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पहाड़ी कोरवा को न्याय दिलाने पहुंचे नायब तहसीलदार किशोर वर्मा ने उजाड़ा बेसहाराओ का आशियाना,, भूमाफियाओं के घर को बताया पट्टे का और पट्टे में बने घरों को सरकारी बता कर तोड़ा…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : पहाड़ी कोरवा लोगो के साथ हो रही अत्याचार की खबर के प्रकाशन के बाद आनन-फानन में राजस्व विभाग की टीम दल बल के साथ कांतिप्रकाशपुर पहुंची और आव देखा न ताव अपने आप को पाक साफ बताने के लिए बेसहारा गरीब महिलाओं के आशियाना को नष्ट कर दिया। भू माफियाओं के घर को हाथ लगाने की हिम्मत इनकी नहीं हुई उल्टे पट्टे की जमीन पर बने घरों को सरकारी बताते हुए उन्हें तोड़ कर चले गए। कानून को हाथ में लेने की अगर बात करें तो नायब तहसीलदार किशोर वर्मा ने अपने आप को सर्वोपरि समझते हुए पीड़ित परिवारों को नोटिस देना तक जरूरी नहीं समझा उन्होंने मामले की जांच करना भी सही नही समझा बस आव देखा ना ताव जेसीबी लेकर पहुंच गए और जिनके घरों को नहीं तोड़ना था उन घरों को भी तोड़ कर चले आए और जिनका घर नहीं तोड़ पाए उन लोगों को भी धमकी दे आए की नोटिस भेजने से पहले ही सब अपना अपना घर द्वार अपना सामान खाली कर दो नहीं तो सबका घर तोड़ दूंगा।

ग्रामीणों ने बताया कि नायब तहसीलदार किशोर वर्मा, पटवारी गोपाल सोनी व कांतिप्रकाशपुर के सरपंच जेसीबी के साथ रविवार की दोपहर पहुंचे थे और जिस वक्त कोई भी कोरवा जाति के लोग घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे उस वक्त नायब तहसीलदार द्वारा गरीब बेसहारों के घरों को जेसीबी के द्वारा तोड़वा दिया गया घर टूटने के बाद जब पीड़ित द्वारा नायब तहसीलदार से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि जिनका भी घर तोड़ा जा रहा है उनका घर सरकारी जमीन पर बना है और इसकी शिकायत कोरवा जाति द्वारा की गई है। लेकिन वास्तुस्थिति यह है कि कोरवा जाति द्वारा जिन घरों के बारे में शिकायत की गई थी उन घरों को नायब तहसीलदार हाथ भी नहीं लगाया गया और उन घरों को पट्टे पर बनने की बात कही गई और जिन ग्रामीणों का घर पट्टे की जमीन पर बना था उन्हें भी तोड़ दिया गया। इस घटना के बाद ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं और उन्होंने आज कलेक्टर जनदर्शन में नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई हैं।

हिंद स्वराष्ट्र की खबर का असर : 10 बिस्तरीय आइसोलेशन वार्ड में घोटाला करने वाले 4 इंजीनियरों को भेजा गया मुख्यालय…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : हिंद स्वराष्ट्र की खबर का असर एक बार फिर से नजर आ रहा हैं जहां सीजीएमएससी में 10 बिस्तरीय आइसोलेशन वार्ड निर्माण में हुए घोटाले में जांच रिपोर्ट आ गई है इस जांच रिपोर्ट के आने पर 4 इंजीनियरों को मुख्यालय अटैच कर दिया गया हैं। मिली जानकारी के अनुसार सहायक अभियंता सौरभ कुमार गुप्ता के निर्देशानुसार 24 जुलाई 2022 को स्थल अवलोकन कर प्रस्तुत प्रतिवेदन में सामने आया कि भवन का छत ढलाई नहीं हुआ है। अधीक्षण अभियंता ने इस कुकृत्य के कारण क्यों न आपकी सेवाएं समाप्त की जाए, के संबंध में तत्काल दो दिवस में अपना पक्ष प्रस्तुत करने की टिप्पणी भी की है।
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूर्व में जारी समस्त आदेशों को अधिक्रमित करते हुए सीजीएमएससी के निर्माण संभाग सरगुजा के अभियंताओं को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक मुख्यालय रायपुर में संलग्न कर दिया गया है। संलग्न किए गए अभियंताओं में मृत्युंजय साहू कार्यपालन अभियंता संविदा, कृष्णदत्त अग्निहोत्री उप अभियंता संविदा, विन्दया कुमारी तिर्की उप अभियंता संविदा, अविनाश सिंह व द्वय विजय कुमार यादव उप अभियंता प्लेसमेंट बेसिल शामिल बताए जा रहे हैं।
सीजीएमएससी के अधीक्षण अभियंता ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से पूर्व में जारी समस्त आदेशों को अधिक्रमित करते हुए सीजीएमएससी के निर्माण संभाग में अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक डीके परिहार को सहायक अभियंता संविदा से प्रभारी कार्यपालन अभियंता सरगुजा संभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सौरभ कुमार गुप्ता को प्रतिनियुक्ति पर उप अभियंता से प्रभारी सहायक अभियंता सरगुजा संभाग एवं अन्य निर्देशानुसार कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष पर अपराध दर्ज,फार्म में काम करते हुए करेंट लगने से हुई थी मजदूर की मौत

अंबिकापुर हिंद स्वराष्ट्र समाचारपत्र बिजली की हाई टेंशन तार की चपेट में आने से मौके पर काम कर रहे एक मजदूर की मौत हो गई ,जिस मामले पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता पर लापरवाही के कारण मौत का अपराध दर्ज किया गया है। राकेश गुप्ता के द्वारा फार्मिंग के लिए पॉली हाउस का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माणस्थल के पास से ही 11 हजार केवीए का तार गुजरती है। रॉड उठाते समय गलती से मजदूर बिजली करंट की चपेट में आ गया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं कार्यस्थल पर लापरवाही पाए जाने पर दरिमा पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के खिलाफ 304 ए के तहत अपराध दर्ज किया है।
सीएसपी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शहर से लगे दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम करजी में अंबिकापुर निवासी कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता द्वारा अपने कर्मचारियों के रहने के लिए मकान का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माणस्थल के पास से ही 11 हजार केवीए का हाइटेंशन तार गुजरा है। 22 जुलाई को अन्य मजदूरों के साथ शिवपुर निवासी बसंत बेक उम्र 32 वर्ष काम कर रहा था। काम करने के दौरान लोहे का रॉड 11 हजार केवीए के तार सट गया। इससे बसंत करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। पुलिस ने जांच में पाया की निर्माण स्थल पर सुरक्षा का कोई इंतेजाम नहंी किया गया था। निर्माण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर पुलिस ने राकेश गुप्ता के खिलाफ धारा 304 (ए) के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है।

सावधान!! भू माफियाओं के हौसले बुलंद, जमीन छीनकर देते हैं जान से मारने की धमकी, सबकुछ जानकर भी प्रशासन मौन….देखे वीडियो…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पहाड़ी कोरवाओं के साथ कुछ भू माफियाओं द्वारा भारी अत्याचार किया जा रहा है। इन भूमाफिया द्वारा पहले तो भोले भाले बेचारे बेसहारा लोगों से उनकी जमीनों को छीन लिया जा रहा है, जमीन छीन लेने के बाद इनके द्वारा जमीन मालिकों को धमकी दे दी जा रही है और इन जमीनों पर कब्जा करते हुए इन जमीनों पर दूसरे प्रदेशों से लाकर विशेष समुदाय के लोगों को बसाया जा रहा है। अशिक्षित और अपने अधिकारों के बारे में जानकारी ना होने के कारण इन कोरवाओं को न्याय नहीं मिल पा रहा है। बेचारे भोले भाले ये ग्रामीण न्याय की आस लिए कभी कलेक्टर के पास तो कभी थाने जाते हैं लेकिन इनकी कोई नहीं सुनता है। कलेक्टर को आवेदन दिए जाने के बाद कलेक्टर द्वारा इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की जाती है।

जब इन ग्रामीणों को जान से मारने की धमकी भू माफिया इरफान द्वारा दी जाती है तो ये ग्रामीण भयभीत हो जाते हैं और अपनी शिकायत लेकर कोतवाली थाना अम्बिकापुर जाते हैं जहां इन ग्रामीणों को थाने जाने के बाद बोला जाता है कि जाकर अपनी जमीन पर स्टे लगवा लो लेकिन इन बेचारे अशिक्षित ग्रामीणों को स्टे कैसे लगाया जाता है इसकी जानकारी नहीं है तो ये बिचारे अपनी जमीन पर स्टे कैसे लगवाएंगे?? आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक सरगुजा को भी आवेदन दिए जाते हैं लेकिन शर्म की बात यह है कि 6 महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस इस मामले में कोई एक्शन नहीं लेती है न ही इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज की जाती है नाही पुलिस एक बार भी जांच के लिए मौके पर जाती है। पहाड़ी कोरवा के साथ इस तरह का व्यवहार काफी निंदनीय है और पुलिस की कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़े करती है।

प्रशासन अगर चाहे तो इनकी मदद कर सकता है लेकिन ऐसा लगता नहीं है कि प्रशासन की नियत इन बेचारे कोरवाओं की सहायता करने की है शायद यही कारण है कि आवेदन देने के बावजूद इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है और भू माफियाओं के हौसले दिन प्रतिदिन और बुलंद होते जा रहे हैं। यही कारण है कि भू माफियाओं के द्वारा पहाड़ को काटकर अपने घर बनाए जा रहे हैं यहां तक कि सरकारी ठंड से बने तालाब का भी समतलीकरण कर दिया गया है और उस जमीन पर भी घर बना लिया गया है। शायद प्रशासनिक अमला का सपोर्ट इन भू माफियाओं के साथ है तभी तो पहाड़ को काट दिया जा रहा है और किसी के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है।

भिखारी ने बचाई उफनती नदी में फंसे बच्चों की जान: तेज बहाव में फंस गए थे 4 लड़के, अधेड़ कूदा और बचाकर ले आया..

हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : रविवार दोपहर अरपा नदी के तेज बहाव में आकर 4 बच्चे डूबने लगे। यह देखकर वहां लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन बहाव से बच्चों को बचाकर लाने की हिम्मत कोई नहीं दिखा पा रहा था। इसी बीच एक अधेड़ भिखारी आया और उसने उफनती नदी में छलांग लगा दी। फिर 20 फीट गहराई से रस्सी के सहारे बच्चों को बाहर निकाल लाया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और बच्चों को अस्पताल भिजवाया।

जानकारी के अनुसार, तालापारा के चार लड़के आकाश दिवाकर (15), इरफान (16), आर्यन (11) और आशुतोष पटले (11) रविवार दोपहर खेलते-खेलते गोंडपारा के रिवर व्यू की तरफ चले गए। वहां नदी किनारे जाकर चारों बच्चे मछली पकड़ रहे थे। तभी नदी में तेज बहाव आया और चारों बच्चे डूबने लगे। पुल से लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो भीड़ लग गई। भीड़ शोर मचाती रही, पर कोई बच्चों को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

अधेड़ ग्रामीण की सक्रियता से टल गया बड़ा हादसा
बच्चों को नदी के बीच बहाव में फंसे देखकर आसपास के लोग घबरा गए। इसी दौरान राहगीर रमेश ने बच्चों को तेज बहाव में फंसे देखा। उसे तैरना आता था। ऐसे में बिना समय गंवाए वह सीधे नदी में कूद गए। उनकी सक्रियता से चारों लड़के सुरक्षित बाहर निकल गए। बच्चों के नदी के बहाव में फंसने की जानकारी मिलते ही परिजन भी घबराते हुए वहां पहुंच गए थे। हालांकि, तब तक अधेड़ ने उन्हें सुरक्षित निकाल लिया था। बच्चों को सही सलामत देखकर परिजनों ने भी राहत की सांस ली।

10 बिस्तरीय आइसोलेशन वार्ड मामला : ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की टीम ने की जांच, नही हुई छत की ढलाई लेकिन ढकार गए मलाई…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर जिला सीईओ के आदेश के बाद ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की एक टीम ने मौके का निरीक्षण किया और मौके पर उन्हें भी सीजीएमएससी की करतूत दिखी है,मिली जानकारी के अनुसार जब ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के एसडीओ और इंजीनियरों के द्वारा मौके का निरीक्षण किया तो कार्यवाही के डर से अभियंता साहब अपने कारनामे को छुपाने के लिए आनन फानन में आइसोलेशन वार्ड की ढलाई के लिए तैयारी कर रहे हैं, अभी जब आइसोलेशन वार्ड की ढलाई की तैयारी चल रही है तो फिर इस ढलाई की राशि का आहरण कैसे किया गया। इस धांधली में सीजीएमएससी अभियंता मृत्युंजय साहू का सबसे अहम भूमिका है क्योंकि क्या उन्हे इस बात की जानकारी नहीं थी कि आइसोलेशन वार्ड नर्मदापुर और कमलेश्वरपुर में ढलाई नही हुई थी क्या सीजीएमएससी के इंजीनियर मृत्युंजय साहू को इस बात की जांच पेमेंट करने से पहले नही की जानी चाहिए थी..? इस कारनामें में एक सवाल सामने आ रही है की क्या सीजीएमएससी के अभियंता पद पर बैठे मृत्युंजय साहू अयोग्य है जो उन्हें किसी चीज की जानकारी नहीं रहती है या फिर वो भ्रष्टाचार में डूबे वो माहिर व्यक्ति हैं जो अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लगभग 10 लाख रुपए ढकार गए, लेकिन आखिर जब वहां ढलाई हुई ही नहीं थी और इस बात को ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के इंजीनियरों की टीम ने भी प्रमाणित किया है फिर वो दस लाख रुपए कहां गबन कर गए साहू जी। बिल्डिंग में किसी भी स्टेज के पेमेंट के लिए फोटो और अन्य दस्तावेजों की जरूरत होती है तब फिर कैसे पैसे खा गए साहू जी । जब हमारे संवाददाता के द्वारा मृत्युंजय साहू से इस मामले में जानकारी के लिए फोन किया गया तो वो इस मामले से पूरी तरह बचते नजर आए साथ ही उन्हें इस मामले में अपने संविदा पोस्ट का हवाला देते हुए इस पूरे मामले पर बयान देने से इंकार कर दिया, लेकिन अभियंता महोदय ने इस मामले को निराधार तक नही बताया जिससे यह साबित होता है की उनको भी पता है को उनके घोटाले की पोल खुल चुकी है अब इस मामले में कुछ बोलना उचित नहीं होगा।

इस पूरे मामले में जब पोल खुलती नजर आ रही है तो सीजीएमएससी के ठेकेदार खुदको और अपने साहब को बचाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं,और ढलाई की कोशिश कर रहे हैं,आज कुछ तस्वीर और वीडियो हैं जो इस बात को प्रमाणित करते हैं की ये डर सबको लगता है और उस डर में काम कैसे होता है

छत की ढलाई की हो रही तैयारी लेकिन पैसा पहले ही खा चुके अधिकारी
वीडियो स्पष्ट दिख रहा काम चल रहा है ढलाई होना अभी बाकी है
काल्पनिक रूप से ढलाई हो चुके छत पर छड़ बांधते मजदूर
आज युद्धस्तर पर कर रहे ढलाई की कोशिश

इस पूरे मामले पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की यह रिपोर्ट की बिल्डिंग आधी अधूरी है काफी अहम है क्योंकि इसी आइसोलेशन वार्ड की बिल्डिंग को कंप्लीट बताकर ढलाई के पैसे निकाल लिए गए हैं।
इस पूरे मामले ने सीजीएमएससी विभाग की पूरी पोल खोल कर रख दी है अब आगे इस मामले में और खुलासे होते हैं तो मृत्युंजय साहू के अलावा और भी बड़े नामों के खुलासे की उम्मीद की जा सकती है

कौशल विकास योजना के नाम पर 3.45 करोड़ की धोखाधड़ी…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राजधानी रायपुर में ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास यानी स्किल डेवलपमेंट का ठेका लेकर हैदराबाद की एक संस्था का संचालक बिना प्रशिक्षण दिए सरकार से दो किश्तों में 3.45 करोड़ लेकर फरार हो गया। उसे 770 छात्रों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। प्रति छात्र पर 1.80 लाख रुपये खर्च करने थे। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त की शिकायत पर एसएलसी एजुकेशन सोसायटी हैदराबाद के संचालक टी. सत्यनारायण पर राखी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। राखी थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नवा रायपुर स्थित राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त डा.सीमा मिश्रा (49) ने शिकायत दर्ज कराई कि पांच सितंबर 2019 से सात मई 2021 के बीच 770 बच्चो के लिए स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण देने के लिए हैदराबाद की एसएलसी एजुकेशन सोसायटी से अनुबंध किया गया था। इसके एवज में संस्था को 13 करोड़ 80 लाख 94 हजार 540 रुपये भुगतान किया जाना था। अनुबंध के समय बैंक गारंटी के तौर पर संस्था को 86 लाख रुपये देना था, लेकिन संचालक टी. सत्यनारायण ने मात्र 87 हजार रुपये जमा कर स्टांप पर 87 लाख रुपये लिखकर बैंक को दे दिया। इस दौरान संस्था ने एक भी बच्चों को न तो प्रशिक्षण दिया न ही स्किल डेवलप किया। यही नहीं, संस्था ने दो किश्तों में अनुबंध की 25 फीसद राशि (तीन करोड़ 45 लाख 23 हजार 635 रुपये) ले ली।

छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर से हटी बैन, बैन हटाने में उप समिति सहमत, प्रक्रिया होंगी जल्द शुरू…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : ट्रांसफर पर से बैन हटाने पर विचार करने बनाई गई मंत्रिमंडलीय उप समिति बैन हटाने सहमत हो गई है। जिसके बाद 1 अगस्त से एक महीने के लिए बैन खोलने सिफारिश करने की तैयारी है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू की अध्यक्षता वाली समिति मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रिपोर्ट सौंपेगी। हालांकि, अब रिपोर्ट कैबिनेट में पेश नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने फैसला लेने के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति को अधिकृत कर दिया है। लिहाजा, अब मुख्यमंत्री से सिफारिश अनुमोदित होगी। उसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग बैन हटाने का आदेश जारी कर देगा। मुख्यमंत्री चाहें तो डेट आगे पीछे कर सकते हैं। मगर, संकेत है एक अगस्त की तारीख सुविधाजनक है। एक से 15 अगस्त तक आवेदन लिए जायेंगे। उसके बाद मंत्रियों की अनुशंसा से ट्रांसफर होंगे। आमतौर पर कुल सेटअप का दस फीसदी ट्रांसफर होते हैं। मगर मंत्रिमंडलीय उपसमिति अभी ये फाइनल नहीं कर पाई है कि तीन साल बाद खुल रहे बैन के लिए कितने परसेंट की सिफारिश की जाए।
इस साल ट्रांसफर पर बैन हटाना सरकार की विवशता भी। वो इसलिए अगले साल विधानसभा चुनाव है। चुनावी वर्ष में बैन खोलना संभव नहीं। ट्रांसफर से उपजे विवादों से सरकार की नाहक बदनामी होती है। उसका असर चुनाव पर भी पड़ता है। इसलिए, इस साल बैन हटाने सरकार तैयार हो गई। वैसे, मंत्रियों और कार्यकर्ताओं का भी प्रेशर था। लगातार मांग की जा रही थी कि बैन हटाया जाए। इसलिए कैबिनेट ने बैन हटाने मंत्रिमंडलीय उप समिति गठित कर दी।

आधा-अधूरा इस्तीफा क्या देना, हट ही जाएं… टीएस सिंहदेव पर सीएम बघेल के पिता का तीखा प्रहार…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल ने फिर विवादित बयान दिया है। मनेन्द्रगढ़ पहुंचे नंदकुमार बघेल ने कहा है कि टीएस सिंहदेव आधा-अधूरा इस्तीफा न दें। सरकार में नही रहना है तो पूरी तरह इस्तीफा दें।
सिंहदेव ने पिछले सप्ताह पंचायत विभाग के मंत्री पद से अपना इस्तीफा सीएम भूपेश बघेल को भेजा था। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से इस्तीफा नहीं दिया था। इसको लेकर विधानसभा में काफी हंगामा हुआ था। फिर मुख्यमंत्री ने इस्तीफा स्वीकार कर कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को पंचायत विभाग की जिम्मेदारी भी सौंप दी थी।
शनिवार को नंदकुमार बघेल ने कहा कि सिंहदेव को एक विभाग मंजूर है, दूसरा विभाग मंजूर नहीं है तो इस तरह का इस्तीफा गलत है। उन्हें सरकार में रहना है तो पूरी तरह रहें। नहीं रहना है तो पूरी तरह छोड़ें। अगर उनको पसन्द नहीं है तो मंत्रिमंडल से पूरी तरह इस्तीफा दे दें।
नंदकुमार बघेल कई बार अपने बयानों के चलते विवादों में रहे हैं। पिछले साल सितंबर महीने में उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक कार्यक्रम में ब्राह्मणों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। ब्राह्मणों को विदेशी बताते हुए उन्होंने कहा था कि जिस तरह अंग्रेज आए और चले गए, उसी तरह ये ब्राह्मण सुधर जाएं या फिर गंगा से वोल्गा जाने के लिए तैयार रहें।
इसके बाद पूरे देश में नंदुकमार बघेल का विरोध शुरू हो गया था। मामला तूल पकड़ते देख सीएम बघेल ने कहा था कि कोई भी कानून से उपर नहीं है। उन्हें रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

होटल के कमरे में घुसकर युवक को पीटा,चाकू भी मारा,खुद को डॉन बताकर बनाया VIDEO किया वायरल, अब जेल में उतरेगा डॉन बनने का भूत….

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : रायपुर के बदमाश युवकों का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक कमरे में युवक को बुरी तरह से पीटा जा रहा है। उसे चाकू मारा गया। लात-घूंसों से उस युवक पर कई बार हमला किया गया। इस कांड को 8 लड़कों ने अंजाम दिया। इसमें एक नाबालिग भी शामिल है। इसके बाद घटना का वीडियो बनाकर बदमाशों ने इसे सोशल मीडिया में भी पोस्ट किया। मारपीट कर रहे साहिल नाम के युवक ने ये वीडियो पोस्ट करते हुए खुद को छत्तीसगढ़ का डॉन बताया। दरअसल पूरा मामला आपसी रंजिश का है। वीडियो में जिसे पीटा जा रहा है, उसका नाम भी साहिल है। मारपीट करने वाला दूसरा युवक साहिल रायपुर के मौदहापारा इलाके का रहने वाला है। ये मारपीट-गुंडागर्दी के मामलों में शामिल रहता है। इसका युवक के साथ झगड़ा हुआ था, इसी बात का बदला लेने ने साहिल ने अपने साथियों के साथ मिलकर युवक को पीट दिया। इस घटना का शिकार युवक शेख साहिल राजेंद्र नगर थाने पहुंचा और पुलिस को सारी बात बताई। शेख साहिल ने बताया कि वो अपने मित्र के साथ पचपेड़ी नाका चौक स्थित एक होटल के कमरे में रुका था। यहीं साहिल अपने साथियों के साथ आया और मुझे पीटा। युवक कहता रहा कि मुझे माफ कर दो। मगर बदमाशों ने इसे पीटा और चाकू से वार कर दिया।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस आरोपी साहिल उर्फ छोटा साहिल की तलाश में जुट गई। शुक्रवार को इसे मौदहापारा से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने स्वयं को रायपुर शहर का डाॅन बताते हुये भय व दहशत फैलाने के उद्देश्य से विडियो को पोस्ट किया था। इसके 6 साथी और एक नाबालिग को पकड़ा गया है। गिरफ्तार हुए लड़कों में साहिल शेख उर्फ छोटा साहिल उर्म 20 साल, मो. वहीद उम्र 21 साल,मो. आमिर उर्फ बद्री उम्र 21 साल,ईरशाद खान उम्र 21 साल,दयालू नाग उम्र 23 साल, गोपाल बाग उम्र 22 साल, प्रकाश ताण्डे उम्र 23 साल शामिल हैं।

ED पर गरमाई सियासत:मुख्यमंत्री बोले- चिटफंड घोटाले की जांच के लिए ED को लिखा है, रमन सिंह ने कहा- चिटफंड जांच को उनका भी समर्थन..

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय-ED की जांच के नाम पर राजनीति का नया अध्याय शुरू हुआ है। सोनिया गांधी की पेशी के विरोध में ED का घेराव कर रही कांग्रेस पर सवाल उठे तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर घोटालों का आरोप लगा दिया। कहा-चिटफंड घोटाले की ED से जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को लिखा है। अब डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि चिटफंड घोटाले में ED की जांच का उनका भी पूर्ण समर्थन है।
विधानसभा के मानसून सत्र में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री के एक केंद्रीय जांच एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए थे। जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में चिटफंड कंपनी 6 हजार करोड़ से ज्यादा लूट के ले गईं। गरीबों का पैसा लूट कर ले गईं। मैं बोला कि मां का दूध पिए हैं तो इसकी ED से जांच क्यों नहीं कराते। मैं सभी सेंट्रल एजेंसी का सम्मान करता हूं लेकिन वो किस उद्देश्य से बनाये गए थे और आज कर क्या रहे हैं? मुख्यमंत्री ने कहा, चिटफंड मामले में जांच के लिए भारत सरकार को, होम मिनिस्ट्री को पत्र लिखा है। आप जांच करवा दीजिए अब। ED से जांच के लिए लिखा है।
भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, मनी लॉन्ड्रिंग होगी तब ED जांच करेगी। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, मनी लॉन्ड्रिंग हुआ है तभी जांच करें। हमें लगता है मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। मैंने पत्र लिखा था, लेकिन उसका जवाब भी नहीं आया। नेशनल हेराल्ड मामले में कहां से ED की जांच की जरूरत हो गई?
घोटालों के आरोप लगे तो रमन सिंह ने भी दी थी चुनौती
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 21 जुलाई को ED के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर कई घोटालों के आरोप लगाए। उन्होंने चुनौती देकर कहा कि ED इन घोटालों की जांच क्यों नहीं करती। नान घोटाले की एफआईआर तो ED के पास ही है। जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चुनौती दी कि एक भी आरोप साबित हो गया तो वे सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया

इसके बाद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आधिकारिक एकाउंट से एक वीडियो साझा हुआ। लिखा गया, दीवारों पर लिखी कहानियां, बारिशों में धुंधली नहीं होती। आपने तो फिर कांड दर्ज कराए हैं, खुद को रगड़कर धोने से भी न मिटेंगे।। पनामा पेपर्स, नान घोटाला, डीकेएस से लेकर अंतागढ़ और चिटफंड तक हर जगह आप और आपके परिजन ही “common WEALTH’खेलते रहे हैं। सनद रहे डॉ. साहब! सन्यास!!!!

अब रमन सिंह ने किया पलटवार
अब पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने आधिकारिक एकाउंट से लिखा, भूपेश जी! छत्तीसगढ़ को पौने चार साल में आपकी सरकार की अक्षमता का पता चल ही गया है। तभी वे चिटफंड की जांच अब तक नहीं कर पाई है। आपने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर ED से जांच की बात कल विधानसभा में की है। इस जांच के लिए मेरा भी पूर्ण समर्थन है। डॉ. रमन सिंह ने लिखा, एक तरफ आप सोनिया जी से ED की पूछताछ के खिलाफ ED ऑफिस में धरना देते हैं और दूसरी तरफ चिटफंड मामले में ED पर भरोसा करते हैं। यह दोहरी राजनीति मत कीजिए।

रेप न कर सका तो नाबालिग को मार डाला: SECL के रिटायर्ड कर्मचारी ने दिया वारदात को अंजाम, 14 दिन बाद मिला था कंकाल, गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र जांजगीर–चांपा : जांजगीर-चांपा जिले में एक बुजुर्ग नाबालिग लड़की का रेप न कर सका तो उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी ने उसके शव को झाड़ियों में छिपा दिया था। लड़की के लापता होने के 14 दिन बाद उसका कंकाल मिला था। जिसके बाद से ही पुलिस ने मामले में जांच कर रही थी। आखिरकार पुलिस आरोपी तक पहुंच गई और उसने इस वारदात को अंजाम देने वाले SECL के एक रिटायर्ड कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। मामला शिवरीनारायण थाना क्षेत्र का है। 13 साल की लड़की 29 जून की शाम को 4 बजे घर से बिस्किट लेने के लिए निकली थी। इसके बाद घर ही नहीं लौटी। वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका था। जिसके बाद लड़की के पिता ने बच्ची के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लड़की 6वीं कक्षा की छात्रा थी।
पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बावजूद नाबालिग का कुछ पता नहीं चल सका था। काफी दिन बीत गए थे। इस बीच 14 जुलाई को खरौद स्थित जोरवा तालाब के किनारे झाड़ियों में एक कंकाल मिला था। कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने जांच की पता चला कि यह वही 13 साल की लड़की का कंकाल है।

नाबालिग की सहेलियों ने बताया…

कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने गांव के लोगों और नाबालिग के परिजनों से पूछताछ की, लेकिन पुलिस को कुछ खास सफलता हाथ नहीं मिल पा रही थी। फिर पुलिस ने नाबालिग की सहेलियों से भी बातचीत की, तब पुलिस को जो पता चला वह चौकाने वाला था। लड़की की सहेलियों ने बताया कि गांव का परदेशी लाल पंकज(62) नाबालिग को परेशान किया करता था। वह जब भी तालाब की तरफ जाती तो वह उसे पर गंदी नजर रखता था।

बिस्किट देने के बहने बुलाया, करना चाहता था रेप

ये पता चलने के बाद पुलिस ने परदेशी लाल को हिरासत में लिया था। जिसके बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। परदेशी लाल ने बताया कि 29 जून की शाम को मैंने बच्ची को देखा था। इसके बाद मैं उसे बिस्किट देने के बहाने घर ले गया। वहां मैंने उससे शारीरिक संबंध बनाना चाहा, मगर बच्ची ने इसका विरोध किया। वह चिल्लाने लगी थी। इसलिए मैंने उसका गला घोंटा। फिर उसके शव को बोरी में भर दिया था और तालाब किनारे फेंक दिया था। आरोपी के इस बयान के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

छेड़छाड़ के आरोप में पहले भी गया जेल
बताया गया है कि परदेशी लाल कोरबा जिले के बालको में एसईसीएल में काम करता था। उसका चाल चलन ठीक नहीं था। इसलिए उसकी पत्नी और बच्चे भी अलग रहते थे। ये भी पता चला है कि वह छेड़छाड़ के मामले में पहले भी जेल जा चुका था।

ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड चैंपियनशिप का सिल्वर जीत रचा इतिहास, भारत को 19 साल बाद मेडल..

ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के जैवलिन थ्रो इवेंट का सिल्वर मेडल जीतते हुए इतिहास रच दिया। वह इस इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने। उन्होंने 88.13 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ सिल्वर मेडल अपनी झोली में डाला। इस तरह 19 वर्ष बाद भारत को टूर्नामेंट में मेडल मिला है। इससे पहले 2003 में लॉन्ग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज ने विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। नीरज चोपड़ा का पहला अटेम्प्ट फाउल रहा, जबकि दूसरे अटेम्प्ट में उनहोंने 82.39 मीटर का थ्रो किया। यह उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी दूर था। दूसरी ओर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने पहले ही अटेम्प्ट में 90 मीटर को पार कर लिया। उन्होंने लगातार दो अटेम्प्ट में 90.21 और 90.46 मीटर का थ्रो करते हुए अपना मेडल पक्का कर लिया था।

ओलिंपिक चैंपियन की निगाहें अब वर्ल्ड चैंपियन बनने पर, जानें खास प्लानिंग
नीरज ने तीसरे अटेम्प्ट में अपने प्रदर्शन में सुधार किया। उन्होंने 86.37 मीटर का थ्रो करते हुए चौथे नंबर पर पहुंच गए। भारतीय स्टार ने चौथे राउंड में 88.13 मीटर का थ्रो करते हुए दूसरा नंबर पा लिया। नीरज का यह ओलिंपिक से भी बेहतर प्रदर्शन था। उन्होंने ओलिंपिक में 87.58 मीटर का जैवलिन थ्रो करते हए गोल्ड मेडल जीता था। अब चेक रिपब्लिक के याकूब वालडेश तीसरे नंबर पर पहुंच गए थे। छठे राउंड में वह फाउल कर गए।
वह 5वें राउंड में वह फाउल कर बैठे, लेकिन अच्छी बात यह रही कि याकूब वालडेश 81.31 मीटर ही फेंक सके। दूसरी ओर, ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स को गोल्ड मेडल मिला, जिन्होंने लगातार दूसरे बड़े इवेंट में नीरज से गोल्ड छीना है।
उल्लेखनीय है कि एंडरसन पीटर्स कई बार नीरज चोपड़ा से पटखनी खा चुके हैं, लेकिन इस साल वह बेहतरीन लय में हैं। स्टॉकहोम डायमंड लीग में नीरज और पीटर्स की भिड़ंत हुई। 89.94 मीटर का थ्रो कर नीरज ने नेशनल रिकॉर्ड बनाया, लेकिन पीटर्स ने 90.31 मीटर का थ्रो किया और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। नीरज चोपड़ा को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। इसी साल दोहा डायमंड लीग में एंडरसन पीटर्स ने 93.07 मीटर का थ्रो कर दिया था।

पिछले 9 वर्षों से एक ही जगह बैठकर मलाई खा रहे अधिकारियों की करतूत,अपने चहेतों को दिलवाते हैं टेंडर और बिना कार्य पूर्ण हुए कर देते हैं पूरा भुगतान…देखे वीडियो…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरकारी निर्माण में भ्रष्टाचार की बातें अमूमन आज के दौर में आम-सी हो गई हैं परंतु इन सब में भ्रष्टाचार से जुड़े दस्तावेजों को निकलवाने में आम लोगों सहित खास लोगों के भी पसीने निकल जाते हैं। 10 बिस्तरीय आइसोलेशन वार्ड भवन नर्मदापुर एवं कमलेश्वरपुर विकासखंड मैनपाट जिला सरगुजा में किया जाना प्रस्तावित था इस दौरान इस में भारी वित्तीय भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता देखा गया हैं। शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह बताया है कि उक्त निर्माण कार्य का निविदा छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड रायपुर के द्वारा निविदा आमंत्रित किया गया था जिसे यादव इंफ्रास्ट्रक्चर अंबिकापुर को दिया गया और इस निर्माणाधीन भवन की अवधि 4 माह बताई गई परंतु 15-09-2021 को निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से अब तक यह कार्य अपूर्ण हैं परंतु इस बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि तत्कालीन सहायक अभियंता और कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड अंबिकापुर के साथ सांठगांठ करके 18-01-2022 को नर्मदापुर 10 बिस्तरीय आइसोलेशन एवं 14-02- 2022 को कमलेश्वरपुर 10 बिस्तरीय आइसोलेशन वार्ड भवन का बिना छत ढलाई कराएं छत ढलाई का भुगतान निजी स्वार्थ के लिए ठेकेदार यादव इंफ्रास्ट्रक्चर को कर दिया गया।

काम अधूरा पेमेंट पूरा
क्या आंखों में पट्टी बांधकर कर दिए ढलाई का पेमेंट
घटिया निर्माण भी दिख रहा
अधूरा बिल्डिंग लेकिन पेमेंट पूरा,इंजीनियर साहब का कमाल क्या गुप चुप तरीके से हो रहे मालामाल
शिकायत होने के बाद लीपापोती करने में कमर कस चुके अधिकारी

इस दौरान आपको बता दें की छत ढलाई के भुगतान करने के 6 महीना हो जाने के बाद भी अब तक निर्माणाधीन भवन में छत की ढलाई नहीं की गई हैं इसके अलावा जो कुछ भी निर्माण कार्य हुआ है वह भी गुणवत्ता के पैमाने पर खरा नहीं उतरता हैं। गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों के साथ सांठगांठ करते हुए दोनों अधिकारियों के द्वारा निर्माण पूर्व धनराशि जारी किया गया और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया है। इस दौरान आपको बता दें कि शिकायतकर्ता ने दोनों अधिकारियों पर नियम विरुद्ध शासन के नियमों को ताक पर रखकर पैसों का दुरुपयोग किया हैं। इन अधिकारियों द्वारा ऐसे कृत्य विगत 9 वर्षों से किया जा रहा हैं ये अधिकारी अपने निजी स्वार्थ के लिए अपने चहेते ठेकेदारों से मिलीभगत कर बिना कार्य कराए उसका भुगतान करते आ रहे हैं जबकि अच्छे कार्य करने वाले ठेकेदारों के बिल साइन करने के पूर्व नियम विरुद्ध तानाशाही पूर्वक भारी कमीशन की मांग भी करने का आरोप शिकायतकर्ता ने लगाया हैं।

इस दौरान आपको बता दें कि तत्कालीन सहायक अभियंता कृष्ण दत्त अग्निहोत्री और कार्यपालन अभियंता मृत्युंजय साहू विगत 9 वर्षों से सरगुजा संभाग में ही पदस्थ हैं और इस प्रकार की गतिविधियों में लगातार इनके नाम सामने आते रहते हैं परंतु अब तक इन पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होने पर बेलगाम अधिकारी बेईमानी का पैसा खाते अपनी भ्रष्टाचार की जड़ मजबूत कर बैठे हैं।

शराबी शिक्षिका को जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : जिला शिक्षा अधिकारी ने विकासखण्ड जशपुर के शासकीय प्राथमिक शाला टिकैतगंज के सहायक शिक्षक ई संवर्ग श्रीमती जगपती भगत का शराब का सेवन कर विद्यालय में उपस्थित होने के मामले की शिकायत पर कार्यवाही करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। उन्होंने बीईओ जशपुर द्वारा प्राप्त प्रतिवेदन के आधार एवं प्रधान पाठक व छात्र-छात्राओं के बयान के आधार पर श्रीमती भगत का शराब का सेवन कर विद्यालय में उपस्थित होने एवं अत्याधिक नशे के कारण चल न पाने की स्थिति में पाया जाने का कृत्य प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। संबंधित का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के सर्वथा विपरीत है एवं कदाचरण की श्रेणी में आता है। इस हेतु संबंधित सहायक शिक्षक को छ.ग. सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जशपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

जनपद पंचायत सीईओ के खिलाफ जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत समस्त जनपद सदस्यों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन…

हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : जनपद पंचायत बैकुंठपुर के सीईओ के खिलाफ जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत समस्त जनपद सदस्यों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा हैं। अपने ज्ञापन में उन्होंने सीईओ पर जनप्रतिनिधियों से बुरा बर्ताव करने साथ ही कमीशनखोरी का भी आरोप लगाया हैं। आवेदन में जनपद पंचायत परिसर की दुकानों को दुकानदारों से मिलीभगत करते हुए सीईओ द्वारा अवैध रूप से दुकानों की जगह में बढ़ोतरी करवाने जिससे जनपद पंचायत को आर्थिक नुकसान होने की भी बात कही हैं तथा इसकी जांच की मांग की है।

जीएसटी दरों पर भ्रम से बचें : अभिषेक शर्मा

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जीएसटी कौंसिल की 47 वीं मीटिंग में सभी राज्यों के प्रतिनिधियों की सहमति से लिए गए निर्णय पर फैलाया जा रहा भ्रम यथार्थता से बिल्कुल परे है, उपरोक्त बात अभिषेक शर्मा अधिवक्ता टैक्स एवं जिला सह कोषाध्यक्ष भाजपा सरगुजा एवं प्रदेश सह संयोजक आर्थिक प्रकोष्ठ छग ने कही।। उनहोने बताया किसी लोकल प्रोडेक्ट पर किसी प्रकार का कोई करारोपण नहीं किया है बल्कि ब्रांडेड और प्रिपैकड को ही परिभाषित किया गया है ताकि जो आईटम लोकल स्तर पर खरीदकर ब्रांड के रूप में पैंकिग कर बेचे जाते हैं उसी पर करारोपण लागू किया गया है जो कि अधिकतम वस्तुओं पर पुर्व से ही लागू है जैसा कांग्रेस शासन काल 2009 में लिगल मैट्रोलाजी ऐक्ट के अनुपालन में किया गया था जिससे ब्रांडेड और अनब्रांडेड के बीच के अंतर को समझा जा सके। जीएसटी परिषद ने आटा चावल दाल के लोकल खुले में बिक्री पर कोई करारोपण नहीं किया है बल्कि पुर्व से ये आईटम 25 किलो या ज्यादा के पैकिट पर ही उपलब्ध होते हैं जो कौंसिल की बैठक के बाद भी टैक्स फ्री है। भ्रम फैलाने वालों को यह समझना चाहिए कि कौंसिल में सभी राज्यों के प्रतिनिधियों का सामूहिक निर्णय ही मान्य होता है। देश ने प्रधानमंत्री मोदी जी की जन आकांक्षी नीतियों के कारण कोरोना की विभीषिका से निपटने में अपनी सक्षमता दिखाई है इसका कारण भी 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा उपलब्ध करवाने और मुफ्त में टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों का सफल क्रियान्वयन भी है। इसलिए भ्रम में ना आऐ और देश के राजस्व में अपना योगदान दें ताकि देश मोदी जी के नेतृत्व में सभी परिस्थितियों से निपटने में सफल हो सके।

प्राचार्य निलंबित : परीक्षा में पास करवाने के नाम पर मांगी थी रकम…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा संभाग के आयुक्त जी.आर. चुरेन्द्र ने कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सूरजपुर के प्रस्ताव पर शासकीय उच्चतर माध्यिक विद्यालय चन्द्रमेंढ़ा के प्राचार्य श्री अरूण पांडेय को निलंबित किया है। निलंबित अवधि में उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोरिया बैकुण्ठपुर निर्धारित किया गया है। निलंबित अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। ज्ञातव्य है कि प्राचार्य अरूण पांडेय द्वारा विद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा से 12 वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठने के अनुमति देने तथा उन्हें परीक्षा में पास के नाम पर पैसे की मांग की गई थी। जिसके फलस्वरूप उनके विरूद्ध थाना झिलमिली में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

पुटू बिनने गए दादी और नाती– नातिन का शव…हादसा या आत्महत्या पुलिस कर रही जांच…

हिंद स्वराष्ट्र कोरबा : कोरबा में शुक्रवार सुबह संदिग्ध हालत में वृद्धा और उसके नाती-नातिन के शव थाने से महज 100 मीटर दूर मिले हैं। तीनों के शव एक तालाब से बरामद हुए है। बताया जा रहा हैं कि तीनों सुबह करीब 6 बजे घर से पुटू (मशरूम) लेने के लिए निकले थे। इसके बाद उनके शव मिलने की सूचना परिजनों को मिली। फिलहाल ये हत्या है या खुदकुशी इसे लेकर मामला अटका हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक, करतला निवासी बिजेंद्र कंवर की मां सूरज बाई (50) नातिन जानवी (7) और अखिल (5) को लेकर सुबह करीब 6 बजे पुटु (मशरूम) लेने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद तीनों काफी देर तक नहीं लौटे। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि थाने से करीब 100 मीटर दूर तालाब में महिला का शव पड़ा हुआ है। इसके बाद पुलिस पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान सूरज बाई (50) के रूप में हुई।


मां का शव मिलने की सूचना बिजेंद्र को मिली तो वह मौके पर पहुंच गया। वहां दोनों बच्चे नहीं दिखाई दे रहे थे। इस पर उसने पुलिस से बच्चों के बारे में बताया। तालाब के बाहर ही बच्चों की चप्पलें पड़ी हुई थीं। इस पर पुलिस ने गोताखोरों को फिर भेजा और कुछ देर में दोनों बच्चों के शव भी बरामद हो गए। फिलहाल तीनों के साथ क्या घटना हुई यह किसी को समझ में नहीं आ रहा है।
फिलहाल पुलिस हादसा और खुदकुशी दोनों एंगल से मामले की जांच कर रही है। हालांकि तालाब के बाहर बच्चों की चप्पल मिलना संदेह जता रहा है। इसके चलते गुत्थी और भी उलझी हुई है। पुलिस को अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही मामले की सही जानकारी मिल पाएगी।

10 लाख 60 हजार रूपये कीमत के 15 टन कोयला एवं 1 ट्रक जप्त, दो गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : अवैध कोयला कारोबार पर रोक लगाने को लेकर गुरूवार को थाना प्रतापपुर की पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 10 लाख 60 हजार रूपये कीमत के ट्रक एवं उसमें लोड 15 टन कोयला सहित 2 व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। रात में थाना प्रतापपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना सूचना मिला कि ग्राम गोंदा में एक ट्रक में अवैध रूप से कोयला लोड कर परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घेराबंदी कर ट्रक क्रमांक सीजी 15 एसी 5100 को रोकवाया इसी बीच चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भाग निकला, ट्रक में 2 व्यक्ति देवेन्द्र सिंह पिता स्व. भगवती चरण सिंह एवं महेन्द्र सिंह पिता भगवती चरण सिंह दोनों निवासी ग्राम गोंदा, थाना प्रतापपुर को पकड़ा गया। ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें कोयला लोड होना पाया जिसके संबंध में दस्तावेज की मांग किए जाने पर कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जो कोयला चोरी का होने की पूर्ण अंदेशा पर धारा 41(1-4)/379 भादसं. के तहत कार्यवाही करते हुए ट्रक कीमत करीब 10 लाख एवं उसमें लोड 15 टन कोयला कीमत 60 हजार रूपये को जप्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। फरार ट्रक चालक की पतासाजी की जा रही है।

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