हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: बिलासपुर के एक प्रॉपर्टी डीलर का अंबिकापुर में अपहरण कर लिया गया है। अपहृत प्रॉपर्टी डीलर ने अपनी पत्नी को फोन कर ₹10 लाख का इंतजाम करने के बात कही है। उस फ़ोन के बाद से उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी के अनुसार मामला पैसे के लेनदेन से जुड़ा हुआ है।
अपहृत प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी ने पुलिस को बताया कि वो बिलासपुर सकरी क्षेत्र के आसमां सिटी रहती हैं। उनके पति वकील अंसारी प्रापर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उनका मंगला चौक में आईकान बिल्डर्स नामक संस्थान है. 3 नवंबर को वे पत्नी को परिचित से मिलने अम्बिकापुर जाने की बात कही और दोपहर 2 बजे निकले, फिर 4 नवंबर की सुबह होटल से घर लौटने की जानकारी दी, उसके बाद रात 11.30 बजे उन्होंने पत्नी को फोन कर कहा मै फंस गया हूं, 10 लाख रुपए इंतजाम करने की बात भी की। घबराकर महिला ने वकील अंसारी के दोस्त को फोन करके इस संबंध में पूछताछ की। तब प्रापर्टी डीलर के दोस्त ने बताया कि उसे किसी ने लेनदेन के मामले में बंधक बनाकर रखा है।
महिला ने इसकी जानकारी सकरी थाने में दी। इस पर पुलिस अपहरण का मामला का दर्ज कर लिया है। पुलिस संदेही और प्रापर्टी डीलर की तलाश कर रही है।
बिलासपुर के प्रॉपर्टी डीलर का अंबिकापुर में अपहरण!! 10 लाख की डिमांड..
सरकारी शिक्षक के झोलाछाप इलाज से राजमिस्त्री हुआ अपंग.. इलाज करवाने के बदले दे रहा धमकियां…
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी : भरतपुर विकासखंड के एक स्कूल का प्रधान पाठक स्कूल में ही झोलाछाप डॉक्टरी का काम करने लगा उसके झोलाछाप डॉक्टरी का खामियाजा राजमिस्त्री का काम करने वाले युवक को भुगतना पड़ रहा हैं। युवक का हाथ पूरी तरह से काम करना बंद कर चुका है उसकी तीन उंगलियों को काटने की नौबत आ गई हैं।
दरअसल भरतपुर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले स्कूल के प्रधानाचार्य सीताराम गोड़ स्कूल में ही झोलाछाप डॉक्टर का काम करता था। पिछले महीने स्कूल के पास ही पानी टंकी के बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य कर रहे राजमिस्त्री परमजीत बैगा को लोहे से पैर में चोट लग जाती हैं जिसके बाद उक्त शिक्षक सीताराम गोड़ द्वारा स्कूल परिसर में ही राजमिस्त्री को टिटनेस की इंजेक्शन लगा दी जाती हैं इंजेक्शन के लगते ही राजमिस्त्री का बाया हाथ काला पड़ जाता हैं और हाथ में सूजन के साथ जलन स्टार्ट हो जाती हैं जिसके बाद आनन फानन में परिजन उसे शहडोल के अस्पताल में लेकर जाते हैं जहां से उसे जबलपुर रेफर कर दिया जाता हैं। गरीब राजमिस्त्री के परिजनों द्वारा आज पड़ोस के लोगो से 30 हजार रुपए उधार लेकर के जबलपुर लेकर जाया जाता हैं जहां डॉक्टरों द्वारा उसके हाथ का ऑपरेशन किया जाता हैं और तीन उंगलियों को कटवा लेने का सुझाव दिया जाता हैं और 2 महीने वही रहकर हॉस्पिटल में इलाज करवाने को कहा जाता हैं लेकिन पैसों की कमी के कारण परिजन मरीज को लेकर अपने गांव वापस आ गए हैं और पर्ची के हिसाब से दवाई खरीदकर मरीज को खिला रहे हैं।
शिक्षक के बेटे, दामाद और सहयोगी शिक्षक ने मरीज के परिजनों को दी धमकी
शिक्षक के इस काली करतूत को छुपाने के लिए शिक्षक के बेटे, दामाद और सीताराम के सहयोगी शिक्षक चंद्रप्रकाश द्वारा पीड़ित के परिजनों को उसके घर जाकर धमकाया जा रहा है और इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
कुंवारपुर चौकी में शिकायत के बावजूद 1 महीने बाद भी नही दर्ज हुई FIR
8 अक्टूबर को पीड़ित के साथ हुई इस घटना के बाद उसके परिजनों द्वारा कुंवारपुर चौकी में जाकर शिकायत दर्ज कराया गया लेकिन 1 महीने बीतने के बाद भी चौकी प्रभारी द्वारा आज तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं करवाया गया हैं।
प्रदेश को भ्रष्टाचार और माफियाओं का गढ़ बनाया कांग्रेस ने – अरुण साव..
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ भाजपा के नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने संकल्प भवन भाजपा कार्यालय अम्बिकापुर में प्रेस को संबोधित किया। भाजपा संगठन की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में संगठन बहुत बजबूत है, मतदान केन्द्रों तक कर्मठ एवं समर्पित कार्यकर्त्ता अपने कार्यों में जुटे हुए हैं। 11 नवम्बर 2022 को बिलासपुर में महतारी हुंकार रैली का आयोजन हैं जिसमें प्रदेश भर की महिलाएं महिला हितैषी होने का ढ़ोंग करने वाली कांग्रेसी सरकार के खिलाफ अपनी आवाज़ बुलंद करेंगीं। आगे उन्होंने कहा कि यह सरकार ने शराब बंदी का झूठा वादा करके महिलाओं के साथ प्रदेश की जनता को छलने का काम किया है तथा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से उनका रोजी रोजगार छीन लिया है, आज पुरे प्रदेश में महिलाओं के साथ अपराधिक कृत्य, प्रताड़ना एवं दुर्व्यवहार चरम पर है, ऐसे मुददों के साथ महिलाओं को लेकर भाजपा कांग्रेसी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरेगी। पिछले 04 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ की ऐसी दुर्दशा की है कि हमारा प्रदेश भ्रष्टाचार और माफियाओं का गढ़ बन गया है, न गाँव में विकास के कोई काम हो रहें हैं न शहर में, कांग्रेस पार्टी की सरकार ने सबको ठगने का काम किया है, जन घोषणा पत्र के एक भी वादे को पूरा नहीं किया है, हाथ में गंगा जल लेकर वादा पूरा करने की कसम खाने वाली यह सरकार ने आदिवासी समाज के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार किया है, आज इस समाज को अपने अधिकार से वंचित होना पड़ा है। आगे उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं में इस सरकार को लेकर भारी आक्रोश है, रोजगार के अवसर बंद कर दिए गए, सरकारी नौकरी के लिए सभी भर्तियाँ रोक दी गई हैं। भाजपा छत्तीसगढ़ की जनता की आवाज़ बनेगी, सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी, भाजपा के कार्यकर्त्ता न डरेंगे न झुकेंगे तथा सरकार की जन विरोधी कार्यों को लेकर लड़ते रहेंगें और 2023 में फिर से कमल खिलायेंगें। इस अवसर पर संगठन सरगुजा संभाग प्रभारी संजय श्रीवास्तव, जिला प्रभारी ज्योतिनन्द दुबे, अनिल सिंह मेजर, कमलभान सिंह, अखिलेश सोनी, प्रबोध मिंज, अभिमन्यु गुप्ता, देवनाथ पैकरा, सन्तोष दास, रुपेश दुबे सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
खराब सड़कों की मरम्मत व डामरीकरण के कार्य शुरू
जर्जर सड़कों से जल्द मिलेगी निजात….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : खराब सड़कों के मरम्मत व डामरीकरण के कार्य नगर निगम, पीडब्ल्यू व एनएच के द्वारा शुरू कर दिया गया है। शनिवार को ही नगर निगम द्वारा दर्रीपारा एवं डीसी रोड, गुदरी चौक, मणिपुर में बीटी नवीनीकरण के कार्य शुरू कर दिया गया है। इसी प्रकार लोक निर्माण व एनएच के द्वारा बनारस मार्ग, खैरबार रोड, व अम्बेडकर चौक के पास सड़क मरम्मत के कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। सड़कों के मरम्मत का काम शुरू होने से जल्द ही लोगों को जर्जर सड़क से आवागमन की परेशानी से मुक्ति मिल जाएगी।
कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार शहर सहित एनएच एवं अन्य प्रमुख सड़कें जो जर्जर हालत में है उनकी मरम्मत एवं डामरीकरण के कार्य सम्बंधित विभागों द्वारा शुरू की जा रही है। नगर निगम द्वारा शहर की करीब 19 सड़कों को 3 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत कार्य शुरू किया गया था जिसे बारिश के कारण रोकना पड़ा। अब बारिश थमने से फिर से सड़क मरम्मत के कार्य तेजी से जोर पकड़ रहा है।
महापौर ने खड़े होकर कराया सड़क दुरस्त- महापौर डॉ अजय तिर्की ने रविवार को बाबूपारा गुरुद्वारा के पास क्षतिग्रस्त सड़क को स्वयं खड़े होकर दुरुस्त करवाया। इस मार्ग से गुरुनानक जयंती पर मंगलवार को रैली निकलना प्रस्तावित है।
दस वर्ष पहले के सभी आधार होंगे अपडेट…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) के द्वारा पिछले 10 वर्ष के दौरान जारी तथा अपडेट नहीं कराये गए सभी आधार को अपडेट कराने की अपील की है। योजनाओं व सुविधाओं का लाभ लेने के लिए आधार का सत्यापन जरूरी है।
यूआईडीएआई के द्वारा विकसित नई तकनीक के माध्यम से आधार को अपडेट कर पुनः सत्यापन किया जाना है। आधार अपडेशन के लिए सभी आधार केन्द्रों में कैंप लगाया जा रहा है। हितग्राही अपने निकटतम लोक सेवा केन्द्रों में पीओआई व पीओए डॉक्यूमेंट ( पैन कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट इत्यादि) लेकर आधार को अपडेट करा सकते हैं। आधार अपडेट कराने के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित है।
कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार ने सभी हितग्राहियों से आधार कार्ड को अपडेट कराने की अपील की है ताकि योजनाओं व सुविधाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे।
मोंटफोर्ट स्कूल में किया गया *प्रिज्म* एग्जिबिशन का आयोजन..
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : नगर के सरगवां स्थित मोंटफॉर्ट स्कूल में दो दिवसीय प्रदर्शनी *प्रिज्म* का आयोजन किया गया, जिसमे विद्यालय के विद्यार्थियों के द्वारा कड़ी मेहनत कर रद्दी समान एवम आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके विभिन्न विषयों जैसे भौतिकी , रसायन, गणित , कंप्यूटर, शारीरिक शिक्षा के साथ साथ वाणिज्य , हिंदी , अंग्रेजी , गणित , सामाजिक अध्यन के वर्किंग तथा नॉन वर्किन मॉडल बनाया गया जिसमे विधालय के प्रिप्राइमरी कक्षा से ले कर कक्षा १२वी तक के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुवात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुई जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के सुपीरियर जनरल ब्रदर जॉन कलारिकल अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इटली के रोम शहर से सम्मिलित हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में मोंटफोर्ट प्रोवेंशियल प्रमुख ब्रदर एलेक्स थंपी , महापौर अजय तिर्की जी, कार्मेल विद्यालय की प्राचार्या एवम उपप्राचार्य, होलीक्रॉस स्कूल की प्राचार्या सम्मिलित हुई एवम उसके पश्चात पधारे हुए अतिथियों के द्वारा रिबन कांट कर प्रदर्शनी की शुरुवात की गई।
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर विद्यार्थियों के अभिभावक एवम शहर के प्रतिष्ठित स्कूल होली क्रॉस , कार्मेल , ओरिएंटल, दशमेश स्कूल के साथ साथ नगर के समस्त मिशनरी संस्था के ब्रदर , सिस्टर अपने शिक्षको एवम विद्यार्थियों के साथ प्रदर्शनी देखने पहुंचे और प्रदर्शनी की सराहना की।
कार्यक्रम की समाप्ति विद्यार्थियो को पुरस्कृत कर एवम प्रशस्ति प्रमाण पत्र प्रदान कर किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य ब्रदर शाजी जोसफ ने अपना बहुमूल्य समय निकालकर पधारने वाले समस्त ब्रदर्स, सिस्टर, अभिभावक गण एवं विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षकों के प्रति विद्यालय परिवार के ओर से अपना आभार प्रकट किया एवम आगामी समय में भी ऐसे आयोजन दोबारा करने की बात कहीं।
यह जानकारी विद्यालय के शिक्षक नितिन कर्ष के द्वारा दी गई।
भरतपुर विकासखंड में शराब गांजे का अवैध कारोबार जोरो शोरो पर…
हिंद स्वराष्ट्र जनकपुर गणेश तिवारी : विकासखंड भरतपुर में आने वाले थाना जनकपुर के कई गाँव है ऐसे हैं जहां शराब और गांजे की बेधड़क बिक्री देखी जा सकती है। जिन्हे स्थानीय पुलिस का तनिक भी भय नहीं है जिससे युवा एवं पढ़ने वाले छात्र ज्यादातर प्रभावती हो रहे हैं प्रतिदिन उन्हें नशे की चपेट में देखा जा सकता है जो किसी से छुपा नहीं है। इन ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के कारोबारी इस गलत काम को खुलेआम कर रहे हैं जिन्हें कार्यवाही की तनिक भी चिन्ता नहीं है। सभी अवैध कार्य सेटिंग से चल रहे हैं इतना ही नहीं साप्ताहिक बाजार में भी कोसना जैसे मादक पदार्थों के साथ हाथ भटटी महुआ शराब की बिक्री भी खुले आम की जा रही है जिसे देख कर भी कोई कार्यवाही नहीं होने से अवैध कारोबरियो के हौसले बुलन्द है। इन्ही सब नशा खोरी से कितने लोग मौत के घाट उतर गये और कितने घर बर्बाद हो गए है फिर भी पुलिस विभाग की उदासीनता यहां झलकती है क्युकी इतने बड़े स्तर पर चल रहे अवैध धन्धा चला रहे ठेकेदार को संरक्षण इन्ही से मिल रहा है।
जिस पर स्थानीय युवाओ के पालको ने पुलिस अधीक्षक से आग्रह किया है की इसमें चल रहे गांजे एव शराब के अवैध व्यवसाय पर रोक थाम लगाए और निष्पक्ष जांच की कार्यवाही की जाए तो निश्चितरूप से होने वाली सड़क दुर्घटना एवम् अकाल मृत्यु से बचाव किया जा सकता है।
प्रधानाचार्य की भारी लापरवाही कक्षा 7वी के बच्चों से कटवाई लकड़ी…
हिंद स्वराष्ट्र जनकपुर : नए जिले एमसीबी के जनकपुर विकासखंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ में पत्रकारों की टीम पहुंची। जहां स्कूल के प्रधानाचार्य कृपाल मिंज कक्षा 7वी के बच्चों से कुल्हाड़ी से लकड़ी कटवाने का कार्य कराते पाया गया। जिसको लेकर जब प्रधानाचार्य से सवाल किया गया तो वो काफी क्रोधित हो गए और सारा गुस्सा पत्रकारों पर ही उतार दिया। एचएम मिंज का कहना था की मध्यान भोजन बनाने वाले रसोइया संघ हड़ताल में हैं ऐसे में मेरे को खुद खाना बनाना पड़ रहा हैं और बच्चों से काम नहीं करवाऊंगा तो काम कौन करेगा?? एचएम यही नहीं रुके बल्कि उन्होंने पत्रकारों को ही खाना बनाकर जाने का फरमान दे दिया। एचएम मिंज का कहना था कि अगर पत्रकार नही आते तो यह मामला खुलता ही नहीं न ही कोई परेशानी खड़ी होती। दरअसल मामला पूर्व माध्यमिक विद्यालय रामगढ़ का हैं जहां मध्यान भोजन बनाने वाले कर्मचारियों के हड़ताल में जाने के कारण स्कूल में मध्यान भोजन बनवाने की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन पर आ गई हैं और मध्यान भोजन बनवाने का कार्य स्कूल के प्रधानाचार्य कृपाल मिंज स्कूली बच्चों से करवा रहे थे। जिसकी जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण कुमार शर्मा को दी गई जिसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए बीईओ द्वारा दोषी शिक्षक के खिलाफ नोटिस जारी कर दिया गया हैं।
कलेक्टर ने धौरपुर-लुण्ड्रा-रघुनाथपुर सड़क निर्माण कार्य किया निरीक्षण, गुणवत्ता जांचने खुदवाई सड़क, दो उप अभियंताओं को नोटिस…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राज्य शासन के मंशानुरूप रोड निर्माण कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री कुंदन कुमार ने लुण्ड्रा जनपद में पीडब्ल्यूडी के द्वारा बनाये जा रहे धौरपुर-लुण्ड्रा-रघुनाथपुर का निरीक्षण किया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण कार्य नही होने के कारण नाराजगी जताते हुए खुद सड़क में उतरकर मटेरियल का सैम्पल कलेक्ट कराया। कुल 3 जगह से सड़क निर्माण के सैम्पल लिए गए तथा जांच के लिये लैब भेजा गया। रोड निर्माण में प्रथम दृष्टया लापरवाही की बात सामने आने पर निर्माण कार्य में संलग्न दोनो उप अभियंताओं की सैलरी रोकने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान वहां उपस्थित ग्रामीणों से रोड निर्माण कार्य के संबंध में पूछ-ताछ की। ग्रामीणों ने गुणवत्तापूर्ण सड़क बनाने का निवेदन किया। कलेक्टर ने रोड में उड़ते धूल और बिखरे गिट्टी के चलते किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से सड़क निर्माण के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
रेत के अवैध परिवहनकर्ताओं पर लगाया गया अर्थदण्ड…
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिला खनिज विभाग अन्तर्गत खनिज अमला एवं जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा जिले में खनिजों का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करने वाले अवैध उत्खननकर्ताओं, परिवहनकर्ताओं के विरूद्ध सतत् जांच एवं कार्यवाही की जा रही है। जांच के दौरान खनिजों पत्थर, गिट्टी, मुरूम, मिट्टी ईंट, रेत आदि का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते पाए जाने पर ऐसे कार्यों में संलग्न मशीनरी एवं वाहनों को नियमानुसार जप्त कर अवैध उत्खनन, परिवहन का प्रकरण दर्ज किया जा रहा है तथा अर्थदंड की वसूली भी की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन एवं परिवहन की रोकथाम हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा है। माह अक्टूबर 2022 में विभागीय अमला एवं जिले में गठित टास्क फोर्स द्वारा खनिज रेत, मिट्टी ईंट एवं गिट्टी का अवैध परिवहन में संलग्न 09 वाहनों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही करते हुए अवैध परिवहनकर्ताओं से अर्थदण्ड के रूप में राशि रूपये 1,73,196 वसूल कर खजाना में दाखिल कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त अवैध परिवहन में संलग्न 04 वाहनों को जप्त किया गया है।
बाढ़ आपदा प्रबंधन हेतु घुनघुट्टा डेम में होगा मॉक एक्सरसाइज, एसडीआरएफ, होमगार्ड सहित कई विभाग होंगे शामिल…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : बाढ़ से निपटने हेतु जिला स्तरीय बाढ़ आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के लिए 2 नवंबर को टेबल टॉप एक्सरसाइज व 4 नवंबर को घुनघुट्टा डेम में मॉक एक्सरसाइज किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में एसडीआरएफ, होम गार्ड, राजस्व, स्वास्थ्य, जल संसाधन, पुलिस आदि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगे। सफल प्रशिक्षण आयोजन हेतु प्रभारी कलेक्टर श्री विश्वदीप ने सोमवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में सम्बंधित विभाग के अधिकारियां की बैठक लेकर जरूरी निर्देश दिए।
प्रभारी कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ आपदा से बचाव हेतु जरूरी जानकारी लोगों को देना अवश्यक है। आपदा प्रशिक्षण के बारे में प्रशिक्षण स्थल के आस-पास के गांव को भी सूचित करें। उन्होंने संभागीय सेनानी को प्रशिक्षण के सम्बंध में सभी आवश्यक तैयारी करने कहा।
परिस्थितिजन्य तैयारी अभ्यास- पहली परिस्थिति में प्रोफाइलेक्टिक इवैक्युएशन का अभ्यास होगा जिसमें बाढ़ ग्रस्त गांव मेले की भगदड़, भूकंप की सूचना जैसे ट्रिगर मिलने पर न्यूनतम 100 लोगों को उस स्थान से दूर ले जाने की अभ्यास की जाएगी। दूसरा अभ्यास सर्च एंड रेस्क्यू का होगा जिसमे बाढ़ जैसी स्थिति में लोगों को निकालने का प्रयास किया जाएगा। तीसरी साइट स्टेजिंग एरिया में आपदा की स्थिति में बाहर से मदद के लिए आये रिस्पॉडर को एकत्र करने, वाहनों की पार्किंग, लोगों की भीड़, सैनिटेशन, हाइजीन, पेयजल, वे इन और वे आउट आदि की व्यवस्था बताई जाएगी। चौथी साइट में रिलीफ कैम्प में कुछ लोगों को ठहराने की अभ्यास होगी। पांचवी साईट में आपदा की कल्पना के साथ इसमें फंसे लोगों को निकाला जाएगा।
संभागीय सेनानी श्री राजेश पांडेय ने बताया कि 2 नवम्बर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण के बारे में दिशा निर्देश दिया जाएगा।
बैठक में एसडीएम प्रदीप साहू सहित संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
स्टॉलों में सजा विकास कार्यों का आकर्षक एवं जीवंत प्रदर्शनी,स्कूली बच्चों एवं कलाकारों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन….
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 22 वे राज्य स्थापना दिवस पर कलाकेंद्र मैदान अम्बिकापुर में 1 नवंबर 2022 को जिला स्तरीय राज्योत्सव समारोह का आयोजन संसदीय सचिव एवं भटगांव विधायक श्री पारसनाथ राजवाड़े के मुख्य आतिथ्य तथा सीजीएमएससी के अध्यक्ष एवं लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। राज्योत्सव का शुभारंभ राज्यगीत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला स्तरीय राज्योत्सव में 28 विभागों के द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा इसके साथ ही स्कूली बच्चों एवं कलाकारों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तति दी गई। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के तहत करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपये के चेक एवं सामग्री वितरण किया गया। इसके साथ ही 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार, 21 शिक्षकों को विकासखंड स्तरीय शिक्षादूत पुरस्कार, 7 विद्यार्थियों एवं 6 खिलाड़ियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
अतिथियों के द्वारा स्टॉलों का अवलोकन- सर्व प्रथम मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों के द्वारा विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न हितग्राहियों से भी मुलाकात किया गया। विकास प्रदर्शनी में पुलिस विभाग, जिला पंचायत, राजस्व विभाग, श्रम विभाग, कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, उद्यानिकी विभाग, रेशम विभाग, पशु चिकित्सा विभाग मतस्य विभाग, क्रेड़ा विभाग, जल संसाधन विभाग, नगर पालिक निगम, कंट्रोल रूम, स्वास्थ्य परीक्षण एवं टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, वन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उद्योग विभाग, अग्रणी बैंक, शिक्षा विभाग, कौशल विकास प्राधिकरण, केन्द्रीय जेल, जनसंपर्क विभाग के द्वारा लगाई गई है।
इन्हे मिला पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र- मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना अंतर्गत श्रीमती वंदना, श्रीमती सविता व श्री भूनेश्वर को ज्ञानदीप पुरस्कार तथा श्रीमती किरण, श्रीमती सुनीता, श्री क ृपाशंकर, श्री श्यामाप्रसाद, श्री राजूराम, श्रीमती नीलम, श्रीमती जीवयानी, श्री प्रेमदान, श्री मुरली मनोहर, श्रीमती आरती, श्री रामजतन को शिक्षादूत पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया।
मनमोहक प्रस्तुतियां- सांस्कृतिक कार्यक्रम अपराह्न 5 बजे से प्रियांशु मिश्रा एवं शताक्षी वर्मा सहित 11 स्कूलों के बच्चों के द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रम में पारम्परिक नृत्य समूह द्वारा गणेश वंदना व नृत्य की प्रस्तुति (जबलपुर), स्तुति जायसवाल द्वारा गायन प्रस्तुति, राधाकृष्ण नृत्य समूह द्वारा प्रस्तुति (जबलपुर), बवीता विश्वास एवं समूह द्वारा सरगुजिहा लोक गीत संगीत की प्रस्तुति, डांस ग्रुप द्वारा पारम्परिक व बॉलीवुड मिक्स प्रस्तुति (जबलपुर), खैरागढ़ विश्वविद्यालय द्वारा भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुति लिटिल मास्टर प्रियांशु मिश्रा द्वारा गायन प्रस्तुति, शिव झांकी नृत्य प्रस्तुति (जबलपुर), स्वप्निल जायसवाल व बैंड ग्रुप की प्रस्तुति, खैरागढ विश्वविद्यालय द्वारा कत्थक नृत्य प्रस्तुति, लक्ष्मण कौशिक व ग्रुप द्वारा कव्वाली, सुफी, गजल एवं भजन की प्रस्तुति (रायपुर), पारम्परिक नृत्य समूह द्वारा ट्रेडिशनल व बॉलीवुड नृत्य प्रस्तुति एवं छत्तीसगढ़ी लोक गीत संगीत की रंगारंग प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह बाबरा, छतीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं वनौषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालकृष्ण पाठक, बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मधु सिंह, महापौर डॉ अजय तिर्की, पुलिस महानिरीक्षक श्री अजय यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अर्पिता सिंहदेव, प्रभारी कलेक्टर श्री विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता, नगर निगम आयुक्त सुश्री प्रतिष्ठा ममगई, वनमंडलाधिकारी श्री पंकज कमल, पार्षद श्री द्वितेंद मिश्रा, श्री दीपक मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री एएल ध्रुव एसडीएम श्री प्रदीप साहू सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
अटल बिहारी बाजपेई को याद कर मनाया गया छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस…
हिंद स्वराष्ट्र प्रतापपुर यूसुफ मोमिन : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस राज्य में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी तारतम्य में प्रतापपुर के ग्राम पंचायत केंवरा के मोहल्ला भैसामुंडा अटल चौक में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी का छायाचित्र रखकर छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस को गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। जिसमें जरही मण्डल के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने सभा को सम्बोधित करते हुए केंद्र सरकार के द्वारा क्रियान्वित योजनाओं का बखान करते हुए कहा की योजनाओं का पूरा लाभ देशवासियों को मिल रहा हैं किन्तु राज्य में कांग्रेस की सत्ता होने के कारण लोगों को प्रधानमंत्री आवास का लाभ नहीं मिल पर रहा हैं हमें एक होकर पार्टी का भरपूर प्रचार प्रसार एवं सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता हैं साथ ही सभी को स्थापना दिवस की बधाई भी दी वहीं मंडल के पूर्व अध्यक्ष रामधन राजवाड़े ने राज्य स्थापना दिवस का बधाई देते हुए केंद्र द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीणों को अवगत कराया साथ ही राज्य के कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा की वर्तमान सरकार जब से राज्य में आई हैं तब से अवैध रेत का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा हैं सब कुछ सरकार के नाक के निचे चल रहा हैं किन्तु सरकार मौन धारण किये हुए हैं क्षमता से अधिक रेत लोड ट्रकों के चलने से सड़कों का हाल दिन बदिन बद से बत्तर होता चला जा रहा हैं सरकार इस और ध्यान नहीं दे पा रही हैं अब राज्य में परिवर्तन की आवश्यकता हैं इस इस अवसर पर विशेष रूप से प्रतापपुर मंडल अध्यक्ष शरद चंद्र द्विवेदी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष रामदेव रजक, आशीष दुबे, महिला मोर्चा अध्यक्ष कलावती जायसवाल, अजीत गुप्ता (रिंकू), जसवंत राजवाड़े राजवाड़े, विमलेश जयसवाल, सुनील प्रजापति तथा भाजपा के अनेक कार्यकर्ता एवं भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
22 वर्षों में उत्तर छत्तीसगढ़ ने गढ़े हैं विकास के कई आयाम..
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : मध्य प्रदेश से अलग होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य ने 22 वर्षों में विकास के कई आयाम गढ़े हैं। विशेषकर उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) ने नक्सल क्षेत्र होने का अभिशाप भी वर्षों झेला किंतु कम समय में ही नक्सलियों की कमर तोड़ दी गई है और अब सरगुजा संभाग नक्सल मुक्त होने के बाद विकास की राह पकड़ चुका है। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा ,बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया जिले ने विकास की ओर कदम रखा और शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, पुल,पुलिया के साथ सामाजिक, राजनीतिक रूप से भी जागरूकता के साथ विकास का परचम लहराया है। उत्तर छत्तीसगढ़ के झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में कभी पुल, पुलिया के अभाव में टापू बनने की स्थिति बन जाती थी किंतु आज सरपट वाहन दौड़ रही हैं। सड़कें, पुल, पुलिया बनने के बाद शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है।
ग्रामीण क्षेत्र में छोटे-छोटे अस्पताल अब नया रूप ले चुके हैं। जहां अब बेहतर इलाज की सुविधा मिल रही है। महिलाएं जो घर से बाहर निकल नहीं पाती थीं आज लोकतंत्र को मजबूती प्रदान कर रही हैं। ग्राम पंचायत में पंच से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक के पद पर आसीन हैं। सुखद बात यह है कि राज्य स्थापना के 22 वें वर्ष में सरगुजा ,बलरामपुर, सूरजपुर और कोरिया जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर महिलाएं विराजमान हैं। सरगुजा लोकसभा क्षेत्र के लोकसभा सदस्य भी महिला हैं।इन महिलाओं ने इन वर्षों में जागरूकता दिखाई और नेतृत्व क्षमता दिखाते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का काम किया है। यही कारण है कि हजारों महिलाएं महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़कर स्वावलंबी बनी हैं। गांव-गांव में पेंशन इत्यादि का वितरण कर डिजिटल इंडिया की ओर भी यहां की महिलाओं ने कदम बढ़ाया है। महिलाएं पैसा कमाना सीखी हैं। छोटे-बड़े हर व्यवसाय को अपना चुकी हैं। सबसे बड़ी बात तो अंबिकापुर संभाग मुख्यालय की है जहां 450 महिलाओं ने अंबिकापुर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता के क्षेत्र में पहचान दिलाई है। इन महिलाओं की बदौलत ही अंबिकापुर शहर वर्ष 2015 से लगातार स्वच्छता का सम्मान हासिल कर रहा है। इन वर्षों में इस क्षेत्र के लोगों ने भी जागरूकता की अमिट छाप छोड़ी है। लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में भी ग्रामीण क्षेत्र के मतदाताओं ने 80 फीसद से अधिक मतदान कर जागरूकता दिखा मनचाहा प्रतिनिधि चुना है। जन प्रतिनिधियों पर क्षेत्र के विकास के लिए दबाव भी बनाया है। जनप्रतिनिधियों ने भी जागरूकता दिखाई और बुनियादी व्यवस्थाओं को उपलब्ध कराया है। अंबिकापुर मेडिकल कालेज इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
यहां स्वास्थ सुविधा के लिए लोग कुछ वर्ष पूर्व तरसते थे पर आज संभाग ही नहीं बल्कि पड़ोसी प्रांतों से भी लोग उपचार कराने पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति और अत्याधुनिक मशीनों से मेडिकल कालेज अटा पड़ा है जहां हर रोज जटिल आपरेशन भी हो रहे हैं। छोटे अस्पतालों को सर्व सुविधा युक्त बनाया गया है जो अन्य जिलों व शहरों के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। अंबिकापुर का मेडिकल कालेज कम वर्षों में ही मेडिकल की स्नातकोत्तर पढ़ाई के लिए तैयार हो गया। इस 22 वें स्थापना दिवस पर इस वर्ष पीजी कोर्स की शुरुआत भी हो गई है। यह इस क्षेत्र के मेडिकल शिक्षा के लिए बड़ी सौगात है। आवागमन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग,राज्य मार्गों को बेहतर बनाने का भी काम हुआ है। सड़कें, पुल, पुलिया बनने के कारण कृषि के क्षेत्र में गजब का परिवर्तन आया है। सरगुजा क्षेत्र के किसानों ने टमाटर, मिर्च सहित अन्य साग सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन कर छत्तीसगढ़ राज्य ही नहीं बल्कि पड़ोसी प्रांतों तक की मंडियों में अपनी उपज पहुंचा रहे हैं और मालामाल हो रहे हैं। अब तो सरगुजा क्षेत्र टमाटर का हब कहलाने लगा है।
उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा को मिला बढ़ावा
सरगुजा संभाग में इन वर्षों में उच्च शिक्षा को भी बढ़ावा मिला है। हर ब्लाक में उच्च शिक्षा के लिए महाविद्यालय की स्थापना हुई व सरगुजा में ही विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद कई अच्छे पाठ्यक्रम शुरू होने से छात्रों को सीधे लाभ मिला है। मेडिकल कालेज, इंजीनियरिंग कालेज का बेहतर संचालन अपने आप में उच्च शिक्षा के लिए बड़ा उदाहरण है।
विकास और व्यापार दिखा तो आबादी भी बढ़ी
उत्तर छत्तीसगढ़ का सरगुजा, बलरामपुर ,सूरजपुर व कोरिया जिला पड़ोसी प्रांतों से लगा है। ऐसे में जब राज्य तरक्की करने लगा तो पड़ोसी प्रांतों की नजर भी यहां पड़ी। अब तो पड़ोसी प्रांत के छात्र यहां पढ़ाई करने आते हैं और रोजी रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में अंबिकापुर ,सूरजपुर, बलरामपुर में लोग आकर बसने लगे हैं। अंबिकापुर संभाग मुख्यालय की आबादी दो दशक पूर्व लगभग 70 हजार थी जो बढ़कर दो लाख पार कर गई है।इसी से अनुमान लगाया जा सकता है कि पड़ोसी प्रांतों से भी यहां लोगों का आना सिर्फ रोजी,रोजगार,व्यवसाय की तलाश में हुआ है। यहां की शांति और रोजगार की उपलब्धता ने ही यहां की आबादी को बढ़ाया है।
जिला विभाजन ने विकास को दी मजबूती
राज्य बनने के बाद सरगुजा जिले का विभाजन हुआ और बलरामपुर, सूरजपुर जिला अस्तित्व में आया। इसका बड़ा लाभ भी विकास के रूप में देखने को मिला। बलरामपुर और सूरजपुर जिले की तरक्की और प्रशासन की अंतिम गांव तक पहुंचने से शासन की योजनाएं भी पहुंची और इसका ब्यापक प्रभाव भी दिखा। जिला मुख्यालय ,ब्लाक मुख्यालय की लंबी दौड़ छोटे-छोटे कामों के लिए लगानी पड़ती थी वह भी कम हुई। लोगों को मानसिक रूप से राहत मिली है व रोजगार व विकास के अवसर भी मिले।
डॉक्टरी की पढ़ाई में कहां से जुड़ गया यह घिनौना टेस्ट! सुप्रीम कोर्ट बोला, टू-फिंगर अब और नहीं…
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : टू-फिंगर टेस्ट अब और नहीं… सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश देते हुए इस अनुचित प्रथा को महिलाओं की गरिमा के खिलाफ करार दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रेप पीड़िताओं की जांच के लिए ‘टू-फिंगर टेस्ट’ की प्रथा आज भी समाज में प्रचलित है। कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्यों को निर्देश दिया कि ऐसा आगे से न हो। जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने झारखंड हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें रेप और हत्या के दोषी को बरी कर दिया गया था। पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक दशक पुराने फैसले ने ही इस टेस्ट को महिला की गरिमा और निजता का उल्लंघन करार दिया था। दरअसल, दरिंदगी का शिकार हुई महिला से टेस्ट के नाम पर एक ऐसी प्रथा चल निकली थी, जो पीड़िता को दोबारा भीतर से झकझोर देती थी। जी हां, यह टेस्ट ही कुछ ऐसा है। इसे टू-फिंगर टेस्ट कहते हैं। यौन उत्पीड़न और बलात्कार की शिकार हुई महिला के बारे में यह जानने के लिए ‘टू-फिंगर’ प्रक्रिया अपनाई जाती रही है कि वह सेक्स की अभ्यस्त है या नहीं।
रेप पीड़िता की गरिमा पर हमला
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बलात्कार पीड़िताओं से संबंधित ‘टू-फिंगर’ जांच पर सख्त नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। इससे यौन उत्पीड़न की शिकार महिलाएं फिर से पीड़ित होती हैं और यह उनकी गरिमा पर एक कुठाराघात है। शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि यह कहना पितृसत्तात्मक और लैंगिकतावादी है कि किसी महिला के अपने साथ बलात्कार होने की बात पर सिर्फ इसलिए विश्वास नहीं किया जा सकता कि वह सेक्सुअली एक्टिव है।
देश की सबसे बड़ी अदालत ने साफ कहा है कि ‘टू-फिंगर’ टेस्ट करने वाले किसी भी व्यक्ति को कदाचार का दोषी ठहराया जाएगा। SC ने झारखंड सरकार की याचिका पर बलात्कार और हत्या के दोषी शैलेंद्र कुमार राय उर्फ पांडव राय नामक व्यक्ति को बरी करने के झारखंड हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया और उसे गुनहगार करार देने के एक निचली अदालत के फैसले को कायम रखा।
गुप्तांग संबंधी टेस्ट
पीठ ने कहा कि एक दशक पुराने शीर्ष अदालत ने इस टेस्ट को महिलाओं की गरिमा और निजता का उल्लंघन बताया था। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि यह अब भी हो रहा है। कोर्ट ने कहा, ‘महिलाओं का गुप्तांग संबंधी टेस्ट उनकी गरिमा पर अटैक है। यह नहीं कहा जा सकता कि यौन संबंधों के लिहाज से सक्रिय महिला के साथ दुष्कर्म नहीं किया जा सकता।’ कोर्ट ने कहा कि क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंड ऐक्ट 2013 में साफ कहा गया है कि पीड़िता के कैरेक्टर का साक्ष्य या उसका किसी शख्स के साथ पिछले सेक्सुअल एक्सपीरियंस का इस केस से कोई लेनादेना नहीं है।
शीर्ष अदालत ने केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और स्वास्थ्य सचिवों से यह सुनिश्चित करने को कहें कि ‘टू-फिंगर’ टेस्ट अब नहीं हो। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यौन हिंसा के मामलों में स्वास्थ्य प्रदाताओं के लिए 19 मार्च 2014 को दिशा-निर्देश जारी किए थे जिसमें ‘टू फिंगर’ टेस्ट को प्रतिबंधित किया गया था।
टू-फिंगर टेस्ट इसलिए घिनौना?
इस प्रक्रिया के तहत मेडिकल प्रोफेशनल यह जांचते हैं कि महिला के हैमेन को नुकसान पहुंचा है या नहीं, जिससे पता लगाया जा सके कि यौन हमला था या सहमति से इंटरकोर्स।
‘मेडिकल कॉलेजों के सिलेबस से भी हटे’
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों के पाठ्यक्रम से टू-फिंगर टेस्ट पर स्टडी मटीरियल को हटाने के लिए कदम उठाए जाएं। पीठ ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से यह सुनिश्चित करने को कहा कि रेप या यौन हमले से बचाए गए लोगों का यह टेस्ट न किया जाए। इस टेस्ट के खिलाफ जागरुकता पैदा की जाए और गाइडलाइंस बने।
सीसीएफ अम्बिकापुर समेत 31 वन अधिकारियों के तबादले…देखे आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर द्वारा जारी आज अपने आदेश में भारतीय वन सेवा अधिकारियों को प्रशासनिक दृष्टिकोण से तबादले किए गए हैं।
देखे आदेश:




मोरबी पूल हादसे में अबतक 134 मौतें, 170 लोगो का किया गया रेस्क्यू…
हिंद स्वराष्ट्र : गुजरात के मोरबी पुल हादसे में मृतकों की संख्या सोमवार सुबह 134 पहुंच गई। इनमें 25 बच्चे हैं। मृतकों में महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या भी ज्यादा है। 170 लोग रेस्क्यू किए गए हैं। हादसा रविवार शाम 6.30 बजे तब हुआ, जब 765 फीट लंबा और महज 4.5 फीट चौड़ा केबल सस्पेंशन ब्रिज टूट गया। 143 साल पुराना पुल ब्रिटिश शासन काल में बनाया गया था। यह पुल पिछले 6 महीने से बंद था। कुछ दिन पहले ही इसकी मरम्मत की गई थी। हादसे से 5 दिन पहले 25 अक्टूबर को यह ब्रिज आम लोगों के लिए खोला गया। रविवार को यहां भीड़ क्षमता से ज्यादा हो गई। हादसे की भी यही वजह बताई जा रही है।
हादसे का 30 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है। इसमें 15 सेकेंड के बाद पुल टूट गया और लोग मच्छू नदी में समा गए।
मोरबी हादसे के 4 बड़े अपडेट्स…
1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार दोपहर बाद मोरबी जाएंगे।
2. मोरबी हादसे में मारे गए लोगों का पोस्टमॉर्टम नहीं किया जाएगा। ये फैसला गुजरात सरकार ने लिया है।
3. राजकोट के भाजपा सांसद मोहनभाई कुंडारिया के परिवार के 12 लोग हादसे में मारे गए।
4. हेल्पलाइन नंबर 02822243300) जारी। मोरबी और राजकोट हॉस्पिटल में इमरजेंसी वार्ड बना।
गुजरात के मोरबी में हादसा, केबल ब्रिज टूटने से नदी में गिरे 400 लोग, अब तक 60 की मौत
हिंद स्वराष्ट्र: गुजरात के मोरबी में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां मच्छु नदी में बना केबल ब्रिज टूटने से कई लोग नदी में गिर गए। शाम के समय ये हादसा हुआ, जब लोग छठ मना रहे थे। घटनास्थल पर मौजूद गुजरात के पंचायत मंत्री बृजेश मेरजा ने बताया कि घटना में 60 लोगों की मृत्यु हुई है, बचाव कार्य जारी है, मुख्यमंत्री जल्द यहां पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि पुल पर सैंकड़ों लोग मौजूद थे। लोगों का वजन इतना था कि केबल पुल अचानक टूट गया और लोग सीधे नदी में गिर गए।
युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है
युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। मोरबी में मच्छु नदी पर ये केबल ब्रिज बना था। बताया जा रहा है कि मरम्मत के बाद पांच दिन पहले ही इस केबल ब्रिज को आने-जाने के लिए खोला गया था। रेस्क्यू टीम लोगों को बचाने में लगी है। पानी में डूबे लोगों को निकालकर उन्हें अस्पतालों में भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय करीब 400-500 लोग ब्रिज पर मौजूद थे। यह ब्रिज काफी पुराना था। मरम्मत कर फिर से आम जनता के लिए खोला गया था और अब इतना बड़ा हादसा हो गया।
पीएम मोदी ने हर संभव मदद देने को कहा
मोरबी हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल और अन्य अधिकारियों से बात की। उन्होंने बचाव अभियान के लिए टीमों को तत्काल जुटाने की मांग की। उन्होंने स्थिति की बारीकी और लगातार निगरानी करने और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद देने को कहा है।
हाथियों से प्रभावित ग्रामीणों ने मुवावजा को लेकर वनरक्षक से की मारपीट…
हिंद स्वराष्ट्र रघुनाथनगर : जंगली हाथियों से प्रभावित उत्तर छत्तीसगढ़ में हाथी प्रभावित ग्रामीणों के गुस्से का शिकार अब वन कर्मचारियों को होना पड़ रहा है। हाथियों द्वारा पहुंचाए जा रहे नुकसान के आकलन में मुआवजा निर्धारण को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है। ताजा मामला बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र का है। यहां कम मुआवजा निर्धारण को लेकर पिता-पुत्र ने वनरक्षक से सरेराह पिटाई कर दी। आरोपितों का कहना था कि उन्हें शत-प्रतिशत मुआवजा चाहिए जबकि उस अनुपात में फसल का नुकसान नहीं हुआ था। मामले में पुलिस ने आरोपित पिता-पुत्र के खिलाफ प्राथमिकी की है।
तमोर पिंगला अभयारण्य क्षेत्र से लगे रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों द्वारा फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। नियमों के तहत वन विभाग की टीम क्षति का आकलन करने प्रभावित क्षेत्र में पहुंच रही है। बताया जा रहा है कि ग्राम चंवरसरई में भी हाथियों ने फसलों को खाकर तथा पैरों से कुचल नुकसान पहुंचाया था।उच्चाधिकारियों के निर्देश पर वन रक्षक सीताराम मरावी,ग्राम के अमृत गोंड एवं राहुल कुशवाहा के साथ क्षति का आंकलन करने गए थे। हाथी प्रभावित ग्रामीणों के खेतों का अवलोकन कर क्षति का आकलन किया जा रहा था,उसी अनुपात में प्रभावित परिवारों का मुआवजा राशि निर्धारित किया जाता है।जब वनरक्षक क्षति का आकलन कर लौट रहे थे तो रास्ते में रामचंद्र कुशवाहा एवं उसके पुत्र सोनू ने अपने घर के पास वनरक्षक को रोक लिया।क्षति के आकलन को लेकर चर्चा शुरू हुई तो पिता पुत्र असंतुष्ट हो गए।
उनका कहना था कि उन्हें शत-प्रतिशत क्षति के आकलन के अनुरूप मुआवजा चाहिए। विवाद इतना बढ़ा की आरोपितों ने वनरक्षक को मोटरसाइकिल से खींच कर नीचे गिरा दिया। उसके साथ मारपीट की तथा वर्दी खींचने से नेम प्लेट और बटन भी टूट गया।ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और वनरक्षक वहां से चला गया उच्चाधिकारियों के निर्देश पर थाने में दर्ज कराई गई।शिकायत के आधार पर पुलिस ने पिता-पुत्र के विरुद्ध धारा 341,186 ,353,332 ,34 का अपराध पंजीबद्ध किया है।
बता दें कि इसके पहले भी सरगुजा भी सरगुजा वन वृत्त में हाथियों से होने वाले नुकसान को लेकर वन विभाग और प्रभावित ग्रामीण आमने- सामने आते रहे हैं।सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन भी हो चुका है। हाथियों द्वारा फसल के नुकसान पर एक हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 22 हजार मुआवजा दिया जाता है।शत प्रतिशत नुकसान की स्थिति में यह राशि निर्धारित है। कम ही ग्रामीण होते हैं जिनके यहां शत प्रतिशत मुआवजा निर्धारित किया जाता है। वर्ष भर की मेहनत और खेती के अनुरूप मुआवजा नहीं मिलने के कारण ग्रामीण वन विभाग पर ही अपनी नाराजगी जताते हैं।
पराग और विजया को एलन मस्क ने निकाला… भारत से भाव न मिलने की खीझ उतार रहे ट्विटर के नए मालिक!
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : ट्विटर की कमान अब एलन मस्क के हाथों में है। गुरुवार को उन्होंने सीईओ पराग अग्रवाल, पॉलिसी हेड और लीगल मामलों की टॉप अफसर विजया गाड्डे समेत टॉप 4 को बर्खास्त कर दिया। एलन और पराग, विजया के रिश्ते मधुर तो बिल्कुल नहीं रहे हैं। जबसे मस्क ने ट्विटर को खरीदने का ऐलान किया, इन दोनों के लिए चुनौती कई गुना बढ़ गई। मस्क लगातार ट्विटर को बुरा बताते हुए बयान दिए जा रहे थे। यह तो तय था कि मस्क के कंपनी टेकओवर करने के बाद पराग, विजया जैसे लोग जाएंगे, मगर यह इतनी जल्दी होगा, इसका अंदाजा नहीं था। मस्क ने तत्काल इन दोनों को निकालने का फैसला क्यों किया? उसके पीछे एक वजह तो पराग और विजया के ट्विटर शेयरहोल्डर्स संग खड़ा रहना रही। अप्रत्यक्ष रूप से मस्क के फैसले से भारत सरकार को संदेश भी गया।
भारत में एलन मस्क की कंपनियों की राह आसान कतई नहीं रही है। फिर चाहे वह टेस्ला के लोकल प्लांट्स की बात हो या स्टारलिंक सैटेलाइट के जरिए इंटरनेट की। मस्क और भारत सरकार के बीच टकराव होता आया है। ट्विटर के लिए भारत सबसे बड़े बाजारों में से एक है। जनवरी 2022 में इस माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर 23.6 मिलियन भारतीय यूजर्स थे।
मस्क के टेकओवर पर भारत सरकार ने क्या कहा?
भारत सरकार ने कहा कि ट्विटर का मालिक बदलने से कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी को पहले की तरह स्थानीय कानूनों का पालन करना होगा। MoS राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि ‘किसका मालिक कौन है, इससे सरकार को क्या लेना-देना। हमारे कानून और नियम प्लैटफार्म्स पर लागू होते हैं, फिर चाहे उसका मालिक कोई भी हो।’
मस्क, ट्विटर और भारत… अभी और कई मोड़ आएंगे
Twitter के भारत सरकार से रिश्ते ठीक नहीं रहे हैं। 2021 में कुछ ट्वीट्स और अकाउंट्स हटाने को लेकर कंपनी ने भारत सरकार से मोर्चा ले लिया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि ट्विटर इंडिया के टॉप अधिकारियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। इसी साल जुलाई में ट्विटर ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका डाली कि उसे केंद्र सरकार की ओर से जारी ब्लॉकिंग के आदेशों में से कुछ से छूट दी जाए।
मस्क ने जुलाई 2022 में कहा कि भारत ट्विटर के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। ट्विटर के साथ चली कानूनी लडा़ई में मस्क ने भारत में चल रहे केस का भी हवाला दिया। मस्क ने आरोप लगाया था कि Twitter ने भारत सरकार के खिलाफ ‘खतरनाक कानूनी प्रक्रिया की शुरुआत’ की। मस्क के मुताबिक, यह Twitter संग उनके समझौते का उल्लंघन था। ट्विटर ने इससे इनकार किया। इस मामले में अगली सुनवाई 16 नवंबर को होनी है।
सोशल मीडिया कंपनियों की निगरानी पर सरकार सख्त
सरकार ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म्स से जुड़ा अपीलीय पैनल बनाया है। अगर कंटेंट को लेकर दर्ज शिकायतों का संतोषजनक निपटारा नहीं होता है तो सरकार इनकी आगे सुनवाई के लिए एक अपीलीय पैनल का गठन करेगी। इस पैनल का गठन तीन महीनों के अंदर कर दिया जाएगा ताकि सोशल मीडिया से जुड़ी लोगों की शिकायतों का सामाधान किया जा सके। इसके लिए सरकार ने आईटी नियमों में बदलाव किया है। इस पैनल में केंद्र सरकार एक चेयरपर्सन और दो पूर्णकालिक मेंबरों की नियुक्ति करेगी। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के शिकायत अधिकारी के फैसले से अगर कोई शख्स असंतुष्ट है तो वह 30 दिनों के भीतर इस पैनल के पास अपील कर सकेगा। इसके बाद अपीलीय पैनल 30 दिनों में शिकायत को निबटाएगा।
पराग को हर्जाने में मिलेंगे 345.72 करोड़ रुपये
ट्विटर के CEO पद से निकाले गए पराग अग्रवाल खाली हाथ नहीं जाएंगे। रिसर्च फर्म ‘एक्विलर’ ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पराग को ट्विटर डील के 12 महीने के अंदर निकाला जाता है, तो उन्हें 4.2 करोड़ डॉलर यानी करीब 345.72 करोड़ रुपये मिलेंगे। इस राशि का अंदाजा पराग अग्रवाल की सैलरी और शेयरों के आकलन पर किया गया है। पराग को पिछले साल नवंबर में कंपनी के सह-संस्थापक जैक डोर्सी के इस्तीफे के बाद ट्विटर का CEO बनाया गया था। वह IIT बॉम्बे और स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ चुके हैं और उन्होंने ट्विटर में तब नौकरी शुरू की थी, जब इस कंपनी में 1,000 से भी कम कर्मचारी होते थे। पराग और मस्क के बीच पिछले साल ‘कंटेंट मॉडरेशन’ पॉलिसी पर कहासुनी हुई थी।
ट्रंप का खाता बैन कर चर्चा में आई थीं विजया
विजया गाड्डे ट्विटर की नीतियों और कानूनी मामलों से जुड़े मुद्दे संभाल रही थीं। विजया हैदराबाद में पैदा हुईं और टेक्सस में पली बढ़ी हैं। वह कॉर्नेल और न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी में पढ़ी हैं। विजया साल 2011 में ट्विटर से जुड़ीं। वह पहली बार तब चर्चा में आई थीं, जब उन्होने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ट्विटर अकाउंट को बैन करने का फैसला लिया था। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के बेटे हंटर के लैपटॉप पर की गई एक्सक्लूसिव स्टोरी की वजह से उन्होंने न्यू यॉर्क पोस्ट के अकाउंट को सस्पेंड कर दिया था। दोनों ही मसलों पर मस्क ने उनकी आलोचना की थी।
आखिर चाहते क्या हैं मस्क?
डील के तहत शेयरधारकों को प्रति शेयर $54.20 दिए जाएंगे और ट्विटर अब निजी कंपनी के रूप में काम करेगा। मस्क शुरू से ही ट्विटर में कई मूलभूत बदलाव की वकालत करते रहे हैं। मस्क कह चुके हैं कि मैं ऐसा प्लैटफॉर्म चाहता हूं, जिस पर सभी सोच वाले लोग स्वतंत्र रूप से अपने विचारों को रख सकें। मस्क ने इस साल 13 अप्रैल को ट्विटर खरीदने का ऐलान किया था। उन्होंने 44 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर दिया था। लेकिन तब स्पैम और फेक अकाउंट्स की वजह से उन्होंने डील को होल्ड पर रख दिया था। इस बीच डेलवेयर कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक डील पूरी करने का आदेश दिया था। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क कंपनी के 7,500 कर्मचारियों में से 75%, यानी करीब 5,600 कर्मचारियों को नौकरी से हटा सकते हैं। हालांकि गुरुवार को ट्विटर के दफ्तर पहुंचकर मस्क ने इससे इनकार किया था।
मस्क का क्या है प्लान?
- ट्विटर को ऑल इन वन सर्विस प्लैटफॉर्म बनाना चाहते हैं, जहां क्रिएटर पैसा कमा सकें, यूजर पेमेंट और शॉपिंग कर सकें
- यूजर्स को प्रीमियम सब्सक्रिप्शन का ऑप्शन दिया जाएगा। ऐड रेवेन्यू पर निर्भरता कम होगी। ट्विट एडिट करने, ट्वीट से पैसा कमाने, ऐड फ्री ट्विटर का विकल्प मिलेगा।
- फ्री स्पीच प्लैटफॉर्म बनाने पर जोर होगा। इसके लिए कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी बदलेगी। इसी नीति के तहत ट्रंप के अकाउंट को सस्पेंड किया गया था।
मस्क ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ट्विटर सबसे बेहतरीन ऐडवरटाइजिंग प्लैटफॉर्म हो, जहां सभी उम्र के यूजर्स फिल्में देख सकें और विडियो गेम खेल सकें। इससे संकेत मिला कि आगे चलकर ट्विटर की ऐड पॉलिसी में भी बदलाव हो सकता है। मस्क ने साफ किया कि ज्यादा पैसा कमाने के लिए नहीं, बल्कि इंसानियत की मदद करने लिए मैंने ट्विटर से डील की है, ताकि हमारी आने वाली सभ्यता के पास कॉमन डिजिटल स्पेस हो, जहां विभिन्न विचारधारा और विश्वास के लोग किसी भी तरह की हिंसा के बिना स्वस्थ चर्चा कर सकें।