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चौकी प्रभारी की गुंडागर्दी : युवकों पर जमकर चलाएं थप्पड़ और लात, जब मारपीट से मन नही भरा तो युवकों को कर दिया एसडीएम के समक्ष पेश..देखे वीडियो….

हिंद स्वराष्ट्र वाड्रफनगर : वाड्रफनगर पुलिस चौकी प्रभारी विनोद पासवान के दबंगई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा हैं जिसमें विनोद पासवान वाड्रफनगर बस स्टैंड में दो युवकों से मारपीट करते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में पासवान द्वारा युवकों को थप्पड़ और लात से पीटा जा रहा हैं। बताया जा रहा हैं कि युवकों को केवल इसलिए पीटा गया क्युकी बाइक में सवार युवक द्वारा पासवान की कार को साइड नही दिया गया।

मिली जानकारी के अनुसार बाइक में सवार 2 युवक बस स्टैंड में मेडिकल स्टोर में दवाई लेने आए हुए थे जहां एक युवक दवा लेने मेडिकल में गया हुआ था वही दूसरा युवक बाइक पर बैठा हुआ था इसी दौरान वाड्रफनगर चौकी प्रभारी विनोद पासवान कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के साथ कार में पहुंचते हैं और हॉर्न देकर बाइक को साइड करने को कहते हैं, युवक बाइक को साइड देने के लिए बाइक स्टार्ट करता है लेकिन किसी कारणवश उसका बाइक स्टार्ट नहीं हो पाता है जिससे चौकी प्रभारी तिलमिला उठते हैं और कार से उतर कर युवक की जमकर धुलाई कर देते हैं जब बीच बचाव करने के लिए दूसरा युवक आता है तो उसे भी चौकी प्रभारी द्वारा जमकर पीटा जाता है।

देखे वीडियो :

युवकों को एसडीएम के सामने किया गया पेश

युवकों से मारपीट करने के बाद चौकी प्रभारी विनोद पासवान युवकों को घसीटते हुए अपने साथ अपनी कार में बैठा कर ले गए और उन्हें एसडीएम के समक्ष पेश किया जहां पर मुचलका में युवकों को छोड़ दिया गया।

तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आकर स्कूटी सवार महिला की दर्दनाक मौत…

हिंद स्वराष्ट्र जशपुर : जशपुर जिले में सुबह हुई एक सड़क दुर्घटना में एक स्कूटी सवार महिला की मौत हो गई हैं। घटना कुनकुरी के पास गड़ा कटा की है। जानकारी के मुताबिक महिला स्कूटी से तपकरा से कुनकुरी की ओर आ रही थी तभी गड़ा कटा के पास एक ट्रक की चपेट में आ गई और घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार मृतिका तपकरा थाना क्षेत्र के जामबहार की रहने वाली है तथा कुनकुरी में उसका ससुराल है। मृतिका सुबह किसी काम से कुनकुरी जाने के लिए निकली थी लेकिन रास्ते में वह ट्रक की चपेट में आ गई जिससे उसकी मौत हो गई। कुनकुरी पुलिस घटना की जांच में जुट गई है और शव को पीएम के लिए अस्पताल भेज दिया गया हैं।

सनातन स्वाभिमान रैली : छत्तीसगढ़ शासन प्रशासन एवं धर्मांतरण के खिलाफ गर्जना एवं रैली कर पुलिस महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ के नाम अंबिकापुर में सौंपा ज्ञापन…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : बीते 25 अप्रैल को सांभर बार दुर्गा पारा मैं चर्च की गतिविधि मैं संलग्न महिला के इशारे पर संत परम पूज्य गहरा गुरु जी महाराज के छोटे सुपुत्र जिला पंचायत के सदस्य गेंद बिहारी जी को पुलिस के द्वारा बर्बरता पूर्वक मारपीट लात घुसा से किए जाने के कारण एवं थाने में एफ आई आर नहीं करने मेडिकल नहीं करने के कारण छत्तीसगढ़ के सनातन संत समाज के धर्मगुरुओं के द्वारा अंबिकापुर वीडीआई मैदान में सरगुजा संभाग के सभी जनजाति समाज के संत एवं गहिरा गुरु राजमोहिनी आश्रम से जुड़े हुए भक्त जनों के साथ साथ में छत्तीसगढ़ संत समाज के प्रमुख साधु-संतों के द्वारा संतो के ऊपर हो रहे बर्बरता पूर्वक मारपीट कम धर्मांतरण के विरोध में आक्रोश व्यक्त करते हुए शासन प्रशासन को आईना दिखाते हुए इस तरह के भोले भाले संत समाज पर पुलिस के द्वारा शासन के इशारे पर मारपीट किए जाने को घोर निंदनीय बताया एवं पुलिस अधिकारी शेर बहादुर सिंह के ऊपर एफ आई आर दर्ज करते हुए उसको बर्खास्त करने के लिए नौकरी से बाहर करने का भी जापान के माध्यम से उल्लेख किया गया है इस अवसर पर सनातन संत समाज केअध्यक्ष परम पूज्य संत गहिरा गुरु जी महाराज के बड़े सुपुत्र संत बाबरुबहन महाराज उपस्थित हुए। इस अवसर पर संत समाज के छत्तीसगढ़ प्रदेश के अध्यक्ष परमात्मा नंद गिरी महाराज एवं काफी संख्या में छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों के संत महात्माओं का उपस्थिति भारी संख्या में दिखा एवं और घर वापसी अभियान के प्रमुख कुमार दिलीप सिंह जूदेव जी के सुपुत्र कुमार प्रबल प्रताप सिंह जूदेव अपने उद्बोधन में अपने पिता के रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराते हुए हिंदू समाज जनजाति समाज के धर्म संस्कृति के रक्षक के रूप में जीवन भर काम करते रहने का संकल्प दोहराया संत परमात्मानंद महाराज ने लव जिहाद लैंड बिहार धर्मांतरण पर छत्तीसगढ़ सरकार को आड़े हाथों लेते हुए अति शीघ्र इन सब बातों पर कार्यवाही करने के एवं केंद्र सरकार से अल्पसंख्यक का दर्जा को संविधान से समाप्त करने के लिए आग्रह किया एवं भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने का आग्रह किया सनातन संघ समाज समर बार के अध्यक्ष बब्रुवाहन महाराज ने परम पूज्य संत गहिरा गुरु महाराज जी बताए हुए रास्ते पर सत्य शांति धर्म संस्कृति रीति रिवाज परंपरा को बचाए बनाए रखने की दृष्टि से जो रास्ता उन्होंने बताया उस रास्ते पर सभी श्रद्धालु भक्तों से आग्रह किया इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन कंवर समाज के सदस्य राम लखन सिंह पैकरा के द्वारा स्वागत उद्बोधन में इस कार्यक्रम में गेंद बिहारी जी के दुख को पीड़ा को सब समाज का पीड़ा बताते हुए संत समाज के लिए और लोकतंत्र के लिए घातक बताते हुए उन्होंने गुरु महाराज के द्वारा बताए गए भजन राम भजो भाई गोविंदा भजो भाई राम के भजन में तो दुख विशु राई के भाव से उपस्थित सभी भक्तों संतों का स्वागत उद्बोधन दिया कार्यक्रम का संचालन कपिल मुनि ने किया इस अवसर पर कार्यक्रम में सनातन संत समाज समर मार के सचिव वीरेंद्र महाराज भाजपा के वरिष्ठ नेता मेजर अनिल सिंह, अनुराग सिंह देव, देवनाथ सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष लल्लन प्रताप सिंह भाजपा जिला अध्यक्ष सूरजपुर बाबूलाल गोयल, रमन अग्रवाल, राम किशन सिंह, देवनाथ सिंह, भारत सिंह सिसोदिया, विनोद, हर्ष हरपाल सिंह भामरा उपेंद्र पैकरा खुड़िया दीवान प्रदीप नारायण सिंह अरुणा सिंह, इंदर भगत विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल भाजपा युवा मोर्चा सरगुजा के जिला अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर हजारों के संख्या में संत समाज के संत भक्त जनों का इस कार्यक्रम में आक्रोश दिखा एवं बीटीआई ग्राउंड से कलेक्ट्रेट तक रैली कर पुलिस महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का भंडाफोड़, ED की गिरफ्त में नेताओं और नौकरशाहों का करीबी सरगना….

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ में एक शराब घोटाला सामने आया है जिस घोटाले को छत्तीसगढ़ के शीर्ष राजनेताओं और नौकरशाहों की मदद से संचालित किए जाने की कयास लगाई जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में इस 2000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का भंडाफोड़ किया है. ईडी ने इस मामले में मुख्य आरोपी अनवर ढेबर को शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया था जिसे चार दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया है.
ईडी ने इससे पहले मार्च के महीने में कई स्थानों पर तलाशी ली थी और कथित घोटाले में शामिल कई लोगों के बयान दर्ज किए थे. एजेंसी का दावा है कि उसने “2019 – 2022 के बीच 2000 करोड़ रुपये के बड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग” के सबूत एकत्र किए हैं. ईडी ने बयान जारी कर कहा, ‘पीएमएलए जांच से पता चला है कि अनवर ढेबर के नेतृत्व में एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट छत्तीसगढ़ राज्य में काम कर रहा था. अनवर ढेबर को एक शख्स के अलावा राज्य के शीर्ष राजनेताओं और वरिष्ठ नौकरशाहों का वरदहस्त प्राप्त था.

ईडी ने किया बड़ा खुलासा
अधिकारियों के अनुसार, अनवर ने एक बड़ी साजिश रची और घोटाले को अंजाम देने के लिए लोगों और संस्थाओं का एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया. इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में बेची जाने वाली शराब की प्रत्येक बोतल से अवैध रूप से पैसा एकत्र करना था. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस शासित राज्य के कई नौकरशाह और राजनेता भी ईडी की रडार पर हैं. शराब से प्राप्त होने वाला राजस्व (उत्पाद शुल्क) राज्य की आय का एक बड़ा सोर्स है. आबकारी विभाग के पास शराब की आपूर्ति को संचालित करने, नकली शराब से होने वाली घटनाओं को रोकने और राज्य के लिए राजस्व अर्जित करने तथा उपयोगकर्ताओं को गुणवत्ता वाली शराब सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है. ईडी ने आरोप लगाया था कि उनकी जांच से पता चला है कि अनवर ढेबर के नेतृत्व वाला आपराधिक सिंडिकेट इन सभी उद्देश्यों के उलट काम कर रहा था.

छत्तीसगढ़ में, शराब की खरीद से लेकर खुदरा बिक्री और उपभोक्ता तक शराब व्यापार, सभी पहलुओं को राज्य द्वारा नियंत्रित किया जाता है. किसी भी निजी शराब की दुकान की अनुमति नहीं है. सभी 800 शराब की दुकानें राज्य द्वारा संचालित हैं. छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) छत्तीसगढ़ में बेची जाने वाली सभी शराब की खरीद को नियंत्रित करता है. जो आपूर्तिकर्ता दुकानें चलाते हैं उनके लिए मेन पावर, कैश कलेक्शन टेंडर्स, बोतल निर्माताओं और होलोग्राम निर्माताओं का चयन करने के लिए सीएसएमसीएल निविदाएं जारी करता है.

पूरी चैन थी अनवर के कब्जे में
ED के बयान के मुताबिक, ‘राजनीतिक अधिकारियों के समर्थन के साथ, अनवर ढेबर सीएसएमसीएल के एक कमिश्नर और एमडी तक पहुंच बनाने में सफल रहा. अनवर ने विकास अग्रवाल उर्फ सुब्बू और अरविंद सिंह जैसे करीबी सहयोगियों को सिस्टम में पहुंच बनाने के लिए काम पर रखा. अनवर ने निजी डिस्टिलर्स, FL-10A लाइसेंस धारकों, आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला स्तर के आबकारी अधिकारियों, मैन-पावर सप्लायर्स, ग्लास बॉटल मेकर, होलोग्राम मेकर, कैश-कलेक्शन वेंडर आदि से लेकर शराब के कारोबार की पूरी चेन को नियंत्रित कर लिया और अधिकतम रिश्वत/कमीशन वसूलने के लिए इसका लाभ उठाया. कई अन्य हितधारकों को भी इस प्रक्रिया में अवैध रूप से लाभ हुआ.’

घोटाले के तीन पैटर्न
पहला पैटर्न- ईडी ने कथित तौर पर पाया कि तीन अलग-अलग पैटर्न में सिंडिकेट राज्य में चल रहा था, जिसमें पहला पैटर्न था कि सीएसएमसीएल द्वारा जो खरीददारी की गई, उसके आपूर्तिकर्ताओं से सिंडिकेट द्वारा 75-150 रुपये प्रति केस (शराब के प्रकार के आधार पर) का कमीशन लिया गया था.

दूसरा पैटर्न- अनवर ढेबर अन्य लोगों के साथ षडय़ंत्र रचकर बेहिसाब देशी शराब बनवाकर सरकारी दुकानों के माध्यम से बेचने लगा. इस तरह वे राजकोष में 1 रुपया भी जमा किए बिना बिक्री की पूरी आय अपने पास रख सकते थे. डुप्लीकेट होलोग्राम दिए गए. नकली बोतलें नकद में खरीदी गईं. राज्य के गोदामों से गुजरते हुए शराब को डिस्टिलर से सीधे दुकानों तक पहुंचाया जाता था. अवैध शराब बेचने के लिए मैन पावर को प्रशिक्षित किया गया था. पूरी बिक्री नकद में की गई. पूरी बिक्री का कोई लेखा- जोखा नहीं था, इसमें डिस्टिलर, ट्रांसपोर्टर, होलोग्राम निर्माता, बोतल निर्माता, आबकारी अधिकारी, आबकारी विभाग के उच्च अधिकारी, अनवर ढेबर, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राजनेता शामिल रहे.

ईडी की जांच में पता चला है कि 2019-2020-2021-2022 में, इस तरह की अवैध बिक्री राज्य में शराब की कुल बिक्री का लगभग 30-40% रही थी. इससे 1200-1500 करोड़ रुपये का अवैध मुनाफा हुआ.

तीसरा पैटर्न- यह एक वार्षिक कमीशन था जिसका भुगतान मुख्य डिस्टिलर्स द्वारा डिस्टिलरी लाइसेंस प्राप्त करने और सीएसएमसीएल की बाजार खरीद में निश्चित हिस्सेदारी प्राप्त करने के लिए किया जाता था. डिस्टिलर्स उन्हें आवंटित बाजार हिस्सेदारी के प्रतिशत के अनुसार रिश्वत देते थे. सीएसएमसीएल द्वारा इस अनुपात में सख्ती से खरीद की जाती थी.

इनसे भी वसूला गया कमीशन
विदेशी शराब आपूर्तिकर्ताओं से FL-10A लाइसेंस धारकों से कमीशन भी वसूला गया. ये लाइसेंस अनवर ढेबर के सहयोगियों को दिए गए थे. अधिकारियों ने बताया, ‘ऐसा अनुमान है कि 2019 से 2022 तक की छोटी अवधि में सिंडिकेट द्वारा कुल 2000 करोड़ रुपये कमाए गए. अनवर ढेबर इस पूरे अवैध धन उगाही का सरगना था.लेकिन वह इस घोटाले का अंतिम लाभार्थी नहीं है. यह साबित हो गया है कि निश्चित प्रतिशत काटने के बाद, उसने शेष राशि अपने राजनीतिक आकाओं को दे दी थी.’

इससे पहले, ईडी ने अनवर ढेबर के आवासीय परिसर सहित छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और दिल्ली सहित 35 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था. उसे ईडी ने सात बार तलब किया गया, लेकिन वे जांच में शामिल नहीं हुआ था. वह लगातार बेनामी सिम कार्ड, इंटरनेट डोंगल का उपयोग कर रहा था और अपनी लोकेशन बदल रहा था.

महिला सशक्तिकरण की ओर एक और कदम : साल 2024 की गणतंत्र दिवस परेड में सिर्फ महिलाएं करेंगी शिरकत…

हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली: इस बार गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर एक नया इतिहास बनने जा रहा है. जानकारी के मुताबिक 26 जनवरी 2024 को कर्तव्य पथ पर परेड केवल महिलाएं करती दिखेंगी. यहां तक कि परेड, मार्चिंग दस्ता, झांकी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में भी सिर्फ महिलाएं ही नजर आएंगी. रक्षा मंत्रालय के एक प्रस्ताव में कहा गया कि विस्तृत विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया है कि गणतंत्र दिवस 2024 में महिलाओं की भागीदारी होगी. इन परेड करने वाली टुकड़ियों में मार्चिंग और बैंड परेड के दौरान झांकी और प्रदर्शन शामिल करने वाले दल भी है. रक्षा मंत्रालय ने इस बारे में गृह, संस्कृति और शहरी विकास मंत्रालय समेत विभिन्न मंत्रालयों को सूचित भी कर दिया है. सेना के सूत्रों ने मीडिया को बताया है कि हमें इस बारे में चिट्ठी मिली है और इस बात की चर्चा हो रही है कैसे इसे अमल में लाया जाए.

गौरतलब है कि देश की सैन्य ताक़त में महिलाओं की भूमिका धीरे-धीरे बढ़ रही है. और 2024 की गणतंत्र दिवस परेड इसी का आइना होगी. दिल्ली में कर्तव्य पथ पर सेना के तीनों अंगों, केंद्रीय पुलिस बलों, दिल्ली पुलिस, सभी बैंड्स एनसीसी, स्कूल-कॉलेज सबके दस्तों में सिर्फ़ और सिर्फ़ महिला अफ़सर, जवान और छात्राएं ही कदम से कदम मिलाकर परेड करती नज़र आएंगी. यही नहीं तमाम राज्यों और संस्थानों की झांकियां भी महिला केंद्रित ही होंगी. इस सिलसिले में रक्षा मंत्रालय की ओर एक अधिसूचना जारी की गई है.
इसके मुताबिक बड़े ही विस्तार से विचार विमर्श के बाद यह फैसला लिया गया है कि गणतंत्र दिवस परेड 2024 में कर्तव्य पथ पर मार्चपास्ट, बैंड, झांकी और प्रदर्शनों समेत सभी कार्यक्रमों में सिर्फ़ महिलाओं की ही भागीदारी होगी.

रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में समय रहते ही गृह मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय सहित अन्य मंत्रालयों को जानकारी दे दी है ताकि सब तैयारियां समय पर पूरी हो सकें. हाल के सालों में सेना और अर्धसैनिक बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ी है. उन्हें लड़ाकू भूमिका से लेकर कमान तक दी जा रही है. वायुसेना में महिलाएं लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं. नौसेना में भी महिलाओं की युद्धपोत पर तैनाती हो रही है… थल सेना में महिलाओं के लिये धीरे-धीरे नए दरवाज़े खोले जा रहे है जैसे हाल ही में तोपखाना रेजिमेंट में उन्हें कमान दी गई है. कई जानकारों का मानना है कि सरकार के फ़ैसले से परेड का स्वरूप पूरी तरह बदला हुआ नज़र आएगा.

बाइक सवार को बचाने एनएच पर पलटी बारातियों से भरी स्कॉर्पियो, 2 युवकों की मौत…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजपुरी के पास बाइक सवार को बचाने के चक्कर में बारातियों से भरी स्कॉर्पियो सडक़ पर पलट गई। दुर्घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। इसमें गंभीर रूप से घायल एक युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान देर रात उसकी भी मौत हो गई। हादसे में युवकों की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गई हैं। लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जजगा से ग्राम पतराटोली सलका बारात गई थी। शुक्रवार की रात करीब 9 बजे स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 15 डीयू- 3589 में सवार होकर ग्राम जजगा के करीब आधा दर्जन बाराती लौट रहे थे। इसी बीच अंबिकापुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर ग्राम रजपुरी के पास सडक़ पर अचानक सामने एक बाइक सवार आ गया। बाइक सवार को बचाने के चक्कर में स्कॉर्पियो के चालक ने नियंत्रण खो दिया और स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सडक़ पर पलट गई। हादसे में ग्राम जजगा निवासी विकास सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 4 से 5 बाराती घायल हो गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल ग्राम जजगा निवासी 25 वर्षीय कमलभान सिंह को गंभीर हालत में रात में ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान देर रात उसकी भी मौत हो गई।

डॉक्टर बना शैतान : इलाज के लिए पैसे नहीं होने पर नवजात को वेंटिलेटर से निकाला, डेढ़ घंटे बाद बच्चे की तड़प कर मौत…

हिंद स्वराष्ट्र भिलाई : भिलाई में संचालित शंकरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की अमानवीयता के चलते एक नवजात बच्चे की तड़प तड़प कर मौत हो गई। बच्चे की मां की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने नवजात को वैंटिलेटर में रखा था। जब परिजन इलाज के लिए 10 हजार रुपए नहीं दे पाए तो डॉक्टर ने नवजात को वैंटिलेटर से निकालकर परिजनो को सौप दिया। डेढ़ घंटे बाद बच्चे की मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक बेमेतरा जिले के पथरी गांव निवासी बैसाखिन बाई पति शंकर निषाद डिलीवरी के लिए शंकरा मेडिकल कॉलेज आई थी और डिलीवरी के दौरान उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई। इसके चलते शनिवार की शाम 7 बजे डिलीवरी के दौरान बैसाखिन बाई की मौत हो गई। नवजात का चेकअप किया गया तो उसकी भी हालत नाजुक थी। वो सांस नहीं ले पा रहा था। इसके बाद बच्चे को तुरंत एसएनआईसीयू भेजा गया और वैंटिलेटर पर रखा गया। डॉक्टरों ने इलाज के लिए परिजनों से आयुष्मान कार्ड मांगा। परिजनों ने आयुष्मान कार्ड न होने की बात कही। इस पर डॉक्टरों ने उन्हें 8-10 हजार रुपए जमा करने को कहा। अगले दिन रविवार को परिजनों ने रुपए न होने की बात कही। जिसके बाद डॉक्टरों ने इलाज करने से हाथ खड़े कर दिए और बच्चे को वैंटिलेटर से निकाल कर परिजन की गोद में दे दिया। बैसाखिन बाई के परिजनों का कहना हैं कि वे लोग काफी गरीब हैं। उन्होंने रुपए का इंतजाम करने की बात कही थी, लेकिन डॉक्टरों ने एक न सुनी। उन्होंने बच्चे को उनकी गोद में लाकर डाल दिया। जब बच्चा उन्हें दिया गया तो वो जिंदा था। उसके डेढ़ घंटे बाद सांस न ले पाने के चलते उसने दम तोड़ दिया।
इस मामले की शिकायत परिजनों ने सुपेला थाना अंतर्गत स्मृति नगर चौकी को दी गई। इसके बाद पुलिस ने आकर मामले की जांच शुरू कर दी हैं। पुलिस ने परिजनों का बयान लिया है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला मर्चुरी में भेजा गया है।

कॉलेज प्रबंधन कर रहा मामले को दबाने की कोशिश

डॉक्टरों की सामान्य व्यवहार के बाद बच्चे की मौत हो गई है और बच्चे की मौत के बाद कॉलेज प्रबंधन इस पूरे मामले को दबाने का भरसक प्रयास कर रही हैं। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस में की हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महामाया एयरपोर्ट के रनवे को देखकर मुख्यमंत्री ने जताई खुशी, कहां सरगुजा की एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से यहां पर्यटन को मिलेगा जबरदस्त बढ़ावा…

डीजीसीए की टीम के निरीक्षण के तुरंत बाद लाइसेंस के लिए करेंगे आवेदन, बनारस, दिल्ली तथा रायपुर से फ्लाइट आरम्भ करने विमानन मंत्रालय के समक्ष रखेंगे प्रस्ताव…

हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अंबिकापुर के महामाया एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने रनवे देखा और गुणवत्तायुक्त कार्य तय समय पर पूरा होने अधिकारियों की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सरगुजा में महामाया एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए लंबे समय से चर्चा प्रदेश स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर हो रही थी। मैं हमेशा स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव से तथा खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से इस संबंध में चर्चा करता था। साथ ही हम लगातार दिल्ली में विमानन मंत्रालय से भी संपर्क में थे। आज यह एयरपोर्ट बड़े विमानों को उतारने के लिए भी तैयार हो गया है। 48 करोड़ रुपये की लागत से बनी अट्ठारह सौ मीटर एयर स्ट्रिप से यह संभव हो गया है। यह पूरा क्षेत्र 374 एकड़ में है और भविष्य में अधिक संख्या में बड़े विमानों के उतारने के लिए हमने एयरपोर्ट के अधिक विकास के लिए भी कार्य योजना बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 दिनों बाद डीजीसीए की टीम यहां निरीक्षण के लिए आने वाली है। इसके तुरंत बाद हम लाइसेंस के लिए आवेदन लगा देंगे। लाइसेंस के आवेदन लगाने के बाद सामान्यतः 25 दिनों में लाइसेंस जारी हो जाता है। हम अंबिकापुर से दिल्ली बनारस और रायपुर की फ्लाइट शुरू करने का सुझाव विमानन मंत्रालय को देंगे। सुझाव के स्वीकृत हो जाने से इस क्षेत्र में पर्यटन के विकास की बड़ी संभावनाएं बनेंगी। 3 दिन बनारस की फ्लाइट और 3 दिन दिल्ली की फ्लाइट आरंभ होने से सरगुजा की सुंदरता विमानन रूट के माध्यम से भी उपलब्ध हो जाएगी और लोग सहजता से सरगुजा पहुंच पाएंगे। सरगुजा की खूबसूरती विलक्षण है और अब विमानन सुविधा उपलब्ध होने से पूरे देश के पर्यटक यहां के जंगल और पहाड़ियां की प्राकृतिक सुंदरता निहार सकेंगे। वे मैनपाट देख सकेंगे और सरगुजा में रामगढ़ की पहाड़ियां देख सकेंगे। इसके साथ ही तातापानी के गर्म जल के स्रोत भी देख सकेंगे। इस तरह से सरगुजा पर्यटन नक्शे में तेजी से प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरगुजा एयरपोर्ट देश के सबसे पुराने एयरपोर्ट में से एक है। आजादी के बाद 1950 में यहां डब्ल्यूबीएम एयरपोर्ट बनाया गया था। 1974 में इंदिरा जी यहां आईं थीं। अब जब यह एयरपोर्ट विकसित हो गया है तो निजी विमान भी यहां उतर सकेंगे और बड़े विमानों की लैंडिंग से सरगुजा के पर्यटन का तेजी से विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर-नवंबर का समय सरगुजा को देखने के लिए सबसे अच्छा समय होता है विमानन सुविधा आरंभ होने से यहां पर बड़े पैमाने पर टूरिस्ट इस मौके पर पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां रामवन गमन पथ भी पर्यटक देख सकेंगे। सरगुजा का स्वर्ग जैसा दृश्य देख सकेंगे।
पुराना अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जब यहां विमान की लैंडिग होती थी तो गोता लगाने जैसा अनुभव होता था। अब शानदार एयर स्ट्रिप बन जाने से स्मूथ लैंडिंग हो रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट निर्माण में लगी 5 महिलाओं को साड़ी देकर सम्मानित किया।

दबंगों की दबंगई नाबालिक को पकड़ जबरजस्ती पिलाया जहर,, जनकपुर पुलिस दे रही अपराधियों का साथ…ऐसे में कैसे करें न्याय की उम्मीद….??

हिंद स्वराष्ट्र जनकपुर गणेश तिवारी : एमसीबी जिला के भरतपुर ब्लॉक में कुछ घटनाएं इस तरह हो रही है जिससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है की यहां के बाहुबलियों को कानून का डर बिलकुल नही रह गया हैं बल्कि कानून भी अपराधियों को दे रही हैं संरक्षण। मामला ग्राम भंवरखोह से सामने आया हैं जहां दो पक्षों के बीच के आपसी विवाद की सजा एक 17 वर्ष का नाबालिक बच्चा भुगत रहा हैं। नाबालिक बच्चा अपनी जिंदगी और मौत की जंग जबलपुर के अस्पताल में लड़ रहा हैं। यह शायद जनकपुर थाना प्रभारी और जनकपुर के कुछ नेताओं का समर्थन ही है की आरोपियों की हिम्मत इतनी बढ़ गई की उन्होंने एक नाबालिक बच्चे को पकड़ कर जबरन जहर पिला दिया शायद कानून भी आरोपियों का साथ दे रही हैं जो उनके द्वारा पीड़ित पक्ष के आवेदन पर आज पर्यंत कोई कार्यवाही भी नही की जा रही हैं। परिजनो द्वारा जनकपुर थाने में इसकी रिपोर्ट 26/04/2023 को लिखाई गई लेकिन उनके आवेदन पर आज पर्यंत कोई कार्यवाही नही की गई हैं। उल्लेखनीय हैं की रोशन लाल मिश्रा पिता गंगाराम मिश्रा और छत्रपाल सिंह उनके बेटे मोहन सिंह के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था।

विवाद इतना बढ़ गया की छत्रपाल सिंह और उसके परिजनों द्वारा रोशन मिश्रा के घर जाकर विवाद भी किया गया जिसके बाद पुलिस द्वारा एकतरफा कार्यवाही करते हुए केवल छत्रपाल सिंह द्वारा दर्ज कराए गए शिकायत पर ही कार्रवाई करते हुए रोशन मिश्रा उनके पिता गंगाराम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया, इसी बीच छत्रपाल सिंह और उसके बेटे मोहन सिंह के हौसले इतने बढ़ गए की उन्होंने रोशन मिश्रा के नाबालिग बेटे 17 वर्षीय विजय कुमार मिश्रा पर हमला बोल दिया और मारपीट की साथ में उसे जबरन जहर का सेवन करवा दिया। परिजनों व पीड़ित विजय सिंह ने बताया की छत्रपाल सिंह के बेटे मोहन सिंह ने दिनांक 26/04/2023 की सुबह 5:00 बजे जंगल में महुआ बीनने के दौरान अपने 3 अन्य साथियों के साथ उसे पकड़कर जबरदस्ती मारपीट की और उसे जहर पिला दिया।

इस मामले की शिकायत परिजनों द्वारा जनकपुर थाने में की गई लेकिन इसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि छत्रपाल सिंह, मोहन सिंह के लोग रात को पीड़ित के घर आकर जान से मार दिए जाने की धमकी देते हैं लेकिन इनका सुनने वाला कोई नही हैं।

दो सटोरियों पर पुलिस ने की कार्यवाही…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : मनेंद्रगढ़ सिटी कोतवाली पुलिस ने सट्टा पट्टी, मोबाइल सहित नगदी के दो सटोरिया को अलग अलग स्थानों से पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि भगत सिंह तिराहे में स्थित सोनू लक्की होटल में बैठकर विक्की सट्टा पट्टी काट रहा है। पुलिस मुखबिर के बताए जगह में पहुंची तो विक्की मोबाइल में सट्टा पट्टी काट रहा था।पुलिस ने आरोपी को पकड़कर थाना लाया गया। सुमित सिंह उर्फ विक्की पिता स्व. गुरुचरण सिंह निवासी वार्ड नंबर 19 एफसीआई गोदाम के पास से मोबाइल सट्टा पट्टी के साथ नगदी रकम जप्त किया।वही कुछ समय पश्चात पुलिस को पुनः मुखबिर से सूचना मिली कि सोमू घर के पास मोबाइल में सट्टा पट्टी काट रहा है।मुखबिर के बताए जगह में पुलिस पहुंची तो मुकेश उर्फ सोमू मोबाइल में सट्टा पट्टी काट रहा था।पुलिस ने मुकेश उपाध्याय ऊर्फ सोमू पिता तुलसीराम उम्र 36 वर्ष निवासी वार्ड नंबर 20 कोर्ट के पीछे को पकड़करथाना लाया गया आरोपी के पास से मोबाइल सट्टा पट्टी सहित नगदी रकम जप्त किया गया।पकड़े गए दोनो आरोपी पर पुलिस ने अग्रिम कार्यवाही कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।

झुग्गी झोपड़ी पट्टा के लिए नगर पालिका के 6 पार्षद 10 से आमरण अनशन पर,, पार्षदों ने संयुक्त रूप से एसडीएम को ज्ञापन सौप की कार्यवाही की मांग….

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : राजीव गांधी आश्रम योजना जुग्गी झोपड़ी के तहत पट्टा की मांग को हित गिरी पिछले 3 साल से अधिक समय से प्रशासनिक अधिकारी के दफ्तरों का चक्कर काट रहे लेकिन उन्हें शासन की पहेली योजना का लाभ से वर्जित रखा जा रहा है हितग्राहीयों के परेशानियों को देखते हुए नगर पालिका मनेंद्रगढ़ के पार्षदों ने आमरण अनशन को चेतावनी दी है। नगर पालिका मनेंद्रगढ़ पार्षद अजीमुद्दीन अंसारी, जफरुल निशा, सपन महतो, मोहम्मद इस ईद, मोहब्बत हुसैन, अजय जयसवाल ने गुरुवार को एसडीएम मनेंद्रगढ़ के नाम ज्ञापन सौंपा। राजीव गांधी आश्रम योजना के तहत पट्टा दिलाने की कार्यवाही नहीं होने के कारण 15 दिनों के अल्टीमेट के बाद तहसील कार्यालय के पास 10 मई से आमरण अनशन को चेतावनी दी है। पार्षद अजय जयसवाल ने बताया कि राजीव गांधी योजना शासन की पहली योजना है इसका लाभ आम जनता को मिल सके इसके लिए कई बार अधिकारी को हितग्राहियों के द्वारा आवेदन सौंपा गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में पट्टा के लिए सर्वे हुआ जिसमें पुणे नगर में 242 हित गिरी पात्र पाए गए फटाके लिए वार्ड क्रमांक 19 के लोगों ने करो ना कॉल में भी 78 हजार रुपए जमा किए इसी प्रकार अन्य वार्डों में वार्डों से भी हित गिरियो ने राशि जमा की लेकिन योजना के तहत हित गिरियो को पट्टा के लिए तरसाया जा रहा है जिससे उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है बता दे की कई बार फटाके लिए आवेदन करने के बाद रैली हुआ झरना प्रदर्शन भी किया गया यही नहीं शासन-प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम भी दीया गया बावजूद इसके विभाग द्वारा आज तककोई सार्थक परिणाम आम जनता के हित में नहीं आया है.

विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत 8 और 9 मई को एमसीबी जिले के प्रवास पर

नवीन तहसील भवन केल्हारी के लोकार्पण कार्यक्रम में होंगे शामिल

हिंद स्वराष्ट्र किशन देव शाह छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत 8 और 9 मई को एमसीबी जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे 8 मई शाम 4 बजे लेदरी मनेंद्रगढ़ पहुँचेंगे। यहाँ वे विभिन्न स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। रात्रि विश्राम के पश्चात नवीन तहसील भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होने 9 मई को प्रातः 11 बजे केल्हारी पहुँचेंगे। इसके पश्चात वे दोपहर 1.30 बजे जनकपुर में भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे।डॉ महंत हरचौका और रमदहा में कई स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। स्थानीय कार्यक्रम के पश्चात वे चांग माता के दर्शन करने जाएँगे। प्रवास के दौरान उनके साथ उनकी धर्मपत्नी लोकसभा सांसद कोरबा श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत भी साथ रहेंगी। आगे वे रात्रि विश्राम के लिए बैकुण्ठपुर कोरिया ज़िले के लिए प्रस्थान करेंगे।

रेलवे इंस्टिट्यूट एवं रेलवे फुटबॉल क्लब मनेंद्रगढ़ के द्वारा फुटबॉल कैंप का किया गया आयोजन

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में सहायक मंडल अभियंता नवल सिंह पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष राजू केसरवानी का आगमन हुआ उन्होंने बच्चों से हाथ मिलाया उन्हें फुटबॉल के बारे में कुछ टिप्स दिए।इस आयोजन में रेलवे इंस्टिट्यूट सचिव राजेश सिंह, कोषाध्यक्ष जगजाहिर लाल,योगेश श्रीवास्तव,लोकेश्वर राव,शेष गिरी राव,कल्याण केसरवानी और कोच के रूप में तुषार दास और मनोज कुमार ने अपनी अहम भूमिका निभाई. इस कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को फुटबॉल के विषय में बेसिक चीज की जानकारी देना और बच्चों को फिजिकली मजबूत बनाना जिससे कि बच्चे आने वाले समय में खेल की तरफ अग्रसर रहें और अपने शहर का नाम रोशन करें. यह कैंप 9 वर्ष से लेकर 19 वर्ष के बच्चों के लिए लगाया गया है.बच्चों को कैंप के दौरान ब्रेड ब्रेकफास्ट दिया गया।

भीषण सड़क हादसा : ट्रक ने बोलेरो को मारी टक्कर,एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत….

हिंद स्वराष्ट्र बालोद : छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में तेज रफ्तार ट्रक ने शादी समारोह से लौट रहे बोलेरो को टक्कर मार दी। टक्कर इतना जबरदस्त था कि, बोलेरो में सवार 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक एक ही परिवार के हैं जिनमें 5 पुरूष 5 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल है। मामला रुद्री थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार,मृतकों के नाम धर्मराज साहू,उषा बाई साहू,केशव साहू, टोमिन बाई साहू, लक्ष्मी बाई साहू, कुमारी रमा साहू, शैलेंद्र साहू, संध्या साहू, इशांत साहू, ड्राइवर डामेश ध्रुव , योग्यांश साहू है। सभी मृतक एक ही परिवार के हैं। धमतरी जिले के सोरेम गांव का साहू परिवार कांकेर के चरामा मरकाटोला शादी कार्यक्रम में जा रहा था। बुधवार रात को करीब 9.30 बजे इनकी गाड़ी नेशनल हाईवे-30 पर बालोद के जगतरा पहुंची। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक ने बाराती से भरी बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतना जबरदस्त था कि,बोलेरो में सवार 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जिनमें 5 पुरूष 5 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल है। इसके बाद इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। इलाज के दौरान बच्ची ने तोड़ दम पुलिस ने लोगों की मदद से गाड़ी में फंसे मृतकों को बाहर निकाला और सभी को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही घायल बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था। जहां से उसकी हालत को देखते हुए उसे रायपुर रेफर कर दिया गया था, जहां इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।

बारात से ठीक पहले दूल्हे की फंदे पर लटकती मिली लाश…

हिंद स्वराष्ट्र सक्ती : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में एक दूल्हे ने अपनी बारात निकलने से कुछ घंटे पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दूल्हा किसी बहाने से घर से बाहर निकला और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लोगों के ढूंढने पर उसकी लाश पेड़ पर फांसी से लटकी हुई मिली। बुधवार 3 मई को युवक की चचेरी बहन की भी शादी होनी थी। मामला मामला जैजैपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, जैजैपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भोथीडीह के रहने वाले गजाधर विश्वकर्मा (28 वर्ष) की शादी 2 मई को थी। इसे लेकर घर में शादी की रस्में चल रही थीं। दूल्हे की हल्दी की रस्म हो गई थी। मंगलवार शाम 6 बजे दूल्हे को बारात लेकर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम करही निकलना था। वो अपने घरवालों से शौच जाने का बहाना बनाकर घर के पीछे ही गया था, लेकिन वहां से वो बाहर निकल गया। थोड़ी देर के बाद दूसरी रस्मों के लिए दूल्हे की खोज शुरू हुई। लोगों ने घर में ढूंढा, तो दूल्हा नहीं मिला। फिर परिवार और गांववालों ने उसकी तलाश गांव में करनी शुरू की। हर जगह ढूंढने पर मंगलवार को युवक की लाश तालाब के किनारे पेड़ पर फांसी से लटकी हुई मिली। दूल्हे की लाश देखकर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल बेहाल, शासकीय अस्पतालों में नहीं मिल रही सुविधाएं…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक आयुष्मान भारत योजना संबधित अधिकारियों की लापरवाही की वजह से एमसीबी जिले में दम तोड़ रही है. इस योजना को शुरू हुए कई वर्ष बीत गए हैं, लेकिन अभी भी छत्तीसगढ़ के इस नये जिले में ग्रामीण जनता को आयुष्मान भारत का लाभ नहीं मिल पा रहा है.आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से कई निर्धन परिवारों में बीमार पड़े मरीजों की इलाज के अभाव में मौत हो जा रही है. केंद्र सरकार की इस योजना के तहत गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आयुष्मान कार्ड के तहत 5 लाख रुपये तक नि शुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन जिले में आयुष्मान भारत का लाभ जरूरतमंद लोगों को नहीं मिल पा रहा है. शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं.
इन परिवारों को मिलना है आयुष्मान कार्ड का लाभ-
दरअसल गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार के लोगों को इलाज कराने में किसी प्रकार की परेशानी न हो और आर्थिक परेशानी से जूझना ना पड़े इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत कार्ड बनाने की योजना 2018 में शुरू की गई है. परिवार की पात्रता के आधार पर क्रियाशील अंत्योदय कार्ड ,प्राथमिक राशन कार्डधारी परिवारों और सामाजिक आर्थिक जनगणना 2011 से चयनित परिवारों को 5 लाख रुपये तक के इलाज के लिए इस कार्ड से सालाना सुविधा मिलती है. लेकिन यह योजना इस क्षेत्र में दम तोड़ती नजर आ रही है. स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर इस जिले में सिर्फ रेफर करने के अलावा कुछ भी नहीं हो पा रहा है. कहने को तो जिले में जननी सुरक्षा योजना संचालित है लेकिन इसका लाभ जरूरतमंद परिवारों को नहीं मिल पा रहा है.दरअसल जिले के किसी भी अस्पताल में एक भी निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर ना होने के कारण जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं की क्रिटिकल स्थिति को देखने के बाद डॉक्टर महिला मरीज को जिला अस्पताल के लिए रिफर कर देते हैं.लेकिन इस जिले का इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि दोनों जिला मिला करके भी एक भी बेहोशी वाला विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है.ऐसी स्थिति में प्रसव के लिए अस्पताल में आने वाले महिलाओं और उनके परिजनों को परेशान होते देखा जा सकता है. जिले के अस्पतालों में सिर्फ सामान्य प्रसव की सुविधा उपलब्ध है. थोड़ा डिफिकल्ट केस होने पर डॉक्टर,मेडिकल स्टाफ सीधे हाथ खड़ा कर देते हैं. सुविधा और साधन संपन्न लोग निजी अस्पताल में चले जाते हैं लेकिन इस जिले में बहुतायत में ऐसे लोग निवास करते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं होती कि वह सीजर ऑपरेशन में होने वाले खर्च को उठा सकें. अगर किसी तरह वे निजी अस्पताल चले भी गए तो उन्हें अपना घर, जमीन, जायदाद अथवा जेवरात बेचकर उपचार कराना पड़ता है. कुछ मरीजों ने बताया कि उन्होंने अस्पताल में जब इस बारे में बात की क्या उनके अस्पताल में आयुष्मान कार्ड चलता है तो डॉक्टर द्वारा साफ कहा जाता है कि पहले की रकम सरकार द्वारा उनके अस्पताल में नहीं दी गई है जिसके चलते अब वे सरकार की योजनाओं से कोई भी इलाज नहीं करते.ऐसे हालात में आम लोगों की परेशानी को आसानी से समझा जा सकता है. इस सम्बन्ध में भाजपा के पूर्व महामंत्री रामचरित द्विवेदी ने कहा है कि कोरिया व एमसीबी जिले में स्वास्थ्य सुविधायें पूरी तरह चौपट हैं. सरकारी अस्पतालों में सीजर ऑपरेशन हो नहीं रहे हैं, जिसके चलते गरीब परिवार के लोगों को काफी दिक्कत उठानी पड़ रही है. एक और प्रदेश सरकार जननी सुरक्षा योजना की बात कहती है, दूसरी ओर गरीब परिवारों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. निजी अस्पतालों में सीजर ऑपरेशन के लिए लगभग ₹50000 लगते हैं, ऐसी स्थिति में गरीब परिवार के लोग इतनी बड़ी राशि कहां से व्यवस्था कर पाएंगे आसानी से समझा जा सकता है. पैसे के अभाव में गरीब परिवार के लोगों को अपनी जमीन जायदाद गिरवी रखकर अथवा जेवरात बेचकर उपचार कराना पड़ रहा है. वही स्वास्थय सुविधाए न मिलने के कारण जिलों के मरीजों को बिलासपुर अथवा रायपुर ले आने के पहले ही वे रास्ते में दम तोड़ देते हैं. दोनों जिले में एकमात्र एनएसथीसिया विशेषज्ञ हैं लेकिन उनका भी लगभग 15लाख रुपए का भुगतान सरकार द्वारा नहीं दिया जा रहा है. इससे समझा जा सकता है कि सरकार स्वास्थ्य सुविधा को लेकर कितनी बेपरवाह है.

गर्मियों का ये खास साग यूरिक एसिड को जोड़ों में जमा नहीं होने देगा,गाउट के दर्द और सूजन से भी मिलेगी मुक्ति..

हिंद स्वराष्ट्र : यूरिक एसिड बॉडी में बनने वाले अपशिष्ट उत्पाद हैं जो भोजन के अवशोषण से उत्पन्न होते हैं। यूरिक एसिड को किडनी आसानी से फिल्टर करके यूरीन के जरिए बॉडी से बाहर निकाल देती है। अगर हमारा शरीर यूरिक एसिड को बाहर निकालने में असफल रहता है तो यह जोड़ों में ठोस क्रिस्टल बनाने लगता है। जोड़ों में क्रिस्टल के जमा होने की स्थिति को गाउट कहा जाता है।
प्यूरीन डाइट जैसे एल्कोहल का अधिक सेवन,मोटापा,हाइपोथॉयराइड,सिरोसिस,जेनेटिक कारण और कुछ खास दवाईयों का सेवन करने से बॉडी में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है। डाइट में लीवर,मशरुम,शराब का सेवन,मटर और ड्राई बींस का अधिक सेवन करने से यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने लगता है। यूरिक एसिड बढ़ने से हाथ-पैरों के जोड़ों में दर्द और सूजन की परेशानी बढ़ने लगती है। बॉडी में यूरिक एसिड का स्तर हाई होने से हाथ-पैरों की उंगलियों में चुभन वाला दर्द होता है। जिन लोगों का यूरिक एसिड हाई रहता है वो डाइट में खास तरह के साग का सेवन करें। गर्मी में पाया जाने वाला पट्टशाक यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में असरदार साबित होता है।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक पट्टशाक को बड़ी जूट के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दी में इस साग को पटुआ, पटवा, पाट, पटुए का शाक और कोष्ट के रूप में जाना जाता है। औषधीय गुणों से भरपूर इस साग का सेवन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। इसका सेवन करने से पेट संबंधी समस्याओं का उपचार किया जा सकता है। पेट के अल्सर से परेशान लोग जिन्हें खाना खाते ही दर्द होता है वो इन पत्तों का काढ़ा बनाकर उसका सेवन कर सकते हैं। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि पटुआ साग कैसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है।

पटुआ साग कैसे यूरिक एसिड को कंट्रोल करता है :
जिन लोगों का यूरिक एसिड हाई रहता है वो गर्मी में मिलने वाले इस साग का सेवन करें। ये साग आपके प्रोटीन मेटाबोलिज्म को बूस्ट करता है और प्यूरिन पचाने में मदद करता है। गर्मी में इसका सेवन करने से जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा नहीं होते और जोड़ों के दर्द से भी निजात मिलती है। आयरन और फाइबर से भरपूर ये साग पाचन को दुरुस्त रखता है और सूजन को कम करता है। आप इसका सेवन उबाल कर या फिर इसकी सब्जी बनाकर कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में बजरंग दल पर लगेगा प्रतिबंध? सीएम भूपेश बघेल ने दिया अहम बयान…

हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : देश में बजरंग दल को लेकर सियासी पारा चढ़ने लगा है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपने घोषणापत्र में कांग्रेस ने बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने का वादा किया है। कहा जा रहा है कि ऐसा ही कुछ वादा छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार भी कर सकती है।

सीएम बघेल से छत्तीसगढ़ में बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने के विचार पर एक सवाल पूछा गया। इस पर बघेल ने कहा, ‘यहां बजरंगियों ने जो गड़बड़ की है, उसको हम लोगों ने ठीक कर दिया है। जरूरत पड़ी तो छत्तीसगढ़ में भी बजरंग दल पर बैन लगाने का सोचेंगे। अभी कर्नाटक की समस्या के हिसाब से वहां बैन करने की बात कही गई है।’

पीएफआई की बजरंग दल से तुलना
गौरतलब है कि कांग्रेस ने मंगलवार को घोषणापत्र जारी करते हुए बजरंग दल की प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से तुलना की। कांग्रेस ने कहा कि सत्ता में आने पर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। साथ ही वादा किया गया है कि प्रदेश में जाति एवं धर्म के आधार पर नफरत फैलाने वाले पीएफआई व ऐसे अन्य संगठनों के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाने समेत निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।

पीएम मोदी ने घेरा
पीएम मोदी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले भगवान राम को ताले में बंद किया और अब  वह ‘जय बजरंग बली’ का नारा लगाने  वालों को ताले में बंद करना चाहती है। मोदी ने कहा,‘आज हनुमान जी की  इस पवित्र भूमि को नमन करना मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है और दुर्भाग्य देखिए, मैं आज जब यहां हनुमान जी को नमन करने आया हूं, उसी समय कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग बली को ताले में बंद करने का निर्णय लिया है।’ उन्होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस पार्टी को प्रभु श्री राम से भी तकलीफ होती है और अब जय बजरंगबली बोलने वालों से भी तकलीफ हो रही है।

वार्ड 21 में फैली अव्यवस्था, मूलभूत सुविधाओं के लिए करनी पड़ रही जद्दोजहत….

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : वार्ड क्रमांक 21 रापखेरवा में बने अटल आवास परिसर स्वच्छता मिशन से कोसो दूर हैं। श्रमिकों को रहने के लिए सस्ते दर में आवास की सुविधा दी गई है। आवास की आवंटनों पूरा नहीं होने पर अधिकांश में बेजाकब्जा और कई खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। परिसर में जगह-जगह कचरों का अंबार देखा जा सकता है। विभागीय अधिकारियों के निरीक्षण से दूर होने के कारण न केवल स्वच्छता बल्कि बिजली और पानी जैसे मूलभूत सुविधाओं से परिसर वंचित हैं। क्षेत्र में अटल आवास बनाया गया है। इनमें सभी जगहों में गंदगी का आलम है। असुविधाओं की मार झेल रहे यहां के लोगों के लिए प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय जन प्रतिनिधि भी इनकी सुध नहीं ले रहे हैं। यह दशा क्षेत्र के अटल आवासों की है। स्वच्छता के अभाव में यह स्लम एरिया बनकर रह गया है।
नगर पालिका के वार्ड नंबर 21 में स्थित अटल आवास में रहने वाले बीपीएल परिवार के लोग सबसे अधिक पेयजल, शौचालय और गंदगी की समस्या से जूझ रहे हैं। आवास के आसपास गंदगी है। पिछले कई बरस से नालियों की साफ सफाई नहीं कराई गई है। गंदगी की वजह से मच्छरों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। जिससे मलेरिया एवं जानलेवा डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है वहीं आवास भी अत्यंत जर्जर हो चले हैं।

अटल आवास में शौचालय के लिए बनाए गए सेप्टिक टैंक और चेंबर पूरी तरह जाम हैं। मजबूरी में लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ रहा है।यहां पर पानी के लिए एकमात्र हैंडपंप का ही सहारा है। बड़ी बात यह कि अटल आवास में रहने वाले गरीब परिवार के लोग नरकीय जिंदगी जी रहे हैं, लेकिन वे अपनी शिकायत शासन तक नहीं पहुंचा पा रहे। वहां रहने वालो ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष सालों से आए नहीं हैं। महिला पार्षद से अपनी समस्याओं को बताते हैं तो वे पहल करती हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती।

मुख्य मार्ग में हुए गड्ढे से कभी हो सकती है बड़ी दुर्घटना…

हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : सिटी कोतवाली के सामने मुख्य मार्ग में सड़क के बीचों बीच बड़ा सा गड्ढा हो गया है जिस कारण छोटे बड़े वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सब से ज्यादा परेशानी दो पहिए वाहन चालकों को होती है। सड़क के बीचों बीच हुए गड्ढे से कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।उल्लेखनीय है कि जिस सड़क में गड्ढे हैं उस सड़क से दिनरात हजारों की संख्या में छोटी बड़ी वाहन का आना जाना लगा रहता है और उक्त सड़क से अधिकारियों के आलावा जनप्रतिनिधि भी गुजरते हैं लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि उक्त सड़क के गड्डे की मरम्मत के लिए कोई पहल नही की जा रही है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना घटित होने का इंतजार किया जा रहा है जिसके बाद अधिकारी कोई कदम उठाने की सोचेंगे।

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