हिंद स्वराष्ट्र अंबिकापुर : फर्जी शपथ पत्र जमा कर अनुकंपा नियुक्ति हासिल करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जांच में पाया गया कि नियुक्ति के समय सीमा कुशवाहा ने परिवार में किसी भी सदस्य के शासकीय सेवा में न होने की झूठी जानकारी दी थी।
क्या है पूरा मामला?
विकासखंड मैनपाट से प्राप्त शिकायत और कार्यालयीन आदेश के आधार पर मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया था। जांच समिति ने सीमा कुशवाहा की नियुक्ति से जुड़े मूल अभिलेखों, आवेदन, शपथ पत्र और पारिवारिक विवरण का गहन परीक्षण किया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद कुशवाहा की मृत्यु के पश्चात सीमा कुशवाहा को 16 जून 2017 को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान 5 मई 2017 को प्रस्तुत किए गए शपथ पत्र में सीमा कुशवाहा ने घोषणा की थी कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य शासकीय या अर्ध-शासकीय सेवा में कार्यरत नहीं है।
अभिलेखों की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। दस्तावेजों के अनुसार उनके भाई राकेश कुशवाहा वर्ष 2013 से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं वहीं उनके पति सुदामा कुशवाहा वर्ष 2010 से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं।
परिवार में पति और भाई दोनों के पहले से सरकारी सेवा में होने के बावजूद सीमा कुशवाहा ने शपथ पत्र में यह जानकारी छुपाई, जो छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
निलंबन और विभागीय कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए सीमा कुशवाहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ‘कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर’ निर्धारित किया गया है। वे सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। निलंबन अवधि में उन्हें मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) देय होगा।
सीमा कुशवाहा के विरुद्ध नियम 14 के तहत नियमित विभागीय जांच संस्थित की जाएगी। पृथक से आरोप-पत्र (Charge-sheet) जारी कर उन्हें अपना पक्ष प्रस्तुत करने का पूर्ण अवसर प्रदान किया जाएगा।

