हिंद स्वराष्ट्र रायपुर: लोक सेवा आयोग में सिविल जज मुख्य परीक्षा की तिथि में बदलाव किया है पहले 13 जून को होने वाली यह परीक्षा अब 27 जून को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित की जाएगी।
वायु सेना का बड़ा फैसला MIG-29 के उड़ान पर लगाई रोक…
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : भारतीय सेना ने उड़ान के दौरान लगातार हादसे का शिकार हो रहे mig 29 विमान के पूरे बेड़े की उड़ान पर रोक लगा दी है, हालांकि यह रोक स्थाई तौर पर नहीं लगाई गई है।
सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ के 50 विधानसभा सीटों में लड़ेगी चुनाव…
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर: सर्व आदिवासी समाज ने बड़ा निर्णय लेते हुए प्रदेश की 50 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 29 सीटों के अलावा सामान्य सीट भी शामिल है। सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम ने मीडिया के सामने यह घोषणा की है।
छात्रावास अधीक्षक के 500 पदों पर भर्ती में लगी रोक…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ में छात्रावास अधीक्षक की 500 पदों पर होने वाली भर्ती को स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी कर बताया है कि छात्रावास अधीक्षक श्रेणी (द) के सीधी भर्ती हेतु प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को भेजा गया था वर्ष 23–24 के बजट में नवीन छात्रावास स्वीकृत होने के कारण छात्रावास अधीक्षक श्रेणी (द) के पदों का नवीन सृजन हो रहा है इसलिए पदों का गणना किया जाना आवश्यक हो गया है छात्रावास अधीक्षक श्रेणी (द) का प्रस्ताव पूर्व रिक्त पदों की गणना के आधार पर भेजा गया था तदानुसार नवीन पदों की सृजन को हुए ध्यान में रखते हुए उक्त सीधी भर्ती को विलंबित रखने हेतु छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग को पत्र लिखे जाने का है अनुरोध है।
आम जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित – भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा जिला मीडिया प्रभारी
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह पाठकों को बताना चाहेंगे कि एमसीबी जिला के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी यीशै दास ने मीडिया माध्यम विज्ञप्ति जारी कर जानकारी साझा कर बताया कि इन दिनों मनेन्द्रगढ के आम जन मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।कारण कि आर.ओ.वाटर सेंटर का संचालित न होना, यात्री प्रतीक्षालय न होना, सार्वजनिक प्रसाधन, जैसे तमाम मूलभूत सुविधाओं का टोटा बना हुआ है। उक्त संबंध में दास ने आगे जानकारी दे बताया कि उक्त विषय को लेकर मेरे द्वारा पुर्व में दिनांक 23/3/2022 को मुख्य नगरपालिका अधिकारी मनेंद्रगढ़,तथा दिनांक 23/3/2022 को ही अनुविभागीय दंडाधिकारी राजस्व मनेन्द्रगढ एवं दिनांक 24/5/2022 को मान. मनेन्द्रगढ विधायक के नाम पत्र प्रेषित कर मनेन्द्रगढ के मौहारपारा गोपाल शीत ग्रह के समीप यात्री प्रतीक्षालय बनवाए जाने, सार्वजनिक प्रसाधन बनवाए जाने, सहित उक्त समस्त जनहित के सुविधाओं को दुरुस्त कराये जाने कि मांग कि गई थी वही दिनांक 2/1/23 को कलेक्टर महोदय के नाम विभिन्न वार्डों में स्थापित आर.ओ .वाटर सेंटर को चालू कराये जाने आवेदन पत्र दिया था,जिसे कलेक्टर महोदय द्वारा तत्काल उक्त व्यवस्था को दुरुस्त कराये जाने अनुमोदन कर दिनांक 17/01/2023 को मुझे उक्त संबंध में अवगत कराया गया जिसकी पृ.क्र /219/वरि.लि./2023 अंकित है।वहीं आवश्यक कार्यवाही हेतु कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग मनेन्द्रगढ जिला एमसीबी
अनुविभागीय अधिकारी (रा). मनेंद्रगढ़ जिला एमसीबी
मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ जिला एमसीबी को नियमानुसार कार्यवाही किये जाने हेतु अवगत करा दिया गया है। बावजूद इसके अतिरिक्त आज दिनांक तक उक्त आर .ओ .वाटर सेंटर की ओर कोई रूचि न लिए जाने की वजह से आम जनो को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।साथ ही वर्तमान स्थिति में भीषण गर्मी पड़ रही है। मैं पुनः मिडिया के माध्यम मांग करता हूं कि तत्काल उक्त व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाये जिससे आम जनता को लाभ मिल सके
खाद्य मंत्री से डिप्टी कलेक्टर की शिकायत के बाद डिप्टी कलेक्टर को किया गया जिला कार्यालय में अटैच….
हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजय मरकाम के खिलाफ 27 ग्राम पंचायत के सरपंचो द्वारा खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत से कार्यवाही की मांग को लेकर सौपे गए ज्ञापन को मद्देनजर रखते हुए डिप्टी कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से सीईओ के पद से हटा दिया गया है और उन्हें जिला कार्यालय में अटैच किया गया है। आपको बता दें कि पिछले दिनों बतौली विकासखंड के 27 सरपंचों द्वारा नवनियुक्त डिप्टी कलेक्टर संजय मरकाम के खिलाफ एकजुट होकर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत को ज्ञापन सौंपा गया था और उन्हें हटाने की मांग की गई थी जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए और सरपंचों की मांग को मद्देनजर रखते हुए डिप्टी कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से सीईओ के पद से हटा दिया गया है और उन्हें जिला कार्यालय मैं अटैच कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि संजय मरकाम द्वारा पिछले कुछ महीनों में ग्राम पंचायतों द्वारा किए गए निर्माण कार्यों को जांच करते हुए सभी सरपंचों को नोटिस जारी किया गया था जिसके बाद सरपंचो द्वारा अपने बचाव के लिए खाद्य मंत्री अमरजीत भगत से संजय मरकाम को हटाने की मांग की गई थी। और उनकी मांग को पूरी करते हुए डिप्टी कलेक्टर को वहां से हटा दिया गया है।
विकास के मामले में बहुत पीछे है नगर पंचायत कुसमी…
हिंद स्वराष्ट्र कुसमी पंकज कुमार गुप्ता : नगर पंचायत कुसमी की स्वच्छता केवल दीवारों में किये गये केवल पेंटिंग में दिखता है। नगर पंचायत कुसमी दीवारों में स्वच्छ भारत लिखवा कर केवल अपना वाह वाही करवा रहा है। जब कि सत्य तो यह है की नगर पंचायत के कार्य केवल दीवारों तक सीमित है न कि भूमि पर।
नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 10 मे नाली की गंदी पानी लगभग 2-3 साल से लगातार सीसी रोड मे बह रही है। जो रोड लाखो रुपये खर्च कर जनता के आवागमन के लिये बनाई गई है उस रोड में नाली के गंदे पानी बह रहे है।
जिसे देखने या सफाई करने नगर पंचायत के एक भी कर्मचारी आज तक नही आये है।
नगर पंचायत के सभी वार्ड में यही हाल देखने को मिलता है।

रोड लाईट
नगर पंचायत मे रोड लाइट केवल कुछ ही स्थानों में है सभी स्थानों पर रोड लाइट नही होने के कारण कुसमी अंधकार में चली गई है। अंधकार के कारण कुसमी में आय दिन चोरी जैसे मामले सामने आ रहे है। इन प्रकार लगातार चोरी होने का कारण कही न कही नगर पंचायत कुसमी की लापरवाही है।
Big breaking: 30 सितंबर तक बंद हो जाएंगे 2 हजार के नोट…इस तारीख तक बैंक में जमा कर सकेंगे लोग….
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को सलाह दी है कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंकनोट जारी करना बंद करें। हालांकि 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने यह फैसला लिया है। आरबीआई ने कहा है कि यह नोट 30 सितंबर तक कानूनी रूप से वैध रहेंगे। 2016 में आरबीआई ने किए थे जारी
आरबीआई ने नवंबर 2016 में आरबीआई एक्ट 1934 की धारा 24(1) के तहत ये नोट निकाले थे। रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद इन नोटों को जारी किया था। यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि उस समय 500 और 1000 रुपये के जो नोट चलन से हटाए गए थे, उनका बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर कम किया जा सके। जब दूसरे मूल्य के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए, तब दो हजार रुपये को चलन में लाने का उद्देश्य पूरा हो गया। आरबीआई ने कहा कि 2000 रुपये के बैंक नोटों को लाने के उद्देश्य के एक बार पूरा हो जाने के बाद 2018-19 में 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी गई थी। उस समय तक अन्य मूल्यवर्ग के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए थे। आरबीआई ने यह भी बताया है कि मार्च 2017 से पहले 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोटों में से लगभग 89 प्रतिशत जारी किए गए थे।
23 मई से शुरू होगी बैंकों में नोट बदलने की प्रक्रिया
लोग दो हजार रुपये के नोट बैंक खातों में जमा करा सकेंगे या फिर उन्हें अन्य मूल्य के नोटों के साथ किसी भी बैंक शाखा में जाकर एक्सचेंज करा सकेंगे। लोगों को यह ध्यान रखना होगा कि एक बार में अधिकतम 20 हजार रुपये मूल्य के नोट बदलवाए जाए सकेंगे। यह प्रक्रिया 23 मई से शुरू होगी और 30 सितंबर 2023 को खत्म होगी।
30 सितंबर के बाद भी लीगल टेंडर में रहेगा
एएनआई के सूत्रों ने बताया है कि 2000 रुपये का नोट 30 सितंबर के बाद भी लीगल टेंडर रहेगा। आरबीआई को उम्मीद है कि बैंकों के साथ नोट बदलने के लिए लोगों के लिए 4 महीने का समय पर्याप्त है। चलन में चल रहे 2000 रुपये के अधिकांश नोट 30 सितंबर की निर्धारित समय सीमा के भीतर बैंकों में वापस आ जाएंगे। यह आरबीआई की नियमित कवायद है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
भाई-भतीजावाद में फंसी सीजीपीएससी 2021 की भर्ती परीक्षा, भाजपा घेरेगी आयोग कार्यालय….
रायपुर : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2021 भाई-भतीजावाद के विवाद में फंस गई है। इंटरनेट मीडिया से लेकर सार्वजनिक तौर पर अभ्यर्थी भी इसमें धांधली का आरोप लगा रहे हैं। छत्तीसगढ़ भाजपा भी आक्रामक है और राज्य सरकार को घेर रही है। शुक्रवार को भाजपा आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी। भाजपा का आरोप है कि इस चयन सूची में पीएससी अध्यक्ष, सचिव समेत कांग्रेस नेताओं के बेटे-बेटियों को नियुक्ति मिली है। मामले में कांग्रेस भी आक्रमक हो चुकी है। कांग्रेस ने भी पूर्ववर्ती डा. रमन सिंह सरकार के कार्यकाल में हुई सीजीपीएससी की राज्य सेवा परीक्षा की भर्तियों में अफसरों, नेताओं के 48 बेटे-बेटियों की सूची जारी की है। गौरतलब है कि इसके पहले भी 2005 में पीएससी भर्ती में भाई-भतीजावाद का आरोप लगा था।
सुप्रीम कोर्ट ने ED को बनाया और पावरफुल : अब रिश्वत लेने को भी माना जाएगा मनी लांड्रिंग के तहत अपराध…
हिंद स्वराष्ट्र नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से पहले से ही खतरनाक की श्रेणी में शुमार हो चुके प्रवर्तन निदेशालय (ED) को और ज्यादा ताकत मिल गई है। डबल बेंच ने अपने नए फैसले में कहा है कि रिश्वत लेना मनी लांड्रिंग के तहत एक अपराध है। इस तरह के मामलों में ईडी PMLA के तहत एक्शन ले सकती है। अभी तक करप्शन के मामलों में प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 7 के तहत पब्लिक सर्वेंट के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस वी रामसुब्रमण्यम की बेंच ने तमिलनाडु से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे में ये फैसला सुनाया। अदालत डीएमके विधायक और तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी के खिलाफ दर्ज केस की सुनवाई कर रही थी। उन पर आरोप है कि 2011-15 के बीच स्टेट ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन में हुई भर्तियों के मामले में रिश्वत ली गई थी। ये रकम उन लोगों से ली गई थी जो नौकरी हासिल करना चाहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फिर से जांच का आदेश भी दिया। इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने सेंथिल के खिलाफ ईडी की जांच पर स्टे लगा दिया था। सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी।
मनी लांड्रिंग एक्ट के सेक्शन 3 का जिक्र करके दिया फैसला
जस्टिस रामसुब्रमण्यम ने फैसले में लिखा कि ये पता लगाने के लिए किसी रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं है कि अगर कोई पब्लिक सर्वेंट रिश्वत लेता है तो वो अपराध करता है। उसके बाद जस्टिस ने मनी लांड्रिंग के सेक्शन 3 की परिभाषा बताई। उनका कहना था कि इसके तीन हिस्से हैं। पर्सन, प्रोसेस ऑफ एक्टिविटी और प्रोडक्ट। उन्होंने फैसले में लिखा कि पर्सन और प्रोसेस को लेकर कहीं कोई शक नहीं है। लेकिन प्रोडक्ट के लिए सेक्शन 2(1)(U) को समझने की जरूरत है।
रिश्वत लेने के साथ पैसे का इस्तेमाल भी माना जाएगा मनी लांड्रिंग
जस्टिस ने कहा कि सेक्शन 3 में अपराध की छह तरह की आपराधिक गतिविधियां बताई गई हैं। ये कंसीलमेंट, पजेशन, एक्विजिशन, यूज, प्रोजेक्टिंग एज अनटेंटेड मनी, क्लेमिंग एज अन टेंटेड मनी हैं। इसमें तीसरी गतिविधि कुछ भी हासिल करने से जुड़ी है। अगर कोई पब्लिक सर्वेंट रिश्वत की रकम लेता है तो वो तीसरी गतिविधि के तहत आरोपी ठहराया जा सकता है। लिहाजा उसके खिलाफ मनी लांड्रिंग की कार्रवाई शुरू की जा सकती है। अगर वो रिश्वत की रकम को अपने पास नहीं रखकर उसका इस्तेमाल भी करता है तो भी वो मनी लांड्रिंग के तहत आरोपी ठहराया जा सकता है, क्योंकि छह तरह की आपराधिक गतिविधियों में यूज भी शामिल की गई है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपने अपने तरीके से ईडी के दायरे पर दलीलें दीं। कपिल सिब्बल का कहना था कि करप्शन से हासिल की गई रकम से अगर कोई प्रापर्टी खरीदी जाती है तो मनी लांड्रिग के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना था कि ऐसे मामलों में ईडी की जांच पर हैरत नहीं होनी चाहिए। अपराध हुआ और उससे पैसा भी अर्जित किया गया।
गोडवाना गड़तंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष के खिलाफ ग्रामीणों ने की लिखित शिकायत..
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : एमसीबी जिला के जिला अध्यक्ष केवल सिंह मरकाम के खिलाफ ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत किया गया गया शिकायत में उल्लेख किया गया है कि केवल सिंह मरकाम निवासी ग्राम साल्ही तहसील मनेन्द्रगढ़ के द्वारा ग्राम पंचायत साल्ही में शासकीय भूमि पर बने गौठान को अपना निजी भूमि बताकर गुमराह किया जाता है। इनके द्वारा भोलेभाले ग्रामीणों को आयदिन धमकी देकर डराया धमकाया जाता है। ग्रामीणों को परेशान करने के उद्देश्य से सूचना के अधिकार लगाकर धमकी दी जाती है पूरा ग्राम इनकी कार्यप्रणाली से भयभीत है। इनके द्वारा स्थानीय विधायक महोदय के ऊपर भी झूठा मनगढ़त आरोप लगाकर शिकायत किया जाता है। केवल सिंह मरकाम, गोड़वाना गणतंत्र पार्टी के जिलाध्यक्ष है, जिसके कारण भोलेभाले लोगो को बहला-फुसलाकर अनशन, धरना की धमकी दी जाती है।पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायत पत्र में ग्रामीणों गोडवाना गड़तंत पार्टी के जिला अध्यक्ष पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। देखना यह होगा कि पुलिस ग्रामीणों की शिकायत पर कार्यवाही करती है या शिकायत पत्र रद्दी की टोकरी में डाल दिया जायेगा।
अपनी 8 सूत्रीय मांगो को लेकर पटवारी संघ 15 मई से हड़ताल में…विभागीय काम ठप्प…
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : पटवारियों के हड़ताल में चले जाने से राजस्व विभाग के काफी काम प्रभावित हो रहे हैं. वही दूसरी ओर आंदोलनरत पटवारियों ने कहा कि जब तक उनकी 8 सूत्री मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक हड़ताल लगातार जारी रहेगी। 8 सूत्रीय मांगो को लेकर धरने में सुरेंद्र पाल सिंह प्रांतीय उपाध्यक्ष, गिरजेश साहू जिलाध्यक्ष नागेंद्र नारायण सिंह,रमेश राम बाबू नारायण सिंह, नलिन तिवारी दीपेंद्र पाल सिंह, सुनैना सिंह, सरस्वती गुप्ता, रंजीता लकड़ा, छाया गुप्ता, मंजुलता, चंदा भगत, प्रेमारोस खाखा, पुत्तरा सिंह,वंदना तेंदुवा, अलमा बखला, मीनू कौरव, आशीष सिंह ,आशीष मिंज सहित अन्य पटवारी उपस्थित रहे. प्रदर्शन में बैठे पटवारियों ने बताया कि विभिन्न मांगो एवं समस्यायों के निराकरण हेतु राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ द्वारा समय समय पर सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को पत्राचार के साथ ही विभिन्न मांगो को लेकर दिसम्बर 2020 में संघ द्वारा विभिन्न चरणों में आन्दोलन भी किया गया था, जिस पर राजस्व मंत्री के आश्वासन पर आन्दोलन स्थगित किया गया था कुछ मांगो को जैसे स्टेशनरी भत्ता नेट भत्ता आदि को वर्ष 2021 में स्वीकृत भी किया गया था किन्तु उसका क्रियान्वयन नही हुआ। आज पर्यन्त पटवारियों की समस्यायों और मांगो का उचित निराकरण नही जा सका है। जिससे प्रदेश के पटवारीयो में भारी रोष व्याप्त है। इसे लेकर राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ द्वारा पूर्व सुचना देकर 24 अप्रैल 2023 को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन तुता रायपुर में किया गया। धरना प्रदर्शन में उपस्थित सभी प्रांतीय कार्यकारिणी, जिलाध्यक्षों एवं सदस्यों द्वारा सर्व सम्मति से मांगे पूर्ण नही होने की स्थिति में अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने का निर्णय लेते हुए प्रस्ताव पारित किया गया. अनिश्चितकालीन हड़ताल में बैठे पटवारियों ने वेतन विसंगति दूर करते हुए वेतन में बढ़ोतरी की माँग की है.प्रदेश के पटवारियों द्वारा विभागीय कार्यों के अतिरिक्त समय समय पर उच्चाधिकारियों द्वारा दिए मौखिक /लिखित आदेशो का पालन ईमानदारी पूर्वक किया जा रहा है। निर्वाचन, जनगणना, बाढ़ आपदा, सुखा राजस्व वसूली प्रोटोकाल ड्यूटी, जनसमस्या निवारण शिविरों में आवश्यक व्यवस्था के साथ साथ प्राप्त विभागीय आवेदनों का समय पर निराकरण शासन की जनकल्याणकारी योजनाओ में सहभागिता आदि कार्यो का संपादन विभागीय कार्य जैसे गिरदावरी, अभिलेख अद्यतन नक्शा बटाकन सीमांकन, आबादी सर्वे के साथ साथ किया जा रहा है, न सिर्फ इतना ही बल्कि आवश्यक व्यवस्था हेतु मेला में मंदिरों में, अन्य बड़े आयोजनों में भी पटवारियों का ड्यूटी लगाई जाती है। कार्य की अधिकता को देखते हुए पटवारियों का ग्रेड पे 2800 किया जाये।
वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति :-
राजस्व निरीक्षक की सीधी भर्ती पर रोक लगाया जाये। राजस्व निरीक्षक के कुल पदों के 50% पर पटवारियों से वरिष्ठता के आधार पर एवं शेष 50% पदों पर विभागीय परीक्षा के माध्यम से नियूक्ति किया जाये।
5 वर्ष पूर्ण कर चुके सभी पटवारियों को राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षण दिलाया जाये। प्रशिक्षित पटवारियों से ही रिक्त पदों के 50% पर वरिष्ठता के आधार पर नियुक्ति किया जाये। उपरोक्तानुसार भर्ती नियम में आवश्यक संशोधन किया जाये।
साथ ही राजस्व निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा नियमित रूप से आयोजित किया जाये।
संसाधन एवं भत्ते :- वर्तमान में भूमि से संबंधित अभिलेख ऑनलाइन किया जा चूका है। अभिलेखों का दुरुस्ती, नामान्तरण/बटवारा में आवश्यक प्रतिवेदन, नक्शा बटांकन आदि ऑनलाइन ही किया जा रहा है। जिसके लिए कंप्यूटर, इन्टरनेट, प्रिंटर, स्कैनर आदि की आवश्यकता पडती है । किन्तु दुखद है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजना भुइयाँ कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु पटवारियों को आज पर्यन्त आवश्यक संसाधन नही दिया गया है। अतः पटवारियों को ऑनलाइन कार्य हेतु कंप्यूटर/लैपटॉप प्रदान किया जाये साथ ही इन्टरनेट हेतु 500 रु मासिक नेट भत्ता दिया जाये। वर्तमान में बहुत से नये हल्कों का गठन किया गया है। जहा पटवारियों को कार्यालय तो दूर मूल भुत सुविधाए जैसे टेबल कुर्शी पंखा अलमीरा भी नही दिया गया है, किराये के मकान में स्वयं के संसाधन से कार्यालय चलाने में मजबूर है। अतः प्रत्येक पटवारी हल्के में पटवारी कार्यालय एवं आवश्य फर्नीचर की व्यवस्था किया जाये।
स्टेशनरी भत्ता :- पटवारियों को वर्तमान में 250 रु प्रति माह की दर से स्टेशनरी भत्ता दिया जा रहा है जिसका निर्धारण लगभग 10 वर्ष पूर्व किया गया था, बढ़ते महंगाई के साथ साथ स्टेशनरी के दरो में भी वृद्धि हुआ है अतः स्टेशनरी भत्ता 1000 रु प्रति माह दिया जाये। यह भत्ता प्रतिवर्ष बढ़ाया जाये।
अतिरिक्त प्रभार के हल्के का भत्ता :- पटवारियों के लिए अतिरिक्त हल्के का प्रभार हेतु 250 रु निर्धारित है जबकि कार्य मूल हल्के के सामान ही किया जाता है, अतः नियमावली में आवश्यक संशोधन करते हुए अतिरिक्त हल्के का मानदेय मूल वेतन का 50% प्रतिशत किया जाये।
पटवारी भर्ती हेतु योग्यता स्नातक किया जाये :- पटवारी भर्ती नियम में 12वी परीक्षा उत्तीर्ण होने के साथ साथ कंप्यूटर आवश्यक किया गया है। वर्तमान में भुइयां एवं भू नक्शा सॉफ्टवेयर का संचालन जैसे तकनीकी कार्य साथ ही बढ़ते टेक्नोलॉजी के साथ आबादी सर्वे आदि कार्यो को देखते हुए पटवारियों की भर्ती नियम में आवश्यक संशोधन करते हुए न्यूनतम योग्यता स्नातक किया जाये।
मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त हो :- वर्तमान में हल्का मुख्यालय से तहसील या जिला मुख्यालय तक आवागमन की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। साथ ही हल्कों का आकार भी कम हो चूका है (एक हल्के में अधिकतम 2 पंचायत )। साथ ही अधिकांश कार्य ऑनलाइन हो चूका है जो इंटरनेट सुविधा युक्त जगह में ही संभव है। अतः पटवारियों के नियमावली में आवश्यक संशोधन करते हुए मुख्यालय निवास की बाध्यता को समाप्त किया जाये।
बिना विभागीय जाच के एफ.आई.आर. दर्ज न हो :- पटवारियों के द्वारा कार्य सम्पादन करते समय यदि लिपिकीय त्रुटी या इसके अतिरिक्त कागजात संधारण करने में कोई भूल हो जाये ऐसी स्थिति में विभागीय जाच उपरांत ही एफ आई आर की कार्यवाही होनी चाहिए। शासन से स्पष्ट निर्देश जारी हो की जब तक विभागीय जाच पूर्ण न हो जाये तब तक प्रारम्भिक एफ आई आर दर्ज न हो ।
खाद्य मंत्री के निज सचिव, पटवारी, कानूनगो समेत 23 के खिलाफ FIR दर्ज…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : बतौली विकासखंड के ग्राम भटको, करदना व कालीपुर में लगभग 1000 एकड़ से भी अधिक शासकीय भूमि का फर्जी पट्टा बनाकर भूमि पर कब्जा करने के दो अलग-अलग मामले में 23 लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज किया गया है। ग्राम भटकों में हुए इस फर्जीवाड़े में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत के पूर्व निज सचिव भूपेश यादव उनके पिता रामानंद यादव, भाई हेमंत यादव, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष व जनपद उपाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता उनके भाई अनूप गुप्ता, भटको उपसरपंच शशांक गुप्ता सहित 19 आरोपियों के विरुद्ध तथा कालीपुर में शासकीय भूमि के पट्टे के मामले में भाजपा नेता अमित गुप्ता, बैंगीन लोहार सहित चार लोगों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है। इन दोनों मामलों में पटवारी कंचनराम पैकरा और कानूनगो जॉन बड़ा भी आरोपी बनाए गए हैं इन सभी के खिलाफ 120 बी, 420, 467, 468 व 471 का जुर्म दर्ज किया गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ग्राम भटको, करदना कालीपुर के ग्रामीणों द्वारा शासकीय भूमि के फर्जी पट्टा बनाए जाने के आरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया गया था जिसके बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। जांच के बाद तीन सदस्यीय जांच टीम ने कल थाने में शिकायत दर्ज कराई है ।
बतौली तहसीलदार ईश्वरचंद यादव द्वारा दर्ज शिकायत के अनुसार शासकीय मद की भूमि को फर्जी तरीके से अपने नाम पर पटवारी कंचनराम पैकरा और कानूनगो जॉन बड़ा की मिलीभगत से दर्ज करा लिया गया था शिकायत के अनुसार आरोपी भगमनिया,शशांक गुप्ता, रामानंद यादव,जगमोहन,हेमंत यादव, प्रेमलता बेवा, अश्विनी सिंह, भूपेंद्र यादव, अनूप गुप्ता, उदयराम, सुंदर राम, शुभम राम,रामप्रसाद, जवेश गुप्ता, प्रदीप गुप्ता,अनीता यादव, वीना गुप्ता ने अपने नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज करा लिया। इसी दस्तावेज के आधार पर शासकीय योजना के तहत आरोपियों द्वारा धान खरीदी का लाभ लेते हुए लाखों रुपए का घोटाला किया गया।
मई माह के भीषण गर्मी में कृषि उपज मंडी खाद लेने पहुँच रहे किसान…
हिंद स्वराष्ट्र कुसमी पंकज कुमार गुप्ता : मई माह की इस तपतपी धूप में दूर-दूर से किसान कृषि उपज मंडी कुसमी में खाद लेने पहुँच रहे है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष खाद की कमी के कारण उनकी फसलें नहीं हो पाई थी जिसके चलते वह मजबूरन इतनी तपतपाती गर्मी में खाद लेने आने को विवश है ताकि उन्हें समय पर खाद मिल जाए और वह अपनी फसलें समय से लगा सके।
किसानों से हमने पूछा इस कडकडाकि कि धूप में आप खाद लेने आये है? ये खाद्य कुछ दिनों बाद बरसात के आगमन के कुछ दिनों पूर्व वातावरण सामान्य हो जाता तब भी तो आप अपना खाद्य ले सकते थे?
तो इस प्रश्न का उत्तर देते हुये किसान ने हमे बताया कि अगले वर्ष 2022 में हम खाद लेने आये हुये थे किन्तु गोदाम में खाद नही होने के कारण हमें खाद नही मिल पाया जिससे हम खेती नही कर पाये उसी के कारण हम इस तपती गर्मी में खाद् लेने आये हुये है जिससे हमारा खेती इस वर्ष बिना किसी रुकावट के हो जाये। किसान ने बताया की 2022 में खेती नही होने के कारण अभी तक अपने बेटे का 5 महीने का शुल्क नही जमा कर पाये है साथ ही साथ अनेको प्रकार के कर्ज हमारे सर पर आ गये है।
क्या सिर्फ भू– माफियाओं को समर्थन देने नायब तहसीलदार बन कर बैठे हैं संजीत पाण्डेय….???
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : अम्बिकापुर के नायब तहसीलदार संजीत पाण्डेय की कार्यशैली काफी धीमी और प्रश्नचिन्ह खड़े करने वाली है…और इनका लगाव भू माफियाओं के प्रति अधिक होने के कारण यह अपने कर्तव्यों से भी पीछे हटने में तनिक भी देर नहीं लगाते हैं। अगर बात करें इनकी याददाश्त की तो वो भी इतनी कमजोर हैं कि वो अपनी कही बातों से भी मुकरने में थोड़ा भी नही हिचकते हैं। अम्बिकापुर क्षेत्र में भू माफिया इनकी दया से काफी अच्छे तरीके से फल फूल रहे हैं क्युकी अगर इन भू माफियाओं के खिलाफ शिकायत होती भी हैं तो ये जांच अधिकारी बन कर जांच हो रही हैं की बात कहते हुए उसे लंबे समय तक टालने का हुनर रखते हैं। अब यह तो सोचने वाली बात है की जब सब कुछ सामने से दिख रहा होता है स्पष्ट होता है जिसमें किसी प्रकार का कोई असमंजस से नहीं होता है उस मामले में भी इन्हें जांच करने में इतना अधिक समय क्यों लगता है?? क्या ऐसा कारण है कि जिस मामले में भी जांच अधिकारी होते हैं वह जांच लंबे समय तक लटकी रह जाती है और अंत तक ना तो जांच रिपोर्ट आती है और ना ही दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही होती हैं।
170 ख के तहत प्रकरण दर्ज होने के बावजूद कोरवा की जमीन पर घर बनाकर रहने लगे भू माफिया
नायब तहसीलदार संजीत पांडेय के क्षेत्र में आने वाले कांतिप्रकाशपुर में 170ख के तहत प्रकरण दर्ज होने के बावजूद सुग्गी कोरवा की जमीन पर भू माफियाओं द्वारा अवैध निर्माण कर लिया गया। अवैध निर्माण की शिकायत बार-बार पीड़ित पक्ष द्वारा किए जाने के बावजूद संजीत पांडे के कान में जूं तक नहीं रेंगी और उन्होंने कोई कार्यवाही करना मुनासिब नहीं समझा। शायद इनके द्वारा भू माफियाओं को समर्थन दिया जा रहा हैं इसीलिए इन भू माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि कोरवा की जमीन पर घर बनाकर उसमें रहना भी शुरू कर चुके हैं…. मामला सिर्फ सुग्गी कोरवा की जमीन तक सीमित नहीं है उसके आसपास राजस्व के अंतर्गत आने वाले एक पहाड़ की भी है जिसे भूमाफिया द्वारा दिन प्रतिदिन खोदकर मुरम निकाला जा रहा हैं और अवैध निर्माण कर मकानों का निर्माण कर दूसरे प्रदेश से लाकर लोगों को इन घरों में बसाया जा रहा है।
पटवारी कार्यालय में चली शराब पार्टी ढाई महीने बाद भी जांच अधूरा
उल्लेखनीय है कि विगत 6 मार्च को पटवारी कार्यालय सह आवास केंद्र फुंदुरडिहारी में कुछ पटवारियों और आरआई द्वारा शराब पार्टी की गई लेकिन शिकायत के बावजूद नायब तहसीलदार महोदय द्वारा इस मामले को दबाने का भरसक प्रयास करते हुए ढाई महीने में भी जांच रिपोर्ट पेश नहीं किया गया है। कारण सिर्फ यह है कि मामला उनके विभाग का था और वह किसी भी तरह से इस मामले को दबाना चाहते थे। यही कारण है कि उन्होंने आज तक जांच रिपोर्ट पेश नहीं की और अपने चहेते पटवारियों और आरआई महोदय को बचाने की हर संभव कोशिश करते रहे।
जांच कैसे करनी है अगर यही नहीं पता तो क्यों बन बैठे जांच अधिकारी??
पटवारी कार्यालय में शराब पार्टी की शिकायत के बाद व्यस्तता की बात कहते हुए नायब तहसीलदार संजीत पांडेय शिकायतकर्ता को घुमाते रहे और जब इससे बात नहीं बनी तो उन्होंने शिकायतकर्ता पर ही बयान दर्ज ना करवाने का आरोप लगा दिया जब शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज करवाए गए अपने बयान की फोटो उन्हें भेजी तो उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली और नया बहाना बनाते हुए उन्होंने पटवारियों और आरआई का बयान पृथक पृथक रूप से न लिए जाने की बात कहते हुए टालमटोल करने लगे। अगर उन्हें पता था की पटवारियों और आर आई जिनके खिलाफ शिकायत की गई है उन सभी का पृथक पृथक बयान लेना है तो फिर उन्होंने सामूहिक रूप से उनका बयान क्यों लिया???
कलेक्टर सरगुजा द्वारा दिए गए थे जांच के आदेश बावजूद इसके कर रहे हैं अपनी मनमानी
पटवारी मामले में कलेक्टर सरगुजा द्वारा जांच के दिए गए थे आदेश लेकिन बावजूद इसके नायब तहसीलदार अपने आपको सर्वोपरि समझते हुए इस मामले में अपनी मनमानी कर रहे हैं। कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करते हुए अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं।
पीड़ित कोरवा का कहना न्याय मिलने की नही बची मन में कोई उम्मीद
बार-बार शिकायत के बावजूद मीडिया के दखल के बावजूद जब संजीत पांडे इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं तो पीड़ित पक्ष का कहना है कि अब मन में न्याय मिलने की उम्मीद खत्म होती जा रही है और नहीं लगता की संजीत पांडे के रहते मुझे मिल पाएगा न्याय…
शिक्षा विभाग ने 21 शिक्षकों की पदोन्नति की निरस्त…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : सरगुजा जिले के 21 शिक्षकों के प्रमोशन को निरस्त कर दिया गया हैं। बताया जा रहा है कि इन शिक्षकों का प्रमोशन विकासखंड से मिली गलत जानकारी के आधार पर किया गया था लेकिन जैसे यह मामला संज्ञान में आया तो शिक्षा विभाग द्वारा अपनी गलती को सुधारते हुए इन शिक्षकों के प्रमोशन को निरस्त कर दिया गया है। जिन 21 शिक्षकों का प्रमोशन निरस्त किया गया हैं। इनमे 5 शिक्षक प्रधानपाठक, 16 सहायक शिक्षक पदोन्नत हुए थे।
जल संसाधन विभाग में 115 उप अभियंताओं के तबादले,, देखें आदेश…
हिंद स्वराष्ट्र अम्बिकापुर : जल संसाधन विभाग मंत्रालय द्वारा आज जारी अपने आदेश में 115 उपअभियंताओं के तबादले किए हैं जिन्हें 15 दिन के भीतर पदभार ग्रहण करने के आदेश दिए गए हैं।
देखे आदेश :







सट्टा पट्टी के साथ दो सटोरिए चढ़े पुलिस के हत्थे…
हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी किशन देव शाह : सिटी कोतवाली पुलिस ने सट्टा पट्टी, मोबाइल सहित नगदी रकम के साथ दो सटोरिया को अलग अलग स्थानों से पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रेलवे फाटक के पास बैठकर चीला सट्टा पट्टी काट रहा है। पुलिस मुखबिर के बताए जगह में पहुंची तो चीला मोबाइल में सट्टा पट्टी काट रहा था। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर थाना लाया गया। प्रकाश रजक उर्फ चीला पिता पूरन लाल रजक निवासी वार्ड नंबर 14 सब्जी मंडी के पास से मोबाइल सट्टा पट्टी के साथ नगदी रकम जप्त किया। वही कुछ समय पश्चात पुलिस को पुनः मुखबिर से सूचना मिली कि कृष्ण कुमार गांधी बस स्टैंड के पास मोबाइल में सट्टा पट्टी काट रहा है। मुखबिर के बताए जगह में पुलिस पहुंची तो कृष्ण कुमार गांधी मोबाइल में सट्टा पट्टी काट रहा था। पुलिस ने कृष्ण कुमार गांधी पिता स्व.मोहन प्रकाश गांधी उम्र 59 वर्ष को पकड़कर थाना लाया गया आरोपी के पास से मोबाइल सट्टा पट्टी सहित नगदी रकम जप्त किया गया। पकड़े गए दोनो आरोपी पर पुलिस ने छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिसेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत कार्यवाही कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
ईडी ने नवा रायपुर समेत जिले में अटैच किए 21 करोड़ के प्लॉट, 28 करोड़ के जेवर, 27 करोड़ की एफडी….
रायपुर : केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित तौर पर 2 हजार करोड़ रुपए की आबकारी गड़बड़ी में गिरफ्तार लोगों की प्रॉपर्टी अटैच करनी शुरू कर दी है। इस मामले में ईडी ने अब तक जिले में 21 करोड़ रुपए के प्लॉट अटैच किए हैं, जिनमें से अधिकांश वीआईपी रोड के आसपास तथा नवा रायपुर के हैं। एक प्रॉपर्टी मुंबई में भी अटैच की गई है।
वहां छापे में एक करोड़ रुपए के इन्वेस्टमेंट के लूज पेपर्स भी मिलें हैं। इसके अलावा ईडी की छापेमारी में अब तक 28 करोड़ रुपए के जेवर और 27 करोड़ रुपए के फिक्स डिपाजिट भी जब्त किए गए हैं। ईडी का दावा है कि जेवर एक ही डिस्टिलर के यहां से मिले हैं। इसके अलावा एक आरोपी के घर से 20 लाख रुपए का कैश मिला है। जिसका ईडी ने दस्तावेजों में उल्लेख किया है। शराब मामले में जितने लोगों को अब तक गिरफ्तार किया है, उनमें सब मिलाकर लगभग 53 एकड़ जमीन अटैच कर दी गई है।
ईडी ने शराब मामले को लेकर कोर्ट में पेश किए गए दस्तावेजों में आरोप लगाया है कि पूरी व्यवस्था में चार तरीकों से की गई कमाई प्रॉपर्टी के अलावा कई तरह से इन्वेस्ट की गई है। रायपुर में प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट ज्वाइंट वेंचर (जेवी) के नाम से किया गया है। इसके अलावा इसी मामले में एक आरोपी के 27.5 करोड़ रुपए की फिक्स डिपाजिट फ्रीज किए गए हैं।
ईडी का दावा है कि सभी एफडी उसी समय के हैं, जिस दरमियान शराब में गड़बड़ी की गई। इसके अलावा शराब कारोबारियों के घर छापों में 28 करोड़ के जेवर भी मिले हैं। इसे भी जब्त किया गया है। हालांकि ईडी ने सोमवार को कार्रवाई को लेकर प्रेस नोट जारी किया, जिसमें बताया गया कि रायपुर, भिलाई, मुंबई के अलावा अलग-अलग जगह ईडी की जांच चल रही है।
त्रिपाठी-अनवर समेत तीन को 19 तक रिमांड पर लिया
ईडी ने रिमांड खत्म होने पर सीएसएमसीएल के एमडी और विशेष सचिव आबकारी अरुणपति त्रिपाठी, कारोबारी अनवर ढेबर, नीतेश पुरोहित और त्रिलोक सिंह ढिल्लन उर्फ पप्पू को कोर्ट पेश किया। ईडी ने कोर्ट में चारों से पूछताछ के लिए अलग-अलग रिमांड मांगी और कहा कि आरोपियों से जब्त मोबाइल की जांच तथा इसमें मिले चैट के बारे में पूछताछ जरूरी है। कोर्ट ने चारों को 19 मई तक 4 दिन की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है। हालांकि बचाव पक्ष ने सोमवार को भी रिमांड का विरोध किया।
कारोबारियों समेत आधा दर्जन लोगों को ईडी ने फिर बुलाया
ईडी ने सोमवार को एक होटल कारोबारी और एक शराब कारोबारी समेत आधा दर्जन लोगों को सोमवार को समंस भेजकर अपने दफ्तर बुलवा लिया है। सभी से लंबी पूछताछ की गई, इसके बाद देर रात छोड़ा गया। कुछ अधिकारियों को भी समंस जारी कर बुलाया गया है। इनमें आबकारी अफसरों की संख्या ज्यादा है। गौरतलब है, कुछ आबकारी अधिकारियों को ईडी चार-चार बार पूछताछ के लिए बुला चुकी है। हालांकि शाम को कुछ लोगों को गिरफ्तार करने की अफवाह भी फैली थी।
तेजस बंद वंदे भारत शुरू:तेजस 3 दिन में ही बंद वंदे भारत आज से फिर पटरी पर, अब 16 की जगह केवल 8 कोच…
रायपुर : छत्तीसगढ़ में रेलवे ने वंदेभारत एक्सप्रेस को बेमुद्दत बंद करने का फैसला तीन दिन में ही पलट दिया। इस ट्रेन की जगह तेजस एक्सप्रेस 14, 15 और 16 जून को तीन दिन चली, लेकिन मंगलवार को इसे बंद कर दिया गया। रेलवे ने बिलासपुर से नागपुर के बीच तेजस की जगह दोबारा वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का फैसला किया है। यह बुधवार, 17 मई से चलेगी। अंतर यह होगा कि 16 बोगियों की वंदेभारत अब केवल 8 बोगियों से साथ चलाई जाएगी। जानकारों के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया है, ताकि ट्रेन खाली नहीं चले।
रेलवे ने तीन दिन रोककर फिर शुरू की जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव और चेयरकार में कटौती कर दी है। छत्तीसगढ़ में वंदे भारत एक्सप्रेस 11 नवंबर को शुरू हुई थी। तब से 13 मई तक ट्रेन चली, लेकिन रेलवे ने ही अपने विश्लेषण में पाया कि ट्रेन को औसतन 65 प्रतिशत यात्री ही मिल रहे थे, बाकी 35 प्रतिशत ट्रेन खाली जा रही थी।
दरअसल टिकट महंगे होने की वजह से यात्री इसमें रुचि कम ले रहे था। दूसरा, बिलासपुर से नागपुर लगभग इतने ही समय में दूरंतो भी पहुंचा रही थी, लेकिन उसका किराया बहुत कम था। इसलिए वंदे भारत के यात्री कम ही थे। यही वजह से रेलवे ने बोगियां ही आधी कर दीं, ताकि ट्रेन खाली नहीं चले। नए रैक में सिर्फ 1 एग्जीक्यूटिव क्लास तथा 7 चेयर कार रहेंगी।
तेजस को भी यात्री कम मिले
रेलवे ने वंदे भारत की जगह तीन दिन तक तेजस एक्सप्रेस चलाई, लेकिन छत्तीसगढ़ में इसे भी पर्याप्त यात्री नहीं मिले। रेलवे ने मंगलवार से तेजस को बंद कर बुधवार से वंदे भारत चलाने का निर्णय लिया है। वंदे भारत एक्सप्रेस के चलने से यात्रियों की जेब पर तो असर पड़ेगा, लेकिन यात्रा आसान होगी क्योंकि रायपुर से सिर्फ 4 घंटे 12 मिनट में नागपुर पहुंचा जा सकेगा, जिसमें अभी औसतन साढ़े 5 से 6 घंटे लगते हैं।
वंदे भारत के डोर ऑटोमैटिक
इस ट्रेन की खासियत है कि सभी कोच ऑटोमेटिक डोर वाले हैं। मनोरंजन के लिए ऑन-बोर्ड हॉटस्पॉट वाई-फाई, सभी शौचालय बायो-वैक्यूम प्रकार के हैं। प्रत्येक कोच में गर्म भोजन, गर्म और ठंडे पेय पदार्थ परोसने की सुविधा के साथ पेंट्री है। प्रत्येक कोच में यात्री सूचना और इंफोटेनमेंट प्रदान करने वाले स्क्रीन लगे हैं। एक्जीक्यूटिव कारों की सीट 180 डिग्री तक घूम जाती है।