हिंद स्वराष्ट्र औरंगाबाद : बिहार के औरंगाबाद में शॉर्ट शर्किट की वजह से घर में सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. सिलेंडर फटने की वजह से एक दर्दनाक हादसा घट गया. जानकारी के मुताबिक सिलेंडर फटने से 30 से ज्यादा लोग झुलसे गए. वहीं कई लोगों की हालत हालत गंभीर बताई जा रही है. नगर थाना क्षेत्र के शाहगंज मोहल्ले के वार्ड नं 24 में शनिवार की अगली सुबह करीब 2:30 बजे के आसपास मोहल्ले के ही अनिल गोस्वामी के घर मे छठ पर्व हो रहा था. परिवार के सभी सदस्य प्रसाद बनाने में जुटे हुए थे. इसी दौरान आग ने घर के सिलेंडर अपनी चपेट में ले लिया. जिससे गैस रिसने लगी और आग तेजी से आग भड़क गई. जिसके बाद भगदड़ मच गई. कुछ लोग आग बुझाने में जुट गए. लेकिन आग की लपटें तेज हो गई.
मोहल्ले वालों के द्वारा नगर थाने की पुलिस एवं दमकल की टीम को सूचना दी गयी. सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस एवं दमकल की टीम आग बुझाने में लग गई. लेकिन आग का लपटे धीरे-धीरे बढ़ती गई और अचानक घर मे ब्लास्ट हो गया. जिसमे करीब 30 से अधिक लोग झुलस कर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां चिकित्सकों के द्वारा उपचार किया गया. देखते ही देखते सदर अस्पताल के लोगो की भीड़ जमा हो गयी.
घायलों में पुलिसकर्मी में महिला सिपाही प्रीति कुमारी, डीएपी अखिलेश कुमार, जगलाल प्रसाद, सैफ जवान मुकुंद राव, जगलाल प्रसाद, ड्राइवर मो० मोज्ज्म एवं शाहगंज मुहल्ले के नगर परिषद अध्यक्ष पद प्रत्याशी अनिल ओड़िया, गया ज्वेलर्स के पंकज वर्मा, राजीव कुमार, मो० शाब्दिर, मो० असलम, सुदर्शन, अरियन गोस्वामी, मो० छोटू आलम, अनिल कुमार, शाहनवाज सहित करीब 30 से अधिक लोग घायल हो गए. जिसमे से करीब 25 लोग के आसपास हालत गंभीर बताई जा रही है. कई लोगों को निजी नर्सिंग होम में भी भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है.
गृह स्वामी अनिल गोस्वामी ने बताया कि घर मे छठ पर्व हो रहा था. सभी परिवार प्रसाद बनाने में जुटे हुए थे. तभी गैस रिसने से आग लग गई. परिवार के लोग चीखने चिल्लाने लगे तो आसपास के लोग दौड़े और नगर थाना की पुलिस एवं दमकल की टीम को सूचना दी. इसके बाद लोग आग बुझाने में जुट गए तभी पुलिसकर्मी की टीम पहुंची. तब तक आग का लपटें तेज हो चुकी थी. जिस वजह से अचानक घर में सिलेंडर ब्लास्ट हो गया. जिसके कारण 30 से अधिक लोग के आसपास झुलस कर घायल हो गए. घटना के बाद सदर अस्पताल में भर्ती लोगों का चिकित्सकों के द्वारा उपचार किया गया।
इसके बाद लोग स्थिति अनुसार अपने अपने मरीज को इधर उधर आसपास के निजी अस्पताल ले गए. जबकि सदर अस्पताल के चिकित्सकों के द्वारा कई घायलों को गंभीर अवस्था मे रेफर कर दिया गया. बाकी सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. नगर थाना के एसआई विनय कुमार सिंह में बताया कि आग लगने की सूचना मोहल्ले के लोगों ने दी. सूचना मिलने पर टीम वहां पहुंची और आग बुझाने में जुट गई. लेकिन तभी अचानक जोर से ब्लास्ट हुआ जिसमे लोग झुलस गए. हालांकि प्रशासन के द्वारा अभी घटना के कारण का पुष्टि नही की गई है. लेकिन अनिल गोस्वामी का कहना है कि सिलेंडर फटने से आग लगी है. फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.
छठ पूजा के दौरान भीषण आग, 30 से ज्यादा लोग झुलसे; कईयों की हालत गंभीर…
अम्बिकापुर: चोरों के हौसले बुलंद, रिटायर्ड एसडीओ के घर लाखों की चोरी…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शहर के बौरीपारा रिंग रोड से लगे केनाबांध में वन विभाग के सेवानिवृत्त एसडीओ एसके गुप्ता के घर का ताला तोड़कर चोरों ने नकदी सहित लाखों के जेवरात पार कर दिए। चोरों ने भूतल स्थित सभी कमरों की तलाशी ली। सारा सामान बिखेर दिया। नकदी, जेवरातों को लेकर चोर बड़े आराम से फरार हो गए। सेवानिवृत्त वन अधिकारी परिवार के सदस्यों के साथ छठ पर्व मनाने के लिए जशपुर गए थे। घर के देखभाल की जिम्मेदारी घरेलू सहायिका को दिया था। गुरुवार की रात घरेलू सहायिका घर में सोई नहीं थी। उसी का फायदा संभवतः चोरों ने उठाया।
वन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी एसके गुप्ता के घर चोरी का पता शुक्रवार की सुबह उस समय चला जब घरेलू सहायिका साफ-सफाई के लिए पहुंची। दो मंजिला मकान में प्रवेश के लिए गेट का ताला खोलकर जब वह मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंची तो देखा कि दरवाजे पर लगा ताला नहीं है। भीतर से दरवाजा बंद था। संदेह होने पर उसने पड़ोसियों को सूचना दी। तत्काल फ़ोन से सेवानिवृत्त अधिकारी एसके गुप्ता को घर में चोरी हो जाने की जानकारी दी गई। जब वे परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचे तो देखा कि चोरों ने पूरा घर खंगाल दिया था। सूचना पर कोतवाली पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला कि गेट में लगे ताले को तोड़ चोर परिसर में घुसे। मुख्य प्रवेश द्वार में लगे ताले को तोड़ दिया था। भीतर घुसने के बाद चोरों ने सभी कमरों का ताला तोड़कर चोरी की घटनाकारित की थी। हर कमरे की अलमारी खुली हुई थी। लकड़ी के सारे दराज भी खुले हुए थे। सोने-चांदी के खाली डिब्बे बिखरे पड़े थे. चोरों ने यहां से लाखों की चोरी की है। एसडीओ वन एसके गुप्ता जशपुर जिले में पदस्थ थे। इसी साल मार्च महीने में वे सेवानिवृत्त हुए हैं। अंबिकापुर के बौरीपारा केना बांध में भी उनका मकान है। जशपुर में सेवारत रहने के दौरान वही छठ पूजा किया करते थे। दीपावली पर पूरा परिवार यही था। 25 अक्टूबर को छठ पर्व मनाने के लिए परिवार के सदस्यों के साथ वे जशपुर चले गए थे। अंबिकापुर के घर के देखभाल की जवाबदारी उन्होंने घरेलू सहायिका को दे रखा था।
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि सेवानिवृत्त वन अधिकारी के घर कार्य करने वाली घरेलू सहायिका रात में इसी घर में सोया करती थी. लेकिन गुरुवार को वह नहीं सोई थी। गुरुवार शाम लगभग साढे चार बजे वह साफ- सफाई के लिए सेवानिवृत्त वन अधिकारी के घर पहुंची थी। पूजा घर और एक-दो अन्य कमरों की लाइट जला साफ – सफाई कर वह घर में ताला लगा कर चली गई थी। शाम तक सब कुछ व्यवस्थित था। उसके बाद ही चोरी की घटना हुई। अगल-बगल रहने वाले लोगों को भी चोरी का कुछ पता नहीं चल सका।
पशु किसान ऋण में घोटाला करने पर जिला सहकारी बैंक के शाखा प्रबंधक को किया गया निलंबित…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर/ भैयाथान: शिवप्रसादनगर समिति में नियम विरुद्ध, कूटरचित दस्तावेज के सहारे पशु किसान ऋण देने के मामले को लेकर किसानों द्वारा कलेक्टर सूरजपुर से शिकायत की गई थी मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर द्वारा चार सदस्यीय जांच दल गठित कर मामले की बारीकी से जांच करने को निर्देशित किया गया। जिसके बाद जांच दल द्वारा प्रत्येक किसानों के घर पहुंच कर उनसे पूछताछ की जा रही है और उनका बयान दर्ज किया जा रहा है। शुक्रवार को जांच दल ने शिवप्रसाद नगर समिति के ग्राम बड़सरा, बसकर, करौंदा मुड़ा व भंवराही के किसानों से मिलकर पशु ऋण के सबन्ध में आवश्यक पूछताछ करते हुए बयान दर्ज किया। इस दौरान जांच दल को एक-दो किसानों के घर में ही दुधारू पशु मिले।
वहीं इस गड़बड़ी में शामिल जिला सहकारी बैंक भैयाथान के शाखा प्रबंधक को कलेक्टर के निर्देश पर हटा दिया गया है। उनके स्थान पर बैंक के नोडल व जांच दल में शामिल गिरजाशंकर साहू को यहां का नया प्रबंधक नियुक्त किया गया है।
ज्वैलरी शॉप में ध्यान भटका कर उठाईगिरी करने वाली महिलाओ के अंतर्रराज्यीय गिरोह को पुलिस ने किया गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : दिनांक 19 अक्टूबर 2022 को 3 अज्ञात महिलाओ द्वारा सोनी ज्वेलर्स गांधीनगर मे सराफा व्यापारी का ध्यान भटकाकर सोने के आभूषण लॉकेट, कान का टप्स और मंगलसूत्र उठाईगिरी कर ले गए थे, प्रार्थी की रिपोर्ट पर तत्काल अपराध सदर पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया। त्यौहार के समय हुई घटना को गम्भीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज अजय यादव (भा.पु.से.) के सतत मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सरगुजा भावना गुप्ता (भा.पु.से.) के निर्देशन में ठगी कर चोरी करने के मामले के आरोपियों का पता तलाश कर शीघ्र गिरफ्तार करने हेतु दिशा निर्देश दिए गए थे, इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनैला (भा.पु.से.), पुलिस अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण अखिलेश कौशिक के नेतृत्व में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक कलीम खान एवं गठित विशेष टीम द्वारा मामले के आरोपियों का पता तलाश कर गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान जांच विवेचना घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, लगभग 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की तस्दीक करने से आरोपियों के संदर्भ में अहम सुराग प्राप्त हुआ।घटना कारित करने वाले गिरोह दीगर राज्य महाराष्ट्र नागपुर के होने के सम्बंध में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा एक विशेष टीम आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु नागपुर महाराष्ट्र भेजा गया था, जो पुलिस टीम के सतत प्रयास से एवं घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर सायबर सेल से तकनिकी जानकारी प्राप्त कर नागपुर महाराष्ट्र से आरोपी संगीता राजेश रायपुरे, सुजाता प्रमोद बोरकर, रंजना सुरेश ढुके, एवम घटना में शामिल विशाल चौधरी निवासी सभी साकिन नागपुर महाराष्ट्र को गिरफ्तार कर थाना लाकर पूछताछ किया गया, जो आरोपी द्वारा ठगी कर चोरी की घटना कारित करना स्वीकार किया गया, जो आरोपियो को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जाता है। घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को भी वजह सबूत जप्त किया गया।
संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक कलीम खान, उपनिरीक्षक विजय दुबे, उपनिरीक्षक प्रमोद दुबे, स.उ.नि. विनय सिंह, भूपेंश सिंह, विवेक पांडेय, प्र.आर. सुधीर सिंह, आर. सत्येंद्र दुबे ,बृजेश राय ,अमित प्रविन्द सिंह ,संगीता बड़ा, अमृत सिंह, सुयश पैकरा शामिल रहे।
नहर की जमीन बिक्री मामले में महिला पटवारी निलंबित…
हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : जिले के बैकुंठपुर में नहर की जमीन बिक्री मामले में एसडीएम ने महिला पटवारी को निलंबित कर दिया है। महिला पटवारी का नाम वंदना कुजूर हैं जो पटवारी हल्का नंबर 5 खरवत की रहवासी है। ग्राम मंडलापारा स्थित नहर भूमि को महिला पटवारी द्वारा विक्रय किया गया था। जिसका नामांतरण पंजी में बिना सक्षम अधिकारी के प्रमाणीकरण करवाये बिना नामांतरण कर दिया गया था। जिसके चलते महिला पटवारी को निलंबित कर दिया गया है।

भडक़ाऊ बयान पर सपा नेता आजम खान दोषी करार, तीन साल की सजा, विधायकी भी खतरे में…
हिंद स्वराष्ट्र रामगढ़ : उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी के बारे में भडक़ाऊ बयान देने के मामले में स्थानीय अदालत गुरुवार को फैसला सुना दिया। अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई।
साथ ही उनकी विधायकी पर भी संकट मंडरा गया है। बता दें कि पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने रामपुर में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम और डीएम को लेकर भडक़ाऊ भाषण दिया था। बीती 21 अक्तूबर को इस मामले में अंतिम फैसला नहीं हो सका था। पिछली सुनवाई के दौरान आजम खान एमपी एमएलए कोर्ट में पेशी पर नहीं पहुंचे थे, लेकिन आज अदालत ने फैसला सुनाते हुए उन्हें तीन साल की सजा सुना दी। आजम पर बीते लोकसभा चुनाव के दौरान थाना क्षेत्र मिलक में एक जनसभा में मोदी और तत्कालीन जिलाधिकारी रामपुर के विरुद्ध अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप है। यह मामला एमपी एमएलए कोर्ट एसीजेएम प्रथम निशांत मान की अदालत में चल रहा है। वर्ष 2019 में थाना मिलक में अनिल कुमार चौहान प्रभारी वीडियो मॉनिटरिंग के रूप में तैनात थे। उन्होंने आजम के विरुद्ध आपराधिक कानून की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। आजम खान रामपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
रिजिजू ने कश्मीर पर नेहरू की 5 बड़ी गलतियां गिनाईं:कहा- 70 साल देश ने खामियाजा भुगता, मोदी ने इन्हें सुधारा…
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को एक के बाद एक चार ट्वीट कर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर जमकर हमला बोला। रिजिजू ने नेहरू की 5 बड़ी गलतियां गिनाईं और कहा- जम्मू-कश्मीर के विलय को लेकर पंडित नेहरू की गलतियों का खामियाजा पिछले 70 साल से देश भुगत रहा है। 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर इसे सुधारा। इधर, कांग्रेस ने रिजिजू के बयान पर उनका नाम लिए बिना पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा- केंद्र सरकार और भाजपा के नेता देश को नकली इतिहास बेच रहे हैं। कश्मीरी पंडितों का लगातार पलायन हो रहा है। पिछले 10 महीने में 30 कश्मीरी पंडित मारे जा चुके हैं। शोपियां जहां 32 साल से कश्मीरी पंडितों के परिवार रुके रहे, उन्हें भी वहां से निकलना पड़ा। सरकार अगर इसे सामान्य स्थिति कहती है तो उन्हें आंखें खोल लेनी चाहिए।
आज 27 अक्टूबर 1947, इस दिन के मायने समझते हैं…
दरअसल, आज 27 अक्टूबर 1947 है। यानी इतिहास का वो दिन है, जब पाकिस्तानी सेना और लश्कर आक्रमणकारियों ने जम्मू-कश्मीर पर हमला कर उसे हथियाने की नापाक कोशिश की थी। 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तान ने 5 हजार कबायलियों को कश्मीर में घुसपैठ करके कब्जा करने के लिए भेजा था, तब कश्मीर के शासक महाराजा हरि सिंह ने भारत सरकार से मदद मांगी थी।इसके बाद हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। तब सेना की सिख रेजिमेंट की पहली बटालियन से एक पैदल सेना का दस्ता विमान से श्रीनगर भेजा गया। 27 अक्टूबर 1947 को भारतीय पैदल सैनिकों ने कश्मीर को कबायलियों के चंगुल से मुक्त करवा दिया।
स्वतंत्र भारत के इतिहास में विदेशी आक्रमणकारियों के खिलाफ भारतीय सेना का यह पहला फौजी अभियान था, जिसे इन्फेंट्री ने अंजाम दिया। इस अभियान में शानदार कामयाबी की याद में हर साल 27 अक्टूबर को देश में ‘इन्फेंट्री डे’ यानी पैदल सेना दिवस भी मनाया जाता है।
अब जानिए नेहरू की वो 5 भूल जिनका जिक्र किरेन रिजिजू ने किया…
1. महाराजा हरि सिंह जुलाई 1947 में ही भारत में विलय चाहते थे, नेहरू ने नकार दिया
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- यह ऐतिहासिक झूठ है कि महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर के भारत में विलय के सवाल को टाल दिया था। कश्मीर मुद्दे में नेहरू की संदिग्ध भूमिका को छिपाने के लिए ये झूठ लंबे समय से चला आ रहा है।
शेख अब्दुल्ला के साथ समझौते के बाद 24 जुलाई, 1952 को नेहरू ने लोकसभा में कहा था कि आजादी से एक महीने पहले महाराजा हरि सिंह ने कश्मीर के भारत में शामिल होने के लिए संपर्क किया था, लेकिन नेहरू ने महाराजा हरि सिंह के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था।
1952 के भाषण में उन्होंने आगे कहा- भले ही महाराजा और उनकी सरकार भारत में शामिल होना चाहती थी, हम कुछ और चाहते हैं, यानी लोकप्रिय अनुमोदन। यानी तब के भारत विरोधी तबके की भी सहमति।
जबकि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के अनुसार रियासतों के लोगों की लोकप्रिय स्वीकृति लेने की कोई आवश्यकता नहीं थी। केवल यही मायने रखता था कि शासक की भारतीय संघ में शामिल होने की इच्छा थी। अन्य रियासतों ने भी ऐसा ही किया था।
नेहरू की भूल सिर्फ जुलाई 1947 के बाद ही नहीं थमी। विभाजन के बाद हुए रक्तपात और हिंसा के बावजूद, नेहरू कश्मीर के विलय से पहले अपने व्यक्तिगत एजेंडे को पूरा करने के लिए अड़े रहे।
2. नेहरू ने विलय को मंजूरी तो दी, लेकिन शर्तों के साथ
नेहरू की गलतियों की दूसरी किस्त का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा- महाराजा हरि सिंह ने अन्य सभी रियासतों की तरह ही विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। कश्मीर को छोड़कर अन्य सभी रियासतों को स्पष्ट रूप से भारत में एकीकृत कर दिया गया था। 26 अक्टूबर को नेहरू ने जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री एम सी महाजन को एक और पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा- भारत सरकार इस घोषणा को अस्थायी रूप से स्वीकार करेगी। यानी नेहरू ने विलय तो मंजूर किया, लेकिन शर्तों के साथ।
नेहरू ने कश्मीर में जो शून्य पैदा किया था, उसने पाकिस्तान को कश्मीर में दखल देने की अनुमति दी और आखिरकार कबायलियों की आड़ में उसकी सेना ने 20 अक्टूबर, 1947 को कश्मीर पर आक्रमण किया। तब भी नेहरू अडिग थे। कश्मीर में पाकिस्तानी सेना तेजी से आगे बढ़ रही थी। महाराजा हरि सिंह ने फिर नेहरू से भारत में शामिल होने का अनुरोध किया। लेकिन नेहरू अभी भी अपने निजी एजेंडे को पूरा करने के लिए बातचीत कर रहे थे।
21 अक्टूबर, 1947 को पाकिस्तानी आक्रमण शुरू होने के एक दिन बाद, नेहरू ने जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री एम सी महाजन को एक पत्र के माध्यम से सलाह दी कि इस स्तर पर भारतीय संघ के साथ विलय की कोई भी घोषणा करना शायद ठीक नहीं होगा।
मेरा सुझाव है कि आप एक तात्कालिक सरकार गठन करने का निर्देश दें। शेख अब्दुल्ला जो कश्मीर में सबसे लोकप्रिय व्यक्ति हैं। उनसे ऐसी सरकार बनाने के लिए कहा जा सकता है। घोषित नीति के अधीन कि ऐसे मामलों को लोगों की इच्छा के अनुसार अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।
27 अक्टूबर, 1947 को नेहरू को कश्मीर के विलय के प्रश्न को स्थायी रूप से बंद करने का एक और मौका दिया गया। लेकिन नेहरू की भूलों ने एक ऐसा रास्ता खोल दिया जिसने सात दशकों के संदेह, अलगाववादी मानसिकता और रक्तपात को जन्म दिया।
3. आर्टिकल 35 के तहत UNO में मामला लेकर गए, 51 का इस्तेमाल नहीं किया
रिजिजू ने कश्मीर पर तीसरी नेहरूवादी भूल का जिक्र करते हुए बताया- देश इस गलती का खामियाजा आज भी भुगत रहा है। दरअसल, नेहरू 1 जनवरी 1948 को आर्टिकल 35 के तहत संयुक्त राष्ट्र गए। आर्टिकल 35 विवादित जमीन के लिए था, जबकि नेहरू को पाकिस्तान द्वारा अवैध कब्जे को लेकर आर्टिकल 51 के तहत संयुक्त राष्ट्र में अपनी बात रखनी थी।
महाराजा हरि सिंह ने विलय के केवल एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए- वह भारत के साथ। फिर भी, यह नेहरू ही थे जिन्होंने कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच के विवाद के रूप में स्वीकार करके पाकिस्तान को कश्मीर में हस्तक्षेप का एक ठिकाना दे दिया। तब से, संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों ने भारत को परेशान करना जारी रखा है।
4. UN के दखल के बाद कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग खुलेआम उठने लगी
कश्मीर पर नेहरू की चौथी बड़ी गलती इस मिथक को पनपने देने के लिए थी कि कश्मीर में संयुक्त राष्ट्र के अनिवार्य जनमत संग्रह को भारत द्वारा रोका जा रहा है। 13 अगस्त, 1948 को भारत और पाकिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र आयोग (UNCIP) के प्रस्ताव में तीन शर्तें थीं। पहला- युद्धविराम। दूसरा- पाकिस्तान द्वारा सैनिकों की वापसी। तीसरा- जनमत संग्रह।
पाकिस्तान युद्धविराम तो करता रहा, लेकिन उसने सैनिकों की वापसी से इनकार कर दिया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र हमेशा से शांति की दुहाई देकर कश्मीर मामले में अपनी टांग अड़ाता रहा है।
5. आर्टिकल 370 लगाया, इससे अलगाववाद की भावना जन्मी
कश्मीर पर नेहरू की पांचवी बड़ी गलती आर्टिकल 370 बनाना और उसे लागू करना थी। खास बात यह है कि अंतरिम संविधान में इसकी जगह आर्टिकल 306A रखा गया था। वास्तव में 370 जैसा स्पेशल आर्टिकल और इसके तहत विलय की शर्त किसी और स्टेट के मामले में नहीं रखी गई। कश्मीर को स्पेशल स्टेटस देने की बात नेहरू के अलावा किसी ओर के जेहन में आई ही नहीं थी। इसके विरोध की एक मिसाल भी हमारे सामने है।
मौलाना हसरत मोहानी जो यूनाइटेड प्रॉविन्स के रिप्रेजेंटेटिव थे, उन्होंने संविधान सभा में इस पर नेहरू से सवाल भी पूछा था। 17 अक्टूबर 1949 को मोहानी ने कश्मीर का खासतौर पर जिक्र करते हुए नेहरू से पूछा था- आप इस राज्य और राजा के बारे में भेदभाव क्यों कर रहे हैं। खास बात यह है कि न तो नेहरू और न ही एन गोपालास्वामी अयंगर ने इस बारे में जवाब दिया कि क्यों आर्टिकल 370 जैसा भेदभाव करने वाला प्रावधान संविधान में रखा जा रहा है।
यह आर्टिकल ही बाद में अलगाववादियों का हथियार बना और देश को आज भी कष्ट दे रहा है। नेहरू की गलतियों का खामियाजा देश ने 70 साल तक भुगता। सच्चाई ये है कि नेहरू ने परिवार, दोस्तों और पर्सनल एजेंडे को भारत के हित से ऊपर रखा, उसे ज्यादा तवज्जो दी। दुनिया ने भी भारत को दबाव में रखने की कोशिश की। इसका ही फायदा उठाकर पाकिस्तान ने कश्मीर की कब्जाई जमीन चीन को सौंप दी। फिर 1980 के दशक में आतंकवाद शुरू हो गया।
कश्मीरी हिंदुओं को अपनी जन्मभूमि से बेदखल होना पड़ा। आतंकवाद की वजह से देश के हजारों नागरिकों ने जान गंवाई। हमारे सैकड़ों सैनिक भारत माता की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
फल विक्रेता ने घर पर लहराया पाकिस्तानी झंडा, पुलिस ने किया गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र रायगढ़ : छत्तीसगढ़ में एक फल विक्रेता ने अपने घर पर पाकिस्तान का राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया, जिसके बाद पुलिस ने उसके ऊपर कड़ी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूबे के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में पुलिस ने एक फल विक्रेता को पाकिस्तानी झंडा फहराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सरिया थाना क्षेत्र में पाकिस्तानी झंडा फहराने के आरोप में 52 साल के फल विक्रेता मुश्ताक खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी मामले की जानकारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों ने पहले ही पुलिस के पास थाने में फल विक्रेता द्वारा पाकिस्तान का झंडा लहराने की शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में जब बीजेपी ने थाने में धरना दे दिया, और मामला तूल पकड़ने लगा, तब जाकर पुलिस ने मुश्ताक को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के वक्त मुश्ताक की तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली है।
मुश्ताक पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का केस दर्ज
वहीं, पुलिस ने कहा कि उसे मंगलवार शाम शिकायत मिली थी कि खान ने अटल चौक स्थित अपने घर में पाकिस्तानी झंडा फहराया हुआ है। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद खान के घर पहुंची पुलिस ने झंडा को उतारकर जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, खान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा-153 (क) के तहत सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
नोएडा से सहेली के घर आई युवती, युवक के साथ घूमते कार दुर्घटना में मौत….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला निवासी एक छात्रा नोएडा में रहकर एमकॉम की पढ़ाई कर रही थी। वह दिवाली की छुट्टी पर अपनी सहेली शीतल के साथ अंबिकापुर आई थी। मंगलवार की रात को वह शहर के ही एक एक युवक के साथ कार से केशवपुर घूमने निकली थी। इसी बीच ग्राम केशवपुर में कार अंनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Medical college hospital) लाया गया। यहां जांच पश्चात चिकित्सकों ने छात्रा को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवक गंभीर है। युवक भी नोएडा में रहकर पढ़ाई करता है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिव्यानी सिंह पिता जालिम ङ्क्षसह 21 वर्ष ग्राम कोतमा थाना भालुमाड़ा, जिला अनूपपुर एमपी की रहने वाली थी। वह नोएडा में रहकर एमकॉम की पढ़ाई कर रही थी। दिवाली की छुट्टी पर वह अपने घर न जाकर अपनी सहेली अंबिकापुर गुदरी बाजार निवासी शीतल के घर आई थी। मंगलवार की रात को वह शहर के नमनाकला निवासी राज दुबे पिता नरेश दुबे के साथ कार क्रमांक सीजी 15 डीएक्स 7009 से घूमने निकली थी। राज दुबे भी नोएडा में रहकर पढ़ाई करता है। दोनों की दोस्ती थी। शहर से लगे ग्राम केशवपुर के पास मवेशी को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में दोनों गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सूचना पर मणिपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। यहां जांच पश्चात डॉक्टरों ने युवती दिव्यानी सिंह को मृत घोषित कर दिया। जबकि राज का इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृत युवती के परिजनों को सूचना दे दी है।
सहेली लगाती रही फोन
दिव्यानी अकेली ही युवक के साथ कार से घूमने निकली थी। काफी देर बाद भी जब वह नहीं लौटी तो सहेली शीतल ने दिव्यानी के मोबाइल पर कई बार फोन लगाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परेशान होकर शीतल ने जब सहेली के इंस्टग्राम पर कॉल किया तो घटना की जानकारी हुई।
काफी स्पीड थी कार
हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए हैं। कार की हालत देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह काफी स्पीड में होगी।
# Ambikapur Car Accident
# ambikapur news
# car accident
# car accident in Ambikapur
# chhattisgarh news
# noida
# road accident
दिवाली के दिन युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा: पेड़ पर चढ़ हाई वोल्टेज तार पर लटका युवक…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: आज सवेरे 11–12 बजे के करीब एक युवक ने शहर के चौपाटी स्थित पीपल के पेड़ पर चढ़कर हाई वोल्टेज ड्रामा किया, जिसे बाद में पुलिस और नगर निगम के सहायता से नीचे उतारा गया युवक का नाम अनिल बताया जा रहा है जो चौपाटी में ही मोमोज का ठेला लगाता है। आज सवेरे वह अचानक चौपाटी में ही स्थित पीपल के पेड़ पर चढ़ गया और वहां से कूद जाने की धमकी देने लगा जिसके बाद वहां लोगो की भीड़ इकट्ठी हो गई और सूचना पर पुलिस और नगर निगम की गाड़ी वहां पहुंची युवक पेड़ पर चढ़ने के बाद वहां से गुजरने वाली हाई टेंशन तार को पकड़ कर लटकने लगा जिसे बाद में बड़ी मुश्किल से नीचे उतारा जा सका।
देखे वीडियो :
कारोबारी ने अपनी 9 साल की बेटी को बनाया हवस का शिकार…FIR दर्ज…
हिंद स्वराष्ट्र बिलासपुर : बिलासपुर में 9 साल की बेटी के साथ उद्योगपति पिता के रेप करने का मामला सामने आया है। रायगढ़ में रहने वाले इस कारोबारी का अपनी पत्नी से भी विवाद है। उसकी मनमानी से तंग आकर पत्नी अपने मायके में रह रही है। इस दौरान वह अपनी बेटी से मिलने आता था और उसके साथ दुष्कर्म करता था। बेटी ने अपनी मां को इस हरकत की जानकारी दी। मां ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस अपराध दर्ज कर आरोपी की तलाश कर रही है। मामला सकरी थाना क्षेत्र का है। सकरी क्षेत्र की रहने वाली महिला हाउसवाइफ हैं। उनकी शादी साल 2014 में रायगढ़ में रहने वाले फैक्ट्री संचालक से हुई थी। शादी के बाद उनकी बेटी हुई लेकिन, पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं थे। पत्नी का कहना है कि पति बिना बात के विवाद करता था। पति की आए दिन की प्रताड़ना से तंग आकर महिला अपनी 9 साल की बेटी को लेकर बिलासपुर में अपने मायके में आकर रहने लगी। महिला और उसकी बेटी तीन माह से यहां रह रहीं हैं।
बेटी ने मां को बताई आपबीती
महिला ने पुलिस को बताया कि बीते जुलाई माह से उसके पति की नीयत बेटी पर बिगड़ गई थी। उसने रायगढ़ में भी बेटी के साथ गलत हरकत की। जब महिला ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जब वह बिलासपुर आ गई, तब उसका पति बेटी से मिलने के बहाने आता था। यहां वह अच्छा व्यवहार करता और बेटी से अकेले मिलता था। इसी दौरान उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।कुछ दिन पहले ही बेटी ने अपनी मां को पिता के गलत हरकतों की जानकारी दी। मामला सामने आने पर महिला अपनी बेटी को लेकर SSP पारुल माथुर के पास पहुंची। उनके निर्देश पर महिला थाने में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
रायगढ़ का संपन्न कारोबारी है आरोपी
पुलिस ने बताया कि महिला का पति उद्योगपति है और उसका लोहे की चादर और ट्रक बॉडी बनाने का प्लांट है। शादी के बाद कुछ दिन तक तो ठीक चला,लेकिन फिर पति ने नशे में घर आना शुरू कर दिया। सब बातों पर अपनी मनमानी करता और मना करने पर मारपीट करता था। महिला अपनी सामाजिक स्थिति और बेटी के कारण मजबूरी में प्रताड़ना सहते हुए ससुराल में ही रहती थी, लेकिन जब बेटी पर बुरी नजर पड़ी तो वह डर गई। वह बेटी को लेकर अपने मायके आ गई।
रायगढ़ से फरार हो गया है पति
महिला थाना प्रभारी ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद पुलिस की टीम आरोपी की तलाश करने रायगढ़ गई थी। इस दौरान उसके घर में दबिश दी गई। लेकिन, वह फरार मिला। पुलिस उसके सभी ठिकानों की जानकारी जुटाकर तलाश कर रही है।
करोड़ों के सोने के जेवरात के साथ युवक गिरफ्तार, 13 लाख कैश भी बरामद…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : धनतेरस से पहले कोतवाली पुलिस ने अवैध सोने के साथ युवक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की हैं। पुलिस को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति काले रंग का बैग में अवैध सोने के जेवरात रखकर रूम नंबर 106 कंचन होटल सदर रोड अम्बिकापुर में रूका हुआ है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला, नगर पुलिस अधीक्षक स्मृतिक राजनाला (भा.पु.से.) के नेतृत्व में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक रुपेश नारंग हमराह स्टाफ के साथ घेराबंदी कर गवाहों कि उपस्थिति मे मौके पर पहुचकर होटल के रूम नंबर 106 को खुलवाया गया जो रूम में एक व्यक्ति मिला जिसका नाम पता पूछे जाने पर अपना नाम विष्णु कुमार तासावर आ० विजय कुमार उम्र 42 साल निवासी म०क० नंबर 138 नेताजी सुभाष रोड हावडा कोलकत्ता पश्चिम बंगाल बताया।
बाद सदेही व उसके कब्जे में रखे काले रंग के बैग का तलाशी लिया गया जो काले रंग के बैग के अंदर सोने के जेवरात व नगद मिला। उक्त सोने के जेवरात रखने के संबंध धारा 91 जाफौ का नोटिस दिया गया जो नोटिस के जवाब में मौके पर कोई उक्त जेवरात रखने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं होना लिखित में जवाब दिया।
बाद मौके पर संदेही के कब्जे से बरामद होने पर सोने के जेवरात व नगदी रकम 1307600 (तेरह लाख सात हजार छ सौ रूपये ) को बरामद कर कुल सोने के जेवरात का वजन 1 किलो 667 ग्राम 860 मिली ग्राम किमती 11576136 रूपये का होना पाया गया।
आरोपी विष्णु कुमार तासावर के विरुद्ध इस्तगासा पंजीबद्ध कर गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा दिया गया।
संपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी कोतवाली उपनिरीक्षक रुपेश नारंग,प्र.आर.अजय पाण्डेय आर.इद्रीश खान,धीरज सिंह, कुंदन सिंह,अमित राजवाडे सचितानंद, शिव रजवाड़े,शामिल रहे।
अम्बिकापुर: थाने से महज 200 मीटर की दूरी में मिली युवक की लाश….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: अम्बिकापुर में थाना गांधीनगर से महज 200 मीटर की दूरी में एक युवक की फांसी पर लटकती लाश मिलने से इलाके में सनसनी फ़ैल गई हैं। युवक का शव झाड़ियों में लटका हुआ था और युवक के मुंह से खून भी निकल रहा था। युवक का शव फांसी पर घुटने के बल लटक रहा था।

मिली जानकारी के अनुसार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगो ने युवक के शव को झाड़ियों में लटकते हुए देखा जिसके बाद उन्होंने गांधीनगर थाने में इसकी सूचना दी। युवक के शव के कुछ दूरी पर एक बाइक भी खड़ी मिली हैं। सूचना पर मौके पर पहुंची गांधीनगर पुलिस ने शव का पंचनामा किया इसी दौरान युवक के जेब से आधार कार्ड मिला जसमे नाम तपेश्वर कोरिया जिला शिवपुर चरचा कॉलोनी अंकित हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच में जुट गई है ।
फर्जी मास्टर रोल भर किया भुगतान….ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर के द्वार….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर विशेष संवाददाता : जनपद पंचायत लुण्ड्रा के अंतर्गत आने वाले ग्राम डहोली में लाखों रुपए से स्वीकृत मनरेगा के तहत महादेव तालाब गहरीकरण का कार्य कराया गया है किंतु इसमें भी भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचार की सीमा को पार कर गए जिसको लेकर डहोली ग्राम के ग्रामीणों ने कलेक्टर जन दर्शन सहित जनपद में भी शिकायत दर्ज कराई है ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत डहोली में महादेव तालाब गहरीकरण कार्य में लगभग 56712 रुपए की मजदूरी का फर्जी मास्टर रोल भर कर भुगतान किया गया है जिसमे लगभग 56712रुपए गड़बड़ी की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि हम लोग बार-बार जनपद पंचायत के नरेगा शाखा के कार्यक्रम अधिकारी देव प्रसाद सिंह के पास इसकी शिकायत किए हैं लेकिन उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे इस भ्रष्टाचार मे इनकी संलीप्ता साफ नज़र आ रही है। जिससे हम ग्रामीणों का कहना है कि हम ग्रामीण काफी परेशान है हमारी मांग है कि निष्पक्ष जांच करते हुऐ जिमेदार अधिकारी एवं कर्मचारियों के ऊपर कठोर कारवाही कि जाए ।
उल्लेखनीय हैं कि कार्यक्रम अधिकारी देव प्रसाद सिंह लुण्ड्रा जनपद के अंतर्गत ही ग्राम पंचायत बरगीडीह के मूल निवासी हैं। उनका अपने ही जनपद मे पदस्थ होना समझ से परे हैं।
बीईओ ने बीआरसी और अकाउंटेंट के साथ मिलकर 8 लाख 40 हजार का गबन..
हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : जशपुर जिले में भ्रष्टाचार की एक नई कहानी सामने आई है. यहां के बगीचा ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर ने अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारियों की मदद से बिना काम किए लाखों रुपए की शासकीय राशि गबन की है. मामले का खुलासा तब हुआ जब इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से हुई और फिर जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो गया. गौरतलब है कि इस मामले की जांच के बाद ज्वाइंट डायरेक्टर एजुकेशन ने जांच रिपोर्ट को आगे की कार्यवाही के लिए समग्र शिक्षा कार्यालय के पास भेज दिया है.
क्या था मामला
जशपुर जिले में शिक्षा गुणवत्ता को सुधारने के लिए शासन ने कुछ नए संकुल केन्द्र बनाने का निर्णय लिया जिसके तहत बगीचा ब्लॉक में शासन के आदेश के बाद 25 नए संकुल बनाए जाने थे. (संकुल कई स्कूलों के समूह को कहा जाता है) जिसके इसटेबलिसमेंट खर्च के लिए शासन द्वारा बीईओ और संकुल कार्डिनेटर के संयुक्त खाते में 40-40 हजार की राशि भेजी गई थी लेकिन बीईओ, बीआरसी और एकाउंटेंट ने संकुल के कार्डिनेटर पर दबाव बनाकर ये राशि निकलवा ली और बिना इसटेबलिसमेंट किए 21 संकुलों की 8 लाख 40 हजार रुपए हजम कर ली. इसके बाद इस मामले में अपने आप को फंसता देख कुछ संकुल कार्डिनेटरों ने इसकी शिकायत संयुक्त संचालक शिक्षा से की थी.
जांच में नपे बीईओ समेत तीन
संयुक्त संचालक ने इस शिकायत की जांच के लिए एक टीम बनाई जिस टीम ने जांच कर संयुक्त संचालक को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. जांच में यह पाया गया कि ब्लॉक के 25 संकुलों के लिए शासन द्वारा 40-40 हजार रुपए की राशि इसटेबलिसमेंट के लिए भेजी गई थी. उनमें से 21 संकुल केन्द्रों की 8 लाख 40 हजार की राशि बिना इसटेबलिसमेंट के बीईओ द्वारा निकाल ली गई जिसमें ब्लॉक एजुकेशन आफिसर (BEO) रेशम लाल कोसले के साथ बीआरसी श्री राठौर और अकाउंटेंट शैलेष कुमार अम्बष्ठ दोषी पाए गए हैं. इसके अलावा जांच अधिकारियों ने अकाउंटेंट शैलेष कुमार को इस मामले में 13 हजार रुपए की रिश्वत लेने का दोषी पाया है.
संयुक्त संचालक ने कही यह बात
इस संबंध में संयुक्त संचालक (शिक्षा) सरगुजा संभाग हेमंत उपाध्याय ने एबीपी न्यूज से कहा कि, वहां के समन्वयकों ने शिकायत किया था. हमने जांच रिपोर्ट समग्र शिक्षा को भेज दिया है. उन्होंने आगे कहा कि प्रथम दृष्टया कुछ गड़बड़ियां हैं. इस मामले में जिसने रिपोर्ट मंगाया है वो कार्रवाई करेंगे. अगर वो कहेंगे कि हमारे स्तर का होगा तो हम करेंगे, डीईओ के स्तर का होगा तो डीईओ करेगा.
इस मामले पर बीईओ रेशम लाल कोसले का कहना है कि, जो आरोप लगाए हैं वो गलत हैं. सीएससी लोगों के खाते में पैसा गया ? कब लोन निकाला? कोई जानकारी नहीं है और ऊपर ये लोग आरोप गढ़ दिए कि बीईओ के बोलने से ये किया गया है. उन्होंने आगे बताया कि, उस समय बगीचा बीईओ मनीराम थे, मेरे को जानकारी नहीं थी, उसी समय मैं आया और उसी समय खाते में पैसा डाले थे ये लोग. अक्टूबर आसपास में मुझे जानकारी मिली कि ये लोग कब कब पैसा निकाल लिए. उसी समय मेरा आना हुआ था, मुझे जानकारी नहीं थी. अब पैसा निकालकर कब खा लिए, कैसे किए. मुझे कोई संज्ञान नहीं था. उन्होंने कहा कि कहीं कुछ किए तो बीईओ को लपेटों ऐसा कुछ विवाद हैं.
सर्किट हाउस में विधायक की हार्ट अटैक से दुखद निधन…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी का आज तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया हैं। मिली जानकारी के अनुसार धमतरी के सर्किट हाउस में वे रुके थे और सुबह तड़के उन्हें हार्ट अटैक आ गया और अस्पताल ले जाने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल ले जाने के बाद डाक्टरों ने भी उन्हें मृत घोषित कर दिया। मंडावी अजीत जोगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। मंडावी बस्तर के प्रभावशाली नेता थे और भानुप्रतापपुर के विधायक थे।
IAS समीर विश्नोई, सुनील अग्रवाल समेत 4 गिरफ्तार…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : प्रदेश में चल रही ED की कार्रवाई को लेकर बड़ी खबर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने IAS समीर बिश्नोई, इंद्रमणी कोल के मालिक सुनील अग्रवाल समेत 4 को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन अभी इस खबर की अधिकृत पुष्टि नहीं की गई है। ईडी के रायपुर स्थित कार्यालय में हलचल सुबह से तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार ED की कार्यवाही आज और गति पकड़ सकती है।
बीते दिन से ED की हिरासत में हैं 5 लोग, 4 की गिरफ़्तारी की खबर
बीते दिन 12 अक्टूबर से प्रवर्तन निदेशालय के रायपुर ऑफिस में 5 लोगों को हिरासत में रखा गया है। तड़के इन पांच में से चार को गिरफ्तार करने की खबर है। इनमें IAS समीर बिश्नोई, इंद्रमणी कोल के सुनील अग्रवाल और 2 लोगों की जानकारी मिली है। IAS समीर विश्नोई चिप्स के प्रभारी थे। आयकर के छापों के बाद विभाग ने प्रेस नोट में यह जानकारी दी थी कि, प्रदेश में कोयले को लेकर व्यापक तंत्र सक्रिय है। इससे होने वाली आय का व्यापक उपयोग प्रभावशाली लोगों ने किया था।
शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने में तबादले..
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : स्कूल शिक्षा विभाग ने कुल 27 अधिकारियों के तबादले किए है. इसमें कई जिला शिक्षा अधिकारी शामिल है. आदेश के मुताबिक संभागीय संयुक्त संचालक बनाए गए जिला शिक्षा अधिकारी, वहीं जिला शिक्षा अधिकारियों को प्राचार्य बनाकर स्कूल वापस भेज दिया गया है. देखे आदेश :


वन विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को प्रातः 10 से 5.30 तक कार्यालय में उपस्थित रहने आदेश जारी…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा शासकीय कार्यालय में अधिकारियों कर्मचारियों की उपस्थिति कार्यालय में कार्यालय समय पर नहीं होने के कारण रोष व्यक्त किया गया था। जिसको मद्देनजर रखते हुए कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख छत्तीसगढ़ द्वारा आज जारी अपने आदेश में सभी अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक/मुख्य वन संरक्षक को कार्यालीन समय 10 बजे से 5.30 तक कार्यालय में उपस्थित रहने के आदेश दिए हैं।

तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर स्कूटी सवार मितानिन की मौत, दूसरी घायल..
हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार दो महिलाओं को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण हादसे में स्कूटी सवार एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, वहीं दूसरी महिला गम्भीर रूप से घायल हो गई है। घायल महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आप-पास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना पत्थलगांव थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के अनुसार पत्थलगांव के पालीडीह निवासी मितानिन भूमिका सिदार अपनी एक सहेली के साथ स्कूटी से कही गई हुई थी। इसी दौरान पत्थलगांव के बस स्टैंड के पास विपरीत दिशा से आ रही एक ट्रक ने स्कूटी सवार दोनों महिलाओं को चपेट में ले लिया। इस हादसे में ट्रक के चक्के के नीचे आ जाने से भूमिका की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी महिला गम्भीररूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद आप-पास मौजूद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। घटना की सूचना पर पत्थलगांव थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं हादसे के बाद से ट्रक चालक फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
वही इस सड़क हादसे में मृत महिला मितानिन के परिजनों ने सड़क जाम कर दिया है। वहीं, NH 43 पर सिविल अस्पताल पत्थलगांव के सामने मृतिका के परिजन धरने पर बैठ गए। मृतका के परिजन मुआवजे की मांग कर रहे थे। जिसके बाद मौके पर आलाधिकारी पहुंचे और मामले को किसी तरह से शांत कराया।