हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। सरगुजा के राजापुर उप-तहसील कार्यालय में सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो, उनके समर्थकों और स्थानीय नायब तहसीलदार के बीच तीखी बहस, गंभीर विवाद और मारपीट की घटना हुई है। इस घटना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
विवाद की मुख्य वजह: दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और देरी का मामला
यह पूरा विवाद राजापुर उप-तहसील कार्यालय में सरकारी काम में देरी और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर (साइन) कराने को लेकर शुरू हुआ। घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे इस प्रकार हैं:
- विधायक पक्ष का आरोप (चचेरी बहन से दुर्व्यवहार): रिपोर्ट के अनुसार, विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन किसी निजी या आधिकारिक काम से राजापुर उप-तहसील कार्यालय गई थीं। विधायक पक्ष का आरोप है कि वहां मौजूद नायब तहसीलदार ने उनके साथ न सिर्फ अभद्रता की, बल्कि दुर्व्यवहार भी किया। इसी बात की जानकारी जब विधायक को मिली, तो वे कार्यालय पहुंचे।
- नायब तहसीलदार का आरोप (मारपीट और कपड़े फाड़ने का दावा): दूसरी ओर, पीड़ित नायब तहसीलदार का कहना है कि विवाद किसी दस्तावेज़ पर तुरंत हस्ताक्षर कराने के दबाव को लेकर शुरू हुआ था। तहसीलदार का आरोप है कि इसके बाद सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो अपने समर्थकों के साथ दफ्तर में घुस आए। उन्होंने सरकारी काम में बाधा डालते हुए गाली-गलौज की और उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके कपड़े तक फट गए।
कलेक्टर से मिले तहसीलदार
घटना के बाद पीड़ित नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी देर शाम सीधे सरगुजा (अंबिकापुर) कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम (SDM) फागेश सिन्हा ने तुरंत हस्तक्षेप किया है और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
SDM फागेश सिन्हा ने भी की मारपीट की पुष्टि
नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के अनुसार शाम को विधायक के पीए का फोन आने पर वे राजापुर पहुंचे, जहां एसडीएम फागेश सिन्हा भी उनके साथ थे। राजापुर चौराहे पर विधायक और उनके समर्थक पहले से मौजूद थे। बातचीत के दौरान समर्थकों ने अचानक उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।सीतापुर एसडीएम फागेश सिन्हा ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मौके पर 30-40 समर्थक मौजूद थे और बातचीत के बीच नायब तहसीलदार के साथ मारपीट शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि विधायक ने भी नायब तहसीलदार के साथ मारपीट की है। इसके बाद काफी प्रयास से अधिकारी को वहां से निकालकर थाने पहुंचाया गया।
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने कार्यवाही की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संगी कई सरगुजा द्वारा नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ हुई इस घटना की कड़ी निंदा की है और सीतापुर विधायक और उनके समर्थकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संघ द्वारा कार्यवाही न होने की स्थिति में सामूहिक हड़ताल पर जाने की भी बात कही गई है।




