छत्तीसगढ़ में टीकाकरण का नया फॉर्मूला जारी ,,,अब इस आधार पर किया जाएगा टीकाकरण…नए फार्मूले मे पत्रकार और वकील को मिला फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा…

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रायपुर :- छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने कोरोना टीकाकरण में प्राथमिकता का नया फार्मूला तय कर लिया है। इसके तहत अब टीकाकरण के एक केंद्र पर एक साथ चार कैटेगरी में टीका लगाया जाएगा। अन्त्योदय, गरीबी रेखा से नीचे और सामान्य श्रेणी के लोगों के अलावा सरकार ने गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों, सरकारी कर्मचारियों, पत्रकारों और संक्रमण के सबसे अधिक खतरे वाले कामगारों के लिए चौथी कैटेगरी बनाई है। इस फार्मूले के साथ छत्तीसगढ़ कोरोना टीकाकरण में इस तरह आनुपातिक वर्गीकरण करने वाला पहला राज्य हो गया है।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बताया, “टीकाकरण का अनुपात तय हो गया है जल्द ही इसके आदेश जारी हो जाएंगे।” प्रदेश में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के लिए नि:शुल्क टीकाकरण अभियान 1 मई से शुरू हुआ है। सरकार ने सबसे पहले अन्त्योदय राशनकार्ड वालों को टीका लगाना शुरू कर दिया था। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने इसको उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। 4 मई को अदालत ने कहा कि इस तरह टीकाकरण गलत है। बीमारी अमीरी-गरीबी देखकर नहीं आती। ऐसे में सरकार को सभी वर्गों में अनुपात तय करना चाहिए। उसके बाद टीकाकरण को रोक दिया गया। बाद में उच्च न्यायालय के कहने पर शनिवार से फिर टीकाकरण शुरू हुआ। इस बीच मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में बनी सचिवों की उच्च स्तरीय समिति ने टीकाकरण में सभी वर्गों का यह अनुपात तय किया है।

अब यह होगा अनुपात

वर्क फोर्स + गंभीर बीमारी से पीड़ित– 20%
गरीबी रेखा से नीचे – 52%
अन्त्योदय – 16%
गरीबी रेखा से ऊपर – 12%

फ्रंटलाइन वर्कर्स की नई श्रेणी में यह लोग आएंगे

फ्रंट लाईन वर्कर की नई सूची में जिन श्रेणियों को शामिल किया है उनमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिभाषित कोमार्बिडिटी वाले व्यक्ति, भोजन परोसने वाले, सब्जी विक्रेता, बस ड्राइवर, कंडक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, पंचायत सचिव/कर्मी, पीडीएस दुकान प्रबंधक और विक्रेता, इंस्टिस्च्यूशनल केयर में रहने वाली महिलाएं, गांव के कोटवार एवं पटेल, राज्य सरकार के कर्मचारी, राज्य पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग के कर्मचारी, वकील, पत्रकार और नजदीकी परिजन शामिल हैं। सूची में वृद्धाश्रम में, महिला देखभाल केन्द्रों एवं बच्चों की देखभाल में कार्यरत व्यक्ति, शमशान, कब्रिस्तान में कार्यरत व्यक्ति, दिव्यांग व्यक्ति, आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाली प्राथमिक कृषि सहकारी समिति, मार्कफेड, सहकारी बैंक में कार्यरत कर्मचारी, कलेक्टर द्वारा कोरोना ड्यूटी पर लगाए गए व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है।

बंदियों को भी प्राथमिकता

सरकार ने इस बार बंदियों को भी प्राथमिकता सूची में रखा है। सरकार की ओर से कहा गया है, जेल में रहने वाले बंदियों को भी टीकाकरण में वही प्राथमिकता दी जाए जो फ्रंटलाइन वर्कर को दी जाएगी। ऐसा इसलिए क्योकि वे अपनी सुरक्षा नही कर सकते।

फ्रंटलाइन वर्कर के पास BPL कार्ड तो कार्ड वाली श्रेणी में टीका लगेगा

अधिकारियों ने बताया, फ्रंटलाइन वर्कर श्रेणी का कोई व्यक्ति अगर APL काे छोड़कर अन्य कोई राशनकार्ड लाता है तो उसे भी उस राशनकार्ड की श्रेणी का माना जाएगा। यदि ऐसा व्यक्ति राशनकार्ड लेकर नही आता है तो उसे फ्रंट लाईन वर्कर की श्रेणी में माना जाएगा।

टीकाकरण में ऐसा वर्गीकरण करने वाला पहला प्रदेश

इस फार्मूले के साथ छत्तीसगढ़ कोरोना टीकाकरण में इस तरह आनुपातिक वर्गीकरण करने वाला पहला राज्य हो गया है। इससे पहले केंद्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर, बुजुर्ग और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों का चार वर्ग बनाया था। इन वर्गोंं का टीकाकरण अभी भी जारी है। लेकिन इन वर्गों में टीकाकरण का कोई अनुपात तय नहीं है। यह टीका कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर लगाया जा रहा है।

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