हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मुख्य आरोपी कुलदीप साहू समेत चार आरोपियों को हत्या का दोषी पाया है, जबकि मामले के दो अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त (बरी) कर दिया है।
यह फैसला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) आनंद प्रकाश वारियाल की अदालत द्वारा सुनाया गया। अदालत ने दोषियों की सजा पर बहस और निर्धारण के लिए 8 अक्टूबर की तिथि तय की है।
इन्हें ठहराया गया दोषी
न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए निम्नलिखित आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया है:
कुलदीप साहू (मुख्य आरोपी), फूलसिंह उर्फ रिंकू, आर्यन विश्वकर्मा,चंद्रकांत चौधरी।
पुलिस जवान पर गाड़ी चढ़ाने के मामले में पहले ही मिल चुकी है 10 साल की सजा
मुख्य आरोपी कुलदीप साहू का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इससे पहले, पुलिस प्रधान आरक्षक पर गाड़ी चढ़ाकर जानलेवा हमला करने के एक अन्य पृथक मामले में अदालत कुलदीप साहू को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुना चुकी है।
पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली नृशंस घटना
यह दिल दहला देने वाला मामला सूरजपुर में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक की पत्नी और उनकी 12 वर्षीय मासूम बेटी की बेरहमी से की गई नृशंस हत्या से जुड़ा हुआ है। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। Fast Track Court द्वारा आए इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार और आम जनता की नजरें अब 8 अक्टूबर को होने वाले सजा के ऐलान पर टिकी हैं।

