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बीईओ दफ्तर में मारपीट करने वाले कर्मचारियों पर गिरी गाज, संयुक्त संचालक ने तीनों किया सस्पेंड, बीईओ सभी मांगा जवाब….

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सूरजपुर

सूरजपुर जिले के भैयाथान बीईओ कार्यालय में 1 जून को 2 क्लर्क एवं एक कंप्यूटर ऑपरेटर के मध्य मारपीट की घटना हुई थी। इस मामले की जांच के बाद लोक शिक्षण सरगुजा अंबिकापुर के संभागीय संयुक्त संचालक ने 2 क्लर्क व एक कंप्यूटर ऑपरेटर को निलंबित कर दिया है, जबकि बीईओ को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया है।

लोक शिक्षण सरगुजा अंबिकापुर के संभागीय संयुक्त संचालक ने बताया कि भैयाथान बीईओ कार्यालय में पदस्थ निलंबित ( सहायक ग्रेड-2 हरेश कुमार पैकरा, सहायक ग्रेड-3 राजू लकड़ा तथा कंप्यूटर ऑपरेटर कृष्णा कुशवाह शामिल है।

अपने आदेश में उन्होंने बताया है कि तीनों के द्वारा कार्यालय में गाली-गलौच एवं मारपीट का अशोभनीय आचरण करने के कारण सिविल सेवा अधिनियम-1965 के नियम 3(1)एवं नियम तीन-(क) तथा (ग) के उल्लंघन का प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए जाने के कारण छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय के आदेश के तहत प्रत्यायोजित अधिकारों का प्रयोग करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम-1966 के उप-नियम 9(1)(क) के तहत् तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से निलंबित किया जाता है।

सूरजपुर बीईओ कार्यालय में किया अटैच किया गया

संयुक्त संचालक ने निलंबन अवधि में सहायक ग्रेड 2 और 3 तथा कंप्यूटर ऑपरेटर का मुख्यालय बीईओ कार्यालय सूरजपुर नियत किया है। इस दौरान उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

बीईओ से मांगा जवाब

संभागीय संयुक्त संचालक ने विकासखंड भैयाथान के प्रभारी विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी फूलसाय मरावी से कार्यालयीन अनुशासनहीनता की घटना के संबंध में जवाब मांगा है।

उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर के पत्र और प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगौटी, भैयाथान का 8 जून को प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर पूछा है कि 1 जून 2020 को घटित अशोभनीय घटना में स्टॉफ पर नियंत्रण रखने तथा कार्यालय संचालन एवं कार्यालयीन प्रशासनिक कार्य निष्पादन में असफल रहे हैं।
कार्यालय में अमले के बीच गुटबाजी को रोकने में असमर्थ रहे हैं। कार्यालयीन लिपकीय स्टॉफ के होते हुए भी शिक्षक प्रशांत गुप्ता को संलग्न रखकर कार्यालयीन कार्यों का दायित्व सौंपा गया है।
आपके उपरोक्त कृत्यों के कारण कार्यालयीन मर्यादा के उल्लंघन की घटना रोकी नहीं जा सकी और विभाग की छवि धूमिल हुई। अत: आप इस सूचना पत्र के प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करें।

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