हिंद स्वराष्ट्र मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर किशन शाह : ग्राम पंचायत चरमरी डांड स्थित प्राथमिक शाला में बच्चों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि योग, संस्कृत एवं प्रैक्टिकल शिक्षा भी दी जा रही है। इस अभिनव पहल से बच्चों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, स्वास्थ्य और संस्कारों के प्रति रुचि विकसित हो रही है।
विद्यालय में नियमित रूप से योग अभ्यास कराया जाता है, जिससे बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक विकास हो रहा है। वहीं संस्कृत प्रैक्टिकल शिक्षा के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और भाषा की गहरी समझ मिल रही है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे पढ़ाई के प्रति अधिक उत्साहित नजर आ रहे हैं।



विद्यालय के प्लेटफॉर्म/शिक्षकों से बातचीत में बताया गया कि
“शिक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। हमारा प्रयास है कि बच्चों को अच्छी और संस्कारयुक्त शिक्षा मिले, जिससे वे भविष्य में हर क्षेत्र—पढ़ाई, खेल, चिकित्सा और युवावस्था—में आगे बढ़ सकें।”
इस तरह प्राथमिक शाला चनंबरी डांड शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है, जहाँ आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय परंपरा और संस्कृत का सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है।



