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स्कूल में 4 साल की छात्रा से रेप:बस कंडक्टर ने किया दुष्कर्म, प्रिंसिपल को भी बनाया गया सह आरोपी; दोनों गिरफ्तार…

हिंद स्वराष्ट्र कवर्धा : कवर्धा जिले के निजी गुरुकुल पब्लिक स्कूल में 4 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। रेप स्कूल में ही हुआ। दुष्कर्म के आरोपी कंडक्टर मुकेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रिंसिपल जगदीश सांखला को सह आरोपी बनाते हुए उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल प्रिंसिपल की भूमिका सामने नहीं आई है। घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र की है।
कवर्धा एसपी लाल उमेद सिंह ने कहा कि मेडिकल में बच्ची के साथ यौन शोषण की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने कहा कि आरोपी कंडक्टर मुकेश यादव ग्राम चचेड़ी का रहने वाला है। उसने स्कूल कैंपस में ही रेप की घटना को अंजाम दिया था। किशोर न्याय अधिनियम यानि पॉक्सो एक्ट के तहत स्कूल के प्रिंसिपल जगदीश सांखला की भी गिरफ्तारी हुई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है
घटना 7 फरवरी मंगलवार की बताई जा रही है। परिजनों ने बच्ची की हालत देखकर उससे पूछताछ की। वह आरोपी के संबंध में तो नहीं बता पाई लेकिन उसने स्कूल में ऐसा होने की बात कही। इसके बाद परिजन पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत की। पुलिस ने जांच की और कंडक्टर मुकेश यादव पर संदेह हुआ। बच्ची भी उसे देखकर बुरी तरह डरी दिखाई दी। इसके बाद मुकेश से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने दुष्कर्म करना स्वीकार कर लिया।
इधर घटना सामने आने के बाद पालकों में भारी आक्रोश है घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी जमकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई कराने की मांग को लेकर राज्यपाल अनुसुईया उइके के नाम ज्ञापन सौंपा है। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर आरोपी पर केस चलाकर उसे फांसी दिलवाने की मांग की है।

मस्जिद में नमाज पढ़ सकती हैं महिलाएं: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि महिलाएं चाहें तो मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ सकती हैं। इस्लाम में महिलाओं के मस्जिदों में नमाज पढ़ने पर कोई मनाही नहीं है, बशर्ते वे पुरुष नमाजियों के बीच या उनके साथ न बैठें। अगर किसी मस्जिद कमेटी ने इसके लिए अलग जगह निर्धारित की है तो महिलाएं वहां जा सकती हैं।
दरअसल पुणे की एक मुस्लिम महिला और एडवोकेट फरहा अनवर हुसैन शेख ने 2020 में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया था कि मस्जिदों में महिलाओं की एंट्री पर लगी रोक को अवैध घोषित किया जाए।

बोर्ड की दलील- जरूरी नहीं सामूहिक नमाज पढ़ें
बोर्ड ने जो हलफनामा दिया है उसमें कहा है कि महिला चाहे तो मस्जिद में नमाज के लिए जाएं या न जाएं, ये तय करना उनके हाथ में है। मुस्लिम महिलाओं को 5 वक्त की नमाज या जमात में जुमे की नमाज करने की बाध्यता नहीं है। महिला नमाज घर पर पढ़े या मस्जिद में, उसे एक सा सवाब (पुण्य या फल) मिलेगा। ये पुरुषों के लिए ऐसा नहीं है, उनके लिए मस्जिद में ही नमाज पढ़ने का नियम है।
हालांकि बोर्ड ने यह भी कहा कि वह विशेषज्ञों की संस्था है। जो इस्लाम के सिद्धांतों पर सलाह देती है। लेकिन वह किसी धार्मिक मान्यता पर कमेंट नहीं करना चाहता है।

याचिकाकर्ता का दावा- कुरान में जिक्र नहीं
फरहा ने अपनी याचिका में दावा किया था कि इस्लाम के पवित्र ग्रंथ कुरान में इसका जिक्र नहीं है कि महिलाएं मस्जिद में नहीं जा सकती। इस प्रतिबंध से मुस्लिम महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन के साथ-साथ सम्मान के साथ जीवन जीने के अधिकार का भी हनन होता है।
फरहा ने अपनी बात साबित करने के लिए कहा था कि मक्का और मदीना में महिला तीर्थयात्री अपने परिवार के पुरुषों (महरम) के साथ ही हज और उमरा करती हैं।

महिला-पुरुष का अलगाव धार्मिक जरूरत थी- AIMPLB
हलफनामे में मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने याचिकाकर्ता के तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड ने कहा- मक्का या मदीना में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। महिला-पुरुषों का अलगाव इस्लामिक धर्मग्रंथों में दी गई एक धार्मिक जरूरत थी। इसे खत्म नहीं किया जा सकता था।
हलफनामे में कहा गया है, मदीना- मक्का के संबंध में याचिकाकर्ता का स्टैंड पूरी तरह से गलत है और भ्रामक है। मस्जिद ए हरम को इस्लाम में अलग तरह से रखा गया है।
जहां तक बात मक्का की है, वहां पुरुष और महिला दोनों को सलाह दी जाती है कि वे तवाफ करते वक्त एक-दूसरे से दूरी बनाए रखें। जैसे ही वहां इबादत शुरू होती है, पुरुष और महिलाएं अलग-अलग होकर समूह बना लेते हैं।
भारत में मस्जिद कमेटियां महिलाओं के लिए अलग जगह बनाने के लिए आजाद है। मुस्लिम समुदाय से भी अपील है कि जब भी नई मस्जिदें बनाई जाएं।

92 देशों में दर्दनाक प्रथा से गुजरती हैं बच्चियां

महिला खतना, इस दर्दनाक प्रथा से दुनिया के 92 देशों की 20 करोड़ से भी ज्यादा महिलाओं को गुजरना पड़ा है और ये नंबर लगातार बढ़ रहा है। यूनाइटेड नेशंस इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन मानता है, इसलिए हर साल 6 फरवरी को महिला खतना के खिलाफ ‘इंटरनेशनल जीरो टॉलरेंस डे’ मनाया जाता है।

स्वास्थ्य मंत्री की हत्या का खुलासा, तीन महीने से थी प्लानिंग…

हिंद स्वराष्ट्र ओडिशा : ओडिशा के स्वास्थय मंत्री नब किशोर दास की हत्या मामले का खुलासा क्राइम ब्रांच की टीम ने किया हैं। बताया जा रहा हैं कि आरोपी ने मंत्री की हत्या की प्लानिंग तीन महीने पहले से बनाई हुई थी। इसके लिए आरोपी एएसआई ने मंत्री के घर से लेकर ऑफिस तक की रेकी की थी। क्राइम सीन रीक्रिएशन के बाद आरोपी गोपाल ने पुलिस को बताया कि उसने कोई गलत काम नहीं किया है। उसने कहा कि भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को मार दिया जाना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गोपाल ने बताया कि वह केवल 6 इंच की दूरी से मंत्री के सीने पर गोली मारकर भागना चाहता था। उसने भीड़ पर अपनी सर्विस पिस्टल तान दी और हवा में दो बार ब्लैंक फायरिंग की। कुछ पुलिस कर्मियों ने उस पर काबू पा लिया।
पुलिस पूछताछ में हत्या करने की बात कबूल करते हुए आरोपी गोपाल कृष्ण दास ने बताया कि झारसुगुडा का माहौल मंत्री खराब कर रहे थे। मंत्री की दबंगई से खुद इलाके के पुलिसवाले भी घबराते थे। ऐसे में उसे लगता था कि जब तक वो मंत्री की जान नहीं लेगा, तब तक झारसुगुडा के लोग चैन की नींद नहीं सो पाएंगे। इसलिए उसने मंत्री की हत्या कर दी।

फिलहाल पुलिस अभी इस मामले में आरोपी से और भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इस मामले में गोपाल दास के भाई को भी गिरफ्तार कर उससे भी पूछताछ कर रही है।जांच के दौरान यह भी बात सामने आई है कि उसने अपने किसी परिचित के साथ अपनी योजना साझा भी की थी।

रिपोर्ट में खुलासा, चीन के जासूसी गुब्बारों ने भारत समेत कई देशों को बनाया निशाना…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : चीन ने भारत और जापान समेत कई देशों को निशाना बनाते हुए जासूसी गुब्बारों का एक बेड़ा संचालित किया है। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ दिनों पहले अमेरिकी सेना ने देश में संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर उड़ रहे एक चीनी निगरानी विमान को मार गिराया था। अमेरिकी अधिकारियों ने शनिवार को अटलांटिक महासागर में दक्षिण कैरोलिना के तट से एक लड़ाकू जेट द्वारा मार गिराए गए चीनी निगरानी गुब्बारे की खोज के बारे में भारत सहित अपने दोस्तों और सहयोगियों को जानकारी दी है।
राज्य की उप सचिव वेंडी शर्मन ने सोमवार को यहां करीब 40 दूतावासों के अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी।

कोर्ट में घुसा तेंदुआ हमला कर कई लोगों को किया लहूलुहान…

हिंद स्वराष्ट्र गाजियाबाद : गाजियाबाद कोर्ट में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ वहां घुस आया। तेंदुए ने कोर्ट के अंदर मौजूद कई लोगों पर जानलेवा हमला कर उन्हे घायल कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और तेंदुए को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, सीजेएम कोर्ट के ऑफिस न.050-के सामने जूते पॉलिश करने वाले सलीम नाम के शख्स पर तेंदुए ने हमला कर घायल कर दिया। शाम 4:10 पर कचहरी में आईएमटी की तरफ से अचानक तेंदुआ घुस आया था। जिसके बाद पहली मंजिल पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में घुस गया। तेंदुए को देख पूरे कचहरी परिसर में भगदड़ मच गई। घटना की सूचना पुलिस आयुक्त और वन विभाग को टीम को दी गई है। खबर लिखे जाने तक तेंदुआ किसी अदालत में घुसा हुआ था। जिसे पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुकदमों की पैरवी करने आए वादी एवं प्रति वादियों को तेंदुए ने लहूलुहान कर दिया। अदालत में तीसरे तल पर कैद न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अदालत से बाहर निकाला जा रहा है। वन कर्मियों का कहना है कि अदालत खाली कराने के बाद ही प्रथम तल से सीढ़ी के रास्ते से निकालने का प्रयास किया जाएगा। क्योंकि अगर अभी सीढ़ी के दरवाजे को खोल दिया जाए तो किसी और पर भी हमला कर सकता है।
वन विभाग के पास तेंदुआ पकड़ने के लिए सिर्फ जाल है, इसके अलावा कोई अन्य सुविधा नहीं है जिससे कि तेंदुए को बेहोश किया जा सके या पकड़ा जा सके। भीड़ को देखकर बंद चैनल के अंदर से दो बार तेंदुए ने झपट्टा मारा और वन विभाग की टीम मूक दर्शक बनी देखती रही।

CG BREAKING : आईपीएस अधिकारियों के तबादले…देखे आदेश..

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन गृह (पुलिस) विभाग मंत्रालय द्वारा 4 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।

सुरक्षा कर्मी हेतु 20 फरवरी को प्लेसमेन्ट कैम्प का आयोजन…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र सूरजपुर के द्वारा 20 फरवरी 2023 को समय 10 बजे से 2 बजे तक कार्यालय परिसर में प्लेसमेन्ट कैम्प का आयोजन किया गया है। जिसमें निजी क्षेत्र बॉम्बे इंटेजीजेन्स सेक्यूरिटी इंडिया लिमिटेड रायपुर, छ.ग. के द्वारा सुरक्षा कर्मी के 90 पदों पर भर्ती किया जायेगा। जिसकी शैक्षणिक योग्यता 10 वीं उत्तीर्ण, कार्यस्थल रायपुर सिटी, उरला, सिलतारा जिसका संभावित वेतन 12500 से 15000 रुपये प्रतिमाह है।
ऐसे इच्छुक आवेदक जो उपरोक्त योग्यता रखते हैं वे अपने साथ शैक्षणिक योग्यता की अंक सूची, निवास, जाति, रोजगार कार्यालय का पंजीयन कार्ड, चरित्र प्रमाण पत्र, की मूल प्रति एवं दो पासपोर्ट साईज तथा वर्दी हेतु 5450 रुपये देय होगा। जिसमें उक्त दिनांक को शिविर में उपस्थित होकर अवसर का लाभ उठा सकते है।

11 समितियों के पंजीयन होंगे निरस्त…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं अम्बिकापुर ने बताया है कि सरगुजा जिले में संचालित 11 समितियों के पंजीयन के निरस्त करने की कार्यवाही की जा रही है। पंजीयन निरस्त करने हेतु वरिष्ठ सहकारिता निरीक्षक सैनाथ केरकेटा को परिसमापक नियुक्त किया गया है। परिसमापक द्वारा समिति के सदस्यों एवं लेनदारों-देनदारों के संबंध में यदि कुछ भी लेना देना शेष है तो दो माह के भीतर समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने कहा गया है।
पंजीयन निरस्त होने वाले सहकारी समितियों में मानिकपुरी महंत बुनकर सहकारी समिति, दुग्ध सहकारी समिति हरदीसांड, दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति बैगहवा, भूसू एवं राधापुर, खनिज सहकारी समिति सूर, साक्षरता खनिज सहकारी समिति प्रतापगढ़, आदिवासी गिट्टी क्रेशर सहकारी समिति वंदना कोट, ईंट केवलू सहकारी समिति हर्राटिकरा, आदिवादी मदिरालय सहकारी समिति सीतापुर, करम्प्पा विविध उदेशीय सहकारी समिति कुदारीडीह शामिल है।

ओल्ड पेंशन स्कीम पर भूपेश सरकार की मंशा अस्पष्ट – अभिषेक शर्मा

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छ.ग. की कांग्रेस सरकार द्वारा जारी ओल्ड पेंशन स्कीम की अधिसूचना छ.ग. में कर्मचारियों के लिये अस्पष्ट नियम एंव दिशा निर्देष का पुलिंदा हो गया। शासन द्वारा ओपीएस के संबंध में लिया गया यह फैसला राजनीति से प्रेरित छलावा है, उलझे हुए भ्रामक आदेश को कर्मचारी समझ भी नहीं पा रहे है कि उन्हें क्या करना चाहिए। उपरोक्त कथन करते हुए जिला सह कोषाध्यक्ष भाजपा सरगुजा के सह कोषाध्यक्ष एवं टैक्स अधिवक्ता अभिषेक शर्मा ने कहा कि 2004 से निरतंर लागू एन पी एस को किनारे करते हुए ओल्ड पेंशन स्कीम पर कर्मचारियों से मांगा जा रहा शपथ पत्र कर्मचारियों की मानसिकता पर भी प्रशन खडा कर रहा है , कि क्या सही है एंव क्या गलत।
इस विषय पर छ.ग. के मुख्यमंत्री से अभिषेक शर्मा ने प्रश्नों के जवाब मांगे हैं, उन्होंने कहा है कि
1.) पुरानी पेंशन स्कीम कर्मचारी की प्रथम नियुक्ति की तिथी से लागू है या नहीं?
2.) शासन द्वारा कर्मचारियों से लिये जाने वाले शपथ पत्र (प्रपत्र-2) की कंडिका (1) में उल्लेखित “अतिरिक्त वित्तीय दावा” का स्पष्टीकरण क्या है?
3.) शपथ पत्र (प्रपत्र-2) की कंडिका 5 में उल्लेखित दिशा निर्देष अलग से कब जारी होगा?
4.) राज्य सरकार किन-किन परिस्थतियों में OPS की देयता हेतु कर्मचारियों के लिये प्रतिबद्व है?
5.) PFRDA ACT (पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण) में कौन सा ऐसा प्रावधान है, जिसके तहत NPS में जमा पैसे राज्यों को लौटाया जाएगा जबकि पूर्व की मनमोहन सिंह सरकार द्वारा एनपीएस को ही सर्वोपरि मानते हुए नियम एंव शर्ते कर्मचारीयों पर अधिरोपित किये गए थे?
6.) शपथ पत्र (प्रपत्र-2) के कंडिका क्रमांक 6 में उल्लेखित विकल्प अंतिम एंव अपरिर्वतनीय का स्पष्टीकरण सरकार के परिर्वतनशील होने के विकल्प पर अस्पष्ट है?
7.)OPS हेतु राज्य सरकार बजट की व्यवस्था किन आवश्यक मदो से कटौती कर उपलब्ध करेगी, एवं 2022 के बजट में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बताई गई है,जबकि बहुत सारे कर्मचारी आने वाले समय में पेंशन योग्य है?
8.) कर्मचारी के NPS की राषि PFRDA से वापसी योग्य न होने की दशा में क्या OPS हेतु प्रस्तुत किया गया शपथ पत्र सरकार पर बंधनकारी होगा या नहीं। या ऐसी परिस्थति में 2004 के पश्चात या पुर्व कि नियुक्ति पर ओपीएस स्वंयमय अपास्त मान लिया जाएगा या नहीं?
9.) छ.ग.शासन द्वारा OPS लागू करने के भारतीय रिर्जव बैंक द्वारा प्रदत अनुमति का उल्लेख नियम एंव शर्तो में क्यों नहीं किया गया एंव यह भी अस्पष्ट है कि ओपीएस के संबंध में केन्द्र सरकार या भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा छ.ग. सरकार को क्या दिषा निर्देश दिया गया है?(जबकि भारतीय रिर्जव बैंक द्वारा राज्यों केा OPS लागू करने पर गैर वित्तीय देनदारिया बढने हेतु आगाह किया है।)
10.) आयकर अधिनियम की धारा 80CCD में ली गई छूट जो NPS के तहत स्वीकार्य है, 1/11/2004 से OPS का लाभ लेने पर क्या ली गई छूट शासन को कर के रूप में वापसी योग्य होगी जबकि OPS भूतलक्षी प्रभाव पर प्रभावषील है, एंव राज्य शासन द्वारा कर्मचारी की पूर्व में प्राप्त छूट पर करारोपण का स्पष्टीकरण क्यों नहीं किया गया?
11.) छ.ग. सरकार द्वारा कर्मचारियों से OPS के सबंध शपथ पत्र अनिवार्य रूप से चाहा गया परंतु शपथ पत्र की किसी भी कंडिका में सरकार पर बंधनकारी शब्द का प्रयोग क्यों नहीं किया गया।
12.) छ.ग. सरकार स्पष्ट करे कि शपथ पत्र देने के उपरांत किन-किन नियमों व शर्तो के विरूद्व एक कर्मचारी न्यायालय की शरण ले सकता है,जबकि इसके द्वारा राज्य शासन के पक्ष में अनिवार्यता शपथ पत्र दिया गया हो?
13.) छ.ग. शासन द्वारा अधिसूचना में निहित शब्दावली 1/11/2004 से 31/03/2022 तक नियुक्त का उपयोग किन शतों पर किया जबकि हजारों कर्मचारी 2004 से पूर्व नियुक्त है?
14.) जो कर्मचारी NPS को मान्य करता है, एंव दूसरी ओर एक कर्मचारी OPS को स्वीकार करता है,इनकी सेवानिवृत्ति पर NPS (बाजार निवेष पर आधारित) से प्राप्त राषि,एंव दूसरी ओर सेवानिवृत्ति पर CGPF पर प्राप्त राषि पर तुलनात्मक गणना सरकार स्पष्ट क्यों नहीं करती, एंव सेवानिवृत्ति पर दी जाने वाले राषि पर WHICHEVER IS HIGHER (जो भी ज्यादा हो) शब्द का प्रयोग कर्मचारी के पक्ष में क्यों नहीं करती?
कर्मचारीयों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए उन्होंने इस आदेश को असंतुष्टिकारक तथा भ्रामक बताया है।

नोएडा पुलिस ने छत्तीसगढ़ पुलिस के खिलाफ दर्ज किया अपहरण का केस…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस ने शनिवार रात स्थानीय पुलिस को बिना सूचना दिए ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित एलिस्टोनिया अपार्टमेंट सोसायटी से ऑनलाइन सट्टा लगवाने के आरोप में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिस पर छत्तीसगढ़ पुलिस पर यूपी के नोएडा में अपहरण का केस दर्ज कर लिया गया है। दरअसल छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने सूरजपुर कोतवाली पुलिस (नोएडा) को सूचना दिए बिना ही शनिवार को कार्रवाई की थी। सोमवार को पुलिस ने सोसाइटी के मेंटेनेंस मैनेजर की शिकायत पर केस दर्ज किया है। दुर्ग पुलिस ने 9 सटोरियों को वहां से गिरफ्तार किया था। ये सभी लोग उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में लायन बुक-15 नाम से 5 पैनल संचालित कर रहे थे। पुलिस की छापेमारी से पहले ही इनका मास्टर माइंड सोनू फरार हो गया था।
दुर्ग एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने बताया कि, पुलिस को जानकारी मिली थी कि भिलाई के 9-10 लड़के उत्तर प्रदेश के नोएडा और दिल्ली में ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। उन्होंने तुरंत एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाने की टीम को ग्रेटर नोएडा के लिए रवाना किया। वहां जाने पर पता चला कि एक फ्लैट में दुर्ग-भिलाई के कुछ युवक रह रहे हैं। उनके द्वारा कुछ संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस टीम ने ग्रेटर नोएडा में दबिश देकर वहां 9 लड़के ऑनलाइन सट्टा लायन बुक-15 का संचालन करते हुए पकड़े गए। जिन्हे दुर्ग पुलिस द्वारा बिना नोएडा पुलिस को सूचना दिए दुर्ग ले आई जिसके बाद नोएडा पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर लिया।

सीआरपीएफ जवान ने सर्विस राइफल से गोली मारकर की आत्महत्या…

हिंद स्वराष्ट्र बीजापुर : सीआरपीएफ 85 बटालियन के मुख्यालय में पदस्थ जवान ने सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है. जवान के आत्महत्या का कारण अज्ञात है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह 9 से 10 बजे के मध्य 85 बटालियन मुख्यालय में पदस्थ जवान विनय उर्फ बीनू निवासी केरल ने सर्विस रायफल से खुद पर गोली चला कर आत्महत्या कर ली है. जवान तीन दिनों पूर्व ही अवकाश से वापस बटालियन लौटा था. जवान बस चालक बताया गया है. सुबह नाश्ते के बाद जवानों की एक टुकड़ी बस में सवार होने वाली थी कि इससे पहले जवान ने खुद को गोली मार ली. शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया गया हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया संभाग के पहले हमर लैब का उद्घाटन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को मेडीकल कॉलेज अस्पताल में सरगुज़ा संभाग के पहला अत्याधुनिक लैबोरेटरी हमर लैब का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री आयुष्मान अधोसंरचना मिशन के तहत इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लेबोरेटरी हमर लैब की स्थापना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं सीडीसी अटलांटा के संयुक्त तत्वावधान में राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव मेडिकल कॉलेज सम्बद्ध जिला अस्पताल परिसर में करीब 1ः25 करोड़ की लागत से किया गया है। अत्यधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हमर लैब से वर्तमान में 110 प्रकार की जांच सुविधा मिल रही है जो भविष्य में बढ़कर 176 तक हो जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने हमर लैब के विभिन्न कक्षां का अधिकारियों के साथ अवलोकन किया और जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया से अवगत हुए। हमर लैब की अधिकांश प्रक्रिया कम्प्यूटराइज है। विंडो से ऑनलाइन टोकन जारी होने के पश्चात डिस्प्ले बोर्ड पर टोकन नम्बर डिस्प्ले होता है जिसके अनुसार सैम्पल देने मरीज कक्ष में पहुंचता है। सैम्पल के बाद रिपोर्ट तैयार होने पर वहीं दे दिया जाता है। रिपोर्ट संबंधी सूचना मरीज के मोबाइल पर भी भेजी जाती है।
कार्यक्रम को सकबोधित करते हुए स्वस्थ्य मंत्री सिंहदेव ने कहा कि बीमारी के ईलाज की पहली कड़ी जांच होती है जांच से ही उपचार की शुरुआत होती है। सभी प्रकार की जांच की सुविधा और उसका रिपोर्ट एक छत के नीचे प्राप्त हो इसके लिए हमर लैब की शुरुआत की जा रही है। इस सेंट्रलाइज लैब के शुरू होने से मरीजां को जांच व रिपोर्ट के लिए भटकना नही पड़ेगा। एक बार सेंपल देने के बाद कई प्रकार की जांच की रिपोर्ट कुछ देर में ही रिपोर्ट मिल जाएगी। मानक स्तर पर करीब 134 प्रकार की जांच की सुविधा प्रत्येक जिला स्तर के हमर लैब में होगी।। इस प्रकार की सुविधा मिलना संभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है। पूरे प्रदेश में यह व्यस्था लागू होगी।  उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में हमर लैब की स्थापना प्रदेश में अम्बिकापुर में सबसे पहले हुआ है। हमर लैब की सुविधा आने वाले समय में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी होगी।
गांव तक पहुंचेगी सैंपल कलेक्शन व रिपोर्ट – स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भविष्य में निजी क्षेत्र की तर्ज पर सैम्पल कलेक्शन व जांच रिपोर्ट की हार्ड कॉपी गांव तक पहुंचने की व्यवस्था रहेगी। जरूरत के अनुसार मरीज की रजिस्ट्रेशन के आधार पर घर पहुंचकर सैम्पल ली जाएगी व रिपोर्ट भी घर पहुंचाकर दी जाएगी।
सैम्पल देकर ली जांच रिपोर्ट – स्वास्थ्य मंत्री ने हमर लैब में टोकन लेकर अपना ब्लड सैम्पल देकर जांच कराई व करीब 15 मिनट में उन्हें जांच रिपोर्ट की कॉपी भी मिल गई। उन्होंने मरीजों से बात कर हमर लैब की प्रक्रिया को बताया।
लाभार्थियों को किया गया सम्मानित- इस अवसर पर गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे जो शासन की योजना के तहत उच्च अस्पतालों में ईलाज सुविधा लेकर स्वस्थ्य हुए उन्हें चाकलेट एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह, महापौर डॉ अजय तिर्की, जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, पार्षद द्वितेंद्र मिश्रा, संध्या रवानी, शैलेन्द्र प्रताप सिंहदेव, एसडीएम शिवानी जायसवाल, तहसीलदार भूषण मंडावी, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आर मूर्ति, एमएस डॉ आर्या, सीएमएचओ डॉ पीएस सिसोदिया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, सीडीसी, मेडिकल कॉलेज एवं जिला चिकित्सालय के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के सरगुजा इकाई का हुआ गठन…

हिंद स्वराष्ट्र मैनपाट : गत दिवस दिनांक 05,02,2023 को अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा जिला सरगुजा इकाई की बैठक ग्राम नागाडाढ विकासखंड मैनपाट में आयोजित की गई मुख्य अतिथि उपरांत अध्यक्ष द्वारा देवधारी राम यादव वह राजकुमार यादव थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संभागीय अध्यक्षपरमानंद यादव द्वारा की गई। कार्यक्रम शुभारंभ यदुकुल शिरोमणि श्री कृष्ण भगवान की पूजा अर्चना से की गई कार्यक्रम के प्रारंभ में उपाध्यक्ष देव हरिराम यादव द्वारा अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के शताब्दी वर्ष प्रांत स्तर पर बिलासपुर में 5 मार्च 2023 को मनाए जाने के संबंध में व्यापक चर्चा की गई तथा अधिक से अधिक यादव बंधुओं के उपस्थित का आह्वान किया गया है। राजकुमार यादव द्वारा संगठनात्मक गतिविधियों के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई सभा को संभागीय उपाध्यक्ष रामनारायण यादव (पटेल) भीमसेन यादव डी पी यादव कृष्णा यादव भरत यादव विजय यादव आदि ने भी संबोधित किया।
विकासखंड स्तरीय मैनपाट की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया अध्यक्ष ओमकार नाथ यादव महामंत्री भोला यादव, सुग्रीव यादव सचिव, गणेश यादव कोषाध्यक्ष, बालकिशुन यादव कार्यकारिणी सदस्य, परमेश्वर यादव, भुनेश्वर यादव, नारायण यादव, विष्णु यादव, मुनेश्वर यादव, पप्पू यादव, राहुल यादव तथा मीडिया प्रभारी बालेश्वर यादव को चयनित किया गया।
अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा युवा विंग सरगुजा जिला के अध्यक्ष पद हेतु जग्गू यादव का नाम सर्वसम्मति से चयनित किया गया है।
संभाग अध्यक्ष द्वारा संभाग स्तर पर तथा विकासखंड स्तर पर यादव समुदायक भवन के निर्माण हेतु आवश्यक करवाई किए जाने का विचार व्यक्त किया गया जिस पर सर्वसम्मति से सहमति व्यक्त की गई।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्रवण यादव जिला अध्यक्ष उपाध्यक्ष पारसनाथ यादव सरगुजा संभागीय महामंत्री धनीराम यादव सत्यनारायण यादव राम लखन यादव सरजू यादव देवधारी यादव आदि शामिल रहे कार्यक्रम का संचालन रामखेलावन यादव द्वारा किया गया इस अवसर पर मोहन यादव रामविलास यादव तथा बड़ी संख्या में यादव बंधु उपस्थित रहे।

विक्टोरिया गौरी ने ली जज की शपथ, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना भाजपा से कनेक्शन वाला तर्क…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : जजों की नियुक्ति पर सरकार और सुप्रीम कोर्ट में तनातनी के बीच गरमाया विक्टोरिया गौरी का मामला सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो गया है। एडवोकेट एलसी विक्टोरिया गौरी को मद्रास हाई कोर्ट का जज नियुक्त करने पर कुछ वकील SC पहुंच गए थे। उन्हें शपथ लेने से रोकने की मांग की गई। हालांकि आज सुबह विक्टोरिया ने हाई कोर्ट के जज के रूप में शपथ ले ली। मद्रास हाई कोर्ट का सर्कुलर पहले ही जारी हो चुका था। विक्टोरिया को जज बनाने से रोकने के मामले में भाजपा कनेक्शन भी सामने आया था। जी हां, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका में भाजपा से उनके जुड़ाव और मुस्लिम-ईसाई समुदाय के खिलाफ दिए गए बयानों का जिक्र किया गया था। मद्रास हाई कोर्ट के तीन वकीलों ने याचिका दाखिल की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को नहीं माना।
भाजपा से क्या कनेक्शन
याचिकाकर्ताओं ने एक अपुष्ट अकाउंट से 2019 में किए गए ट्वीट का जिक्र किया था। इसके मुताबिक विक्टोरिया भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव रही हैं। यही नहीं, विरोध का आधार विक्टोरिया के दो कथित इंटरव्यू भी थे जिनमें उन्होंने मुसलमानों और ईसाई समुदाय के खिलाफ टिप्पणियां की थी। इससे पहले केंद्र सरकार ने गौरी समेत 13 नाम हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए क्लियर किए थे।
कौन हैं विक्टोरिया गौरी
अब तक एडवोकेट गौरी मदुरै बेंच में अडिशनल सॉलिसिटर जनरल के तौर पर केंद्र सरकार का पक्ष रखती आ रही थीं। मद्रास हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कुछ वकीलों ने चीफ जस्टिस को लिखकर उनका विरोध किया था। वकीलों ने आरोप लगाया कि मुस्लिम और क्रिश्चियन कम्युनिटी के खिलाफ एडवोकेट ने कई आपत्तिजनक बयान दिए हैं।
पहली बार नहीं ऐसा
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद किसी जज की नियुक्ति को चुनौती दी गई। 30 साल पहले ऐसा मामला आया था जिसमें हाई कोर्ट जज की नियुक्ति के आदेश के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था। तब ऐडवोकेट केएन श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगा था और जज के तौर पर नियुक्ति का विरोध हुआ था। ऐडवोकेट एलसी विक्टोरिया गौरी की नियुक्ति को चुनौती देते हुए अर्जी में ऐडवोकेट ने 1992 वाले केस का हवाला दिया है।
1992 में कुमार पद्म प्रसाद बनाम केंद्र मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति के आदेश के बाद नियुक्ति रद्द कर दी थी। केएन श्रीवास्तव को गुवाहाटी हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति का आदेश हुआ था। उन पर करप्शन का आरोप लगा। कहा गया कि ऐडवोकेट के तौर पर उन्होंने प्रैक्टिस नहीं की और न ही वह जुडिशियल अफसर रहे हैं। आरोप था कि वह हाई कोर्ट जज के लिए अनुच्छेद-217 के तहत पात्रता नहीं रखते हैं।

भारत की इस रेलवे लाइन पर आज भी अंग्रेजों को हर साल देना पड़ता है करोड़ों का लगान…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : भारत को आजाद हुए 75 साल हो गए हैं। इस साल देश में आजादी का अमृत काल भी मनाया जा रहा है। लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि देश में एक रेलवे ट्रैक ऐसा है, जिसपर आजादी के इतने साल बाद भी अंग्रेजों का कब्जा है, तो शायद आपको इस पर यकीन नहीं होगा। लेकिन ये सच है। ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी इस रेलवे ट्रैक को संचालित करती है। भारतीय रेलवे ने कई बार इसे खरीदने का प्रस्ताव जरूर रखा है, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकल पाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय रेलवे हर साल 1 करोड़ 20 लाख की रॉयल्टी ब्रिटेन की एक प्राइवेट कंपनी को देती है।

ट्रैक पर चलती थी केवल एक ट्रेन

हम बात कर हैं ‘शंकुतला रेलवे ट्रैक’ की। इस ट्रैक पर केवल इकलौती ‘शंकुतला पैसेंजर’ ट्रेन चलती थी। इसी के नाम पर इस ट्रैक का नाम भी पड़ गया। ये रेलवे ट्रैक नैरो गेज (छोटी लाइन) का है। हालांकि इस ट्रैक पर चलने वाली शंकुलता पैसेंजर फिलहाल बंद है। लेकिन इस इलाके में रहने वाले लोग फिर से इसे शुरू करने की मांग कर रहे हैं। ये ट्रैक महाराष्ट्र के अमरावती से मुर्तजापुर तक 190 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इस ट्रैक पर शकुंतला एक्सप्रेस अपना सफर 6-7 घंटे में पूरा करती थी।
रेलवे ट्रैक पर छोटे-छोटे कई स्टेशन हैं। सफर के दौरान ट्रेन अचलपुर, यवतमाल समेत 17 अलग-अलग स्टेशनों पर रुकती है। इस ट्रेन में केवल 5 डिब्बे थे, जिसे 70 सालों तक स्टीम के इंजन से खींचा जाता था, हालांकि 1994 के बाद से इस ट्रेन में डीजल इंजन लगा दिया गया। अगर आप इस रेलवे ट्रैक पर जाएंगे तो आपको ब्रिटिश जमाने की सिग्नल और अन्य रेलवे उपकरण देखने को मिलेंगे। डीजल इंजन लगने के बाद इसमें बोगी भी बढ़कर 7 हो गईं। ट्रेन बंद होने तक इसमें रोजाना 1 हजार से ज्यादा लोग रोजाना सफर करते थे।

1903 में शुरू हुआ रेलवे लाइन बिछाने का काम
अंग्रेजों के जमाने से ही महाराष्ट्र के अमरावती में कपास की खेती होती थी। अमरावती से कपास को मुंबई पोर्ट तक पहुंचाने के लिए अंग्रेजों ने इस रेलवे ट्रैक को बनवाया था। ब्रिटेन की क्लिक निक्सन एंड कंपनी ने इस रेलवे ट्रैक को बनाने के लिए सेंट्रल प्रोविंस रेलवे कंपनी (CPRC) की स्थापना की। कंपनी ने 1903 में कपास को यवतमाल से मुंबई तक ले जाने के लिए ये ट्रैक बनाना शुरू किया। 1916 में रेल लाइन बिछाने का काम भी पूरा हो गया। 1947 में जब देश आजाद हो गया तो भारतीय रेलवे ने इस कंपनी के साथ एक समझौता किया, जिसके अंतर्गत हर साल रेलवे कंपनी को रॉयल्टी देती है।

क्यों बंद हुई शंकुलता एक्सप्रेस ट्रेन
शंकुलता एक्सप्रेस ट्रेन को आखिरी बार 2020 में चलाया गया था, इसके बाद से ये बंद है। दरअसल, भारत सरकार हर साल इस ब्रिटिश कंपनी को रॉयल्टी जरूर देती है लेकिन कंपनी की तरफ से पिछले 60 सालों से यहां कोई मरम्मत का काम नहीं हुआ। ये रेलवे ट्रैक जर्जर हालत में है। ऐसे में ट्रेन की स्पीड भी 20 किलोमीटर से ज्यादा नहीं की जाती थी। इन्हीं सब बातों को देखते हुए इस ट्रेन को फिलहाल बंद कर दिया गया है। अमरावती के पूर्व सांसद आनंद राव ने इसे नैरो गेज को ब्रॉड गेज में कन्वर्ट करने का प्रस्ताव भेजा था।

छत्तीसगढ़ में बनेगी ग्रामीण उद्योग नीति : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की घोषणा, गांवों में रोजगार पैदा करने पर रहेगा जोर…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए नई उद्योग नीति की तर्ज पर जल्द ही ग्रामीण उद्योग नीति बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री सोमवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालक ग्रामीणों, गोठानों से जुड़ी महिला समूहों और गोठान समितियों को लाभांश राशि के ऑनलाइन वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रय में उन्होंने 8 करोड़ 23 लाख रुपए की राशि जारी की है।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित सादे समारोह में भूपेश बघेल ने कहा, गोठान से जुड़े रूरल इंडस्ट्रियल पार्क अधिकतर जगहों पर काम करने लगे हैं। अब यह पूर्णरूप से कार्य करें उसके पहले हमें ग्रामीण उद्योग नीति बनाने की दिशा में कार्य करना होगा इसके लिए संबंधित विभाग जल्द प्रक्रिया पूर्ण करें। जिससे कि जब पूर्ण रूप से रूरल इंडस्ट्रियल पार्क कार्य करना प्रारंभ करेंगे तो इनसे जुड़े हितग्राहियों को बैंक से ऋण लेना तथा अन्य व्यवसाय शुरू करने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गर्व की बात है कि राज्य में अब तक 4 हजार 927 गोठान पूरी तरह स्वावलंबी हो चुके हैं।
अभी तक जो गोठान समूह दीया, वर्मी कम्पोस्ट इत्यादि बना रहे थे अब वे बिजली उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों बिजली उत्पादन के लिए जो एमओयू किए गए थे, उनमें बेमेतरा और बस्तर की यूनिट जमीनी स्तर पर मूर्त रूप ले चुकी है। अब इसे बनी बिजली को पावर ग्रिड से जोड़ने और इससे बनी बिजली की कीमत तय करने का काम भी जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा। इस माैके पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, सचिव डाॅ. अयाज तंबोली, राज्य ग्रामीण आजीवीका मिशन के संचालक अवनीश शरण और कृषि विभाग की संचालक रानू साहू आदि मौजूद रहे।

महिला समूहों को अब तक मिल चुके 403 करोड़

मुख्यमंत्री ने पशुपालकों सहित गोठान से जुड़े महिला समूहों को बधाई दी। उन्होंने कहा, यह बहुत अच्छी बात है कि वे लगातार रिकाॅर्ड बना रहे हैं। 8 करोड़ 23 लाख रुपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 403 करोड़ 58 लाख रुपए हो जाएगा। इसी प्रकार गोबर विक्रेताओं को 4 करोड़ 76 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 206 करोड़ 49 लाख रुपए हो जाएगा।

13 गोठानों में बनने लगा गोबर से पेंट

मुख्यमंत्री ने इस दौरान गोबर से पेंट बनाने वाले संयंत्रों के कामकाज की भी समीक्षा की। बताया गया कि 21 जिलों में 23 पेंट यूनिट पर काम चल रहा है। 13 ईकाई पूर्ण हो गई हैं। 17 हजार लीटर से अधिक पेंट का उत्पादन हो गया है और 22 लाख रुपए से अधिक की बिक्री भी हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा, आने वाले समय में जल्द ही स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में बड़ी मात्रा में पेंट की आवश्यकता होगी। ऐसे में हमें मांग और पूर्ति में संतुलन बनाकर प्राकृतिक पेंट का उत्पादन करना होगा ताकि सही समय में आवश्यकतानुसार पेंट की पूर्ति की जा सके।

तुर्की, सीरिया में आए 3 विनाशकारी भूकंप में 4,000 से ज्यादा की मौत, भारत ने मदद के लिए भेजी बचाव टीम…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : सोमवार को तुर्की और सीरिया में विनाशकारी भूकंप आया. जिसमें 4,000 से अधिक लोगों की मौत हो गई. भूकंप के तेज झटकों ने हजारों इमारतों को तबाह कर दिया. तबाही का मंजर इतना भयावह था कि बचावकर्ताओं ने जीवित बचे लोगों के रेस्क्यू के लिए नंगे हाथों से ही खुदाई करनी पड़ी. दर्जनों देशों ने 7.8-तीव्रता के भूकंप के बाद तुर्की की सहायता का वादा किया. ये भूकंप तब आया जब लोग अभी भी सो रहे थे और ठंड के मौसम ने राहत कार्यों और इमरजेंसी सेवाओं को और मुश्किल बना दिया.
तुर्की में लोगों के से भरे कई बहुमंजिला अपार्टमेंट मलबे के ढेर में तब्दील हो गए. साथ ही सीरिया में भी कई इमारतें ढह गई. अलेप्पो में पुरातात्विक स्थलों को भी नुकसान पहुंचा. दक्षिण-पूर्वी तुर्की शहर कहामनमारस में एक 23 वर्षीय रिपोर्टर मेलिसा सलमान ने कहा, “यह पहली बार था जब हमने ऐसा अनुभव किया,” सीरिया के राष्ट्रीय भूकंप केंद्र के प्रमुख रायद अहमद ने इसे “देश के इतिहास में दर्ज सबसे बड़ा भूकंप” करार दिया.
शुरुआती भूकंप के बाद दर्जनों आफ्टरशॉक्स आए, जिनमें 7.5 तीव्रता का भूकंप भी शामिल है, जिसने सोमवार को खोज और बचाव कार्य में और खलल डाल दिया. दक्षिणपूर्वी तुर्की के शहर सान्लिउफ़ा में, बचावकर्ता रात में काम कर रहे थे और सात मंजिला इमारत के मलबे से जीवित बचे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे थे. तापमान शून्य से नीचे गिरने के बावजूद, शहर में सहमे हुए लोग आग के चारों ओर घूमते हुए सड़कों पर रात बिताने की तैयारी कर रहे थे.
55 वर्षीय शख्स ने एएफपी को बताया, “हम यहां इंतजार कर रहे हैं क्योंकि हम घर नहीं जा सकते.” “हर कोई डर रहा है.” सरकार और बचावकर्ताओं ने कहा कि सीरिया में सोमवार को कम से कम 1,444 लोग मारे गए. जानकारी के मुताबिक दोनों देशों में कुल मौतों का आंकडा कम से कम 3,823 तक पहुंच चुका है. अंकारा ने सोमवार देर रात घोषणा की कि लगभग 14,500 लोग घायल हो गए और 4,900 इमारतें ढह गईं.इस बीच तुर्की ने सात दिन के शोक की घोषणा की. सर्दियों के बर्फ़ीले तूफ़ान से बचाव में बाधा आ रही थी जिसने प्रमुख सड़कों को बर्फ से ढक दिया. अधिकारियों ने कहा कि भूकंप ने क्षेत्र में तीन प्रमुख हवाईअड्डों को निष्क्रिय कर दिया, जिससे महत्वपूर्ण सहायता की डिलीवरी और जटिल हो गई. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि सोमवार का पहला भूकंप तुर्की के शहर गजियांटेप के पास लगभग 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर सुबह 4:17 बजे आया, जो लगभग 20 लाख लोगों का घर है.
डेनमार्क के भूवैज्ञानिक संस्थान ने कहा कि तुर्की में आए मुख्य भूकंप के करीब आठ मिनट बाद भूकंप के झटके ग्रीनलैंड के पूर्वी तट पर महसूस किए गए. आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि तुर्की में 12,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि सीरिया ने कहा कि कम से कम 3,411 लोग घायल हुए हैं. इस मुश्किल घड़ी में तुर्की की मदद के लिए भारत की तरफ से भी एनडीआरएफ टीम भेजी गई. मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए राहत बचाव कार्य चल रहा है.
भूकंप के तेज झटकों के कारण सैकड़ों इमारतें जमींदोज हो गईं. तुर्की में तीन बर भूकंप के झटके महसूस किए गए. 7.8, 7.6 और 6.0 तीव्रता के लगातार तीन विनाशकारी भूंकप आए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की और सीरिया में आए भूकंप में लोगों की मौत पर शोक व्यक्त किया. साथ ही भारत ने इस त्रासदी से निपटने में मदद के लिए हाथ भी बढ़ाया है. पीएम मोदी ने कहा कि, भारत भूकंप पीड़ितों की हर संभव मदद के लिए तत्पर है.

स्कार्पियो ने सो रहे मजदूरों को कुचला: एक की मौत, दूसरे की हालत गंभीर..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अंबिकापुर में शनिवार देर रात तेज रफ्तार स्कार्पियो ने दो मजदूरों को कुचल दिया। हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। दोनों मजदूर सड़क किनारे झोपड़ी में सो रहे थे। सूचना मिलने पर एंबुलेंस से घायल मजदूर को अस्पताल ले जाया गया है। वहां आईसीयू में भर्ती है। हादसे के दौरान झोपड़ी में सो रहे अन्य मजदूर बाल-बाल बच गए। हादसा कोतवाली क्षेत्र में अंबिकापुर- रायगढ़ एनएच- 43 पर हुआ है।

रायगढ़ की ओर जा रही थी स्कार्पियो
जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर-गुमला एनएच-43 पर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। ठेका निर्माण कंपनी लुचकी घाट से चेंद्रा के बीच लालमाटी में पुलिया निर्माण करा रही है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के रहने के लिए वहीं पास में झोपड़ी की व्यवस्था है। बताया जा रहा है कि शनिवार रात करीब 2.30 बजे अंबिकापुर की ओर से तेज रफ्तार में रायगढ़ की ओर जा रही स्कार्पियो पुलिया के डायवर्सन में मुड़ने की जगह सीधे झोपड़ी में जा घुसी और वहां सो रहे दो मजदूरों को कुचल दिया।

हादसे के बाद भाग निकले स्कार्पियो सवार
हादसे के बाद स्कार्पियों सवार निकलकर भाग गए। अन्य मजदूरों ने ठेका कंपनी टीबीसीएल के कर्मचारियों को सूचना दी। इसके बाद डायल 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायल दोनों मजदूरों को मेडिकल कालेज अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जशपुर के बगीचा निवासी आनंद राम नागेश (28) को मृत घोषित कर दिया। वहीं श्रमिक डमरू राम (29) को गंभीर हालत में आईसीयू में दाखिल किया गया है। पुलिस ने स्कार्पियो को जब्त कर लिया है। नंबर के आधार पर चालक की तलाश की जा रही है।

नहीं लगा था साइन बोर्ड
अंबिकापुर-गुमला एनएच-43 का पुनर्निमाण कार्य पिछले पांच सालों से किया जा रहा है। अभी शहर सीमा से चेंद्रा के बीच पुल और फ्लाईओवर का काम कराया जा रहा है। जहां हादसा हुआ है, वहां ठेका कंपनी ने डायवर्सन की ओर जाने के लिए कोई साइन बोर्ड नहीं लगाया था और न ही बंद मार्ग में अवरोध लगाया गया था। इसके कारण तेज रफ्तार में स्कार्पियो सीधे सड़क पर बनाई गई मजदूरों की झोपड़ी में जा घुसी। सरगुजा एएसपी विवेक शुक्ला ने बताया कि हादसे में ठेका कंपनी की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी।

भारत सरकार ने चीन को दिया झटका, एक साथ ब्लॉक की 232 मोबाइल ऐप्स…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : भारत सरकार ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए 232 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है। गौरतलब है ये सभी ऐप्स सट्टेबाजी, जुआ और अनाधिकृत ऋण सेवा में शामिल थी जिन्हें चीनी सहित विदेशी संस्थाओं द्वारा चलाया जा रहा था।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद इन ऐप्स को ब्लॉक करने के आदेश जारी किए हैं। सट्टेबाजी, जुआ और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गलत कामों में शामिल 138 ऐप्स को ब्लॉक करने का आदेश तो 4 फरवरी की शाम को ही जारी हो गया था। लेकिन इसके साथ ही अनधिकृत ऋण सेवा में लगी 94 ऐप्स को भी अब ब्लॉक करने का आदेश जारी कर दिया गया है। क्यों बंद की गई ऐप्स

इन सभी ऐप्स को चीन के साथ कई अन्य विदेशी संस्थाएं भी चला रही थी। सरकार के अनुसार इन ऐप्स को इसलिए बंद किया गया है क्योंकि ये देश की आर्थिक स्थिरता के लिए खतरा पैदा कर रही थी। हालांकि सरकार ने कौन सी 232 ऐप्स को ब्लॉक किया है अभी उसकी जानकारी नहीं मिली है।
सरकार ऐप्स ब्लॉक कर चीन को दे रही है पटखनी
भारत सरकार चीन जैसे देशों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए लगातार उसे हर मोर्चे पर कमजोर कर रही है। सरकार ने पिछले साल चीन सहित विभिन्न देशों द्वारा बनाई गई 348 मोबाइल ऐप्स को ब्लॉक किया था। इन ऐप्स को नागरिकों की प्रोफाइलिंग के लिए यूजर की जानकारी एकत्र करने और इसे गलत तरीके से विदेशों में भेजने के लिए दोषी पाया गया है।
इसके अलावा सरकार ने सितंबर 2020 में डेटा सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए 117 चीनी ऐप्स को ब्लॉक कर दिया था। बता दें इस ब्लॉक की गई ऐप्स की सूची में लोकप्रिय पबजी भी शामिल थी। इसके अलावा सुरक्षा कारणों से ही सरकार ने कैम्सकैनर जैसी लोकप्रिय ऐप को भी ब्लॉक कर दिया।

सेना ने बदले अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के नियम…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : सेना ने अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की घोषणा की है। अब अग्निवीर भर्ती के तहत सेना में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों को अब पहले ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन देना होगा। इसके बाद फिजिकल फिटनेस और मेडिकल टेस्ट होंगे। सेना द्वारा विभिन्न समाचार पत्रों में प्रक्रिया में बदलाव के संबंध में विज्ञापन दिए जा रहे हैं। सूत्रों ने शनिवार को कहा, इसके लिए अधिसूचना फरवरी के मध्य तक जारी होने की उम्मीद है।

अप्रैल में होगी पहली सामान्य प्रवेश परीक्षा

सेना के उच्च स्तरीय सूत्र ने बताया कि पहला ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन अप्रैल में आयोजित किया जाएगा। सामान्य प्रवेश परीक्षा देश भर में लगभग 200 स्थानों पर आयोजित की जाएगी। इसके लिए सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। सूत्र ने कहा कि बदली गई कार्यप्रणाली चयन के दौरान संज्ञानात्मक पहलू पर अधिक ध्यान केंद्रित करना सुनिश्चित करेगी। इसकी देश भर में व्यापक पहुंच होगी और भर्ती रैलियों के दौरान देखी जाने वाली बड़ी भीड़ को भी कम किया जा सकेगा।


ट्रांसफॉर्मेशनल चेंजेज इन रिक्रूटमेंट इन इंडियन आर्मी

एक प्रमुख समाचार पत्र में शुक्रवार को ‘ट्रांसफॉर्मेशनल चेंजेज इन रिक्रूटमेंट इन इंडियन आर्मी’ शीर्षक से प्रकाशित एक विज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया के लिए तीन चरणों वाली नई कार्यप्रणाली की सूचना दी गई है। पहला कदम नामांकित केंद्रों पर सभी उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम होगा। इसके बाद सेना की अग्निवीर भर्ती रैलियों के दौरान ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जाम में योग्य रहे उम्मीदवारों के लिए शारीरिक फिटनेस परीक्षण और अंत में चिकित्सा परीक्षण का आयोजन होगा।
अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के तहत अभी तक उम्मीदवारों को शारीरिक फिटनेस परीक्षण से गुजरना पड़ता था, उसके बाद चिकित्सा परीक्षण और ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन के लिए उपस्थित होना अंतिम चरण था। लेकिन, अब ऑनलाइन कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन पहला कदम है। इससे स्क्रीनिंग को आसान बनाने में भी मदद मिलेगी। सूत्र ने कहा कि नई प्रक्रिया लगभग 40,000 उम्मीदवारों पर लागू होगी जो 2023-24 के अगले भर्ती चक्र से सेना में शामिल होने के इच्छुक हैं।

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