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शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने में रसूखदार डाल रहे अड़ंगा…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : शहर की यातायात व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है। जहां देखो वहां अव्यवस्थाओं का नजारा देखने को मिलता है। शहर के मार्गों पर वाहन चलाना टेढ़ी खीर हो गया है। एक किलोमीटर का रास्ता तय करने के लिए कई स्थानों पर आधा घंटा तक बर्बाद हो रहा है। शहर में लगातार चौपट होती यातायात व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अनजान बने हुए हैं। सबसे ज्यादा खराब स्थिति जैन मंदिर, फौव्वारा चौक,विवेकानंद चौक,गांधी चौक और स्टेशन रोड पर होती है। चौराहों के चारों ओर से आने वाले वाहनों की वजह से यातायात प्रभावित होता है। शहर की यातायात व्यवस्था बद्तर होती चली जा रही है। शहर के चौक चौराहों पर रोजाना दिन भर जाम रहता है। सड़क पर लगने वाले जाम को पुलिस द्वारा व्यवस्थित नहीं किया जाता। चौक चौराहे में चारों ओर से आने वाले वाहनों की वजह से जाम लग जाता है। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती हैं। वाहन चालकों की जगह जगह बेतरतीब पार्किंग से भी समस्या खड़ी हो रही है। व्यस्ततम मार्गों पर वाहन चालक मनमर्जी से वाहन खड़े कर रहे हैं। जिससे मार्गों पर वाहन चलाना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं पैदल चलने वाले भी परेशानी का सामना करते हैं। इसके बाद जिम्मेदार अपने आंखे मूंदे हुए है।कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर जानकारी दी गई कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बेतरतीब ढंग से खड़ी गाड़ियों पर कार्यवाही करने पर रसूखदार अडंगा लगाते है। वे खुद नही चाहते की शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार आए।शहर के कई व्यापारी घर में ही गोदाम बना कर रहे हुए है।और उनके द्वारा ही किसी भी समय बड़े वाहन को शहर में प्रवेश करवाते है।और सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करवा कर समान गोदाम में भरवाते है।वही गांधी चौक में स्थित कुछ होटल संचालक के द्वारा अपने ग्राहकों की गाड़ियों को सड़क पर खड़ी करवा देते है।अगर ऐसे वाहनों पर भी कार्यवाही करे तो रसूखदार अडंगा डालने पहुंच जाते है।अधिकारी प्रयास करेंगे की यातायात व्यवस्था सुधार जाए ।

खबर का असर : वनोपज जांच नाका से हटाए गए विजय कुमार, विभाग ने जारी किया कारण बताओ नोटिस…

हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : हिंद स्वराष्ट्र की खबर का असर एक बार फिर देखने को मिला है जहां हमारे द्वारा चलाए गए खबर पर कार्यवाही करते हुए वन विभाग द्वारा वनोंपज जांच नाका रामानुजगंज रोड अंबिकापुर में कार्यरत विजय कुमार को जांच नाका से हटा दिया है वही अपने स्थान पर अपने साले से कार्य कराने के संबंध में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग द्वारा उन्हें एक निश्चित समय में जवाब देने को कहा गया है यदि इस समयावधि में विजय कुमार द्वारा संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जाता हैं तो उन पर उचित विभागीय कार्यवाही की जाएगी।

मंडल अध्यक्ष शकुंतला सिंह ने प्रेस वार्ता कर जारी की पदाधिकारियों की सूची

हिंद स्वराष्ट्र किशन देव शाह एमसीबी :भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष शकुंतला सिंह ने अपने निवास में प्रेस वार्ता बुलाकर अनुसूचित जनजाति मोर्चा के मंडल पदाधिकारियों की सूची जारी की है. इस अवसर पर उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी. भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष उजित नारायण सिंह,मोर्चा प्रभारी सुरेश मरकाम की सहमति से मंडल अध्यक्ष शकुंतला सिंह ने मंडल की सूची जारी की है। जारी सूची में भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जनजाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष शकुंतला सिंह, उपाध्यक्ष सोनू बैगा, पिंटू बैगा, महामंत्री रघुनाथ सिंह,महामंत्री श्रीमती शीला उरांव,मंत्री राजेश मरकाम,सुरेश एक्का, कोषाध्यक्ष माहेश्वरी सिंह के अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रकाश सिंह, फूल सिंह, उमा सिंह, होम कली सिंह,सूरज गोंड,पारसनाथ सिंह, यशवंती बाई गोंड, उस्ताद खलखो,एवं सुशीला सिंह को शामिल किया गया है.इस अवसर पर जे के सिंह जिला संयोजक शिक्षा प्रकोष्ठ, मंडल अध्यक्ष आलोक जायसवाल, डा रश्मि सोनकर सोशल मीडिया प्रदेश कार्य समिति सदस्य, राजेश विश्वकर्मा बूथ अध्यक्ष, अर्चना विश्वकर्मा मंडल मंत्री, राधा,किशन साह समेत कई कार्यकर्त्ता मौजूद रहे. इस अवसर पर पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये अनुसूचित जनजाति मोर्चा की मंडल अध्यक्ष शकुंतला सिंह ने कहा कि मैं पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को विश्वास दिलाती हूं अपनी टीम के साथ भाजपा के सहयोग से केंद्र सरकार की सारी योजनाएं जो एससी वर्ग के लिए चलाई जा रही हैं उन्हें अपने आदिवासी भाइयों तक पहुंच आऊंगी तथा छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के भ्रष्टाचार व आदिवासी भाइयों की अनदेखी को उजागर करूंगी

महादेव ऐप पर ऑनलाइन सट्टा खिलाते 5 सटोरी गिरफ्तार, आरोपियों के पास से 5 लाख का सामान जब्त…

हिंद स्वराष्ट्र विशेष संवाददाता प्रतापपुर मुखबीर से प्राप्त सूचना के आधार पर दिनांक 01.05.2023 को खोरमा सरनापारा स्थित किराये के क्वाटर में IPL क्रिकेट मैच पर मोबाईल एवं लेपटाप में महादेव एप के जरिये ऑनलाईन पैसा के हार जीत का दांव लगाकर जुआ सट्टा पट्टी खेला कर धन अर्जित कर रहे आरोपीगण 1. अनील यादव आ. शंकर लाल यादव, जाति- राउत, उम्र 25 वर्ष सा0 केलाबाडी वार्ड नं. 43 थाना पदम्भनामपुर, जिला- दुर्ग, 2. बिलास सिंघारे आ. नन्द सिंघारे जाति मराठा उम्र 26 वर्ष सा0 केलाबाडी वार्ड नं. 41 थाना पदम्भनाभपुर, जिला- दुर्ग, 3. मो. उमरअली आ. मोहम्मद जलील उम्र 28 वर्ष सा0 जेलपारा वार्ड नं. 10 सूरजपुर थाना व जिला सूजरपुर छ.ग., 4. मौहम्मद अमन आ. मोईयुद्दीन उम्र 25 वर्ष सा0 जेलपारा वार्ड नं. 10 सूरजपुर थाना व जिला सूजरपुर छ.ग. एवं 5. विजय चन्द्राकर आ० श्रवण चन्द्राकर जाति कुर्मी उम्र 41

वर्ष सा. आमालोरी थाना पाटन जिला दुर्ग छ.ग. के कब्जे से पृथक-पृथक कुल 25 नग स्कीन टच एन्ड्राईड मोबाईल कीमती कुल 03 नग लैपटाप चार्जर इन्वार्टर बैटरी पेन मार्कर 02 नग मोटर साकयल कुल कीमती 05 लाख 03 हजार रुपये को विधिवत् जप्त कर पुलिस ने कब्जा कर लिया। आरोपीगणों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 90 / 23 धारा – छत्तीसगढ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6, 7 का अपराध घटित करना पाये जाने से धारा सदर का अपराध पंजीबध्द कर आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है। उपरोक्त कार्यवाही में निरीक्षक लक्ष्मण सिंह धुर्वे थाना प्रभारी प्रतापपुर, उप निरी0 राजेश तिवारी, नवल किशोर दुबे, सउनि मत्रीराम मिंज, प्रधान आरक्षक राजेश यादव, रामाधिन श्यामले, महेन्द्र पटेल, घुनेश्वर केरकेट्टा, आरक्षक प्रवीण सिंह, अवधेश कुशवाहा, अनील एक्का, इन्द्रजीत सिंह, अरविन्द पाण्डेय, निरंजन एक्का एवं अन्य स्टॉफ सक्रिय रहे ।

भाजपा द्वारा लागू 58 प्रतिशत आरक्षण से सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्टे हटना भाजपा की आरक्षण पर प्रतिबद्धता की जीत, सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत यह भाजपा के संघर्षों की जीत….

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय मे प्रेस वार्ता आयोजित किया गया जिसमे छत्तीसगढ़ के पूर्व केबिनेट मंत्री भैया लाल रजवाड़े,पूर्ब संसदीय सचिव चम्पा देवी पावले, जिलाध्यक्ष अनिल केशरवानी, जिला मीडिया प्रभारी संजय गुप्ता , महामंत्री वीरेंद्र राणा आदि लोग उपस्थित थे वंही भैया लाल रजवाड़े जी ने कहा कि आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का हम अभिनंदन करते हैं। इस फ़ैसले से न केवल प्रदेश की तात्कालीन भाजपा सरकार के 58 प्रतिशत आरक्षण का फ़ैसला सही साबित हुआ है, बल्कि कांग्रेस जिस तरह इस मामले में दोहरी राजनीति करती है, उसका भी पर्दाफ़ाश हुआ है।
भाजपा शासन काल में लागू आदिवासियों के 32% आरक्षण पर कांग्रेसियों द्वारा षड्यंत्र कर हाईकोर्ट में याचिका लगवाकर, अपास्त घोषित किए गए आरक्षण संशोधन अधिनियम 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया है। यह भाजपा की वैचारिक जीत है। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी को भी यह समझ लेना चाहिए कि वे संविधान से ऊपर नहीं हैं।
सही नीयत से कानुन बनाने पर क्या होता है, यह माननीय सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से ज़ाहिर हुआ है। अगर सच में आपकी नीति सस्ती राजनीति से प्रेरित नहीं बल्कि वास्तव में वंचितों को न्याय दिलाने की होती है, तो सारे संवैधानिक प्रावधानों पर विचार-विमर्श कर क़ानुन बनाया जाता है; जैसा भाजपा सरकार ने बनाया था। इसके उलट केवल समाज में विभेद पैदा न करने, ‘बांटो और राज करो’ की नीति के तहत समाज के बीच ज़हर फैला कर अपनी रोटी सेंकना होता है, वह कांग्रेस के कृत्यों से देखा जा सकता हैं।
जैसा कि हम सब जानते हैं कि कांग्रेस नेता पद्मा मनहर और के पी खांडे आदि ने हाईकोर्ट जा कर आदिवासियों का आरक्षण रुकवाया था। इसी तरह पिछड़े वर्ग को दिए आरक्षण के विरुद्ध कांग्रेस सरकार में ही कुणाल शुक्ला हाईकोर्ट जा कर पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को रूकवाया था। कांग्रेस सरकार ने आरक्षण की मुख़ालफ़त करने का पुरस्कार जहां श्री खांडे को आयोग का अध्यक्ष बना कर दिया, वहीं कुणाल शुक्ला को कबीर शोधपीठ का अध्यक्ष बनाया। ऐसा दोहरा चरित्र केवल कांग्रेस का ही हो सकता है।
आरक्षण के मामले में जब हाईकोर्ट में मामला था, तब भी कांग्रेस ने जान बूझ कर केस को कमजोर किया। कोर्ट में अपना पक्ष सही से नहीं रखा, जिस कारण वह हाई कोर्ट में मुक़दमा हार गयी। इस तरह कांग्रेस ने लगातार वंचित वर्गों से छल किया है।
कांग्रेस हमेशा से न केवल आरक्षण के खिलाफ रही है, बल्कि वह इसपर केवल राजनीति करती रही है। केंद्र में गैर कांग्रेसी भाजपा समर्थित वीपी सिंह की सरकार ही पिछड़ों को नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान मंडल आयोग के रूप में लेकर आयी थी। भाजपा के समर्थन से ही संयुक्त मोर्चा की सरकार ने सबसे पहले शासकीय नौकरियों में पिछड़ों के आरक्षण का प्रावधान किया। उस समय कांग्रेस विपक्ष में थी, ज़ाहिर है कांग्रेस तब भी आरक्षण की विरोधी ही थी।
19 सितंबर 2022 को भूपेश सरकार के षड्यंत्र और लापरवाही के कारण हाईकोर्ट से अपास्त आरक्षण अधिनियम का प्रभाव नौकरियों सहित अन्य शिक्षा सुविधाओं पर ना हो इसके लिए भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा ने शुरू से संघर्ष किया और भूपेश सरकार पर आंदोलन और पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर दबाव बनाया किया कि हाईकोर्ट से अपास्त घोषित आरक्षण पर न्याय केवल सुप्रीम कोर्ट ही दे सकता है। परंतु भूपेश सरकार अपने हठधर्मिता के कारण इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट जाने से बचती रही, और तो और जब अन्य आदिवासी पक्षकार हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नोटिस जारी करवाए तो भूपेश सरकार ने नोटिस का भी कोई जवाब दाखिल नहीं किया। कांग्रेस के बड़े वकील सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हर बार प्रकरण को आगे की तारीख लेते नजर आए। 19 अप्रैल 2022 को भाजपा अजजा मोर्चा द्वारा पत्र लिखकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरक्षण के मामले को उचित वैधानिक तरीके से सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख कर राहत दिलाने की चेतावनी देते हुए कहा था कि राहत न मिलने पर अजजा मोर्चा विभिन्न आदिवासी संगठनों के साथ रायपुर के शहीद वीरनारायण सिंह जी के बलिदान स्थल जयस्तंभ चौक पर आमरण अनशन करेंगे। इस चेतावनी के बाद कुंभकर्णी नींद में सोई भूपेश सरकार नींद से जागी और 25अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट में अर्जेंट हियरिंग का निवेदन किया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए 1 मई को भाजपा शासनकाल के 58%वाले आरक्षण अधिनियम को स्टे दे दिया। कांग्रेस सरकार अगर कोशिश करती तो सितंबर 2022 को ही यह निर्णय आ सकता था पर आरक्षण के मामले पर कांग्रेस की नीयत में खोट है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा मिले इस न्याय से स्पष्ट है कि हाईकोर्ट तक में शासन ने अपना पक्ष बेहतर नहीं रखा। कांग्रेस चाह रही थी कि सरकार किसी तरह हार जाए। इसीलिए उसने क्वांटिफायबल डेटा आयोग की रिपोर्ट को भी सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे तमाम कृत्यों के कारण कांग्रेस की नीयत पर हमेशा सवाल उठता ही रहेगा।
भाजपा का यह स्पष्ट मानना है कि जान बूझ कर कांग्रेस सरकार आरक्षण का मुक़दमा हारना चाहती थी ताकि एक भी नौकरी नहीं दे पाने की अपनी विफलता पर वह पर्दा डाल सके। इस फैसले से कांग्रेस का नक़ाब उतर गया है। उसका असली चेहरा एक बार और जनता के बीच आया है।
भाजपा यह मांग करती है कि अब ऐसी सभी बहानेबाज़ी को छोड़ कर कांग्रेस सरकार जल्द से जल्द सभी ख़ाली पदों पर पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए भर्तियां शुरू करे। युवाओं के भविष्य से संबंधित ऐसे महत्वपूर्ण विषय पर किसी भी तरह की हीलाहवाली अब भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदेश के युवा भी अब इसे सहन नहीं करेंगे।
भाजपा ने छत्तीसगढ़ में 58 प्रतिशत आरक्षण लागू किया और कांग्रेस ने उसे छीना ,फिर भाजपा ने पुनः संघर्ष कर सरकार के खिलाफ चक्काजाम ,धरना और हर संभव प्रयास करके आरक्षण लागू करवाया है और छत्तीसगढ़ के लोगो को आरक्षण मिलता रहे भाजपा इसके लिए प्रतिबद्ध है,पुनः सबको बधाई, मा.सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करती हैं।

शिक्षा का हाल बेहाल :कोरिया व एमसीबी के स्कूलों में जरूरत से आधे शिक्षक , भवनो की स्थिति जर्जर….

हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : कोरिया समेत एमसीबी जिले में प्रायमरी से लेकर हायर सेकंडरी तक 1510 स्कूल संचालित है। यहां करीब 4 हजार नियमित समेत अतिथि शिक्षक कार्यरत है। इसके बाद भी 50 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी हुई है। वहीं कई स्कूल एकल शिक्षक के तहत संचालित है, तो वर्तमान में पदोन्नति की वजह से कई स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं। वहीं 11 प्रायमरी व मीडिल स्कूल ऐसे है, जहां बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे है। बता दें कि जिले के 11 प्राइमरी व मिडिल स्कूल ऐसे हैं, जहां भवन खस्ताहाल हो चुके है। साथ ही प्लास्टर भी टूटने लगे हैं। शिक्षा विभाग ने इन भवनों को खतरनाक मानते हुए सूची भी बनाई है, लेकिन नए भवन के लिए सरकार से मंजूरी मिलने का इंतजार है। पिछले साल साढ़े तीन करोड़ रुपए से 130 जर्जर स्कूलों की मरम्मत कराई गई थी। बता दें कि जिले के भखार, डुमरिया, आंजो खुर्द, बरदर, तामडांड, बैमा, अमका, कोड़ा, जरौंधा, जिली बांध, कछौड़, बिहारपुर, कुंवारपुर, समेत कई गांव ऐसे हैं, जहां स्कूल की भवन की हालत खराब है।

स्कूल में 124 बच्चों पर 1 शिक्षक
ब्लॉक खड़गवां में 25 प्रायमरी, 3 मीडिल समेत 1 हाई स्कूल ऐसे है जहां केवल एक शिक्षक कार्यरत है। बता दें कि ग्राम पंचायत पैनारी में संचालित हाई स्कूल में 124 विद्यार्थी पढ़ाई करते है। कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए एक शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा ग्राम कोचका, कटकोना व बैमा में संचालित मीडिल स्कूल में एक-एक शिक्षक ही कार्यरत है।

मध्याह्न भोजन कर लौट रहे बच्चे
ब्लॉक भरतपुर के ग्राम पंचायत जनकपुर के बैगापारा के प्रायमरी स्कूल 60 पढ़ाई करते है। यह एक शिक्षक सभी बच्चों को पढ़ाते थे, लेकिन वे भी पदोन्नति के कारण दूसरे स्कूल में चले गए है। इस वजह से बच्चे स्कूल में सिर्फ मध्याह्न भोजन करके वापस लौट रहे है।
लड़कोड़ा के प्रायमरी स्कूल में 80 बच्चे है लेकिन यह एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है। इसके अलावा प्रायमरी स्कूल पतवाही 50 छात्रों को पढ़ाने के लिए सिर्फ एक शिक्षक है। भगवानपुर प्रायमरी स्कूल में 80 बच्चे, लालमाटी के प्रायमरी स्कूल में 50 बच्चे, भगवानपुर के रामटोला में संचालित प्रायमरी स्कूल में 70 बच्चे एक शिक्षक के भारोसे पढ़ाई करते है। यह ब्लॉक का सबसे पुराना स्कूल है, जिसकी भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है।

4 साल से ग्रामीण के घर में संचालित हो रहा स्कूल
कोरिया जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर ग्राम पंचायत कसरा के खुटरापारा में कन्या प्रायमरी स्कूल ग्रामीण के घर में ही संचालित हो रहा है। बता दें कि यहां 33 बच्चे पढ़ाई करते है। स्कूल की भवन जर्जर होने के बाद कुछ साल तक जान जोखिम में डालकर शिक्षक बच्चों को पढ़ाते रहे, लेकिन खंडहर भवन में स्कूल का संचालन संभव नहीं था, भवन के आभाव में स्कूल बंद कर दिया गया। इसके बाद गांव के राम सिंह ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए अपने घर का एक बरामदा और एक कमरा प्रधानपाठक को सौंपा। बता दें कि बीते 4 साल से बच्चे राम सिंह के घर में ही पढ़ाई कर रहे है।

डीईओ ने कहा- भवन के रिपेयरिंग के लिए प्रस्ताव भेजा गया
“काेरिया डीईओ अनिल जायसवाल ने बताया कि पदोन्नति के बाद यह समस्या सामने आ रही है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो गई है। मई में ज्वाइनिंग की फाइनल लिस्ट बनने के बाद पता चलेगा किन स्कूलों में शिक्षकों की कमी हुई और कहां शिक्षक ज्यादा है। इसके बाद शासन के निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जर्जर भवन के रिपेयरिंग के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, राशि स्वीकृत होने पर भवनों को ठीक कराया जाएगा।”

रेलवे टिकट बेचते 48 दलाल पकड़ाए, 13 लाख के टिकट जब्त…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा टिकट दलालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रायपुर, बिलासपुर और नागपुर रेल मंडल में हुई कार्रवाई में 30 अप्रैल तक कुल 48 अवैध टिकट दलालों की धर-पकड़ की गई है। अवैध टिकट दलाल अलग-अलग व्यक्तिगत आइडी बनाकर उसका दुरुपयोग करते हुए जरूरतमंद यात्रियों को अधिक दाम में बेचते हैं। आइआरसीटीसी के पोर्टल पर टिकट बनाकर अतिरिक्त लाभ लेकर तत्काल प्रीमियम और अन्य रिजर्वेशन टिकट बेचते हैं, जो कि धारा 143 रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। वहीं तीनों मंडलों में की गई कार्रवाई के अनुसार बिलासपुर मंडल में सात, रायपुर मंडल में 10 और नागपुर मंडल में 21 सहित कुल 48 में कार्रवाई की गई है। इसमें बिलासपुर मंडल के अंबिकापुर, चांपा, रायगढ़, मनेंद्रगढ़, शहडोल, अनपपुर और पेंड्रारोड, जबकि रायपुर मंडल के रायपुर, भाटापारा, भिलाई, दुर्ग तथा नागपुर मण्डल के डोंगरगढ़, छिंदवारा, बालाघाट, नैनपुर, नागपुर, इतवारी, गोंदिया, भंडारा रोड, नागभीड़ में छापेमारी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में टिकट दलालों से भविष्य की यात्रा के लिए 1,03,426, पुराने यात्रा के लिए टिकिट 11,97,370 सहित कुल 13,00,799 रुपये के टिकिट जब्त किए गए। वहीं, इस अभियान में कम्प्यूटर, मोबाइल, लैपटाप सहित अन्य सामान जब्त किए गए हैं।

कोहली-गंभीर’ के बीच हुई जोरदार झड़प, BCCI ने लिया एक्शन सुनाई ये सजा….

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच हुई जो़रदार झड़प के बाद बीसीसीआई एक्शन में है. बोर्ड ने विराट कोहली, गौतम गंभीर और नवीन उल हक तीनों खिलाड़ियो पर भारी जुर्माना लगाया है. विराट कोहली और गौतम गंभीर पर मैच फीस का 100 फीसदी तो वहीं नवीन उल हक पर 50 फीसदी जुर्माना लगाया गया है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद दोनों ही खिलाड़ी एक दूसरे से भिड़ गए थे. जिसके बाद बीच बचाव में दोनों टीमों के खिलाड़ियों को आना पड़ा. बैंगलोर ने लखनऊ को उसी के घर में 18 रनों से हराया.

कैसे शुरू हुई कोहली गंभीर के बीच बहस?
बता दें कि टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करते हुए बैंगलोर ने 20 ओवर में 126 रन स्कोरबोर्ड पर लगाए थे. इस टारगेट का पीछा करते हुए लखनऊ ने पावरप्ले में ही अपने 4 विकेट गंवा दिए. इसी बीच सबसे पहले क्रुणाल पंड्या का कैच लेने के बाद विराट कोहली ने स्टैंड्स की तरफ देखकर मुंह पर उंगली रखी, फिर फैंस को चुप रहने के बजाय आरसीबी को चीयर करने का इशार किया. इससे पहले जब इसी सीजन में पिछले मैच में लखनऊ ने आरसीबी को हराया था तो गौतम गंभीर ने फैन्स की तरफ मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया था, शायद कोहली ने ऐसा बर्ताव कर गंभीर को करारा जवाब दिया था. इसके बाद लखनऊ की पारी के 17वें ओवर के दौरान विराट कोहली अमित मिश्रा और नवीन-उल-हक के बीच गर्मागर्मी देखने को मिली. जिसके बाद विराट कोहली और अमित मिश्रा के बीच बहस हुई. इसके बाद जब आरसीबी ने जब मैच जीत लिया तो नवीन उल हक और विराट कोहली हाथ मिलाते समय एक दूसरे से टकराने के मूड में थे. इसके बाद गंभीर ओर कोहली जब आमने-सामने आए तो दोनों के बीच काफी देर तक बहस चली. इसी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

पुलिस और सुरक्षाबलों को 3 कुख्यात नक्सलियों को पकड़ने में मिली सफलता…

हिंद स्वराष्ट्र बीजापुर : दंतेवाड़ा नक्सली हमले के बाद पुलिस और सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हासिल हुई हैं। पुलिस ने बस्तर संभाग के धुर नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर से तीन खूंखार नक्सलियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की हैं। बताया जा रहा हैं हिरासत में लिए गये नक्सली अपहरण, मारपीट औऱ बैनर लगाने वाले घटनाओ मे शामिल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक़ बांसागुड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने संयुक्त रूप से सर्चिंग ऑपरेशन चलाया था। इसी दौरान तीनो नक्सली उनके हत्थे चढ़ गए। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही हैं।

बलरामपुर के नवपदस्थ कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने किया पदभार ग्रहण…

हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : नवपदस्थ कलेक्टर रिमिजियुस एक्का ने 01 मई 2023 को पूर्वाह्न में संयुक्त जिला कार्यालय भवन पहुंचकर कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज का पदभार ग्रहण कर लिया है। इसके पूर्व एक्का सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के पद पर कार्यरत् थे। एक्का 2011 बैच के आई.ए.एस. अधिकारी हैं। उनके पदभार ग्रहण करने के मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रेना जमील, संयुक्त कलेक्टर द्वय आर.एन.पाण्डेय, ज्ञानेंद्र सिंह ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला कोषालय अधिकारी संतोष सिंह एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

सूरजपुर जिले के नये कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संभाला पदभार…

हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : जिले के नये कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज पदभार संभाल लिया है। आज सुबह 11.30 बजे संयुक्त जिला कार्यालय के कलेक्टर कक्ष में कलेक्टर इफ्फत आरा ने संजय अग्रवाल को अपना चार्ज दिया। अग्रवाल जिले में 8वे कलेक्टर के रूप में नियुक्त हुए हैं। संजय अग्रवाल 2012 बैच के आईएएस अधिकारी हैैं। इसके पूर्व वे संयुक्त सचिव सामान्य प्रषासन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा विमानन, मिशन, संचालक स्वच्छ भारत मिशन के पद पर पदस्थ थे। पदभार ग्रहण के अवसर पर पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, जिला पंचायत सीईओ सुश्री लीना कोसम, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, संयुक्त कलेक्टर डॉ. प्रियंका वर्मा उपस्थित थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 58% आरक्षण पर लगी रोक हटाई…तुरंत भर्ती और प्रमोशन के निर्देश..

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ के लिए एक बड़ी खबर निकल कर आई हैं जहां सुप्रीम कोर्ट ने 58% आरक्षण पर लगी रोक हटा दी है। साथ ही, तुरंत भर्ती और प्रमोशन करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए रोक लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब भर्ती और प्रमोशन के साथ-साथ एडमिशन में आने वाली दिक्कत भी दूर हो जाएगी। उल्लेखनीय हैं कि आरक्षण के कारण अनेक भर्तियों पर रोक लगी हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 58% आरक्षण के आधार पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।

    आदिवासी नेता नंदकुमार साय ने ग्रहण की कांग्रेस की सदस्यता….सीएम की मौजूदगी में बने कांग्रेसी…

    हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। सोमवार की दोपहर वे राजीव भवन पहुंचे वहां उन्हें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। रविवार को डॉ साय के भाजपा से इस्तीफे के बाद से उनके कांग्रेस प्रवेश की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि कल शाम ही कांग्रेस भवन में सुबह साढ़े दस बजे बैठक की खबर आते ही यह तय हो गया था कि यह बैठक नहीं बल्कि नंदकुमार साय के कांग्रेस प्रवेश के लिए आयोजन है। सोमवार की सुबह से ही कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में जोर-शोर से तैयारियां चल रही थीं। नंदकुमार साय के कांग्रेस में शामिल होने से पहले कांग्रेस भवन में मंत्री मोहम्मद अकबर और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय भी मौजूद रहे।

    Big breaking : चुनाव से पहले बीजेपी को बड़ा झटका, डॉ नंदकुमार साय ने दिया इस्तीफा….

    हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : चुनाव से पहले BJP को बड़ा झटका लगा है। भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता डॉ. नंद कुमार साय ने इस्तीफा दे दिया है। साय ने प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव को पत्र लिखकर इस्तीफा सौंपा है। इतना ही नहीं नंद कुमार साय ने पार्टी के नेताओं पर छवि धूमिल करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि, भारतीय जनता पार्टी के गठन और अस्तित्व में आने के प्रारंभ से लेकर आज पर्यन्त तक पार्टी द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण पदों और उत्तरादायित्व की जितनी भी जिम्मेदारी मुझे दी गई, उसे पूरे समर्पण एवं कर्तव्य परायणता के साथ मैने अपने उत्तरदायित्व एवं पदों का निर्वहन किया, जिसके लिए मैं पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं।
    पिछले कुछ वर्षों से भारतीय जनता पार्टी में मेरी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से मेरे विरूद्ध अपनी ही पार्टी के राजनीतिक प्रतिद्वंदियों द्वारा षड़यंत्रपूर्वक मिथ्या आरोप और अन्य गतिविधियों द्वारा लगातार मेरी गरिमा को ठेस पहुंचाया जा रहा है, जिससे मैं अत्यंत आहत महसूस कर रहा हूं। उन्होंने लिखा कि बहुत गहराई से विचार करने के बाद मैं भारतीय जनता पार्टी की अपनी प्राथमिक सदस्यता एवं अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। मेरा इस्तीफा स्वीकार करने की कृपा करें। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि, आज भारतीय जनता पार्टी जिसके गठन से लेकर आज पर्यन्त तक पूरे मेहनत एवं ईमानदारी से सींच कर फर्श से अर्श तक पहुंचाया था, उसे छोड़ते समय अत्यंत पीड़ा एवं दुख तो हो रहा है परन्तु वर्तमान में पार्टी में मेरे समाज की एवं मेरी छवि और गरिमा को जैसे आहत किया जा रहा था।

    गैर आदिवासी महिला ने फर्जी तरीके से आदिवासी की जमीन हड़पी, मामला पहुंचा न्यायालय…

    हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : ग्राम पंचायत चनवारीडांड का मामला जहां छल कपट कर गोड़ आदिवासी की भूमि को हड़पने का मामला सामने आया है उक्त प्रकरण माननीय न्यायालय मनेन्द्रगढ़ चल रहा है जो इस प्रकार से है कि एक अनुसूचित जाति की महिला आंगनबाडी सूपरवाईजर ललीता चौहथा पति रामसेवक चौहथा के द्वारा फर्जी तरीके से अपनी जाति बदलकर बंदोबस्त रिकार्ड में ललीता चौहथा की जगह ललीता गोड़ दर्ज करवाकर सुबरन सिंह पिता रूपसाय के खसरा नं. 336/502 की भूमि को हड़पकर खरीदी बिक्री का कार्य किया गया है। उक्त फर्जीवाडे में ललीता चौथा का पुत्र अमित चौहथा सहित उसकी बहू अल्का लकड़ा जो पेशे से शासकीय शिक्षिका है वह भी शामिल है ऐसा बताया जा रहा है न्यायालय के फैसले के बाद और भी फर्जीवाड़े का खुलासा होने की सम्भावना है।
    ग्रामीण सूत्रों के अनुसार उक्त ललीता चौहथा का पुत्र जो आदिवासी महिला से विवाह कर उसके नाम से ग्राम पंचायत चनवारीडांड में सस्ते दामों पर गरीब गोड़ आदिवासी की भूमि खरीद कर उक्त भूमि के कई प्लाट बनाकर बड़े महगे दामों पर बिक्री कर लाखों रू० अर्जित कर शासन को चूना लगाया गया है एवं लगाया जा रहा है। अमित चौहथा भी शासकीय कर्मचारी है।

    देश के बड़े बैंक का होगा विलय, मिल गयी मंजूरी, जाने खाता रखने वालों पर क्या होगा असर?

    हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली: भारत के पब्लिक सेक्टर के सबसे बड़े बैंक में शामिल HDFC BANK के साथ HDFC लिमिटेड के विलय को मंजूरी दे दी गई है. अगर आपका भी इस बैंक से किसी प्रकार का लेन देन है तो समझिए कि आपके साथ इस विलय का क्या असर होगा.
    एचडीएफसी बैंक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के तरफ से पहले से ही Too Big Too Fall श्रेणी में है और अब इस विलय के साथ ही या बैंक और बड़ा हो जाएगा जिसके वजह से इसमें अकाउंट रखने वाले उपभोक्ताओं के पैसे और ज्यादा सुरक्षित माने जा सकते हैं। विलय के बाद बाजार पूंजीकरण बढ़ेगा जिससे उपभोक्ताओं के बैंक में जमा पूंजी पर सुरक्षा बढ़ेगा। अगर आप इन कंपनियों के शेयर रखते हैं तो ऐसी स्थिति में HDFC शेयर होल्डर अपने 25 शेयर के बदले एचडीएफसी बैंक के 42 शेयर हासिल करेंगे। इस विलय के बाद कूल ऐसेट वैल्यू 18 लाख करोड़ का होगा और एचडीएफसी बैंक 100 पब्लिक शेयर होल्डिंग में तब्दील हो जाएगा।
    इस विलय से किसी भी प्रकार अकाउंट रखने वाले लोगों के दैनिक लेनदेन या बैंकिंग से संबंधित अन्य क्रियाकलापों में बदलाव नहीं आएंगे।

    2 बेटों की आपसी लड़ाई में बीच बचाव करने गए पिता की इलाज के दौरान मौत…

    हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : बलरामपुर जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरौल में दो नाबालिक बेटों की लड़ाई छुड़ाने के दौरान घायल पिता की इलाज के दौरान अम्बिकापुर जिला चिकित्सालय में मौत हो गई।

    मिली जानकारी के अनुसार दिनेश पोया पिता रामदास पोया 42 वर्ष शुक्रवार की दोपहर अपने घर में था। इसी दौरान उसके 2 नाबालिग पुत्र आपस में विवाद करने लगे, इसी बीच दोनों में मारपीट शुरु हो गई। दोनों बेटों को लड़ता देख दिनेश बीच बचाव करने पहुंचा। बीच बचाव के दौरान हुई धक्का-मुक्की में वह जमीन पर गिर गया। इससे उसके पेट में काफी चोट लगी और वह छटपटाने लगा। इसी बीच उसे उल्टियां होने लगी। यह देख परिजन उसे आनन-फानन में लेकर बलरामपुर जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां जांच पश्चात उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए रेफर कर दिया। वही मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उसकी मौत हो गई।

    “17 ग्रामीणों को पीटा, इसलिए हमने 10 जवानों को मारा”: अरनपुर हमले के बाद नक्सलियों का बयान….

    हिंद स्वराष्ट्र दंतेवाड़ा : दंतेवाड़ा के अरनपुर में बड़े नक्सली हमले के बाद नक्सलियों ने एक और बयान जारी किया है। अपने बयान में उन्होंने कहा है कि जवानों ने 17 ग्रामीणों को पीटा, अंधाधुंध फायरिंग की। बेवजगह गिरफ्तारियां की गई। इसी के विरोध में हमने हमला किया। जिसमें 10 जवानों की मौत हुई और ड्राइवर भी मारा गया। नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल ब्यूरो की प्रवक्ता समता ने यह बयान जारी किया है। नक्सलियों ने अपने जवानों से अपील भी की है। उन्होंने कहा है कि आप सभी पुलिस की नौकरी छोड़ दीजिए, और भी विभाग में कई पद खाली हैं। वहां भर्ती हो जाएं। सरकार ने अन्य विभागों में नियुक्ति करना छोड़ दिया है। जनता के खिलाफ सरकार की तरफ़ से भाग न लें, जनता के साथ खड़े रहें।
    माओवादियों ने यह भी कहा है कि इस पूरी वारदात को PLGA (पीपुल्स गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी) ने अंजाम दिया है। कहा- 12 अप्रैल को गोन्डेरास में जवानों ने ग्रामीणों के साथ मारपीट की थी। वे सर्चिंग के नाम पर पहले भी ऐसा करते रहे हैं। पाशविक हमलों से बचने और उन्हें विफल करने के लिए अरनपुर हमले को अंजाम दिया गया।

    सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 हेतु जिले में 5 मई से 15 मई तक ग्राम सभा का होगा आयोजन…

    हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : कलेक्टर इफ्फत आरा ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा-6 हेतु प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेष जारी कर जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में कोविड-19 से बचाव के समस्त गाईडलाईन का पालन करते हुये 05 से 15 मई 2023 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय एवं उनके आश्रित ग्रामों में ग्राम सभा आयोजित करने कहा है। छ.ग. पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 129 (ख) (3) के तहत गणपूर्ति के साथ-साथ ग्राम सभा में सदस्यों की शत-प्रतिशत उपस्थिति करवाने का दायित्व सरपंच, पंच एवं सचिव का होगा।
    5 मई से 15 मई तक आयोजित होने वाली ग्राम सभा में सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 की अद्यतन जानकारी जनसामान्य के समक्ष रख कर दावा, आपत्ति प्राप्त करते हुए कार्यवाही विवरण में लिया जाये। आवर्ती चराई योजना अंतर्गत चयनित गौठान चारागाह विकास क्षेत्र को सामुदायिक वन अधिकार अधिनियम 2006 के नियम 3(2) के तहत वन विभाग से ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने के संबंध में (आवर्ती गौठानों की सूची संलग्न) किये जाये। पलायन पंजी का संधारण तथा पलायन करने वाले ग्रामीण जनों का श्रमेव जयते एप्प में एंट्री व ग्राम पंचायतों से नाबालिक बच्चों के पलायन करने की स्थिति में पुलिस अधिकारी, महिला बाल विकास अधिकारियों के माध्यम से अवगत कराऐं के संबंध में चर्चा की जाये। ग्राम पंचायतों में शासकीय भूमि पर मोबाइल टॉवर की स्थापना संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा किया जाये। सतत् विकास लक्ष्य थीम अनुसार ग्राम पंचायत विकास योजना, जीपीडीपी (वित्तीय वर्ष 2023-24 ) के सबंध में चर्चा एवं अनुमोदन कराये जाये। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

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