हिंद स्वराष्ट्र कोरिया : ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को अब अपने राजस्व संबंधी छोटे-मोटे कामों के लिए पटवारियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में कलेक्टर्स द्वारा जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पटवारियों की मुख्यालय में उपस्थिति को लेकर सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में हाल ही में कोरिया जिला कलेक्टर ने एक बड़ा प्रशासनिक आदेश जारी किया है, जिसके तहत जिले के सभी पटवारियों को सप्ताह के हर सोमवार को अनिवार्य रूप से अपने हल्का मुख्यालय (कार्यालय) में उपस्थित रहना होगा।
क्यों पड़ी इस आदेश की जरूरत?
अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों से यह शिकायतें सामने आती रही हैं कि ग्रामीण जब नामांतरण, फौती, बंटवारा, सीमांकन या आय-जाति प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने तहसील या पटवारी दफ्तर पहुंचते हैं, तो पटवारी फील्ड वर्क या अन्य कारणों का हवाला देकर नदारद मिलते हैं। इससे ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। जनता की इसी परेशानी को देखते हुए प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है।
आदेश की मुख्य बातें और नियम:
सोमवार को अनिवार्य उपस्थिति: सभी पटवारियों को सोमवार को पूरे समय अपने आवंटित कार्यालय/मुख्यालय में मौजूद रहकर केवल जनता की समस्याओं का निराकरण करना होगा।
मुख्यालय में निवास का नियम: भू-राजस्व संहिता के नियमों के तहत वैसे भी सभी पटवारियों को अपने हल्का मुख्यालय में रहना अनिवार्य है। इस आदेश के बाद अब कलेक्टर्स द्वारा इसकी औचक जांच (Surprise Inspection) भी की जा रही है।
सरगुजा संभाग सहित अन्य जिलों में भी कड़ाई: कोरिया जिले के अलावा सरगुजा संभाग के अन्य जिलों और छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में भी स्थानीय स्तर पर कलेक्टर्स ने सोमवार और गुरुवार जैसे दिन पटवारियों की उपस्थिति के लिए तय किए हैं।
काम में लापरवाही पर होगी सीधी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, सोमवार को मुख्यालय में अनुपस्थित रहने वाले या बिना पूर्व सूचना के गायब रहने वाले पटवारियों के खिलाफ ‘काम में लापरवाही’ के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई और निलंबन तक के कदम उठाए जा सकते हैं। इस फैसले से ग्रामीण इलाकों के किसानों और आम नागरिकों ने राहत की सांस ली है।



