Home Blog Page 159

मिक्चर मशीन में गला फंसने से मजदूर की दर्दनाक मौत…

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : निर्माणाधीन नेशनल हाईवे में काम कर रहे मजदूर का गला मिक्चर मशीन में फंस जाने से मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस जांच करने मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिए सिम्स भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सकरी थाना क्षेत्र के घुरू अमेरी के रहने वाले अमृतलाल पटेल पिता सुखुराम पटेल(45) निर्माणाधीन नेशनल हाईवे में मजदूरी करते थे। शनिवार को ग्राम हांफा के पास काम चल रहा था। ठेकेदार ने अमृत लाल को मिक्चर मशीन में पानी डालने का काम दिया था। वे बाल्टी से पानी लाकर मशीन में डाल रहे थे। शाम को सभी घर जाने की तैयारी कर रहे थे। शाम करीब 5.30 बजे अमृत लाल मशीन को धोने के लिए झुकाकर पानी डालने लगा। इसी दौरान अचानक उसका गला मशीन में फंस गया। वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने आनन फानन में मशीन को बंद किया। इसके बाद मजदूर को बाहर निकाला गया। उसके सिर में गंभीर चोट लगी थी। इससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इसके मजदूरों ने सकरी पुलिस को सूचना दी। पुलिस की टीम जांच करने मौके पर पहुंची।

सूरजपुर : आखिरकार सोनी साहु की मां को मिला इंसाफ,, डेढ़ साल बाद मिला बेटी का शव….

हिंद स्वराष्ट्र बिहारपुर फिरोज अंसारी : आखिरकार सोनी साहू की हत्या का राज खुल गया और प्रेमी ने ही उसकी हत्या कर शव को जंगल मे दफना दिया था।आज करीब डेढ़ वर्ष बाद उसका शव बरामद कर पुलिस ने जांच शुरू की है। खबर यह है कि बिहारपुर की 21 वर्षीय सोनी साहू नाम की लड़की का गांव के ही तीरथ यादव नाम के युवक से लाइस बाइस था लेकिन सोनी की शादी कही और हो गया जो युवक को मंजूर नही था। लिहाज़ा युवक उसे किसी तरह झांसा देकर अपने घर ले आया और साथ रहने लगे पर एक दो माह तो ठीक था मगर दो जनवरी 21 को न जाने ऐसा क्या हुआ कि सोनी की तीरथ ने हत्या कर दी और कपड़े में बांध कर शव रखा और फिर शाम को ले जाकर दफना दिया।इधर थाने में गुमने की सूचना दर्ज करा दिया।लेकिन इधर मृतका की माँ कभी यह मानने को तैयार नही थी कि वह कही गांयब हो गई बल्कि उसे शुरू दिन से हत्या की आशंका थी।

उसने पुलिस से इसकी आशंका पर जांच कीगुहार भी की पर कोई सुनने वाला रहे तब न…?इस बीच कई पुलिस अफसर आये और गए पर किसी ने इसे गम्भीरता से नही लिया। पर हत्या तो हत्या है यह सिर चढ़ कर बोलता है और आज नही तो कल इसका राज खुलना ही है सो एसपी रामकृष्ण साहू के निर्देश पर टीआई बसन्त खलखो ओर एस आई बृजेश यादव ने इसकी जांच शुरू की ओर तीरथ से जब कड़ाई से पूछताछ शुरू की तो तीरथ टूट गया और हत्या की बात स्वीकार कर ली।उंसके निशान देही पर आज जंगल से डेढ़ वर्ष पुराना शव बरामद कर लिया गया है।पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्यों मारा …और कौन शामिल था। पुलिस इसका खुलासा शीघ्र करेगी।पर आज बुजुर्ग मां को इंसाफ मिलने का मार्ग खुला है।इससे पूरे बिहारपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस के प्रयास की सराहना की जा रही है।

अम्बिकापुर : लेंसकार्ट की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर युवक से 14 लाख की ठगी..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अम्बिकापुर से एक ठगी का मामला सामने आया है. नामी कंपनी लेंसकार्ट की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर निजी कंपनी में कार्यरत इंजीनियर से 14 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। जब इंजीनियर ने पुरे 14 लाख रूपये जमा कर दिए उसके बाद भी फ्रेंचाइजी दिए जाने में आनाकानी किये जाने के बाद इंजीनियर ने सीधे कंपनी से संपर्क किया तब जा कर ठगी का पता चला. इंजिनियर ने इसकी रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ओडिशा निवासी इंजीनियर शेखर घोष अंबिकापुर में निजी ठेका कंपनी में काम करता हैं. शेखर चश्मा एवं ग्लास बनाने वाली कंपनी की एजेंसी लेने के लिए गूगल में सर्च किया था. 24 अप्रैल को उनके मोबाइल पर फोन आया. फोन करने वाले ने खुद को आई वियर कंपनी लेंसकार्ट का अधिकारी बताया और इंजीनियर को विश्वास में लेकर उनसे ऑनलाइन फार्म भरने सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा. इंजीनियर से ऑनलाइन फार्म भरवाने के साथ अन्य डिटेल भी मंगाए गए. इसके बाद कंपनी के नियम बताकर उससे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 13 लाख 81 हजार रुपये किश्तों में जमा करा लिए गए.

ऐसे हुआ ठगी का शक
पैसा जमा कराने के बाद प्रोसेसिंस बताकर फ्रेंचाइजी देने में आनकानी की जाने लगी तो इंजीनियर शेखर घोष को शक हुआ. उसने कंपनी के वेबसाइट में दर्ज नंबर के माध्यम से लेंसकार्ट के अधिकारियों से बात की तो पता चला कि कंपनी द्वारा ऐसी फ्रेंचाइजी नहीं दी जा रही है और ना ही कंपनी ने किसी से भी पैसा जमा कराया है. ठगी का अहसास होने पर इंजीनियर शेखर घोष ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में धारा 420 आईपीसी एवं 66 सी व 66 डी आईएनएफ के तहत अपराध दर्ज कर लिया है.
नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाईट से हो रही ठगी
ऑनलाइन ठगी करने वालों ने नामी कंपनियों के नामों से मिलते जुलते नामों वाली वेबसाइट भी बना ली है. इसके माध्यम से वे ठगी को अंजाम दे रहे हैं. इसमें कम पढ़े लिखे लोगों के साथ खासे एजुकेटेड लोग भी ठगी के शिकार हो रहे हैं. सरगुजा अंचल में लगातार ऑनलाइन ठगी के मामले बढे हैं, जो पुलिस के लिए भी चिंता का कारण बने हुए हैं.

अम्बिकापुर : तिरंगे में लिपटा पहुंचा बीएसएफ जवान का शव, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अम्बिकापुर जिला मुख्यालय निवासी बीएसएफ जवान अजीत कुमार मांझी का शव आज अम्बिकापुर पहुंचा. शहीद जवान की मौत 24-25 मई की दरमियान रात हुई थी. जिसके बाद हवाई मार्ग से शव को रायपुर लाया गया. वहां से सड़क मार्ग से शव पैतृक शहर अम्बिकापुर लाया गया है. शहीद के साथ सेना के जवान भी पहुंचे थे. शहीद मांझी का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहर के शंकरघाट स्थित मुक्तिधाम में किया गया.साल 2002 में बार्डर सिक्योरिटी फोर्स में भर्ती होने के बाद अजीत कुमार मांझी, वर्तमान में जम्मू के बीएसएफ के आईनगर हेडक्वाटर में पदस्थ थे. 51 कंपनी के जी कंपनी में पदस्थ अजीत कुमार मांझी ड्यूटी के दौरान ही बीमार पड़ गए थे. जिसके बाद उनका इलाज हुआ और वो ठीक हो गए थे. लेकिन एक बार फिर अचानक तबीयत खराब होने के बाद शहीद अजीत को बीएसएफ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनको हार्ट अटैक आया और उनका निधन हो गया. निधन के दौरान अजीत की पत्नी बच्चे और मां पिता उनके साथ थे.

विमान से रायपुर लाया गया पार्थिव शरीर

शहीद अजीत कुमार मांझी के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर विमान के माध्यम से दिल्ली भेजा गया, जहां से दूसरी फ्लाइट में पार्थिव शरीर को रायपुर भेजा गया. रायपुर आने के बाद पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से अम्बिकापुर भेजा गया. जहां कल शुक्रवार को अजीत कुमार मांझी के शव का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इधर दर्दनाक पहलू ये था कि तिरंगे में लपेटे पहुंचे शव का अंतिम संस्कार शहीद के 12 वर्षीय बेटे ने किया.

अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

शहीद के शव पहुंचने के बाद आज अंतिम यात्रा से लेकर अंतिम संस्कार तक सरगुजा जिले के प्रशिक्षु आईपीएस, एडीएम अमृत लाल ध्रुव, एसडीएम प्रदीप कुमार साहू, कोतवाली थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह समेत काफी संख्या में पुलिस बल मुक्तिधाम में मौजूद रहे. इधर मुक्तिबोध में ही बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर दलबीर सिंह की अगुवाई में बीएसएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया. और मौजूद अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी. साथ ही अंतिम संस्कार में काफ़ी संख्या में शहरवासी और शहीद अजीत कुमार मॉझी के मित्रगण मौजूद रहे. ग़ौरतलब है कि शहीद अजीत कुमार मॉझी (राजू) इसी साल 20 साल सेना की नौकरी से रिटायर्ड होने वाले थे. और कुछ दिन पहले ही अपने घर अम्बिकापुर आए थे.

तेज आंधी तूफान से राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पन्डो जनजाति का घर का आशियाना उड़ा, हुए बेघर..

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : अचानक आइ तेज आंधी ने गरीब के आशियाना को उजाड़कर रख दिया। आंधी-तूफान की भयावह से परिवार के लोग अभी भी डरे सहमे हैं। ओडगी तहसील क्षेत्र चांदनी बिहारपुर में तेज आंधी तूफान के साथ तेज बारिश हुई, जिसने जमकर कहर बरपाया। कई किसानों के सीता पति बुधराम पंडो 45 वर्ष
सूरज 21वर्ष कनतल 19वर्ष रीना 4 वर्ष पूजा 3वर्ष राजू 1वर्ष राजमती 2वर्ष पूरा परिवार बाल बाल बचे हैं वहीं
मकान का छत तेज आंधी ने उड़ा दिया। जिससे मकान के छत में लगे सीट भी उड़कर घर दूर जा गिरा। किसी को इस दौरान चोट नहीं लगी। तेज हवाओं के घर की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। छावनी टूटने से घर में रखें उपयोगी सामान भींगकर नष्ट हो गया।
महूली में कुछ दिनों से बेमौसम बारिश हो रही है। साथ ही तूफान का असर भी देखा जा रहा है। कुछ दिनों से हुए आंधी तूफान ने जमकर उत्पात मचाया, जिससे की जानमाल की हानि हुई। महूली के पंन्डोपारा में एक गरीब परिवार का घर का छानी
आशियाने के उजड़ने से बेहद दुखी है। इस तूफान से लगभग उन्हें 1.50 लाख रुपये का आर्थिक क्षति हुई है। पीड़ित गरीब राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पन्डो जनजाति किसान का कहना है कि मैं ओर मेरा परिवार घर पर थे। उसी बीच अचानक तेज आंधी तूफान हमारे लिए आफत बन कर आई और कहर ढहाकर चली गई। हमें संभलने का मौका भी नहीं दिया। घर के छत में लगे सीट को तेज आंधी ने उड़ाकर ले गया। जैसे-तैसे हमने घर से भागकर जान बचाई।

अम्बिकापुर : शादी समारोह में शामिल होने गई दो बहनों का तालाब में तैरता मिला शव…

हिंद स्वराष्ट्र उदयपुर : ग्राम जीवलिया की दो बहनें काव्या तिर्की (8 वर्ष) तथा सुशीला तिर्की (7 वर्ष) परिजनों के साथ 26 मई को शादी समारोह में शामिल होने गांव के करीब बस्ती में गए थे. दोपहर दो से चार बजे के बीच परिजनों की जानकारी के बगैर दोनों बालिकाएं घर की ओर वापस आ गए. परन्तु घर तक नहीं पहुंचे. परिजनों द्वारा बच्चों की काफी तलाश की गई परंतु वह कहीं भी नहीं मिले. आज सुबह घर के बगल में स्थित छोटे बांध जहां पर लोग नहाते है वह मछली मारने का काम करते हैं उस जगह पर उनका शव पानी में तैरते मिला। जिसके बाद घटना की जानकारी चौकी केदमा प्रभारी मनोज सिंह को दी गई जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची तथा शव को बाहर निकलवाया गया।
परिजनों का अनुमान है कि दोपहर 2 से 4 बजे के बीच जब वह लोग घर वापस आ रहे थे तब दोनो बहने बांध में नहाने गए होंगे ईसी दौरान यह हादसा हो गया होगा।

अम्बिकापुर : 5 आरआई हुए नायब तहसीलदार के रूप में पदोन्नत, सरगुज़ा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने दी शुभकामनाये…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुज़ा जिले में लंबे समय तक राजस्व निरीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे 5 राजस्व निरीक्षकों को नायाब तहसीलदार के रूप में पदोन्नति मिली है। जिसके बाद अब ये नायब तहसीलदार के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। बिन्देश्वर प्रजापति, शुशील शुक्ला और संजय शर्मा को जहां सूरजपुर जिले में पदस्थ किया गया है तो वही भीमा सिंह को बलरामपुर औऱ रामबिलाश मानिकपुरी को कोरिया जिले में पदस्थ किया गया है। लंबे समय तक सरगुज़ा जिले में अपनी सेवाएं दे चुके इन आरआई को कलेक्टर सरगुज़ा श्री संजीव कुमार झा ने शुभकामनाये देते हुए इन्हें सम्मानित भी किया इस मौके पर सरगुजा कलेक्टर ने कहा अंतिम छोर तक के व्यक्ति की समस्याओ का समाधान करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की होती हैं आप सभी जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण अंग हैं ऐसे मे आप लोगो की जिम्मेदारी और बढ़ जाती हैं कि लोगो की समस्याओं को समझे और उनका जल्द से जल्द उनकी समस्या का निराकरण कर लोगो को राहत पहुचाये हम में से कोई भी जिंदगी भर अधिकारी नही रहेगा आप लोगो से कैसे मिलते हैं उनसे कैसे बात करते है लोग आप पर कितना विश्वास करते हैं यही आपकी असली जमापूंजी है। जिस तरह आप सभी ने यहा अच्छा काम किया है उम्मीद करता हु आप सभी अपने नए पद का भी उतनी ही निष्ठा के साथ नए कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे और अधिकारी के रूप में उस जिले के लिए नजीर पेश करेंगे ताकि लोग आपको आपके कार्यो के लिए जिंदगी भर याद रखें साथ ही कलेक्टर ने कहा कि कभी कभी कोई परीक्षा तुक्के से भी पास कर लिया जाता है लेकिन प्रमोशन सिर्फ मेहनती लोगो का ही होता हैं। आप सब राजस्व मामलों के जानकार आरआई से नायब तहसीलदार बनने पर मामलों के निपटारे में जहां तेजी आ सकेगी तो वही न्यायालयीन प्रकरणों का भी निपटारा तेजी से हो सकेगा। कलेक्टर सभाकक्ष में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में अपर कलेक्टर अमृत लाल ध्रुव डिप्टी कलेक्टर नीलम टोप्पो कार्यलय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा अधीक्षक अमित कुमार झा, तहसीलदार भूषण मंडावी समेत राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ तहसीलदार व अन्य राजस्व कर्मी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में पदोन्नत आरआई ने अपनी जिम्मेदारियों का सफल निर्वाहन करने की बात भी कही।

सड़क किनारे आम तोड़ रहे दो बच्चों को कार ने रौंदा,,परिजनों ने किया चक्काजाम…

हिंद स्वराष्ट्र जांजगीर चांपा : चांपा कोरबा रोड पर सड़क किनारे आम तोड़ रहे दो बच्चो को तेज रफ्तार कार ने अपने चपेट में ले लिया, जिससे दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई है। घटना के बाद आरोपी कार चालक घटना स्थल से लगभग 6 किलोमीटर दूर कार को छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने चांपा कोरबा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान प्रशासन ने मृतक के परिजनों को 25-25 हजार रुपए राहत राशि दी। पुलिस आरोपी फरार कार चालक की तलाश कर रही हैं।

डॉक्टर बना हैवान: सर्पदंश से तड़पता रहा बच्चा डॉक्टर ने इलाज से किया इंकार…

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : एक ओर जहां डॉक्टर को भगवान कहा जाता है वही दूसरी ओर ये भगवान अपनी इंसानियत भी भूल जाते हैं. ऐसा ही एक वाकया सिम्स में देखने को मिला जहां सर्पदस से तड़पते बच्चे को डॉक्टर ने एडमिट करने से मना कर दिया। परिजनों की लाख दुहाई के बाद भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा और वह पीड़ित बच्चे का इलाज नहीं करने पर अड़ा रहा। आखिरकार मीडिया के दबाव के बाद डॉक्टर ने बच्चे को भर्ती किया और अब उसका इलाज किया जा रहा है। दरअसल सिम्स अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अंशुल ने सर्पदंश से पीड़ित हेमू नगर निवासी 14 साल के जिडेंन मरे को एडमिट करने से इनकार कर दिया और बच्चे को बिना चेक किए दूसरे अस्पताल में एडमिट करने का हवाला देने लगा। परिजनों की लाख मिन्नत के बाद डॉक्टर ने अपनी कुर्सी से उठकर एक बार भी बच्चे को देखना तक जरूरी नहीं समझा। इस बीच सूचना मिलने पर मीडियाकर्मी हॉस्पिटल पहुंचे और उसकी सारी करतूतों को कैमरे में कैद कर लिया जिसके बाद मीडियाकर्मियों के दखल अंदाजी के बाद तत्काल बच्चे को एडमिट कर उसका इलाज किया जा रहा है।

निकहत ज़रीनः जिनके बारे में मैरी कॉम ने कहा था- वो कौन है, मैं जानती भी नहीं…

हिंद स्वराष्ट्र फिरोज अंसारी : निकहत ज़रीन पर बात करने से पहले आप सभी के सामने क्रिकेट की एक घटना का ज़िक्र करना चाहता हूं जिसकी समानता आपको महिला बॉक्सिंग में देखने को मिलेगी.
आप सिर्फ एक नज़ारे की कल्पना करें. सचिन तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट में नंबर 4 पर ना सिर्फ भारत के बल्कि दुनिया के सबसे कामयाब टेस्ट बल्लेबाज़ हैं. तेंदुलकर को टेस्ट मैचों में चौथे नंबर पर बल्लेबाज़ी से हटाने के बारें में चयनकर्ता तो क्या कोई फैन भी नहीं सोच सकता था.
और क्या हुआ अगर विराट कोहली के तौर पर एक धुरंधर बल्लेबाज़ ने 2008 से सफेद गेंद की क्रिकेट में तहलका मचाना शुरु कर दिया था और हर कोई इस बात की वकालत कर रहा था कि कोहली को आखिर टेस्ट में मौक़ा क्यों नहीं दिया जा रहा?
इत्तेफाक से 2011 वर्ल्ड कप में जीत के बाद अपने करियर में अपवाद के तौर पर तेंदुलकर ने पहली बार किसी टेस्ट सिरीज़ में नहीं जाने का फ़ैसला किया.
चयनकर्ताओं ने पलक झपकते ही तेंदुलकर के स्वाभाविक उत्तराधिकारी माने जाने वाले कोहली को वेस्टइंडीज़ में खेली जाने वाली टेस्ट सिरीज़ के लिए पहली बार लाल गेंद की क्रिकेट के लिए शामिल कर लिया.
इसके अगले दो साल में ये बात और साफ होती चली गई कि तेंदुलकर का वर्चस्व अपने ढलान पर था कोहली भारतीय क्रिकेट में उभरते हुए सूरज थे.
2013 में तेंदुलकर को तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और चयनकर्ताओं ने और सबसे अहम बीसीसीआई प्रमुख एन श्रीनिवासन ने बहुत संजीदगी और सम्मान से ये संकेत दे दिये थे कि वो खेल को अलविदा कह दें क्योंकि अब युवा बल्लेबाज़ों को और मौके से वंचित नहीं किया जा सकता था.

नंवबर 2013 में तेंदुलकर ने शालीन तरीके से क्रिकेट को अलविदा कहा और कोहली ना सिर्फ नंबर 4 पर भारत के लिए स्वाभाविक पसंद बन गये बल्कि आने वाले एक दशक में उनका रुतबा भी तेंदुलकर से कहीं भी उन्नीस नहीं रहा.

लेकिन, ये बात भारतीय क्रिकेट की थी और चूंकि क्रिकेट को अब भी एक शालीन खेल माना जाता है तो दो पीढ़ी के बीच ट्रांज़िशन को भी शालीन तरीके से हैंडल कर लिया गया.
लेकिन, अब कुछ ऐसा ही नज़ारा बॉक्सिंग की दुनिया में देख लें. जो हस्ती तेंदुलकर की क्रिकेट में है वही मैरी कॉम की महिला बॉक्सिंग में है.
2020 में होने वाले टोक्यो ओलंपिक्स से पहले मैरी कॉम भी अपने वर्चस्व के दौर को पीछे छोड़ चुकी थी, और निखत ज़रीन जैसी युवा प्रतिभा ने बॉक्सिंग फ़ेडरेशन से गुहार लगाई कि 52 किलोग्राम वाले फ्लाइवेट कैटेगरी में उनका दावा कॉम से ज़्यादा मज़बूत था.
इतना ही नहीं तब के खेल मंत्री किरण रिजिजू को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर खत लिखकर निखत ने गुज़ारिश की उन्हें एक फेयर ट्रयल का मौका मिले.
ज़ाहिर सी बात है, ज़रीन के इस आत्म-विश्वास को ना तो मैरी कॉम ने देखा था और ना कभी फ़ेडरेशन ने सोचा था. मैरी कॉम ने तो उस वक्त ज़बरदस्त कटाक्ष करते हुए ये भी कहा था- निखत ज़रीन, वो कौन है.. मैं तो उसको जानती भी नहीं!
लेकिन, मीडिया में ज़ोरदार बहस होने के बाद आखिरकार टोक्यो ओलंपिक्स के लिए ट्रायल्स हुए जिसमें ज़रीन को मात खानी पड़ी. इस हार के बाद ज़रीन की आंखों नम थी लेकिन ये नमी हार का दर्द नहीं बल्कि अपने आदर्श बॉक्सर से खरी-खोटी सुनने पर थे जिससे उन्हें झिंझोड़ डाला था.
बहरहाल, मैरी कॉम टोक्यो में शिरकत करती हैं और खाली हाथ लौटती है जो कि बिल्कुल अप्रत्याशित नहीं था. (हां, ये अलग बात है कि जिस तरह से हार स्वीकार करने के बाद बाद में प्रेस कांफ्रेस में मैरी कॉम ने पलटी मारी और ये तर्क दिया कि उन्हें लगा कि वो जीत गई हैं, वो एक दूसरा किस्सा है).
यहां से महिला बॉक्सिंग में मैरी कॉम का अध्याय खत्म होता है और निखत ज़रीन के तौर पर भविष्य की रुप-रेखा तैयार होने लगती है.
चूंकि, ये बॉक्सिंग का खेल है और यहां पर सीधे मुक्के से ही नतीजे तय होते हैं क्रिकेट की तथाकथित शालीन रवैयों को कोई जगह नहीं और इसलिए तेंदुलकर-कोहली वाला स्वाभाविक ट्रांजिशन आपको मैरी कॉम-ज़रीन में नहीं देखने को मिला.
लेकिन, दिल्ली में हुए उस ट्रायल्स के करीब ढाई साल बाद निखत ज़रीन का इस्तांबुल में गोल्ड मेडल जीतना ये दिखाता है कि उनका आत्म-विश्वास किसी भी मायने में कोहली के मशहूर विल-पॉवर से कम नहीं था.
कोहली को भी क्रिकेट जगत में कई बार घमंडी और अक्खड़ के तौर पर देखा लेकिन निखत ज़रीन ने अपने आक्रामक औऱ लड़ाकू रवैये के साथ साथ अपने शहर हैदराबाद की शालीनता का भी मिश्रण भी अपने रवैये में बनाया रखा जो शायद उनकी कामयाबी में एक भूमिका भी अदा करती है.
मैरी कॉम की कामयाबी पर तो एक सुपरहिट फिल्म बन चुकी है और मैरी खुद निखत को प्रेरणा देने वाली एथलीटों में सबसे ऊपर रहीं हैं जैसा कि क्रिकेट में कोहली के लिए तेंदुलकर प्रेरणा थे. भविष्य में मैरी कॉम की तरह निखत की कामयाबी पर फिल्म बने या न बने इस पर फिलहाल कुछ कहा तो नहीं जा सकता है लेकिन जिस तरह से एक परंपरावादी मुस्लिम समाज से एक लड़की का बॉक्सिंग जैसे लड़ाकू खेल में आना और उसकी यात्रा किसी भी तरह से फिल्मी कहानी से कम नहीं है.
निखत के पिता खुद क्रिकेटर बनने का अरमान रखते थे और बॉक्सिंग भी करते थे लेकिन आर्थिक हालात ने उन्हें अपने सपनों को हकीकत में बदलने का मौका नहीं दिया.
लेकिन, मोहम्मद जमील ने समाज की दकियानूसी सोच को अपनी बेटी के सपनों के साकार करने के आगे आने नहीं दिया. इतना ही नहीं, निखत की मां परवीना ने भी अपनी बेटी की ऐसी हौसला अफ़ज़ाई की जिसकी मिसाल भारतीय समाज के बेहद संपन्न परिवारों से आने वाले युवाओं को भी नहीं मिलता है.
जब पहली बार निखत को उनके पिता हैदाराबाद के सचिवालय मैदान में लेकर गए तो कोई भी लड़की बॉक्सिंग करती नहीं दिखी. जब ये सवाल मासूम निखत ने अपने पिता से पूछा तो उन्होंने कहा कि दुनिया भले ही मोहम्मद अली जैसे महान बॉक्सर को जानती है लेकिन अली की बेटी लैला भी एक शानदार बॉक्सर थी. ये सुनकर निखत की आंखें चमक उठी थीं.
वर्ल्ड चैंपियनशिप में 4 साल बाद किसी महिला बॉक्सर का गोल्ड जीतना अपने आप में एक बड़ी ख़बर है लेकिन मासूम निखत की हसरत इतनी ही थी कि किसी दिन वो ट्विटर पर ट्रेंड करें.
अब भला उनको ये कौन समझायें कि 200 लोग मिलकर अगर किसी बेकार मुद्दे पर एक साथ पोस्ट करना शुरु दें तो वो मुद्दा ट्रेंड हो जाता है लेकिन जो निखत ने इस्तांबुल में हासिल किया है और पेरिस ओलंपिक्स के लिए उम्मीदें जगाई है ऐसा तो दो लाख से भी ज़्यादा बॉक्सर दो दशक के मेहनत के बाद भी हासिल नहीं कर पाते हैं.
आख़िर निखत से पहले सिर्फ 4 महिला बॉक्सर ही तो पिछले दो दशक में वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल कर पाए हैं. सलाम निखत के जज़्बे को क्योंकि ये तो सिर्फ एक शुरुआत है.

संपत्ति विवाद : सो रहे छोटे भाई की फरसे से काट दी गर्दन,,आरोपी गिरफ्तार..

हिंद स्वराष्ट्र जांजगीर चांपा : जांगजीर-चांपा में बुधवार देर रात एक युवक ने अपने छोटे भाई की गर्दन काटकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के दौरान छोटा भाई आंगन में सो रहा था। तभी बड़े भाई ने फरसे से वार कर दिया। दोनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। सूचना मिलने पर गुरुवार को पहुंची पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला जैजैपुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, तुषा गांव निवासी छोटे लाल गोंड़ (23) और उसके बड़े भाई नंदू गोंड़ (28) के बीच संपत्ति को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। बताया जा रहा है कि बुधवार रात को छोटे लाल गोंड़ घर के आंगन में चारपाई पर सोया हुआ था। तभी देर रात नंदू पहुंचा और फरसे से छोटे लाल के गर्दन पर वार कर दिया। गर्दन पर वार करते ही छोटे लाल का सिर कटकर लटक गया।

स्थानीय लोगों को अगले दिन सुबह वारदात का पता चला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी बड़े भाई को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों भाइयों के परिवार में कौन-कौन है, अभी जानकारी नहीं मिल सकी है। फिलहाल आसपास के लोगों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है।

मृतक के परिवार ने बताई झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से हुई मौत,लेकिन अबतक नही हुई कोई भी कार्रवाई

हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र सूरजपुर ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ सुविधाओं के अभाव में अक्सर लोग उन सुविधाओं का विकल्प खोजने लगते हैं,जिन सुविधाओं का विकल्प ग्रामीण जन तलाशते हैं उसका फायदा कुछ झोलाछाप लोग जो कहीं से इंजेक्शन लगाने की ट्रेनिंग लेकर या देखा देखी में सिख कर आए हैं इनमे से कुछ तो डॉक्टर के चपरासी भी होते हैं जो डॉक्टर का सहयोग करते करते आधा अधूरा ज्ञान लेकर एक ऐसे क्षेत्र में चले आते हैं जहां उन्हें डॉक्टर समझा जाय और अपनी वेश भूषा भी एक डॉक्टर के जैसे बनाते हैं, लेकिन ये वही बात हो जाती है की शेर की खाल ओड लेने से दूसरा शेर नही हो जाता,आखिर इन झोलाछापों के इलाज से कोई ना कोई मर जाता है और उसके बाद ये फर्जी अपने झोला उठा कर वहां से भाग आते हैं,ऐसा ही मामला सूरजपुर जिले के जरही का है जहां एक झोलाछाप के द्वारा एक महिला का इलाज किया जा रहा था और एक दिन उस झोलाछाप के द्वारा इंजेक्शन लगाते ही वह महिला जमीन में गिरकर मौत हो जाती है।

पीड़ित पक्ष का कहना है ये इंजेक्शन लगाते ही महिला की मौत हो गई बाबजूद इसके अभी भी भटगांव पुलिस मामले में हांथ पे हाथ धरी बैठी हुई है,पीड़ित पक्ष के बयान के बाद भी पुलिस का उस झोलाछाप को ना पकड़ना कहीं ना कहीं किसी मिली भगत या लेन देन की ओर इशारा करती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भटगांव की पुलिस के द्वारा झोलाछाप डॉक्टर को एक बार थाने बुलाकर पूछ ताछ करने का कष्ट भी नही किया गया है। जब इस मामले पे प्रभारी से बात की गई तो प्रभारी का कहना है की वो अभी मेडिकल रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रहे हैं उसके बाद ही कुछ कार्यवाही करेंगे।

नाम ना लिखने की शर्त पर कुछ सूत्र बताते हैं इस मामले में लेने देन करके मामले को दबाने की बात चल रही हैं।
हत्या जैसे मामलों में यदि लेने देन करके मामले को छोड़ दिया जाता है तो इससे शर्मनाक घटना और क्या हो सकती है।

महिला का दुस्साहस तो देखिए, ऑफिस में घुसकर तहसीलदार की मरोड़ दी कलाई, दी गालियां…

हिंद स्वराष्ट्र जांजगीर-चांपा : चांपा के तहसील कोर्ट में आई एक महिला तहसील ऑफिस के चेंबर में घुसकर महिला तहसीलदार से उलझ गई। इतना ही नहीं महिला ने तहसीलदार से बलसलूकी करते हुए उनकी कलाई मरोड़ते हुए गालियां (Abuse) भी दीं। तहसीलदार ने महिला को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन वह नहीं मानी, वह झूमाझटकी भी करने लगी। वहां मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह मामला शांत कराया। महिला तहसीलदार ने मामले की रिपोर्ट चांपा थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने महिला के खिलाफ धारा 186, 294, 323, 353 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

इस संबंध में चांपा पुलिस ने पुलिस ने बताया कि सोमवार की दोपहर करीब 2 बजे चांपा के ग्राम कोटाडबरी निवासी सुकृता बाई दिवाकर पति रामखिलावन जमीन की पर्ची (Land document) बनवाने तहसील आई थी। वह तहसीलदार से इस विषय में बातचीत कर रही थी।
इस दौरान महिला तहसीलदार चंद्रशीला जायसवाल ने उसे समझाया कि जमीन का नामांतरण होने के बाद पटवारी पर्ची बनाकर देता है। लेकिन महिला तहसीलदार (Female Tehsildar) की इन बातों को समझना नहीं चाहती थी, इसी बीच उसने तहसीलदार से गाली-गलौज शुरु कर दी और झूमाझटकी पर उतारू हो गई। तहसीलदार उसे समझाती रहीं लेकिन उसकी बद्सलूकी जारी रही।

महिला तहसीलदार की मरोड़ दी कलाई
तहसीलदार महिला से बचना चाहती थी लेकिन आरोपी सुकृता बाई तहसीलदार के चेंबर में घुस गई और उनका हाथ पकडक़र कलाई मरोड़ दी। इससे तहसीलदार को चोटें आईं हैं। वहां मौजूद अन्य लोगों ने तहसीलदार से छुड़ाकर महिला को अलग किया।

तहसीलदार ने दर्ज कराई रिपोर्ट
महिला की इस हरकत की चर्चा कुछ ही देर में तहसील में मौजूद लोगों व वहां आए हितग्राहियों के बीच होने लगी। इधर तहसीलदार चंद्रशीला जायसवाल ने आरोपी महिला के खिलाफ मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने महिला के खिलाफ धारा 186, 294, 323, 353 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना शुरु कर दी है।

अब घर बनाना हुआ सस्ता सीमेंट और सरिया के दामों में आई भारी गिरावट….

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ में अब मकान बनाना आसान हो गया है। सीमेंट और सरिया के दाम घटने से बिल्डरों और निजी मकान बनाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है। सीमेंट के दाम में प्रति बोरे में 50 रुपए तक घट गए है। वही सरिया के दाम में भी 10 से 15 हजार रूपर प्रति टन गिरावट आई है। इस साल सीमेंट लगभग 350 रुपए प्रति बोरे में बिक रही थी वही सरिया 75 से 80 हजार रुपए प्रति टन बिक्री हो रही थी। जिसके चलते बिल्डरों और निजी का मकान बना रहे लोगों को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही थी।

व्यक्तिगत व शाला सुरक्षा संबंधी खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण ओडगी मे संपन्न….

हिंद स्वराष्ट्र ओडगी फिरोज अंसारी : शाला एवं व्यक्ति गत सुरक्षा तथा विभिन्न आपदाओं सहित बाल अपराध व रोकथाम हेतु बच्चों को पर्याप्त जानकारी प्रदान करने संबंधी शासन के मनसा अनुरूप विख ओडगी मे तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ, प्रशिक्षण के शुभारंभ श्री जे पी साय विख शिक्षा अधिकारी ओडगी व प्रशिक्षक द्वय श्रीराम प्रधान व विश्वनाथ यादव की उपस्थिति मे किया गया, जिसमे संकुल समन्वयक के साथ प्रत्येक संकुल से एक शिक्षक को प्रशिक्षित किया गया, जो संकुल स्तर पर प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे, प्रशिक्षण के प्रथम सत्र मे संरचनात्मक व गैर संरचनात्मक सुरक्षा, आपदा व विपत्ति, भूकंप, बाढ, अग्नि सुरक्षा, सर्पदंश, डेंगू, वाइरल बुखार संबंधित कारण बचाव के उपाय की जानकारी दी गई, व हार्ड अटेक, कार्डियक अरेस्ट, व अन्य दुर्घटनाओं पर प्राथमिक उपचार व बचाव हेतु सीपीआर की जानकारी दी गई, वहीं जलने के प्रकार, दुर्घटना की स्थिति मे राहत एवं बचाव पर माॅक ड्रील किया गया, तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अंबिकापुर के प्राचार्य महोदया द्वारा प्रशिक्षण का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षण की आवश्यकता व विद्यालयों मे उपयोग पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया, प्रशिक्षण के अंतिम दिवस मे जल प्रदूषण, शौचालयों का उपयोग, किशोरा अवस्था मे बदलाव व व्यक्तिगत स्वच्छता , बाल अपराध व रोकने हेतु संवैधानिक प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी गई, प्रशिक्षण के दौरान नार्मस के अनुसार चाय नास्ता व भोजन की व्यवस्था किया गया, प्रशिक्षण मे श्री जयप्रकाश साय विख शिक्षा अधिकारी ओडगी, श्री नरेन्द्र दुबे विख स्रोत समन्वयक ओडगी एवं श्री श्रीराम प्रधान सहायक विख शिक्षा अधिकारी ओडगी द्वारा मार्गदर्शन प्रदान करते हुए प्रशिक्षण के टीप्स को आवश्यकता अनुसार विद्यालयों मे लागू कराने का अपील किया गया।

सूरजपुर : अवैध कबाड़ पर पुलिस की बड़ी कार्यवाही 2 कबाड़ गोदाम सील….

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : पुलिस अधीक्षक श्री रामकृष्ण साहू ने अवैध कारोबार पर पूर्णतः अंकुश लगाने के निर्देश थाना-चौकी प्रभारियों को दिए थे जिसके बाद से ही थाना-चौकी की पुलिस के द्वारा अवैध धंधे पर लगातार कार्यवाही जारी है। गुरूवार को विश्रामपुर पुलिस ने अवैध कारोबार के विरूद्व कार्यवाही करते हुए 2 कबाड़ गोदाम को सील कर दिया है। कबाड़ी गोदाम में रखे लोहे सहित अन्य कलपुर्जे के बारे में पुलिस को कोई संतोषजनक जवाब अथवा कोई दस्तावेज नहीं दे सके।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के मार्गदर्शन में गुरूवार को थाना प्रभारी विश्रामपुर ट्रेनी आईपीएस संदीप कुमार पटेल पुलिस टीम व तहसीलदार के साथ संडे मार्केट स्थित गुलाम अहमद उर्फ गुड्डा एवं शिवनंदनपुर स्थित अलगेशन पिल्ले उर्फ बाबा कबाड़ी के गोदाम में दबिश देते हुए दोनों कबाड़ियों से कबाड़ खरीदी-बिक्री संबंधी दस्तावेज की मांग किये जाने पर कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। तहसीलदार की मौजूदगी में दोनों कबाड़ गोदामों को सील कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस कार्यवाही में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों के कार्यो की प्रशंसा करते हुए इन्हें पुरस्कृत किया है।
इस कार्यवाही में ट्रेनी आईपीएस संदीप कुमार पटेल, तहसीलदार मोहम्मद इजराईल अंसारी, प्रधान आरक्षक अविनाश सिंह, रामनिवास तिवारी, आरक्षक अजय प्रताप राव, उमेश राजवाड़े व देवनंदन राजवाड़े सक्रिय रहे।

अम्बिकापुर : दो पशु चिकित्सक सहित 5 क्षेत्र अधिकारी को कारण बताओ नोटिस…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने बुधवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित पशु चिकित्सा विभाग के समीक्षा बैठक में कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स सॉर्टेड सीमेन की समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक विकासखंड एवं गर्भाधान केन्द्र के लिए निर्धारित गर्भाधान संख्या लक्ष्य प्राप्ति हेतु लगातार पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के साथ ही स्वयं प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने विगत दो माह में लक्ष्य प्राप्ति की कमजोर स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कमजोर निष्पादन वाले चिकित्सक एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों पर बिफर पड़े और दो पशुचिकित्सकों एवं तीन सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कार्य में प्रगति लाने तक वेतन रोकने के निर्देश दिए। इनमें बतौली विकासखंड के पशु चिकित्सा डॉ विष्णु बैक एवं मैनपाट विकासखंड के डॉ डायमंड साहू, अम्बिकापुर के सखौली के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री रवि ताम्रकार, मैनपाट विकासखंड के महारानीपुर के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री अजयमल एक्का, लखनपुर के सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्री अरूण गुप्ता शामिल हैं।
कलेक्टर ने कहा कि मवेशियों एवं बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान के फायदे पशुपालकों को बताएं तथा गायों में आधुनिक तकनीक से उन्नत नस्ल के बछिया पैदा होने वाले सेक्स सॉर्टेड सीमेन के बारे में भी व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर जब तक ईमानदार प्रयास नहीं होगा तब तक इन दोनों कार्यक्रमों में प्रगति नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि बड़े गांव के 20 से 25 प्रगतिशील पशुपालक या किसानों को पहले कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी देकर प्रोत्साहित करें ताकि वे बाकी पशुपालकों को इसके बारे में बता सकें। उन्होंने उप संचालक पशु चिकित्सा को निर्देशित किया कि कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति की पाक्षिक या मासिक अंतराल पर समीक्षा करें तथा प्रगति आने में जहां भी कठिनाई आ रही हो उसे दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि फिल्ड पर जाकर स्वयं देखें कि मैदानी अमला का कार्य संतोषपद्र है या नहीं। जहां किसान ज्यादा संख्या में आते हैं वहां जाकर किसानों को कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आगामी जून महिने से जिले में सक्रिय गोठानों की संख्या 421 हो जाएगी अर्थात गोबर खरीदी शुरू हो जाएगी। जिन गोठानों में नेपियर लगना शेष है उन गोठानों में नेपियर लगाने के लिए अभी से जुताई कराएं ताकि खरपतवार कम से कम पैदा हों।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार लंगेह, उप संचालक पशु चिकित्सा डॉ नरेन्द्र सिंह सहित पशु चिकित्सा अधिकारी एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे।

शुभम फर्टिलाइजर्स का लायसेंस निरस्त…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शासन द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया गया है। उर्वरक विक्रेताओं को शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही उर्वरक बेचा जाना है। किन्तु शुभम फर्टिलाइजर्स अम्बिकापुर के द्वारा अधिक दर पर उर्वरक बेचने के कारण दुकान को सील करने के साथ ही उर्वरक पंजीयन प्राधिकारी के द्वारा थोक एवं फुटकर प्राधिकार पत्र को निरस्त कर दिया गया है।
उर्वरक पंजीयन प्राधिकारी एवं उप संचालक कृषि ने बताया है कि शुभम फर्टिलाइजर्स के संचालक द्वारा अनुविभागीय अधिकारी अंबिकापुर के समक्ष उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत किया गया जो समाधान कारक नहीं पाया गया तथा उक्त दुकान संचालक के द्वारा उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 को उल्लंघन किया जा रहा था जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दण्डनीय है।
ज्ञातव्य है कि कांतिप्रकाशपुर के एक किसान द्वारा शुभम फर्टिलाइजर्स से निर्धारित से अधिक दर पर उर्वरक बेचने की शिकायत कलेक्टर से की गई थी। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा द्वारा जिले में आवश्यक वस्तु अधिनियम के पालन के लिए उप संचालक कृषि को सार्थक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।

संभाग में कार्यरत 14 स्वास्थ्य कर्मी बने स्वास्थ्य पर्यवेक्षक…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा आदेश जारी कर 14 स्वास्थ्य कर्मियों को स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर पदोन्नति दी गई है। इन सभी पदोन्नत कर्मियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। पदोन्नति पश्चात दो कर्मियों को सरगुजा, 3 कर्मियों को बलरामपुर-रामानुजगंज, 6 कर्मियों को जशपुर, 2 कर्मियों को कोरिया तथा एक कर्मी को सूरजपुर जिले में पदस्थ किया गया है।
संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने बताया है कि उप स्वास्थ्य केन्द्र लक्ष्मीपुर के श्री तेजकुमार रौतिया, उप स्वास्थ्य केन्द्र बैजनाथपुर के श्री भूनेश्वर प्रताप, उप स्वास्थ्य केन्द्र नवगई के श्री लखन लाल गुप्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र फतेहपुर के अनिल कुमार पांडेय, उप स्वास्थ्य केंद्र गांधीनगर के श्री अजय सिंह, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक कार्यालय के श्री संजय कुमार पाण्डेय, उप स्वास्थ्य केन्द्र करजी के श्री संजय कुमार कुशवाहा, उप स्वास्थ्य केन्द्र मोहनपुर के श्री व्ही.सी. पटेल, उप स्वास्थ्य केन्द्र सकालो के श्री ओकार पाण्डेय, उप स्वास्थ्य केन्द्र करैया के श्री संजय गुप्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लटोरी के श्री आलोक कुमार यादव, उप स्वास्थ्य केन्द्र डिगमा के श्री धनेश प्रताप सिंह, उप स्वास्थ्य केन्द्र गोल्हाघाट के श्री रोहित लाल प्रजापति तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र कनकपुर के श्री दिलीप कुमार गुप्ता को पदोन्नति दी गई है।

कलेक्टर और संसदीय सचिव आधी रात स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे,,, डॉक्टरों ने अभद्रता और मारपीट की FIR दर्ज करने की मांग को लेकर किया थाना घेराव …

हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : जशपुर कलेक्टर रितेश अग्रवाल और संसदीय सचिव यूडी मिंज के साथ गए लोगों ने बुधवार की आधी रात दुलदुला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दो डॉक्टरों के साथ मारपीट की। इस घटना से आहत डॉक्टर नीतीश आनंद सोनवानी और डॉ. मानिक ने तत्काल बीएमओ को अपना इस्तीफा सौप दिया हैं। अब घटना को लेकर बवाल मचते देख कर कलेक्टर ने जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है। अपर जिला मजिस्ट्रेट आईएल ठाकुर को समिति का अध्यक्ष, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रंजीत टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर योगेन्द्र श्रीवास व सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक आर.एन.केरकेट्टा को सदस्य बनाया गया है। हालांकि, देर रात कलेक्टर और संसदीय सचिव के औचक निरीक्षण में नशे में धुत्त लोगों के होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डॉक्टरों ने यह आरोप लगाया है कि ऐसी बदसलूकी पहले भी हो चुकी है और कल हुए बदसलूकी में संसदीय सचिव यूडी मिंज के कार्यकर्ता थे। घटना के विरोध में दुलदुला सामुदायिक केंद्र के सारे डाक्टर व कर्मियों ने काम बंद कर दिया है और सभी दुलदुला थाने में जमा हो गए हैं औऱ आरोपियो के खिलाफ एफआईआर की मांग कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक एफआईआर नही होगी वो वापस नही लौटेंगे। दूसरी तरफ मामले को लेकर भाजपा ने भी मोर्चा खोल दिया है।

error: Content is protected !!