हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद राज्य शासन ने कौर सर्जरी की है और 8 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए हैं।
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हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद राज्य शासन ने कौर सर्जरी की है और 8 प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले किए हैं।
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हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : राज्य शासन द्वारा जारी याचिका देश में 25 अधिकारियों के तबादले किए हैं। तबादला लिस्ट में सूरजपुर कलेक्टर सुश्री इफ्फत आरा का नाम भी शामिल है जिनके प्रभार बदले गए हैं और उनके स्थान पर संजय अग्रवाल को सूरजपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
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हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : संसदीय सचिव चिंतामणी महाराज के भाई व जिला पंचायत सदस्य गेंद सिंह साय के साथ मारपीट के मामले में डीआईजी डी. रविशंकर ने एसडीओपी शेर बहादुर सिंह को हटा दिया है. एसडीओपी को एसपी ऑफिस में अटैच किया गया है. वहीं, दो आरक्षकों को सस्पेंड कर दिया गया है. देखें आदेश…


हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : साइकिल से पूरे छत्तीसगढ़ का भ्रमण कर रहे यश सोनी राजनांदगांव से साइकिल यात्रा में निकले हुए हैं। बता दें कि, यश सोनी साइकिल यात्रा करते हुए पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लोगों से मिलेंगे और सरकार की योजनाओं और सरकार की असफलताओं के बारे में जानकारी लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की कोशिश करेंगे। इसी तारतम्य में यश सोनी आज एमसीबी जिले के जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ पहुंचे। वहां उन्होंने सिटी कोतवाली प्रभारी सचिन सिंह से मुलाकात कर पुलिस के अच्छे कामों की सराहना की। यश सोनी 1 अप्रैल से राजनांदगांव जिले से निकलते हुए खैरागढ़, बेमेतरा, कवर्धा, मुंगेली और गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले का दौरा मनेन्द्रगढ़ पहुंचे हैं। वह गांव-गांव जाकर अपने 10 सूत्रीय उद्देश्यों को लेकर लोगों से मिलेंगे और 3 महीने बाद यात्रा को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलने की कोशिश करेंगे। छत्तीसगढ़ के लोग आखिर मुख्यमंत्री के कार्यकाल को किस तरह से देख रहे हैं इसके बारे में उन्हें बताएंगे।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला आदिम जाति बहुल क्षेत्र था लेकिन जब अम्बिकापुर सहित जिले के अन्य ब्लॉक का विकाश शुरू हुआ तो भू–माफियाओं की नजर इन भोले–भाले गरीबों की जमीन पर पड़ी और देखते ही देखते अम्बिकापुर के इन आदिवासियों के साथ अत्याचार होना शुरू हो गया और भू माफियाओं द्वारा उनकी जमीन पर गैर कानूनी तरीके से कब्जा करते हुए उन्हें उनकी जमीन से बेदखल कर दिया गया। भोले भाले आदिवासियों को या तो कुछ पैसों का लालच दिया जाता था या फिर बाहुबल से इन्हें डरा धमका कर इनकी जमीनों को लूट लिया जाता है। भू–माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं क्योंकि इनका साथ देने के लिए राजस्व विभाग में कई दलाल बैठे हुए हैं जोकि सैलरी सरकार से लेते हैं और जी हजूरी इन भू माफियाओं के करते हैं। ऐसा ही एक मामला अंबिकापुर के कांति प्रकाश पुर से उजागर हुआ था जहां कोरवा जनजाति के सुग्गी कोरवा की जमीन पर कुछ भूमाफिया द्वारा अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा था जिस पर हिंद स्वराष्ट्र की दखल के बाद प्रशासन द्वारा स्टे लगा दिया गया था। लेकिन जैसे ही कुछ समय बीता तब मामले को दबता देखकर 170 ख के तहत प्रकरण दर्ज होने के बावजूद भू माफिया द्वारा राजस्व विभाग से सांठ गांठ और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण जिस निर्माण कार्य को अधूरा छोड़ा गया था उसे पूरा कर लिया गया है। कोरवा द्वारा अपनी जमीन बचाने के लिए कलेक्टर सरगुजा को भी आवेदन दिया गया।


पीड़ित द्वारा थाना कोतवाली से लेकर के तहसीलदार एसडीएम तक को मामले से अवगत कराया गया लेकिन शायद गरीबों को इंसाफ दिलाने का सारा दामोदार पत्रकारों ने हो उठा रखा है शायद यही कारण है कि प्रशासन से मदद ना मिलता देख गरीब कोरवा फिर से पत्रकारों की शरण में आया है और अपनी आवाज उठाने की गुहार हिंद स्वराष्ट्र से लगाई हैं।
170 ख भू. रा. सं. का प्रकरण केवल पटवारी प्रतिवेदन के कारण लंबित
आपको बता दे की एसडीएम कार्यालय अंबिकापुर में इसी मामले में आरोपियों के खिलाफ 170 ख भू राजस्व संहिता का प्रकरण चल रहा हैं। जो केवल पटवारी प्रतिवेदन के कारण लंबित हैं। आपको बता दें कि जुलाई 2022 में स्टे लगने के बाद यह मामला लंबित है जुलाई 2022 से आज अप्रैल 2023 आ जाने के बावजूद पटवारी द्वारा आज तक प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है पीड़ित का आरोप है कि पटवारी द्वारा जानबूझकर और अपने समुदाय के व्यक्ति को बचाने के लिए प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है क्योंकि वह भी उसी समुदाय से है जिस समुदाय के खिलाफ यह मामला लंबित है।
पदभार ग्रहण करते ही दिए थे कलेक्टर ने दिए थे जांच के आदेश
पिछले वर्ष हिंद स्वराष्ट्र की खबर के बाद कमिश्नर व कलेक्टर द्वारा इस मामले को संज्ञान में लेते हुए आरोपियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करते हुए कोरवा की जमीन वापस दिलाने के आदेश दिए थे जिसके बाद तत्कालीन नायब तहसीलदार द्वारा मौके पर जाकर वहां हो रहे अवैध निर्माण पर रोक लगाई गई थी और कुछ निर्माण कार्य हो रहे मकानों को तोड़ा गया था।
स्टे के बावजूद निर्माण हुआ पूरा
आपको बता दें कि राजस्व विभाग द्वारा स्थगन आदेश लगाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा हो गया है क्योंकि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही पीड़ित कोरवा द्वारा मामले की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर पुलिस प्रशासन से की गई थी लेकिन पुलिस द्वारा निर्माण कार्य रोकने के बावजूद भू माफिया के हौसले बुलंद हैं और उन्होंने निर्माण कार्य नहीं रोका बल्कि निर्माण कार्य पूरा कर लिया।
राजस्व विभाग के दायरे में आने वाला पहाड़ और सरकारी जमीन पर भी बन गए मकान देखते रह गया राजस्व विभाग
आपको बता दें कि कांतिप्रकाशपुर में है सुग्गी कोरवा जमीन के बगल में राजस्व के अंतर्गत आने वाले पहाड़ है और सरकारी जमीन भी है जिस पर अवैध उत्खनन का कार्य लंबे समय से जारी है जिस पर हमारी दखल के बाद रोक लगा दी गई थी और आनन-फानन में तत्कालीन नायब तहसीलदार द्वारा कुछ घरों को तोड़ा गया था लेकिन राजस्व विभाग की लापरवाही का नतीजा है कि वहां पर पुनः निर्माण कार्य कर लिया गया है और कई मकान बना दिए गए हैं पहाड़ों को भी आधा खोद दिया गया है और पहाड़ के अवैध खनन का कार्य अभी भी जारी है।
राजस्व विभाग के सांठ गांठ से भू माफियाओं के हौसले बुलंद
राजस्व विभाग के समर्थन के बिना यह संभव ही नहीं है कि भू–माफिया राजस्व की जमीन पर निर्माण कार्य कर ले और पहाड़ खोदकर अवैध उत्खनन करते रहे जिसकी जानकारी राजस्व विभाग को कानों कान न चले। राजस्व विभाग सांठगांठ की बात यहां पर इसलिए आ रही है क्योंकि पीड़ित पक्ष के अलावा पत्रकारों द्वारा भी इस मामले की जानकारी नायब तहसीलदार संजीत पाण्डेय को भी 1 माह पूर्व दी गई है लेकिन उनके द्वारा इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है या फिर उतना ही ध्यान दिया गया है जितना ध्यान देने से उनका काम बन सके?
पत्रकारों के दखल के बिना नहीं मिलता न्याय
पीड़ित पक्ष अपनी फरियाद लेकर इस अधिकारी से उस अधिकारी के पास दौड़ते रह जाते हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है, जब तक कि मामला मीडिया में नहीं आता। पत्रकारों के दखल के बिना इन को न्याय मिलना संभव ही नहीं हो पा रहा है आखिर इसका क्या कारण हैं???
राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की बढ़नी चाहिए सैलरी
शायद सरकार राजस्व विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को कम सैलरी देती है शायद यही कारण है कि बेचारे अपना पालन पोषण नहीं कर पा रहे हैं और अपना घर चलाने के लिए उनको घूसखोरी का सहारा लेना पड़ रहा है। जिसका खामियाजा हमेशा गरीब इंसान को ही भुगतना पड़ता है क्योंकि अमीर इंसान तारीख पे तारीख लेना पसंद नहीं करता और इन घुसखोरो को घुस देकर अपना काम करवा लेता है परेशानी तो गरीबों को होती है जिनके पास इन घूसखोरों को देने के लिए ना तो पैसा होता है और ना ही अपना काम करवाने के लिए सोर्स लगाने का पावर। सरकार से आग्रह हैं कि या तो इन घूसखोरो के ऊपर उचित कानूनी कार्रवाई करें या फिर इन्हें इतनी सैलरी दे कि इन्हें गरीबों का शोषण करने की जरूरत ही ना पड़े।
जब तक नहीं होगी कड़ी कार्यवाही नही सुधरेगी राजस्व विभाग की लापरवाही
जब तक अपने पद का दुरुपयोग करने वाले ऐसे अधिकारियों कर्मचारियों चाहे वो निचले तबके का हो या फिर ऊपरी कड़ी कार्यवाही नहीं होगी तब तक राजस्व विभाग सुधरने वाला नहीं है और इनकी लापरवाही का अंजाम हमेशा गरीब और मजबूर इंसान को भुगतना पड़ेगा। कार्यवाही न होने के कारण छोटे-छोटे मामलो के लिए हफ्तों महीनों सालों घुमाने का इनका जो फंडा है ऐसे ही चलता रहेगा और परेशान आम जनता होगी। आम जनता तारीख पर तारीख से परेशान होकर या तो इन घूसखोरो को घुस देकर अपना काम करवाना सही समझेंगे या तो फिर सालों परेशानी में अपना समय बिताएंगे।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : दुष्कर्म पीड़ित किशोरी द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने के मामले में रामानुजनगर पुलिस ने मर्ग जांच के बाद आरोपित राजेश कुमार साहू को धारा 305, 376, 450, 506 व पाक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला रामानुजनगर थाना क्षेत्र का है। थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेश कुमार साहू 32 वर्ष ने नौ अप्रैल की रात को मौके का फायदा उठाकर गांव की ही एक 14 वर्षीय किशोरी के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। दुष्कर्म करने के बाद उसने रिपोर्ट लिखाने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। धमकी से भयभीत किशोरी दुष्कर्म ने 15 अप्रैल को सुबह अपने घर में फांसी लगा ली। उसे उतारकर स्वजन उसे तत्काल रामानुजनगर चिकित्सालय ले गए थे। जहां से उसे मेडिकल कालेज अंबिकापुर रेफर कर दिया गया था। जहां उपचार के दौरान 16 अप्रैल को उसकी मौत हो गई थी। मामले में मर्ग कायम कर जांच में जुटी पुलिस को बयानों से पता चला कि आरोपित राजेश कुमार साहू ने नौ अप्रैल की रात को किशोरी के घर में घुसकर उसके साथ दुष्कर्म किया था और उसे रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी थी। उसी बात से भयभीत होकर किशोरी ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। उक्ताशय की पुष्टि होने पर रामानुजनगर पुलिस ने आरोपित राजेश कुमार साहू के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया था। उसके बाद नगर निरीक्षक विपिन किशोर लकड़ा ने पुलिस टीम के साथ दबिश देकर आरोपित राजेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर उसे सूरजपुर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में सूरजपुर जेल भेज दिया गया।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में सोमवार तड़के बारातियों से भरी पिकअप पलटने से 11 साल के बच्चे की मौत हो गई। जबकि छह लोग घायल हुए हैं। पिकअप में 20 लोग सवार थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उदयपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से तीन को गंभीर अवस्था में मेडिकल कालेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि पिकअप चालक को झपकी आने के चलते हादसा हुआ है। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र के अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे का है।
दो बार पलटने के बाद सीधी खड़ी हो गई पिकअप
जानकारी के मुताबिक, उदयपुर क्षेत्र के ग्राम बासेन से बारात अंबिकापुर के पास ग्राम मेंड्रा आई थी। बाराती पिकअप और बोलरो से पहुंचे थे। रात करीब दो बजे 20 बारातियों को लेकर पिकअप बासेन लौटने के लिए रवाना हुई। तेज रफ्तार में पिकअप रात करीब तीन बजे ग्राम जजगा स्थित रमपुरहीन दाई मंदिर के पास अनियंत्रित हो गई और सड़क से खेत में उतर कर पलट गई। बताया जा रहा है कि पिकअप ने दो बार पलटी खाई और फिर सीधी खड़ी हो गई। हादसे में बासेन निवासी काशी सिंह के बेटे दिलदार सिंह की मौत हो गई। तीन घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया
हादसा होते देख स्थानीय लोगों ने सूचना पुलिस को दी। इसके बाद डायल-112 की टीम पहुंची और घायलों को उदयपुर अस्पताल भेजा गया। घायलों में बासने निवासी राजू (30) का पिकअप के डाले में फंसने से पैर टूट गया है। दो अन्य के सिर और अंदरूनी चोट के कारण अंबिकापुर रेफर किया गया। मेडिकल कालेज अस्पताल में तीनों का उपचार किया जा रहा है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। बाकी सब का उपचार स्थानीय अस्पताल में ही चल रहा है। उनकी स्थिति भी अब पहले से ठीक है।
पिकअप छोड़कर भाग निकला चालक
पिकअप सवारों ने बताया कि चालक को झपकी आने के कारण हादसा हुआ। हादसे के दौरान पिकअप के पीछे का एक टायर भी फट गया है। हादसे के बाद चालक पिकअप छोड़कर भाग निकला। पुलिस ने शव को पीएम करा परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के कारण विवाह की खुशियां मातम में बदल गईं। बच्चा दिलदार सिंह प्राथमिक शाला बासेन में कक्षा पांचवीं का छात्र था। थाना प्रभारी भोज गुप्ता ने बताया कि पिकअप चालक के खिलाफ अपराध दर्ज किया जा रहा है।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के भटगांव मुख्य मार्ग पर आज सुबह सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में कालरी कर्मी का शव मिला है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि एसईसीएल आवासीय आरटीआई कालोनी निवासी कॉलरीकर्मी 36 वर्षीय अजय बखला पिता स्व. दयाशंकर बखला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार की सुबह बिश्रामपुर- भटगांव मुख्य मार्ग किनारे कालोनी के समीप पाया गया है। बताया जा रहा है कि कालरी कर्मी अत्यधिक शराब का सेवन करता था, जो शुक्रवार की शाम को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा था। कयास लगाये जा रहे हैं और अत्यधिक शराब सेवन की वजह से ही कालरी कर्मी की मौत हुई होगी। नपं पार्षद मालती तिग्गा की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचकर शव पंचनामा पीएम उपरांत शव परिजन के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस द्वारा मामले में मर्गकायम कर विवेचना की जा रही है।
हिंद स्वराष्ट्र कुसमी पंकज कुमार गुप्ता : कुसमी विकासखंड के ग्राम अमरपुर में एक युवक की करंट की चपेट में आकर दर्दनाक मौत हो गई है बताया जा रहा है कि धनेश पैकरा पिता बीरबल राम जो की बिजली खंभे में फेश बदल रहा था इस दौरान वह करंट की चपेट में आ गया जिससे युवक की तत्काल मृत्यु हो गई और उसका शरीर खंभे में ही लटका रहा। गांव वालो को सूचना मिलने पर उसके शव को रस्सी के सहायता से नीचे उतरा गया और परिजनों को सूचना दी गई। बिजली विभाग की लापरवाही बरतने की वजह से आज धनेश पैकरा की मृत्यु हो गई जिससे गांव वालो में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश का माहौल है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : शहर के गांधी चौक के समीप सर्किट हाउस के सामने अग्रवाल पेट्रोल पंप के कार्यालय में रविवार की दोपहर लाठी-डंडे से लैस 4 बदमाशों ने घुसकर व्यवसायी चाचा-भतीजे के साथ मारपीट की। बदमाशों ने दराज में रहे 2 लाख रुपए भी लूट लिए। मारपीट के दौरान बदमाशों ने कार्यालय में तोडफ़ोड़ भी की। पीडि़त ने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई है। पुलिस आरोपियों के खिलाफ धारा 294, 323, 452, 506, 427, 394 व 34 के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। शहर के गांधी चौक के पास सर्किट हाउस के सामने अग्रवाल पेट्रोल पंप कुछ महीने से बंद पड़ा है। पेट्रोल पंप में ही विनोद अग्रवाल का ऑफिस है। ऑफिस में हिसाब का काम काम इनका भतीजा अमन अग्रवाल देखता है। रविवार की दोपहर विनोद अग्रवाल अपने केबिन में थे, जबकि अमन अपने केबिन में हिसाब कर रहा था।
दोपहर करीब 12.30 बजे विकास सोनकर, अनिल सोनकर, अजय श्रीवास्तव व दौलत नामक युवक लाठी-डंडे से लैस होकर विनोद अग्रवाल के केबिन में घुस गए और गाली गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। किसी तरह विनोद अग्रवाल ने वहां से भाग कर अपनी जान बचाई। इसके बाद चारों युवक अमन अग्रवाल के चेंबर में घुस आए और उसके साथ भी मारपीट की। अमन से मारपीट करने के बाद बदमाशों ने काउंटर में रखे 2 लाख रुपए भी लूट लिए। वहां से जाने से पूर्व बदमाशों ने कंप्यूटर व लैपटॉप को भी तोड़ डाला। इसके बाद वे वहां से फरार हो गए।
मारपीट में घायल अमन अग्रवाल ने मामले की रिपोर्ट गांधीनगर थाने में दर्ज कराई है। अमन की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी विकास सोनकर, अनिल सोनकर, अजय श्रीवास्तव व दौलत के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा में कोरोना ने कहर ढाना शुुरु कर दिया है। 10 अप्रैल से हर दिन जिले में बड़ी संख्या में लोग पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। मरीजों को अस्पतालों में भर्ती करने के अलावा घरों में क्वारेंटाइन किया जा रहा है। पिछले 14 दिनों के अंदर जिले में 362 लोग संक्रमित पाए गए हैं। औसत देखें तो प्रतिदिन 26 लोग संक्रमित पाए जा रहे हैं। वहीं पिछले 14 दिन में एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हुई है। इसके बावजूद लोग कोरोना संक्रमण को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जिले में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। 10 अप्रैल को कोरोना से 6 लोग संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद हर दिन काफी संख्या में कोविड मरीज पाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग काफी सक्रिय है। कोविड जांच की संख्या बढ़ा दी गई है।
जिला प्रशासन ने सर्दी-खांसी व बुखार जैसे लक्षण वाले लोगों को कोविड जांच कराने के निर्देश दिए हैं। सरगुजा में 10 से 23 अपै्रल के बीच कुल 362 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। हर दिन बड़ी संख्या में कोविड मरीज पाए जाने से स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप भी है। लगातार बढ़ रही कोविड संक्रमितों की संख्या को देखकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बेड की संख्या बढ़ा दी गई है। वहीं कोविड के नियमों का पालन लोग नहीं कर रहे हैं। लोग हर आयोजन में बड़ी संख्या में बिना मास्क के शामिल हो रहे हैं। देखा जाए तो लोगों के चेहरे से मास्क बिल्कुल गायब है। अगर इसी तरह की स्थिति रही तो कोरोना विस्फोट हो सकता है। वहीं जिला प्रशासन कोरोना के प्रति गंभीर नजर आ रहा है। लोगों को कोरोना नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी लोग जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के वन परिक्षेत्र बिहारपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत महुली में एक बार फिर तेंदुए ने एक गाय को अपना शिकार बनाया है। बीते कुछ साल में इस क्षेत्र में तेंदुए की संख्या बढ़ी है। जंगल में दूसरे जानवरों की कमी के कारण तेंदुआ अब पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। जानकारी के अनुसार महुली अंतर्गत जंगल से लगे गांव में तेंदुए ने एक गाय को अपना शिकार बनाया है। यह पहला मामला नहीं है कि किसी पालतू मवेशी का शिकार बनाया गया हो। यह घटना शनिवार रात की है। महुली के हरिजनपारा से आधा किलो मीटर दूर बिहारपुर उमझर मार्ग में सड़क से लगे क्षेत्र में तेंदुए ने गाय को अपना शिकार बनाया है। घटना स्थल पर मृत मवेशी के शरीर को जानवर ने आधे से ज्यादा खा लिया है। बिहारपुर क्षेत्र में पिछले कुछ माह में एक दर्जन से अधिक मवेशियों को जंगली जानवर शिकार बना चुके हैं। यह इलाका वन विभाग एवं घासीदास राष्ट्रीय उद्यान पार्क में आता है। जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र से हमेशा नदारद रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में आग लगने से जंगली जानवर गांव की ओर आ रहे हैं और मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : मौसम विभाग ने अगले 18 घंटे के लिए अलर्ट जारी किया है. इसमें प्रदेश के 10 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 8 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है. कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, सुकमा, बीजापुर, बस्तर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वही बिलासपुर, पेंड्रा, मुंगेली, कबीरधाम, रायगढ़, कोरबा, कांकेर और कोंडागांव के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है.
हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में पत्थलगांव की अब तक सब्जियों की सर्वाधिक उपज लेने की पहचान मानी जाती थी जिसमे टमाटर प्रमुख है लेकिन अब पत्थलगांव क्षेत्र में सोने की खदान चिन्हित हो जाने से इसका नाम राज्य नहीं बल्कि देश के नक्शे में प्रमुखता से आ जाऐगा। कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि पत्थलगांव का मयूनाचा, जामझोर और सहसपुर के आसपास भूगर्भ में स्वर्ण कणों का भंडार की तलाश के लिए प्रारंभिक सर्वे का काम की शुरुआत कर दी गई है।
सेटेलाइट के माध्यम से स्वर्ण खदान के रूप में चिन्हित किया गया
जशपुर जिले के पत्थलगांव और फरसाबहार विकास खंड में 78 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सेटेलाइट के माध्यम से स्वर्ण खदान के रूप में चिन्हित किया गया है। इसमें तीन गांव का 2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में अलग अलग स्वर्ण कणों के बड़े भंडार होने की जानकारी प्राप्त हुई है। स्वर्ण खदान के लिए चिन्हित इन गांवों में सर्वे की शुरूआत कर ली गई है।
इस काम में भारी मशीन स्थापित करने और हरियाली नष्ट होने के भय से यंहा के ग्रामीणों ने भूगर्भ सर्वे के काम के लिए विरोध का स्वर तेज कर दिया है। यंहा ग्रामीणों का विरोध देख कर सर्वे टीम के सदस्यों ने जिला प्रशासन को सूचना देकर फिलहाल गांव छोड़ कर अलग हट गए हैं। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ बैठकों का दौर शुरू कर समझाने का काम शुरू कर दिया है।
ग्रामीण कर रहे हैं विरोध
इधर सोने की खदान का विरोध करने वाले लोगों का साफ कहना है कि उन्हें बेशकीमती पीला सोना की जरूरत नहीं है बल्कि उनके खेतों में तैयार होने वाली फसल के रूप में हरा सोना की जरूरत है। ज्यादातर महिलाएं और पुरुषों का कहना था कि उनके लिए यहां जल जंगल जमीन को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। क्योंकि वे अपना कृषि कार्य की बदौलत ही आत्मनिर्भर हैं। यंहा भूमि उत्खनन का कार्य सभी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। जनजातीय समुदाय के हितों की रक्षा करने वाला प्रमुख संगठन जनजातीय सुरक्षा मंच के जिला अध्यक्ष रोशन साय पैंकरा का कहना था कि यंहा सोना खदान स्थापित करने से किसानों के खेतों की हरियाली के साथ पहाड़ के जंगल भी नष्ट होने से अछूते नहीं रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ऑक्सीजन जोन को नष्ट किया जाता है तो सभा लोग एकजुट होकर उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।
अधिकारियों ने की बैठक
ग्रामीणों का विरोध को देखकर पत्थलगांव के प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित गांव पहुंच कर ग्रामीणों के बाद बैठक भी की है लेकिन फिलहाल ग्रामीण पर्यावरण संरक्षण की बात पर ही अड़े हुए हैं। दरअसल, जशपुर जिले में पत्थलगांव, फरसाबहार विकास खंड के ईब और सोनाजोरी नदियों के तट पर रहने वाले 50 से अधिक गांवों के लोग मिट्टी व रेत से स्वर्ण कण तलाश कर आज भी अपना जीवन यापन करते हैं। यहां के लोग नदी किनारे की मिट्टी से अपने पारम्परिक लकड़ी के बर्तनों से स्वर्ण कणों की तलाश करने वाली सहसपुर की वृध्द महिला रतियो बाई का कहना था कि अभी गर्मी का मौसम में उनका सोना तलाशने का काम बंद है लेकिन अषाढ़ में बारिश के बाद उनका तेजी से शुरू हो जाता है।
पुलिस अधीक्षक जशपुर डी रविशंकर का कहना है कि पथलगांव के जामझोर,मयुरनाचा इत्यादि क्षेत्रो में सोना मिलने के प्रमाण मिलने के बाद जयोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के द्वारा वहां पर सर्वे किया जा रहा है, और इस सम्बंध में जिला प्रशासन के द्वरा वहां पर बैठक किया गया था। गांव वालों का यह कहना है कि हमारे खेती की जमीन पर किसी तरह का उत्खनन नही किया जाना चाहिए उनको उत्खनन करना ही है तो जंगल से शुरू करे। इस संबंध में चर्चा चल रही है प्रशासन इसमे आवश्यक कार्यवाही करेगा।
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : रायपुर के एक कुएं को साफ किया जा रहा था। तभी अचानक दीवार पर एक आकृति दिखाई दी। ऊपर की ओर लंबी पूंछ थी, हाथ पैर दिख रहे थे, वैसे ही जैसे भगवान बजरंग बली के होते हैं। इसके बाद भीड़ जय श्री राम के नारे, लगाने लगी। तस्वीरें खींचने लगी। सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल हुईं और मंदिर में लोगों की भीड़ लग गई। शनिवार को इसी वजह से मंदिर के पुजारी मोहन पाठक ने विशेष पूजन का कार्यक्रम किया। मामला रायपुर के पुरानी बस्ती स्थित बावली वाले हनुमान मंदिर से जुड़ा है। इस मंदिर के नाम के पीछे भी आस्था से जुड़ी मान्यताएं हैं। क्षेत्र के पार्षद जितेंद्र अग्रवाल ने बताया कि करीब 100-150 सालों से इस मंदिर की बावली की सफाई नहीं हाे पाई थी, हमने इसकी सफाई करवाई तो भीतर बावली( कुएं का बड़ा रूप) की दीवार पर वानर स्वरूप की आकृति दिखी, अब इस वजह से मंदिर में भक्त पहुंच रहे हैं। शनिवार को सुबह 4 बजे से लोगों का तांता मंदिर में लगता रहा।
प्रमोद दुबे ने किए दर्शन
रायपुर नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे भी मंदिर परिसर में पहुंचे और बावली में नजर आ रही भगवान बजरंगबली की आकृति को प्रणाम किया। शनिवार को चूंकि भगवान परशूराम की जयंती और अक्षय तृतिया का त्योहार भी रहा, मंदिर में भगवान बजरंग बली की दोपहर के वक्त विशेष आरती की गई और मंदिर आ रहे लोगों को प्रसाद बांटा गया।
क्यों कहा जाता है बावली वाले हनुमान मंदिर
रायपुर शहर में कुएं करीब-करीब खत्म हो चुके हैं। पुरानी बस्ती का मंदिर इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां प्राचीन बावली है। बताया जाता है कि ये करीब 500 साल पुरानी बावली है। शुरुआत में जब पानी के स्त्रोत के लिए इस जगह पर खुदाई की गई तो भगवान बजरंग बली की तीन प्रतिमाएं निकलीं, इनमें से एक प्रतिमा बावली के बगल में ही स्थापित की गई है। इसी मंदिर का नाम बावली वाले हनुमान है, जहां फिर से बावली में आकृति दिखी है, दूसरी प्रतिमा तीन किलोमीटर दूर दूधाधारी मठ में और तीसरी पांच किलोमीटर दूर गुढ़ियारी इलाके के मच्छी तालाब के किनारे स्थापित की गई है, ये शहर के पुराने मंदिर हैं, जहां हर मंगलवार को सैंकड़ों भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं।
सपने में दिए थे भगवान ने दर्शन, प्रचलित हैं कई रोचक मान्यताएं
पुरानी बस्ती के नागरीदास मठ और जैतूसाव मठ के बीच 600 साल से भी अधिक पुरानी बावली वाले हनुमान मंदिर के स्थानीय देवेंद्र शर्मा ने बताया कि यहां मौजूद भगवान के प्रति लोगों में गजब की आस्था है, मंदिर आने वाले श्रद्धालू खुद अपने अनुभवाें के बारे में कहते हैं कि यहां दर्शन के बाद उनकी मनोकामनाएं पूरी हुई हैं।
देवेंद्र ने बताया कि मेरे सपने में भगवान बजरंग बली दिखे थे। कुछ दिन बाद मुझे मंदिर में लंबी पूंछ दिखी थी, जैसे किसी विशाल वानर की हो, मैं उस वक्त भाव विभोर हो गया था। मंदिर के बारे में स्थानीय लोगों में एक किस्सा प्रचलित है कि बावली के पास आकर एक गाय खड़ी होती थी, उसके थन से अपने आप दूध निकलना शुरू हो जाता था। गांव वालों ने जब देखा तो बावली के भीतर घुसे, जहां तीन प्रतिमाएं दिखाई दीं। उन प्रतिमाओं को निकाला गया तो वे हनुमानजी की थीं। गांव वालों ने एक प्रतिमा बावली के बगल में ही छोटा सा मंदिर बनवाकर स्थापित कर दिया। कालांतर में इस मंदिर का विस्तार होता गया और आज यहां भव्य मंदिर बन चुका है, जो बावली वाले हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।
कभी सूखती नहीं ये बावली
रायपुर के ऐसे इलाकों में पुरानी बस्ती का हिस्सा भी शामिल हैं, जहां गर्मियों के दिनों में टैंकर से पानी की सप्लाई होती है। ग्राउंड वॉटर लेवल नीचे चला जाता है। मगर मुहल्ले में बनी इस बावली का पानी कभी नहीं सूखा। इस बार जब बावली की सफाई की गई तो कई मोटर लगाकर बावली के पानी को बाहर निकाला गया। रात को सफाई की गई, फिर सुबह पानी लबालब देखने को मिला। बावली में भीतर कई सीढ़ियां बनी हैं, अब तब बावली के पूरी तरह भीतर नहीं देखा जा सका है। बावली में कई कछुए हैं। बड़ी मछलियां भी भीतर रहती हैं। लोगों ने बताया कि पुराने समय में इस बावली का पानी पीने में भी इस्तेमाल होता था।
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : 2018 के बाद से सभी चुनावों में वोटर वेरीफाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) को ईवीएम (इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन) से संलग्न कर दिया गया। इसकी वजह से मतदाता को पता चल जाता है कि उसका वोट उसी उम्मीदवार के खाते में गया है जिसके चुनाव चिन्ह पर उसने बटन दबाया. वीवीपैट मशीन के स्क्रीन पर कुछ क्षणों के लिए पेपर प्रिंट आउट पर प्रत्याशी का नाम दिखाई देता है फिर यह पेपर ट्रेल ड्राप बाक्स में चली जाती है।
इस तरह यह पेपर ट्रेल मतदान की प्रामाणिकता का सबूत है।चुनाव आयोग के ध्यान में आया कि इस समय देश भर में लगभग 37 प्रतिशत वीवीपैट मशीनें खराब हैं। अगले वर्ष समूचे देश में आम चुनाव होनेवाला है. इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने समय रहते 9 लाख नई वीवीपैट मशीने बनवाने, 6 लाख मशीनों को अपग्रेड करने और 3 लाख मशीनों को कबाड़ में डालने का उचित फैसला कर लिया. मतदाताओं का विश्वास सर्वोपरी है और यह भरोसा पेपर ट्रेल से ही मिल सकता है। यदि कभी ईवीएम से हुए चुनाव नतीजे को चुनौती दी जाए तो ऐसी स्थिति में पेपर ऑडिट ट्रेल से इसका फैसला हो जाता है।यह एक बड़ा सबूत है. आबादी की दृष्टि से भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. चुनाव को विश्वसनीय बनाने में वीवीपैट का बड़ा योगदान है। इससे ईवीएम को लेकर उठनेवाली शंकाओं का निराकरण हो जाता है। चुनाव आयोग ने गत 27 जनवरी को ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों को सूचित कर दिया था कि 3.4 लाख वीवीपैट मशीनों के लिए भेजा जाना है।
डिफेक्टिव मशीनों को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में चिन्हांकित किया जाएगा. हर चुनाव के बाद तकनीकी विशेषज्ञ समिति ईवीएम और वीवीपैट की जांच करती है ताकि इनमें कोई दोष न रह जाए. सार्वजनिक क्षेत्र की 2 कंपनियां वीईएल व ईसीआईएल मशीनों का एहतियाती रखरखाव करती हैं। इसमें सर्विसिंग और अपग्रेड करना शामिल है।
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : अप्रैल से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत हो चुकी है और अब सभी टैक्सपेयर्स के सामने चुनौती है कि वे इस वित्तीय वर्ष के लिए किस टैक्स रिजीम का चुनाव करें. यह टैक्स प्लानिंग से जुड़ा अहम हिस्सा है. नई और पुरानी टैक्स व्यवस्था के अपने-अपने फायदे हैं. जहां, न्यू टैक्स रिजीम में 7 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त है लेकिन ओल्ड टैक्स रिजीम की तरह इसमें लाखों की टैक्स छूट नहीं मिलेगी. आइये जानते हैं अगर आप नई कर व्यवस्था को चुनते हैं तो आपको कौन-से 7 बड़े टैक्स डिडक्शन नहीं मिलेंगे।कर सलाहकारों के अनुसार, नई और पुरानी कर व्यवस्था को चुनने के बीच का चुनाव विशेष रूप से प्रत्येक व्यक्ति की सैलरी और उसके निवेश व कटौती के लिए पात्र अन्य प्रतिबद्धताओं पर निर्भर करता है. इसलिए उनकी कर व्यवस्था की पसंद अलग-अलग हो।अगर आप नई कर व्यवस्था को चुनते हैं तो पीपीएफ, एनएससी, यूलिप, एलआईसी, वरिष्ठ नागरिक योजना आदि में धारा 80 सी निवेश और शिक्षण शुल्क का भुगतान, नए घर की खरीद पर पंजीकरण शुल्क आदि और आवास ऋण की अदायगी जैसे लाभ क्लेम नहीं कर पाएंगे।सेक्शन 80डी में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम का भुगतान: कोई व्यक्ति स्वयं, पति या पत्नी और आश्रित बच्चों के बीमा के लिए रु. 25,000 तक की कटौती का दावा कर सकता है. 60 वर्ष से कम आयु के माता-पिता के लिए 25,000 रुपये की अतिरिक्त कटौती की अनुमति है. यह बेनेफिट भी न्यू टैक्स रिजीम में नहीं मिलेगा।सेक्शन 80ई एजुकेशन लोन पर ब्याज : आयकर अधिनियम की इस धारा में करदाता एजुकेशन लोन के ब्याज भुगतान के लिए क्लेम कर सकता है।
सेक्शन 80टीटीए और 80टीटीबी बचत बैंक खाते और सावधि जमा पर मिलने वाला ब्याज: धारा 80टीटीए के तहत, कोई भी व्यक्ति किसी भी बैंक, डाकघर, या सहकारी समिति के बचत खाते के ब्याज पर अधिकतम 10,000 रुपये की कटौती का दावा कर सकता है. धारा 80टीटीबी के तहत, वरिष्ठ नागरिक किसी भी बैंक, डाकघर, या सहकारी समिति के साथ बचत खाता ब्याज और सावधि जमा पर ब्याज के लिए अधिकतम 50,000 की कटौती का दावा कर सकते हैं।सेक्शन 10(5) एलटीए: लीव ट्रैवल अलाउंस को लेकर सेक्शन 10 के क्लॉज (5) में छूट दी गई है. एचआरए की तरह सैलरी के एक हिस्से के रूप में कर्मचारियों को एलटीए भी मिलता है. हालांकि, कंपनी सिर्फ कुछ विशेष श्रेणी के कर्मचारियों को ही यह सुविधा देती है।सेक्शन 10(13ए) एचआरए ,एचआरए यानी हाउस रेंट अलाउंस है, जो हर कर्मचारी के सैलरी स्लिप का एक प्रमुख टैक्सेबल कंपोनेंट होता है. यह कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिससे वो किराए पर रहने के खर्च को पूरा कर सकें. आयकर अधिनियम की धारा 10(13ए) एचआरए की कटौती की अनुमति
सेक्शन 24बी स्वयं के कब्जे वाली गृह संपत्ति पर ब्याज: होम लोन पर ब्याज को दो कैटेगरीज में बांटा जाता है-निर्माण पूरा होने के पहले का ब्याज और उसके बाद की अवधि के बाद का इंटरेस्ट. निर्माण पूरा होने के बाद की अवधि में भुगतान किए गए ब्याज के लिए इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत 2 लाख रुपए तक का टैक्स डिडक्शन मिलता है।
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने शुक्रवार को कहा कि वह वरिष्ठ पेंशनभोगियों या ग्राहकों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए ग्राहक सेवा केंद्र पर आईरिस स्कैनर लगाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को बैंक शाखा में आने जाने की जरूरत नहीं होगी और वे बैंक मित्र चैनल पर आसानी से पेंशन निकाल सकेंगे। एसबीआई ने एक बयान में कहा कि बैंक वरिष्ठ पेंशनभोगियों/ग्राहकों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए बीसी/सीएसपी (बैंक मित्र) चैनलों पर आईरिस स्कैनर स्थापित करने के विकल्पों की भी जांच की जा रही है। बयान में आगे कहा गया है कि एसबीआई ने हमेशा अपने व्यावसायिक लक्ष्यों को राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ जोड़ा है और वित्तीय समावेशन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया है।
एक घटना ने बदल दी पूरी रणनीति
एसबीआई ने कहा कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हाल ही में सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ नागरिक ग्राहक को ओडिशा के नबरंगपुर जिले के झरिगांव ब्लॉक में पास के सीएसपी (बैंक मित्र) से अपनी वृद्धावस्था पेंशन निकालने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। उसके उंगलियों के निशान फीके पड़ गए थे। सीएसपी (बैंक मित्र) पर बायोमेट्रिक रीडर द्वारा उंगलियों के निशान ठीक से रीड न कर पाने के कारण बुजुर्ग को पेंशन नहीं मिल सकी। निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार, निकटतम लिंक शाखा एसबीआई झरिगांव ने पेंशनभोगी के खाते से मैन्युअल रूप से राशि डेबिट करके तुरंत पेंशन राशि का भुगतान किया। उसे शाखा प्रबंधक द्वारा भी आश्वस्त किया गया है कि आगे से बैंककर्मी उसके घर जाकर पेंशन का वितरण करेंगे। सद्भावना के तौर पर एसबीआई ने पेंशनभोगी के आने-जाने में सुविधा के लिए उसे एक व्हीलचेयर दान की है।
बैंक तक आसान होगी ग्राहकों की पहुंच
एसबीआई ने कहा है कि ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल पहले से ही मौजूद हैं, लेकिन अब उनका पालन सुनिश्चित किया जाएगा। एसबीआई ने अब मामले संज्ञान लिया है। सभी बीसी/सीएसपी (बैंक मित्र) को नए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि वे किसी भी ऐसे मामले के समाधान के लिए अपनी लिंक शाखाओं से संपर्क कर सकें।
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : खालिस्तानी समर्थक और भगोड़े अमृतपाल को पंजाब पुलिस ने 37 दिन की आंख मिचौली के बाद आखिरकार मोगा से गिरफ्तार कर लिया। चर्चाएं हैं कि अमृतपाल ने सरेंडर किया है, लेकिन पंजाब पुलिस का कहना है कि अमृतपाल को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल, अमृतपाल को गिरफ्तार कर असम की डिब्रूगढ़ जेल भेज दिया गया है।
खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल की गिऱफ्तारी पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बड़ा बयान दिया है. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा में अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बात की।उन्होंने कहा कि भगोड़ा आखिर कितने दिन भागेगा। कानून के हाथ लंबे होते है। दहशत फैलाने वालों के ऊपर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए. वह बोले कि लम्बा समय लगा पंजाब को…थोड़ा जल्दी होता तो अच्छा था।बता दें कि अनुराग ठाकुर परागपुर के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में विश्राम के लिए रुके थे।अमृतपाल को मोगा के रोड़े गांव से एक गुरुद्वारे के बाहर से गिरफ्तार किया गया. वह रात को ही गुरुद्वारे में पहुंचा था. इस दौरान उसने गुरुद्वारे में उपदेश दिए और फिर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. बता दें कि रोड़े जनरैल भिंडरावाला का गांव है. यहीं पर अमृतपाल को वारिस पंजाब दे का मुखिया बनाया गया था।
और क्या बोले अनुराग ठाकुर
हमीरपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस दौरान राहुल गांधी पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछड़े समाज से माफी मांग लेते तो क्या होता, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. इसके अलावा, अनुराग ने शिमला में नगर निगम चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव का नगर निगम चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ में मसाज की आड़ में सेक्स रैकेट चलाने की शिकायतों के बाद अंबिकापुर में भी स्पा सेंटरों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। अंबिकापुर पुलिस ने शहर में संचालित 3 स्पा सेंटर पर बुधवार की रात छापेमार कार्रवाई की। यह सभी स्पा सेंटर अवैध रूप से बिना लाइसेंस संचालित हो रहे थे। तीनों स्पा सेंटर में दूसरे राज्यों की 12 लड़कियां काम करती पाई गई हैं। मामला गांधीनगर और सिटी कोतवाली क्षेत्र का है। पुलिस सभी 12 लड़कियों से पूछताछ कर रही है। वहीं तीनों स्पा सेंटर के संचालकों को नोटिस थमाया गया है। हालांकि पुलिस ने किन स्पा सेंटरों पर छापेमार कार्रवाई की है, उनके नाम का खुलासा नहीं किया है। इधर सूत्रों का कहना है कि अवैध रूप से संचालित स्पा सेंटर को कुछ पुलिसकर्मियों का भी संरक्षण है, इसलिए पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है।
अंबिकापुर एएसपी विवेक शुक्ला, सीएसपी स्मृतिक राजनाला के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम ने गांधीनगर स्थित एक स्पा सेंटर और कोतवाली थाना क्षेत्र में संचालित 2 स्पा सेंटरों की जांच की। इन स्पा सेंटरों का औचक निरीक्षण किया गया। स्पा सेंटरों के संचालन का वैध लाइसेंस नहीं मिलने पर पुलिस ने तीनों स्पा सेंटरों को बंद करा दिया है। वहीं कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक शोषण अधिनियम के तहत नियमों का पालन नहीं होने पर स्पा संचालकों को नोटिस दिया गया है।
युवतियों से की गई पूछताछ
स्पा सेंटरों में कार्यरत महिला कर्मचारियों से गहन पूछताछ की गई। महिला कर्मचारियों को उनके दस्तावेज भी पेश करने के लिए कहा गया है। स्पा सेंटर के संबंध में कोई भी शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई करने की हिदायत भी दी गई है। स्पा सेंटर संचालन के संबंध में वैध लाइसेंस नहीं होने पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की सूचना श्रम विभाग और नगर निगम को दी गई है।