हिंद स्वराष्ट्र का ‘महाइम्पैक्ट’: जिस मामले में समाचार पत्र को भेजा गया था मानहानि का नोटिस, उसमें दर्ज हुई तहसीलदार, पटवारी और भू-माफिया पर FIR…

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हिंद स्वराष्ट्र सूरजपुर : सच्चाई की आवाज को दबाने की चाहे कितनी भी कोशिश कर ली जाए, लेकिन आखिरकार जीत सत्य और निष्पक्ष पत्रकारिता की ही होती है। करीब एक वर्ष पूर्व ‘हिंद स्वराष्ट्र’ ने सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र में 75 वर्षीया जीवित वृद्धा को कागजों में “मृत” बताकर करोड़ों की जमीन हड़पने के जिस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया था, उस पर अब कानून का सबसे बड़ा शिकंजा कस गया है।
जिस खबर को उजागर करने पर ‘हिंद स्वराष्ट्र’ समाचार पत्र को दबाने के लिए मानहानि (Defamation) का कानूनी नोटिस थमाया गया था और जिस मामले में तत्कालीन तहसीलदार पर गाज गिरने के बाद उन्हें निलंबित कर अन्य जिले में बहाल किया गया था, उस पूरे मामले में पुलिस ने बीएनएस (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR No. 0185/2026) दर्ज कर ली है।
क्या था पूरा मामला और ‘हिंद स्वराष्ट्र’ का खुलासा?
करीब एक साल पहले ‘हिंद स्वराष्ट्र’ की विशेष पड़ताल में यह सनसनीखेज सच सामने आया था कि ग्राम कोयलारी निवासी वृद्धा शैलकुमारी देवी (75 वर्ष) की स्व-अर्जित भूमि (ग्राम करकोटी खसरा नं. 45/3, रकबा 0.405 हे.) को हड़पने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची गई। 1967 में ‘मौत’, 1976 में ‘खरीदी’भू-माफिया सौतेले बेटे विरेन्द्र नाथ दुबे ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर दावा किया कि शैलकुमारी की मृत्यु 09 फरवरी 1967 को हो चुकी है। जबकि हकीकत यह थी कि वृद्धा ने यह जमीन 1976 में खरीदी थी और वे आज भी जीवित हैं। तत्कालीन तहसीलदार संजय कुमार राठौर  और हलका पटवारी एंजलिना भगत ने बिना किसी भौतिक सत्यापन या जांच के, महज एक महीने के भीतर 27/12/2024 को जीवित वृद्धा का नाम विलोपित कर सौतेले बेटे का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया। नामांतरण के तुरंत बाद इस विवादित जमीन का एक बड़ा टुकड़ा तहसीलदार संजय कुमार राठौर की पत्नी शारदा राठौर के नाम पर भी नामांतरित करा लिया गया।
जब खबर छापने पर भेजा गया मानहानि का नोटिस
जब ‘हिंद स्वराष्ट्र’ ने इस पूरे प्रशासनिक-भू माफिया गठजोड़ की परतें उघेड़ी थीं, तब बौखलाए आरोपियों और प्रशासनिक दबाव तंत्र ने समाचार पत्र की आवाज दबाने के लिए मानहानि का नोटिस भेजा था।
तत्कालीन तहसीलदार को शासन स्तर पर निलंबित किया गया और बाद में बहाली देकर दूसरे जिले में स्थानांतरित कर दिया गया। लेकिन ‘हिंद स्वराष्ट्र’ अपनी खबर और तथ्यों पर पूरी मजबूती से डटा रहा।
उच्च स्तरीय जांच में मुहर, अब FIR दर्ज
कलेक्टर सूरजपुर और संभागायुक्त सरगुजा द्वारा गठित संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट में ‘हिंद स्वराष्ट्र’ के खुलासे के एक-एक शब्द सत्य साबित हुए। जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना झिलमिली में तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी और मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है:
धारा 318(4):धोखाधड़ी एवं छल
धारा 338: कूटचरित (फर्जी) दस्तावेज तैयार करना
धारा 336(3) व 340(2): जाली दस्तावेजों का असली रूप में उपयोग
धारा 61(2): आपराधिक षड्यंत्र
नामजद आरोपी
1. विरेन्द्र नाथ दुबे (सौतेला बेटा)
2. संजय कुमार राठौर (तत्कालीन तहसीलदार, भैयाथान)
3. एंजलिना भगत (पटवारी)
4. कमलेश दुबे
पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर फिर लगी मुहर
मानहानि का नोटिस, प्रशासनिक दबाव और तबादलों के फेरबदल के बावजूद ‘हिंद स्वराष्ट्र’ की इस पड़ताल ने साबित कर दिया कि निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता के सामने भ्रष्टाचारियों के हौसले पस्त होकर रहते हैं।
पीड़ित 75 वर्षीया वृद्धा शैलकुमारी देवी को न्याय दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक मोड़ है। अब देखना यह है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस प्रशासन इन रसूखदार आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक करता है

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