हिंद स्वराष्ट्र बलरामपुर : जनपद पंचायत बलरामपुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत राधाकृष्णनगर में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये के भ्रष्टाचार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए उप सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा पंचायत सचिव ललित सिंह को तो निलंबित कर दिया गया है, लेकिन भ्रष्टाचार में बराबर की भागीदार सरपंच बबली को बचाने की कोशिश की जा रही है।
लगभग 14.73 लाख रुपये की गड़बड़ी का आरोप
उप सरपंच विशाखा मंडल, पंच सविता, राजकुमारी, सरस्वती, सचिन विश्वास एवं लगभग 46 ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पंचायत विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरपंच और सचिव की साठगांठ से ग्राम पंचायत के खातों से करीब 14,73,472 रुपये का गबन किया गया है।
आरोप हैं कि
1. सफाई व मुरमीकरण के नाम पर फर्जीवाड़ा : झाड़ी और फील्ड सफाई के नाम पर ₹1,40,000, तथा बिना कोई निर्माण किए पुलिया निर्माण के नाम पर ₹50,000 का फर्जी आहरण किया गया।
2. सड़क और तालाब जीर्णोद्धार में बंदरबांट: सड़कों पर नाममात्र का मुरम डालकर और छोटे तालाब जीर्णोद्धार के नाम पर बिना उचित सत्यापन और माप (MB Measurement) के लाखों रुपये का भुगतान वेंडर के नाम से निकाल लिया गया।
3. स्टेशनरी व बैंक ब्याज में अनियमितता: स्टेशनरी व फोटोकॉपी के नाम पर ₹49,975 का फर्जी बिल लगाया गया। इसके अलावा पंचायत खातों में जमा राशि के ब्याज और पुराने बैलेंस में लाखों रुपये का गबन किया गया है।
सचिव पर निलंबन की कार्रवाई, सरपंच पर लीपापोती से आक्रोश
मामले की जांच के लिए जिला पंचायत बलरामपुर द्वारा जांच समिति का गठन किया गया था। जांच टीम द्वारा मांगे गए आवश्यक दस्तावेज (कैशबुक, निर्माण कार्य नस्ती आदि) जमा न करने और असहयोग करने के कारण जिला पंचायत सीईओ द्वारा पंचायत सचिव ललित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ सचिव पर कार्रवाई करके मामले को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसी भी वित्तीय आहरण में सरपंच की बराबरी की भूमिका होती है, फिर भी सरपंच बबली के खिलाफ कार्रवाई करने में ढिलाई बरती जा रही है।
धारा 40 के तहत सरपंच को पद से हटाने की मांग
उप सरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद सीईओ से गुहार लगाते हुए मांग तेज कर दी है। उनकी मांग है कि सरपंच बबली के खिलाफ छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए तथा गबन की गई पूरी राशि (₹14.73 लाख) की वसूली सरपंच और संबंधितों से की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर सरपंच पर कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन और प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

