कोरबा जिले में अब होम आईसोलेटेड कोविड मरीज ले सकेंगे अपनी पसंद के निजी डाॅक्टर की सेवायें

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कोरबा जिले मे होम आईसोलेशन मे रहकर कोविड का इलाज कराने वाले मरीज अपने घर पर ही रहकर अपनी पसंद के निजी चिकित्सको की सेवायें ले सकेंगे। मरीज स्वयं के व्यय पर किसी निजी अस्पताल मे भी इलाज करा सकेंगे। परंतु इसके लिए कोरोना संक्रमित होम आईसोलेटेड मरीजो को पहले से ही संबंधित अस्पताल या निजी चिकित्सक की सहमति लेकर जिला कंट्रोल रूम को सूचित करना होगा।

ए-सिम्प्टोमेटिक और कम लक्षण वाले संक्रमितो को अपने घरो मे रहकर ही इलाज की सुविधा दी है
कोविड संक्रमितो की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य शासन के निर्देश पर ए-सिम्प्टोमेटिक और कम लक्षण वाले संक्रमितो को अपने घरो मे रहकर ही इलाज की सुविधा दी है। इस बारे मे जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किये गये हैं। घर मे हवादार कमरा और अलग शौचालय होने की शर्त पर ही कोरोना संक्रमित मरीज को होम आईसोलेशन मे रहकर इलाज कराने की अनुमति दी जायेगी। गंभीर रूप से बीमार, हृदय रोगी, कैंसर और किडनी के रोग से पीड़ित संक्रमितो को होम आईसोलेशन की अनुमति नहीं होगी। अकेले रह रहे संक्रमित मरीजो को भी होम आईसोलेशन की पात्रता नही रहेगी।

स्वयं के व्यय पर परिचित किसी निजी चिकित्सक की ले सकेंगे सेवा
कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने होम आईसोलेशन से संबंधित संशोधित दिशा-निर्देश जारी किये हैं। होम आईसोलेटेड मरीज अपनी देखभाल के लिए स्वयं के व्यय पर परिचित किसी निजी चिकित्सक की सेवा भी ले सकते हैं। चिकित्सक को मरीज की प्रतिदिन स्वास्थ्य स्थिति का आंकलन करते हुए निर्धारित प्रपत्र में जानकारी भरना होगा। कोरोना मरीजों को होम आईसोलेशन की सुविधा जिला स्तरीय निरीक्षण समिति की अनुशंसा पर ही मिल सकेगी। लक्षण रहित कोरोना मरीजों को उनके घर मे ही 17 दिन तक रखकर कोरोना का इलाज किया जाएगा। होम आईसोलेशन की सुविधा लेने वाले मरीजों को कोविड-19 प्रोटोकाॅल तथा होम आईसोलेशन दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।

काउंसिलिंग के पर निर्भर होगा होम आईसोलेशन
ब्लाॅक स्तरीय निगरानी समिति द्वारा घरो के निरीक्षण के बाद दी जायेगी होम आईसोलेशन की अनुमति

दिशा-निर्देश के अनुसार ए-सिम्प्टोमेटिक कोरोना पाॅजिटिव पाए गए मरीजों को होम आईसोलेशन की अनुमति देने के पूर्व कोविड-19 के संक्रमण के प्रबंधन के लिए नियुक्त स्वास्थ्य अधिकारी संक्रमित मरीज को हाॅस्पिटल लाकर उनका काउंसिलिंग करेंगे तथा यह निर्धारित करेंगे कि मरीज लक्षण रहित व होम आईसोलेशन में रखने के लिए उपयुक्त है या नहीं। होम आईसोलेशन किए जाने के लिए उपयुक्त पाए जाने पर ब्लाॅक स्तरीय स्वास्थ्य टीम द्वारा मरीज के घर का निरीक्षण किया जाएगा। टीम द्वारा संक्रमित मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति और होम आईसोलेशन के लिए उनके घर की स्थिति की जांच की जाएगी। निरीक्षण टीम द्वारा मरीज से संबंधित होम आईसोलेशन की अनुशंसा रिपोर्ट जिला स्तरीय टीम को प्रस्तुत किया जाएगा। प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर लक्षण रहित संक्रमित मरीज को होम आईसोलेशन के लिए अनुमति जिला स्तरीय टीम द्वारा प्रदान की जाएगी।

होम आईसोलेशन में फोन या वीडियो काॅलिंग के माध्यम से कि जाएगी निगरानी
होम आईसोलेशन की अनुमति मिलने पर मरीज को दिशा-निर्देशो की जानकारी फोन या वीडियो काॅलिंग के माध्यम से दी जाएगी। होम आईसोलेटेड मरीज को होम आईसोलेशन के दौरान इलाज के लिए दवाईयों का एक किट दिया जाएगा। मरीज की देखभाल करने वाले अटेंडेंट तथा परिवार के सदस्यों को चिकित्सीय सलाह के अनुसार हाइड्राॅक्सीक्लोरोक्वीन की प्रोफाइलेक्टिक डोज प्रोटोकाॅल के अनुसार दिया जाएगा। होम आईसोलेटेड मरीजों के स्वास्थ्य की अगले 17 दिनों तक विशेष रूप से नियुक्त स्वास्थ्यकर्मी द्वारा फोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। होम आईसोलेशन के 17 दिनों में अगर मरीज को आखिरी 10 दिनों मे बुखार या अन्य लक्षण नहीं रहेगा तो, उसकी जानकारी स्वास्थ्य दल द्वारा चिकित्सक को दिया जाएगा। इसके पश्चात चिकित्सक द्वारा होम आईसोलेशन खत्म करने या नहीं करने के संबंध मे निर्णय लिया जाएगा। होम आईसोलेटेड मरीजों के घर से निकलने वाले घरेलू अपशिष्टों का नियमानुसार संग्रहण एवं प्रबंधन नगरीय क्षेत्र में नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जनपद पंचायत के द्वारा किया जाएगा। होम आईसोलेशन में रह रहे मरीज के परिजन भी घर से बाहर नहीं जा सकेंगे तथा दैनिक वस्तुओं की उपलब्धता के लिए परिवार मोबाइल के माध्यम से दुकानों से सुविधा ले सकेंगे। दुकानदार या पड़ोस का कोई भी व्यक्ति इस संबंध में उन्हें सहयोग प्रदान कर सकेंगे। पीड़ित परिवार को वस्तुओं की खरीदी की गई राशि का भुगतान दुकानदारों को डिजिटल माध्यम से करना होगा।

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