हिंद स्वराष्ट्र एमसीबी/खड़गवां किशन शाह :विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 10 से 16 अक्टूबर 2026 तक ‘मन जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और सामुदायिक स्तर पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विकासखंड भरतपुर के बहरासी, जमथान एवं बरेल तथा विकासखंड खड़गवां के मेंड़्रा स्थित विद्यालयों में स्कूली बच्चों के लिए ‘इमोजी से मन की बात’ गतिविधि आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने इमोजी के माध्यम से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझा।
इमोजी के जरिए बच्चों ने पहचानी अपनी भावनाएं
गतिविधि के दौरान बच्चों को खुशी, उदासी, चिंता, गुस्सा और अन्य भावनाओं को दर्शाने वाले इमोजी दिखाए गए। बच्चों ने अपनी वर्तमान मनःस्थिति के अनुसार इमोजी का चयन कर अपनी भावनाएं साझा कीं। इस रोचक गतिविधि के माध्यम से उन्हें अपनी भावनाओं को पहचानने और बिना किसी संकोच के अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
बच्चों को बताया गया कि खुशी, उदासी, चिंता और गुस्सा जैसी भावनाएं जीवन का स्वाभाविक हिस्सा हैं। हालांकि, जब कोई बच्चा लगातार तनाव, उदासी या चिंता महसूस करे, तो उसे अपनी परेशानी माता-पिता, शिक्षकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति के साथ साझा करनी चाहिए। समय पर बातचीत और सहयोग मिलने से बच्चों को अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।
बचपन से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि बच्चों एवं किशोरों का मानसिक स्वास्थ्य उनके समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यालयों में इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने, तनाव से निपटने और जरूरत पड़ने पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बचपन से ही विकसित करना आवश्यक है, ताकि बच्चे भावनात्मक रूप से मजबूत बन सकें और अपनी समस्याओं को खुलकर साझा कर सकें।
सप्ताहभर होंगी विभिन्न जागरूकता गतिविधियां
मन जागृति अभियान के अंतर्गत सप्ताहभर अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है। इनमें मानसिक स्वास्थ्य शपथ, रंगोली, जागरूकता रैली, इमोजी मूड बोर्ड, पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अलावा किशोरों के साथ परीक्षा के तनाव, मोबाइल के अत्यधिक उपयोग और भावनात्मक समस्याओं पर संवाद किया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, पुलिस एवं आपातकालीन सेवा कर्मियों के लिए विशेष कार्यक्रम, परिवारों और समुदाय के साथ चर्चा तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए जनजागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
अभियान में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान, परामर्श और आवश्यकतानुसार रेफरल पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि जरूरतमंद लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा सके।
टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 की दी जा रही जानकारी
जिला नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना, इससे जुड़ी सामाजिक झिझक और भ्रांतियों को दूर करना तथा जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान राष्ट्रीय टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 का भी व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस करने वाले लोग निःशुल्क परामर्श एवं सहायता प्राप्त करने के लिए इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
यह अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन, जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती के समन्वय तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। संबंधित विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारियों के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और विद्यालय प्रबंधन मिलकर गतिविधियों को सफल बनाने सहयोग कर सके।








