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IAS, IFS अधिकारियों के तबादले…देखे आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : राज्य शासन द्वारा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं। देखे आदेश:

भगवा विवाद में सीएम भूपेश की एंट्री: कहा- यह त्याग और बलिदान का रंग है, विहिप और बजरंग दल वाले क्यों पहनकर घूम रहे हैं?

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : फिल्म पठान के बहाने भगवा रंग पर छिड़े विवाद में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी एंट्री मारी है। मुख्यमंत्री ने शनिवार को कहा, भगवा रंग तो त्याग और बलिदान का रंग है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल वाले जो भगवा पहनकर घूम रहे हैं, उन्होंने कौन सा त्याग किया है
भगवा विवाद पर पूछे गए एक सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, “भगवा रंग जो है वह यज्ञ की अग्नि की ज्वाला का रंग है। वह पवित्र है। वह त्याग और बलिदान का रंग है। विश्व हिंदू परिषद-विहिप और बजरंग दल वाले जो भगवा पहनकर घूम रहे हैं उन्होंने कौन सा त्याग किया है। रंग किसी का होता है क्या। ये लोग केवल इसके नाम पर समाज में घृणा फैला रहे हैं।’
शाहरुख खान, दीपिका पादुकाेण और जॉन अब्राहम स्टारर फिल्म पठान 25 जनवरी को रिलीज होने जा रही है। इससे पहले फिल्म का एक गाना रिलीज हुआ है, जिस गीत के एक हिस्से में दीपिका पादुकोण ने भगवा रंग का स्वीमसूट भी पहना है। इस ड्रेस को लेकर पूरी फिल्म और अभिनेता-अभिनेत्रियां दक्षिणपंथी राजनीतिक-सामाजिक संगठनों के निशाने पर हैं। छत्तीसगढ़ में भी शिव सेना ने सिनेमा हाल संचालकों को धमकी दी है।

कांग्रेस नेता की संपत्ति कुर्क करने न्यायालय ने जारी किए आदेश…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : युवा कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण जिलाध्यक्ष आसिफ़ मेमन की संपत्ति कुर्की का वारंट जारी करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। नवम अति जिला न्यायाधीश रायपुर अगम कुमार कश्यप ने यह आदेश शहज़ादी बेगम के पक्ष में कांग्रेस नेता आसिफ़ मेमन के विरुद्ध दिया है। इस मामले में शहज़ादी बेगम से 20 लाख रुपये आसिफ़ मेमन ने उधार स्वरूप लिए थे और यह राशि नहीं लौटाने पर न्यायालय ने कांग्रेस नेता आसिफ़ मेमन की संपत्ति कुर्की का वारंट जारी करने का आदेश दिया। ज्ञात हो की ज़मीन के एक मामले में कांग्रेस नेता आसिफ़ मेमन के ख़िलाफ़ सिविल लाइंस थाने में 420 का मामला दर्ज है और वह इस मामले में फ़रार है।

पुलिस चौकी में घुसा हाथियों का दल,,, बैरक में छिपकर पुलिसकर्मियों ने बचाई अपनी जान…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले में पिछले एक सप्ताह से उत्पात मचा रहे हाथियों के दल ने बीती रात मोहरसोप पुलिस चौकी में धावा बोल दिया। हाथियों के दहशत से पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाने के लिए बैरक में छिप गए। सुबह हाथियों के दल के रवाना होने के बाद पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली। दरअसल सूरजपुर जिले के बिहारपुर चांदनी क्षेत्र के गांवों में आठ हाथियों का दल पिछले एक हफ्ते से तोड़-फोड़ मचा रहा है, इनके द्वारा फसलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया जा रहा हैं। हाथियों के उत्पात के कारण गांव के लोग इस कड़ाके की ठंड में भी रतजगा करने को मजबूर हैं। मिली जानकारी के अनुसार आठ हाथियों का यह दल आज तड़के मोहरसोप आ धमका और एक घर मे धावा बोल तोड़-फोड़ कर दिया हालांकि घर के लोगों ने छत पर चढ़कर गांव के लोगों से मदद की गुहार लगाई. जब तक लोग पहुंचते तब तक रहर, सरसो आदि फसल को रौंदकर हाथी बरबाद कर चुके थे। खदेड़े जाने पर हाथियों का यह दल पुलिस चौकी परिसर में जा घुसा जहां हाथियों ने पुलिस चौकी की दीवार को तोड़ दिया और तीन घण्टे तक डटे रहे। इस दौरान दहशत में पुलिसकर्मीयों ने छत के ऊपर स्थित बैरक में छिपकर जान बचाई। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार हाथीयों का दल नजदीक के जंगल में ही मौजूद हैं जिससे मोहरसोप के लोग दहशत में हैं।

जिला पंचायत सदस्य एवं नगर पंचायत पार्षद के लिए होगी उप चुनाव,आदर्श आचार संहिता लागू…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जिले के पंचायतों एवं नगर पंचायतों में उप चुनाव कराया जाना है, वहां चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू कर दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कुंदन कुमार ने बताया कि 2022-23 में जिन पंचायतों में सरपंच व पंचों का निर्वाचन होना है, उन क्षेत्रों में मतगणना 9 जनवरी को होगी और तब तक आदर्श आचरण संहिता लागू रहेगी। जिले के लुण्ड्रा जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 1 व लखनपुर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 14 में पार्षद के चुनाव होंगे।
इसके साथ ही सरगुजा जिले में अम्बिकापुर जनपद के ग्राम पंचायत श्रीगढ़, सरईटिकरा, लखनपुर जनपद के ग्राम पंचायत बेलखरिखा, गणेशपुर, लहपटरा, लटोरी, उदयपुर जनपद के ग्राम पंचायत दावा, तेंदुटिकरा, लुण्ड्रा जनपद के ग्राम पंचायत आसनडीह, घघरी, बतौली जनपद के ग्राम पंचायत महेशपुर, सीतापुर जनपद के ग्राम पंचायत आरा, शूर, सरगा, रजोटी, पेटला एवं मैनपाट जनपद के ग्राम पंचायत पेंट, जामढ़ोढ़ी को मिलाकर कुल 04 सरपंचों एवं 21 पंचों का चुनाव होना है।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी टेकचन्द्र अग्रवाल ने निर्देशित किया है कि इन पंचायतों में जहां पर उप चुनाव होना है, वहां पर जाबो जागे वोटर कार्यक्रम के तहत् लोगों को मतदान के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाया जाये।

कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला करने वाले तहसीलदार के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं के साथ एफआईआर दर्ज…हुए निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र सारंगढ़-बिलाईगढ़ : छत्तीसगढ़ के बरमकेला में तहसीलदार सिद्धार्थ अनंत ने कांग्रेस नेता पर जानलेवा हमला किया था। जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। देर रात तहसीलदार पुलिस को थाना के शौचालय में छिपे मिले जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार बरमकेला तहसीलदार सिद्धार्थ अनंत और उसके स्टाफ के एक कर्मचारी ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य नीलांबर नायक के दुकान सुरेंद्र कंप्यूटर में आकर मारपीट की और नीलांबर नायक पर जानलेवा हमला कर वहां से फरार हो गए। अब वे थाना के शौचालय में छिपे मिले जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल नीलांबर नायक को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बरमकेला ले जाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें रायगढ़ रिफर किया गया। इस घटना से आक्रोशित लोगों ने तहसीलदार सिद्धार्थ अनंत और कर्मचारी के खिलाफ एफ-आई-आर दर्ज कर गिरफ्तारी और निलंबन की मांग को लेकर चक्का जाम कर थाने का घेराव किया। हजारों की संख्या में लोग थाने के बाहर लगातार डटे रहे। जिसके बाद बरमकेला तहसीलदार सिद्धार्थ अनंत के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज किया गया हैं। एफआईआर दर्ज किए जानें के बाद आज उन्हें निलंबित कर दिया गया हैं।

एसडीएम प्रदीप साहू द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने पर लोक अदालत ने लगाया 6 लाख का जुर्माना…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले में जमीन डायवर्सन में जानबुझकर आवेदन को लटकाने और आवेदक को मानसिक रूप से परेशान करने के मामले में स्थाई लोक अदालत ने अंबिकापुर एसडीएम प्रदीप साहू पर 6 लाख का जुर्माना लगाया है। दरअसल देवीगंज रोड निवासी अधिवक्ता मृगेन्द्र सिहं देव नें 28 फरवरी को डायवर्सन के लिये एसडीएम कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था जहां आवेदन में ये बताया गया था कि उनके सरगंवा में स्थित भूखंड 71 के रकबा 16315.43 वर्गमीटर भूमि में कालोनी के लिये सभी महत्वपूर्ण कागजी कार्यवाही कर आवेदन प्रस्तुत किया था. जहां एसडीएम अम्बिकापुर को 15 दिनों के भीतर व्यपवर्तन आदेष देना था या उसे निरस्त करना था. लेकिन एसडीएम प्रदीप साहू ने ना ही डायवर्सन किया और ना ही आवेदन को निरस्त किया और पूरे मामले को लटकाते रहे, जिसके बाद अधिवक्ता मृगेन्द्र सिंह देव नें पूरे मामले को स्थायी लोक अदालत में पेश किया। अदालत की अध्यक्ष उर्मिला गुप्ता नें नाराजगी जाहिर करते हुए आदेश जारी किया है जिसमें बताया गया है कि 28 फरवरी को आवेदक मृगेन्द्र सिंह देव और उनके भाई नें डायवर्सन के लिए आवेदन दिया था. जहां आवेदक के भाई के हिस्से की भूमि का डायवर्सन आदेश जारी हो गया, लेकिन जानबूझकर आवेदक के डायवर्सन प्रकरण का निराकरण नहीं किया गया और एसडीएम नें अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। इस तरह आवेदक को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया गया है.एैसेे में कोर्ट ने आवेदक को 6 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति देने का आदेश पारित किया है, वहीं यदि 30 दिनों जुर्मानें की राशि अदा नहीं की जाती है तो प्रकरण पेश करनें की तिथि 8 जुलाई से अदायगी तिथि तक 12 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा।

अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी पहुंचे 5जी नेटवर्क 500 से जादा मोबाइल टावर तैयार..

हिंद स्वराष्ट्र बस्तर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में जिस तेजी से सड़कों का विकास किया जा रहा है, उसी तेजी से मोबाइल नेटवर्क भी खड़ा किया जा रहा है। पिछले चार साल में नक्सल प्रभावित बस्तर में 500 से ज्यादा मोबाइल टावर खड़े किए गए हैं। यहां 5-जी नेटवर्क पहुंचाने की कवायद की जा रही है। भारत नेट परियोजना में केंद्र सरकार ने भी बस्तर को प्राथमिकता में रखा है। बस्तर में सड़क का नेटवर्क बढ़ाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से पिछले चार साल में 35 पुलिस कैंप खोले गए।इसका असर यह हुआ कि संवेदनशील क्षेत्रों की 21 सड़कों का निर्माण पूरा हुआ। सड़क का नेटवर्क पूरा होने से दंतेवाड़ा की ओर से धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ के जंगलों का रास्ता खुल जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सड़क के साथ मोबाइल कनेक्टिविटी भी बढ़ रही है। प्रदेश में 4जी नेटवर्क के सहारे बस्तर को देश-दुनिया से जोड़ने के लिए 500 से ज्यादा मोबाइल टावर लगाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में 574 गांवों में कनेक्टिविटी दिया जाना शेष है, जिसे जून 2023 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य है।
प्रदेश में प्राथमिकता के साथ 646 नए टावर लगाकर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। नेटवर्क के अभाव में प्रभावित होते हैं नक्सल आपरेशनबता दें कि नक्सल प्रभावित बस्तर में मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी परेशानियों से वहां तैनात सुरक्षाबलों के आपरेशन भी प्रभावित होते हैं। कई बार तो नक्सलियों से मुठभेड़ होने की स्थिति में नेटवर्क के अभाव के चलते मोर्चे पर डटे जवान मदद का संदेश अपने अधिकारियों तक नहीं पहुंचा पाते। पेड़ों अथवा पहाड़ों पर चढ़कर नेटवर्क तलाशना पड़ता है। इतना ही नहीं, यहां तैनात जवान अपने स्वजन से संवाद कर उनका हालचाल भी नहीं ले पाते।

2023 मे तैयार हो जाएगा बस्तर के स्टील प्लांट का उत्पादन…

हिंद स्वराष्ट्र बस्तर : संभाग के इकलौते स्टील प्लांट में साल 2023 मार्च महीने से स्टील का उत्पादन शुरू हो जाएगा। जगदलपुर शहर से लगे नगरनार में निर्माणाधीन एनएमडीसी स्टील प्लांट का निर्माण कार्य लगभग खत्म होने को है. ऐसे में यहां तैयार होने वाले स्टील के उत्पाद केवल देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एक्सपोर्ट किया जाएगा।
स्टील से 9 तरह के प्रोडक्ट्स होंगे तैयार
बताया जा रहा है कि इस स्टील प्लांट में स्टील के 9 अलग-अलग प्रोडक्ट्स तैयार किए जाएंगे. बस्तर में यह पहला स्टील प्लांट होने की वजह से इससे बस्तर के विकास को लेकर भी काफी उम्मीदें हैं। जानकारी के मुताबिक इस एनएमडीसी स्टील प्लांट में तैयार होने वाले 9 तरह के अलग अलग उत्पादों में पिग आयरन से लेकर एचआर कॉइल, एचआर शीट्स, सिलिकॉन स्टील, हाई कार्बन स्टील और आटोमोटिव स्टील सहित अन्य 3 स्टील प्रोडक्ट्स शामिल हैं।हालांकि शुरुआत में तो इस नगरनार स्टील प्लांट से 4 मिलियन टन का सालाना उत्पादन करने की क्षमता रखी गई है और बताया जा रहा है कि आने वाले 10 सालों में 10 एमटीपीए (मिलियन टर्न पर एनम) तक करने की योजना भी इस स्टील प्लांट से बनाई गई है. हाल ही में बस्तर पहुंचे खुद केंद्रीय इस्पात सचिव संजय कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने यह भी बताया कि देश भर में होने वाले स्टील उत्पादन का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा अकेला बस्तर का नगरनार स्टील प्लांट करेगा।

स्टील के कई प्रोडक्ट किए जाएंगे तैयार
बताया जा रहा है कि नगरनार स्टील प्लांट आने वाले मार्च महीने से उत्पादन शुरू करेगा और जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करने को लेकर युद्ध स्तर पर प्रबंधन काम किया जाएगा. इस स्टील प्लांट में सिर्फ एचआर क्वाइल्स ही नहीं बल्कि अलग-अलग तरह के कई स्टील के प्रोडक्ट तैयार किए जाएंगे. जिनका अलग-अलग कई जगहों पर उपयोग भी हो सकेगा. नगरनार स्टील प्लांट के जीएम कम्युनिकेशंस रफीक अहमद ने बताया कि बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट में तैयार होने वाले उत्पाद को केवल देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एक्सपोर्ट किया जाएगा।प्लांट शुरू होने से पहले ही यहां तैयार होने वाली स्टील के प्रोडक्ट्स के लिए काफी डिमांड बढ़ गई है. बस्तर संभाग का यह पहला स्टील प्लांट है जिसे हजारों करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है और जल्द से जल्द उत्पादन शुरू करने में भी प्रबंधन जुटा हुआ है. इस प्लांट के शुरू होने से एक तरफ जहां बस्तर का विकास हो सकेगा, वहीं स्थानीय लोगों को भी इस स्टील प्लांट में रोजगार मिल सकेगा. आने वाले समय में बस्तर इस स्टील प्लांट के नाम से जाना जाएगा. इस प्लांट के लगने के बाद बड़े बड़े उद्योग भी बस्तर में स्थापित हो सकेंगे. ऐसे में यह स्टील प्लांट बस्तर के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

शिक्षा ने बदली पहाड़ी कोरवाओं की सोंच..

हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : पिछले दो साल में 115 पहाड़ी कोरवा युवक युवतियों को शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के पद पर दी गईं है नौकरी जिला प्रशासन के द्वारा विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के लोगों की जीवन की दशा बदलने के लिए कई प्रयास किये जा रहे है जिससे समुदाय  के लोग की अब आर्थिक और सामाजिक प्रगति की कर रहे है। निश्चित ही आने वाले समय में पहाड़ी कोरवा समाज के लिए एक मिसाल बनेंगे। जिस तरह से जिला प्रशासन पहाड़ी कोरवा जनजाति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य क़ृषि रोजगार, स्वरोजगार एवं अन्य क्षेत्रों में प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है उसमें आने वाले समय वे तेजी से दौड़ते हुए दिखेंगे।  
पिछले दो साल में जिला खनिज न्यास निधि से 115 विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के शिक्षित युवक युवतियों को अतिथि शिक्षक की नौकरी दी गईं है। इसके अतिरिक्त पूर्व में  36 को शिक्षक, तृतीय श्रेणी के पदों पर 23, चतुर्थ श्रेणी (नियमित) 33, चतुर्थ श्रेणी (कंटीजेंसी) 221 पदों पर भर्ती की गईं है। अब तक पहाड़ी कोरवा समुदाय के  कुल 428 शिक्षित युवक युवतियों को शासकीय नौकरी में नियुक्ति प्रदान कर उनके जीवन में खुशियों का नया रंग भर दिया गया है।
 जिला प्रशासन की सोंच है कि विशेष पिछडी पहाड़ी कोरवा जनजाति के बदलाव और उनके उत्थान का एकमात्र रास्ता शिक्षा है जिसके माध्यम से वे विकास के अनेक सोपान तय कर सकते है इसके लिए आदिम जाति विकास विभाग द्वारा उनके लिए छात्रावास आश्रम की स्थापना की गईं है। जिसमें वर्तमान में कुल 850 बालक बालिका है। पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों के लिए पृथक से पहाड़ी कोरवा आवासीय विद्यालय रूपसेरा में स्थापित है जहाँ  कक्षा 1ली से 10 तक प्रत्येक कक्षा में 10 बालक और 10 बालिकाओं के लिए सीट स्वीकृत है जिसमें 200 सीटें स्वीकृत है। इसके अतिरिक्त भी कई अन्य स्कूलों में पहाड़ी कोरवा बच्चे अध्ययनरत है। पहाड़ी कोरवा बालिकाओं के लिए तीन कन्या एवं एक बालक आश्रम को आदर्श आश्रम के रूप में विकसित किया गया है।जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कुल 71 बच्चे, प्रयास आवासीय में 2 बच्चे अध्ययनरत है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के महत्वकांक्षी योजना स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय बगीचा में वर्तमान में 12 बच्चे अध्ययन कर रहे है। जो यह प्रदर्शित कर रहा है कि जिला प्रशासन के द्वारा पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में किये जा रहे प्रयास अब सफल हो रहे हैं। अन्य शासकीय स्कूलों में वर्तमान में 1652 छात्र छात्राएं कक्षा 1से 12 तक अध्यनरत कर रहे है। अब तक 91 पहाड़ी कोरवा बसाहटो में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है जिसमें 2439 पहाड़ी कोरवा मरीजों को लाभान्वित करते हुए आवश्यकतानुसार औषधि वितरण किया गया है एवं उनमें बीमारियों के रोकथाम के लिए जागरूकता लाई जा रही है। विशेष पिछडी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं के विभिन्न योजनाओं के तहत लाभान्वित किया गया है जिसमें पूरक पोषण आहार में 4377, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान में 856, अतिरिक्त पोष्टिक आहार से लाभान्वित 3168, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना 571, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 06 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है।
पहाड़ी कोरवाओं की जीविका का मुख्य आधार क़ृषि है,उन्हें उन्नत एवं आधुनिक खेती की दिशा में वे धीरे से आगे बढ़ें। इसके लिए जिला प्रशासन पहाड़ी कोरवाओं को आधुनिक क़ृषि के लिए प्रशिक्षित एवं जागरूक कर रहा है जशपुर जिले के इस जनजातीय समुदाय के लिए डबरी निर्माण, भूमि सुधार, कुंआ निर्माण, जैसे कार्य किये जा रहे है। सौर सूजला योजनातर्गत पहाड़ी कोरवाओं को 44 सोलर पम्प उपलब्ध कराये गए है। साथ ही सब्जी एवं मसाला मिनी किट,स्प्रिंकलर सेट भी प्रदान किया गया है। जिसके माध्यम से उन्होंने उन्नत कृषि से अपनी आय में बढ़ोतरी भी की है। वर्तमान में उन्हें चाय कॉफी की खेती की दिशा में भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहाड़ी कोरवा परिवार के सदस्यों को 697 व्यक्तियों को 535.708 हेक्टेयर व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, 421 को 10747.216 हेक्टेयर वन अधिकार पत्र एवं 48 को 20164.577 हेक्टेयर  सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र भी वितरित किया गया है।
पहाड़ी कोरवाओं जनजातीय परिवार के युवाओं को आर्थिक विकास के लिए स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास जिला प्रशासन के द्वारा किया गया है।

1 लाख का इनामी नक्सली ससुराल से गिरफ्तार,निशानदेही पर साथी नक्सली भी दबोचा गया…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर: बलरामपुर जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र सामरीपाठ में वर्ष 2017 में नक्सलियों द्वारा बाक्साइट खदान में लगे पोकलेन मशीन को आग के हवाले कर दिया गया था। इस मामले में सामरी थाने में नक्सलियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। घटना को अंजाम देने में झारखंड के इनामी नक्सली रामचन्द्र यादव उर्फ दशरथ यादव व उसके साथी का नाम सामने आया था। तब से रामचंद्र फरार चल रहा था। 5 साल बाद मुखबिर की सूचना पर बलरामपुर पुलिस ने नक्सली रामचंद्र यादव को उसके ससुराल जशपुर जिले से गिरफ्तार किया है। वह वहां छिपकर रह रहा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसके साथी जगदीश यादव को झारखंड के महुआडांड़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रामचंद्र यादव के कब्जे से 12 बोर का बंदूक बरामद किया है, जिसे उसने आंगन में गाड़ कर रखा था। वहीं जगदीश के कब्जे से तलवार बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों नक्सलियों को जेल भेज दिया है। गिरफ्तार नक्सली रामचंद्र यादव पर झारखंड सरकार द्वारा १ लाख रुपए का इनाम रखा गया था।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा से लगे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस द्वारा संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में छत्तीसगढ़ व झारखंड के सुरक्षा बलों को लगाया गया है। इसी का परिणाम है कि धीरे-धीरे क्षेत्र से नक्सलियों का सफाया होता जा रहा है।
इसी अभियान के तहत बलरामपुर एसपी मोहित गर्ग व एएसपी नक्सल ऑपरेशन प्रशांत कतलम को मुखबिर से सूचना मिली की वर्ष 2017 में सामरीपाठ क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बाक्साइट खदान में लगे पोकलेन मशीन को आग के हवाले करने वाला नक्सलियों का एक सदस्य रामचन्द्र उर्फ रमेश यादव जशपुर मिले में अपने ससुराल में छिपा है।
एसपी के निर्देश पर टीम गठित कर पुलिस जशपुर रवाना हुई। पुलिस ने जशपुर जिले के सन्ना से नक्सली रामचंद्र यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार नक्सली रामचंद्र यादव ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान नक्सली शंकर यादव, गुड्डू यादव व जगदीश यादव शामिल थे।
उसकी निशानदेही पर पुलिस ने अन्य नक्सलियों के घर में दबिश दी और जगदीश यादव को झारखंड के महुआडांड़ से गिरफ्तार किया। बलरामपुर पुलिस ने इन दोनों नक्सलियों को जेल भेज दिया है।

वर्ष 2013 में नक्सली दस्ते में हुआ था शामिल
गिरफ्तार नक्सली रामचंद्र यादव ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2013 में माओवादी संगठन टीपीसी में शामिल हुआ था। इसके बाद से वह झारखंड व छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कई घटना को अंजाम दे चुका है। उसके ऊपर झारखंड सरकार द्वारा 1 लाख रुपए का इनाम रखा गया था।
जेल से छूटने के बाद टीपीसी में था सक्रिय
गिरफ्तार नक्सली रामचन्द्र यादव ने वर्ष 2017 में महुआडांड़ में लेव्ही वसूली करने आगजनी व मारपीट की थी। वर्ष 2019 में इस मामले में उसे जेल भेजा गया था। वर्ष 2020 में वह जेल से जमानत पर रिहा हुआ था।
इसके बाद फिर से टीपीसी की नक्सली गतिविधियों में वह सक्रिय हो गया था। पोकलेन में आग लगाने के मामले में गिरफ्तार नक्सली रामचंद्र के खिलाफ सामरीपाठ में वर्ष 2017 में बीकेसी बाक्साइट खदान मैनेजर अजीत कुमार सिंह द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

4 नवजात शिशुओं की मृत्यु मामले में दो डॉक्टर निलंबित… अस्पताल अधीक्षक भी बदले गए…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 4 नवजात शिशुओं की एसएनसीयू में मौत मामले में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव द्वारा शिशु रोग विशेषज्ञ कमलेश विश्वकर्मा और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मंजू एक्का को निलंबित कर दिया है।इसके साथ ही अस्पताल अधीक्षक डॉ लखन सिंह को पदमुक्त कर दिया गया है। अस्पताल अधीक्षक के पद पर अस्थाई रूप से डॉक्टर आर्या की नियुक्ति कर दी गई है।
कार्रवाई में यह बताया गया है कि राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंह देव चिकित्सा महाविद्यालय संबंध चिकित्सालय अंबिकापुर में 5 दिसंबर को शिशु रोग विभाग में गंभीर अवस्था में नवजात शिशु भर्ती थे किंतु कमलेश प्रसाद विश्वकर्मा रात्रि ड्यूटी के दौरान अस्पताल में उपस्थित नहीं रहे और ना ही भर्ती शिशुओं के उपचार हेतु कोई ठोस पहल की। उनके द्वारा लापरवाही के कारण अस्पताल में भर्ती शिशुओं की मृत्यु हुई जोकि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है।
वही 29 नवंबर को अंबिकापुर में प्रतापपुर से रेफर की गई मरीज सुबुकतारा पति इजराफिल की हाई रिस्क प्रेगनेंसी संबंधी प्रकरण में चिकित्सालय से सूचना प्राप्त होने के बावजूद डॉक्टर मंजू के द्वारा अपने दायित्व एवं कर्तव्यों का तत्परता पूर्वक निर्वहन नहीं किया गया जिसके फलस्वरूप चिकित्सालय में भर्ती मरीज की मृत्यु होना एक गंभीर मामला है आदेश में यह स्पष्ट है कि डॉ मंजू के द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई। जिसके लिए डॉक्टर मंजू को भी निलंबित कर दिया गया हैं।
आशंका जताई जा रही हैं कि अभी और भी कार्रवाई संभावित है। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर से बेहतर कोआर्डिनेशन के लिए डॉक्टर रेलवानी भी असिस्टेंट एमएस व इंचार्ज ऑफ एमसीएच बनाए गए हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग में सीएमओ, अभियंता से लेकर राजस्व निरीक्षकों के बड़ी तादात में तबादले…देखे आदेश..

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : नगरीय प्रशासन विभाग ने आज 98 कर्मियों के तबादले किए है। जारी आदेश में सीएमओ, अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सब इंजीनियर, लेखापाल, राजस्व निरीक्षकों के तबादले किए गए हैं। देखें आदेश:

सरगुजा जिले के खाद्य अधिकारी को राज्य शासन ने किया निलंबित…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : राज्य शासन ने सरगुजा जिले के खाद्य अधिकारी रविन्द्र सोनी को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित कर दिया है। सरगुजा जिले में उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान भंडारण की मॉनिटरिंग नहीं किए जाने और उचित मूल्य दुकानों की नियमित मासिक निरीक्षण सहित राशन कार्ड धारियों को समय-समय पर खाद्यान्न प्राप्त नहीं होने पर खाद्य अधिकारी को निलंबित किया गया हैं। निलंबन अवधि तक खाद्य अधिकारी रविंद्र सोनी मुख्यालय खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचनालय नवा रायपुर में अटैच किये गए है ।

तवांग सेक्टर के पास भारत-चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प, भारतीय जवानों ने अपने वीरता का परिचय देते हुए 600 चीनी सैनिकों को खदेड़ा….

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : अरुणाचल प्रदेश में तवांग के पास भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। इस झड़प में दोनों देशों के सैनिक घायल हो गए हैं। ये घटना नौ दिसंबर की है। सेना के सूत्रों ने बताया कि तवांग में एलएसी के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां दोनों ही पक्ष अपना दावा करते हैं और यहां दोनों देशों के सैनिक गश्त करते हैं। अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीनी सेना में झड़प के दौरान दोनों पक्षों के कई सैनिकों के घायल होने की खबर है। घटना 9 दिसंबर की है। सेना के सूत्रों के अनुसार, इस भिड़ंत में भारतीय सेना के कम से कम 20 जवान घायल हुए हैं। वहीं चीनी सेना का भी भारी नुकसान हुआ है। अभी तक किसी मौत की सूचना नहीं है। घायलों का इलाज गुवाहाटी के सैनिक अस्पताल में हो रहा है। सैनिकों में कई के हाथ और पांव टूटने की खबर है। सेना सूत्रों के मुताबिक घटना के समय दूसरी तरफ करीब 600 चीनी सैनिक मौजूद थे।

9 दिसंबर को चीनी सैनिकों का जमावड़ा 
हालांकि सेना ने इस घटना की पुष्टि की है लेकिन किसी तरह का ब्योरा साझा नहीं कर रहे। सेना के मुताबिक इस एलओसी पर भी सीमा रेखा को लेकर विवाद है और गश्त के दौरान अक्सर तनातनी हो जाती है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एलएसी पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों का जमावड़ा 9 दिसंबर को देखा गया था। भारतीय सेना के जवानों ने उन्हें ऐसा करने से मना किया और दृढ़ता से उन्हें आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद हुई झड़प में दोनों पक्षों के सैनिकों को चोटें आईं। झड़प के तत्काल बाद दोनों पक्ष अपने इलाकों में लौट गए। 
घटना के बाद भारत के स्थानीय कमांडर ने चीनी पक्ष के कमांडर के साथ फ्लैग मीटिंग की और पहले से तय व्यवस्था के तहत शांति और स्थिरता कायम करने पर चर्चा की। सेना के सूत्रों ने बताया कि तवांग में एलएसी के कुछ इलाके ऐसे हैं जहां दोनों ही पक्ष अपना दावा करते हैं और यहां दोनों देशों के सैनिक गश्त करते हैं। यह ट्रेंड 2006 से चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, तवांग में आमने-सामने के क्षेत्र में भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों को करारा जवाब दिया। घायल चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों की तुलना में कहीं अधिक है। सामने आया है कि इस झड़प में 20 भारतीय जवान घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए गुवाहाटी लाया गया है। चीनी लगभग 300 सैनिकों के साथ पूरी तरह से तैयार होकर आए थे, लेकिन उन्हें भारतीय पक्ष से मुस्तैदी की उम्मीद नहीं थी। दरअसल, अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर में एलएसी से लगे कुछ क्षेत्रों पर भारत और चीन दोनों अपना-अपना दावा करते हैं। ऐसे में 2006 से इस तरह के मामले अक्सर सामने आते रहे हैं। 

मई-जून 2020 में हुआ था पूर्वी लद्धाख सेक्टर में विवाद
गौरतलब है कि 1 मई, 2020 को दोनों देशों के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग त्सो झील के उत्तरी किनारे पर झड़प हो गई थी। उस झड़प में दोनों तरफ के कई सैनिक घायल हो गए थे। यहीं से तनाव की स्थिति बढ़ गई थी। इसके बाद 15 जून की रात गलवान घाटी पर भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आ गए। बताया जाता है कि चीनी सैनिक घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे थे। भारतीय जवानों ने उन्हें रोका तो वह हिंसा पर उतारू हो गए। इसके बाद विवाद काफी बढ़ गया। इस झड़प में दोनों ओर से खूब पत्थर, रॉड चले थे। इसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के 38 से ज्यादा जवान मारे गए थे। इनमें कई चीनी जवान नदी में बह गए थे। हालांकि, चीन ने केवल चार जवानों के मौत की पुष्टि की। अमेरिका की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, इस झड़प में 45 से ज्यादा चीनी जवान मारे गए थे। अक्तूबर 2021 में भी हुई थी तनातनी
15 जून, 2020 को पूर्वी लद्दाख के गलवां में हुई भिड़ंत के बाद यह पहली घटना है जब दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई है। अक्तूबर, 2021 में इसी जगह पर दोनोंं सेनाएं आमने सामने आई थीं। तब भारतीय सेना ने चीन के कई सैनिकों को घंटों बंधक बना कर रखा था। बातचीत के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

इसके बाद क्या-क्या हु एक्सआ? 
15 जून 2020 को सेना के बीच हिंसक झड़प के बाद से सीमा पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच अब तक कई राउंड की बातचीत हो चुकी है। हालांकि अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। 2021 में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू हुई
तनाव कम करने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने बैठक की। इसके बाद फरवरी 2021 में डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया शुरू की गई। सैन्य और कूटनीतिक स्तर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने पैंगोंग लेक के उत्तर और दक्षिणी तटों और गोगरा क्षेत्र से सैनिकों को पूरी तरह से हटाने (डिसइंगेजमेंट) की प्रक्रिया पूरी कर ली। हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के संवेदनशील सेक्टर में दोनों देशों के 50 से 60 हजार सैनिक तैनात हैं।

सितंबर में लद्दाख के गोगरा-हॉट स्प्रिंग से हटी है चीनी सेना
भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में दो साल से अधिक समय तक तनाव रहा और चीन की सेना ने सीमा के कई ऐसे इलाकों में घुस कर कैंप बना लिए थे जो साझा गश्त के दायरे में आते थे। दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की 16 दौर की वार्ता के बाद इस वर्ष सितंबर में दोनों देशों की सेनाएं गोगरा और हॉटस्प्रिंग इलाके से पीछे हटी थी।

अरुणाचल को अपना हिस्सा बताता है चीन
चीन के साथ लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में भारत का सीमा विवाद है। अरुणाचल प्रदेश को तो चीन अपना हिस्सा बताता है। उसका कहना है कि यह तिब्बत का अंग है। 1962 में यहां हमला कर उसने अरुणाचल के एक हिस्से पर कब्जा जमा लिया था। पिछले साल उसने अरुणाचल की सीमा से लगे 15 स्थानों के नाम बदल दिए थे। 

1962 से विवाद
भारत और चीन के बीच लगभग 3,440 किलोमीटर लंबी सीमा है। 1962 की जंग के बाद से ही इसमें से ज्यादातर हिस्सों पर विवाद है। अभी तक हुई बैठकों में दोनों देशों ने स्थिति पर नियंत्रण, शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए समाधान तलाशने की बात पर सहमति जताई है। विवादित क्षेत्रों में यथास्थिति कायम रखने और सेना के डिसइंगेजमेंट को लेकर भी समझौता किया है। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में दी जानकारी

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “9 दिसंबर 2022 को चीनी सेना ने तवांग सेक्टर के यांगसे क्षेत्र में एलएसी पर अतिक्रमण कर स्टेट्स को एकतरफा बदलने का प्रयास किया। हमारी सेना ने बड़ी ही बहादुरी से इसका सामना किया। इस दौरान हाथापाई भी हुई। भारतीय सेना ने चीनी जवानों को दृढ़ता से अतिक्रमण करने से रोका। झड़प में दोनों तरफ के जवानों को थोड़ी चोटें आई है। मैं सदन को ये बताना चाहता हूं कि ना तो हमारे किसी सैनिक की मौत हुई और ना ही कोई गंभीर रुप से घायल हुआ। दोनों देशों के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “मैं इस सदन को यह बताना चाहता हूं कि हमारे किसी भी सैनिक की मृत्यु नहीं हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारतीय सैन्य कमांडरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण पीएलए सैनिक अपने स्थानों पर वापस चले गए।”
इस संबंध में उन्होंने कहा, “इस घटना के पश्चात क्षेत्र के स्थानीय कमांडर ने 11 दिसंबर 2022 को अपने चीनी समकक्ष के साथ स्थापित व्यवस्था के तहत एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की।”
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प हो गई। इस लड़ाई में दोनों पक्षों के कुछ सैनिक घायल हो गए हैं। फिर दोनों पक्ष तुरंत क्षेत्र से पीछे हट गए। बता दें, 17 हजार फीट पर 300 चीन के सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश की थी।

पेड़ से टकराकर तेज रफ्तार कार में लगी आग…2 की मौत, चार गंभीर रूप से घायल…

हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़ : बैकुंठपुर – मनेन्द्रगढ़ मार्ग में बेलबहरा मार्ग में एक तेज रफ्तार कार पेड़ से टकरा गई टक्कर इतनी तेज थी कि कार के पेड़ से टकराते ही कार में आग लग गई। कार में सवार 6 लोग कार में ही फंस गए। जिन्हे कोरिया जिले के पटना निवासी व भाजपा नेता अखिलेश गुप्ता जो कि मरवाही से‍ लौट रहे थे उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना ही जलती कार में सवार लोगों को शीशा तोड़ कर बाहर निकाला। अफसोस की बात यह रही कि लोग मदद करने की बजाए वीडियो बनाने में लग गए। मिली जानकारी के अनुसार कार सवार मनेंद्रगढ़ कोतमा मार्ग पर रात करीब 11 बजे ग्राम बेलबहरा के पास पहुंचे ही थे कि कार अनियंत्रित होकर सडक़ किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के अगले हिस्से में आग लग गई। घटना में पप्पू राजवाड़े व ख्वाजा की मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को मनेंद्रगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर किया गया है।

कोसा बाड़ी में मिली महिला की अधजली लाश..इलाके में फैली सनसनी…

हिंद स्वराष्ट्र उदयपुर : उदयपुर थाना क्षेत्र के एक महिला की अधजली लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मिली जानकारी के अनुसार महिला की लाश एक हफ्ता पुरानी बताई जा रही है महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच कर रही है।

शिक्षा मंत्री ने सेंधो कर्मा के अवसर पर ग्राम पंचायत परमेंश्वरपुर में की लाखो के विकास कार्यों की घोषणा…

हिंद स्वराष्ट्र यूसुफ मोमिन प्रतापपुर : सोमवार को ग्रामीण अंचल में होने वाले पारम्परिक पर्व सेंधो कर्मा के अवसर पर जनपद पंचायत प्रतापपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत परमेश्वरपुर के धूमाडाड़ में डाक्टर प्रेम साय सिँह शिक्षा मंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाक़ात किया इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कर्मा नृत्य, सइला नृत्य तथा वहाँ के बच्चों के द्वारा प्रस्तुत पारम्परिक नृत्य को देखकर आनंदित हुए साथ ही इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने गावं में सीसी सड़क निर्माण, विधुत व्यवस्था के तौर पर तत्काल ट्रांसफ़र्म लगाने की तथा कोडाकु समाज में वन पट्टा प्रदाय करने की घोषणा की उन्होंने लोगों को आगे आने की अपने अधिकार की माँग और बच्चों को स्कूल भेजने वहाँ के स्कूलों में अच्छी शिक्षा प्राप्त करने की बात कही। इस अवसर पर मंत्री प्रतिनिधि कुमार देव सिंह,ज़िला सदस्य शिवभजन मरावी, मुख्यकार्यपालन अधिकारी निजामुद्दीन, डॉक्टर अब्दुल मजीद, शतीश चौबे, बनवारी गुप्ता, सुखलाल, अशोक सिंह, रनसाय सोनपाकर, दीपक नाविक, शिवनंदन पैकरा तथा भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

लापता नायब तहसीलदार की कार मिली कुंए में…सभी के शव बरामद…

हिंद स्वराष्ट्र कांकेर : कांकेर के एनएच-30 से लापता हुए नायब तहसीलदार और उनके परिजनों समेत उनकी कार मिल गई है। कांकेर पुलिस ने कार को जंगलवार कॉलेज के पास एक कुएं से बरामद किया है। साथ ही कार सवार चारों के शव भी कार से बरामद की गई है। चारों की मौत कार समेत कुएं में गिर जाने से हुई है ऐसी आशंका जताई जा रही हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों में सपन सरकार, पत्नी रीता सरकार, साला विश्वजीत अधिकारी और एक अन्य रिश्तेदार हजारी लाल ढाली शामिल है। मिली जानकारी के मुताबिक, ओडिशा उमरकोट निवासी नायाब तहसीलदार सपन सरकार 66 वर्ष अपनी पत्नी रीता सरकार 50 साल के साथ 6 दिसम्बर को कांकेर के गोविंदपुर शादी समारोह में आये थे। 10 दिसम्बर को रिशेप्शन में शामिल होने के बाद अपनी कार से कोंडागांव निवासी विश्वजीत अधिकारी (रिश्ते में साला) व एक परिचित हजारी लाल ढाली 67 वर्ष के साथ कोंडागांव के लिए रवाना हुए थे। और देर रात तक भी कोंडागांव नहीं पहुंचने पर परिजनों ने मोबाइल से सपन और रीता के मोबाइल पर कॉल किया जहां सभी का मोबाइल बंद था। जिसके बाद सपन के बेटे उन्हें खोजने के लिए 10 दिसम्बर शनिवार की रात को ही निकल गए काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चलने पर कांकेर पुलिस में इसकी शिकायत की गई। शिकायत के बाद पुलिस लापता लोगों की तलाश में जुट गई। पुलिस को कॉल लोकेशन के आधार पर दुधवा चौक जंगलवार कॉलेज के पास उनका लास्ट लोकेशन मिला। सीसीटीवी और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। इस बीच पुलिस को कांकेर एनएच-30 जंगलवार कॉलेज के पास उनकी कार कुएं में मिली। कई घंटों की मशक्कत के बाद कार को क्रेन की मदद से कुएं से निकाला जा सका। कार के अंदर ही चारो मृतकों का शव भी बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि अंधेरे की वजह से कार अनबैलेंस होकर कुएं में गिर गई होगी। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है।

अम्बिकापुर शहर से उभरता नया कलाकार ऋषभ शर्मा…आपने अब तक नहीं सुना इनका गाना तो जरूर सुने….

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर शहर के भगवानपुर निवासी ऋषभ शर्मा जिनका यूट्यूब पर एक चैनल है। यूट्यूब पर उनके गाए हुए गानों को लोग बहुत पसंद करते हैं। दर्शकों का बहुत प्यार और सपोर्ट उन्हें मिल रहा हैं। ऋषभ बचपन से ही संगीत के प्रति बहुत आकर्षित रहे है जिनका सपना हमेशा से ही एक गायक बनने का रहा है। ऋषभ 10 साल की उम्र से ही गाने में रुचि रखते थे इन्होंने स्कूल और कॉलेज टाइम में भी बहुत से मुकाबले जीते है। ऋषभ को मॉडलिंग और रील्स बनाने में काफी दिलचस्पी रही है। इस नए उभरे कलाकार से लोगो को काफी उम्मीदें हैं और उम्मीद हैं की जल्द ही वे अंबिकापुर के साथ ही देश का नाम भी रोशन करेंगे।

https://youtube.com/@rishabhsharmaofficial3691

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