फीस वसूली करने तथा विद्यालय के कुछ शिक्षकों के फर्जी अदिवासी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी किये जाने तथा प्रभारी प्राचार्य के द्वारा किये जाने वाली अनियमितता के सम्बन्ध में जाँच कर कार्यवाही किये जाने हेतु कलेक्टर के नाम आवेदन पत्र सौंपा।

छात्रों ने आरोप लगाया है कि शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक शाला नागपुर के शिक्षकों के द्वारा शिक्षण सत्र 2020-21 व 2021-22 में जिस समय कोरोना संक्रमण के दौरान शासन के द्वारा छात्रों से फीस ना लेने का आदेश दिया गया था उस दौरान भी सभी छात्रों से 600 से 850 रु की वसुली की गई। इसके अलावा छात्रों से ली गई फीस की कोई रसीद भी नहीं दी गई है। जिससे स्पष्ट है कि फर्जी तरीके से फीस की वसूली की गई है। इसके अतिरिक्त छात्रों का आरोप हैं कि उक्त विद्यालय में कुछ शिक्षक फर्जी आदिवासी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी भी कर रहे है। जिस कारण से उक्त विद्यालय के सभी शिक्षकों के जाति प्रमाण पत्र की जाँच किए जाने और फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही कर उन्हें बर्खास्त करने की मांग की।
छात्रों ने बताया कि शाला के प्रभारी प्राचार्य के द्वारा विगत दो वर्षों में वित्तीय गडबडी, सरस्वती साईकल योजना में गड़बड़ी छात्रवृति में अनियमितता की गई है, साथ ही उक्त प्रभारी प्राचार्य के द्वारा स्वीकृत इतिहास के व्याख्याता पद के स्थान पर अस्वीकृत भुगोल के पद कार्यरत है।

साइंस कॉलेज में ‘अरपा पैरी की धार’ कार्यक्रम का आगाज,,बस्तर की कॉफी का स्वाद लेकर बोले- इसे इंटरनेशनल ब्रांड बनाइये…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी रायपुर के साइंस कॉलेज पहुंचे और वहां मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के विभिन्न जगहों की लगी स्टॉल और प्रदर्शनी को देखा। इसके बाद मंच पर मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत हो गई है। इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राज्य गीत ‘अरप पैरी की धार’ से कार्यक्रम का आगाज किया है। वहीं राहुल गांधी का राजकीय गमछा पहनाकर स्वागत हुआ। इससे पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ राहुल गांधी प्रदर्शनी देखने निकले थे। इस दौरान वे बस्तर कैफ़े में पहुंचे। वहां दरभा के झीरम की फिल्टर कॉफी का स्वाद लिया। उनको बताया गया कि बस्तर जिले के दरभा के झीरम क्षेत्र में 20 एकड़ में कॉफी का प्लांटेशन किया गया है। इस पर राहुल गांधी ने अन्य इंटरनेशनल ब्रांड की तरह बस्तर की कॉफी को भी ब्रांड बनाने और उसकी ब्रांडिंग का सुझावा दिया।

इलाके अलावा उन्होंने कोंडागांव जिले के कोंडानार ब्रांडिंग से बने फ़ूड प्रोडक्ट्स का स्वाद भी चखा। सांसद राहुल गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ‘मेडिया पेज’, ‘सल्फी’, ‘चपड़ा चटनी’, ‘इमली चटनी’, ‘कांडा भाजी’, ‘देसी चिकन’ से बनी ‘बस्तर की थाली’ की सराहना की। महुआ लड्डू’, ‘गुड़ नारियल लड्डू’ और ‘आमत’ का स्वाद लिया। साथ ही उसको बनाने की विधि की भी जानकारी ली। प्रदर्शनी की शुरुआत में बस्तर के कलाकारों ने उनका गौर मुकुट पहनाकर स्वागत किया। वहां बस्तर गैलरी में बने दंतेश्वरी माई मंदिर में राहुल गांधी ने माथा टेका। उन्होंने डेनेक्स के स्टॉल से नेहरू जैकेट भी खरीदी। जिसे मुख्यमंत्री ने उन्हें पहनाया।

इस दौरान राहुल गांधी ने डेनेक्स के तहत अप्रिल निर्माण में कार्यरत महिलाओं से बात की। उनके अनुभव जाने और आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में स्थापित इस यूनिट में डेढ़ हजार से अधिक परिवारों को रोजगार मिल रहा है। डेनेक्स से कई कंपनियों ने 5 साल में 75 लाख उत्पाद बनाने के लिए साढ़े चार सौ करोड़ रुपए के MOU किए हैं। उन्होंने बस्तर अंचल के सुकमा जिले के गिरदाल पारा हाइड्रो पावर बेस्ड पंपिंग स्किम इरिगेशन प्रोजेक्ट की सराहना की। जल संसाधन विभाग की प्रदर्शनी के डोम में इसका मॉडल प्रदर्शित किया गया है। यहां बिना बिजली और बिना अन्य ईंधन के 24 घंटे सिंचाई होती है। इससे सैकड़ों किसान लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे साथ रहे। इसके अलावा सर्व छत्तीसगढ़िया समाज एकता परिसर के प्रतिनिधियों से आत्मीय भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधियों ने धान से निर्मित राहुल गांधी जी का छायाचित्र उन्हें भेंट किया।

बिजली बिल हाफ करने वाली सरकार ने बिजली कर दी हाफ..

छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार की बिजली बिल हाफ करने की दावा अब दम तोड़ती नजर आ रही है वैसे भी बिजली विभाग के द्वारा आम जनता को फालतू के बिल भेजने की रिपोर्ट कम हुई ना थी कि अब एक नई रिपोर्ट सामने आ रही है जिसमें सरगुजा के अंबिकापुर शहर में बिजली बिल हाफ करने का दावा तो दूर यहां तो बिजली भी नसीब नहीं हो रही आला अधिकारियों को फोन करने पर या तो वह फोन उठाते हैं या तो नहीं,जो फ़ोन उठाते है उनके भी फोन उठाने पर एक ही जवाब रहता है कि चेक करवा रहे हैं, उनके चेक करवाने के 2:30 घंटे बीत जाने के बाद भी चेक पूरा नहीं हो पाता शायद यही वह जवाब है जो प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार देना चाह रही है कि बिजली बिल हाफ हो या ना हो बिजली आपकी जरूर हाफ हो जाएगी,, अंबिकापुर के बिजली विभाग का फोन करने के बावजूद अब कब भी उन का कथन यही रहता , हैं कि थोड़ी देर में आ रहे हैं यही जवाब लोगों को सुनने में आ रहा है इस पर विपक्ष का बिजली विभाग पर सीधा साफ तौर पर यही आरोप है की भूपेश बघेल की सरकार ने बिजली बिल हाफ नहीं कराया बल्कि बिजली हाफ करा दी है

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