₹308 करोड़ की लागत से बनेगा 11.38 किमी लंबा बायपास…उपमुख्यमंत्री ने 5 जून को किया था रूट का निरीक्षण, दिए थे काम में तेजी लाने के निर्देश….
हिंद स्वराष्ट्र रायपुर : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के बस्तर दौरे के दौरान दिए गए निर्देशों पर विभाग ने त्वरित एक्शन लिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (रायपुर-जगदलपुर मार्ग) पर बस्तर की जीवनरेखा माने जाने वाले बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने आज चयनित निर्माण एजेंसी को कार्यादेश (Work Order) जारी कर दिया है।
निरीक्षण के मात्र 6 दिनों के भीतर बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 5 जून को विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का खुद ग्राउंड जीरो पर जाकर निरीक्षण किया था। उन्होंने इस दौरान कार्यों की सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए इसमें तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए थे। उनके इस कड़े रुख के बाद विभाग ने कागजी और तकनीकी प्रक्रियाओं को युद्धस्तर पर पूरा करते हुए आज निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है।
गुणवत्ता और समय-सीमा से समझौता नहीं: उपमुख्यमंत्री
कार्यादेश जारी होने पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि:
“निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरा करना होगा। बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास बेहद महत्वपूर्ण है। यहाँ सुगम आवाजाही शुरू करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।
केशकाल घाट बायपास की मुख्य विशेषताएँ:
कुल लागत: ₹308 करोड़
कुल लंबाई: 11.38 किलोमीटर (फोरलेन)
पुलों का निर्माण: इस रूट पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए 2 बड़े (वृहद) और 2 मध्यम पुलों का निर्माण भी किया जाएगा।
इस बायपास के बन जाने से केशकाल घाट पर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से जनता को हमेशा के लिए मुक्ति मिलेगी और बस्तर से रायपुर का सफर बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

